मुख्य बातें
Mamata Banerjee: सिंगूर. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगाल में डबल इंजन की प्रशासन नहीं है. बंगाल में जनता की प्रशासन है. जनता की प्रशासन अपने दम पर बंगाल का विकास कर रही है. घाटाल मास्टरप्लान का उदघाटन के बाद सिंगूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक वो सत्ता में हैं, कन्याश्री समेत सब परियोजनाएँ जारी रहेंगी. यहाँ, 8 एकड़ भूमि पर 9.2 करोड़ रुपये की लागत से सिंगूर कृषि औद्योगिक पार्क विकसित किया गया है.
अमेज़न और फ्लिपकार्ट से मिलेगा रोजगार
ममता ने कहा- 28 भूखंडों में से 25 आवंटित किए जा चुके हैं. इससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा. कृषि भूमि पर कब्जा किए बिना, कृषि-उद्योग साथ-साथ चलेगा. सिंगूर में 77 एकड़ भूमि पर एक निजी औद्योगिक पार्क का निर्माण किया जा रहा है. अमेज़न और फ्लिपकार्ट के पास बड़े-बड़े गोदाम होंगे, जिनसे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. ममता कहती हैं-सिंगूर मेरे लिए खास है. सिंगूर मेरी पसंदीदा जगह है. मुझे सब याद है. मैं दिन-रात यहीं लेटी रही, मैं इस धरती से लिपटी रही, मैंने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की.
केंद्र की मदद का अब नहीं इंतजार
ममता ने कहा कि डीवीसी (घाटाल वन योजना) से बंगाल में बाढ़ आती थी. मैंने 10 साल तक केंद्र प्रशासन को पत्र लिखा. कोई जवाब नहीं मिला. इसलिए हमने फैसला किया कि अगर केंद्र प्रशासन पैसा नहीं देती है, तो हम देंगे. हमने घाटाल मास्टर प्लान के लिए 1500 करोड़ टका देकर परियोजना शुरू की है. 500 करोड़ रुपया दिए जा चुके हैं, जिसमें से 300 करोड़ का काम हो चुका है. ममता ने आज कुल 1,694 सेवाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है. इस पर कुल 33,551 करोड़ की लागत आई है.
बांग्लार बारी परियोजना के लिए पैसा जारी
बंगाल भवन पर पहले ही 1 करोड़ खर्च हो चुका है. कुछ दिन पहले हमने 12 लाख परिवारों को पैसे दिए थे, आज ये पैसे बैंकों में 20 लाख लोगों तक पहुंचेंगे. यानी 2 महीनों में यह संख्या 32 लाख हो जाएगी. केंद्र प्रशासन एक पैसा भी नहीं दे रही है. शेष राशि आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से वितरित की जाएगी. हमने आपदा में जिनके घर नष्ट हो गए हैं, उनके लिए सहायता प्रदान की है. बांग्लार बारी परियोजना के लिए 24,180 करोड़ दिए गए हैं.
जीते-जागते लोगों को मुर्दा बना रहा आयोग
SIR के सवाल पर ममता ने कहा- मैं चुपचाप बैठने वालों में से नहीं हूँ. ज़रूरत पड़ने पर मैं अदालत जाऊँगी. आवाज़ उठाऊँगी. अगर मुझे इजाज़त मिली तो मैं जनता के लिए लड़ूँगी. वकील के तौर पर नहीं, बल्कि एक आम आदमी के तौर पर. मेरे पास सारे दस्तावेज़ हैं. ये जीते-जागते लोगों को मुर्दा बना रहे हैं. सब लोग बाहर हैं, और तुम बचे हो. अगर बंगाल जवाब देता है, तो तुम्हारे पास बंगाल का साथ देने की ताकत नहीं रहेगी. तुम बंगाल को घेर लोगे. तुम मुझे घेर लोगे, मुझे जेल में डालोगे, मुझे गोली मारोगे, मुझे कोई परवाह नहीं. अगर मैं जेल गयी, तो माताएँ जवाब देंगी. बहनें जवाब देंगी. हर घर में हंगामा होगा.
बंगाल प्रशासन देगी रोजगार गारंटी
आनंदपुर अग्निकांड पर बोलते हुए ममता ने मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवज़ा देने की बात कही. ममता ने कहा- मुझे आज दिल्ली जाना था. लेकिन आज एक घटना घट जाने के कारण मैं नहीं जा सकी. कल हमारे कुछ साथियों की एक निजी कंपनी में काम करते समय मृत्यु हो गई. मैंने बॉबी और अरूप को भेजा. उनके परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है. मोमो कंपनी और डेकोरेटर्स कंपनी 5 लाख रुपये दे रही हैं. मैंने पुलिस को मृतक के परिवार के किसी सदस्य को सीवी में नौकरी दिलवाने के लिए कहा है. ममता ने कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी का नाम बदल दिया है. हमने महात्माश्री कर्मश्री परियोजना शुरू की है. बंगाल में सौ दिन का कार्य चल रहा है और जारी रहेगा. यह राज्य प्रशासन के धन से किया जाएगा.
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