Iran War : ईरान–अमेरिका युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में फंसे हिंदुस्तानीय जहाजों और उनपर सवार लोगों की जानकारी देते हुए राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कहीं से किसी तरह की दुर्घटना की समाचार नहीं है. राजेश सिन्हा पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी हैं. उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में हमारे 20 जहाज हैं, जिनपर सवार सभी 540 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं.
DG शिपिंग का DGComm सेंटर 24 घंटे है एक्टिव
#WATCH | Delhi: Special Secretary, Ministry of Ports, Shipping, and Waterways, Rajesh Kumar Sinha says, “… In the Gulf region, no incidents involving Indian-flagged vessels or sailors have been reported in the past 24 hours; all 540 sailors on 20 ships are safe… The DGComm… pic.twitter.com/uocjkhKEWL
— ANI (@ANI) March 27, 2026
राजेश सिन्हा ने खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के दौरान हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा को लेकर अपडेट देते हुए बताया कि डीजी शिपिंग DGComm सेंटर 24X7 एक्टिव रहता है, उसने 98 कॉल और 335 ईमेल हैंडल किए हैं. डीजी काॅम सेंटर की मदद से 25 हिंदुस्तानीयों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की गई है. किसी भी पोर्ट, बड़े या छोटे, पर किसी भी तरह की भीड़ की समाचार नहीं है. इस बात की पुष्टि सभी बड़े पोर्ट और गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के स्टेट मैरीटाइम बोर्ड से बातचीत के बाद की गई है.
खाड़ी क्षेत्र में युद्ध से LPG और LNG की सप्लाई पर असर
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “… The conflict in the Middle East has affected India’s supplies of crude oil, LPG, and LNG. Crude prices, along with other petroleum products, have risen in… pic.twitter.com/EcnE9UlA0K
— ANI (@ANI) March 27, 2026
प्रेस काॅन्फ्रेंस में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई की वजह से हिंदुस्तान में कच्चे तेल, LPG और LNG की सप्लाई पर असर पड़ा है. इंटरनेशनल मार्केट में दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने कई जरूरी फैसले किए हैं.
रिफाइनरियां पूरी कैपेसिटी से ज्यादा पर काम कर रही हैं
सुजाता शर्मा ने बताया कि हमारे पास क्रूड ऑयल का स्टॉक है और अगले दो महीनों तक सप्लाई की कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने बताया कि हमारी रिफाइनरियां अपनी पूरी कैपेसिटी से ज्यादा पर काम कर रही हैं. घरेलू LPG प्रोडक्शन लगभग 40% बढ़ गया है. हिंदुस्तान की इम्पोर्ट पर डिपेंडेंसी बहुत अधिक है और लगभग 90% LPG इम्पोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होता है. इसी वजह से सप्लाई पर असर पड़ा है और प्रशासन ने कमर्शियल सप्लाई के बजाय घरेलू कंज्यूमर्स को प्रायोरिटी देने का फैसला किया है. कुछ जगहों पर अफवाहों के बावजूद, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं, कोई कमी नहीं है. भले ही इंडियन क्रूड बास्केट की कीमत करीब $70 प्रति बैरल से बढ़कर $100 से ज़्यादा हो गई, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रोडक्ट की कमी न हो. कई पड़ोसी देशों के उलट, जहां फ्यूल की कीमतें बढ़ी हैं, हिंदुस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं.
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