Success Story IAS IPS Sisters: तमिलनाडु के कडलुर जिले की रहने वाली IAS ईश्वर्या रामनाथन और IPS सुष्मिता रामनाथन एक बहुत ही साधारण किसान परिवार से आती हैं. उनके पिता खेती करते हैं और मां घर संभालती हैं. गांव में रहने वाली इन बेटियों के जन्म पर परिवार को कई बार ताने भी सुनने पड़े. लोग कहते थे कि बेटियां क्या कर पाएंगी. लेकिन माता पिता ने कभी इन बातों पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने शुरू से ही बेटियों को पढ़ाई के लिए आगे बढ़ाया. आइए उनकी जर्नी (Success Story) को करीब से जानते हैं.
Success Story IAS IPS Sisters: सुनामी ने बदली जिंदगी
साल 2004 की सुनामी इन दोनों बहनों ने बहुत करीब से देखी. एक इंटरव्यू में ईश्वर्या बताती हैं कि उस समय उनके गांव में भारी तबाही मची थी. घर के आसपास सबकुछ टूट चुका था. कई परिवार बेघर हो गए थे. उनका घर भी इस आपदा से प्रभावित हुआ. हालात बहुत खराब थे. खाने पीने से लेकर रहने तक की परेशानी थी. लेकिन मुश्किल हालात के बाद भी उनके पिता ने बेटियों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखी.
ईश्वर्या बनीं IAS

किसान पिता की छोटी बेटी ईश्वर्या रामनाथन (IAS Ishwarya Ramanathan) ने बहुत कम उम्र में ही अपनी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल कर लिया था. जब वह सिर्फ 24 साल की थीं, तभी उन्होंने UPSC की परीक्षा पास कर ली. साल 2019 में हुए सिविल सर्विस एग्जाम में उन्हें देशभर में 47वीं रैंक मिली थी. इसी के साथ वह IAS अधिकारी बन गईं. वो तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में SDM रह चुकी हैं.
सुष्मिता बनीं IPS

परिवार की बड़ी बेटी सुष्मिता रामनाथन (IPS Sushmitha Ramanathan) को यूपीएससी में कई असफलताओं का सामना करना पड़ा. कई कोशिशों के बाद साल 2022 में रैंक 528 के साथ सफलता हासिल हुई. उनका चयन IPS सर्विस के लिए हुआ. उन्हें यह सफलता अपने छठे प्रयास में मिली.
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