नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ जिला इकाई समस्तीपुर के आह्वान पर जिले के सभी प्रखंडों व विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायकों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर राज्य संघ के निर्देश पर एकजुट होकर रविवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया, जिसकी अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने की। उन्होंने बताया की यह विरोध सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि प्रशासन की नीतियों और उपेक्षा के खिलाफ गहरी नाराजगी और असंतोष का प्रदर्शन है। प्रशासन और बीपीएसएम की निष्क्रियता और टालमटोल रवैये को देखते हुए चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की गयी है। बार-बार मांगें रखे जाने के बावजूद सकारात्मक समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। मुख्य वजह यह है कि कार्यपालक सहायकों की सेवाएं विगत 12 वर्षों से संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर ली जा रही हैं लेकिन उनका स्थायीकरण, राज्यकर्मी का दर्जा, वेतनमान, मानदेय वृद्धि व चिकित्सीय लाभ सहित अन्य सुविधा अब तक नहीं दी गई है। इसके अलावा अनुकंपा पर नियुक्ति, आकस्मिक निधन पर उपादान समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर 3 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं।
संघ के जिला अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि अगर *10 सितंबर* तक हम सभी की मांगें पूरी नहीं हुई तो किसी भी दो कार्य दिवस को सामूहिक अवकाश करेंगे। इसके बाद भी सकारात्मक कार्रवाई नही होने की स्थिति मे अनिश्चितकालीन हड़ताल आदि करने के लिए कार्यपालक सहायक बाध्य होंगे। संघ के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह सिंह ने बताया की सभी कार्यपालक सहायक विभिन्न विभागों में विगत 12 से 14 वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं परंतु अब तक हमारा सेवा संवर्ग का गठन नहीं किया गया है व विभिन्न मांगों को लेकर बार बार प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद मांगों पर किसी तरह का पहल नहीं की जा रही है।
11 सूत्री मांगों में सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण करते हुए राज्य कर्मी का दर्जा एवं वेतनमान दिया जाना, पूर्व में हटाए गए कार्यपालक सहायकों का समायोजन किया जाना, सेवा स्थाई होने तक पे-मैट्रिक्स के आधार पर वेतन निर्धारण किया जाना, पूर्व के हड़ताल की अवधि को अवकाश में समायोजित करते हुए मानदेय का भुगतान किया जाना, इपीएफ का आच्छादन नियुक्ति तिथि से किया जाना, चिकित्सा सेवा का लाभदिया जाना, कार्यपालक सहायक के पद की योग्यता मैट्रिक से उन्नयन कर इंटरमीडिएट किया जाना, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा के तहत नौकरी व कम से कम 40 लाख रुपया उपादान दिया जाना आदि शामिल है।

