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1947, 1965, 1971, कारगिल युद्ध… हर बार मुंह की खाया है पाकिस्तान, फिर भी दिखाता है अकड़

Operation Sindoor: हिंदुस्तानीय सेना ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया. यह आतंक की छाती पर हिंदुस्तान का एक और जोरदार प्रहार है. हिंदुस्तान के हमले पाकिस्तान की चूलें हिला दी हैं. हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब आतंक के पर्याय बने पाकिस्तान की छत्रछाया में पलने वाले आतंकियों पर हिंदुस्तान ने हमला किया है.  इस हमले के साथ हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव के घटनाक्रम में एक और अध्याय है.

1997 से लेकर अब तक हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष का आंकड़ा

कश्मीर के लिए पहली बार पाकिस्तान ने किया हमला

1947 में पहली हिंदुस्तान हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. इस युद्ध को प्रथम कश्मीर युद्ध के रूप में भी जाना जाता है. यह तब शुरू हुआ नव स्वतंत्र राष्ट्र हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तत्कालीन जम्मू कश्मीर रियासत को लेकर संघर्ष छिड़ गया. इसकी शुरुआत अक्टूबर 1947 में हुई जब पाकिस्तान समर्थित कबायली मिलिशिया ने रियासत पर आक्रमण कर दिया. महाराजा हरि सिंह के जम्मू कश्मीर के हिंदुस्तानीय संघ में विलय के बाद, हिंदुस्तान ने इस क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी सेना भेजी, जिससे दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर संघर्ष हुआ. यह संघर्ष जनवरी 1949 तक जारी रहा, जब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से संघर्ष विराम लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नियंत्रण रेखा (एलओसी) के रूप में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का विभाजन हुआ.

1965 दूसरा हिंदुस्तान-पाक युद्ध

5 अगस्त 1965 को कश्मीर को लेकर सशस्त्र संघर्ष छिड़ गया. यह तब शुरू हुआ जब हजारों पाकिस्तानी सैनिकों ने स्थानीय विद्रोहियों के वेश में जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार हिंदुस्तानीय क्षेत्र में घुसपैठ की. ऑपरेशन जिब्राल्टर के नाम से जाना जाने वाला गुप्त अभियान, इस क्षेत्र को अस्थिर करने और स्थानीय विद्रोह को भड़काने के उद्देश्य से चलाया गया था. हिंदुस्तान ने सैन्य हमला करके जवाब दिया, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पूरी तरह जंग में बदल गया. युद्ध 23 सितंबर, 1965 तक जारी रहा जब दोनों पक्ष तत्कालीन सोवियत संघ और अमेरिका की मध्यस्थता से युद्ध विराम पर सहमत हुए.

1971 बांग्लादेश मुक्ति संग्राम

1971 का हिंदुस्तान-पाक युद्ध पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में पाकिस्तानी सेना के दमन की कार्रवाई और उस हिस्से से उठी स्वतंत्रता की मांग के कारण शुरू हुआ था. हिंदुस्तान ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के समर्थन में युद्ध में हिस्सा लिया और फिर पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर भीषण लड़ाई के बाद, 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया. इस युद्ध के कारण बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया.

1999 कारगिल युद्ध

इसी कड़ी में 1999 का करगिल युद्ध हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्र में हुआ संघर्ष था, जो इस साल मई से जुलाई तक लड़ा गया था. तब पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पर्वत चोटियों पर कब्जा कर लिया था. हिंदुस्तान ने वायु सेना के ऑपरेशन सफेद सागर के समर्थन के साथ क्षेत्र पर पुनः नियंत्रण प्राप्त करने के लिए ऑपरेशन विजय शुरू किया. 26 जुलाई, 1999 को हिंदुस्तान के इस क्षेत्र पर पुन: नियंत्रण प्राप्त करने के साथ युद्ध समाप्त हो गया. इस दिन को अब ‘करगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.

2016- उरी हमला

18 सितंबर, 2016 को जम्मू कश्मीर के उरी में हिंदुस्तानीय सेना के एक केंद्र पर हुए आतंकवादी हमले में 19 सैनिकों के शहीद होने के बाद हिंदुस्तान ने 28 से 29 सितंबर की दरमियानी रात को नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक की. हिंदुस्तानीय सेना ने पीओके में कई आतंकवादी लॉन्च पैड को निशाना बनाया, जिसमें घुसपैठ की तैयारी कर रहे कई आतंकवादी ढेर हो गए.

2019- पुलवामा हमला

26 फरवरी 2019 को हिंदुस्तानीय वायु सेना ने पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमले किए. पुलवामा आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे. बालाकोट ‘एयर स्ट्राइक’ में लड़ाकू विमानों का उपयोग करते हुए हिंदुस्तान ने पाकिस्तानी क्षेत्र में अंदर तक आतंकी शिविर को निशाना बनाया. यह 1971 के युद्ध के बाद पहला ऐसा हवाई हमला था. (भाषा इनपुट)

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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