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March 2, 2025

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Holi 2025: यहां से हुई थी हुई होली की शुरुआत, पांच हजार साल पुराना मंदिर आज भी देता है गवाही

Holi 2025: हिंदुस्तान विविधता से भरा देश है. इसे एक सूत्र में पिरोने का काम यहां के त्योहार करते हैं. वैसे तो हिंदुस्तान में सभी धर्म के लोग रहते हैं और उनके अपने-अपने त्यौहार है. लेकिन होली एक ऐसा त्यौहार है जो सभी धर्मों के लोगों से धर्म की बंदिश खत्म कर एक साथ आने का मौका देता है. होली हर साल पूरे हिंदुस्तान में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस रंग-बिरंगे उत्सव की शुरुआत कहां से हुई थी और इसके पीछे का इतिहास क्या है. अगर आप भी उनमें से एक हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपको इस आर्टिकल में होली से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी. तो चलिए चलते हैं रंगो के इस त्यौहार के इतिहास की छोटे सी यात्रा पर…  यूपी के हरदोई  में हुई थी होली की शुरुआत होली का इतिहास बहुत पुराना है और इसे लेकर पौराणिक कथाएं भी बहुत दिलचस्प हैं. इस त्यौहार की शुरुआत उत्तर प्रदेश के हरदोई शहर से हुई थी. हरदोई के ककेड़ी गांव का 5000 साल से भी पुराना नृसिंह भगवान मंदिर, प्रहलाद घाट, हिरण्यकश्यप के महल का खंडहर, आज भी इसकी गवाही दे रहे हैं. उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का पुराना नाम हरिद्रोही था. यह हिरण्यकश्यप की राजधानी थी. हिरण्यकश्यप एक राक्षस था और वह भगवान विष्णु का कट्टर शत्रु था. पौराणिक कथाओं के अनुसार हिरण्यकश्यप ने भगवान विष्णु के खिलाफ कई जुल्म किए थे और भगवान से बदला लेने के लिए उसने कई साज‍िशें रचीं थीं. हिरण्यकश्यप के बेटे प्रहलाद ने भगवान विष्णु की भक्ति में अपना जीवन समर्पित किया, जो उसके पिता को बिल्कुल पसंद नहीं आता था. हिरण्यकश्यप ने कई बार प्रहलाद को मारने की कोशिश की, लेकिन भगवान की कृपा से वह हर बार बच जाता था. फाइल फोटो प्रहलाद को मारने की कोशिश में मरी होलिका एक दिन हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से प्रहलाद को मारने के लिए कहा. होलिका को भगवान से यह वरदान प्राप्त था कि जब वह आग में बैठती थी, तो वह जलती नहीं थी. इसलिए होलिका ने प्रहलाद को अपनी गोदी में लेकर आग में बैठने का प्रयास किया. लेकिन भगवान विष्णु की माया के अनुसार, होलिका जलकर भस्म हो गई, जबकि प्रहलाद बच गया. यह घटना होली के त्यौहार की उत्पत्ति का कारण बनी. हरदोई के लोग इस घटना के बाद बहुत खुश हुए और उन्होंने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर खुशी मनाई, तभी से होली का त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई.  इसे भी पढ़ें: बिहार के तीन सबसे अमीर और गरीब जिले कौन से हैं? धुरंधर नहीं जानते इसका जवाब हरदोई गजेटियर में भी उल्लेखित है होली होली की शुरुआत हरदोई से होने की बात धार्मिक ग्रंथों और हरदोई गजेटियर में भी उल्लेखित है. हरदोई में भगवान विष्णु ने दो बार अवतार लिया था – पहला अवतार नरसिंह रूप में और दूसरा अवतार वामन रूप में. नरसिंह रूप में भगवान ने हिरण्यकश्यप का वध किया था और उसके बाद इस स्थान पर प्रहलाद की रक्षा की थी. इस घटना को याद करते हुए हर साल होली मनाई जाती है. भगवान नृसिंह नृसिंह भगवान का मंदिर बना होली का प्रतीक हरदोई के सांडी ब्लाक के ककेड़ी गांव में इस ऐतिहासिकता का प्रतीक नृसिंह भगवान का मंदिर इस बात का प्रतीक बना हजारों साल से आज भी गवाही दे रहा है. स्थानीय लोगों और इतिहासकारों की मानें तो यह मंदिर 5000 साल से भी ज्यादा पुराना है. ककेड़ी गांव के इस मंदिर में भगवान नृसिंह की मूर्ति है. इसकी गवाही इसकी तमाम मूर्तियां और उनके कार्बन की उम्र देती है. हालांकि ककेड़ी गांव के मंदिर का समय-समय पर जीर्णोद्धार होता रहा है. इस गांव के लोग इसी ककेड़ी गांव के नृसिंह भगवान के मंदिर जाकर रंग लगाकर होली की शुरुआत करते हैं. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया The post Holi 2025: यहां से हुई थी हुई होली की शुरुआत, पांच हजार साल पुराना मंदिर आज भी देता है गवाही appeared first on Naya Vichar.

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Mayawati: ‘आखिरी सांस तक, पार्टी में मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा’, आकाश आनंद पर मायावती का क्यों टूटा भरोसा?

Mayawati: मायावती ने रविवार को भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया और अपने छोटे भाई आनन्द कुमार को पार्टी समन्वयक बना दिया. जबकि रामजी गौतम को पार्टी का राष्ट्रीय समन्वयक बना दिया. मायावती ने खुद बता दिया कि उन्होंने पार्टी में बड़ा फेर बदल क्यों किया. उन्होंने आकाश आनंद को हटाने के पीछे अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया. सिद्धार्थ आकाश आनंद के ससुर हैं. मायावती ने क्या कहा? यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ में हुई बसपा की बैठक के बाद कहा, “पार्टी हित में आकाश आनंद को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है. इस कार्रवाई के लिए पार्टी नहीं, बल्कि पूर्ण रूप से उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार हैं. जिसने पार्टी को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आकाश आनंद का भी करियर खत्म कर दिया.” मायावती ने कहा, ”अब मैंने यह निर्णय लिया है कि मेरे जीते जी व मेरी आखिरी सांस तक, पार्टी में मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा.” पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया मायावती ने आकाश आनंद के सुसर को पहले ही पार्टी से कर दिया था निष्कासित मायावती ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पिछले महीने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. सिद्धार्थ पर पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की गई थी. मायावती ने आकाश आनंद को घोषित किया था अपना उम्मीदवार मायावती ने पूर्व में आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. लेकिन पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान एक विवादित बयान देने को लेकर उन्होंने अपने भतीजे से यह ओहदा वापस ले लिया था. हालांकि बाद में, मायावती ने उन्हें फिर से अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था. The post Mayawati: ‘आखिरी सांस तक, पार्टी में मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा’, आकाश आनंद पर मायावती का क्यों टूटा भरोसा? appeared first on Naya Vichar.

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Katrina Kaif: महाकुंभ में डुबकी लेते हुए लड़कों ने कैटरीना का बनाया वीडियो, तो भड़की रवीना, बोलीं- घिनौना

Katrina Kaif: प्रयागराज में डेढ़ महीने तक चलने वाले महाकुंभ मेले ने देश-विदेश में खूब सुर्खियां बटोरी. यहां संगम स्नान के लिए आम आदमी से लेकर कई बड़े सेलिब्रिटीज पहुंचे थे. इनमें से एक बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ भी थीं, जो अपनी सास वीना कौशल के साथ संगम स्नान के लिए महाकुंभ पहुंची और आरती भी की थी. एक्ट्रेस की कई तस्वीरें और वीडियोज सोशल मीडिया पर सामने आई. इन्हीं में से एक वायरल वीडियो देख बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन का गुस्सा फुट पड़ा है. आइए बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है. View this post on Instagram A post shared by Mamaraazzi (@mamaraazzi) संगम स्नान करते हुए कैटरीना का वीडियो वायरल कैटरीना कैफ हाल ही में महाकुंभ पहुंची और उन्होंने संगम में स्नान किया. इसके बाद वह स्वामी चिदानन्द सरस्वती का आशीर्वाद लेने भी पहुंची थीं. यहां एक्ट्रेस के साथ पति विक्की कौशल की मां वीना कौशल नजर आईं, लेकिन अब महाकुंभ के समापन के बाद कटरीना कैफ सुर्खियों में छा गई हैं. दरअसल, जब कैटरीना कैफ संगम स्नान कर रही थीं, तब कुछ लड़कों ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. इस वीडियो में वे लड़के कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘ये मैं हूं, ये मेरा भाी है और ये कटरीना कैफ हैं.’ अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद फैंस समेत सेलिब्रिटीज ने भी प्रतिक्रिया दी है. इनमें एक्ट्रेस रवीना टंडन भी शामिल है. ‘ये बहुत ही घिनौना…’ रवीना टंडन ने इस वायरल वीडियो पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, ‘ये बहुत ही घिनौना है. इस तरह के लोग एक ऐसे पल को खराब कर देते हैं तो शांतिपूर्वक और सार्थक माना जाता है.’ रवीना के अलावा सोशल मीडिया यूजर्स ने भी वीडियो पर जमकर प्रतिक्रियां दी. उन्होंने इस हरकत को ‘शर्मनाक’ कहा है. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह कैटरीना कैफ का वर्क फ्रंट कैटरीना कैफ के वर्क फ्रंट की बात करें तो एक्ट्रेस पिछली बार साल 2024 में सिनेमाघरों में आई फिल्म ‘मेरी क्रिसमस’ में नजर आई थीं. इस फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे. हालांकि, बेहतरीन स्टार कास्ट के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी. अब एक्ट्रेस के फैंस उन्हें दोबारा बड़े पर्दे पर देखने के लिए एक्साइटेड हैं. The post Katrina Kaif: महाकुंभ में डुबकी लेते हुए लड़कों ने कैटरीना का बनाया वीडियो, तो भड़की रवीना, बोलीं- घिनौना appeared first on Naya Vichar.

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Health Tips: योग और प्राणायाम से पाएं अनिद्रा से छुटकारा, ये आसन रहेंगे फायदेमंद

Health Tips: आयुर्वेद के अनुसार, अच्छी नींद शरीर और मन को बैलेंस करने के लिए बहुत जरूरी है. अगर आपको नींद न आने की समस्या हो रही है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और गलत दिनचर्या के कारण कई लोगों को नींद न आने की समस्या होती है. आयुर्वेद और योग के अनुसार, यदि मन और शरीर संतुलित न हो तो नींद अच्छी नहीं आती है. योगासन और प्राणायाम शरीर को शांत करने, मानसिक तनाव को कम करने और अच्छी नींद लाने में मदद करते हैं. यहाँ आयुर्वेद के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण आसान दिए गए हैं जो अच्छी नींद लाने में सहायक हो सकते हैं. बालासन – तनाव को दूर करने के लिए इस आसन को करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठें और पैरों को पीछे की ओर मोड लें, अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और अपने माथे को जमीन पर रखने की कोशिश करें, फिर हाथों को सामने फैलाएं और शरीर को आराम दें, 1-2 मिनट तक इसी अवस्था में रहें और गहरी सांस लेते रहें. इस आसन को करने से दिमाग शांत रहता है, शरीर का ब्लड प्रेशर सुधारता है, तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे नींद अच्छी आती है. यह भी पढ़ें: Health Tips: हार्ट और हड्डियों के लिए जरूरी है यह विटामिन, इन चीजों के सेवन से शरीर में नहीं रहती है कमी यह भी पढ़ें: Food for Eyes: आंखों की समस्या से हैं परेशान, तो इन फूड आइटम का शुरू कर दें सेवन विपरीत करनी – दिमाग को शांत करने के लिए सबसे पहले आप दीवार के पास लेट जाएं और अपने पैरों को दीवार के सहारे ऊपर कर लें, अब हाथों को आराम से शरीर के पास रखें, फिर गहरी सांस लें और 5-10 मिनट तक इसी अवस्था में रहें. इस आसन को करने से आपके शरीर का ब्लड प्रेशर बेहतर रहता है, साथ ही साथ यह नसों को शांत करता है और नींद लाने में मदद करता है. इसके अलावा यह पैरों और दिमाग में ऑक्सीजन का सही फ्लो बनाए रखता है. शवासन – गहरी नींद के लिए सबसे प्रभावी इस आसन के लिए सबसे पहले आप जमीन पर सीधा लेट जाएं, फिर अपने हाथों और पैरों को हल्का फैला लें, अब अपनी आंखों को बंद करें और शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें, ऐसी अवस्था में 5-10 मिनट तक रहें और गहरी सांस लेते रहें. इस आसन से आपके शरीर को पूरी तरह से रिलैक्सेशन मिलता है, तनाव और चिंता को कम करके नींद लाने में मदद करता है और मस्तिष्क को शांत रखता है. अनुलोम-विलोम प्राणायाम – मानसिक शांति के लिए सबसे पहले सुखासन में बैठें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, अपने दाएं हाथ के अंगूठे से दाहिनी नाक को बंद करें और बाईं नाक से सांस लें, फिर बाएं हाथ से बाईं नाक बंद करें और दाईं नाक से सांस छोड़ें, यह प्रक्रिया 5-10 मिनट तक दोहराएं. ऐसा करने से आपको मानसिक रूप से शांति मिलती है और तनाव कम होता है, मन स्थिर रहता है और अच्छी नींद मिलती है. यह भी पढ़ें: Health Tips: मौसम में बदलाव कहीं बिगाड़ ना दे सेहत का मिजाज, गर्मी के दिनों में बरतें ये सावधानी The post Health Tips: योग और प्राणायाम से पाएं अनिद्रा से छुटकारा, ये आसन रहेंगे फायदेमंद appeared first on Naya Vichar.

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‘विराट कोहली जीरो हैं, बाबर से उनकी कोई तुलना नहीं’, पूर्व पाक कोच का दिमाग हुआ खराब

Champions Trophy: चल रहे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से पाकिस्तान के अपमानजनक बाहर होने के बाद बाबर आजम को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. मेजबान होने के बावजूद टीम को ग्रुप चरण के एक भी मैच में जीत नसीब नहीं हुई. बांग्लादेश के खिलाफ उनको जीत की उम्मीद थी, लेकिन मैच बारिश की वजह से रद्द करना पड़ा. हालांकि बाबर आजम को अपने कुछ पूर्व खिलाड़ियों और कोचों का समर्थन भी मिल रहा है. पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी और कोच मोहसिन खान ने बाबर की जमकर तारीफ की है और विराट कोहली को उनके आगे जीरो बताया है. बाबर के सपोर्ट में उतरा पाकिस्तान का पूर्व कोच न्यूजीलैंड के खिलाफ बाबर की धीमी अर्धशतकीय पारी के लिए बाबर आजम आलोचकों के निशाने पर थे. वह हिंदुस्तान के खिलाफ भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए. उन्होंने टूर्नामेंट के दो मैचों में 87 रन बनाए, जो दोनों मैच पाकिस्तान ने गंवा दिए. मोहसिन खान ने ऐसे समय में बाबर की तुलना कोहली से की है, जब कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ चौका लगाकर अपना 51वां वनडे शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई. Big Game 🏟️ Big Player 😎 Big Knock 💥 King for a reason 👑 Updates ▶️ https://t.co/llR6bWyvZN#TeamIndia | #PAKvIND | #ChampionsTrophy | @imVkohli pic.twitter.com/oMOXidEGag — BCCI (@BCCI) February 23, 2025 विराट कोहली जीरो हैं : मोहसिन खान आर्य न्यूज से बात करते हुए मोहसिन ने कहा, ‘सबसे पहले मैं आपको एक बात बता दूं. बाबर आजम के सामने विराट कोहली कुछ भी नहीं हैं. कोहली जीरो हैं. हम यहां इस बारे में बात नहीं कर रहे हैं कि कौन बेहतर खिलाड़ी है. हम पाकिस्तान क्रिकेट के बारे में बात कर रहे हैं. जिसे बर्बाद कर दिया गया है. कोई योजना नहीं है, कोई रणनीति नहीं है, कोई योग्यता नहीं है और कोई जवाबदेही नहीं है.’ मोहसिन ने पूरा ठीकरा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर फोड़ा है. बाबर ओपनर के लायक नहीं : इंतिखाब आलम इस बीच, पाकिस्तान के पूर्व कोच इंतिखाब आलम ने बाबर को सलामी बल्लेबाज के तौर पर भेजने के टीम के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह उनकी भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा, ‘आप उन्हें नंबर 1 पर क्यों भेजेंगे? वह सलामी बल्लेबाज नहीं हैं. नंबर 3 बल्लेबाजी लाइनअप की रीढ़ है और कोचों को उन्हें वहीं से शतक बनाने के लिए कहना चाहिए था. अगर वह आपको शतक दिलाते हैं और कोई और 50 या 60 रन बनाता है, तो आपके पास बोर्ड पर लगभग 300 रन होंगे और आपको इसी तरह स्पोर्ट्सना चाहिए. यहां तक ​​कि बाबर को भी अपनी बल्लेबाजी की स्थिति बदलने से इनकार कर देना चाहिए था. मुझे नहीं पता कि उन्हें पारी की शुरुआत करने के लिए किसने मनाया. यह एक गलत फैसला था.’ पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया Girl Marriage With Dog Video: कुत्ते संग 11 महीने की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा The post ‘विराट कोहली जीरो हैं, बाबर से उनकी कोई तुलना नहीं’, पूर्व पाक कोच का दिमाग हुआ खराब appeared first on Naya Vichar.

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बिहार चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बनाया 100 दिन का प्लान, जोड़ेंगे 50 लाख नया सदस्य

Bihar Assembly Elections 2025: प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक्शन मोड में आ गई है. बिहार में सामाजिक और नेतृत्वक परिवर्तन को गति देने के उद्देश्य से पार्टी ने विस्तार कार्यक्रम की शुरुआत की है. पीके की पार्टी इस अभियान के तहत अगले 100 दिनों में गांव-पंचायत में रोज 1500 जन सुराज संवाद बैठकें आयोजित करेगी. पार्टी ने अगले 100 दिनों में 50 लाख नया सदस्य जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इस कदम से पीके बिहार की जनता को जागरूक करना और तथा संगठन विस्तार करना चाहते हैं. बताया जा रहा है कि हर बैठक से कम से कम 50 सदस्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. एक दिन में कम से कम 3 संवाद कार्यक्रम पार्टी द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है. पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि विशेष तौर पर स्त्रीओं, युवाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों समेत अन्य वर्गों को चिन्हित कर बैठ आयोजित की जाए. पीके ने जन सुराज के नेताओं और पदाधिकारियों को दिन के कम 3 संवाद कार्यक्रम करने का लक्ष्य दिया है. इस बड़े अभियान के माध्यम से पीके जनता के बीच संवाद स्थापित कर एक बेहतर वैकल्पिक नेतृत्व की नींव रखना छह रहे हैं. पीके का रोडमैप बताएंगे पार्टी के नेता पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जन सुराज विस्तार अभियान के तहत राज्य के प्रत्येक प्रखंड में हर दिन तीन जन सुराज संवाद बैठकों के दौरान लोगों को पीके के रोडमैप के बारे में बताएं. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति में सुधार लाने का जो प्लान बताया गया है उसे लोगों के बीच रखें. इसके अलावा इन बैठकों में स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की जाएगी और समाधान पर भी संवाद होगा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : बिल क्लिंटन और अपने संबंध को अब #MeToo की शुरुआत बता रही हैं मोनिका लेविंस्की, सच ऐसे हुआ था उजागर औरंगजेब ने आंखें निकलवा दीं, पर छावा संभाजी ने नहीं कुबूल किया इस्लाम, क्या है शिवाजी के बेटे की पूरी कहानी? The post बिहार चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बनाया 100 दिन का प्लान, जोड़ेंगे 50 लाख नया सदस्य appeared first on Naya Vichar.

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TSPC की धमकी के बाद आक्रमण गंझू समेत 4 की गिरफ्तारी की पुष्टि, एसपी बोले- कल पकड़े गये सभी

Chatra Police Arrest Akraman Ganjhu: झारखंड के उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) की धमकी के बाद पुलिस ने उसके (TSPC के) प्लाटून कमांडर सह जोनल कमांडर आक्रमण गंझू की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. चतरा के एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रविवार को यह जानकारी दी. एसपी ने बताया कि टीएसपीसी के सेकेंड लाइन के कमांडर आक्रमण गंझू, उसकी पत्नी नीलम देवी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसपी ने कहा है कि इनके पास से कई हथियार बरामद हुए हैं. चतरा, पलामू, लातेहार और हजारीबाग जिले के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 75 केस दर्ज हैं. एसपी ने कहा है कि कल यानी 1 मार्च को हंटरगंज थाना क्षेत्र के पतसुगिया पुल के पास से इन चारों की गिरफ्तारी हुई है. सभी एक कार में थे. पुलिस रिमांड में लेकर इनसे पूछताछ करेगी. पहली बार 24 फरवरी 2025 को आक्रमण गंझू के परिजनों ने दावा किया था कि महाकुंभ से लौटते समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. परिजनों ने कहा था कि आक्रमण साथ उसकी पत्नी नीलम देवी, ड्राइवर समेत 4 लोगों को पुलिस ने महाकुंभ से लौटते समय उठा लिया. पुलिस उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं कर रही. आक्रमण की मां और दो भाइयों ने आशंका जतायी थी कि पुलिस उन चारों का एनकाउंटर कर सकती है. पुलिस ने आक्रमण की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की, तो टीएसपीसी ने परचा जारी कर पुलिस को अल्टीमेटम दे दिया. टीएसपीसी के उग्रवादियों ने चेतावनी दी कि आक्रमण गंझू समेत 4 लोगों को अगर 24 घंटे में कोर्ट में पेश नहीं किया गया, तो पुलिस-प्रशासन को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है. टीएसपीसी के रीजनल कमांडर मंजीत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया था कि आक्रमण समेत 4 लोगों को पुलिस कस्टडी में टॉर्चर किया गया जा रहा है. रीजनल कमांडर ने स्पष्ट कहा था कि अगर आक्रमण गंझू समेत सभी 4 लोगों को जल्द कोर्ट में पेश नहीं किया गया, तो चतरा जिले में विकास कार्यों को टीएसपीसी पूरी तरह से बाधित कर देगा. सड़क निर्माण कार्यों को बंद करवा दिया जायेगा. इतना ही नहीं, टीएसपीसी ने प्रशासनी कार्यालयों पर हमले तक की धमकी दे दी थी. साथ ही कहा कि प्रशासन के प्रति आक्रोश फैलाने का भी प्रयास टीएसपीसी की ओर से किया जायेगा. इस धमकी के बाद चतरा और आसपास के इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी. नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को चौकस रहने के निर्देश दिये गये थे. संवेदनशील इलाकों की ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी शुरू कर दी गयी. चतरा एसपी ने पुलिस बल को अलर्ट रहने के निर्देश दिये थे. स्पष्ट निर्देश दे दिया था कि अगर कोई उग्रवादी या नक्सली गतिविधि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से पीछे न हटें. टीएसपीसी से पहले आक्रमण की मां रुक्मिणी देवी और उसके दो भाईयों जगन्नाथ सिंह भोक्ता और हेमंत सिंह भोक्ता ने चतरा जिले के मीडियाकर्मियों को फोन किया और बताया कि महाकुंभ से लौटते समय आक्रमण, उसकी पत्नी नीलम देवी और उसके 2 ड्राइवरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. The post TSPC की धमकी के बाद आक्रमण गंझू समेत 4 की गिरफ्तारी की पुष्टि, एसपी बोले- कल पकड़े गये सभी appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: इन जगहों पर कदम रखने वाला एक झटके में हो जाता है बर्बाद, लौट आने में ही है भलाई

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय से सबसे ज्ञानी और विद्वान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. अपने जीवनकाल के दौरान मानव जाति की भलाई के लिए इन्होने कई तरह की नीतियों की रचना की थी. इन नीतियों को बाद में चाणक्य नीति के नाम से जाना जाने लगा. कहा जाता है अगर किसी भी व्यक्ति को एक सफल और समृद्ध जीवन की तलाश हैं तो ऐसे में उसे चाणक्य नीति में बताई गयी बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर एक इंसान को कभी कदम नहीं रखना चाहिए. जब कोई भी व्यक्ति इन जगहों पर जाता है या फिर रहता है तो उसे जीवन में बर्बाद होने से कोई भी बचा नहीं सकता है. आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर कोई व्यक्ति इन जगहों पर चला जाता है तो उसे जितनी जल्दी हो सके वहां से लौटकर आ जाना चाहिए. तो चलिए इन जगहों के बारे में जानते हैं विस्तार से. जहां पर अपने लोग न हों चाणक्य नीति के अनुसार आपको कभी भी ऐसी जगह पर नहीं जाना चाहिए या फिर कदम नहीं रखना चाहिए जहां पर आपके अपने लोग नहीं रहते हैं. जब आप ऐसी किसी जगह पर जाते हैं जहां आपके अपने नहीं रहते हैं तो मुसीबत पड़ने पर कोई भी आपकी मदद नहीं कर पाते हैं. जब आपको मदद नहीं मिलती है तो आप अकेले पड़ जाते हैं. अगर आप किसी जगह जा रहे हैं जहां पर आपके दोस्त या रिश्तेदार न हों तो आपको वहां से बिना देरी किये लौट आना चाहिए. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: अपने साथ बर्बादी लेकर आपके घर आते हैं ये लोग, बुलाने से पहले सौ बार सोचें ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: समझदार पुरुष अपनी पत्नी को कभी नहीं बताते ये बातें, जीवनभर चलते हैं सिर उठाकर जहां शिक्षा का हो आभाव आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर आप जीवन में तरक्की करना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं तो ऐसे में शिक्षा के बिना यह संभव नहीं है. आपके जीवन को बेहतर बनाने में शिक्षा का योगदान बेहद ही ज्यादा माना जाता है. जब आप शिक्षित होते हैं तो आपके सोचने और समझने की क्षमता बेहतर हो जाती है. यह भी कारण है कि आपको ऐसी जगह पर कभी कदम नहीं रखना चाहिए जहां पर शिक्षा का माहौल न हो या फिर शिक्षित लोगों की कमी हो. जब आप इस तरह की किसी जगह पर रहते हैं तो आप जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते हैं. जहां आपको न मिले इज्जत चाणक्य नीति के अनुसार आपको ऐसी किसी जगह पर नहीं रहना चाहिए जहां पर आपको मान-सम्मान या फिर इज्जत न मिले. हर इंसान की यह ख्वाइश होती है कि जीवन में उसे खूब मान और सम्मान मिले. इस मान-सम्मान को कमाने के लिए वह जीवनभर मेहनत भी करता रहता है. यहीं कारण है कि आपको ऐसी किसी भी जगह पर नहीं कदम रखना चाहिए जहां पर आपका अपमान किया जाता हो या फिर आपको बातों को अनसुना कर दिया जाता हो. इन जगहों पर जाने वालों को समाज में अक्सर बेवक़ूफ़ कहा जाता है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: ऐसी पत्नी, भाई और गुरु से आज ही बना ले दूरी, आचार्य चाणक्य ने बताया कारण जहां नौकरी न हो आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको ऐसी किसी भी जगह पर नहीं रहने जाना चाहिए जहां पर काम-काज या फिर नौकरी का आभाव हो. इस तरह की जगहें सिर्फ घूमने के लिए होती हैं. आपको इस तरह के किसी भी जगह पर जाकर ठहरना या फिर निवास नहीं करना चाहिए. जहां अच्छे संस्कार न हों चाणक्य नीति के अनुसार आपको ऐसे किसी भी जगह जाकर नहीं रहना चाहिए जहां पर लोगों में अच्छे संस्कार न हों. जब आप इस तरह के किसी जगह पर जाकर रहते हैं तो ऐसे में आपके धोखा खाने की संभावना काफी बढ़ जाती है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इन जगहों में रहने वाले लोगों को झूठ बोलना और धोखा देना काफी अच्छे से आता है. अगर आप ऐसी किसी जगह पर जाकर ठहरते हैं तो आपके बर्बाद होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: गधे की ये आदतें आपको जीवन में दिलाएगी सफलता, जितनी जल्दी सीखें उतना बेहतर Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: इन जगहों पर कदम रखने वाला एक झटके में हो जाता है बर्बाद, लौट आने में ही है भलाई appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के तीन सबसे अमीर और गरीब जिले कौन से हैं? धुरंधर नहीं जानते इसका जवाब

बिहार: अगर आप देश के सबसे गरीब जिलों की सूची निकालेंगे तो उसमें बिहार के जिलों का भी नाम आता है. यह कुछ हद तक सही भी है. लेकिन पूरी तरह से सच नहीं है. इस बात का खुलासा बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने के बाद हुआ है. राज्य के वित्त मंत्री ने रिपोर्ट पेश करते हुए बिहार के सबसे अमीर जिलों और गरीब जिलों के बारे में बताया है. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि बिहार के तीन सबसे अमीर जिले कौन-कौन से हैं…  फाइल फोटो ये हैं बिहार के तीन सबसे अमीर जिले बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी पटना बिहार का सबसे अमीर जिला है. इसके बाद अमीरी में बेगूसराय और मुंगेर जिला क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. पटना की प्रति व्यक्ति आय 121396 रुपये हैं. बेगूसराय और मुंगेर की क्रमश: 49064 और 46795 रुपये है.  ये हैं बिहार के तीन सबसे गरीब जिले जहां अमीरी है वहां गरीबी भी होती है. बिहार में भी ऐसा ही है. अगर हम बिहार के तीन सबसे गरीब जिलों की बात करे तो इनमें  शिवहर, सीतामढ़ी और अररिया का है. बिहार में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय शिवहर के लोगों की है. उनकी सालाना कमाई महज 19561 रुपये है. सीतामढ़ी की प्रति व्यक्ति आय 21931 रुपये है तो अररिया की 22204 रुपये है.  इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले को मिलने वाली है जाम से मुक्ति, 130 करोड़ रुपये खर्च करके बनेगा बाईपास बता दें कि राज्य के भीतर आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विषमता का आकलन सकल जिला घरेलू उत्पाद व निवल जिला घरेलू उत्पाद के आधार पर होता है। इस आंकड़े में आगे रहने वाले जिले संपन्न माने जाते हैं और पिछड़ जाने वाले विपन्न. संपन्नता का यह पैमाना पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की खपत और लघु बचत से निर्धारित होता है.  फाइल फोटो पेट्रोल-डीजल की खपत में ये जिले सबसे आगे   बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया जिले में सबसे अधिक पेट्रोल की खपत होती है. वहीं. डीजल के मामले में  पटना, शेखपुरा, औरंगाबाद आगे है. सबसे कम पेट्रोल इस्तेमा करने वाले जिलों में  लखीसराय, बांका, जहानाबाद का नाम शामिल है. उसी तरह सबसे कम डीजल की खपत शिवहर, सिवान, गोपालगंज में है.    बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश करते वित्त मंत्री सम्राट चौधरी एक दशक में 3.5 गुना बढ़ी बिहार की वित्तीय स्थिति कई तरह के उतार-चढ़ाव को झेलते हुए भी बिहार की विकास दर लगातार दोहरे अंक में बनी हुई है. आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट ऐसा बता रही. बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विधान मंडल में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह रिपोर्ट प्रस्तुत की. उसके उपरांत प्रेस-वार्ता में उन्होंने बताया कि राज्य की वित्तीय स्थिति 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ से साढ़े तीन गुना बढ़कर 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ हो गई है. राष्ट्रीय वृद्धि दर की तुलना में बिहार के विकास की दर अधिक रही है.  पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया The post बिहार के तीन सबसे अमीर और गरीब जिले कौन से हैं? धुरंधर नहीं जानते इसका जवाब appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: ‘लालू यादव के DNA में लूट, डकैती और…’, बीजेपी MP ने बताया क्या है राजद का रोजगार मॉडल

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने गया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजद पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी एमपी ने बिहार के पूर्व सीएम और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि उनके डीएनए में लूट, डकैती, दुष्कर्म, आगजनी और फिरौती है, यही उनका रोजगार मॉडल है. उन्होंने कहा, “लालू यादव ने अपने बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर छपरा में कहा कि इनको सीएम बनाओगे तो बिहार में जगमग होगा. उन्होंने कई बातें बताई, लेकिन असली बात नहीं बताई. प्रदेश के लोगों को मालूम है कि उनके राज में नवदंपति को वाहन से उतारकर वाहन ले लिया जाता था. उनका विकास का मॉडल यही होगा. लालू यादव अपने डीएनए पर अपने बेटे को लॉन्च करना चाहते हैं, क्योंकि उनके बेटे की तो नेतृत्व में कोई कमाई नहीं है.” नीतीश कुमार ने बिहार के लिए क्या किया बीजेपी एमपी ने बताया केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में अब डबल इंजन की प्रशासन है. पहले उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए एक पुल था, लेकिन आज 17 पुल हो गए हैं. आज बदलता हुआ बिहार है. सड़कों का जाल हो गया है. बिजली की उपलब्धता है. गया में आने वाले दिन में टेक्सटाइल एक नया रूप लेगा. बिहार अब बढ़ता हुआ बिहार होगा. लालू यादव का मॉडल बिहार का कोई नौजवान नहीं अपनाएगा. …नहीं तो फिर लालू मॉडल आ जाएगा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘शोले’ फिल्म के एक डायलॉग की तुलना करते हुए कहा कि अब बिहार के लोग कहेंगे कि बेटा गलत वोट मत देना, नहीं तो फिर लालू मॉडल आ जाएगा. तेजस्वी यादव के एक बयान पर उन्होंने कहा कि यह खटारा नहीं है. वे तो बैलगाड़ी वाले हैं, गाड़ी देखी ही नहीं. यह नीतीश वाली सोच और पीएम नरेंद्र मोदी की सपोर्ट वाली प्रशासन है. बिहार में सड़कों का जाल बिछ गया है. लोग धकाधक चल रहे हैं और फटाफट काम कर रहे हैं. बिहार की जनता अब लालटेन युग में नहीं रहेगी, उजाले में है और उजाले में रहेगी. भाजपा के नेता ने कहा कि अभी एनडीए की प्रशासन है और अगले विधानसभा चुनाव में एनडीए की ही प्रशासन बनेगी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में अगला चुनाव लड़ा जाएगा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : बिल क्लिंटन और अपने संबंध को अब #MeToo की शुरुआत बता रही हैं मोनिका लेविंस्की, सच ऐसे हुआ था उजागर औरंगजेब ने आंखें निकलवा दीं, पर छावा संभाजी ने नहीं कुबूल किया इस्लाम, क्या है शिवाजी के बेटे की पूरी कहानी? The post Bihar Politics: ‘लालू यादव के DNA में लूट, डकैती और…’, बीजेपी MP ने बताया क्या है राजद का रोजगार मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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