नया विचार सरायरंजन : प्रखंड के बरबट्टा सलेमपुर गांव स्थित ब्रह्मस्थान में रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को कथावाचिका देवी ऋचा मिश्रा ने राम के वन जाने की कथा सुनाई।राम के वन जाने की कथा सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो गए। देवी ऋचा मिश्रा ने राम वन जाने की कथा सुनाते हुए कहा कि जब दशरथ ने अपने बड़े पुत्र राम को वन जाने के लिए कहा तो दशरथ कि आंखों से आंसू निकल पड़े। श्रीराम के साथ– साथ भाई लक्ष्मण, पत्नी सीता भी वन जाने के लिए तैयार हो गये। कथावाचिका ने कहा कि जब रामचंद्र जी बन जाने लगे तो अयोध्या के सभी नागरिक श्रीराम के साथ चल पड़े। श्रीराम ने सभी नागरिकों को बहुत मना किया, लेकिन किसी ने एक नहीं मानी। श्रीराम जब नदी किनारे पहुंचे तो बिना पैर पखारे नाव पर नाविक चढ़ने नहीं दिया। जब तक नाविक ने पांव नहीं पखारे,तब तक नाव पर चढ़ने नहीं दिया। श्रीराम कथा में पूर्व मुखिया अनिला झा, टूझा ,साजन झा, धर्मेंद्र कुमार झा,प्रमेन्द्र झा, अमरेन्द्र राय, मुकेश झा, विकास झा, मुकुल कुमार झा, सतेंद्र झा, दीपक कपूर, संतोष झा, राम विलास झा, ललन साह, अंकेश कापर, टेकन राय, राजू राय, संजय राय, राजेंद्र महतो, राज कुमार महतो, सीताराम सुमन, सौरव कुमार आदि सहयोग कर रहे है।


