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February 25, 2025

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पुलिस सप्ताह समारोह को लेकर निकाली गयी प्रभात फेरी

कटिहार. बिहार पुलिस सप्ताह समारोह को लेकर मंगलवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पुलिस उपाधीक्षक यातायात सह साइबर थाना अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में यातायात थाना से प्रभात फेरी निकाली गयी. जिसमें मुख्य रूप से थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार सहित अन्य ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारी व बल शामिल थे. यह प्रभात फेरी शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण कर नगर थाना में में संपन्न हुई. इसके पश्चात पुलिस उपाधीक्षक सद्दाम हुसैन ने साइबर अपराधियों से बचने को लेकर जागरूक किया. उन्होंने कहा कि साइबर थाना पुलिस, जिला पुलिस, राज्य प्रशासन यहां तक कि सभी प्रशासनी गैर प्रशासनी संगठनों के द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है, बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. इतना ही नहीं ठगे जाने के बाद भी थाना आकर शिकायत करने में लोगों को हिचकिचाहट होती है. यहां तक की लोगों को बारंबार जागरूक करते हुए यह कहां गया है कि ठगी का शिकार होते ही 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायें ताकि अविलंब आपके खाते को होल्ड किया जा सके. इस मामले में भी लोग ढिलाई बरतते हैं. जिस कारण उसका अकाउंट खाली हो जाता है. जब तक आप सजग नहीं होंगे तब तक आपकी मेहनत की कमाई साइबर अपराधी लूटते रहेंगे. किसी भी प्रशासनी संगठन में कार्यरत कर्मी के नाम से अगर कोई फोन आता है तो उसे अनदेखा करें. बैंक, बिजली विभाग कंपनी, बीएसएनएल कंपनी या फिर अन्य प्रशासनी गैर प्रशासनी संगठन के नाम पर अगर आपसे किसी प्रकार की जानकारी मांगता है तो उसे किसी प्रकार की जानकारी डॉक्यूमेंट या फिर ओटीपी आदि शेयर ना करें. आजकल डिजिटल अरेस्टिंग के नाम पर पुलिस के वरीय अधिकारी, सीआईडी, सीबीआई, कमिश्नर के नाम पर फोन कर लाखों करोड़ों रुपए कर रहे हैं. इसलिए आवश्यक है आप सतर्कता बरते तथा ठगी का शिकार होने पर 1930 पर शिकायत दर्ज करायें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पुलिस सप्ताह समारोह को लेकर निकाली गयी प्रभात फेरी appeared first on Naya Vichar.

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गेहूं की खेत में घास काटने के विवाद में मारपीट, पिस्तौल व कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

मुंगेर. बरियारपुर थाना क्षेत्र के करहरिया मौजा में सोमवार को गेहूं खेत में घास काटने को लेकर जमीन मालिक व चरवाहा के बीच मारपीट की घटना हुई, जिसमें जमीन मालिक व ग्रामीणों ने मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ कर बरियारपुर थाना पुलिस को सौंप दिया. जिसके पास से पुलिस ने एक कट्टा व दो कारतूस बरामद किया. गिरफ्तार व्यक्ति बरियारपुर थाना क्षेत्र के टीकारामपुर रघुनाथपुर निवासी कारेलाल मंडल है. जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. एसडीपीओ सदर राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को बरियारपुर थानाध्यक्ष को करहरिया मौजा के ग्रामीणों ने सूचना दिया कि तीन व्यक्ति हरवे हथियार के साथ नित्यानंद शर्मा के गेहूं खेत में घास काटने के क्रम में फसल को नष्ट कर रहे हैं. खेत मालिक बंगाली टोला निवासी नित्यानंद शर्मा जब मना किया तो उसके साथ मारपीट किया गया. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तीन में से एक व्यक्ति को उनलोगों ने पकड़ लिया है. बरियारपुर गश्ती टीम घटना स्थल पर पहुंची तो बरियारपुर थाना क्षेत्र के टीकारामपुर रघुनाथपुर निवासी कारेलाल मंडल को ग्रामीणों ने पुलिस टीम को सौंप दिया. पुलिस ने उसके पास से एक देशी कट्टा व दो कारतूस बरामद किया गया. जमीन मालिक नित्यानंद शर्मा के आवेदन पर थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए गिरफ्तार कारेलाल मंडल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कांड अनुसंधान अंतर्गत है. जबकि अन्य फरार अभियुक्तिों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार कारेलाल ने कहा नहीं है मेरी पिस्तौल व गोली गिरफ्तार कारेलाल ने बताया कि यह बात सही है कि उसकी मां और बहन नित्यानंद के गेहूं खेत में घास काट रही थी. लेकिन नित्यानंद ने घास काटने से मना कर दिया और कचिया व रस्सी ले लिया. वह कचिया और रस्सी लेने के गया तो नित्यानंद अपने सहयोगी के साथ मिल कर मुझे कब्जे में लेकर अपने गांव चला गया, जहां पर पुलिस को बुलाया और पिस्तौल व गोली देकर कहा कि यह हमारा है. लेकिन पिस्तौल व गोली उसका नहीं है, उसे फंसा दिया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गेहूं की खेत में घास काटने के विवाद में मारपीट, पिस्तौल व कारतूस के साथ एक गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा

Baba Brajaleshwar Mahadev Temple, अंजनी कुमार कश्यप: भागलपुर जिले में बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि को लेकर भव्य तैयारी हो रही है. जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मंदिर के मुख्य पुजारी के मुताबिक वैदिक विधि विधान के साथ मंदिर में शिव विवाह संपन्न होगी. इस दौरान श्रद्धालु भगवान भोले की बराती बन पाएंगे. मंदिर का 400 साल पुराना इतिहास रहा है. बाबा भोले का यह दरबार लोगों के बीच मिनी देवघर के नाम से प्रख्यात है. जानिए इस मंदिर की कैसे हुई स्थापना बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी बताते हैं कि बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ अकाल मौत को भी टाल देते हैं. यह मंदिर की स्थापना क्षेत्र के ही राजा झब्बन सिंह ने जन सहयोग से करवाया था. इस मंदिर के जगह पर पूर्व में जंगल हुआ करता था. जंगल में चरवाहा की गाय हर रोज एक निश्चित स्थान पर अपना सारा दूध बहा देती थी, इसको लेकर आसपास के इलाके में चर्चा हुई तो लोगों ने साहस कर उस जगह को कुदाल से खुदाई की तो वहां शिवलिंग पाया. उसी दिन रात को राजा को महादेव ने सपना दिया कि यहां पर मंदिर का निर्माण होना चाहिए. मंदिर का निर्माण तब से यहां पर हो रखा है.समय-समय पर मंदिर का मेंटेनेंस वही के लोगों के द्वारा किया जाता रहा है. 40 किलोमीटर पैदल यात्रा कर चढ़ाते हैं जल, मनोमकना होती है पूरी मंदिर के बारे में पुजारी बताते हैं कि सोमवार को बैरागन का दिन होता है. जहां पर की हजारों लोग जल अर्पण करने मंदिर पहुंचते हैं. सुल्तानगंज के अगवानी घाट से जल भरकर 40 किलोमीटर पैदल यात्रा करते वक्त मरवा पहुंचते हैं, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल व ग्रामीण स्वयंसेवक भी तैनात रहते हैं. उनका कहना है कि यह मनोकामना मंदिर है यहां पर कोई भक्त खाली नहीं जाता है. 26 फरवरी की सुबह 8:00 बजे से ही प्रशासनिक अधिकारी ट्रस्ट एवं परिजनों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष रुद्राभिषेक भी होना है. इसके बाद मेले का उद्घाटन किया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए सुबह से ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे. इसके बाद भक्त महादेव को जलाभिषेक कर सकेंगे. एसपी ने क्या बताया एसपी प्रेरणा कुमार ने कहा कि शिवरात्रि को लेकर हम पूर्ण रूप से तैयार है. हमलोगों ने सभी थानेदारों के साथ मीटिंग कर ली है. जहां श्रृद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है. हर जगह पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहेगी. क्या बोले मुख्य पुजारी मंदिर के मुख्य पुजारी संजय पांडे ने कहा कि महाशिवरात्रि को लेकर बहुत जोर शोर से तैयारी चल रही है. यहां बाबा शिव का झांकी निकाली जाएगी और भगवान शिव की बारात भी निकाली जाएगी जो शिव मंदिर बाबा ब्रजलेश्वर स्थान से निकल कर नेशनल हाईवे होते हुए बिहपुर गांव और झंडापुर गांव होते हुए पुनः मंदिर पहुंचती है. इसे भी पढ़ें: Bihar Crime: पति ने पहले प्रेमिका को फिर पत्नी को मारी गोली, एक की मौत, जानें क्यों बना हत्यारा The post मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा appeared first on Naya Vichar.

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DHC HJS Pre Result Out: दिल्ली हाईकोर्ट एचजेएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी, ऐसे करें चेक

DHC HJS Pre Result Out: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उच्च न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 का परिणाम जारी कर दिया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट (delhihighcourt.nic.in) पर जाकर नीचे दिए गए आसान स्टेप्स से चेक कर सकते हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 दिसंबर, 2024 से शुरू हुई थी और 10 जनवरी, 2025 तक चली थी. कुल 16 रिक्तियों को भरने के लिए यह भर्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 5 पद अनारक्षित, 5 अनुसूचित जनजाति (ST) और 6 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं. कब होगी मुख्य परीक्षा ? दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा (लिखित) 2024, 22 और 23 मार्च, 2025 को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होगी जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास की है और अब मुख्य परीक्षा में बैठने के योग्य हैं. मुख्य परीक्षा में कुल चार पेपर होंगे, जिनमें प्रत्येक का उद्देश्य उम्मीदवारों की कानूनी ज्ञान, लेखन क्षमता और सामान्य ज्ञान की समझ का मूल्यांकन करना होगा. पहला पेपर “सामान्य ज्ञान और भाषा” होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान के साथ-साथ भाषा संबंधी प्रश्न होंगे, जैसे कि हिंदी और अंग्रेजी की समझ, व्याकरण, शब्दावली, और लेखन कौशल. दूसरा, तीसरा और चौथा पेपर क्रमशः “कानून – I”, “कानून – II” और “कानून – III” होंगे, जिनमें विभिन्न कानूनी क्षेत्रों जैसे संविधान, आपराधिक कानून, सिविल कानून, परिवार कानून, और अन्य कानूनी पहलुओं पर आधारित सवाल होंगे. क्या होती है सिलेक्शन की प्रक्रिया ? सबसे पहले, उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होना होगा, जिसके बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी. मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद, चयन प्रक्रिया के सभी चरणों में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर एक अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी. मुख्य परीक्षा के लिए कैसे करें आवेदन ? सबसे पहले, आधिकारिक वेबसाइट delhihighcourt.nic.in पर जाएं. इसके बाद, होमपेज पर “भर्ती परिणाम” सेक्शन पर क्लिक करें. अब, परिणाम लिंक पर क्लिक करें. फिर, परिणाम डाउनलोड करें. भविष्य में उपयोग के लिए रिजल्ट का एक प्रिंटआउट ले लें. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले The post DHC HJS Pre Result Out: दिल्ली हाईकोर्ट एचजेएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी, ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु

Maha Shivratri 2025|गुमला, दुर्जय पासवान : झारखंड के गुमला जिले के चारों ओर शिवालय और शिवलिंग विराजमान हैं. गुमला एक ऐसा जिला है, जिसके हर प्रखंड, हर पंचायत और हर गांव में शिव मंदिर और शिवलिंग जरूर हैं. जिले में कई प्राचीन मंदिर भी हैं. इसका कनेक्शन रामायण और महाहिंदुस्तान काल से है. 7वीं व 8वीं शताब्दी के भी मंदिर और शिवलिंग गुमला जिले में हैं. जंगल और पहाड़ों पर रहने वाले गुमला के अधिकांश लोग खुद को शिव का सबसे बड़ा भक्त मानते हैं. यही वजह है कि महाशिवरात्रि में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है. महाशिवरात्रि में शिव मंदिर और शिवलिंग पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. गुमला के प्रमुख शिव मंदिरों में टांगीनाथ धाम, देवाकीधाम, बुढ़वा महादेव मंदिर करमटोली, वासुदेव कोना, देवगांव गुफा, पहाड़गांव, सेरका शिवलिंग के साथ-साथ अन्य कई मंदिर भी हैं. 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन इन शिवालयों में पूजा की तैयारी पूरी कर ली गयी है. मंदिरों और शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया है. शिवरात्रि पर जलार्पण के लिए झारखंड के अलग-अलग जिलों से तो लोग आते ही हैं, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालु यहां के अलग-अलग मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं. देवाकीधाम : श्रीकृष्ण की मां देवकी के नाम पर है मंदिर शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 6 गुमला जिले के घाघरा प्रखंड से 3 किमी दूर केराझारिया नदी के तट देवाकी बाबाधाम मंदिर है. जनश्रुति के अनुसार, महाहिंदुस्तान काल में पांडव के अज्ञातवाश के समय भगवान श्रीकृष्ण ने यहां 5 शिवलिंग की स्थापना की थी. इसमें से एक शिवलिंग देवाकीधाम में है. इसलिए इस स्थल का नाम श्रीकृष्ण की मां देवकी के नाम पर पड़ गया. पांडवों के अज्ञातवाश की समाप्ति के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने देवाकीधाम में ही शंख बजाया था. देवगांव : पहाड़ की गुफा में बसते हैं स्वयं भगवान शिव शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 7 पालकोट प्रखंड में देवगांव है. यहां पहाड़ की गुफा में एक मंदिर है. यह प्राचीन मंदिर है. गुमला और सिमडेगा मार्ग पर पड़ने की वजह से यहां बिहार, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्य के श्रद्धालु आते हैं. पालकोट के पहाड़ पर सावन के महीने में भी भक्तों की भीड़ उमड़ती है. ओड़िशा से काफी संख्या में शिवभक्त यहां बाबा भोलेनाथ पर जलार्पण करने के लिए आते हैं. पालकोट में बाबा बूढ़ा महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख स्थल हैं, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. टांगीनाथ : टांगीनाथ धाम में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 8 डुमरी प्रखंड के टांगीनाथ धाम में कई राज्यों से शिवभक्त जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं. यहां कई पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहर हैं. यहां की कलाकृतियां और नक्कासी, देवकाल की कहानी बयां करती है. टांगीनाथ धाम में यत्र-तत्र सैकड़ों शिवलिंग मिल जाते हैं. यह मंदिर शाश्वत है. जमीन के ऊपर स्थित त्रिशूल के अग्र भाग में कभी जंग नहीं लगता. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वासुदेव कोना : प्राचीन मंदिर है से जुड़ी है लोगों की आस्था शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 9 रायडीह प्रखंड में वासुदेव कोना मंदिर है. यह प्राचीन मंदिर है. इस मंदिर से अंग्रेजी हुकूमत की लड़ाई का इतिहास भी जुड़ा है. यहां महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भक्तों का रेला आता है. स्थानीय लोगों के अलावा छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्य से भी श्रद्धालु यहां आते हैं. कहते हैं कि वासुदेव कोना मंदिर में दिल से मांगी गयी मुराद जरूर पूरी होती है. इसलिए यहां भक्त दूर-दूर से पूजा करने आते हैं. सेरका शिवलिंग : हर 6 माह में बदलता है रंग शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 10 बिशुनपुर मुख्यालय से सटे सेरका गांव स्थित अति प्राचीन शिवालय लोगों की आस्था का केंद्र है. मंदिर की खासियत यह है कि यहां नागेश्वर नाथ एवं दूधेश्वर नाथ दो शिवलिंग हैं. साल में 2 बार इन शिवलिंगों का रंग खुद-ब-खुद बदल जाता है. शिवलिंग कभी लाल हो जाता है, तो कभी सफेद. इसकी वजह से इस मंदिर में लोगों की अटूट आस्था है. इसे भी पढ़ें खूंटी में 5 आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में 18 गिरफ्तार, डीजीपी ने कही ये बात, देखें Video सीएम आवास ढाहने पर हमलावर हुई भाजपा, पूछा- झारखंड में शीश महल बनाने जा रही हेमंत सोरेन प्रशासन? Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 3-4 डिग्री बढ़ेगा तापमान 25 फरवरी 2025 को आपके शहर में क्या है एलपीजी सिलेंडर की कीमत, यहां देख लें रेट The post शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु appeared first on Naya Vichar.

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Anti Sikh Riots: सज्जन कुमार की सजा बनेगी कांग्रेस के लिए मुसीबत 

Anti Sikh Riots: दिल्ली की विशेष अदालत ने वर्ष 1984 में सिख विरोधी दंगे के मामले में दोषी करार दिए गए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनायी है. विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने आदेश पारित करते हुए कहा कि आरोपी के कुछ पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फांसी की सजा देना सही नहीं होगा. जेल अधिकारियों की आरोपी के व्यवहार को लेकर सौंपी गयी रिपोर्ट और मेडिकल ग्राउंड के आधार पर सजा सुनाये जाने के फैसले पर कई पहलुओं का ध्यान रखा जाना चाहिए. आरोपी का समाज के विकास में अहम योगदान रहा है और आने वाले समय में पूर्व की गलतियों को सुधारने की संभावना है. ऐसे में आरोपी को मृत्युदंड की सजा देना सही नहीं होगा. तमाम तथ्यों को गौर करने के बाद विशेष अदालत ने कुमार को उम्रकैद की सजा देने का फैसला सुनाया. गौरतलब है कि विशेष अदालत ने 21 फरवरी को सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. पीड़ित पक्ष ने सज्जन कुमार के लिए मौत की सजा की मांग की थी.  क्या हैं आरोप तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई शहरों में सिख विरोधी दंगा भड़क उठा था. इस मामले में दिल्ली में कांग्रेस के नेता रहे सज्जन कुमार पर दिल्ली के सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और उसके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या का आरोप लगा. इस मामले में मोदी प्रशासन के गठन के बाद एसआईटी का गठन किया गया और पीड़ित ने दंगे के मामले में सज्जन कुमार के खिलाफ बयान दिया. इस बयान के आधार पर सज्जन कुमार के खिलाफ मामला चलाया गया और लंबी सुनवाई के बाद सज्जन कुमार को दोषी करार दिया गया. अदालत के इस फैसले के बाद कांग्रेस की मुश्किल बढ़ सकती है. सज्जन कुमार कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं और पार्टी पर आरोप लगता रहा है कि सिख दंगें के आरोपियों के खिलाफ कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इस मामले में कांग्रेस के अन्य नेता जगदीश टाइटलर भी अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.  The post Anti Sikh Riots: सज्जन कुमार की सजा बनेगी कांग्रेस के लिए मुसीबत  appeared first on Naya Vichar.

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Mahila Samridhi Yojana: 8 मार्च से पहले दिल्ली की महिलाएं तैयार कर लें ये दस्तावेज, वरना नहीं मिलेंगे 2500 रुपये

Mahila Samridhi Yojana: दिल्ली प्रशासन जल्द ही स्त्री समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) लॉन्च करने जा रही है, जिसके तहत गरीब स्त्रीओं को 2500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी. यह योजना विशेष रूप से उन स्त्रीओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास प्रशासनी नौकरी, पेंशन सुविधाएं या अन्य आय के स्रोत नहीं हैं. इस योजना की घोषणा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान की थी और अब इसे शुरू करने करने के लिए दिल्ली प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. संभावना यह जाहिर की जा रही है कि 8 मार्च 2025 को स्त्री दिवस के मौके पर इसकी पहली किस्त जारी कर दी जाएगी. इससे पहले हर महीने 2500 रुपये पाने के लिए दिल्ली की स्त्रीओं को अपने पास आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लेना चाहिए, वरना उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा. आइए, जानते हैं कि किन-किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी? स्त्री समृद्धि योजना का उद्देश्य और महत्व स्त्री समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब स्त्रीओं को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है. यह योजना न केवल स्त्रीओं की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी. प्रशासन ने इस योजना में पारदर्शिता और सुनिश्चितता के लिए कड़े नियम और शर्तें निर्धारित करने का निर्देश जारी किया है. खास तौर पर यह योजना उन स्त्रीओं के लिए है, जो गरीब परिवारों से ताल्लुक रखती हैं और जिनकी आमदनी एक निश्चित सीमा से नीचे है. स्त्री समृद्धि योजना की पात्रता और आवश्यक दस्तावेज स्त्री समृद्धि योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ अनिवार्य दस्तावेजों की जरूरत होगी. आधार कार्ड: यह पहचान सत्यापन के लिए अनिवार्य है. सभी लाभार्थियों का बैंक खाता भी आधार से लिंक होना चाहिए. बैंक खाता: 2500 रुपये की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी. यदि किसी स्त्री के पास बैंक खाता नहीं है, तो जल्द से जल्द उसे खुलवाना होगा. आय प्रमाण पत्र: इस योजना के लिए यह साबित करना जरूरी होगा कि स्त्री गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है. कई बार आय प्रमाण पत्र की मदद से यह सत्यापित किया जाता है. राशन कार्ड: राशन कार्ड भी पात्रता सत्यापन में सहायक होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लाभार्थी गरीब परिवार से संबंधित है. स्त्री समृद्धि योजना के नियम और शर्तें दिल्ली प्रशासन ने स्त्री समृद्धि योजना के नियम और शर्तें तय करने के लिए अधिकारियों के साथ कई बैठकों का आयोजन किया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है. योजना की शुरुआत से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच और सत्यापन किया जाएगा, ताकि कोई भी अनुचित लाभ उठाने का प्रयास न करे. इस प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन, बैंक और आधार प्राधिकरण का सहयोग लिया जाएगा. किसे मिलेगा स्त्री समृद्धि योजना का लाभ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में इस योजना का विशेष उल्लेख किया गया है. योजना में केवल उन स्त्रीओं को शामिल किया जाएगा, जो गरीब परिवारों से हैं. प्रशासनी नौकरी (स्थायी या अस्थायी) वाली स्त्रीओं (जिनके पास इनकम टैक्स भरने की सुविधा या अन्य पेंशन योजनाएं हैं.) को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही, ऐसी स्त्रीएं जो किसी भी प्रकार की अन्य प्रशासनी सुविधाओं का लाभ ले रही हैं, उन्हें भी अपात्र घोषित किया जा सकता है. Premium Story: शेयर से इनकम पर लगने वाला है तगड़ा टैक्स, बहाना ऐसा कि आप कुछ बोल नहीं पाएंगे 8 मार्च को जारी होगी पहली किस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 8 मार्च को स्त्री दिवस के मौके पर इस योजना की पहली किश्त जारी की जाएगी. इसलिए इस योजना का लाभ पाने के लिए इच्छुक दिल्ली की स्त्रीओं को समय रहते अपने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लेने चाहिए. प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन भी शुरू की जा सकती है, जिससे सभी संबंधित स्त्रीएं आसानी से आवेदन कर सकेंगी. Premium Story: 19 सालों में ₹30 से ₹120 की हुई आम आदमी की थाली, जानें कैसे बढ़ती गई महंगाई The post Mahila Samridhi Yojana: 8 मार्च से पहले दिल्ली की स्त्रीएं तैयार कर लें ये दस्तावेज, वरना नहीं मिलेंगे 2500 रुपये appeared first on Naya Vichar.

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कैबिनेट की बैठक में सीएम नीतीश ने खोला खजाना, 50 हजार करोड़ की 146 परियोजनाओं को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई. मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट की बैठक में प्रगति यात्रा के दौरान दक्षिण बिहार के जिलों में की गई घोषणाओं से संबंधित कुल 120 योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई. 50 हजार करोड़ की 310 परियोजनाओं पर लगी मुहर दक्षिण बिहार के घोषणाओं से संबंधित 123 योजनाओं की विभाग स्तर से पूर्व में ही स्वीकृति दी जा चुकी है. इन योजनाओं की कुल राशि 30 हजार करोड़ रूपये है. इसके पूर्व उत्तर बिहार की कुल 187 योजनाओं के लिए 20 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति पिछली कैबिनेट की बैठक में दी जा चुकी है. इस प्रकार मुख्यमंत्रीम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल 50 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा प्रदान कर दी गई है. समाचार अपडेट की जा रही… The post कैबिनेट की बैठक में सीएम नीतीश ने खोला खजाना, 50 हजार करोड़ की 146 परियोजनाओं को दी मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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Health : हेल्दी के साथ यमी भी हो बच्चों का नाश्ता 

Health : बच्चों के लिए बेहतरीन नाश्ता वही है, जिससे उन्हें हर तरह के पोषक तत्व जैसे कि कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, आयरन, विटामिन ए, बी कांप्लेक्स, मिनरल्स और फाइबर्स मिल सकें. बच्चों के नाश्ते की सबसे बड़ी खूबी यह होनी चाहिए कि वह स्वादिष्ट हो, ताकि शिशु उसे खुश होकर खाएं. इसके अलावा वह देखने में अच्छा होना चाहिए. ऐसा नाश्ता तैयार करने के लिए आपको कुछ खास तरकीबें तो आपनानी ही पड़ेंगी. आइये इस काम में आपकी थोड़ी मदद की जाये. बनाएं फलों का रंगीन कबाब फल सेहत की तमाम जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन शिशु कहां फल खाने वाले. ऐसे में आप बच्चों को नाश्ते में फ्रूट कबाब बनाकर दे सकती हैं. इसके लिए आप स्ट्रॉबेरी, अंगूर, केला, अनानस, सेब और किवी जैसे स्वादिष्ट फलों का प्रयोग कर सकती हैं. इन फलों से तैयार किया गया कबाब देखने में काफी रंगीन नजर आता है, जिसके कारण शिशु इसे खाने में नाटक नहीं करते.  फ्रूट्स को डिप के साथ करें सर्व आप चाहें तो फलों को दही, पीनट बटर या चीज क्रीम के साथ बच्चों को फ्रूट डिप की तरह भी सर्व कर सकती हैं. फलों के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर आप इन्हें टूथपिक में लगाकर बच्चों को दही, बटर या क्रीम में डिप करके खाने के लिए कहें. ऐसा करना उन्हें इंटरेस्टिंग लगने के साथ स्वादिष्ट भी लगेगा. इसे भी पढ़ें : IOCL recruitment 2025 : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड में अप्रेंटिस के 457 पदों पर करें आवेदन खाने की पौष्टिकता बढ़ाने का करें प्रयास ऑमलेट बच्चों की पसंदीदा डिश है, लेकिन इसे और पौष्टिक व स्वादिष्ट बनाने के लिए आप इसके साथ चीज का प्रयोग भी कर सकती हैं. यदि आपके शिशु को सैंडविच खाना पसंद है, तो साधारण ब्रेड की बजाय आप उसे मल्टी ग्रेन या ग्रेन ब्रेड का सैंडविच बनाकर दे सकती हैं. सैंडविच के फिलर में भी आप आलू का प्रयोग करने की बजाय गाजर, खीरे और टमाटर जैसी पौष्टिक सब्जियों का प्रयोग करें. इसके साथ ताजे फलों का जूस उसे काफी पसंद आयेगा. दूध को दें शेक व आइसक्रीम का रूप बच्चा दूध पीने में आना-कानी करता है, तो आप उसे केले का शेक बनाकर दूध और केला दोनों का पोषण दे सकती हैं. आइसक्रीम तो बच्चों को बहुत पसंद होती है. बाजार की आइसक्रीम खिलाने से बेहतर है कि आप उन्हें होममेड आइसक्रीम दें. ओट्स में मिलाएं ड्राइफ्रूट्स ओट्स, कॉर्नफ्लैक्स जैसी चीजें खाने में बच्चा ना-नुकुर करता है, तो आप इसमें उसके पसंदीदा फल, ड्राइफ्रूट्स मिलाकर उसे सर्व कर सकती हैं. फल और ड्राइफ्रूट्स का काॅम्बीनेशन उन्हें स्वादिष्ट भी लगेगा और यह देखने में भी आकर्षक लगेगा.  The post Health : हेल्दी के साथ यमी भी हो बच्चों का नाश्ता  appeared first on Naya Vichar.

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Vidur Niti: अमीर बनने के ये हैं 4 आसान रास्ते, आज ही से जीवन में करें अमल

Vidur Niti: महात्मा विदुर महान नीति-ज्ञानी और बुद्धिमान व्यक्ति थे. उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और सत्य के आधार पर जीवन के विभिन्न पहलुओं पर उपदेश बताए हैं. उनकी नीतियां वर्तमान समय में विदुर नीति के नाम से प्रसिद्ध हैं. उन्होंने नेतृत्व, समाज, धर्म और निजी संबंधों जैसे जीवन के हर पहलू पर नीतियां बताई हैं. विदुर के उपदेशों में जीवन के कर्तव्यों, पारिवारिक रिश्तों, नेतृत्व की कला और नैतिकता पर गहरी दृष्टि मिलती है. इस नीति का उद्देश्य लोगों को जीवन जीने की एक नई दिशा और मार्गदर्शन करना है. उन्होंने राजकाज के साथ धन से जुड़ी बातों पर भी ज्ञान दिया है. वह कहते हैं माता लक्ष्मी की कृपा उन्हीं लोगों पर बरसती है, जो इन 4 नियमों के तहत जीवन जीते हैं. यह भी पढ़ें- Vidur Niti: कम उम्र में ही हासिल कर लेंगे सफलता, याद रखें विदुर की बताई ये 3 बातें यह भी पढ़ें- Vidur Niti: सुकूनभरी होती है इन 5 लोगों की जिंदगी, धरती पर ही भोगते हैं स्वर्ग का सुख महात्मा विदुर के अनुसार, धन कमाने से ही व्यक्ति धनवान नहीं बनता है. अगर घर के सदस्यों में आपसी तालमेल ठीक नहीं है, सदस्यों के बीच आपस में रोजाना लड़ाइयां हो रही हैं, तो कमाया हुआ धन ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाता है. ऐसे में इंसान को चाहिए कि घर में हमेशा खुशहाली बनी रहे. विदुर नीति के अनुसार, जीवन में धन कमाने से ज्यादा धन को संभालकर रखना जरूरी होता है, जो व्यक्ति अपने ऐशो आराम के लिए फिजूल खर्च करता है, उसे दरिद्रता घेर लेती है. बिना सोचे-समझे खर्च करने वाला इंसान धन कमाकर भी धनवान नहीं बन पाता है. ऐसे में व्यक्ति को जरूरत की चीजों को छोड़कर फिजूल खर्च करने से बचना चाहिए. विदुर नीति के मुताबिक, जिस व्यक्ति के स्वभाव में आलसपन होता है. वे कभी धनवान नहीं बन पाते हैं. ऐसे लोगों के जीवन में संपन्नता कभी नहीं आती है. ऐसे में व्यक्ति को आलस का त्याग कर देना ही उचित होता है. इसके अलावा, व्यक्ति को अपने कर्म पर विश्वास करना चाहिए और बुद्धि का इस्तेमाल करके काम करना चाहिए. महात्मा विदुर कहते हैं कि धन का संचय करना बहुत जरूरी होता है. जो लोग कमाई के कुछ हिस्से का बचत नहीं करते हैं, उन्हें भविष्य में संकट झेलना पड़ सकता है. बचाया हुआ धन ही भविष्य में आने वाली कठिनाइयों से निकालने का काम करता है. ऐसे में जो व्यक्ति बचत करता है वही धनवान होता है. यह भी पढ़ें- Vidur Niti: इंसान को पापी बनाती हैं ये तीन आदतें, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vidur Niti: अमीर बनने के ये हैं 4 आसान रास्ते, आज ही से जीवन में करें अमल appeared first on Naya Vichar.

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