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February 28, 2025

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Kakori Action Centenary Year Celebration: शाहजहांपुर में ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी, छात्रों ने जाना क्रांतियों का रोमांचकारी इतिहास

Kakori Action Centenary Year Celebration: शाहजहांपुर स्थित महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से आयोजित ‘काकोरी एक्शन शताब्दी वर्ष समारोह’ के तहत ऐतिहासिक दस्तावेजों की दुर्लभ प्रदर्शनी का दूसरा दिन एसएचआईटीआई सभागार में छात्रों और शोधार्थियों के लिए खास रहा. हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिवीरों से जुड़े ऐतिहासिक पत्र, डायरी, टेलीग्राम, स्मृति चिन्ह, समाचार पत्र, पत्रिकाएं, पुस्तकें, तस्वीरें और मुकदमों की फाइलें प्रदर्शित की गईं. आगंतुकों ने इन दस्तावेजों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की वीरगाथाओं को करीब से महसूस किया. शहीदों के वंशजों का प्रेरणादायी संबोधन समापन समारोह में अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र प्रियांशु ठाकुर, शहीद-ए-वतन अशफाक उल्लाह खां के वंशज शादाब उल्ला खां, सरदार जसवीर सिंह और डॉ. रिफाकत हुसैन ने अपने विचार साझा किए. उन्होंने बताया कि काकोरी के नायकों का बलिदान सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र के नव निर्माण की प्रेरणा भी है. शताब्दी स्तंभ की होगी स्थापना महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि यह शताब्दी वर्ष का चौथा आयोजन था, जिसे शाहजहांपुर में सफलतापूर्वक पूरा किया गया. उन्होंने बताया कि आगे यह कार्यक्रम बरेली, कानपुर, गोण्डा, प्रयागराज, वाराणसी, औरैया, मेरठ में आयोजित होगा और 7-9 अगस्त 2025 को लखनऊ में ऐतिहासिक व भव्य समापन किया जाएगा. कार्यक्रम में डॉ. शाह आलम राना ने जोर देते हुए कहा कि काकोरी क्रांतिकारियों के स्थलों की पवित्र मिट्टी एकत्र कर, महुआ डाबर (बस्ती) में शताब्दी स्तंभ स्थापित किया जाएगा। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता आंदोलन के महत्व से जोड़ने का कार्य करेगा. इतिहास प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण आयोजन इस प्रदर्शनी में इतिहासकारों, छात्रों और शोधकर्ताओं के अलावा रफी खान, नासिर हुसैन, विवेक कुमार, आदिल हुसैन समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने इस प्रयास को नई पीढ़ी के लिए एक अमूल्य धरोहर बताया और आयोजन समिति को बधाई दी. The post Kakori Action Centenary Year Celebration: शाहजहांपुर में ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी, छात्रों ने जाना क्रांतियों का रोमांचकारी इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Bhumi: भूमि सर्वे के बीच दाखिल-खारिज को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, 25 मार्च की दे दी डेडलाइन

Bihar Land Survey दाखिल-खारिज वाद के वैसे मामले जिनको अंचल अधिकारियों द्वारा बिना किसी ठोस कारण से अस्वीकृत कर दिया गया है, उनके निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नया दिशा-निदेश जारी किया है. यह दिशा निदेश दाखिल-खारिज के अपील वादों के त्वरित निष्पादन के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को दिया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस संबंध में सभी समाहर्ता को शुक्रवार को पत्र लिखकर इस दिशा में काम करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही सचिव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के जिन मामलों में मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचल अधिकारी को पुनः सुनवाई का आदेश पारित करने का निर्देश भी दिया है. इसके साथ ही उनको कहा गया है कि अपील वाद को शीघ्र निष्पादित किया जाएगा. विभाग का मानना है कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. आवेदन पत्र के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकवा घटाया जाना है उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होेते हैं. ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के न्यायालय में अपील का प्रावधान है. सचिव ने अपने पत्र में लिखा है कि विभाग की समीक्षा में यह बात भी सामने आई कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा ऐेसे मामले में बिना मेरिट पर विचार किए लंबे समय तक लंबित रखा है. यह उचित नहीं है. इससे रैयतों को अनावश्यक परेशानी होती है, और विभाग की बदनामी होती है. ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर मार्च, 2025 तक निष्पादन करने का आदेश उक्त पत्र में दिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री संजय सरावगी ने अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को अस्वीकृत करने और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा उन्हें स्वीकृत करने के मामले पर चिंता जताई है. उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस प्रकार के मामलों की विभाग जांच कराए और इस प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाए. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post Bihar Bhumi: भूमि सर्वे के बीच दाखिल-खारिज को लेकर प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, 25 मार्च की दे दी डेडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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Gold Price Crash: सोना 500 रुपये टूटा, चांदी 2,100 रुपये गिरी! अभी चेक करें नए दाम

Gold Price Crash: अगर आप सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी समाचार है. शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दाम में भारी गिरावट दर्ज की गई. कमजोर निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी के चलते सोना 500 रुपये गिरकर 87,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2,100 रुपये की भारी गिरावट के साथ 96,400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. सोने-चांदी के दाम में गिरावट की बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स में तेजी: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा. निवेशकों की बिकवाली: वैश्विक बाजार में कमजोर मांग के चलते निवेशकों ने सोने-चांदी की भारी बिकवाली की. अमेरिकी नीतियों का असर: अमेरिका के नए टैरिफ प्लान और फेडरल रिजर्व की संभावित नीतियों से कीमतों में गिरावट आई. और गिर सकते हैं सोना-चांदी के दाम विशेषज्ञों का मानना है कि अभी सोने-चांदी के दाम और गिर सकते हैं, जिससे खरीदारों को सस्ते दाम पर निवेश करने का मौका मिल सकता है. हालांकि, लम्बे समय में सोना-चांदी की कीमतें फिर से बढ़ने की संभावना है. अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 21.20 डॉलर प्रति औंस गिरकर 2,874.70 डॉलर प्रति औंस हो गया. चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई. 1.21% घटकर 31.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Delimitation : लोकसभा चुनाव 2029 में सीटों की संख्या बढ़ने से डर क्यों रहे हैं एमके स्टालिन? आज के ताजा सोने की रेट (रुपये प्रति 10 ग्राम) Gold price crash: सोना 500 रुपये टूटा, चांदी 2,100 रुपये गिरी! अभी चेक करें नए दाम 2 सोने-चांदी के दाम और गिरेंगे या बढ़ेंगे अगर डॉलर मजबूत बना रहा और ग्लोबल मार्केट में कमजोरी बनी रही, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दाम और गिर सकते हैं. लेकिन, शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए मार्च-अप्रैल में कीमतों में फिर उछाल आ सकता है. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: सावधान! कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा The post Gold Price Crash: सोना 500 रुपये टूटा, चांदी 2,100 रुपये गिरी! अभी चेक करें नए दाम appeared first on Naya Vichar.

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Chamoli Avalanche: 57 में से 32 मजदूरों को निकाला गया बाहर, जारी है बचे हुए 25 लोगों का रेस्क्यू

Chamoli Avalanche: उत्तराखंड में जारी भारी बर्फबारी के बीच चमोली जिले माणा गांव में हिमस्खलन में फंसे 57 मजदूरों में से 32 को सुरक्षित निकाल लिया गया है. लगातार हो रही बर्फबारी के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हो रही है. राहत और बचाव में लगी टीम का कहना है कि घुटने तक बर्फ जम जा रहा है, जिसके कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हो रही है. प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे तक हिमस्खलन में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. जबकि, बचे हुए 25 अन्य मजदूरों को निकालने की कवायद जारी है. हिमस्खलन में दब गये थे बीआरओ के मजदूर शुक्रवार को माणा और बदरीनाथ के बीच में स्थित बीआरओ के मजदूरों के कैंप पर भारी हिमस्खलन हुआ था जिससे मजदूर बर्फ में दब गए थे . घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन, हिंदुस्तानीय तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे. इसके बाद जोर-शोर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया. हालांकि खराब मौसम और लगातार बर्फबारी के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे बड़ी राहत यही है कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. बर्फबारी के कारण रेस्क्यू में हो रही परेशानी उत्तराखंड के चमोली में बर्फबारी जारी है. इस कारण राहत और बचाव में काफी परेशानी हो रही है. बचावकर्मियों का कहना है कि खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में खासी परेशानी हो रही है. 10 घायल लोगों का ITBP और सेना के एमआई कमरों में इलाज किया जा रहा है. खराब मौसम की चुनौतियों के बावजूद फंसे हुए बाकी श्रमिकों का पता लगाने और उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक बदरीनाथ से करीब तीन किलोमीटर दूर माणा हिंदुस्तान तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है जो 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. हादसा स्थल हिमस्खलन की दृष्टि से शीतकाल में खतरनाक माना जाता रहा है इसलिए पूर्व में इस कैंप से लोगों को हटाकर बदरीनाथ में रखा जाता था. इसी कड़ी में माणा के गांव प्रधान पिताम्बर सिंह ने बताया कि इस बार बर्फ नहीं गिरने से कैंप बंद नहीं किया गया था. लेकिन, शुक्रवार को अचानक हिमस्खलन हो गया जिसकी जद में मजदूर आ गए. बद्रीनाथ धाम, नर और नारायण पर्वत की तलहटी पर बसा है जिसके बीचों बीच अलकनंदा नदी प्रवाहित होती है. हादसा नर पर्वत से आए हिमस्खलन के कारण हुआ. पढ़ें यह प्रीमियम स्टोरी: सावधान! कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा The post Chamoli Avalanche: 57 में से 32 मजदूरों को निकाला गया बाहर, जारी है बचे हुए 25 लोगों का रेस्क्यू appeared first on Naya Vichar.

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Gopalganj News: SP के निर्देश पर पुलिस ने बनाई 46 अपराधियों की सूची, अब सबके खिलाफ लिया जायेगा बड़ा एक्शन

Gopalganj News: गोपालगंज पुलिस पेशेवर अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए अपराध से अर्जित की गयी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू करने जा रही है. हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-107 के तहत पुलिस अपराधियों की संपत्ति का पहले आकलन करायेगी, उसके बाद जब्त करने की कार्रवाई करेगी. हाल ही में समीक्षा करने पहुंचे सारण प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक नीलेश कुमार वर्मा ने थानावार दो-दो टॉप अपराधियों की सूची बनाने का निर्देश दिया था, जिनपर पेशेवर आपराधिक मामले दर्ज हैं और चार्जशीट हो चुकी है. पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में दहशत बना हुआ है. सीओ से कराया जा रहा संपत्तियों का आकलन पुलिस ने पेशेवर अपराधियों को चिह्नित करने के बाद उनकी संपत्ति का आकलन कराने के लिए सीओ से रिपोर्ट मांगी है. अलग-अलग थानों की पुलिस ने कुल 46 अपराधियों की सूची बनायी है, जिनकी संपत्ति का आकलन कराने के बाद जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जायेगी. एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा है कि पहले राउंड में संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई के बाद दूसरे राउंड में भी सूची बनेगी और ये कार्रवाई लगातार जारी रखी जायेगी. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :  Mughal Harem Stories : अपने हुस्न और चतुराई से नूरजहां ने जहांगीर को कदमों में रखा और बनी मलिका ए हिंद नये कानून की धारा-107 में संपत्ति होगी जब्त पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107, जो ”अपराध में प्रयुक्त संपत्ति” से संबंधित है. यह नवीन विधि आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त मानी जाने वाली संपत्ति को कुर्क करने और जब्त करने के व्यापक अधिकार देती है. गोपालगंज पुलिस इसी कानून के तहत आपराधिक घटनाओं में शामिल अभियुक्तों की संपत्ति को जब्त करने जा रही है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : ‘उम्बुल आदेर’ के जरिए मृत्यु के बाद आत्मा को घर वापस बुलाते हैं मुंडा आदिवासी, विदा नहीं करते The post Gopalganj News: SP के निर्देश पर पुलिस ने बनाई 46 अपराधियों की सूची, अब सबके खिलाफ लिया जायेगा बड़ा एक्शन appeared first on Naya Vichar.

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बोधगया में आम लोगों के लिए खुला सब रीजनल साइंस सेंटर, पुरातन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना होगा आसान

 बोधगया: बुधवार से सब रीजनल साइंस सेंटर यानी बोधगया विज्ञान केंद्र का आम लोगों के भ्रमण के लिए खोल दिया गया. लोग यहां स्थित विज्ञान व पुरातन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. खास कर छात्र विज्ञान से संबंधित विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इस मौके पर गया अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजन प्रशासन ने बताया कि बिहार प्रशासन मात्र 10 रुपये की फीस में यहां के छात्रों को इंजीनियरिंग करवा रही है तथा बड़ी-बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज पर उनका चयन किया जा रहा है. प्राचार्य ने यह भी जानकारी दी कि इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए स्कूली छात्रों को प्रतिदिन गया अभियंत्रण महाविद्यालय में शाम पांच बजे से सात बजे तक पढ़ाई करायी जाती है. इसमें कोई भी छात्र इस सुविधा का लाभ उठा कर अपना भविष्य संवार सकता है. पुरस्कृत किये गये स्टूडेंट्स पुरस्कृत हुए जिले के स्कॉलर स्टूडेंट्स राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर जिले भर से चयनित कक्षा छह से 12 तक के छात्रों को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तत्वाधान में शुक्रवार को बोधगया स्थित सब रीजनल साइंस सेंटर में पुरस्कृत किया गया. इसमें मुख्य अतिथि एमयू में भौतिकी के विभागाध्यक्ष डॉ प्रवेश कुमार वर्मा, सब रीजनल साइंस सेंटर के इंचार्ज सह गया अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजन प्रशासन, विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय पॉलिटेक्निक टिकारी के प्राचार्य विधिलाल प्रभाकर, संचालक एवं समन्वयक डॉ आलोक मिश्रा, डॉ श्वेत निशा, डॉ प्रलयंकर कुमार सिंह, प्रो सूर्यकांत कुमार, प्रो स्वाति कुमारी, प्रो राहुल कुमार द्वारा रैंक तीन से लेकर 10 तक के चयनित प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र व मेडल भेंट कर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर डॉ राजन प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह कार्यक्रम सर सीवी रमन की याद में मनाया जा रहा है. कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागियों व उनके अभिभावकों को सेंटर का भ्रमण करा कर विज्ञान से संबंधित जानकारियों से अवगत कराया गया. पुरस्कृत होने वाले जिले के स्टूडेंट्स वर्ग छह के सनी कुमार, सुधांशु कुमार, आदर्श कुमार, आरव वर्मा , मुर्शीद अंसारी, राहुल कुमार ,गुलशन कुमार ,दिव्या हिंदुस्तानी. वर्ग सात के प्रणव कुमार ,सार्थक कुमार ,प्रियांशु वर्मा, अदिति प्रकाश, खुशी कुमारी ,राहुल कुमार ,सनी कुमार ,रुद्र कुमार नमन. वर्ग आठ के हिमांशु सिंह, अनुपम राज, अमन राज, सुहानी, रिया हिंदुस्तानी, प्रबल सिंह, दीपराज कुमार, शौर्य राज. वर्ग नौ से नवनीत रंजन, सूरज प्रताप सिंह, वीर प्रताप सिंह, सृष्टि कुमारी, अमन कुमार, कुंदन कुमार चौधरी, अनुष्का सिंह, सोनाली कुमारी. वर्ग 10 के आयुष शर्मा, आदित्य शंकर, ऋषु राज, ऋषभ कुमार, हेमंत कुमार, प्रतीक, अविनाश कुमा, प्रियांशु कुमार. वर्ग 11 के सत्यम कुमार, सनी कुमार, राखी कुमारी ,सुमित कुमार, अखिलेश कुमार, सुमित कुमार, आशीष कुमार, कौशल कुमार. वर्ग 12 से सत्यम कुमार, प्रिंस कुमार ,प्रत्यूष रंजन, प्रियंका कुमारी, पंकज कुमार, प्रह्लाद कुमार, शुभम शर्मा, श्रुति कुमारी को पुरस्कृत किया गया. प्रथम दो रैंक तक चयनित प्रतिभागियों को पटना में पुरस्कृत किया गया है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Delimitation : लोकसभा चुनाव 2029 में सीटों की संख्या बढ़ने से डर क्यों रहे हैं एमके स्टालिन? The post बोधगया में आम लोगों के लिए खुला सब रीजनल साइंस सेंटर, पुरातन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना होगा आसान appeared first on Naya Vichar.

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बचके रहना रे बाबा…! नियमों के बड़े पक्के हैं सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय

SEBI New Chief: केंद्र प्रशासन ने तुहिन कांत पांडेय को हिंदुस्तानीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. वह माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे. उनका कार्यकाल 1 मार्च 2025 को समाप्त हो रहा है. कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी. वह तीन वर्षों तक इस पद पर कार्य करेंगे. सेबी के चेयरमैन बनने वाले तुहिन कांत पांडेय नियमों के पक्के बताए जाते हैं. सेबी चेयरमैन बनने के बाद इनके सामने कई नई चुनौतियां भी हैं. कौन हैं तुहिन कांत पांडेय तुहिन कांत पांडेय 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. मौजूदा समय में वह वित्त सचिव के रूप में कार्यरत थे और कई महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों को लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही है. अगस्त 2024 में उन्हें वित्त सचिव नियुक्त किया गया था. उनके प्रशासनिक अनुभव और वित्तीय मामलों की गहरी समझ के कारण प्रशासन ने उन्हें SEBI प्रमुख के रूप में चुना. सेबी के चेयरमैन को कितनी मिलती है सैलरी सेबी हिंदुस्तान के शेयर बाजार और वित्तीय नियमन का सबसे महत्वपूर्ण संस्थान है. यह न केवल निवेशकों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि बाजार की पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी काम करता है. सेबी के चेयरमैन का पद हिंदुस्तान प्रशासन के सचिव के बराबर होता है. उन्हें हर महीने 5,62,500 रुपये वेतन (अन्य भत्तों के बिना) मिलता है. सेबी प्रमुख के कई दावेदार सेबी प्रमुख बनने की दौड़ में कई वरिष्ठ नौकरशाहों के नाम चर्चा में थे. इनमें इरडा के चेयरमैन देबाशीष पांडा, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ और तेल सचिव पंकज जैन प्रमुख हैं. हालांकि, तुहिन कांत पांडेय को इस पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था. प्रशासन ने जनवरी 2025 में इस पद के लिए आवेदन मंगवाए थे, जिसकी अंतिम तिथि 17 फरवरी 2025 थी. पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद पांडे को नियुक्त किया गया. तुहिन कांत पांडेये की बड़ी चुनौतियां शेयर बाजार की स्थिरता: हाल के महीनों में हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसे स्थिर करने की जरूरत होगी. निवेशकों का विश्वास बढ़ाना: हिंडनबर्ग रिपोर्ट जैसे विवादों के बाद निवेशकों के विश्वास को फिर से मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी. बाजार नियमन को मजबूत करना: SEBI को पारदर्शी और प्रभावी बनाना ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके. डिजिटल बदलाव को अपनाना: फिनटेक, क्रिप्टोकरेंसी और AI आधारित ट्रेडिंग के बढ़ते उपयोग के चलते SEBI की नीतियों को आधुनिक बनाना आवश्यक होगा. इसे भी पढ़ें: EPFO Interest Rate: 7 करोड़ कर्मचारियों को झटका, PF ब्याज दर नहीं बढ़ी! तुहिन कांता पांडे का विजन तुहिन कांत पांडेय का कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हो रहा है, जब हिंदुस्तानीय स्टॉक मार्केट रिकॉर्ड गिरावट के दौर से गुजर रहा है. सेबी की नीतियों में सुधार, निवेशकों की सुरक्षा और डिजिटल बदलाव को अपनाने के बीच सही दिशा तय करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी. अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि तुहिन कांत पांडेय हिंदुस्तान के प्रतिभूति बाजार को कैसे नई दिशा देते हैं और किस तरह से हिंदुस्तानीय शेयर बाजार को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाते हैं. इसे भी पढ़ें: 1 मार्च से लाखों लोगों को नहीं मिलेगा राशन और प्रशासनी योजनाओं का लाभ, तुरंत करें ये काम The post बचके रहना रे बाबा…! नियमों के बड़े पक्के हैं सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय appeared first on Naya Vichar.

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Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण

Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज के योगदान अहम रहा है. बंजारा समाज वनों के संरक्षण में सबसे आगे रहता है और अब समय आ गया है कि इस समाज को देश की विकास यात्रा में प्रमुख भागीदार बनाया जाए. दिल्ली के डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में संत सेवालाल महाराज की 286 वीं जयंती और रूप सिंह जी महाराज की पुण्यतिथि पर बंजारा समाज के लोगों को संबोधित करते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब उनकी आवाज सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण हो.  बंजारा समाज के पूज्य संत सेवालाल जी महाराज का जीवन ज्ञान, तपस्या, त्याग और मानवता सेवा का पर्याय था और रूप सिंह जी महाराज वीरता और न्याय के प्रतीक थे. मौजूदा पीढ़ी को इन संतों के पदचिन्हों पर चलते हुए एक बेहतर समाज का निर्माण करना चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बंजारा समाज कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद समाज की सेवा के प्रति हमेशा समर्पित रहा है. समाज ने कड़ी मेहनत और व्यापार में ईमानदारी से राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. समाज में शिक्षण और प्रशिक्षण की जरूरत बिरला ने युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र में परिवर्तन लाने के लिए बंजारा समाज को शिक्षण और प्रशिक्षण मिलना चाहिए. हमें एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना चाहिए जहां अगली पीढ़ी न केवल शिक्षित हो, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार भी हो. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के युवाओं को बढ़ावा देने और उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के द्वारा व्यापक परिवर्तन लाने की जरूरत है. खासकर लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें शिक्षित कर बंजारा समाज समग्र रूप से प्रगति कर सके.   The post Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण appeared first on Naya Vichar.

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BCCI से सीधी टक्कर लेने को तैयार PCB, IPL के बीच होगा पाकिस्तान सुपर लीग

IPL 2025: दुनिया की सबसे बड़ी लीग इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2025) का 18वें सीजन का आगाज 22 मार्च से होने वाला है. इस लीग की सफलता को देखते हुए IPL के बीच ICC कोई इवेंट नहीं आयोजित करता है. लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) BCCI से सीधी टक्कर लेने वाला है. दरअसल, PCB ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को IPL के बीच आयोजित करने जा रहा है. इस संबंध में बोर्ड ने शुक्रवार, 28 फरवरी को शेड्यूल जारी कर दिया है. PSL के 10वें सीजन का आगाज  IPL के बीच में होगा. यह भी पढ़ें- मेरे दोस्त पाकिस्तान से ज्यादा…अफागनिस्तान की जीत से गदगद जडेजा, वकार यूनिस को दिया करारा जवाब PSL का शेड्यूल जारी पाकिस्तान सुपर लीग के 10वें सीजन की शुरुआत 11 अप्रैल से  होने वाली है, जबकि लीग का फाइनल मुकाबला 18 मई के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. इस बीच IPL के भी मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे, क्योंकि IPL के 18वें सीजन के मुकाबले 22 मार्च से स्पोर्ट्से जाएंगे, जबकि फाइनल मैच 25 मई को आयोजित होगा. ऐसे में PCB ने PSL का शेड्यूल जारी कर सीधे BCCI से टक्कर लेने का प्रयास करने जा रहा है.   Mark your calendars! 🗓️ The #HBLPSLX schedule is HERE! ⚡ Read more: https://t.co/Nh5xUOkEYA Which match are you hyped for? 🤩#HBLPSL10 l #DECADEOFHBLPSL pic.twitter.com/qAlmbWqt1R — PakistanSuperLeague (@thePSLt20) February 28, 2025 18 मई को स्पोर्ट्सा जाएगा फाइनल मैच PCB की तरफ से जारी शेड्यूल के मुताबिक, PSL के 10वें सीजन का पहला मुकाबला पिछले सीजन की विजेता रही इस्लामाबाद यूनाइटेड और दो बार की चैंपियन रही लाहौर कलंदर्स के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. लीग के 13 मुकाबले लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इसमें दो एलिमिनेटर मुकाबले सहित 18 मई को होने वाला फाइनल मुकाबला भी शामिल है. नया विचार प्रीमियम स्टोरी: Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम दोनों लीगों में शामिल खिलाड़ियों को होगी परेशानी इसके अलावा, रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 13 मई को होने वाला क्वालिफायर 1 सहित कुल 11 मैच आयोजित होंगे. जबकि कराची नेशनल बैंक स्टेडियम और मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम में कुल 5-5 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. ऐसे में अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जो खिलाड़ी दोनों लीग का हिस्सा हैं, वे किस लीग को प्राथमिकता पर रखते हैं. अगर वे IPL को दरकिनार कर PSL को चुनते हैं, तो उन्हें सख्त नियमों से गुजरना पड़ेगा, क्योंकि अब IPL के नियम सख्त हो गए हैं.   हिंदुस्तान-पाकिस्तान सीरीज कैसे हो सकती है? सुनील गावस्कर ने सुझाया उपाय, कहा- अगर सीमा पर… The post BCCI से सीधी टक्कर लेने को तैयार PCB, IPL के बीच होगा पाकिस्तान सुपर लीग appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: कभी बेचते थे चूड़ी, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी फिर बन गये IAS

चतरा : झारखंड के आईएएस अधिकारी रमेश घोलप की गिनती झारखंड के तेज तर्रार आईएएस अधिकारियों में होती है. आज वे चतरा के डीसी हैं. वे सोशल मीडिया पर भी खासा सक्रिय रहते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि उनका सविल सर्वेंट बनने का सफर आसान नहीं था. घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें अपनी मां और भाई के साथ सड़कों पर चूड़ी बेचना पड़ा. चूंकि उनकी मां शिक्षा के महत्व को जानती थी इसलिए वे उन्हें हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने को कहती थी. इसका खुलासा खुद रमेश घोलप ने नया विचार से बातचीत में किया था. साइकिल रिपयेरिंग का काम करते डीसी रमेश घोलप के पिता डीसी रमेश घोलप ने उस इंटरव्यू में कहा था कि उनके पिता साइकिल रिपयेरिंग का काम करते थे. चंकि उन्हें शराब पीने की भी लत थी इसलिए हमेशा घर में आर्थिक बनी रहती थी. इस वजह से मां ने चूड़ी बेचने का काम शुरू कर दिया. मां हमेशा कहती थी कि अच्छी शिक्षा से हम अपनी तकदीर बदल सकते हैं. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले ओपन यूनिवर्सिटी से ली स्नातक की डिग्री रमेश घोलप इस इंटरव्यू में आगे बताते हैं कि घर की स्थिति को सुधारने के लिए वे और उनके भाई भी 10 वीं के बाद अपनी मां के साथ चूड़ी बेचने लगे थे. हालांकि उनकी मां हमेशा उन दोनों को इसके लिए मना करती थी. 12वीं के बाद उन्होंने डीएड का कोर्स किया. इसके बाद ओपन यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद उन्हें एक प्रशासनी स्कूल में शिक्षक की नौकरी मिल गयी. इससे उनकी मां बहुत खुश हुई. उन्हें लगने लगा था कि उनके घर की हालत अब सुधर जाएगी. लेकिन 6 माह बाद ही इस नौकरी से उनका मन भर गया. टीचर की नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे आईएएस अधिकारी रमेश घोलप इसके बाद टीचर की नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गये. उस वक्त उनकी मां को इस फैसले से दुख तो हुआ लेकिन इसके बावजूद वह हमेशा उनका समर्थन करती थी. साल 2012 में उनकी मेहनत रंग लायी और उन्होंने महाराष्ट्र सिविल सर्विस में टॉप किया. साथ यूपीएससी की परीक्षा में 287वीं रैंक हासिल किया. Also Read: Success Story: मां करती थी दिहाड़ी मजदूरी, बेटा बन गया IAS अफसर झारखंड की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें The post Success Story: कभी बेचते थे चूड़ी, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए छोड़ी प्रशासनी नौकरी फिर बन गये IAS appeared first on Naya Vichar.

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