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March 7, 2025

समस्तीपुर

समस्तीपुर अनुमंडल पदाधिकारी पर्व को लेकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने को को एवं थाना अध्यक्ष को दिया निर्देश

नया विचार समस्तीपुर। अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अध्यक्षता में विधि व्यवस्था से संबंधित बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे अनुमंल क्षेत्राअंर्गत अचंल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष बैठक मे उपस्थित थें इस बैठक में विधि व्यवस्था से संबंधित कई विन्दुओं पर चर्चा कि गयी, जिसमे आगामी पर्व त्योहार को देखते हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो शांती पूर्वक त्योहार को मनाया जा सके इन सभी बातो को ध्यान में रखते हुऐ अनुमंल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कड़ी शव्दो में नियंत्रित पदाधिकारी को निर्देश दिये।

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Rain Alert: 48 घंटे में शुरू होगा भारी बारिश और आंधी का दौर, 13 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ का रहेगा असर, IMD ने दी चेतावनी

Rain Alert: देश के कई हिस्सों में एक बार फिर आंधी और बारिश का दौर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. आईएमडी का अनुमान है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने वाला है. इसके कारण पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानों तक मौसम में बदलाव आएगा. IMD वैज्ञानिक सोमा सेन ने बताया “9 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है जो पहाड़ी राज्यों को ज्यादा प्रभावित करेगा और 9 से 13 मार्च तक हल्की आंधी और बारिश की संभावना है. इसके साथ ही, दक्षिण हिंदुस्तान में पूर्वी लहर के मजबूत होने के कारण, हमें 11 तारीख के आसपास भारी बारिश की उम्मीद है, खासकर तमिलनाडु में. उत्तरी प्रायद्वीपीय हिंदुस्तान में तापमान में काफी वृद्धि हुई है, कोंकण गोवा में गर्म और आर्द्र स्थिति बनी रहेगी और 2-3 दिनों तक हीटवेव जारी रहने की संभावना है.” #WATCH | दिल्ली: IMD वैज्ञानिक सोमा सेन ने कहा, “9 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है जो अधिकांश पहाड़ी राज्यों को प्रभावित करेगा और 9 से 13 मार्च तक हल्की आंधी और बारिश की संभावना है। इसके साथ ही, दक्षिण हिंदुस्तान में पूर्वी लहर के मजबूत होने के कारण, हमें 11 तारीख के आसपास भारी… pic.twitter.com/FNkvSRghyP — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 7, 2025 पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी के आसार मौसम विभाग ने बताया कि आगामी दो दिनों में खासकर पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलेगा. पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश के साथ बर्फबारी के आसार है. आईएमडी के मुताबिक 9 मार्च से लेकर 11 मार्च तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर नजर आएगा. मौसम विभाग के मुताबिक.. जम्मू क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 9 से 13 मार्च के दौरान हल्की से लेकर तेज बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है.12 और 13 मार्च को पंजाब और आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है. उत्तर पश्चिम और मध्य हिंदुस्तान में अगले 3 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की इजाफा हो सकता है. आईएमडी के मुताबिक मौसम में कोई बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है. पूर्वी और पश्चिमी भाग में अगले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री का इजाफा हो सकता है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया कैसा रहेगा मौसमी सिस्टम स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 किमी ऊंचाई तक एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 9 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दस्तक दे सकता है. मौसमी हलचल के कारण बीते 24 घंटे में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई. असम और सिक्किम में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई. देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा. मध्य प्रदेश में फिर लौटी सर्दी बीते दिनों से जारी तेज हवाओं के कारण देश के कई राज्यों में सर्दी वापस लौट आई है. मध्य प्रदेश के कई इलाकों में जोरदार ठंड पड़ने लगी है. मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश में कम से कम एक दर्जन स्थानों पर शुक्रवार की सुबह पारा करीब 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया. इसके कारण ठंड बढ़ गई और लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े. हिंदुस्तानीय मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल ऑफिस के मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि नर्मदापुरम जिले में पचमढ़ी और छतरपुर जिले के नौगांव में न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उन्होंने कहा कि पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के कारण आ रही सर्द हवाओं के कारण ठंड में इजाफा हो गया है. दिल्ली यूपी और राजस्थान में शुष्क रहेगा मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली, यूपी और राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सुबह धूप खिली रही और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 3.8 डिग्री कम है. हालांकि आईएमडी का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में गर्मी में इजाफा होगा. मौसम विभाग के मुताबिक यूपी का भी यही हाल है. जबकि, राजस्थान में आगामी सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रह रह सकता है. विभाग के मुताबिक राज्य के अधिकांश भागों में आगामी सप्ताह के दौरान मौसम के शुष्क रहने की संभावना है. अगले 24 घंटों में कैसा रहेगा मौसम स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. जबकि सिक्किम, असम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा केरल में हल्की बारिश की संभावना है. गंगा के मैदानी इलाकों में हवाओं की गति हल्की से मध्यम रहेगी. नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी शुरू हो सकती है. The post Rain Alert: 48 घंटे में शुरू होगा भारी बारिश और आंधी का दौर, 13 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ का रहेगा असर, IMD ने दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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कहां छुपा है भारत की समृद्धि का राज? जानना है तो पढ़ें और देखें हरिवंश का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

Naya Vichar Exclusive Interview Part-1: ‘हमारी दुनिया से बड़ी-बड़ी सभ्यताएं खत्म हो गईं. यूनान खत्म हो गए, मिस्र खत्म हो गया, सब खत्म हो गए. कुछ बात तो है कि जो हिंदुस्तान बचा हुआ है.’ जी हां, ये बात हम नहीं, बल्कि राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने कही है. सदियों से हिंदुस्तान और इसकी संस्कृति समृद्ध रही है. इसकी समृद्धि से ललचाकर विदेशी आक्रांताओं ने हमलों पर हमले किये, लूटपाट मचाई, नरसंहार किया और माल-आसबाब लूटकर वापस चले गए. कुछ विदेशी आक्रांता आए और यहीं के होकर रह गए. अंग्रेजों ने न केवल यहां की समृद्धि को लूटा, बल्कि दो सौ साल तक हिंदुस्तान को गुलाम बनाए रखा. विदेशी आक्रांताओं ने चाहे लाख हमले किए, फिर भी हिंदुस्तान की समृद्धि और इसकी हस्ती को मिटा न सके. हिंदुस्तानीय सभ्यता के बाद पनपी दुनिया की कई सभ्यताएं खत्म हो गईं, लेकिन हिंदुस्तान आज भी हिमालय की तरह अडिग-अविचल खड़ा और डटा है. दुनिया भर के शासकों, विचारकों, शोधकर्ताओं और इतिहासकारों ने हिंदुस्तान की इसी समृद्धि के राज को जानने की कोशिश की और अनेक शोध किए. फिर भी, उसकी तह तक नहीं पहुंच पाए. हिंदुस्तान की इसी समृद्धि का राज जानने के लिए नया विचार डॉट कॉम के संपादक श्री जनार्दन पांडेय ने राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश से खास बातचीत की, जिसे हम आपको कुछ कड़ियों में पढ़ाने जा रहे हैं. आपकी सुविधा के लिए इंटरव्यू का वीडियो भी पेश किया जा रहा है. आपके सामने पेश है इस इंटरव्यू का पार्ट-1. जनार्दन पांडेय: हिंदुस्तान में एक विलक्षण जगह है बलिया. उत्तर प्रदेश और बिहार के बॉर्डर पर स्थित है. जब अंग्रेजी हुकूमत से हम सब आक्रांत थे, तब उस बलिया से मंगल पांडेय निकल कर के आते हैं और आवाज उठाते हैं. उसी बलिया से चित्तू पांडेय अंग्रेजों के खिलाफ जमकर खड़े रहते हैं, डट कर के खड़े रहते हैं. जब बात आजाद हिंदुस्तान में इमरजेंसी की आती है, तो उसी बलिया से निकलने वाले जेपी हिंदुस्तान को संपूर्ण क्रांति का नारा देते हैं और एक नया कालखंड शुरू करते हैं. हिंदुस्तान की नेतृत्व में एक नया अध्याय शुरू होता है बिफोर जेपी और आफ्टर जेपी करके आप उसे नाप सकते हैं. और उसी बलिया से एक ऐसे शख्सियत से आज हम रूबरू हो रहे हैं, जिनके बारे में अगर आप किसी से कुछ पूछेंगे ना कि आप उनको जानते हैं, तो इतने किस्से सुनाएंगे कि आपको कई दिन लग जाएंगे उस पूरे किस्से को सुनते सुनते. अगर आप उनके लिखे हुए को पढ़ना शुरू करेंगे, तो कई महीने लगेंगे उस पूरे, जो उनका लिखा हुआ साहित्य है… जो लिखा हुआ उनका पत्रकारी विमर्श है, उसको पढ़ते-पढ़ते कई वक्त लगेंगे आपको…. और कहीं अगर आपको उनसे मिलकर के बातचीत करने का अवसर मिल जाए, तब तो आप चाहेंगे कि बातचीत का सिलसिला खत्म ही ना हो. तो ऐसे ही एक शख्सियत हमारे साथ आज इस खास कार्यक्रम में मौजूद हैं. आपका स्वागत करता हूं राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह जी. बहुत स्वागत है सर. हरिवंश: बहुत-बहुत धन्यवाद तुम्हें और तुम्हारी टीम का. जनार्दन पांडेय: सर मैं जब आ रहा था ना, तो बड़ा संकट में मैं था कि मैं कहां से शुरू करूं. मैं उस गांव से शुरू करूं जो एक साल में छह महीने जलमग्न रहता है, जिसमें आम जरूरतों के लिए पानी में उतर कर के कहीं जाना पड़ता है या फिर उस जीवट से जो उस गांव से लेकर के बीएचयू ले जाती है, फिर मुंबई ले जाती है, फिर कोलकाता ले जाती है, हैदराबाद ले जाती है, दिल्ली ले जाती है और फिर उन सभी चकाचौंध को समेट हुए वहां से निकल कर एक संघर्षशील जगह रांची जैसे शहर में ले आती है… या फिर आपके उस पत्रिय संघर्ष के बारे में बात करूं, जो एक अखबार को 400 कॉपी से हिंदुस्तान के सबसे प्रमुख अखबारों की श्रेणी में ले आता है या फिर मैं प्रधानमंत्री के 9 अगस्त के उस व्याख्यान से शुरू करूं, जिसमें वो कहते हैं कि मतलब आप कलम के वह सिपाही हैं, जिनसे बाकी लोगों को सुनना चाहिए. बड़ा जद्दोजहद था मेरे मन में, फिर मैंने कहा कि मैं शुरुआत करूंगा आपकी उन 10 किताबों की पुस्तक शृंखला से… किताब की सीरीज से… जो आपने हाल ही में रिलीज की है. समय के सवाल तो उस तरफ मैं आगे बढूंगा, लेकिन उससे पहले मेरा पहला सवाल है कि आपको लोग एक कुशल प्रबंधक, प्रखर पत्रकार और एक गंभीर चिंतक के रूप में जानते हैं, लेकिन आप एक बेटे, भाई, पति और एक पिता और अब एक दादाजी कैसे हैं? हरिवंश: जनार्दन, व्यक्ति कुछ नहीं होता. आइंस्टीन ने अपने रोजमर्रा के जीवन के संदर्भ में एक बड़ी महत्त्वपूर्ण बात कही थी. अभी हाल के दिनों में पीएन हकसर का सरोजिनी नायडू पर दिया गया मेमोरियल लेक्चर पढ़ रहा था. आप जानते हो, पीएन हकसर हम से असहमत हैं. अलग बात है कि इंदिरा जी के जमाने में उनके प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे हकसर जी और इस देश के नीति नियंताओं में अपने समय के सबसे बड़े लोगों में शुमार होते थे. सरोजनी नायडू जी की स्मृति के दौरान उन्होंने कहा कि आइंस्टीन ने कहा है कि जो हम रोज जीते हैं और जिन लोगों से मिलते हैं, जिनमें आपसे मिलना भी है, आपकी टीम से भी मिलना है. हकसर जी को हम हमेशा याद रखते हैं कि ये हमारे पहले के और हमारे साथ के उन हजारों हजार लोगों के साथ, जिनके साथ मैंने यात्रा की है. उनके कारण मुमकिन हो पाया, जिस चीज का अभी आपने उल्लेख किया. ये उनके कारण मुमकिन हुआ कि आज मैं यहां आपके सामने हूं. मेरी जिन चीजों से पहचान आज मुझे दुनिया देती है कि आप एक पत्रकार हैं या आप वो हैं. यह एक समय का आवरण है, पर यह सारी चीजें मुमकिन हुई है आप जैसे जो हजारों लोग साथ यात्रा करते रहे हैं, उनके सहयोग… उनके हमारे पहले जो हुए… उनके की हुई चीजें… संविधान निर्माताओं ने संविधान दिया, जिसके माध्यम से आज मैं उस जगह में पहुंचा. हमारे समय के जो बड़े प्रखर लोग अपने अपने क्षेत्रों में रहे, उनके सौजन्य से मुझे अलग-अलग जगहों पर मौके

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बिहार में बन रहा बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय है बेहद खूबसूरत, लगाए गए हैं 38500 राजस्थानी गुलाबी पत्थर

Bihar Tourism: बिहार के वैशाली में बन रहे बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मारक स्तूप का निर्माण लगभग पूरा हो गया है. 550.48 करोड़ रुपये की लागत से 72.94 एकड़ में बन रहा यह स्तूप न केवल धार्मिक स्थल है बल्कि यह कला और सौंदर्य का भी बेहतरीन संगम है. इस संग्रहालय की खूबसूरती देखने लायक है. यह पूरा परिसर हरियाली और शांति से भरपूर है. जो इसके बन जाने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देगा. लगाए गए हैं राजस्थान से लाए गए 38500 गुलाबी पत्थर इस स्तूप को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए राजस्थान से गुलाबी पत्थर मंगवाए गए हैं. इसमें 38500 पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. यह संरचना पूरी तरह से पत्थरों से बनी है और पत्थरों को जोड़ने के लिए सीमेंट या किसी चिपकने वाली चीज या अन्य चीजों का इस्तेमाल नहीं किया गया है. आने वाले समय में इस स्तूप का आर्किटेक्चर अपनी एक अलग पहचान बनाएगा. यहां आने वाले पर्यटक भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन और स्मृति चिन्हों का अनूठा चित्रण देख सकेंगे. स्तूप का निरीक्षण करने आईएएस कुमार रवि 33 मीटर ऊंचा है स्तूप परिसर में करीब 4300 वर्ग मीटर जमीन पर स्तूप का निर्माण किया गया है. स्तूप की कुल ऊंचाई 33 मीटर है. स्तूप के अंदर करीब 2000 श्रद्धालुओं के बैठने और ध्यान लगाने के लिए एक विशाल हॉल बनाया गया है. भगवान बुद्ध से जुड़ी यादों को संजोने के लिए संग्रहालय में भगवान बुद्ध से जुड़ी प्रदर्शनी और कलाकृतियां भी लगाई गई हैं. पर्यावरण का भी रखा गया है विशेष ध्यान स्तूप परिसर में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है. परिसर को खूबसूरत दिखाने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ लगाकर हरियाली विकसित की गई है. कुल हरियाली क्षेत्र करीब 271689 वर्ग मीटर है. सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति के लिए सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं. इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए गए हैं. परिसर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए तालाब का निर्माण भी कराया जा रहा है. इसके अलावा स्तूप परिसर में कई जगहों पर छोटे-छोटे काम कराए जा रहे हैं, ताकि परिसर और भी खूबसूरत और आकर्षक दिख सके. यह भी पढ़ें: Bihar Rain Alert: बिहार के इन 6 जिलों में 48 घंटे के दौरान होगी बारिश, जारी किया गया अलर्ट स्तूप में रखा जाएगा भगवान बुद्ध का अस्थि कलश वैशाली में भगवान बुद्ध का अस्थि कलश मिला है, जिसे बुद्ध स्मृति स्तूप में स्थापित किया जाएगा. संग्रहालय में महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी घटनाओं और बौद्ध धर्म से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है. इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद बौद्ध धर्मावलंबियों के साथ-साथ देश-विदेश से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आएंगे. यह बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा. इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. यह भी पढ़ें: बिहार के गांव-गांव तक बनेंगी बेहतरीन सड़कें, प्रशासन ने बनाई 17,266 करोड़ रुपये की योजना The post बिहार में बन रहा बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय है बेहद खूबसूरत, लगाए गए हैं 38500 राजस्थानी गुलाबी पत्थर appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

जिलाधिकारी ने किया जनता दरबार का आयोजन

नया विचार समस्तीपुर। जिलाधिकारी समस्तीपुर रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय सभागार समस्तीपुर में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिलाधिकारी समस्तीपुर द्वारा राजस्व विभाग, आपूर्ति विभाग ,परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई की । उपस्थित संबंधित विभागों के पदाधिकारीगण को परिवादों के त्वरित निष्पादन करते हुए कृत कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया गया। जनता दरबार में जिलाधिकारी समस्तीपुर के साथ अपर समाहर्ता समस्तीपुर अजय कुमार तिवारी , अपर समाहर्ता जिला लोक शिकायत निवारण शशिकांत पासवान , जिला आपूर्ति पदाधिकारी महमूद आलम सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

समस्तीपुर

समस्तीपुर जिला अधिकारी ने किया बिहार दिवस को लेकर बैठक 

नया विचार समस्तीपुर। जिलाधिकारी समस्तीपुर रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आगामी बिहार दिवस 22 मार्च 2025 को मनाने संबंधित बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार समस्तीपुर में शुक्रवार को किया गया। बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा गत वर्ष की बैठक की कार्रवाई का अवलोकन किया गया । जिलाधिकारी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूप-रेखा अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा स्पोर्ट्स संबंधित आयोजन तथा विभिन्न विद्यालयों में प्रतियोगिता इत्यादि का आयोजन हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं स्पोर्ट्स पदाधिकारी को निर्देश दिया गया ।साथ ही प्रभात फेरी पूर्व के वर्षों की भांति कराने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया। पूरे नगर की साफ सफाई हेतु नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी समस्तीपुर द्वारा पूर्व के वर्षों में पटेल मैदान में उद्घाटन समारोह 11:00 पूर्वाह्न के समय मे बदलाव करते हुए अपराह्न 4:30 बजे उद्घाटन कार्यक्रम के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम करने हेतु निर्देशित किया गया ।बैठक में अपर समाहर्ता समस्तीपुर अजय कुमार तिवारी , नगर आयुक्त समस्तीपुर के डी प्रोज्ज्वल, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी ,जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी , नजारत उप समाहर्ता सहित विभिन्न पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

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बिहार के गांव-गांव तक बनेंगी बेहतरीन सड़कें, सरकार ने बनाई 17,266 करोड़ रुपये की योजना

Bihar Roads: बिहार के ग्रामीण इलाकों की सड़कों को 7 साल तक दुरुस्त रखने के लिए नीतीश प्रशासन ने खास योजना बनाई है. कैबिनेट स्तर से इसकी मंजूरी मिलने के बाद 11,251 सड़कों के रखरखाव के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है. इसकी कुल लंबाई 19,867 किलोमीटर होगी. इस परियोजना पर कुल 17,266 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के महज 5 दिन बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है. गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी राज्य प्रशासन की योजना ग्रामीण सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और राज्य राजमार्गों की तरह अच्छी स्थिति में रखने की है. योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 650 पैकेज तैयार किए गए हैं, जिनमें 10 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक की श्रेणियों में ठेके दिए जाएंगे. किसी भी पैकेज की अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये तय की गई है. इतना ही नहीं, ठेकेदारों को सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है. अगर किसी सड़क की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो ठेकेदारों का मासिक भुगतान कम कर दिया जाएगा. गुणवत्ता पर विशेष जोर मुख्य सचिव अमृत लाल मीना के स्तर पर इस योजना की लगातार समीक्षा की जा रही है, जिसमें सड़कों की गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है. प्रशासन का लक्ष्य अप्रैल 2025 की शुरुआत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लेना है. कोशिश है कि 15 जून तक सभी सड़कों की शुरुआती मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए. इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सड़कों की सतह को मजबूत करने का काम किया जाएगा. ऐप के माध्यम से खराब सड़कों की कर सकते हैं शिकायत इस परियोजना में प्रशासन आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. सभी सड़कें जियो-टैग्ड होंगी. इससे उनकी स्थिति पर ऑनलाइन निगरानी संभव होगी. अगर किसी सड़क पर गड्ढे हो गए हैं या मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, तो स्थानीय लोग “हमारा बिहार हमारी सड़क” मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत भी कर सकते हैं. गांवों के अंदर की सड़कें भी बनेंगी बेहतर गांवों के भीतर कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त सुलभ संपर्क योजना और टोला संपर्क योजना के तहत सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा. यह योजना ग्रामीण वित्तीय स्थिति को नई गति देगी और राज्य के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने में मदद करेगी. यह भी पढ़ें: नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने पर युवक के खिलाफ मामला दर्ज रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन में आसानी होगी, जिससे किसानों को अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे. राज्य प्रशासन की इस पहल से न केवल परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि ग्रामीण विकास को भी बल मिलेगा. पढ़िए नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: राजा अजातशत्रु ने क्यों की थी पिता की हत्या? नगरवधू आम्रपाली का इससे क्या था कनेक्शन पर्यावरण का भी रखा जाएगा ख्याल सड़कों के निर्माण और रखरखाव के दौरान पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा. निर्माण में बेकार या कूड़े वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे प्लास्टिक कचरे का दोबारा इस्तेमाल हो सकेगा और सड़कों की मजबूती भी बढ़ेगी. यह भी पढ़ें: Bihar Budget: पटना समेत बिहार के 6 शहरों में बनेंगे रिंग रोड, 5000 KM सड़क का हो रहा चौड़ीकरण The post बिहार के गांव-गांव तक बनेंगी बेहतरीन सड़कें, प्रशासन ने बनाई 17,266 करोड़ रुपये की योजना appeared first on Naya Vichar.

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Baby Diapers: बच्चों को डायपर पहनाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान,नहीं तो हो सकती है परेशानी

Baby Diapers : बच्चों की त्वचा बहुत कोमल और संवेदनशील होती है इसलिए डायपर पहनाने के दौरान थोड़ा सा भी लापरवाही से काम लेना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. यदि डायपर पहनाते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान न रखा जाए तो बच्चों को रैशेज, संक्रमण और अन्य समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए यह जरूरी है कि डायपर पहनाने से पहले और बाद में सही तरीके का पालन किया जाए. वजन और उम्र के हिसाब से डायपर चुनें: डायपर का आकार शिशु के वजन और उम्र के हिसाब से होना चाहिए. छोटा डायपर तंग हो सकता है और त्वचा पर निशान छोड़ सकता है जबकि बड़ा डायपर लीक कर सकता है. सही फिटिंग वाला डायपर शिशु को आरामदायक बनाए रखता है और उसे पूरे दिन सूखा रखता है. हर 2-3 घंटे में डायपर बदलें: शिशु का डायपर हर 2-3 घंटे में बदलना जरूरी है चाहे वह ज्यादा गीला न लगे. अगर शिशु ने पॉटी की हो तो तुरंत डायपर बदलें ताकि संक्रमण और रैशेज से बचा जा सके. रात में सोने से पहले ताजा डायपर पहनाना खासतौर पर जरूरी है. साफ-सफाई का ध्यान रखें: डायपर बदलने के बाद शिशु की त्वचा को गीले टिशू या साफ गीले कपड़े से हल्के हाथों से पोंछें. खुशबूदार और अल्कोहल युक्त वाइप्स से बचें क्योंकि इनमें केमिकल्स होते हैं जो जलन पैदा कर सकते हैं. फिर त्वचा को सूखने दें या हल्के कॉटन कपड़े से थपथपा कर सुखाएं. त्वचा की देखभाल: डायपर बदलने के बाद शिशु के नाजुक हिस्से पर नारियल तेल, वैसलीन या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई डायपर रैश क्रीम लगाएं. इससे त्वचा पर सुरक्षात्मक परत बनती है जो नमी को लॉक करती है और जलन और संक्रमण से बचाती है. डायपर फ्री टाइम: शिशु को दिन में कम से कम 2 से 3 घंटे बिना डायपर के रखें. यह उसकी त्वचा को खुली हवा में सांस लेने का मौका देता है और रैशेज की समस्या को कम करता है.खासकर गर्मी के मौसम में डायपर फ्री टाइम देना बहुत जरूरी है. सस्ते डायपर से बचें: सस्ते या घटिया क्वालिटी के डायपर से बचे क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री शिशु की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है. हमेशा उच्च गुणवत्ता वाले डायपर चुनें जो त्वचा के लिए सुरक्षित और ज्यादा एब्जॉर्बेंट हों, ताकि बच्चा रातभर सूखा और आरामदायक महसूस करे. Also Read : Baby Silver Bracelet: मुंह दिखाई पर नन्हे मेहमान को दें चांदी का कड़ा,यहां देखें लेटेस्ट डिजाइन The post Baby Diapers: बच्चों को डायपर पहनाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान,नहीं तो हो सकती है परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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Delhi: मोहल्ला क्लीनिक को लेकर आप और भाजपा सरकार में बढ़ी तकरार

Delhi: दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर आयी कैग रिपोर्ट के बाद से नेतृत्व तेज हो गयी है. कैग रिपोर्ट में मोहल्ला क्लीनिक में बुनियादी सुविधा, दवा और कई तरह की कमियों की बात सामने आयी है. दिल्ली में लगभग 250 मोहल्ला क्लीनिक किराए पर चल रहे हैं. दिल्ली की भाजपा प्रशासन ने किराए पर चल रहे 250 मोहल्ला क्लीनिक को बंद करने का फैसला लिया है. यही नहीं जांच में पता चला है कि कई मोहल्ला क्लीनिक कागजों पर चल रहे हैं और इसके लिए हर क्लीनिक को 20-25 हजार रुपये महीने किराए का भुगतान किया जा रहा है. यही नहीं बिजली बिल का भुगतान भी अलग से किया जा रहा है. मामला सामने आने के बाद भाजपा प्रशासन ने ऐसे मोहल्ला क्लीनिक को बंद करने का निर्णय लिया है. भाजपा प्रशासन के मोहल्ला क्लीनिक बंद करने के फैसले की आम आदमी पार्टी ने आलोचना की है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली प्रशासन के मोहल्ला क्लीनिक बंद करने के फैसले से दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा प्रशासन को बुनियादी स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए मोहल्ला क्लीनिक की संख्या को बढ़ाना चाहिए.  मोहल्ला क्लीनिक बंद करने की साजिश कर रही भाजपा क्या दिल्ली के सारे मोहल्ला क्लीनिक बंद कर देगी नई प्रशासन?दिल्ली की पूर्ववर्ती ‘आप’ प्रशासन ने राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों को सस्ती प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए अक्टूबर 2015 में मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत की थी। ‘आप’ नेता ने इस बात पर जोर दिया कि मोहल्ला क्लीनिक में बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें डॉक्टर से परामर्श और 365 तरह के मुफ्त नैदानिक परीक्षण शामिल हैं।पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक का मकसद आम लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल जाने से रोकना था. आप प्रशासन की कोशिश थी कि आम लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा के लिए घर के पास ही चिकित्सा सुविधा मिल सके. दिल्ली में मौजूदा समय में मोहल्ला क्लीनिक की संख्या 550 है और इन्हें बंद करना एक प्रशासन के लिए सही नहीं होगा. बंद करने की बजाय दिल्ली प्रशासन को मोहल्ला क्लीनिक का विस्तार करना चाहिए. जैन ने कहा कि इसे बंद करने से दिल्ली के आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को नुकसान होगा. औसतन 7500 मरीज रोजाना इलाज के लिए मोहल्ला क्लीनिक जाते हैं और इसे बंद करने से शहर की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा. मौजूदा प्रशासन इसे बंद करने के लिए बहाने बना रही है. गौरतलब है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने गुरुवार को 250 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने की बात कही थी. The post Delhi: मोहल्ला क्लीनिक को लेकर आप और भाजपा प्रशासन में बढ़ी तकरार appeared first on Naya Vichar.

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‘रोहित शर्मा OUT’… Champion Trophy फाइनल से पहले टेंशन में टीम इंडिया

Rohit Sharma Record In ICC: हिंदुस्तानीय कप्तान रोहित शर्मा आउट हो गए हैं… कोई भी आईसीसी ईवेंट के फाइनल में यह बातें सुनने को मिलती होंगी. रविवार को हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला स्पोर्ट्सा जाएगा. हर हिंदुस्तानीय फैन चाहता है कि रोहित शर्मा के विकेट की समाचार नहीं सुनने को मिले लेकिन कप्तान का रिकॉर्ड इसी ओर इशारा कर रहा है. ICC टूर्नामेंट में रहा है खराब रिकॉर्ड हिंदुस्तानीय टीम को अगर फाइनल मुकाबला जीतना है तो बड़े खिलाड़ियों को अच्छा प्रर्दशन करना होगा. इस महामुकाबले में सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रर्दशन करना होगा. ICC टूर्नामेंट के फाइनल में रोहित शर्मा का प्रर्दशन खराब रहा है. उम्मीद है कि इस रोहित शर्मा अपने प्रर्दशन को बेहतर कर पाएंगे. अभी तक नही चला है बल्ला रोहित शर्मा का चैंपियन ट्रॅाफी में इस बार प्रर्दशन कोई खास नही रहा है. पहले मुकाबले में रोहित शर्मा ने तेजी से 41 रन बनाए. इस मुकाबले के बाद कप्तान का बल्ला नही चला है. पूरे टुर्नामेंट में अब तक 104 रन बनाए हैं. हिंदुस्तानीय गेंदबाजी का ‘तुरुप का इक्का’ कौन हिंदुस्तान की गेंदबाजी हमेशा से उसकी ताकत रही है. मुहहमद शामी, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसे सितारे जबरदस्त फॉर्म में हैं. खासतौर पर वरुण चक्रवर्ती, जो बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं, न्यूजीलैंड की मजबूत बैटिंग लाइनअप को तहस-नहस करने का दम रखते हैं.  12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का मौका हिंदुस्तान ने 2013 में आखिरी बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. इसके बाद 2017 में जब टीम इंडिया फाइनल में पहुंची, तो पाकिस्तान से हार मिली. लेकिन इस बार रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया एक और ट्रॉफी जीतकर इतिहास दोहराना चाहेगी. The post ‘रोहित शर्मा OUT’… Champion Trophy फाइनल से पहले टेंशन में टीम इंडिया appeared first on Naya Vichar.

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