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February 27, 2025

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झारखंड का यह वरिष्ठ IAS अफसर बना JPSC का नया अध्यक्ष, हेमंत सरकार ने लगायी मुहर

रांची : लंबे समय से रिक्त पड़े जेपीएससी अध्यक्ष का पद प्रशासन ने आखिरकार भर ही भर दिया है. हेमंत प्रशासन ने इस पद के लिए सीनियर आईएएस अधिकारी और पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते के नाम पर मुहर लगा दी है. गुरुवार को राजभवन ने राज्य प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इससे संबंधित अधिसूचना जारी दी है. इसके साथ ही यह उम्मीद जताये जाने लगी है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी और सभी परीक्षाओं का संचालन निर्धारित तिथि में ही होगा. The post झारखंड का यह वरिष्ठ IAS अफसर बना JPSC का नया अध्यक्ष, हेमंत प्रशासन ने लगायी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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Spy Thriller on OTT: इन स्पाई थ्रिलर्स को समझने के लिए चाहिए शेरलॉक होम्स जैसा दिमाग, तीसरी वाली तो…

Spy Thriller on OTT: अगर आप स्पाई थ्रिलर वेब सीरीज देखने के शौकीन हैं और लंबे वक्त से गूगल बाबा पर बेहतरीन कंटेंट की तलाश में हैं, तो आज हम आपको ओटीटी पर मौजूद एक से बढ़कर वेब सीरीज की लिस्ट देते हैं. इन्हें देखने के लिए आपके पास शेरलॉक होम्स जैसा दिमाग होना चाहिए. ऐसे में आइए बिना देर किए इसपर एक नजर डालते हैं. इस लिस्ट में तीसरी वाली दर्शकों की अबतक की सबसे पसंदीदा स्पाई थ्रिलर सीरीज में से एक है. द नाईट मैनेजर (The Night Manager) द नाईट मैनेजर एक स्पाई-थ्रिलर वेब सीरीज है, जिसे आप JioCinema या Disney+ Hotstar पर देख सकते हैं. इस सीरीज में एक होटल मैनेजर शानदार दास गुप्ता को एक बड़ा मिशन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, जिसमें उसे एक शक्तिशाली आर्म्स डीलर की जासूसी करनी होती है. इस दौरान वह कई मुश्किल हालातों में पड़ जाता है. इस दमदार सीरीज में आपको सस्पेंस, एक्शन और ड्रामा का भरपूर मेल देखने को मिलने वाला है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है. राजी (Raazi) राजी फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें आलिया भट्ट ने हिंदुस्तानीय जासूस सहमत खान के किरदार में हैं, जिसे पाकिस्तान सैन्य अधिकारी से शादी कर एक हिंदुस्तानीय एजेंट के रूप में पाकिस्तान भेजा जाता है. यह फिल्म ओटीटी प्लेटफार्म Amazon Prime Video पर उपलब्ध है. इस फिल्म में देशभक्ति, सस्पेंस और इमोशन का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है. फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार की ओर से किया गया है और यह हरिंदर सिक्का के नॉवेल Calling Sehmat पर आधारित है. द फैमिली मैन (The Family Man) द फैमिली मैन एक एक्शन-थ्रिलर वेब सीरीज है, जो Amazon Prime Video पर उपलब्ध है. इस सीरीज में मनोज बाजपेयी ने श्रीकांत तिवारी की भूमिका निभाई है, जो बाहर से एक आम मिडिल क्लास आदमी लगता है, लेकिन असल में वह एक सीक्रेट एजेंट है. इस दौरान उसे अपने परिवार और देश के बीच कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. यह सीरीज एक्शन, सस्पेंस, थ्रिल और कॉमेडी से भरपूर है, जिसका निर्देशन राज और डीके ने किया है. स्पेशल ओपीएस (Special OPS) स्पेशल ओपीएस एक एक्शन-थ्रिलर वेब सीरीज है, जिसमें के.के. मेनन एक रॉ ऑफिसर के किरदार में हैं. यह सीरीज JioCinema और Disney+ Hotstar दोनों पर उपलब्ध है. सीरीज की कहानी हिम्मत सिंह के पिछले 19 सालों से एक बड़े आतंकी हमले के मास्टरमाइंड को पकड़ने के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें उनकी उनकी स्पेशल टीम भी शामिल है. इस वेब सीरीज को नीरज पांडे ने क्रिएट किया है. बार्ड ऑफ ब्लड (Bard of Blood) बार्ड ऑफ ब्लड एक स्पाई थ्रिलर वेब सीरीज है, जिसे आप Netflix पर देख सकते हैं. इसमें इमरान हाशमी ने पूर्व रॉ एजेंट कबीर आनंद की भूमिका निभाई है, जो अब एक टीचर के रूप में अपनी जिंदगी शांति से गुजार रहा है, लेकिन फिर उसे एक सीक्रेट मिशन के लिए वापस बुलाया जाता है. यह सीरीज एक्शन, सस्पेंस और देशभक्ति का एक जबरदस्त मेल है, जो बिलाल सिद्दीकी के नॉवेल Bard of Blood पर आधारित है. यह भी पढ़े: Friday OTT Releases: इस शुक्रवार मिलेगा एंटरटेनमेंट का ओवरडोज, रिलीज हुई ये 7 नई फिल्में और वेब सीरीज The post Spy Thriller on OTT: इन स्पाई थ्रिलर्स को समझने के लिए चाहिए शेरलॉक होम्स जैसा दिमाग, तीसरी वाली तो… appeared first on Naya Vichar.

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Friday OTT Releases: इस शुक्रवार मिलेगा एंटरटेनमेंट का ओवरडोज, रिलीज हुई ये 7 नई फिल्में और वेब सीरीज

Friday OTT Releases: शुक्रवार आ गया है और ओटीटी लवर्स के लिए इस हफ्ते कई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हुई है, जिसे वीकेंड में फैंमिली और फ्रेंड्स के साथ एंजॉय किया जा सकता है. इसमें पॉपुलर वेब सीरीज आश्रम 3 सीजन 2 से लेकर डब्बा कार्टेल, जिद्दी गर्ल्स, संक्रांतिकी वस्थूनम, रनिंग पॉइंट शामिल है. डब्बा कार्टेल यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसा सुनने में लगता है, डब्बा की आड़ में एक कार्टेल चलाया जा रहा है. खतरों के बावजूद, पांच स्त्रीएं अपने सीक्रेट घटक को परोसने के लिए तैयार हैं. इस सीरीज में शबाना आजमी, ज्योतिका, शालिनी पांडे, शिबानी अख्तर, गौरव कपूर, विष्णु मेनन, लिलेट दुबे और गजराज राव जैसे कलाकार शामिल है. इसे नेटफ्लिक्स पर एंजॉय किया जा सकता है. आश्रम सीजन 3 पार्ट 2 बॉबी देओल स्टारर मोस्ट अवेटेड क्राइम थ्रिलर ‘आश्रम’ सीजन 3 पार्ट 2 एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम हो रहा है. इसमें बाबा निराला बनकर एक बार फिर बॉबी दर्शकों को एंटरटेन करने के लिए तैयार है. वेब सीरीज में पम्मी (अदिति पोहनकर की ओर से अभिनीत) एक शक्तिशाली वापसी करती है, जबकि भोपा स्वामी (चंदन रॉय सान्याल की ओर से अभिनीत) सत्ता के लिए तेजी से भूखा हो जाता है. जिद्दी गर्ल्स ‘जिद्दी गर्ल्स’ एक आठ एपिसोड की वेब सीरीज है, जो मटिल्डा हाउस कॉलेज में जेन जी लड़कियों के एक ग्रुप को दिखाती है. उनकी लाइफ में क्या होता है और किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसे दिखाया गया है. इसे आप अमेजन प्राइम वीडियो पर एंजॉय कर सकते हैं. संक्रांतिकी वस्थूनम ‘संक्रांतिकी वस्थूनम’ एक तेलुगु एक्शन-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें वेंकटेश, मीनाक्षी चौधरी और ऐश्वर्या राजेश जैसे कलाकार हैं. 14 जनवरी को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसने 300 करोड़ की कमाई कर साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हो गई. अगर आपने अभी तक इसे नहीं देखा है, तो जी 5 पर 1 मार्च से देख सकते हैं. सुझल – द वोर्टेक्स सीजन 2 पॉपुलर तमिल क्राइम थ्रिलर एक दिलचस्प नए रहस्य के साथ लौटने के लिए तैयार है, क्योंकि कालीपट्टनम शहर भव्य अष्टकाली महोत्सव के दौरान कार्यकर्ता वकील चेलप्पा की चौंकाने वाली हत्या से हिल गया है. पहले सीजन को 8.1 की IMDb रेटिंग मिलने के साथ दूसरा सीजन 28 फरवरी, 2025 से अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग के लिए तैयार है. कुदुम्बस्थान अगर आपको कॉमेडी फिल्में देखी पसंद है, तो कुदुम्बस्थान आपके लिए परफेक्ट है. के. मणिकंदन और सानवे मेघना स्टारर इस तमिल ड्रामा को IMDb पर 8.1 की रेटिंग मिली है. इसे 28 फरवरी से जी5 पर देख सकते हैं. बीटलजूस बीटलजू बीटलजूस बीटलजूस इस शुक्रवार को अपने ओटीटी डेब्यू के लिए तैयार है. फिल्म शरारती बेटेलगेस (माइकल कीटन) को वापस लाती है, क्योंकि वह लिडिया डीट्ज (विनोना राइडर) और उसके परिवार को परेशान करने के लिए लौटता है. इस गॉथिक हॉरर-कॉमेडी में जस्टिन थेरॉक्स, मोनिका बेलुची, जेना ओर्टेगा और विलेम डैफो जैसे कलाकार है. क्या बॉलीवुड वालों का बोरिया–बिस्तर बांध देंगे साउथ वाले? दर्शकों के ना जुड़ पाने का यहां जानें कारण The post Friday OTT Releases: इस शुक्रवार मिलेगा एंटरटेनमेंट का ओवरडोज, रिलीज हुई ये 7 नई फिल्में और वेब सीरीज appeared first on Naya Vichar.

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मूर्तियां फेंकी, मंदिर परिसर में लगाई आग, चुनाव से पहले बिहार में माहौल खराब करने की कोशिश

बिहार में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है. इससे पहले एक बार फिर से  प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है. दरअसल, सीतामढ़ी जिले में असामाजिक तत्वों ने महाशिवरात्रि की रात सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नियत से  एक मंदिर परिसर में प्रवेश कर मूर्तियों के साथ छेड़छाड़ की तथा झोपड़ीनुमा घर को आग के हवाले कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और किसी भी तरह की अनहोनी होने की आशंका को रोक दिया.  घटनास्थल पर पहुंची पुलिस आरोपियों के खिलाफ करेंगे कार्रवाई: जिला प्रशासन मंदिर परिसर में हुई इस घटना के बाद एक तरफ जहां लोग गुस्से में थे. वही पुलिस के आला अफसरों ने लोगों को ऐसे तत्वों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देकर मामला शांत करने की कोशिश की. मीडिया से बात करते हुए  जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह पूरी घटना परमानंदपुर गांव की है, जहां एक शिव मंदिर में रात बदमाश घुस गए और भगवान गणेश और भगवान कार्तिक की मूर्तियों को मंदिर से निकालकर बाहर फेंक दिया. सुबह जब लोगों को इसकी जानकारी मिली तो स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. डुमरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है. आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.    पुलिस उपाधीक्षक रामा कृष्णा सौहार्द बिगाड़ने के लिए घटना को दिया गया अंजाम: DSP सीतामढ़ी नगर के पुलिस उपाधीक्षक रामा कृष्णा ने गुरुवार को बताया कि बुधवार की रात डुमरा थाना क्षेत्र के परमानंदपुर गांव में शिव पार्वती मंदिर के पास शरारती तत्वों ने एक झोपड़ी में आग लगा दी है. इस झोपड़ी में कोई रहता नहीं है. मंदिर के बाहर भगवान गणेश और भगवान कार्तिक की छोटी मूर्तियों को स्थापित स्थान से हटा दिया गया है. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बदमाशों ने आपसी सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से ऐसी घटना को अंजाम दिया है. इसे भी पढ़ें: Bihar Cabinet Expansion: दिलीप जायसवाल ने क्यों छोड़ा मंत्री पद? जानिए अंदर की बात पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Mughal Harem Stories : मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post मूर्तियां फेंकी, मंदिर परिसर में लगाई आग, चुनाव से पहले बिहार में माहौल खराब करने की कोशिश appeared first on Naya Vichar.

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रांची विधायक सी.पी. सिंह ने मंत्री की टोपी पर क्या टिप्पणी कर दी, सदन में सत्ता पक्ष के नेताओं ने जमकर काटा बवाल

रांची : झारखंड विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में गुरुवार को विधायक सी.पी. सिंह ने कुछ ऐसी बात कही कि सत्ता पक्ष को यह नागवार गुजरा. दरअसल सीपी सिंह ने भरी सभा में मंत्री चमरा लिंडा के टोपी पर टिप्पणी करते सवाल खड़ा कर दिये. जिससे सत्ता पक्ष के विधायकों ने इसका जमकर विरोध किया और सदन में खूब शोर मचाया. झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों ने विधायक सीपी सिंह के इस बयान की आलोचना करते हुए उनसे माफी मांगने की अपील कर डाली. मंत्री ने ह्युमिलेट करने का लगाया आरोप सदन में विधायक सी.पी.सिंह ने मंईयां सम्मान योजना पर सवाल उठाया. जब इसका जवाब देने के लिए मंत्री चमरा लिंडा खड़े हुए तो रांची विधायक ने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया. सी.पी.सिंह ने कहा, “कौन माननीय मंत्री हेलमेट लगायें हुए हैं पता ही नहीं चल रहा. हम नहीं पहचान पा रहे है, नाम बता दिया जाएं.” वहीं विधायक की बातों से असहज चमरा लिंडा ने कहा, “यह बिल्कुल गलत है, आप मुझे पिछले 15 सालों से जान रहे है. आप यह भी जानते है कि मैं टोपी पहनता हूँ. लेकिन आप जबरदस्ती मुझे ह्यूमिलेट करने की कोशिश कर रहे हैं.” जानिए कौन है चमरा लिंडा ? चमरा लिंडा‌ झारखण्ड राज्य की बिशुनपुर सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। झारखंड प्रशासन में चमरा लिंडा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री हैं। मंत्री बनने के बाद से ही चमरा लिंडा अधिकतर मुद्दों पर सक्रीय नज़र आएं है. हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान आपसी कलह में झामुमो के दिग्गज नेता को पार्टी से निष्काषित कर दिया गया था. लेकिन अब एक बार फिर से चमरा लिंडा झामुमो के साथ अपना नेतृत्वक सफ़र तय कर रहे हैं. इसे भी पढ़े : झारखंड में DSP या इससे ऊपर रैंक के अधिकारी कर रहे हैं परेशान तो तुरंत करें यह काम, होगी कड़ी कार्रवाई The post रांची विधायक सी.पी. सिंह ने मंत्री की टोपी पर क्या टिप्पणी कर दी, सदन में सत्ता पक्ष के नेताओं ने जमकर काटा बवाल appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: ‘जी हां, उनका दर्द स्वाभाविक है!’, जदयू सांसद ने लालू यादव और तेजस्वी यादव को गिनाया NDA सरकार का काम

Bihar News: लालू यादव ने पीएम मोदी के बिहार दौरे के दौरान दिए बयान पर कटाक्ष कसते हुए कहा है, “पीएम मोदी अगली बार 350 दिन बिहारी भुजा खाएंगे. 100 दिन भागलपुरी सिल्क पहनेंगे. छठी मैया का व्रत करेंगे. गंगा मैया में डुबकी लगायेंगे. बिहार से बचपन का रिश्ता स्थापित करेंगे. मधुबनी पेंटिंग का गमछा या कुर्ता पहनेंगे.” लालू यादव के बयान पर एनडीए के नेता ने जमकर निशाना साधा है. इसी कड़ी में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर के पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि डबल इंजन की प्रशासन में बिहार का कैसे विकास हो रहा है. संजय झा ने पोस्ट में क्या लिखा जदयू सांसद ने लालू यादव और तेजस्वी यादव के आरोपों पर जवाब देते हुए लिखा, “जी हां, उनका दर्द स्वाभाविक है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल में 300 दिन मखाना खा रहे हैं. संसद की कार्यवाही का मैथिली भाषा में भी त्वरित रूपांतर करवा रहे हैं. मिथिला को नई-नई विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मधुबनी पेंटिंग की साड़ी पहन कर बजट पेश करती हैं और बिहार में बाढ़ से सुरक्षा तथा सिंचाई सुविधा की योजनाओं के साथ-साथ मखाना बोर्ड के गठन जैसी बड़ी घोषणा भी करती हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिथिला के महान सपूत ‘जननायक’ कर्पूरी ठाकुर को ‘हिंदुस्तान रत्न’ देने की सिफारिश करते हैं और प्रधानमंत्री जी उसे मान लेते हैं. नीतीश कुमार उड़ान स्कीम में मिले दो एयरपोर्ट में से एक मिथिला के केंद्र दरभंगा में स्थापित करते हैं. बिहार को मिला दूसरा एम्स भी दरभंगा को दे देते हैं.” उन्होंने आगे लिखा, “यह सूची बहुत लंबी है. ऐसे समय में, जब मिथिला के विकास पर NDA की डबल इंजन की प्रशासन का ऐतिहासिक रूप से विशेष ध्यान हो, तब उन्हें दर्द नहीं हो जिनकी केंद्र और राज्य प्रशासनों ने मिथिला के विकास को रोकने और बिहार को बीमारू राज्य बनाये रखने की लगातार कोशिशें की थीं, यह कैसे संभव है! अटल विहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र प्रशासन में मंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने 28 फरवरी 2002 को दरभंगा में ‘राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र’ की स्थापना करवाई थी, जिसका उद्देश्य मखाना की खेती को बढ़ावा देना और नये बीज का अनुसंधान कर उत्पादन बढ़ाना था. लेकिन, बाद में बनी ‘उनकी’ केंद्र प्रशासन ने इस अनुसंधान केंद्र का राष्ट्रीय दर्जा हटा दिया था, जिससे संस्थान को फंड मिलना बंद हो गया था. केंद्र में एनडीए की प्रशासन बनने पर इसे फिर से राष्ट्रीय दर्जा दिया गया.” इसे भी पढ़ें: मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा ‘उनका’ यह दर्द अच्छा है संजय झा ने राजद नेता पर निशाना साधते हुए आगे लिखा, “उन्होंने 1990 में बिहार की सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद मैथिली भाषा को राज्य की आधिकारिक भाषा और बीपीएससी की परीक्षा की भाषा की सूची से हटा दिया था. सीएम नीतीश के अनुरोध पर वर्ष 2003 में श्रद्धेय अटल जी की केंद्र प्रशासन ने मैथिली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया था और तब इसे UPSC से भी मान्यता मिली थी. 2005 में बिहार की कमान संभाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मैथिली को दोबारा BPSC की भाषा सूची में शामिल करके मिथिला की भाषा को उचित सम्मान दिया. उन्होंने केंद्र और राज्य की सत्ता में रहने के दौरान मिथिला में बाढ़ के प्रभाव को कम करने और हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाली बड़ी आबादी को राहत पहुंचाने की दिशा में कभी कोई कारगर कदम नहीं उठाया था. बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा देने की शुरुआत भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी द्वारा ही की गई थी. इसके लिए मिथिला के लोगों ने नीतीश कुमार जी को प्यार से ‘क्विंटलिया बाबा’ नाम दिया था. मिथिला के विकास को रोकने के लिए ‘उनके’ द्वारा की गई निंदनीय कोशिशों की सूची भी लंबी है! ऐसे में आज जब NDA की डबल इंजन की प्रशासन में मिथिला विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ने लगा है, तो ‘उन्हें’ दर्द तो होना ही है! ‘उनका’ यह दर्द अच्छा है!” इसे भी पढ़ें: Bihar Airport: ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए तलाशी जा रही संभावना, आगे की कार्यवाही बिहार प्रशासन के निर्णय पर The post Bihar News: ‘जी हां, उनका दर्द स्वाभाविक है!’, जदयू सांसद ने लालू यादव और तेजस्वी यादव को गिनाया NDA प्रशासन का काम appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में विकास की रफ्तार होगी तेज, मंत्रिमंडल विस्तार जनता की सेवा के लिए: डिप्टी CM विजय सिन्हा

Bihar Cabinet: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बाबा गरीबनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मंत्रिमंडल विस्तार को राज्य के विकास और जनता की सेवा के लिए जरूरी कदम बताया. गुरुवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन प्रशासन अपराध और भ्रष्टाचार खत्म कर बिहार को विकसित बनाने की दिशा में काम कर रही है. विपक्ष पर साधा निशाना विजय सिन्हा ने विपक्ष के विरोध को गैर-जरूरी बताते हुए कहा कि यह संविधान में स्पष्ट है कि कितने मंत्री बन सकते हैं. ऐसे में बेवजह सवाल उठाना सिर्फ नेतृत्व करने की कोशिश है. उन्होंने कहा, हम जनता के लिए काम कर रहे हैं. विपक्ष का काम सिर्फ सवाल उठाना है. बिहार में तेज होगा विकास कार्य डिप्टी सीएम ने कहा कि नई कैबिनेट के साथ योजनाओं को जनता तक तेजी से पहुंचाने और विकास कार्यों को रफ्तार देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बाबा गरीबनाथ से बिहार के कल्याण और राज्य की प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा. Also Read: बिहार कैबिनेट में बड़ा फेरबदल! नए मंत्रियों को आज मिलेगा विभाग, इस मंत्री को मिल सकता है भूमि एवं राजस्व विभाग बिहार कैबिनेट में बड़ा फेरबदल बिहार में बजट सत्र शुरू होने से पहले गुरुवार को बिहार कैबिनेट में बड़ा फेरबदल किया गया है. खासतौर पर भूमि सुधार और राजस्व विभाग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी. जिसकी जिम्मेदारी संजीव सरावगी को सौंपी गई है. क्योंकि, यह विभाग पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के पास था. कैबिनेट विस्तार से पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह अहम विभाग खाली हो गया था. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें The post बिहार में विकास की रफ्तार होगी तेज, मंत्रिमंडल विस्तार जनता की सेवा के लिए: डिप्टी CM विजय सिन्हा appeared first on Naya Vichar.

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1874 में बांकीपुर डिस्पेंसरी में जगह की कमी के कारण 1875 में इसे ले जाया गया मुराद कोठी

सुबोध कुमार नंदन PMCH 100th foundation day पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (पीएमसीएच) की स्थापना 1874 में टेंपल मेडिकल स्कूल के रूप में की गयी थी. लेकिन, इस मेडिकल कॉलेज का औपचारिक उद्घाटन 25 फरवरी, 1925 को किया गया था. बिहार की रियासतों से मिले दान से विभिन्न भवनों का निर्माण किया गया था. 25 फरवरी को पीएमसीएच सौ वर्ष पूरा करने जा रहा है. शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी अंतिम चरण में है. शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भाग लेंगी. शताब्दी वर्ष तक का सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा. जिस मकान में टेंपल स्कूल ऑफ मेडिसिन शुरू किया गया, वहां ईंट से बनाया गया एक तत्ले का मकान था. इतिहासकार अरविंद महाजन ने बताया कि 1857 में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद बंगाल के गवर्नर ने कोलकाता के मेडिकल कॉलेज का बोझ घटाने और बिहार-यूपी से आने वाले कनिष्ठ स्तर के सैन्य सर्जनों को चिकित्सीय प्रशिक्षण देने के लिए पटना में एक चिकित्सीय संस्थान खोलने का निर्णय लिया. आज जहां बीएन कॉलेज के छात्रावास हैं, वहां 1874 में बांकीपुर डिस्पेंसरी थी, जिसे बाद में टेंपल स्कूल ऑफ मेडिसिन कहा गया. बाद में जगह की कमी के कारण 1875 में इसे मुराद कोठी ले जाया गया, जो 16वीं सदी के पीर शाह मुराद का निवास था. शाह मुराद जहांगीर के शासन के दौरान बिहार के सूबेदार रहे मिर्जा रूस्तम सफवी के पुत्र थे. उन्होंने बताया कि शाह मुराद ने गंगा किनारे एक कोठी बनवायी और एक बाग व बाजार भी बसाया. बाद में यह कोठी मुरादकोठी के नाम से प्रसिद्ध हुआ बाग मुराद बाग और इसके उत्तर में स्थित बाजार मुरादपुर. शाह मुराद और उसकी पत्नी का मकबरा आज भी पीएमसीएचके चाइल्ड डिर्पाटमेंट और टाटा वार्ड के बीच है. ध्वस्त मुराद कोठी के स्थान पर अब प्रशासकीय ब्लॉक है. अरविंद महाजन ने बताया कि हालांकि आरंभिक 18वीं सदी तक यह परिसर इस्ट इंडिया कंपनी के स्वामित्व में आ गया था, लेकिन फिर यह निजी हाथों में चला गया था और टेम्पल स्कूल ऑफ मेडिसिन यहां लाने के लिए प्रशासन ने इसे जुलाई 1875 में 1.28 लाख रुपये में खरीदा. 20वीं सदी के दूसरे दशक के अंत तक काफी ढह चुकी मुराद कोठी को गिरा दिया गया. हालांकि बाजार वहीं बना रहा. टेम्पल स्कूल की इमारत गंगा किनारे थी और जेनरल हॉस्पिटल ऑफ बांकीपुर इसी प्रांगण में इसके के दक्षिण में बनाया गया. इस पर लगभग एक लाख रुपये का खर्च आया के था. बिहार उड़ीसा के 1 अप्रैल 1912 को बंगाल से अलग होने के बाद मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता और बढ़ गयी. महाजन ने बताया कि इसीलिए 1925 में एडवर्ड प्रिंस ऑफ वेल्स के आगमन की स्मृति के रूप में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया. बाद में बिहार-उड़ीसा के गवर्नर सर हेनरी व्हीलर ने 25 फरवरी 1927 को मेडिकल कॉलेज का विधिवत उद्घाटन किया, जिसे अब पटना मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) कहा जाता है. दरभंगा के महाराजा रामेश्वर सिंह ने सबसे अधिक पांच लाख रुपये दान दिये. महात्मा गांधी पर कई पुस्तकों के लेखर भैरव लाल दास ने बताया कि 15 मई 1947 को अपनी पोती मनु के अपेंडिक्स ऑपरेशन कराने हेतु गांधीजी पीएमसीएच पहुंचे. उन्होंने डॉक्टर से आग्रह किया कि वे अपने सामने मनु का ऑपरेशन होते हुए देखेंगे. शुरू में तो डॉक्टरों ने मना किया, लेकिन बाद में वे मान गये. गांधीजी को भी ऑपरेशन थिएटर का मास्क आदि लगाकर ऑपरेशन टेबल के बगल में बैठाया गया और उन्होंने मनु का ऑपरेशन देखा. पद्मश्री डा. सीपी ठाकुर ने बतया कि पटना मेडिकल कॉलेज में 30 छात्रों का प्रवेश था और पूरे कोर्स के लिए प्रति छात्र मात्र दो रुपये फीस थी. यह चलन 1925 तक जारी रहा. इसके बाद टेंपल मेडिकल स्कूल को दरभंगा स्थानांतरित कर दिया गया और इसके स्थान पर प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज के रूप में जाना जाने वाला एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया. इस मेडिकल कॉलेज का औपचारिक उद्घाटन 25 फरवरी 1925 को किया गया था. पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी ने बताया कि इस कॉलेज को इसे एशिया के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक होने का गौरव प्राप्त है. यह ब्रिटिश हिंदुस्तान का छठा सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है. इसका एक गौरवशाली इतिहास है और इसे कई राष्ट्रीय और अंतररराष्ट्रीय व्यक्तियों को जन्म देने और उनका इलाज करने का श्रेय दिया जाता है. पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य और प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ दुखन राम देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मानद सर्जन थे. पीएमसीएच एलुमनी एसोसिएशन के संयोजक डाॅ सचिदानंद कुमार ने बताया कि यहां सह-शिक्षा की व्यवस्था 1892 से शुरू हुई, लेकिन इस शिक्षा के प्रति लड़कियों में उत्साह नहीं पाया गया. पाठ्यक्रम साढ़े चार वर्षों का था और सफल छात्रों को एलएमपी (लाइसेंस मेडिकल प्रैक्ट्रिशनर) की डिप्लोमा डिग्री दी जाती थी. The post 1874 में बांकीपुर डिस्पेंसरी में जगह की कमी के कारण 1875 में इसे ले जाया गया मुराद कोठी appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ ने रचा इतिहास, बने कई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

Mahakumbh World Record: प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा दुनियाभर में खूब हो रही है. 45 दिनों तक चले इस महायोजन में की विश्व रिकॉर्ड भी टूटे हैं. आज इस भव्य आयोजन की समाप्ति भी हो गई. लगभग 66 करोड़ लोगों ने दिव्य कुंभ में हिस्सा लिया. सबसे रोचक बात ये रही कि अमेरिका सहित 100 देशों की आबादी से अधिक लोग प्रयागराज कुंभ के दौरान पहुंचे. महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था महाकुंभ में 70 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात थे इनमें से 37 हजार से ज्यादा पुलिसवाले, 14 हजार से ज्यादा होमगार्ड्स और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे यह आयोजन कोई प्रशासनी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सनातन परंपरा और हिंदुस्तान की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक था महाकुंभ के समापन के मौके पर श्रद्धालुओं ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की जमकर तारीफ की महाकुंभ में बने कई रिकॉर्ड 66.30 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आए महाकुंभ में पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या अमेरिका की आबादी से दोगुनी 193 देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में आए सिर्फ हिंदुस्तान और चीन की आबादी महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं से ज्यादा 120 करोड़ हिंदुओं में से 66 करोड़ से ज्यादा ने डुबकी लगाई, महाकुंभ मेला क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम से 166 गुना बड़ा महाकुंभ मेला जोन का स्ट्रक्चर 4 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ, 4 लाख से ज्यादा टेंट-तंबू, और 1.5 लाख टॉयलेट बनाए गए महाकुंभ में स्वच्छता का भी वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने श्रद्धालुओं की संख्या में ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी एक नया इतिहास रचा है. इस बार महाकुंभ मेला क्षेत्र के चार अलग-अलग जोनों में एक साथ 19 हजार सफाईकर्मियों ने मिलकर सफाई की और झाड़ू लगाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया. यह पहल न केवल महाकुंभ के स्वच्छता अभियान को मजबूत करने का प्रतीक बन गई, बल्कि इससे जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा भी बनी. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी पढ़ें.. Babu Veer Kunwar Singh: आरा के नायक कुंवर सिंह की निराली थी प्रेम कहानी, जानें कैसे किया अंग्रेजों को पस्त The post महाकुंभ ने रचा इतिहास, बने कई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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Name Personality: बहुत अमीर होते हैं इस नाम अक्षर के लोग, जीवन में नहीं रहती किसी चीज की कमी

Name Personality: माता-पिता बच्चों का नाम काफी सोच विचार के बाद ही रखते हैं, क्योंकि नाम का प्रभाव शिशु के व्यक्तित्व पर गहरा असर डालता है. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो नाम व्यक्ति के कई गहरे राज उजागर करता है. इसके जरिए व्यक्ति के हाव भाव, चरित्र और तकदीर का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है. नाम अक्षर के सहारे व्यक्ति के कमियों और खूबियों का पता लगाया जा सकता है. ऐसे में आज हम अंग्रेजी के K नाम अक्षर के लोगों की विशेषताओं को बारे में बात करने वाले हैं. आइए इन लोगों की आर्थिक स्थिति, स्वभाव और खूबियों के बारे में जानते हैं. यह भी पढ़ें- Name Personality: आरामदायक जिंदगी जीना पसंद करते हैं इस नाम अक्षर के लोग, छल-कपट से रहते हैं दूर यह भी पढ़ें- Name Personality: दिमाग से नहीं दिल से सोचे हैं इस नाम अक्षर के लोग, खूबसूरती में हर किसी को कर देते हैं फेल लव लाइफ अंग्रेजी के K अक्षर नाम वाले लोग प्यार के मामले में बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव होते हैं. प्यार करने से पहले काफी ज्यादा सोच विचार करते हैं. लेकिन प्यार हो जाने के बाद उसे पूरी ईमानदारी से बिताते हैं. अपने पार्टनर पर ये खूब प्यार लुटाते हैं. पढ़ाई-लिखाई K नाम अक्षर वाले लोगों के शैक्षणिक जीवन की बात करें, तो इनकी जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से गुजरती है. पढ़ाई लिखाई में तो दिलचस्पी रखते हैं, लेकिन दूसरे नाम अक्षर के मुकाबले पढ़ाई में इनकी ज्यादा रुचि नहीं होती है. व्यवहार कुशल इस नाम अक्षर के लोग हंसमुख स्वभाव वाले होते हैं. इनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनी रहती है. यही वजह है कि इन लोगों के प्रति लोग ज्यादा आकर्षित होते हैं. ये लोग बहुत ही ज्यादा व्यवहार कुशल होते हैं. किसी के साथ रिश्ता बहुत ही ईमानदारी से निभाते हैं. आर्थिक स्थिति पढ़ने लिखने में ज्यादा दिलचस्पी न रखने के बाद भी इन लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी होती है, क्योंकि इन लोगों के ऊपर भगवान की कृपा रहती है. स्वभाव से अच्छे होते हैं, लेकिन कभी-कभी इनके स्वभाव में पैसों का घमंड झलकता है. यह भी पढ़ें- Name Personality: बहुत रहस्यमयी होते हैं इस नाम अक्षर के लोग, समझना नहीं होता आसान Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Name Personality: बहुत अमीर होते हैं इस नाम अक्षर के लोग, जीवन में नहीं रहती किसी चीज की कमी appeared first on Naya Vichar.

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