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March 22, 2025

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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को कितनी मिलती है पेंशन, उनके पास कितनी है संपत्ति?

Sachin Tendulkar Pension: क्रिकेट जगत में “मास्टर ब्लास्टर” और “क्रिकेट के भगवान” के नामों से प्रसिद्ध सचिन तेंदुलकर ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था. अपने 24 साल के शानदार करियर में उन्होंने 200 टेस्ट मैच और 463 वनडे स्पोर्ट्से. इसमें उन्होंने टेस्ट में 15,921 और वनडे में 18,426 रन बनाए. बीसीसीआई अपने रिटायर्ड खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक पेंशन योजना चलाती है. सचिन तेंदुलकर को भी उनके योगदान के आधार पर पेंशन मिलती है. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से हर महीने कितनी पेंशन मिलती है? यह जानकारी हासिल करने की उत्सुकता हर किसी को होती है. आइए, इस विषय पर एक संक्षिप्त रिसर्च रिपोर्ट पेश है. बीसीसीआई की पेंशन योजना बीसीसीआई ने 2004 में अपनी पेंशन योजना की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य रिटायर्ड क्रिकेटरों को उनके क्रिकेट करियर के बाद वित्तीय स्थिरता प्रदान करना था. इस योजना के तहत पेंशन राशि खिलाड़ी द्वारा स्पोर्ट्से गए टेस्ट मैचों की संख्या पर आधारित होती है. समय-समय पर इस योजना में संशोधन भी किए गए हैं. 2022 में बीसीसीआई ने पेंशन राशि में वृद्धि की. बीसीसीआई खिलाड़ियों को किस आधार पर देती है पेंशन 25 से अधिक टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वाले खिलाड़ियों को 70,000 रुपये प्रति माह 10 से 24 टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वालों को 60,000 रुपये प्रति माह 5 से 9 टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वालों को 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है. सचिन तेंदुलकर की पेंशन सचिन तेंदुलकर ने हिंदुस्तान के लिए 200 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से, जो दुनिया में किसी भी क्रिकेटर द्वारा स्पोर्ट्सा गया सबसे अधिक टेस्ट मैचों का रिकॉर्ड है. इस आधार पर वे बीसीसीआई की पेंशन योजना की उच्चतम श्रेणी (25 से अधिक टेस्ट) में आते हैं. इंडिया डॉट कॉम, पंजाब केसरी और स्पोर्ट्स कीड़ा की रिपोर्ट के अनुसार, सचिन तेंदुलकर को वर्तमान में 70,000 रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में मिलते हैं. यह राशि 2022 में हुए संशोधन के बाद बढ़ाई गई थी, जब पहले यह राशि 50,000 रुपये थी. किस खिलाड़ी को कितनी मिलती है पेंशन सुनील गावस्कर: 125 टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वाले इस दिग्गज क्रिकेटर को भी 70,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है. एमएस धोनी: 90 टेस्ट मैचों के साथ एमएस धोनी को भी 70,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं. युवराज सिंह: 40 टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वाले युवराज को 60,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है. विनोद कांबली: 17 टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वाले कांबली को 30,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं. इसे भी पढ़ें: टैक्स बचाने का आखिरी मौका! 31 मार्च से पहले कर लें जरूरी निवेश, वरना नहीं मिलेगी छूट सचिन तेंदुलकर की नेटवर्थ हालांकि, सचिन तेंदुलकर की नेटवर्थ 1400 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जाती है और उनकी आय का मुख्य स्रोत विज्ञापन और ब्रांड एंडोर्समेंट हैं. फिर भी बीसीसीआई से मिलने वाली पेंशन उनके क्रिकेट योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है. यह राशि उनके लिए वित्तीय सहायता से अधिक एक औपचारिक मान्यता के रूप में देखी जाती है. इसे भी पढ़ें: छोटी बचत से मोटी कमाई! मात्र 250 रुपये में मालामाल कर देगा ये छोटी एसआईपी The post मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को कितनी मिलती है पेंशन, उनके पास कितनी है संपत्ति? appeared first on Naya Vichar.

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9वीं में हुई फेल, तीन बार घर से भागी… मुस्कान के कारनामे जानकार उड़ जाएगा होश

Meerut Murder Accused Muskan Rastogi: गाजियाबाद में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मुस्कान की सच्चाई परत-दर-परत सामने आ रही है. अब एक समाचार सामने आ रही है जिसमें पता चला है कि मुस्कान घर से पहले तीन बार भाग भी चुकी है. तीन बार घर से भाग चुकी थी मुस्कान मुस्कान की जिंदगी विवादों से भरी रही है. बताया जा रहा है कि वह सौरभ से शादी से पहले ही तीन बार घर छोड़कर भाग चुकी थी. जब वह सिर्फ 18 साल की थी, तब उसने सौरभ से शादी कर ली थी. लेकिन उसकी पुरानी मोहब्बत साहिल से रिश्ता टूट नहीं पाया. सौरभ की बहन के मुताबिक मुस्कान का सपना हीरोइन बनने का था. उसने गाजियाबाद में एक फिल्म में काम करने की बात कहकर घर छोड़ दिया था. लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका और उसकी जिंदगी गलत राह पर भटक गई. स्कूली दिनों से ही साहिल से थी नजदीकियां मुस्कान और साहिल आठवीं कक्षा तक एक ही स्कूल में पढ़े थे. उस वक्त दोनों के बीच दोस्ती थी, लेकिन फिर दोनों अलग हो गए. कुछ साल बाद 2019 में एक स्कूल व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उनकी फिर से मुलाकात हुई और दोस्ती ने प्यार का रूप ले लिया. पति विदेश में मुस्कान साहिल के रंग में सौरभ की नौकरी विदेश में थी और मुस्कान अकेलेपन का बहाना बनाकर साहिल की ओर खिंचती चली गई. साहिल भी किसी भी हालत में मुस्कान को पाना चाहता था, इसलिए उसने उसे नशे की लत लगा दी. मुस्कान की बेटी पीहू ज्यादातर अपनी नानी के पास रहती थी, जिससे मुस्कान को पूरी आजादी मिल गई। धीरे-धीरे साहिल ने पूरी तरह से उसे अपने जाल में फंसा लिया. यह भी पढ़ें.. Meerut Murder: कर्ण पिशाचनी तंत्र से हुई सौरभ की हत्या? पुलिस के इस खुलासे ने सबको कर दिया हैरान The post 9वीं में हुई फेल, तीन बार घर से भागी… मुस्कान के कारनामे जानकार उड़ जाएगा होश appeared first on Naya Vichar.

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23 March Shaheed Diwas in Hindi: जिंदा रहने की हसरत मेरी भी है…ऐसा है शहीद दिवस का इतिहास

23 March Shaheed Diwas in Hindi: जिंदा रहने की हसरत मेरी भी है…पर मैं कैद रहकर अपना जीवन नहीं बिताना चाहता. ये विचार क्रांतिकारी भगत सिंह के हैं और शहीद दिवस पर हम सब उन्हें और उनके साथियों को याद करेंगे. शहीद दिवस हर वर्ष 23 मार्च को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 1931 में इसी दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दी थी. देश में तीनों वीर सपूतों का बलिदान प्रेरणास्रोत के रूप में देखा जाता है. यहां आप शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है (Shaheed Diwas in Hindi) के बारे में विस्तार से जानेंगे. शहीद दिवस क्या है? (23 March Shaheed Diwas in Hindi) हर वर्ष 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है क्योंकि 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी. इसलिए इन अमर शहीदों की याद में 23 मार्च को भी शहीद दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाकर हम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं बल्कि आज की पीढ़ी को उन शहीदों के जीवन और बलिदानों से परिचित भी कराते हैं.  यह भी पढ़ें- Speech on Shaheed Diwas in Hindi: शहीद दिवस (23 मार्च) पर ऐसे दें दमदार भाषण और ‘वीर सपूतों’ को करें याद शहीद दिवस का इतिहास क्या है? (23 March Shaheed Diwas in Hindi) शहीद दिवस का ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का प्रतीक है जो हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के प्रमुख सदस्य थे. उनकी शहादत की यात्रा में कई उल्लेखनीय घटनाएं शामिल थीं और यही वजह थी कि 1931 में इसी दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दी थी. तब से 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है और इस दिन उनके बलिदान को याद किया जाता है. शहीद दिवस का महत्व क्या है? (Shaheed Diwas in Hindi) शहीद दिवस उन वीरों को याद करने और श्रद्धांजलि देने का दिन है जिन्होंने हिंदुस्तान की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. इस दिन पूरे देश में लोग स्मारक समारोहों और श्रद्धांजलि के माध्यम से शहीद नायकों को श्रद्धांजलि देते हैं. स्कूल और संस्थान छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम के बारे में शिक्षित करने के लिए सेमिनार, वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिता आयोजित करते हैं. यह भी पढ़ें- Essay on Bhagat Singh in Hindi: भगत सिंह पर निबंध ऐसे लिखें छात्र 23 मार्च और 30 जनवरी का शहीद दिवस क्या है? कई बार हम सबके मन में यह सवाल उठता है कि आखिर 23 मार्च को शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है जबकि 30 जनवरी को भी शहीद दिवस मनाया जाता है तो दोनों में आखिर अंतर क्या है? हम आपको बताते हैं. 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या की गई थी और यही कारण है कि इस दिन को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है. वहीं 23 मार्च 1931 का दिन हमारे इतिहास में एक और अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का गवाह है – जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी दी थी. इन शहीदों के बलिदान को सलाम करते हुए, 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह भी पढ़ें- 10 Lines on Bhagat Singh in Hindi: महान क्रांतिकारी भगत सिंह के बारे में 10 लाइन The post 23 March Shaheed Diwas in Hindi: जिंदा रहने की हसरत मेरी भी है…ऐसा है शहीद दिवस का इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Diwas 2025: भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का मगही गीत बिहार दिवस पर मचाया धमाल

Bihar Diwas 2025 भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह इन दिनों एक पुराने गाने को लेकर चर्चा में हैं. दरअसल, बिहार दिवस को लेकर पटना समते पूरे बिहार में धूम है. इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोले जाने वाले भाषाओं में गाने भी बज रहे हैं. इसी कड़ी भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का मगही गाना की धूम मची है.अक्षरा सिंह ने यह गाना कई वर्ष पूर्व गया था. ‘हसले घरवा बसो है बेटा’ ‘हसले घरवा बसो है बेटा’ गाना बिहार दिवस पर धूम पचा दिया है. मगही भाषी लोग इसको अपने समाज में भी शेयर कर रहे हैं. गाना में अक्षरा की खूबसूरत आवाज के साथ मेल वॉइस में शिव कुमार बिक्कू ने उनका साथ दिया है. यह गाना एक मगही लोक गीत पर आधारित है. जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं. ‘हसले घरवा बसो है बेटा’ को लेकर अक्षरा सिंह ने गाना के रिलिज होने के समय कहा था कि यह गाना बेहद खूबसूरत और प्रासंगिक गाना है. मुझे यह गाना करके बहुत मजा आया, उम्मीद है मेरे फैंस और चाहने वालों को भी यह पसंद आएगा. भोजपुरी की तरह ही मगही भी बिहार की भाषा है. बिहार के मगध क्षेत्र में इस भाषा को सबसे ज्यादा बोला जाता है. इन दिनों बिहार में देशी अंदाज का प्रचलन ज्यादा बढ़ गया है. इसी कारण बिहार दिवस पर मगध के लोगों को अपना देशी अंदाज पसंद आ रहा है. अक्षरा सिंह के मगही गीत ‘हसले घरवा बसो है बेटा’ के संगीतकार प्रियांशु सिंह है और लिरिक्स मोजिब रहमान का है. प्रोड्यूसर कुणाल कुमार और डिजिटल हेड कुमार सागर हैं. ये भी पढ़ें.. Indian Railways: रेलवे में कौन सा सबसे बड़ा पद होता है? क्‍या आपको पता है ये भी पढ़ें.. Bihar Assembly Election 2025: कांग्रेस ने राजेश कुमार को क्यों सौंपी बिहार की कमान? ये भी पढ़ें.. Bihar Assembly Election 2025: बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बदले गए, राजेश कुमार को मिली बड़ी जिम्मेवारी ये भी पढ़ें.. Bihar Assembly Election 2025: पटना की सड़कों पर कन्हैया कुमार के लगे पोस्टर, कांग्रेस में बढ़ी हलचल The post Bihar Diwas 2025: भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का मगही गीत बिहार दिवस पर मचाया धमाल appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

बखरी में अष्टयाम महायज्ञ को लेकर निकाली गई कलशयात्रा 

नया विचार सरायरंजन । मुसरीघरारी नगर पंचायत के बखरी बुजुर्ग गांव के वार्ड 11 में शनिवार से शुरू हो रहे श्री श्री 108 अष्टयाम महायज्ञ को लेकर भव्य कलशयात्रा निकाली गई।इस कलशयात्रा में 251 कुंवारी कन्याओं ने भाग लिया।इस कलशयात्रा को अष्टयाम महायज्ञ से शुरू किया गया।जिस गांव का परिभ्रमण कराते हुए गांव के हीं तालाब से विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश में पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर लाकर कलश स्थापना करते हुए दो दिवसीय अष्टयाम महायज्ञ को शुरू कराया गया। कलशयात्रा में रामजतन राय, भूषण राय,रितेश राय, सुनील राय, राजेश राय, अरुण यादव, राकेश पाल, श्रवण कुमार, विकाश यादव, सहदेव राय,कुंदन कुमार, प्रमोद राय, अखिलेश, सुरेंद्र भुल्ला, आदिल, राहुल, सौरव कुमार आदि सैकड़ों श्रद्धालु सामिल थे।

समस्तीपुर

समस्तीपुर मंडल में मेगा टिकट जांच अभियान, 3938 मामलों में 21.36 लाख रुपये की वसूली

नया विचार समस्तीपुर: समस्तीपुर मंडल द्वारा बिना टिकट/उचित प्राधिकार के यात्रा पर रोकथाम के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को सही तरीके से टिकट लेकर यात्रा करने के लिए प्रेरित किया जा सके।इसी क्रम में दिनांक 21 मार्च 2025 एवं 22.03.2025 को मंडल के विभिन्न रेल खंडों पर सुबह 06:00 बजे से रात्रि 22:00 बजे तक 16 घंटे तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान लगभग 215 टिकट जांचकर्मी, वाणिज्य विभाग के सुपरवाइजर तथा करमचारियो एवं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) जवानों की विशेष टीमों द्वारा स्टेशनों और ट्रेनों में सघन टिकट जांच की गई।अभियान के दौरान दिनांक 21.03.2025 तथा दिनांक 22.03.2025(16.00 बजे तक) को बिना टिकट/बिना उचित प्राधिकार के कुल 3938 मामले पकड़े गए, जिनसे 21.39 लाख रुपये की राशि रेल राजस्व के रूप में प्राप्त हुई। दिनांक 22.03.2025 को किलाबंदी अभियान अभी चल रहा है जो 22 बजे तक चलेगा, अभियान के समापन पर कुल अर्जित आय में परिवर्तन संभावित है।  मुख्य जांच स्थल: समस्तीपुर, हसनपुर, दरभंगा, सहरसा, रक्सौल, नरकटियागंज,बापूधाम मोतिहारी, जयनगर, सीतामढ़ी आदि प्रमुख स्टेशन।इस दौरान स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज (FOB), प्रवेश एवं निकास द्वार, प्रतीक्षालय एवं प्लेटफार्मों पर विशेष टिकट चेकिंग दस्ते तैनात किए गए, जिससे स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ में वृद्धि देखी गई। यह दर्शाता है कि यात्री अब उचित टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूक हो रहे हैं।  

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Meerut Murder : साहिल ने मुस्कान पर किया काला जादू? सौरभ हत्याकांड में आया नया मोड़

Meerut Murder : मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है. हत्या के तार तांत्रिक क्रिया से जुड़ते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला तांत्रिक अनुष्ठान पर विश्वास करते थे. हालांकि, पुलिस ने अभी तक तंत्र-मंत्र के दावों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने इस तरह का आरोप लगाया है. साहिल अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र में पूरी तरह से भरोसा करता था. साहिल ने अंधविश्वास से ही मुस्कान को अपने कब्जे में किया न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सौरभ की मां रेणु देवी ने दावा किया है कि उनके बेटे की हत्या के पीछे तांत्रिक अनुष्ठान मुख्य वजह है. मुस्कान और साहिल दोनों ही इसमें शामिल थे. रेणु देवी ने आरोप लगाया, ‘‘मुस्कान और साहिल दोनों ही तांत्रिक अनुष्ठान करते थे. दोनों ने तंत्र-मंत्र करके मेरे बेटे की हत्या कर दी.’’ मुस्कान के माता-पिता कविता और प्रमोद रस्तोगी ने भी आरोप लगाया, ‘‘साहिल ने अंधविश्वास से ही मुस्कान को अपने कब्जे में किया हुआ था.’’ साहिल की तंत्र क्रिया मुस्कान के दिमाग पर हावी हुई सौरभ की मां का आरोप है कि साहिल की तंत्र क्रिया मुस्कान के दिमाग पर ऐसे हावी हुई कि वह अपनी छह साल की बेटी पीहू को भी खुद से दूर करने लगी. मुस्कान के माता-पिता ने आरोप लगाया कि साहिल ने मुस्कान को पूरी तरह नशे की लत में डाल दिया था और अंधविश्वासी बना दिया था. साहिल के पड़ोसियों ने बताया कि वह अक्सर पीले और काले रंग के कुर्ते पहनता था जिस पर ‘महाकाल’ लिखा होता था.उसके शरीर पर धार्मिक और रहस्यमय प्रतीकों के कई टैटू होते थे. ये भी पढ़ें : Meerut Murder: सौरभ का सिर लेकर कहां गई मुस्कान? रोंगटे खड़े कर देगी रिपोर्ट साहिल का कमरा अजीबोगरीब तस्वीरों से भरा  रहता था पड़ोसियों ने बताया कि साहिल का कमरा अजीबोगरीब तस्वीरों से भरा हुआ था, जिसमें ड्रैगन और अन्य आकृतियों के चित्र शामिल थे. एक पड़ोसी ने बताया, ‘‘साहिल के कमरे से कई अन्य डरावनी तस्वीरें भी मिली हैं. कमरे में बीयर की खाली बोतलें मिली हैं. साहिल केवल बिल्ली को खाना खिलाने के लिए बाहर जाता था. उसके कमरे की लाइट बंद रहती थी.’’ The post Meerut Murder : साहिल ने मुस्कान पर किया काला जादू? सौरभ हत्याकांड में आया नया मोड़ appeared first on Naya Vichar.

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Bandh Today : बंद के कारण क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद, जानें यहां

Bandh Today : कर्नाटक में 22 मार्च, शनिवार को बंद बुलाया गया है. सुबह 6 बजे बंद शुरू हो गया है. यह शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. बंद 12 घंटे तक रहेगा. यह बंद कन्नड़ ओक्कूटा के द्वारा बुलाया गया है, जो विभिन्न प्रोकन्नड़ संगठनों का एक ग्रुप है. बंद का मुख्य कारण बेलगावी में एक बस कंडक्टर पर हुए कथित हमले के विरोध में है, जिसे मराठी न बोलने पर प्रोकन्नड़ संगठनों के सदस्यों द्वारा निशाना बनाया गया था. बंद का कारण जानें पिछले महीने, बेलगावी से बालेकुंद्री जा रही कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की बस के कंडक्टर पर हमला किया गया था. उसपर मराठी न बोलने के कारण प्रोकन्नड़ संगठनों के सदस्यों ने हमला किया था. इस घटना के बाद, महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच अंतर-राज्यीय बस सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं. दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से भाषाई विवाद चल रहा है. इसमें महाराष्ट्र ने स्वतंत्रता के बाद बेलगावी पर दावा किया था, क्योंकि वहां मराठी बोलने वाली आबादी अधिक है. कर्नाटक प्रशासन नहीं करेगी बंद का समर्थन कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की है कि सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली राज्य प्रशासन इस बंद का समर्थन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, “हम संगठनों को समझाएंगे. बंद से उन छात्रों पर प्रभाव पड़ेगा जिनकी परीक्षाएं पहले से ही शुरू हो चुकी हैं.” इसके अलावा, बेलगावी और राज्य के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी. ये भी पढ़ें: Meerut Murder : साहिल के बगल में रहना चाहती है मुस्कान, जेल में पूरी रात रोई, खाना भी नहीं खाया क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा जानें बस सेवाएं: KSRTC और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) यूनियनों ने बंद के प्रति समर्थन व्यक्त किया है, जिससे राज्य भर में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. ओला, उबर: टैक्सी सेवाओं पर बंद का प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि ड्राइवर संघों ने बंद का समर्थन किया है. ऑटो-रिक्शा: ऑटो-रिक्शा यूनियनों ने भी बंद का समर्थन किया है, जिससे इन सेवाओं की उपलब्धता सीमित हो सकती है. शैक्षणिक संस्थान: बंद के कारण स्कूल और कॉलेज बंद रह सकते हैं, जिससे छात्रों को असुविधा हो सकती है. व्यापारिक प्रतिष्ठान: कई व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है, जिससे दुकानों और व्यवसायों के बंद रहने की संभावना है. The post Bandh Today : बंद के कारण क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद, जानें यहां appeared first on Naya Vichar.

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BCCI के फैमिली रूल पर हेजल कीच का बड़ा बयान, कहा- जब युवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे थे…

BCCI Family Rule: हिंदुस्तानीय क्रिकेट की शीर्ष संस्था ने टीम इंडिया के लिए दो टेस्ट शृंखलाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद 10 पॉइंट डिक्टैट लागू किए थे. इनमें सभी विषयों पर संभवतः बात बन गई थी, लेकिन एक बात पर कई खिलाड़ियों और दिग्गजों ने अपनी राय रखी. इस पर उन्होंने अपनी नाराजगी और नाखुशी जताई थी. विराट कोहली और कपिल देव जैसे दिग्गजों ने हाल ही में इस निर्णय पर निराशा जताई थी, जिसमें खिलाड़ियों को दौरे पर परिवार को साथ रखने पर कुछ अतिरिक्त नियम लगाए गए थे. अब इस मुद्दे पर हिंदुस्तानीय क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) की पत्नी ने अपनी राय रखी है. उन्होंने बीसीसीआई के नियम को सही बताया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अलग रहना परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन एक निश्चित अवधि तक उनकी उपस्थिति को सीमित करने से खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. नियम के बारे में बात करते हुए कीच ने एएनआई से कहा, “मैं समझ सकती हूं कि जब युवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्पोर्ट्स रहे थे, एक टूर्नामेंट से दूसरे टूर्नामेंट में जा रहे थे और वह लंबे समय तक दूर रहते थे. छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए इतने लंबे समय तक दूर रहना मुश्किल था. लेकिन जब मैं उनके मैच देखती थी, तो युवी हमेशा मेरे बारे में चिंतित रहते थे, जिससे उनका स्पोर्ट्स पर ध्यान प्रभावित होता था. इसलिए, सीमित समय के लिए परिवारों को शामिल करने की अनुमति देना दोनों तरह से फायदेमंद है.” Hazel Keech on BCCI Family Rule. नियम के अनुसार, खिलाड़ियों के तत्काल परिवार, जिसमें उनके साथी और शिशु शामिल हैं, 45 दिनों से अधिक समय तक चलने वाले दौरे के पहले दो सप्ताह के बाद 14 दिनों तक उनके साथ रह सकते हैं. छोटे दौरों पर, खिलाड़ी एक सप्ताह तक अपने परिवारों के साथ रह सकते हैं. वर्तमान में, BCCI दौरे के दौरान खिलाड़ियों के परिवारों के लिए आवास लागत को वहन करता है, लेकिन उनके यात्रा खर्चों को वहन नहीं करता है. बीसीसीआई ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से हिंदुस्तान की 3-1 की हार के बाद दौरे के दौरान खिलाड़ियों के परिवार के समय पर ये प्रतिबंध लगाए. इन दिशानिर्देशों को खिलाड़ी अनुबंधों में शामिल किया गया था, लेकिन COVID-19 महामारी के दौरान अस्थायी रूप से छूट दी गई थी जब खिलाड़ियों के परिवारों को उनकी मानसिक भलाई का समर्थन करने के लिए टीम बबल में शामिल होने की अनुमति दी गई थी. हालांकि ताजा अपडेट में बीसीसीआई ने इस नियम में कुछ बदलाव करने के संकेत दिए थे. लेकिन नियम उसी तरह रहेंगे. किसी भी परिस्थिति में खिलाड़ियों को बीसीसीआई से अनुमति लेनी पड़ेगी, जिसके बाद उस पर विचार किया जाएगा. बीसीसीआई के सचिव देवाजीत सैकिया ने एक राष्ट्रीय दैनिक से बात करते हुए कहा था कि नियम ऐसे नहीं हैं कि आज बनाए और कल समाप्त हो गए, इनमें कुछ हेरफेर हो सकता है, लेकिन ये नियम आगे भी रहेंगे.  जब मैच के बीच में ही नागिन डांस करने लगे दोनों टीम के खिलाड़ी, वीडियो देख हंसी नहीं रुकेगी हाय रे पैसा! किसकी कप्तानी में स्पोर्ट्सना पड़ रहा है धोनी, कोहली और रोहित शर्मा को कोहली ने खड़ा किया रनों का पहाड़, धोनी, चहल के नाम भी दर्ज हैं बड़े रिकॉर्ड, देखें IPL के चौंकाने वाले आंकड़े The post BCCI के फैमिली रूल पर हेजल कीच का बड़ा बयान, कहा- जब युवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्पोर्ट्स रहे थे… appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Board 12th Result 2025: बिहार बोर्ड इंटर के रिजल्ट पर बड़ा अपडेट, इस दिन जारी होगा परिणाम

Bihar Board 12th Result 2025: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी BSEB जल्द ही बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट जारी करने वाला है. मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार बोर्ड के तरफ से टॉपर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि महज एक से दो दिन में बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा. बिहार बोर्ड की खासियत ये है कि वह सबसे पहले बोर्ड एग्जाम कराने और सबसे तेज रिजल्ट प्रकाशित करने के लिए जाना जाता है. रिजल्ट जारी होते ही छात्र तुरंत नीचे दिए गए आसान स्टेप्स से अपना रिजल्ट बिहार बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं. Bihar Board 12th 2025 Total Students: कितने बच्चों ने दी थी बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा ? इस साल बिहार में 1,677 केंद्रों पर कुल 12,92,313 छात्र इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल हुए. इनमें 6,41,847 लड़कियां और 6,50,466 लड़के थे. Bihar Board Inter Passing Marks: बिहार बोर्ड 12वीं में पास होने के लिए कितने अंक चाहिए ? बीएसईबी बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा में पास होने के लिए, छात्रों को थ्योरी पेपर में कम से कम 33% अंक और प्रैक्टिकल परीक्षा में 40% अंक प्राप्त करने होंगे. Bihar Board 12th 2024 Pass Percentage: पिछले साल बिहार बोर्ड इंटर में कैसा रहा था छात्रों का प्रदर्शन ? 2024 में, बिहार बोर्ड इंटर के सभी स्ट्रीम में कुल पास प्रतिशत 87.21% रहा. स्ट्रीम के हिसाब से पास प्रतिशत विज्ञान में 87.80%, कला में 86.15%, वाणिज्य में 94.88% और व्यावसायिक स्ट्रीम में 85.38% रहा. उस साल सभी स्ट्रीम में लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया था. Bihar Board 12th Result How To Check: कैसे चेक करें बिहार बोर्ड इंटर का परिणाम ? 1. छात्र सबसे पहले बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं.2. होमपेज पर “Bihar Board Result 2025” या “बिहार बोर्ड रिजल्ट” के लिंक पर क्लिक करें.3. रोल नंबर, रोल कोड और अन्य डिटेल्स दर्ज करें.4. सबमिट पर क्लिक करें.5. सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट आपके स्क्रीन पर आ जाएगा.6. रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट लेकर रखें. Also Read: Bihar Sarkari Naukri: बिहार में 66,108 पदों पर बंपर बहाली, 10वीं पास से लेकर ग्रैजुएट सभी को मौका बीते 5 वर्षों में कब जारी हुआ था Bihar Board इंटर का परिणाम ? वर्ष परिणाम घोषित करने की तिथि 2024 23 मार्च 2023 21 मार्च 2022 16 मार्च 2021 26 मार्च 2020 24 मार्च Also Read: Bihar Board 12th Result 2025 LIVE: खत्म होगा इंतजार, इस दिन जारी हो सकता है बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट The post Bihar Board 12th Result 2025: बिहार बोर्ड इंटर के रिजल्ट पर बड़ा अपडेट, इस दिन जारी होगा परिणाम appeared first on Naya Vichar.

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