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March 13, 2025

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सिर्फ 36 बिहारी मजदूर और गांव नहीं, बसा दिया पूरा देश

Mauritius: अफ्रीका महाद्वीप का एक पिद्दी-सा द्वीपीय देश मॉरीशस हिंदुस्तान के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक तौर पर हिंदुस्तान से उसका सीधा संबंध है. हिंदुस्तान को दुनिया भर से एक साल में जितना प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हासिल होता है, उसमें मॉरीशस योगदान 25% है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज से करीब 191 साल पहले वर्ष 1834 में सिर्फ 36 बिहारी मजदूरों का एक समूह मॉरीशस गया था. वहां जाकर इस समूह ने गांव नहीं बसाया, बल्कि पूरा देश बसा दिया. 191 साल पहले मॉरीशस गए थे 36 बिहारी मजदूर द इंडियन डायसपोरा इन मॉरीशस-इनसाइक्लोपिडिया ब्रिटानिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 191 साल पहले, 1834 में, हिंदुस्तान से 36 मजदूरों का एक समूह मॉरीशस (Mauritius) पहुंचा था. यह मजदूर मूल रूप से बिहार से थे और ब्रिटिश साम्राज्य की ओर से उनके देश से मॉरीशस भेजे गए थे, जहां वे गन्ने के खेतों में काम करने के लिए लाए गए थे. हालांकि, इन 36 मजदूरों की संख्या मामूली थी, लेकिन उन्होंने आने वाले समय में अपनी कड़ी मेहनत, साहस और सामाजिक समर्पण से मॉरीशस में एक समृद्ध हिंदुस्तानीय समुदाय की नींव रखी. इस घटना का हिंदुस्तानीय समुदाय और मॉरीशस दोनों के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है. ब्रिटिश काल और मजदूरों की स्थिति हिस्ट्री ऑफ इंडियन लेबरर्स इन मॉरीशस-नेशनल अर्काइब ऑफ मॉरीशस के अनुसार, 19वीं सदी के शुरुआती वर्षों में ब्रिटिश साम्राज्य ने हिंदुस्तान को अपनी उपनिवेशी बस्तियों के लिए मजदूर भेजने का निर्णय लिया. इस निर्णय के बाद मजदूरों को विशेष रूप से चीनी बागानों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया. इस दौरान हिंदुस्तानीय मजदूरों को अनुबंध (contract) पर काम करने के लिए भेजा जाता था. इन मजदूरों का जीवन बहुत कठिन था, क्योंकि उन्हें बेहद कम मजदूरी पर खराब स्थितियों में काम करना पड़ता था. 1834 में बिहारी मजदूरों का पहला समूह पहुंचा था मॉरीशस 1834 में हिंदुस्तानीय मजदूरों के पहले समूह ने मॉरीशस की यात्रा की थी. इन 36 मजदूरों में अधिकतर लोग उत्तर हिंदुस्तान के उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य से थे. ये मजदूर मॉरीशस में आकर गन्ना खेतों में काम करने लगे. हालांकि, उनकी संख्या बहुत कम थी, लेकिन उनका प्रयास और संघर्ष मॉरीशस के समाज के विकास में एक नया मोड़ साबित हुआ. बिहारी मजदूरों का मॉरीशस में सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान मॉरीशस टूरिज्म की इंडियन इन मॉरीशस: देयर इम्पैक्ट ऑन द आइसलैंड्स कल्चर एंड इकोनॉमी रिपोर्ट के अनुसार, इन 36 मजदूरों ने जब मॉरीशस में अपना कदम रखा, तो उन्होंने अपनी मेहनत से नए समाज की नींव रखी. धीरे-धीरे हिंदुस्तानीय मजदूरों की संख्या बढ़ने लगी और उन्होंने अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं को मॉरीशस में स्थापित करना शुरू किया. इन मजदूरों ने मॉरीशस की वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान दिया. खासकर, कृषि और चीनी उद्योग के क्षेत्र में इनका अमूल्य योगदान रहा. हिंदुस्तानीय मजदूरों के योगदान के कारण मॉरीशस में एक नया कृषि और औद्योगिक विकास देखने को मिला. मॉरीशस में हिंदुस्तानीय संस्कृति का प्रभाव मॉरीशस में हिंदुस्तानीय संस्कृति का प्रभाव अब भी देखने को मिलता है। यहाँ के अधिकांश लोग हिंदू धर्म को मानते हैं, और हिंदुस्तानीय त्योहार जैसे दीवाली, होली, गणेश चतुर्थी आदि बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। इसके अलावा, हिंदुस्तानीय पारंपरिक संगीत, नृत्य और भोजन का भी मॉरीशस की संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है।सामाजिक संघर्ष और सफलता बिहारी मजदूरों को करना पड़ा सामाजिक संघर्षों का सामना द इंडियन डायसपोरा इन मॉरीशस-इनसाइक्लोपिडिया ब्रिटानिका के अनुसार, मॉरीशस में आकर हिंदुस्तानीय मजदूरों ने न केवल कड़ी मेहनत की, बल्कि उन्होंने कई सामाजिक संघर्षों का सामना भी किया. शुरुआत में उन्हें अत्यधिक शोषण और भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष किया. हिंदुस्तानीय मजदूरों ने खुद को संगठित किया और मॉरीशस के समाज में अपनी पहचान बनाई. उनके संघर्ष और मेहनत ने अंततः उन्हें सामाजिक और नेतृत्वक अधिकार दिलवाए, और वे अब मॉरीशस के मुख्य धारा समाज का हिस्सा बन चुके हैं. बिहारी मजदूरों के संघर्ष के बाद बना एक नया मॉरीशस मॉरीशस टूरिज्म की इंडियन इन मॉरीशस: देयर इम्पैक्ट ऑन द आइसलैंड्स कल्चर एंड इकोनॉमी की रिपोर्ट में कहा गया है कि आज 191 साल बाद हम देख सकते हैं कि इन 36 मजदूरों ने सिर्फ मॉरीशस में एक नया समुदाय नहीं बनाया, बल्कि एक समृद्ध और जीवंत हिंदुस्तानीय संस्कृति को भी स्थापित किया. वे मजदूर जो कभी अपने परिवार और गांवों से दूर अजनबी देश में काम करने के लिए भेजे गए थे, अब मॉरीशस के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इसे भी पढ़ें: Freebies: मुफ्त की योजनाओं पर नारायण मूर्ति का तीखा बयान, प्रशासनों पर साधा निशाना हिंदुस्तान के कुल एफडीआई में मॉरीशस का 25% योगदान मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मॉरीशस से हिंदुस्तान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) महत्वपूर्ण मात्रा में आता है. अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तान में कुल एफडीआई का लगभग 25% मॉरीशस के माध्यम से आया है, जो लगभग 177.18 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है. यह निवेश हिंदुस्तान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मॉरीशस से आने वाला एफडीआई हिंदुस्तान के कुल एफडीआई का एक बड़ा हिस्सा है. इसके बाद सिंगापुर से 24%, अमेरिका से 10%, नीदरलैंड से 7%, जापान से 6%, ब्रिटेन से 5% और अन्य देशों से भी निवेश आता है. इसे भी पढ़ें: कौन हैं सुधीर राजभर, जिनके ‘चमार स्टुडियो’ के उत्पादों के फैन हैं रिहाना और राहुल गांधी The post सिर्फ 36 बिहारी मजदूर और गांव नहीं, बसा दिया पूरा देश appeared first on Naya Vichar.

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Video: दोले तू दोल गोविंदम… से गूंजा सरायकेला, भक्तों संग राधा-कृष्ण ने खेली होली

Dol Yatra in Seraikela| सरायकेला-खरसावां, शचिंद्र कुमार दाश/धीरज कुमार : दोल पूर्णिमा के मौके पर गुरुवार को झारखंड की धार्मिक नगरी सरायकेला में आध्यात्मिक उत्थान श्रीजगन्नाथ मंडली की ओर से राधा-कृष्ण की दोल यात्रा निकाली गयी. राधा-कृष्ण की कांस्य प्रतिमा का शृंगार कर नगर भ्रमण कराया गया. इस दौरान भक्तों ने राधा-कृष्ण पर गुलाल अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर होली स्पोर्ट्सी. भक्त और भगवान के इस मिलन को देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे. भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी पर अर्पित किये गुलाल. पारंपरिक शंख ध्वनि और उलुध्वनि से कान्हा का स्वागत दोल यात्रा के दौरान सरायकेला में जगह-जगह राधा-कृष्ण का स्वागत पारंपरिक शंख ध्वनि एवं उलुध्वनि से हुआ. इस दौरान भक्त पारंपरिक वाद्य यंत्र मृदंग, झंजाल के साथ ‘दोल यात्रा’ में शामिल होकर नृत्य एवं कीर्तन करते नजर आये. राधा-कृष्ण के स्वागत के लिए श्रद्धालुओं ने अपने घर के सामने के हिस्से को गोबर से लेपा. रंग-बिरंगी अल्पना भी बनायी. पालकी पर सवार होकर राधा के साथ भगवान श्रीकृष्ण चले भक्तों संग होली स्पोर्ट्सने. दोल यात्रा में घोड़ा नाच बना आकर्षण का केंद्र दोल यात्रा में घोड़ा नाच आकर्षण का केंद्र रहा. दोल यात्रा के दौरान लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखा गया. सरायकेला में दोल यात्र एकमात्र ऐसा धार्मिक अनुष्ठान है, जब प्रभु अपने भक्तों संग गुलाल स्पोर्ट्सने के लिए उसकी चौखट तक आते हैं. नया विचार प्रीमियम स्टोरी : Ho Tribe: कन्या भ्रूण हत्या से कोसों दूर हो जनजाति के लोग, बेटियों के जन्म पर मनाते हैं जश्न श्रीकृष्ण की द्वादश यात्राओं में प्रमुख और दुर्लभ है दोल यात्रा दोल यात्रा का आयोजन हर वर्ष आध्यात्मिक उत्थान श्रीजगन्नाथ मंडली द्वारा किया जाता है. आध्यात्मिक उत्थान श्रीजगन्नाथ मंडली के संस्थापक ज्योतिलाल साहू ने बताया कि जगत के पालनहार श्रीकृष्ण की द्वादश यात्राओं में से एक है दोल यात्रा. क्षेत्र में प्रचलित इस श्लोक ‘दोले तू दोल गोविंदम, चापे तू मधुसूदनम, रथे तू मामन दृष्टा, पुनर्जन्म न विद्यते…’ के अनुसार दोल (झूला या पालकी), रथ और नौका में प्रभु के दर्शन से मनुष्य को जन्म चक्र से मुक्ति मिल जाती है. होली में आयोजित होने वाली इस यात्रा को दुर्लभ यात्रा माना गया है. सरायकेला में भक्तों के दरवाजे पर होली स्पोर्ट्सने पहुंचे भगवान. महाराज उदित नारायण सिंहदेव के शासन काल में शुरू हुई दोल यात्रा दोल यात्रा के मुख्य आयोजक सरायकेला के कवि ज्योति लाल साहू बताते हैं कि सरायकेला में दोल यात्रा की शुरुआत वर्ष 1818 में महाराजा उदित नारायण सिंहदेव के शासन काल में हुई थी. राजा-रजवाड़े के समय में इसका आयोजन फागू दशमी से दोल पूर्णिमा तक होता था. वर्ष 1990 से आध्यात्मिक उत्थान श्री जगन्नाथ मंडली पारंपरिक रूप से दोल यात्रा का आयोजन कर रही है. अब सिर्फ दोल पूर्णिमा के दिन दोल यात्रा होती है. इसे भी पढ़ें बाबाधाम में कब है होली? कब होगा होलिका दहन? बाबा मंदिर में कैसे मनती है होली? पढ़ें विस्तार से Holi 2025: खास है सरायकेला की होली, भक्तों संग रंग-गुलाल स्पोर्ट्सने घर-घर दस्तक देते हैं राधा-कृष्ण होली से पहले झुमरा पहाड़ के जंगल में लगी आग, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता Video: झारखंड के साइंटिस्ट की मोहाली में मौत, क्या हुआ था उस रात, CCTV के फुटेज में देखें The post Video: दोले तू दोल गोविंदम… से गूंजा सरायकेला, भक्तों संग राधा-कृष्ण ने स्पोर्ट्सी होली appeared first on Naya Vichar.

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Shivdeep Lande: पत्नी और बेटी के साथ सीताचरण मंदिर पहुंचे शिवदीप लांडे, बोले- शब्दों में वर्णन करना मुमकिन नहीं

Shivdeep Lande Video : रियल सिंघम के नाम से मशहूर शिवदीप लांडे ने 28 फरवरी को अपनी नई पारी का ऐलान किया. उन्होंने कहा था कि ‘रन फॉर सेल्फ’ के बैनर तले बिहार में रह कर वो काम करेंगे. उन्होंने किसी राजनितिक दल में शामिल होने से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि उनका आने वाला बिहार की बेहतरी में लगायेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार को बदलने के मकसद से वो काम करेंगे. इसी क्रम में गुरुवार को वो मुंगेर स्थित सीताचरण मंदिर पहुंचे. इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मुंगेर में माता सीता ने अपने पदस्पर्श से पावन कर सम्पूर्ण हिंदुस्तानवर्ष में महापर्व छठ का अनुष्ठान किया था. यहाँ उस सीताचरण मंदिर के दर्शन से मेरा मन तृप्त हुआ. बिहार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का ये एक विशेष प्रतीक है. यहाँ मैंने पवित्रता एवं असीम शक्ति का अनुभव किया ही और साथ-साथ कष्टहरनी घाट से गंगा माँ के गोद में बैठकर, सम्पूर्ण हरियाली से लिपटे दियारा से गुजरते हुए मंदिर तक का सफ़र मेरे लिए एक ऐसी अद्भुत साधना थी जिसको शब्दों में वर्णन करना मुमकिन नहीं. आज लोग मन की शांति के लिए विभिन्न स्थानों को जाते है परन्तु मन की अगाध शांती और नैसर्गिक सुंदरता में समा जाने के लिए सीताचरण मंदिर का सफ़र कुछ कम नहीं!” देखें Video: इसे भी पढ़ें: Big Accident: एक को बचाने में डूबे तीन दोस्त, होली से पहले सिवान में हाहाकार Siwan News: सिवान में भीषण एक्सीडेंट, बाइकों के टक्कर में दो की मौत, होली से पहले बुझ गया घर का चिराग The post Shivdeep Lande: पत्नी और बेटी के साथ सीताचरण मंदिर पहुंचे शिवदीप लांडे, बोले- शब्दों में वर्णन करना मुमकिन नहीं appeared first on Naya Vichar.

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CBSE Exam: सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों को मिलेगा ‘विशेष परीक्षा’ का मौका, बोर्ड ने जारी किया नोटिस

CBSE Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक अहम घोषणा की है. जिन छात्रों को 15 मार्च 2025 को होने वाली हिंदी कोर और हिंदी ऐच्छिक परीक्षा में किसी कारणवश शामिल होने में दिक्कत हो सकती है तो उन्हें अब बोर्ड विशेष परीक्षा का मौका देगा. यह कदम उन छात्रों के लिए राहत भरा है, जिनके राज्य में 15 मार्च तक होली का त्योहार मनाया जाएगा. होली के दिन छात्र अपने परिवार के साथ त्योहार मना रहे होंगे और परीक्षा में शामिल होने के लिए वे उपलब्ध नहीं होंगे. ऐसे में CBSE ने यह फैसला लिया है ताकि कोई छात्र इस कारण से परीक्षा से वंचित न रहे. इस कारण लिया गया फैसला (CBSE Hindi Exam) इस विशेष परीक्षा का आयोजन उन छात्रों के लिए किया जाएगा जो किसी कारणवश नियमित परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे. बोर्ड का यह कदम छात्रों के हित में है और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए. आशा की जा रही है कि इस निर्णय से छात्रों को परीक्षा में बैठने का नया अवसर मिलेगा, जिससे उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले बोर्ड ने ऑफिशियल नोटिस में क्या कहा? (CBSE Board Exam in Hindi) बोर्ड की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सीबीएसई को जानकारी मिली है कि हालांकि देश के ज्यादातर हिस्सों में होली का त्योहार 14 मार्च, 2025 को मनाया जाएगा लेकिन कुछ स्थानों पर यह त्योहार 15 मार्च, 2025 को मनाया जाएगा या फिर 15 मार्च तक जारी रहेगा. इसका मतलब है कि कुछ इलाकों में होली के कार्यक्रम 15 मार्च तक चलेंगे, जिससे वहां के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने में परेशानी हो सकती है. इस कारण सीबीएसई ने इन छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का अवसर देने का फैसला किया है. यह भी पढ़ें- Paper Leak: पेपर लीक पर बोले राहुल गांधी- सिस्टेमेटिक फेलियर, अंधकार में 85 लाख छात्रों का भविष्य! The post CBSE Exam: सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों को मिलेगा ‘विशेष परीक्षा’ का मौका, बोर्ड ने जारी किया नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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जायसवाल समाज ने एक दूसरे को गुलाल लगा दी होली की बधाई

पाकुड़. शहरकोल स्थित जायसवाल धर्मशाला में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष प्रेम भगत ने की. समारोह की शुरुआत भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के चित्र पर रंग गुलाल अर्पित कर हुई.साथ-साथ आरती और पूजन भी किया गया. प्रेम भगत ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जायसवाल समाज की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया है. उन्होंने होली त्योहार के महत्व की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह रंगों का त्योहार है और यह आपसी भाईचारे का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि होली मिलन समारोह आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य है समाज के सभी लोगों के बीच सम्मान की भावना बढ़ाना. होली के अवसर पर परिवार के सभी लोग एक स्थान पर इकट्ठा हो और आपस में सारे भेदभाव मिटा कर एक दूसरे को प्यार और सम्मान दें. होली मिलन समारोह में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी. नाना प्रकार के व्यंजन भरोसे गये. मौके पर सभी लोगों ने एक दूसरे पर रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी. प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को गिफ्ट दिया गया. मौके पर समाज के सचिव राजेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, आनंद चौधरी, रवि जायसवाल, विजय जायसवाल, संजय जायसवाल, प्रकाश जायसवाल, रामजी भगत, अशोक भगत, नारायण भगत, जय प्रकाश जायसवाल, जितेंद्र जायसवाल, प्रमोद चौधरी, स्त्री मोर्चा की पूनम देवी, रंजीता जायसवाल, सरोज जायसवाल, मीनू जायसवाल, पूनम जायसवाल, ममता जायसवाल, सपना जायसवाल, रिंकी जायसवाल समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जायसवाल समाज ने एक दूसरे को गुलाल लगा दी होली की बधाई appeared first on Naya Vichar.

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वीरपुर में केंद्रीय विद्यालय की हो रही स्थापना, भूमि लीज निबंधन संपन्न, नए सत्र से नामांकन प्रक्रिया शुरू

फोटो- 15, 16 कैप्सन – निबंधन के दौरान मौजूद अधिकारी व अन्य सुपौल/राघोपुर वीरपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एसएसबी 45वीं वाहिनी की 05 एकड़ भूमि के लीज निबंधन की प्रक्रिया गुरुवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई. इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान जिला प्रशासन, एसएसबी अधिकारी एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही. राघोपुर प्रखंड स्थित गनपतगंज निबंधन कार्यालय में आयोजित इस प्रक्रिया में एसएसबी 45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह, एडीएम राशिद कलीम अंसारी, डिस्ट्रिक्ट सब-रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार, केंद्रीय विद्यालय सहरसा की प्राचार्या मोनिका पांडेय, वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार, वीरपुर डीसीएलआर अनंत कुमार, बीडीओ राघोपुर ओमप्रकाश, प्रभारी रजिस्ट्रार गनपतगंज प्रसन्ना कुमार, सीओ राघोपुर रश्मि प्रिया एवं सीओ बसंतपुर हेमंत अंकुर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. 05 एकड़ की भूमि पर होगा विद्यालय का निर्माण वीरपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से जिले के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा. विद्यालय का निर्माण एसएसबी की 05 एकड़ भूमि पर होगा, जिसका लीज निबंधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्थायी रूप से एसएसबी के भवन में कक्षाएं संचालित की जायेगी. एडीएम राशिद कलीम अंसारी ने कहा कि विद्यालय की स्थापना का लक्ष्य मार्च तक रखा गया है. उन्होंने एसएसबी के अधिकारियों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने अस्थायी रूप से अपने भवन को विद्यालय संचालन के लिए उपलब्ध कराया है. साथ ही बिहार प्रशासन द्वारा 33 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी माफ करने से यह प्रक्रिया और सुगम हो गई. कमांडेंट गौरव सिंह ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए लीज निबंधन एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. उन्होंने बताया कि भवन निर्माण में समय लगेगा. इसलिए एसएसबी के परिसर में पहले से निर्मित भवनों का उपयोग विद्यालय संचालन के लिए किया जाएगा. प्रवेश के लिये ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से लिये जाएंगे आवेदन केंद्रीय विद्यालय सहरसा की प्राचार्या मोनिका पांडेय ने बताया कि वीरपुर में नए सत्र से नामांकन प्रक्रिया शुरू की जा रही है. विद्यालय में प्रत्येक कक्षा के लिए केवल एक सेक्शन होगा, जिसमें 40 छात्रों का प्रवेश दिया जाएगा. प्रवेश के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है. ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से होता है, लेकिन नई विद्यालय होने के कारण ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे. यदि किसी कक्षा में सीट से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लॉटरी प्रणाली के माध्यम से चयन किया जाएगा. विद्यालय का शैक्षणिक सत्र अप्रैल से प्रारंभ होगा. बताया कि यदि संचालन में विलंब होता है तो गर्मी की छुट्टियों के बाद कक्षाएं शुरू की जाएंगी. जिले के शिक्षा स्तर को मिलेगी नई ऊंचाई केंद्रीय विद्यालय वीरपुर में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, स्पोर्ट्सकूद सुविधाएं, राष्ट्रीय स्तर का सीबीएसई पाठ्यक्रम शामिल हैं. वीरपुर और आसपास के इलाकों में केंद्रीय विद्यालय खुलने से अभिभावकों में काफी उत्साह है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल जिले के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लाभ मिलेगा. इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ जिले के छात्रों को अब अपने ही जिले में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वीरपुर में केंद्रीय विद्यालय की हो रही स्थापना, भूमि लीज निबंधन संपन्न, नए सत्र से नामांकन प्रक्रिया शुरू appeared first on Naya Vichar.

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आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ मना होली मिलन समारोह

कटिहार. शहर के मिरचाईबाड़ी स्थित जन सुराज कार्यालय में शांतिपूर्ण माहौल में एक होली मिलन समारोह का आयोजन जन सुराज में कटिहार से कोर कमिटी सदस्य सत्यनारायण शर्मा और डॉ गाजी शारिक अहमद के नेतृत्व में किया गया. पहले दावत ए इफ़्तार का आयोजन और उसके बाद बुधवार की देर शाम तक होली मिलन समारोह का आयोजन आपसी सौहार्द व भाईचारे की संस्कृति को परिलक्षित करता है. सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि ऐसा आयोजन जन सुराज अभियान के शुरुआत से किया जा रहा है. ये कटिहार की खूबसूरती है. जिसे हमने आगे बढ़ाने का कार्य किया है और करते रहेंगे. कोई भी पर्व त्योहार आपसी सौहार्द व भाईचारे का संदेश देती है. कटिहार जिला में सभी त्योहार आपस लोग मिलजुल कर मानते है. साथ ही एक दूसरे के त्योहार का सम्मान करते है. वरिष्ठ नेता डॉ गाजी शारिक अहमद ने कहा कि आज जब अलग अलग तरह की बातें हो रही है. समरेंद्र कुणाल, नरोत्तम जोशी, ललन सुल्तानिया, डॉ गौतम सिंह, ईसा फ़र्तयाब, संजय सिंह, चांद अग्रवाल, जमीलउररहमान, डॉ मोहम्मद मुस्तफा, जन सुराज पार्टी के जिला अध्यक्ष मंसूर अलम, इबरार आलम दीवान, अप्पू झा अपूर्व, जन सुराज नेत्री सीमा पूर्वे, प्रतिमा तमांग, राकेश मालाकार, मिथुन सिंह, चंदन झा समेत सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ मना होली मिलन समारोह appeared first on Naya Vichar.

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मारपीट से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत, मनिहारी थाना के केवाला दोगच्छी की घटना

मनिहारी. मनिहारी थाना के केवाला दोगच्छी वार्ड दो में मारपीट से घायल स्त्री कविता देवी ( 32 ) पति आनंद मंडल की मौत हो गयी. मृतक की पुत्री गुड़िया ने बताया कि हंसवर के सुजीत यादव 11 मार्च को मेरे घर आए थे. अपने खेत में काम करने के लिए मेरी मां को घर से ले गये थे. 12 मार्च को वापस घर पहुंचा दिए. उसके मारपीट किया था. अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया. सदर अस्पताल रेफर किया गया. इसके बाद मौत हो गयी. मेरी माता की मौत मारपीट से हुआ है. बेरहमी से मारपीट किया गया. जिस समय सुजीत घर पहुंचाया था. उस समय नाक से खून बह रहा था. मृतका की पुत्री के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. घटना की सूचना पर मनिहारी थानाध्यक्ष पंकज आनंद घटना स्थल पहुंचे. मामले की जांच की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे कारवाई की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मारपीट से घायल स्त्री की इलाज के दौरान मौत, मनिहारी थाना के केवाला दोगच्छी की घटना appeared first on Naya Vichar.

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इको फ्रेंडली होली खेलें, रहें स्वस्थ : महापौर

नगर निगम सभागार में स्पोर्ट्सी गयी फूलों की होली बुराई पर अच्छाई के विजय का प्रतीक है पर्व : नगर आयुक्त पूर्णिया. नगर निगम सभागार में गुरुवार को फूलों की होली स्पोर्ट्सी गई. महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में नगर निगम सभाकक्ष में आयोजित होली मिलन समारोह में नगर आयुक्त सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, समाजसेवियों एवं पार्षद प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के साथ फूलों की होली स्पोर्ट्सी तथा एक-दूसरे को बधाई दी. इस मौके पर पार्षदों एवं निगम के अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई देते हुए महापौर विभा कुमारी ने कहा कि हम लोग ने इस वर्ष होली की पूर्व संध्या पर रंगों के बजाय फूलों की होली स्पोर्ट्सने का फैसला लिया. इस इको फ्रेंडली होली में सभी ने शामिल होकर खूब आनंद लिया. महापौर ने कहा कि फूलों की होली पर्यावरण के अनुकूल है और सेहत के लिए भी हानिरहित है. महापौर ने कहा कि रंगों और फूलों का यह त्यौहार भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम तथा वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है. नगर आयुक्त श्रीकुमार मंगलम ने कहा कि होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. भक्त प्रह्लाद की हरि भक्ति के कारण ही होलिका का अंत हुआ, जो यह दर्शाता है कि सत्य और धर्म की राह पर चलने वालों की हमेशा जीत होती है. उमंग व उल्लास का संदेश लेकर आती है होली समाजसेवी जितेंद्र यादव ने नगर निगम के अधिकारियों, कर्मियों, विभिन्न वार्डों के पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधियों को होलिका दहन और होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रंगों का यह त्यौहार उल्लास और उमंग का संदेश लेकर आता है. उन्होंने कहा कि जाति और धर्म की लकीर से उपर उठकर हम लोगों को होली का त्योहार मनाना है. उन्होंने कहा कि हर्ष और उल्लास के बीच हम लोगों को बस इतना ख्याल रखना है कि हमारी खुशी के कारण किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचे. महापौर विभा कुमारी एवं समाजसेवी जितेंद्र यादव ने शहरवासियों से आपसी सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली का त्यौहार मनाने की अपील की. इस मौके पर नगर निगम के सभी वार्डों के पार्षदगण, पार्षद प्रतिनिधि, नगर निगम अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post इको फ्रेंडली होली स्पोर्ट्सें, रहें स्वस्थ : महापौर appeared first on Naya Vichar.

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पर्व को लेकर पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

ग्वालपाड़ा . पुलिस ने गुरुवार को होली पर्व को लेकर फ्लैग मार्च किया. इस दौरान लोगों से शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि हर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह या विवाद की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पर्व को लेकर पुलिस ने किया फ्लैग मार्च appeared first on Naya Vichar.

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