Hot News

April 2, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

131.8 लीटर देसी शराब बरामद, बांका के दो तस्कर गिरफ्तार

प्रतिनिधि, संग्रामपुर. जुगाड़ गाड़ी पर लदे पुआल के बीच में रखकर शराब ढुलाई कर रहे तस्करों के मनसूबे को पुलिस ने विफल कर दिया. बुधवार को संग्रामपुर पुलिस ने सरकटिया मोड़ से दो शराब तस्करों को 131.8 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया. जबकि शराब ढुलाई में प्रयुक्त जुगाड़ वाहन को भी जब्त किया गया. बताया जाता है कि बांका जिले के शंभुगंज थाना क्षेत्र के छत्रहार निवासी रोहित कुमार और जय कुमार जुगाड़ी गाड़ी पर पुआल लाद कर ला रहे थे. पुआल के बीच में देसी शराब को छोटे-छोटे पॉलिथीन में पैक कर लाया जा रहा था. इसकी भनक संग्रामपुर पुलिस को लग गयी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के सरकटिया मोड़ के समीप जुगाड़ वाहन को रोका और तलाशी लेना प्रारंभ कर दिया. इस दौरान जुगाड़ गाड़ी पर लदे पुआल के नीचे छिपाकर रखी गयी भारी मात्रा में देसी शराब की खेप बरामद हुई. शराब छोटे-छोटे पॉलिथीन में पैक थी, जिसे अन्यत्र जगह खपाने को ले जाया जा रहा था. इसकी कुल मात्रा 131.8 लीटर बतायी जा रही है. वहीं पुलिस ने दोनों तस्करों रोहत व जय को गिरफ्तार कर लिया और जुगाड़ वाहन को भी जब्त कर लिया. आशंका जतायी जा रही है कि इस अवैध शराब को जंगली इलाके में तैयार कर अन्यत्र सप्लाई किया जा रहा था. इस संबंध में थानाध्यक्ष विनोद कुमार झा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गयी कार्रवाई में भारी मात्रा में देसी शराब के साथ दो शराब तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post 131.8 लीटर देसी शराब बरामद, बांका के दो तस्कर गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दुमका में बेटी की शादी का कार्ड देने आये बड़े भाई की कर दी हत्या, आरोपी गिरफ्तार

दुमका : दुमका जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सरसरिया गांव में मंगलवार की देर शाम बेटी की शादी का कार्ड देने आये 50 वर्षीय सनातन हांसदा को छोटे भाई माइकल हांसदा ने कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया. सगे भाई की हत्या के बाद भाग रहे आरोपित को ग्रामीणों ने पकड़ कर खंभा से बांध दिया. इसके बाद गांव पहुंच कर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है. बुधवार को बेटे अर्जुन हांसदा के बयान पर मामला दर्ज कर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. आरोपित को जेल भेज दिया गया है. छोटे भाई को शादी का कार्ड देने के लिए पहुंचा था घर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भारूडीह गांव के सनातन हांसदा की दो बेटी और तीन बेटे हैं. पूरा परिवार खेती करता है. सनातन ने बड़ी बेटी शादी तय कर दी. पांच मई को उसकी बारात आने वाली है. पिता बेटी की शादी तय हो जाने से बहुत खुश थे. मंगलवार की शाम वह सरसरिया गांव में रहने वाले छोटे भाई माइकल हांसदा को शादी का कार्ड देने गया था. वहां पहुंचने के बाद किसी बात पर नशे में धुत्त छोटे भाई से बहस हो गयी. Also Read: देवघर में फुट ओवरब्रिज की सीढ़ी से गिरकर वृद्ध की मौत, ट्रेन पकड़ने जाने के दौरान हुआ हादसा छोटे भाई ने पीछे से किया हमला बहस के बाद सनातन जैसे ही घर जाने के लिए बाहर निकला तो पीछे से माइकल ने कुल्हाड़ी से तीन चार बार हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. शोर मचाने पर गांव के लोगों ने भाग रहे आरोपित को घेर लिया और खंभे से बांधने के बाद पुलिस को सूचना दी. पुलिस का कहना है कि हत्या का मामला दर्ज कर माइकल को गिरफ्तार कर लिया गया है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें The post दुमका में बेटी की शादी का कार्ड देने आये बड़े भाई की कर दी हत्या, आरोपी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘वक्फ में संशोधन की जरूरत’, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने क्यों कही ये बात

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बुधवार को मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने वक्फ कानून में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, “जब मैं मंत्री था, तब मेरे पास वक्फ विभाग था. 90 फीसदी से ज्यादा मुकदमे हैं. क्या इसमें कोई चैरिटेबल ट्रस्ट का काम हो रहा है, कोई अनाथालय, कोई विश्वविद्यालय या कोई धर्मार्थ का कार्य हो रहा है? आज जहां 90 फीसदी मुकदमे हैं, वहां कोई काम भी नहीं हो रहा है. इसका फायदा बड़े लोगों को हो रहा है. इसमें सुधार की जरूरत है.” वक्फ में कई समस्याएं हैं : आरिफ मोहम्मद खान  उन्होंने कहा, “मैं इसकी गहराई में नहीं जाऊंगा. लेकिन, मैं प्रशासन में मंत्री रहा. आपको देखना चाहिए कि मथुरा में वक्फ की संपत्ति है, वहां क्या कोई चैरिटी ऑर्गनाइज कर रहे हैं. अगर अपनी जमीन अल्लाह को दान कर दी है, तो उसका उपयोग सबसे पहले गरीबों के लिए होना चाहिए. वक्फ में कई समस्याएं हैं. इसका निदान होना चाहिए. इतनी बड़ी प्रॉपर्टी है और गरीब आदमी को कोई मदद नहीं मिल रही. मैं राज्यपाल हूं. इस कारण मैं विपक्ष पर कुछ नहीं कहूंगा. मैं अपनी राय दे रहा हूं. यह वाकया मैंने उस समय का बताया, जब मैं मंत्री था. मेरे पास यह विभाग रहा है.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आज वक्फ पर बड़े लोगों का कब्जा : राज्यपाल उन्होंने कहा कि वह किसी राजनेता के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे, लेकिन उनकी निजी राय है कि इसमें मुकदमेबाजी से निजात मिलनी चाहिए. वक्फ की संपत्ति का इस्तेमाल गरीब आदमी के लिए होना चाहिए. आज वक्फ पर कब्जा बड़े लोगों का है, जबकि इसका फायदा गरीबों को मिलना चाहिए. इसे भी पढ़ें : Patna Railway Station Net Worth : बिहार का सबसे अमीर रेलवे स्टेशन है पटना जंक्शन, करोड़ों नहीं अरबों में है मुनाफा इसे भी पढ़ें : प्यार को नहीं दे पाए मुक्कमल अंजाम तो मौत को लगाया गले, कमरे में मिली प्रेमी जोड़े की लाश  The post ‘वक्फ में संशोधन की जरूरत’, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने क्यों कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

UPI: यूपीआई पर टूट पड़े लोग, 6 महीने में कर दिया 93.23 अरब का ट्रांजेक्शन

UPI: हिंदुस्तान में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बना हुआ है. 2024 की दूसरी छमाही में यूपीआई के माध्यम से किए गए लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 42% बढ़कर 93.23 अरब तक पहुंच गई। यह जानकारी वर्ल्डलाइन की 2024 की दूसरी छमाही की ‘इंडिया डिजिटल भुगतान रिपोर्ट’ में दी गई है. UPI में फोनपे, गूगल पे और पेटीएम का दबदबा वर्ल्डलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई लेनदेन में PhonePe, Google Pay और Paytm का वर्चस्व बना हुआ है. दिसंबर 2024 में इन तीन ऐप्स की कुल हिस्सेदारी 93% थी, जबकि लेनदेन के मूल्य के मामले में यह 92% रही. UPI लेनदेन में जबरदस्त बढ़ोतरी 2023 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में यूपीआई लेनदेन की संख्या 65.77 अरब थी, जो 2024 में बढ़कर 93.23 अरब हो गई. इसी अवधि में यूपीआई के माध्यम से किए गए भुगतान का कुल मूल्य 31% बढ़कर 1,30,190 अरब रुपये हो गया, जो 2023 में 99,680 अरब रुपये था. डिजिटल भुगतान के अन्य माध्यम UPI के अलावा हिंदुस्तान में डिजिटल भुगतान के अलावा अन्य माध्यमों से भी पेंमेंट किया जाता है. क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड मोबाइल वॉलेट और मोबाइल बैंकिंग नेट बैंकिंग POS (पॉइंट ऑफ सेल) लेनदेन इसे भी पढ़ें: मैट्रिक से लेकर यूपीएससी तक अलख जगाएगा Physics Wallah, Drishti IAS के साथ डील! UPI की लोकप्रियता बढ़ने के कारण वर्ल्डलाइन इंडिया के सीईओ रमेश नरसिम्हन ने बताया कि हिंदुस्तान में डिजिटल भुगतान तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, “UPI का व्यापक रूप से अपनाया जाना, POS बुनियादी ढांचे का विस्तार, मोबाइल लेनदेन की बढ़ती प्राथमिकता और डिजिटल ट्रांजैक्शन का समर्थन करने वाली नीतियां इस विकास को बढ़ावा दे रही हैं.” इसे भी पढ़ें: लालू यादव के पास कितनी है संपत्ति, हर महीने कितना पाते हैं पेंशन? The post UPI: यूपीआई पर टूट पड़े लोग, 6 महीने में कर दिया 93.23 अरब का ट्रांजेक्शन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Success Story: असफलता के बाद भी नहीं मानी हार, इन चीजों से बनाई दूरी और 24 की उम्र में बनीं IAS अधिकारी

Success Story of Neha Byadwal in Hindi: कठिन परीक्षाओं के दौरान सही मार्गदर्शन और हौसला देने के लिए संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है. माता-पिता का सहयोग और सकारात्मक माहौल बच्चों की सफलता में अहम भूमिका निभाता है. IAS अधिकारी नेहा बयाडवाल की कहानी (Success Story of Neha Byadwal in Hindi) भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने यूपीएससी एग्जाम में सफलता पाने के लिए कई बार प्रयास किया लेकिन कई असफलता मिली. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और प्रयास दोगुना कर दिया और आईएएस अधिकारी बन गईं. इसलिए उनकी सफलता और मेहनत ने उन्हें UPSC की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक प्रेरणा बना दिया है जिसके बारे में यहां विस्तार से बताया गया है. आईआईटी कानपुर में एडमिशन के बाद शुरू की तैयारी (Neha Byadwal) रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहा के पिता श्रवण कुमार वरिष्ठ आयकर अधिकारी हैं. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई अपने होम टाउन से पूरी की और फिर आईआईटी कानपुर में एडमिशन लिया. यहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद नेहा ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी. यह भी पढ़ें- Dr M K Ranjitsinh: IAS अधिकारी बनने के लिए छोड़ दी ‘शाही उपाधि’….इसलिए कहा जाता है हिंदुस्तान का ‘चीता मैन’ असफल होने के बाद तैयारी के पैटर्न में किया बदलाव (UPSC Success Story in Hindi) देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा में नेहा पहली बार शामिल हुईं तो उन्हें असफलता हाथ लगी, लेकिन उन्होनें हार नहीं मानी और नेहा ने अपने अध्ययन पैटर्न में बदलाव करने का फैसला किया. उन्होंने जो सबसे बड़ा बदलाव किया, वह था खुद को सोशल मीडिया से दूर रखना. 3 साल तक सोशल मीडिया से दूरी तो पाई सफलता (Success Story of Neha Byadwal) रिपोर्टों के अनुसार, नेहा ने अपने मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सीमित कर दिया और 3 साल तक फोन का यूज कम और सोशल मीडिया से दूरी बना ली. अपने लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए नेहा ने 2021 में 24 वर्ष की उम्र में 500 से अधिक रैंक लाकर सपना पूरा किया और वह IAS सर्विस के लिए चुनी गईं. यूपीएससी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को ये सलाह (Success Story of Neha Byadwal) यूपीएससी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को खुद पर भरोसा रखना और लगातार मेहनत करना सबसे जरूरी है. सफलता के लिए कड़ी मेहनत का कोई दूसरा रास्ता नहीं होता. हर दिन अपने छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे करें, इससे आपको मोटिवेशन मिलेगा और आप बेहतर कर पाएंगे. जब जरूरत हो तो सही लोगों से सलाह लें. हमेशा सकारात्मक सोचें और हर छोटी चीज में खुशी ढूंढने की आदत डालें. यह भी पढ़ें- JEE Success Story: 15 घंटे पढ़ाई…मेहनत और समर्पण की मिसाल, किसान का बेटा ऐसे बना IIT JEE मेन टॉपर The post Success Story: असफलता के बाद भी नहीं मानी हार, इन चीजों से बनाई दूरी और 24 की उम्र में बनीं IAS अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

लीज पर जमीन लेकर किसान ने  कर दिया कमाल, ऑर्गेनिक खेती के दम पर लहलहा रही 50 बीघे  की फसल

गया : खेती से आमदनी कम होने की बात हर ओर से सुनने को मिलती है. इसके बाद भी एक युवा किसान इस तरह की सारी मिथ्या को झुठलाते हुए अपनी जमीन नहीं होने के बाद भी लाखों रुपये हर माह कमा रहा. हम बात कर रहे युवा किसान धर्मेंद्र प्रजापति की. धर्मेंद्र सीजन नहीं होने के बाद भी फल व सब्जी को बाजार में आर्गेनिक तरीके उपजा कर पहुंचा रहे हैं. धर्मेंद्र बताते हैं कि उनके नाम पर एक धूर जमीन नहीं है. वे लीज पर जमीन लेकर खेती करते हैं. उनकी हर वक्त कोशिश रहती है कि बेहतर किस्म के बीज को ही लगाया जाये, ताकि बाजार में फल व सब्जी का अच्छा मूल्य मिल सके. फाइल फोटो 55 बीघा में कर रहे खेती शहर के वार्ड नंबर 29 के चंदौती के घुटिया मुहल्ले में 55 बीघा में खेती की जा रही है. फिलहाल यहां पर उन्नत किस्म के तारबूज, खरबूज, पपीता, कद्दू, आदि उपजाया जा रहा है. तारबूज की नामधारी देशी, खरबूज मुस्कान, सरस्वती जन्नत तारबूज, बॉबी व मधुराम किस्म के नस्ल को पैदा किया जा रहा है. आठ से 10 दिनों में दोनों में फल मार्केट जाने लगेंगे. इस उन्नत किस्म के फल को तैयार करने में करीब 65 दिनों का समय लगता है. खरबूज में बॉबी किस्म का अधिक दाम बाजार में मिल जाता है. साधारण खरबूज की कीमत अगर 30 रुपये प्रति किलो होती है, तो एक किलो बॉबी खरबूज की कीमत 60-70 रुपये तक होती है. इसके साथ ही डोभी में भी लीज पर 50 बीघा जमीन लेकर खेती शुरू कर दी है. इस तरह से खेती में मिलती है दोगुना आमदनी धर्मेंद्र बताते हैं कि माह के हिसाब से देखा जाये, तो उनकी आमदनी तीन लाख रुपये हो जाती है. एक लाख अगर फसल उपजाने में इस विधि से पूंजी लगाते हैं. इसमें मजदूरी, बीज, पटवन आदि सब कुछ शामिल रहता है. फसल तैयार होने पर उसमें तीन लाख रुपये तक आ जाते हैं. तरबूज व खरबूज में आमदनी थोड़ी अधिक होती है. फिलहाल छह एकड़ में तरबूज व खरबूज की खेती की है. 65 दिनों के इस खेती में 22 लाख रुपये तक आयेंगे. देश में चिप्स का पैकेट बनाने वाली कंपनी को देते हैं आलू धर्मेंद्र ने बताया कि चिप्स का आलू इस बार अच्छा हुआ है. देश में चिप्स का पैकेट तैयार करनेवाली नामी-गिरामी कंपनी को चिप्स वाले आलू की सप्लाइ देते हैं. यह आलू एक विशेष किस्म का होता है. इस बार उक्त किस्म के 600 क्विंटल आलू का उत्पादन उनके पास हुआ है. पिछले कई वर्षों से ये चिप्स के आलू की सप्लाइ दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि सामान्य आलू की कीमत अगर 20 रुपये है, तो यह आलू 40 रुपये कंपनी खरीद लेती है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें बहुत सारे लोगों को मिल रहा है रोजगार इतने बड़े पैमाने पर खेती करने से बहुत सारे लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया जा रहा है. श्री प्रजापति बताते हैं कि हर दिन 30-40 लोग इनके खेत में काम करते हैं. बाजार में भेजने लायक फसल होने के बाद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को रोजगार मिलता है. इसे भी पढ़ें : Patna Railway Station Net Worth : बिहार का सबसे अमीर रेलवे स्टेशन है पटना जंक्शन, करोड़ों नहीं अरबों में है मुनाफा इसे भी पढ़ें : बिहार में वक्फ के पास है इतनी जमीन की बस जाए दूसरा राज्य, अरबों नहीं खरबों में है जमीनों की कीमत The post लीज पर जमीन लेकर किसान ने  कर दिया कमाल, ऑर्गेनिक खेती के दम पर लहलहा रही 50 बीघे  की फसल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पर्यावरण के प्रति गजब का प्रेम! प्रकृति को बचाने के लिए 15 माह से साइकल यात्रा कर रहा झारखंड का यह शख्स

धनबाद : धनबाद के रहने वाले नागेश्वर प्रकृति को बचाने का संदेश देने के लिए 15 माह 23 दिन से साइिकल से यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने नया विचारे से बातचीत में कहा कि वह एक दिन में 90 से 100 किलोमीटर तक की यात्रा करते हैं. इस दौरान वे लोगों के बीच जल, जीवन, हरियाली के महत्व और कथित संरक्षण का संदेश देते हैं. नागेश्वर साइिकल यात्रा के क्रम में मधेपुरा पहुंचे. वहां उन्होंने सामाजिक न्याय के प्रणेता बीपी मंडल को नमन किया. इन राज्यों की यात्रा कर चुके हैं नागेश्वर नागेश्वर ने बताया कि नौ दिसंबर 2023 से साइिकल पर अब तक वह पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तामिलनाडू, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की यात्रा कर चुके हैं. जहां भी रात हो जाये, वह छोटे से टेंट में रात्रि विश्राम करते हैं. उनकी यात्रा का असली उद्देशय हिंदुस्तान भ्रमण और लोगों में सेव नेचर से लाइफ का संदेश देना है. Also Read: ऐसा हुआ तो झारखंड प्रशासन किसानों को देगी 4 हजार रुपये, केवल ये लोग ही ले सकेंगे लाभ असम के युवक भी कुछ माह पहले पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर पहुंचे थे कोडरमा इससे पहले भी असम के 24 वर्षीय युवक विशाल ने भी दिसंबर में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को लेकर कोडरमा पहुंचे थे. वे 5 महीने 10 दिन की यात्रा के बाद वे यहां पहुंचे थे. यहां के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस दौरान विशाल ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ साथ अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए लोगों को प्रेरित किया था. वे कश्मीर से कन्याकुमारी भ्रमण के दौरान कई प्रदेशों का दौरा कर चुके हैं. यात्रा के दौरान उन्हें लोगों का भरपूर सपोर्ट मिला था. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें The post पर्यावरण के प्रति गजब का प्रेम! प्रकृति को बचाने के लिए 15 माह से साइकल यात्रा कर रहा झारखंड का यह शख्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

खेत में मिला किसान का शव व बाइक, हादसे की आशंका

वजीरगंज. वजीरगंज-फतेहपुर रोड में सहादेव स्थान के निकट बुधवार की अहले सुबह एक व्यक्ति का शव खेत में पाया गया. वहीं उसकी बाइक भी दुर्घटनाग्रस्त होकर पड़ी थी. मृतक की पहचान टनकुप्पा थाना अंतर्गत चोवार निवासी 40 वर्षीय राजेश कुमार के रूप में की गयी है. घटना की सूचना पर पुलिस बल स्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए एएनएमएमसीएच भेजा गया. थानाध्यक्ष वेंकटेश्वर ओझा ने बताया कि मृतक के भाई के बयान पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. परिजन राहुल ने बताया कि वह एक साधारण किसान थे, उनके तीन पुत्र हैं और तीनों 10 वर्ष आयु वर्ग से कम के हैं. बुधवार की सुबह अपने साथी को उसके परिवार के यहां पुरा गांव छोड़ने गये थे, अकेले वापस लौटने के क्रम में यह हादसा हुआ है. मौत संदेहात्मक प्रतीत हो रही है, वैसे पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. सिर पर चोट लगी है, वहीं बाइक सहित वे सड़क के नीचे गड्ढे में पड़े मिले. पोस्टमार्टम के बाद शव का दाह संस्कार गांव में किया गया. आकस्मिक निधन से पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा है और सभी का रो-रो कर बुरा हाल है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post खेत में मिला किसान का शव व बाइक, हादसे की आशंका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

प्रकृति से प्रेम का संदेश देता है सरहुल : विधायक

बरवाडीह. प्रखंड के छिपादोहर के गांधी मैदान में प्रकृति का पर्व सरहुल पूजा समारोह का आयोजन किया. समारोह की शुरुआत सरना पूजा समिति के अध्यक्ष, पंचायत समिति सदस्य व गांव के बैगा पाहन दिलीप कुमार सिंह ने सरना माता, पेड़ फूल आदि की पूजा से हुई. पूजा के बाद सभी ने जल जंगल जमीन बचाने का संकल्प लिया. तत्पश्चात समिति के तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली गयी. शोभायात्रा गांधी मैदान से निकलकर बाघटोला आदि मार्गों का भ्रमण करते हुई पुनः गांधी मैदान में आकर समाप्त हुआ. शोभायात्रा में जय सरना, जय चाला के नारों एवं ढोल मांदर की थाप से गुंजायमान रहा. मौके पर मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि हम सभी को प्रकृति की अस्मिता बचाये रखने की जरूरत है. जल, जंगल और जमीन सुरक्षित रहेगी तभी हम लोग सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने सभी से अपने अपने क्षेत्रों में वनों को बचाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हमारे यहां वनों की अधिकता के कारण ही हम सभी कोरोना काल में अधिक सुरक्षित रहे. सरहुल का पर्व हम सभी को प्रकृति से प्रेम करने का संदेश देता है. कार्यक्रम के अंत में झूमर मंडली को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. मौके पर प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी, बीडीओ रेशमा रेखा मिंज, विधायक प्रतिनिधि प्रेम कुमार सिंह, जिप सदस्य कन्हाई सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस राज गुप्ता, देवनाथ सिंह खरवार, राजू प्रसाद, निजाम अंसारी, बेरोनिका कुजूर, स्त्रोहण सिंह, केदार सिंह, राजा सिंह, युवराज सिंह, बुधराम सिंह, दीपा देवी, प्रवीण कुमार, मुसाफिर यादव, श्रवण सिंह, कृष्ण प्रसाद, कुलेश्वर सिंह, नरेश सिंह व दिलीप सिंह समेत कुचिला, लात, चुंगरू, हरातू, केड व छिपादोहर पंचायत के काफी संख्या में लोग शामिल थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रकृति से प्रेम का संदेश देता है सरहुल : विधायक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बच्चों में शैक्षणिक विकास करना ही उद्देश्य : जानकी

बारियातू. प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बुधवार को त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ. समापन सत्र का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पलामू विभाग के विभाग संघ चालक जानकी नंदन राणा, विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव माधव प्रसाद, एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेन्द्र राम ने संयुक्त रूप से किया. प्रधानाचार्य श्री राम ने कहा कि विद्या हिंदुस्तानी के राष्ट्रीय शिक्षण संरचना के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने हेतु एक सुव्यवस्थित योजना तैयार की गयी है. उन्होंने सभी आचार्यों से आह्वान किया कि वे टीम भावना, समर्पण एवं निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य को आगे बढ़ाएं. विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव श्री प्रसाद ने विद्या हिंदुस्तानी के पांच आधारभूत विषयों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे वे भविष्य में राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें. विभाग संघ चालक जानकी नंदन राणा ने कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पूरी ऊर्जा एवं तैयारी के साथ कक्षा में प्रवेश करें. उन्होंने शिक्षण में चित्रों के माध्यम से पढ़ाने की पद्धति को अपनाने पर बल दिया, जिससे विद्यार्थी तेजी से सीख सकें. सतत् मूल्यांकन की प्रक्रिया को अपनाने की सलाह दी ताकि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन पर विशेष ध्यान दिया जा सके. मौके पर कई लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बच्चों में शैक्षणिक विकास करना ही उद्देश्य : जानकी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top