Tax rules 2026: देश में नया Income Tax Act, 2025 लागू हुए चार दिन हो चुके हैं. ऐसे में अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो इस महीने मिलने वाली आपकी सैलरी अब पुराने कानून (1961) से नहीं, बल्कि नए नियमों से तय होगी. आइए समझते हैं कि इस बदलाव का आपकी जेब पर क्या असर पड़ने वाला है.
मार्च की सैलरी पर कौन सा नियम लगा?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अगर आपको मार्च की सैलरी 31 मार्च तक मिल गई थी, तो उस पर पुराना कानून लागू हुआ होगा. लेकिन यदि आपकी कंपनी ने मार्च महीने की सैलरी 1 अप्रैल या उसके बाद दी है, तो इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, टैक्स इस आधार पर कटता है कि पैसा किस तारीख को मिला. यानी अप्रैल में मिलने वाली हर सैलरी अब नए एक्ट के दायरे में आ गई है.
क्या है नया सेक्शन 392(1)?
अब तक सैलरी पर TDS सेक्शन 192 के तहत कटता था, लेकिन 1 अप्रैल से इसकी जगह सेक्शन 392(1) ने ले ली है. प्रशासन ने अब ‘असेसमेंट ईयर’ जैसे भारी-भरकम शब्दों को हटाकर सीधा ‘Tax Year’ सिस्टम शुरू कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि अब टैक्स का हिसाब-किताब समझना आम आदमी के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा.
टेक-होम सैलरी क्यों बदल जाएगी?
इस महीने (अप्रैल 2026) से आपकी कंपनी आपके TDS का ‘रीसेट’ (Reset) करेगी. कंपनियां अब नए कानून के हिसाब से आपकी सालाना कमाई का अंदाजा लगाएंगी. नए टैक्स रेट और नियमों की वजह से हो सकता है कि आपकी इस महीने की In-hand Salary पिछले महीने के मुकाबले थोड़ी अलग हो. इसलिए अपनी पे-स्लिप (Pay-slip) को इस बार गौर से चेक करें.
पुराने निवेश का क्या होगा?
पुराने कानून के सेक्शन जैसे 80C अब नए रूप में बदल गए हैं.
- आपको अपने निवेश की जानकारी अब नए एक्ट की धाराओं (Sections) के हिसाब से देनी होगी.
- कंपनियां अपना पेरोल सिस्टम अपडेट कर रही हैं, इसलिए आपको अपने टैक्स डिक्लेरेशन फिर से भरने पड़ सकते हैं.
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