नया विचार सरायरंजन । श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मिलती है शांति व मुक्ति। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं श्रीमद् भागवत कथा का निरंतर श्रवण करने की जरूरत है। यह बात रविवार को गुढमा गांव में श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के समारोह को संबोधित करते हुए जलसंसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कही। श्री चौधरी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक वह आध्यात्मिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के सुनने का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि श्रीमद् भागवत कथा का लाभ सुनने और सुनाने वाले दोनों की मन:स्थिति पर निर्भर करता है। यदि कथा सुनने में सुनाने वाले की मन: स्थिति शुद्ध और निस्वार्थ है तो उसका पूर्ण लाभ मिलता है। और यह व्यक्ति को शांति और मोक्ष की ओर ले जाता है।इधर,श्री चौधरी ने क्षेत्र के नौआचक, हरिपुर बरहेता, हरसिंगपुर आदि गांवों में जाकर कई शादी समारोहों में भाग लिया। श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ को सफल बनाने में डा. अमरनाथ ईश्वर, डा. प्रभाकर,डा. सुधाकर, बैजनाथ ईश्वर, जगरनाथ ईश्वर, विश्वनाथ ईश्वर, पंकज कुमार ईश्वर, लालबाबू ईश्वर, अनिल ईश्वर, सुनील ईश्वर, उमेश प्रसाद ईश्वर, राकेश ईश्वर, आदित्य ईश्वर, नवीन ईश्वर ,नलीन ईश्वर, खगेश ईश्वर आदि सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। मौके पर रामाश्रय प्रसाद, प्रमुख वीणा कुमारी, उपप्रमुख संजीव ठाकुर, रजनीकांत चौधरी,महेंद्र राय, रितेश यादव, विद्याकर झा, ललन कुमार गिरि,सद्दाम हुसैन, रजनीश यादव, राम विनोद चौधरी, भोला कुमार, मिलन सिंह, संजय राय अजय राय, मो. सरवर आलम सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
