नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: समस्तीपुर यार्ड की बाउंड्री से सटी मछली एवं मटन की दुकानों से निकलने वाली गंदगी और अपशिष्ट रेलवे परिसर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे यार्ड एवं स्टेशन क्षेत्र में अस्वच्छता की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह स्थिति न केवल रेलवे परिसरों की स्वच्छता के लिए चुनौती है, बल्कि यात्रियों, रेलकर्मियों एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी पैदा कर रही है।
मछली और मटन दुकानों से निकलने वाला कचरा, गंदा पानी तथा दुर्गंध नियमित रूप से रेलवे भूमि में फैल रही है। इससे गंदगी बढ़ने के साथ-साथ मक्खी, मच्छर एवं अन्य कीटों का प्रकोप भी बढ़ रहा है, जो महामारी फैलने की आशंका को जन्म देता है।
रेलवे का स्पष्ट मत है कि ऐसी परिस्थितियां सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकती हैं।
इसके अतिरिक्त, लगातार गंदगी और अपशिष्ट के कारण रेलवे ट्रैक, स्लीपर और आसपास की संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है।
पटरियों के किनारे जमा होने वाला कचरा जलनिकासी में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे बारिश के मौसम में ट्रैक पर जलभराव की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। यह स्थिति रेल परिचालन की सुरक्षा एवं संरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक है।
रेलवे प्रशासन यह स्पष्ट करना चाहता है कि स्टेशन एवं यार्ड क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यात्रियों को स्वच्छ परिसर उपलब्ध कराना तथा रेल परिचालन को सुरक्षित रखना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बाहरी स्रोतों से फैलने वाली गंदगी न केवल इन प्रयासों को प्रभावित करती है, बल्कि रेलवे की सार्वजनिक छवि पर भी प्रतिकूल असर डालती है।
रेलवे की ओर से संबंधित स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकायों से आग्रह किया गया है कि बाउंड्री के समीप संचालित ऐसी दुकानों के अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और नियमन के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएं। रेलवे प्रशासन अपने स्तर से भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है, परंतु समस्या के स्थायी समाधान हेतु समन्वित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

