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March 7, 2025

समस्तीपुर

समस्तीपुर में भीषण सड़क हादसा में एक दर्जन से अधिक जख्मी,दो की हालत नाजुक, बारात से लौटने के दौरान ट्रक और बस में भीषण टक्कर 

नया विचार समस्तीपुर :समस्तीपुर में बारात से लौट रही बस हुआ हादसे का शिकार ।बस और ट्रक के भीषण टक्कर में एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी । सभी ज़ख्मियों का इलाज समस्तीपुर सदर अस्पताल व अन्य निजी अस्पतालों में जारी । पूरी घटना सराय रंजन थाना क्षेत्र के मोहन चौक खजूरी के पास की है जहां सरायरंजन रायपुर से बारात लौटने के क्रम में अनियंत्रित ट्रक से टक्कर हो गई । जिसमे एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए और बस ड्राइवर की हालत नाजुक बताई जा रही है । जख्मी उपचालक का बताना है कि विभूतिपुर थाना के फुलवरिया सिंघिया वार्ड 5 निवासी गौनोर सहनी के पुत्र जिम्मेदार सहनी की शादी के लिए बारात लेकर सरायरंजन के रायपुर गए थे । वहां से लौट के क्रम में सरायरंजन थाना क्षेत्र के ही खजूरी मोहन चौक के पास 18 चक्का वाली ट्रक ने ठोकर मार दी जिसमें लगभग 12 से अधिक लोग जख्मी हो गए हैं कुछ लोगों का इलाज दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहा है तो कुछ लोगों का निजी अस्पताल में बाकी सभी समस्तीपुर सदर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं । घटना लगभग 4:30 बजे सुबह की है । वही जख्मियों की पहचान विभूतिपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया सिंघिया वार्ड पांच के सभी निवासी राहुल कुमार ,गौरव कुमार ,रामा सहनी ,मुकेश कुमार सहित एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी है । वही सराय रंजन थाना अध्यक्ष प्रताप सिंह का बताना है कि सुबह में सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी जब पुलिस टीम गई तो उन्होंने पाया कि बस और ट्रक के बीच भीषण हादसा हुआ है ।जिसमें 10 से 12 लोग जख्मी बताए गए हैं यह सभी बारात से लौट रहे थे । बारात किसके यहां आई थी इसकी जानकारी ले रहे हैं

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Aryan Khan Net Worth: कितने करोड़ के मालिक हैं आर्यन खान, पहनते हैं करोड़ों की घड़ी

Aryan Khan Net Worth: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान अपनी स्मार्टनेस को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. उन्हें बॉलीवुड की कई पार्टियों में स्पॉट किया जाता है. जहां उनके लुक्स की अक्सर चर्चा होती है. 13 नवंबर 1997 को जन्मे आर्यन शाहरुख और गौरी खान के तीन बच्चों में सबसे बड़े हैं, उनके भाई-बहन सुहाना और अबराम हैं. उन्होंने धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल से अपनी प्राइमरी शिक्षा ली. साल 2020 में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया से सिनेमैटिक आर्ट्स एंड टेलीविजन प्रोडक्शन में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स पूरा किया, जिससे बॉलीवुड इंडस्ट्री में उनकी साख बढ़ी. आइये जानते हैं कितने करोड़ के मालिक हैं वो. कितने करोड़ के मालक हैं आर्यन खान कोइमोई की रिपोर्ट के अनुसार आर्यन खान की कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपये के आसपास है. निर्देशन के क्षेत्र के अलावा, आर्यन खान ने अप्रैल 2023 में एक अल्ट्रा-लक्जरी कपड़ों का ब्रांड, D’YAVOL लॉन्च किया, जिसने ऑनलाइन काफी पॉपुलैरिटी हासिल की. स्टारकिड ने हाल ही में एक विज्ञापन में भी अपने पिता शाहरुख खान संग काम किया है. इसके लिए भी उन्हें तगड़ी रकम मिली है. इसके अलावा आर्यन और शाहरुख खान ने साथ मिलकर हिंदी में द लॉयन किंग में अपनी आवाज भी दी. उनके निर्देशन की पहली फिल्म, स्टारडम, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की ओर से निर्मित की गई है. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Bollywood vs South Industry: क्या बॉलीवुड वालों का बोरिया–बिस्तर बांध देंगे साउथ वाले? लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं आर्यन खान आर्यन का हाई-एंड फैशन और एक्सेसरीज के प्रति काफी लगाव है, जिसमें लगभग 47,000 की कीमत वाले Balenciaga स्नीकर्स और 7.83 लाख की कीमत वाली रोलेक्स कॉस्मोग्राफ डेटोना घड़ी शामिल है. आर्यन खान की मां गौरी खान ने एक फोटो शेयर की थी, जिसमें शाहरुख खान, आर्यन और अबराम साथ में थे. आर्यन को Balenciaga के कैजुअल स्नीकर्स पहने देखा गया, जिसकी कीमत 573.95 अमेरिकी डॉलर थी. आर्यन खान को लग्जरी गाड़ियों का भी शौक है, उनके पास ऑडी ए6, मर्सिडीज जीएलएस 350डी (कीमत 70 लाख रुपये) और मर्सिडीज जीएलई 43 एएमजी कूप, बीएमडब्ल्यू 730 एलडी शामिल है. The post Aryan Khan Net Worth: कितने करोड़ के मालिक हैं आर्यन खान, पहनते हैं करोड़ों की घड़ी appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई की मासूमियत पर फिदा हुई दुनिया, शुभदीप की क्यूट पोनी और ट्रैक्टर वाली तसवीर ने मचाया धमाल

Viral Video: पॉपुलर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला इस दनिया में नहीं हैं, लेकिन फैंस उन्हें भूले नहीं हैं. साल 2022 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अक्सर फैंस उनसे जुड़ी तसवीरें और वीडियोज सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं. इस बीच सिद्धू मूसेवाला के चाचा साहिबप्रताप सिंह सिद्धू ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में दिवंगत सिंगर के छोटे भाई शुभदीप नजर आ रहे हैं. वीडियो में शुभदीप इतना क्यूट लग रहा कि फैंस उससे अपनी नजरें नहीं हटा पा रहे. इस वीडियो में शुभदीप ट्रैक्टर पर बैठा हुआ है और उसे उसके पिता ने पकड़ा हुआ है. शुभदीप हंस रहा है और स्पोर्ट्सने में बिजी है. उसके सिर पर प्यारी सी चोटी बहुत ही क्यूट लग रही है. View this post on Instagram A post shared by Sahibpartap Singh Sidhu (@sahibpartapsidhu) नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन शुभदीप सिंह सिद्धू के क्यूटनेस पर फैंस हुए फिदा शुभदीप सिंह सिद्धू के वीडियो पर यूजर्स रिएक्ट कर रहे हैं. एक मीडिया यूजर ने लिखा, ये बहुत ही ज्यादा प्यारा है. एक यूजर ने लिखा, इसे नजर ना लगे. एक यूजर ने लिखा, क्यूटनेस ओवरलोडेड. एक यूजर ने लिखा, बहुत ही प्यारा और सुंदर बच्चा है. एक यूजर ने लिखा, हाय उसकी मुस्कान कितनी प्यारी है. शुभदीप का जन्म पिछले साल नवंबर में हुआ था. सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने शुभदीप की पहली तस्वीर शेयर कर उसके जन्म के बारे में बताया था. The post Viral Video: सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई की मासूमियत पर फिदा हुई दुनिया, शुभदीप की क्यूट पोनी और ट्रैक्टर वाली तसवीर ने मचाया धमाल appeared first on Naya Vichar.

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जब ठेले से लेकर UPSC तक का सफर बना प्रेरणा की मिसाल, बिहार के लाल की संघर्ष से सफलता तक की कहानी

Success Story: कहते हैं, “मेहनत कभी बेकार नहीं जाती,” यह सिर्फ कहावत नहीं, बल्कि हकीकत है. जिसे बिहार के सुपौल जिले के मनोज कुमार राय ने सच कर दिखाया. एक ऐसा शख्स, जिसने कभी अंडे बेचे, दफ्तरों में फर्श साफ किए और ठेले पर सब्जी बेची. आज वही हिंदुस्तानीय आयुध निर्माणी सेवा (IOFS) के अधिकारी के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं. UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2010 में 870वीं रैंक हासिल करने वाले मनोज की संघर्ष-गाथा हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो कठिनाइयों के आगे घुटने टेकने के बजाय सपनों को पाने के लिए लड़ना चाहता है. गरीबी से उपजा संघर्ष का हौसला सुपौल के एक छोटे से गांव में जन्मे मनोज का बचपन अभावों में बीता. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दो वक्त की रोटी के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती थी. हालात ऐसे थे कि उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही जिम्मेदारियां संभाल लीं. साल 1996 में जब हालात और बिगड़े तो वे दिल्ली चले आए. उम्मीद थी कि वहां कुछ अच्छा काम मिलेगा, लेकिन किस्मत ने कठिन रास्ते चुन रखे थे. दिल्ली में शुरुआत आसान नहीं थी. नौकरी की तलाश में भटकते रहे, लेकिन जब कोई स्थायी काम नहीं मिला, तो उन्होंने ठेले पर अंडे और सब्जियां बेचना शुरू किया. इतना ही नहीं, अपने खर्चे निकालने के लिए उन्होंने दफ्तरों में सफाई कर्मचारी के तौर पर भी काम किया. परिश्रम और मेहनत ही उनकी पूंजी थी. JNU बना प्रेरणा का केंद्र संघर्ष के इन दिनों में मनोज एक और काम करते थे. दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में डिलीवरी मैन के रूप में सामान सप्लाई करना. यही वह मोड़ था, जिसने उनकी जिंदगी को नया रास्ता दिया. JNU के कुछ छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने UPSC परीक्षा के बारे में जाना. छात्रों ने उन्हें शिक्षा जारी रखने की सलाह दी और बताया कि कैसे यूपीएससी उनकी जिंदगी बदल सकता है. यही वह क्षण था, जब मनोज ने तय किया कि उन्हें सिर्फ रोजी-रोटी कमाने तक सीमित नहीं रहना. बल्कि बड़ा सपना देखना है. उन्होंने श्री अरबिंदो कॉलेज (इवनिंग) में दाखिला लिया और 2000 में BA की डिग्री पूरी की. यूपीएससी की राह: असफलताओं से मिली सीख स्नातक पूरा होते ही मनोज ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी. वे पटना गए और वहां प्रसिद्ध शिक्षक रास बिहारी प्रसाद सिंह से मार्गदर्शन लिया. तीन साल की कठिन तैयारी के बाद 2005 में उन्होंने अपना पहला प्रयास दिया, लेकिन असफल रहे. दूसरे प्रयास में अंग्रेजी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई. यूपीएससी में क्वालीफाइंग पेपर के रूप में एक क्षेत्रीय भाषा और अंग्रेजी की परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है. अंग्रेजी में कमजोर होने के कारण वे यह परीक्षा पास नहीं कर सके और उनका सपना फिर अधूरा रह गया. तीसरे प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा तो पास कर गए, लेकिन मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में सफल नहीं हो सके. यह वह वक्त था, जब कोई भी हताश हो सकता था, लेकिन मनोज ने खुद को टूटने नहीं दिया. चौथे प्रयास में बदली रणनीति और मिली सफलता मनोज ने अपनी पिछली गलतियों से सीखते हुए तैयारी का तरीका बदला. उन्होंने प्रीलिम्स की तैयारी से पहले मेन्स परीक्षा का पूरा सिलेबस कवर करने पर जोर दिया. इससे 80% प्रीलिम्स का पाठ्यक्रम खुद-ब-खुद कवर हो गया. साथ ही, उन्होंने NCERT की किताबों को अच्छी तरह पढ़ा और अपनी लेखन शैली (Writing Skills) को सुधारने में खास मेहनत की. “अंधेरा चाहे जितना घना हो, सूरज को उगने से नहीं रोक सकता.” यही विश्वास लेकर वे आगे बढ़े और 2010 में अपने चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की. 870वीं रैंक के साथ UPSC परीक्षा पास कर ली. पढ़िए नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: राजा अजातशत्रु ने क्यों की थी पिता की हत्या? नगरवधू आम्रपाली का इससे क्या था कनेक्शन पहली पोस्टिंग और नई जिम्मेदारी UPSC पास करने के बाद मनोज कुमार राय की पहली नियुक्ति नालंदा जिले के राजगीर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में हुई. जिस इंसान ने कभी अपने सपनों को पूरा करने के लिए दफ्तरों में सफाई का काम किया था, आज वही देश के प्रशासनिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका था. प्रेरणा का संदेश “जो मेहनत से नहीं डरते, कामयाबी उनके कदम चूमती है.” मनोज की कहानी हर उस युवा के लिए एक सीख है, जो परिस्थितियों के आगे हार मानने की सोचते हैं. गरीबी और कठिनाइयां आपको रोक नहीं सकतीं, जब तक आपका हौसला मजबूत है. The post जब ठेले से लेकर UPSC तक का सफर बना प्रेरणा की मिसाल, बिहार के लाल की संघर्ष से सफलता तक की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: मानसिक अशांति होगी दूर, भटकते मन पर होगा काबू, अपनाएं ये वास्तु उपाय

Vastu Tips: आज की बदलती दुनिया में लोगों की जीवनशैली बहुत तब्दीली देखी जा रही है. काम और पारिवारिक दबाव की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से लोगों को आराम करने का मौका नहीं मिलता है. बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोगों को काफी चिंताओं के साथ अपना जीवन जी रहे हैं. ऐसे में एक स्टेज पर आकर उन्हें मेंटली परेशान भी रहने लगते हैं. हालांकि, शरीर को स्वस्थ रखने में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मेंटल हेल्थ भी बहुत ही जरूरी होता है. ऐसे में अगर आप भी कुछ मेंटल हेल्थ का शिकार हो रहे हैं, तो कुछ वास्तु उपायों को अपनाकर आप मानसिक रूप से स्वस्थ हो सकते हैं. यह भी पढ़ें- Vastu Tips: पूजा घर में की गई ये गलतियां बर्बाद कर देंगी आपका जीवन, छा जाएगी कंगाली यह भी पढ़ें- Vastu Tips: हंसता स्पोर्ट्सता घर हो जाएगा बर्बाद, दूसरों के घर से भूलकर भी न लाएं ये 3 चीजें इस दिशा में सोएं वास्तु शास्त्र के मुताबिक, सही दिशा में सोना बहुत जरूरी होता है. यह मानसिक समस्याओं से बचने में मदद करता है. ऐसे में हमेशा सोते समय पूर्व की तरफ ही सिर करके सोना चाहिए. यह तनाव के साथ अन्य तरह की मानसिक समस्याओं से बचाने में कारगर होता है. घर की रखें साफ-सफाई वास्तु शास्त्र के अनुसार, मानसिक समस्याओं से निजात पाने के लिए घर की साफ-सफाई बहुत जरूरी होता है. साफ-सफाई होने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर चली जाती है, जिसकी वजह से तनाव और मानसिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है. ऐसे में पोछा लगाते समय नमक पानी का इस्तेमाल जरूर करें. घर में जलाए कपूर वास्तु नियमों के मुताबिक, शाम के समय घर में कपूर जलाने से भी मानसिक शांति मिलती है. यह तनाव और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है. ऐसे में इस उपाय को भी अपनाकर आप खुद को मानसिक रूप से सशक्त बना सकते हैं. चांदी का करें इस्तेमाल वास्तु शास्त्र में बताए नियमों के मुताबिक, अगर मन को काबू रखने और मेंटल हेल्थ को स्वस्थ बनाए रखने में चांदी का सामान बहुत ही कारगर उपाय साबित होता है, क्योंकि मन का संबंध चंद्रमा से और चांदी चंद्रमा से जुड़ा हुआ होता है. आप चांदी की अंगूठी के साथ चांदी का चंद्र यंत्र बनवाकर अपने दिमाग को स्वस्थ रख सकते हैं. यह भी पढ़ें- Vastu Tips: घर के दीवार में उग आया है पीपल का पड़े, हटाने के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vastu Tips: मानसिक अशांति होगी दूर, भटकते मन पर होगा काबू, अपनाएं ये वास्तु उपाय appeared first on Naya Vichar.

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Pakistan: जयशंकर के POK बयान पर बौखलाया पाकिस्तान, कहा…

Pakistan: लंदन में हिंदुस्तान के विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को लेकर दिए गए बयान से पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उनके बयान को “आधारहीन” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि हिंदुस्तान को कश्मीर को लेकर “झूठे दावे” करने के बजाय जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से को छोड़ देना चाहिए, जिस पर वह 77 वर्षों से “कब्जा” करके बैठा है. उन्होंने जयशंकर के बयान को खारिज करते हुए कहा कि पीओके का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित है और हिंदुस्तान इसे गलत तरीके से पेश कर रहा है. शफकत अली ने आगे कहा कि हिंदुस्तान ने सेना के बल पर कश्मीर का “स्टेटस” बदलने की कोशिश की है, लेकिन इससे जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी. उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों से कश्मीर के लोगों की समस्याएं हल नहीं होंगी, बल्कि यह क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बन सकता है. पूरा मामला क्या है? दरअसल, लंदन के चैथम हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के एक पत्रकार ने जयशंकर से सवाल किया था कि हिंदुस्तान ने “कश्मीर पर अवैध कब्जा” कर रखा है, और इसी कारण वहां विरोध प्रदर्शन होते हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया में शांति की वकालत कर रहे हैं, तो क्या हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी मदद से कश्मीर मुद्दे का हल निकाल सकते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान काफी हद तक हो चुका है. उन्होंने इसे हल करने के चार चरण गिनाए— आर्टिकल 370 को हटाना – यह पहला कदम था, जिससे जम्मू-कश्मीर में समान कानून लागू किए गए. विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना – यह दूसरा कदम था, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े. इसे भी पढ़ें: अमेरिका की ‘जीरो टैरिफ’ की मांग से Tesla को हिंदुस्तान में मिलेगा फायदा, क्या है ट्रंप की चाल? लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना – हाल ही में कश्मीर में हुए चुनावों में उच्च मतदान प्रतिशत यह दिखाता है कि वहां लोकतंत्र मजबूत हो रहा है. पीओके की वापसी – जयशंकर ने कहा कि कश्मीर की समस्या पूरी तरह तभी खत्म होगी जब पाकिस्तान द्वारा “अवैध रूप से कब्जाए गए” क्षेत्र को हिंदुस्तान को वापस मिल जाएगा. जयशंकर ने क्या कहा? चैथम हाउस में अपने संबोधन के दौरान जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीओके हिंदुस्तान का अभिन्न हिस्सा है और एक दिन हिंदुस्तान का हिस्सा बनेगा. उन्होंने कहा कि जब तक यह क्षेत्र हिंदुस्तान में शामिल नहीं हो जाता, तब तक कश्मीर में पूरी तरह से शांति स्थापित नहीं हो सकती. इसके अलावा, जयशंकर ने अमेरिका की नीतियों पर भी चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका बहुध्रुवीयता (Multipolarity) की ओर बढ़ रहा है, जो हिंदुस्तान के हित में है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं. हिंदुस्तान-पाकिस्तान के रिश्तों पर असर जयशंकर के बयान के बाद पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया से साफ है कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर तनाव बना रहेगा. हिंदुस्तान जहां पीओके को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है, वहीं पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय विवादित क्षेत्र बताकर दुनिया के सामने अपनी बात रखता है. हिंदुस्तान ने पहले भी साफ किया है कि कश्मीर पर कोई समझौता नहीं होगा और पीओके पर अधिकार पाना उसका संप्रभु अधिकार है. जयशंकर के इस बयान से यह संदेश भी जाता है कि हिंदुस्तान अपनी रणनीति पर अडिग है और भविष्य में पीओके को लेकर अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा. The post Pakistan: जयशंकर के POK बयान पर बौखलाया पाकिस्तान, कहा… appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका की ‘जीरो टैरिफ’ की मांग से Tesla को भारत में मिलेगा फायदा, क्या है ट्रंप की चाल?

America Demand Zero Tariff: हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 2 अप्रैल से अमेरिका रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करेगा. इसका मतलब है कि जो देश अमेरिकी उत्पादों पर जितना आयात शुल्क लगाते हैं, अमेरिका भी उन देशों पर समान टैरिफ लागू करेगा. अमेरिका की जीरो टैरिफ की मांग रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए कृषि उत्पादों को छोड़कर अन्य सभी सामानों पर जीरो टैरिफ लागू किया जाए. हालांकि, इस प्रस्ताव की अभी तक स्पष्ट रूपरेखा तय नहीं हुई है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर चर्चा लगातार जारी है. ट्रंप प्रशासन ने कई बार हिंदुस्तान के ऊंचे टैरिफ को लेकर नाराजगी जाहिर की है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भी उठा था, जब ट्रंप ने हिंदुस्तान द्वारा लगाए जाने वाले आयात शुल्क को अनुचित बताया था. हिंदुस्तान में ऑटोमोबाइल सेक्टर पर असर अमेरिका विशेष रूप से चाहता है कि हिंदुस्तान ऑटोमोबाइल पर लगाए जाने वाले भारी आयात शुल्क को कम करे. हिंदुस्तान में कारों पर 110% तक टैरिफ लगाया जाता है, जिससे विदेशी ऑटोमोबाइल कंपनियों को देश में अपने उत्पाद लॉन्च करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस मामले ने हाल ही में टेस्ला (Tesla) की हिंदुस्तान में एंट्री को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है. अगर हिंदुस्तान अपने ऑटोमोबाइल टैरिफ को पूरी तरह हटा देता है, तो टेस्ला जैसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक कारें सस्ते दामों पर उपलब्ध हो सकती हैं. उदाहरण के लिए, टेस्ला की सबसे सस्ती कार, जिसकी कीमत अमेरिका में 20,000 डॉलर (लगभग 16.5 लाख रुपये) है, हिंदुस्तान में टैरिफ की वजह से दोगुनी महंगी हो जाती है. यदि टैरिफ समाप्त हो जाता है, तो यही कार 20 लाख रुपये से कम में उपलब्ध हो सकती है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:राजा अजातशत्रु ने क्यों की थी पिता की हत्या? नगरवधू आम्रपाली का इससे क्या था कनेक्शन एलन मस्क और ट्रंप की करीबी अमेरिका के टैरिफ विवाद में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ट्रंप और मस्क के बीच अच्छे संबंध हैं और ऐसे में अमेरिका के टैरिफ सुधार के एजेंडे के पीछे टेस्ला का भी बड़ा हित जुड़ा हुआ माना जा रहा है. यही कारण है कि ट्रंप प्रशासन हिंदुस्तान में ऑटोमोबाइल पर टैरिफ हटाने को लेकर लगातार दबाव बना रही है. ट्रंप ने 4 मार्च को अमेरिकी कांग्रेस में कहा कि हिंदुस्तान का टैरिफ “बर्दाश्त से बाहर” हो गया है और इसके खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हिंदुस्तान प्रशासन पूरी तरह से टैरिफ हटाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन वह धीरे-धीरे शुल्कों में कटौती करने पर विचार कर रही है. क्या हिंदुस्तान पर असर पड़ेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस रेसिप्रोकल टैरिफ का हिंदुस्तान पर सीमित असर होगा, क्योंकि वैश्विक व्यापार में हिंदुस्तान की हिस्सेदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है. फिलहाल, अमेरिका हिंदुस्तान से जितना टैरिफ वसूलता है, हिंदुस्तान उससे 6.5% अधिक टैरिफ अमेरिकी उत्पादों पर लगाता है. यह अंतर मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, जूतों, कपड़ों, वाहनों और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं में देखा जाता है. ICICI सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऊंचे टैरिफ से सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिकी उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि अमेरिका हर साल 3.3 ट्रिलियन डॉलर का सामान आयात करता है. अगर अमेरिका अपने टैरिफ को 5% बढ़ा देता है, तो हिंदुस्तान के निर्यात पर 6-7 अरब डॉलर तक का असर पड़ सकता है. हालांकि, अगर अमेरिका अन्य देशों की तुलना में हिंदुस्तान पर कम टैरिफ लगाता है, तो हिंदुस्तानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सकती है और हिंदुस्तान को इसका फायदा भी हो सकता है. हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल उद्योग की चिंता हिंदुस्तान के ऑटो उद्योग के लिए टैरिफ में बदलाव एक गंभीर मुद्दा बन गया है. हिंदुस्तान में हर साल लगभग 40 लाख पैसेंजर गाड़ियां बिकती हैं. टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी देसी कंपनियां चाहती हैं कि टैरिफ को बनाए रखा जाए, क्योंकि इससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलता है. अगर प्रशासन टैरिफ पूरी तरह से हटा देती है, तो विदेशी कंपनियां सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियां हिंदुस्तानीय बाजार में बेच पाएंगी, जिससे हिंदुस्तानीय निर्माताओं को नुकसान हो सकता है. हाल ही में प्रशासन ने प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों से बातचीत की और इस पर सहमति बनी कि टैरिफ में धीरे-धीरे कमी लाई जाएगी, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा. हिंदुस्तान-अमेरिका व्यापार संबंध और भविष्य की संभावनाएं हिंदुस्तान और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. हाल ही में ट्रंप और मोदी के बीच हुई बैठक में टैरिफ विवाद को सुलझाने पर चर्चा हुई थी. फिलहाल, हिंदुस्तान के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका में अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं. इसमें 2025 तक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जा रही है. इस बीच, टेस्ला ने हिंदुस्तान में अपना पहला शोरूम साइन कर लिया है और विभिन्न शहरों में भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. प्रशासन ने कुछ लग्जरी गाड़ियों पर आयात शुल्क में कटौती करने का फैसला लिया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को राहत मिल सकती है. हालांकि, बड़े बदलावों में अभी कुछ समय लग सकता है. हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. ट्रंप प्रशासन हिंदुस्तान पर टैरिफ कम करने का दबाव बना रहा है, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर में. हिंदुस्तान अपने घरेलू उद्योग को बचाने के लिए पूरी तरह से टैरिफ हटाने को तैयार नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे शुल्क कम करने पर विचार कर रहा है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देश इस टैरिफ विवाद को किस तरह सुलझाते हैं और क्या हिंदुस्तान में टेस्ला जैसी विदेशी कंपनियों को व्यापार करने का रास्ता मिलेगा या नहीं. 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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: मंदार चंदवादकर कैसे बने आत्माराम भिड़े, इस शख्स ने सुझाया नाम

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता का उल्टा चश्मा बीते 17 सालों से दर्शकों को एंटरटेन करता आ रहा है. शो में जेठालाल से लेकर भिड़े, पोपटलाल, आय्यर की केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. लेटेस्ट एपिसोड सोनू और टप्पू की शादी के इर्द-गिर्द घूम रही है. दोनों का रिश्ता कहीं और फिक्स किया जा रहा है, लेकिन वह फिलहाल शादी नहीं करना चाहते हैं. अब भिड़े का रोल निभाने वाले मंदार चंदवादकर ने शो से जुड़े कई दिलचस्प किस्से शेयर किए. सीरियल में सोनू की कुछ यूं मदद करते हैं मंदार चंदवादकर मंदार चंदवादकर ने लेटेस्ट पॉडकास्ट में बताया कि जब खुशी माली शो में शामिल हुई, तो सोनालिका और मैंने सुनिश्चित किया कि हम उसके किरदार को निभाने में उसकी मदद करें. हम अक्सर उसे बताते हैं कि सीन्स में कैसे रियल रहना है और साथ मिलकर उसके किरदार को निखारने में उसकी मदद करते हैं. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Bollywood vs South Industry: क्या बॉलीवुड वालों का बोरिया–बिस्तर बांध देंगे साउथ वाले? किसने मंदार का नाम सीरियल में भिड़े सुझाया मंदार ने यह भी खुलासा किया कि सीरियल में भिड़े नाम किसने सुझाया था. उन्होंने कहा, ”सोनालिका ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के लिए मेरा नाम सुझाया था. जब एक्ट्रेस ने ऑडिशन दिया था, तब उन्हें कहा गया था कि वे उसके पति की भूमिका के लिए एक मराठी अभिनेता की तलाश कर रहे हैं. उसने 2-3 नाम सुझाए थे और उनमें से एक मैं भी था. मैं उन अभिनेताओं का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने भूमिका को अस्वीकार कर दिया और सौभाग्य से, मुझे यह भूमिका मिल गई. बाकी सब इतिहास है. फैंस से मिले प्यार को लेकर मंदार ने कही यह बात मंदार ने दर्शकों से मिल रहे प्यार पर भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा, ”हम अन्य स्टार्स की तरह नहीं हैं, लेकिन हमें बहुत प्यार मिलता है. मैं ऐसे फैंस से मिला हूं, जिन्होंने मुझसे पूछा है, ‘आप हमें कैसे नहीं जानते, हम तो आपको रोज देखते हैं.’ यह मासूम प्यार है और हम इसके लिए वास्तव में आभारी हैं.” The post Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: मंदार चंदवादकर कैसे बने आत्माराम भिड़े, इस शख्स ने सुझाया नाम appeared first on Naya Vichar.

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Bade Achhe Lagte Hain Phir Se: साक्षी तंवर-राम कपूर नहीं, टीवी के ये दो सबसे पॉपुलर जोड़ी होंगे शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं फिर से’ में

Bade Achhe Lagte Hain Phir Se: साल 2011 में साक्षी तंवर और राम कपूर सीरियल बड़े अच्छे लगते हैं शो में नजर आए थे. शो दर्शकों को काफी पसंद आया था और दर्शकों ने इसे काफी सराहा था. जिसके बाद साल 2021 में बड़े अच्छे लगते हैं 2 शो आया, जिसमें नकुल मेहता और दिशा परमार की जोड़ी ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. अब मेकर्स इसके तीसरे पार्ट की तैयारी कर रहे हैं. अब तीसरे सीजन में कौन होगा, इसकी जानकारी सामने आ गई है. कहा जा रहा है कि इसमें हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी होंगे. इसे लेकर क्या अपडेट आया है, आपको बताते हैं. बड़े अच्छे लगते हैं फिर से में नजर आएंगी ये पॉपुलर जोड़ी? मीडिया रिपोर्ट्स में पहले दावा किया गया था कि शिवांगी जोशी और हर्षद चोपड़ा बहारें नाम के शो में साथ में स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे. कहा जा रहा है कि इस शो का नाम बड़े अच्छे लगते हैं फिर से रखा गया है. गॉसिप्स टीवी के मुताबिक, शिवांगी और हर्षद को शो के लिए कास्ट किया गया है. प्रोमो जल्द ही शूट होगा और ये आईपीएल के बाद प्रीमियर होगा. हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ का तीसरा पार्ट है या नहीं. मेकर्स ने कुछ नहीं कहा है और ना ही शिवांगी और हर्षद ने इसपर रिएक्ट किया है. फिलहाल जो भी है, दर्शकों को फाइनल अनाउसमेंट का इंतजार है. EXCLUSIVE : #HarshadChopda and #ShivangiJoshi starrer next titled as “Bade Acche Lagte Hain Phir Se”; Promo Shoot soon! Set to premiere post IPL!! @GossipsTv #BadeAccheLagteHain pic.twitter.com/MvjUYPXXPo — GossipsTv(GTv) (@GossipsTv) March 6, 2025 नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन क्या झनक में दिखेंगी शिवांगी जोशी? वहीं, सोशल मीडिया पर ऐसी भी चर्चा है कि ये रिश्ता क्या कहलाता है फेम शिवांगी जोशी एक्टर मोहसिन खान के साथ शो झनक में दिखेंगी. इसपर भी मेकर्स की ओर से कुछ नहीं कहा गया है. शिवांगी दोनों शोज में से किस शो का हिस्सा है, इसपर सस्पेंस बना हुआ है. इस बीच अगर एक्ट्रेस की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वह कुशाल टंडन को डेट कर रही हैं. The post Bade Achhe Lagte Hain Phir Se: साक्षी तंवर-राम कपूर नहीं, टीवी के ये दो सबसे पॉपुलर जोड़ी होंगे शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं फिर से’ में appeared first on Naya Vichar.

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Gautam Adani: अब अचार और सॉस बेचेंगे  गौतम अदाणी, जानिए पूरी बात 

Gautam Adani: हिंदुस्तान की अग्रणी FMCG कंपनियों में से एक अदाणी विल्मर लिमिटेड (Adani Wilmar Limited) ने दिल्ली की आचार और सॉस बनाने वाली कंपनी G.D. Foods Manufacturing (India) Pvt. Ltd. को खरीदने का सौदा किया है. जीडी फूड्स ‘टॉप्स’ ब्रांड के तहत टोमैटो केचप, अचार और चटनी जैसे उत्पाद बनाती है और इस क्षेत्र में देश के शीर्ष तीन ब्रांडों में शामिल है. सौदे की पूरी डील इस अधिग्रहण की कुल कीमत 603 करोड़ रुपये तय की गई है और इसे कई चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में अदाणी विल्मर 80% हिस्सेदारी खरीदेगी. अगले तीन वर्षों में शेष 20% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया जाएगा. पहले चरण में कंपनी लगभग 483 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी. यह सौदा पूरी तरह नकद भुगतान के रूप में होगा और इसके लिए अदाणी विल्मर अपने आंतरिक संसाधनों और IPO से प्राप्त फंड का उपयोग करेगी. G.D. Foods और ‘Tops’ ब्रांड का मार्केट में दबदबा G.D. Foods, जो Tops ब्रांड के नाम से मशहूर है, हिंदुस्तानीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ रखती है. यह कंपनी टोमैटो केचप, अचार, सॉस और चटनी बनाने के लिए जानी जाती है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में कंपनी ने 386 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की थी. इसका EBITDA (आय से पहले का मुनाफा) 32 करोड़ रुपये था. इस अधिग्रहण के बाद अदाणी विल्मर की FMCG सेगमेंट में पकड़ और मजबूत होगी. अदाणी विल्मर की रणनीति, क्यों किया गया यह अधिग्रहण? अदाणी विल्मर पहले से ही तेल, आटा, चावल, बेसन और सत्तू जैसे कई उत्पाद बेचती है. अब यह कंपनी वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रही है, जिससे उसका मुनाफा बढ़ेगा.अदाणी विल्मर के एमडी और सीईओ अंग्शु मल्लिक ने कहा कि “बदलते बाजार में भरोसेमंद राष्ट्रीय FMCG ब्रांड्स की जरूरत बढ़ रही है. इस सौदे से हमें आठ नई प्रोडक्ट कैटेगरी में विस्तार करने का मौका मिलेगा.” अदाणी विल्मर का FMCG सेक्टर में विस्तार खाद्य तेलों के अलावा कंपनी अन्य फूड प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है. FMCG सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, और अदाणी विल्मर अपना पोर्टफोलियो मजबूत कर रही है. G.D. Foods का अधिग्रहण, अदाणी विल्मर को प्रोसेस्ड फूड मार्केट में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. इस अधिग्रहण के बाद अदाणी विल्मर का लक्ष्य अपने उत्पादों की विविधता बढ़ाकर हिंदुस्तानीय उपभोक्ता बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना है. इससे कंपनी को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी में भी फायदा होगा. Also Read: कितनी संपत्ति के मालिक हैं कवि कुमार विश्वास, कवि सम्मेलन के लिए कितनी फीस लेते हैं? पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: क्या पुतिन से नजदीकियों की वजह से ट्रंप ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर निकाला? पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: कुत्ते संग कराई 11 माह की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा The post Gautam Adani: अब अचार और सॉस बेचेंगे  गौतम अदाणी, जानिए पूरी बात  appeared first on Naya Vichar.

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