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April 5, 2025

समस्तीपुर

श्रीराम जानकी मंदिर के विधि सलाहकार बने डॉ.राम किशोर चौधरी

नया विचार सरायरंजन :प्रखंड के जितवारपुर कुम्हिरा निवासी व हिंदुस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ. राम किशोर चौधरी बने श्रीराम जानकी मंदिर नरघोघी के विधि सलाहकार। श्रीराम जानकी मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष व अनुमंडल पदाधिकारी सदर तथा उक्त मंदिर समिति से सचिव नन्द कुमार झा ने डॉ.चौधरी को उक्त मंदिर संबंधित जमीनी वाद-विवाद सहित हर समस्या को सुलझाने हेतु सरायरंजन प्रखंड स्थित नरघोघी व अयोध्या नगरी सहित पूरे देश में श्रीराम जानकी मंदिर संबंधित जमीनी वाद विवाद व अन्य कानूनी समस्या व निदान लिए अधिकृत कियाहै।इस आशय की जानकारी समिति के सचिव नन्द कुमार झा ने दी। कानूनी कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने पर न्यास समिति के सदस्य सहित मंदिर के प्रधान पुजारी व महंत शिवराम दास ने डॉ.राम किशोर चौधरी को बधाई दी है।

समस्तीपुर

मंत्री ने किया बाबा केवल अखाड़ा घाट मेला का उद्घाटन 

नया विचार सरायरंजन: बिहार प्रशासन के पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री हरि सहनी ने शनिवार को प्रखंड के रायपुर बुजुर्ग स्थित बाबा केवल अखाड़ा घाट मेला का उद्घाटन किया । उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अखाड़ा घाट पर बाबा केवल कुश्ती स्पोर्ट्सते थे और अधिकतर समय यहीं व्यतीत करते थे। इसलिए इस स्थान का बड़ा ही महत्व है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपने-अपने बच्चों को शिक्षित बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभी के समय में शिक्षा ही सबसे बड़ी पूंजी है। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीलम सहनी, भाजपा नेता कैप्टन कमलेश सहनी,पूर्व जिला परिषद् सदस्य हरेराम सहनी, सरपंच प्रतिनिधि मुकेश कुमार, पूर्व मुखिया सह मेला अध्यक्ष दीपनारायण सहनी, रामचन्द्र सहनी, शंकर सहनी, समाजसेवी उमेश सहनी,पंकज सहनी, अशोक ईश्वर,जीवछ सहनी, राज कुमार सहनी, विक्रम सहनी, मनीष सहनी, बालेश्वर सहनी, दशरथ सहनी, नन्हकी सहनी, उपेन्द्र सहनी,सूरज सहनी, अमरजीत व्यास, हरिश्चंद्र सहनी आदि मौजूद रहे।

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Aurangabad News: ‘5 लाख रुपया रंगदारी दो नहीं तो मार देंगे’, औरंगाबाद में पैक्स अध्यक्ष पर जानलेवा हमला

Aurangabad News: औरंगाबाद जिला के मदनपुर प्रखंड के पिपरौरा पंचायत के परोरा गांव में पहले से ही घात लगाए बैठे अपराधियों ने पैक्स अध्यक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया. इस घटना में पैक्स अध्यक्ष सहित तीन लोग जख्मी हो गए. जख्मियों में परोरा गांव निवासी रामबरत मेहता के पुत्र और पिपरौरा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष गणेश कुशवाहा, बड़ा भाई कैलाश मेहता और उनका पुत्र विवेक कुमार शामिल है. घटना शनिवार सुबह घटी. सदर अस्पताल में इलाज के दौरान जख्मी पैक्स अध्यक्ष गणेश कुशवाहा ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों के साथ पैक्स चुनाव में उनका विवाद हुआ था. पूर्व में भी कई बार उक्त लोगों ने हत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके थे. पूरा परिवार दहशत में था पांच लाख रुपया रंगदारी टैक्स व हत्या की धमकी मिलने के बाद पैक्स अध्यक्ष का पूरा परिवार दहशत में था. पैक्स अध्यक्ष थाना में आवेदन देकर कार्रवाई करने की बात सोच ही रहा था कि उन लोगों ने हमला कर दिया. गणेश कुशवाहा ने बताया कि शनिवार सुबह जब वे खेत टहलने निकले तो उक्त लोग पहले से ही बधार में एक प्लानिंग के तहत लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर घात लगाए बैठे हुए थे. इसी दौरान उक्त लोगों ने पैक्स अध्यक्ष को चारों तरफ से घेर लिया और गाली-गलौज करने लगा. इसी दौरान आवेश में तीनों पिता-पुत्र ने पैक्स अध्यक्ष पर लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हमला कर दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें बुरी तरह पीटा गणेश कुशवाहा के चीखने-चिल्लाने की आवाज पर बड़ा भाई कैलाश मेहता और भतीजा विवेक कुमार बचाने के लिए दौड़े. इसी दौरान उन लोगों ने इनकी भी जमकर पिटाई कर दी. घटना के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गयी. इसी दौरान सभी अपराधी मौके से फरार हो गए. आनन-फानन में परिजनों ने तीनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इसे भी पढ़ें: Waqf Bill पर सीएम नीतीश ने पीएम मोदी को क्यों दिया समर्थन, मुस्लिम नेताओं ने कर दिया खुलासा पैक्स अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप मारपीट की घटना में पैक्स अध्यक्ष गणेश कुशवाहा का दोनों हाथ टूट गया और सिर फट गया. वहीं कैलाश मेहता का सिर्फ व एक पैर की अंगुली टूट गयी. सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने गणेश कुशवाहा की स्थिति गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन पैक्स अध्यक्ष को लेकर पीएमसीएच पटना चले गए. वहीं जख्मी भाई कैलाश का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया. पैक्स अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद भी उक्त लोगों द्वारा थाना में शिकायत करने पर हत्या करने की धमकी दी गयी है. मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मारपीट मामले की सूचना है. आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. (औरंगाबाद से मनीष राज सिंघम की रिपोर्ट) The post Aurangabad News: ‘5 लाख रुपया रंगदारी दो नहीं तो मार देंगे’, औरंगाबाद में पैक्स अध्यक्ष पर जानलेवा हमला appeared first on Naya Vichar.

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IdeaForge के सीएफओ के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, कंपनी ने कहा- कानून का हो रहा अनुपालन

IdeaForge: चेन्नई की मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने ड्रोन बनाने वाली कंपनी IdeaForge के सीएफओ (मुख्य वित्तीय अधिकारी) विपुल जोशी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. फ्रीप्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, IdeaForge के सीएफओ विपुल जोशी को कोर्ट में सशरीर पेश होकर जमानत भरनी थी, लेकिन वे कोर्ट नहीं पहुंचे. इससे पहले कोर्ट ने अपने एक आदेश में यह साफ कर दिया था कि सभी आरोपियों को 1 अप्रैल 2025 तक कोर्ट में पेश होकर 25 हजार रुपये की जमानत देने के साथ दो असली जमानती देने होंगे. हालांकि, कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह मामला तब सामने आया, जब हमारे एक ग्राहक ने हमारी बौद्धिक संपदा को अपने स्वामित्व के तौर पर हड़पने का प्रयास किया. उन्होंने हमारे उपकरणों को खराब करके और उनके साथ छेड़छाड़ करके राज्य प्रशासनों को गलत प्रतिनिधित्व किया. जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया, तो उन्होंने कंपनी को परेशान करने के इरादे से गलत कार्रवाई शुरू कर दी. फर्जी जमानती देने पर कोर्ट सख्त अंग्रेजी की वेबसाइट लोकमत की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले के तीन आरोपी अदालत में पेश हुए, लेकिन विपुल जोशी पेश होने या उन पर लगाई गई कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहे. अदालत ने उनके गैर-हाजिरी के बाद गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए कानून प्रवर्तन अधिकारियों को उन्हें गिरफ्तार करने और अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, अदालत ने मेहता, सिंह और गौतम पर इस मामले से कोई संबंध न रखने वाले व्यक्तियों को जमानतदार के रूप में पेश करके न्यायिक कार्यवाही को गुमराह करने का कथित रूप से प्रयास करने के लिए कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट में पेश किया फर्जी जमानती रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जब बाकी आरोपी कोर्ट में पहुंचे तो उन्होंने जमानती के तौर पर जिन लोगों को पेश किया, वे असली नहीं थे. वे न तो कंपनी को जानते थे और न ही उसका नाम कभी सुना था. कोर्ट ने इसे गंभीर धोखाधड़ी बताया और सख्त फटकार लगाई. कोर्ट ने साफ कह दिया कि अगर दोबारा ऐसा हुआ तो फर्जी जमानती को भी जेल भेज दिया जाएगा. हालांकि, एक आरोपी के रिश्तेदार की जमानत को कोर्ट ने मान लिया. ड्रोन खरीदने वाले ग्राहक ने लगाए आरोप ये पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब चेन्नई की एक कंपनी ने IdeaForge से 15 ड्रोन करीब 2.2 करोड़ रुपये में खरीदे. बाद में उस ग्राहक ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उन्हीं ड्रोन को रिमोट से हैक करके बंद कर दिया, जिससे उसके प्रोजेक्ट ठप हो गए और उनका नाम भी खराब हुआ. इन ड्रोन का इस्तेमाल प्रशासन की लगभग 70 करोड़ रुपये की योजनाओं में होना था, लेकिन सब कुछ रुक गया. धोखाधड़ी और हैकिंग के आरोप इस मामले में चेन्नई की साइबर क्राइम पुलिस ने जांच करके IdeaForge और उसके कुछ अफसरों पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं. इनके खिलाफ हिंदुस्तानीय कानून की धारा 409 और 65 के तहत केस दर्ज हुआ है और आईटी एक्ट की धारा 66 भी लगाई गई है. यानी मामला सिर्फ बिज़नेस का नहीं बल्कि साइबर क्राइम का भी है. इसे भी पढ़ें: अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए मनोज कुमार? जानिए पूरी जानकारी कंपनी का आधिकारिक बयान लोकमत की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह मामला एक ऐसी घटना से पैदा हुआ है, जिसमें हमारे एक ग्राहक ने हमारी बौद्धिक संपदा को अपने स्वामित्व के रूप में हड़पने का प्रयास किया और हमारे उपकरणों को खराब करके और उनके साथ छेड़छाड़ करके राज्य प्रशासनों को गलत प्रतिनिधित्व किया. जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया, तो उन्होंने कंपनी को परेशान करने के इरादे से गलत कार्रवाई शुरू कर दी. व्यक्तिगत आवश्यकताओं से पैदा हुए अंतरिम प्रक्रियात्मक मुद्दों को हल कर दिया गया है. वारंट वापस ले लिया गया है और रद्द कर दिया गया है. सभी उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है. हमारे वकीलों की सलाह पर कानून के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों के अनुसार मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो हमें हर कदम पर मार्गदर्शन दे रहे हैं. इसे भी पढ़ें: स्त्री सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध सावित्री देवी डालमिया, वस्त्र शिल्प से हासिल कीं नया मुकाम The post IdeaForge के सीएफओ के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, कंपनी ने कहा- कानून का हो रहा अनुपालन appeared first on Naya Vichar.

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Madhya Pradesh: फर्जी डॉक्टर का ‘खूनी खेल’, कार्डियोलॉजिस्ट बन 7 मरीजों की ले ली जान, मची खलबली

Madhya Pradesh: फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन से 7 लोगों की मौत का मामला मध्य प्रदेश के दमोह का है. जिसमें आरोप है कि नकली डॉक्टर ने निजी मिशनरी अस्पताल में मरीजों के दिन का ऑपरेशन किया था, जिससे 7 की मौत हो गई. अब जिला अधिकारी उस फर्जी डॉक्टर के खिलाफ आरोप की जांच में जुट गए हैं. एक महीने में 7 लोगों की मौत से खलबली अस्पताल में एक महीने के भीतर 7 मौतों की समाचार से क्षेत्र में खलबली मच गई. आरोप है कि एन जॉन केम नाम के एक व्यक्ति ने ईसाई मिशनरी अस्पताल में नौकरी ली. उसने खुद को एक फेमस ब्रिटिश डॉक्टर बताया और उसका ढोंग किया. उसने खुद को हृदय रोग विशेषज्ञ होने का दावा किया. इसके बाद उसने मरीजों के दिल का ऑपरेशन किया. अधिकारियों ने बताया, फर्जी डॉक्टर ने जिन मरीजों की सर्जरी की उनकी बाद में मौत हो गई. जांच में आरोपी फर्जी डॉक्टर का असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव निकला. ऐसे बच गई अन्य मरीजों की जान एक वकील और बाल कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष दीपक तिवारी ने एएनआई को बताया, “कुछ मरीज मेरे पास आए और हमें घटना के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया- वे अपने पिता को अस्पताल ले गए थे और फर्जी डॉक्टर ऑपरेशन करने के लिए तैयार था, लेकिन वे थोड़ा आशंकित थे, इसलिए वे अपने पिता को जबलपुर ले गए. तब हमें पता चला कि अस्पताल में एक नकली डॉक्टर काम कर रहा है. असली आदमी ब्रिटेन में है, और इस आदमी का नाम नरेंद्र यादव है. हैदराबाद में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है, और उसने कभी अपने असली दस्तावेज नहीं दिखाए.” आयुष्मान हिंदुस्तान योजना से जुड़ा है अस्पताल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया, “जिस मिशनरी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर ने मरीजों की सर्जरी की थी और बाद उनकी मौत हो गई, आयुष्मान हिंदुस्तान योजना से भी जुड़ा है और प्रशासन से पैसे भी ले रहा था. यह एक गंभीर शिकायत है. हमने मामले का संज्ञान लिया है और फिलहाल जांच चल रही है.” फर्जी डॉक्टर के खिलाफ जारी है जांच दमोह के एसपी अभिषेक तिवारी ने एएनआई को बताया, “हम फिलहाल मिशनरी अस्पताल में कई मौतों के मामले की जांच कर रहे हैं. फर्जी डॉक्टर पर पहले भी ब्रिटिश डॉक्टर एन जॉन केम बनकर रहने का आरोप है. The post Madhya Pradesh: फर्जी डॉक्टर का ‘खूनी स्पोर्ट्स’, कार्डियोलॉजिस्ट बन 7 मरीजों की ले ली जान, मची खलबली appeared first on Naya Vichar.

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क्या सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल को कर सकता है निरस्त, समझें संविधान में क्या है प्रावधान?

Table of Contents कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों पर क्या कहता है संविधान वक्फ बिल के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट क्या कर सकता है? Waqf Amendment Bill 2025 : वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को संसद ने पास कर दिया है. इस बिल को लोकसभा ने 2 अप्रैल और राज्यसभा ने 3 अप्रैल को पारित किया. यह विधेयक राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त करके कानून का रूप ले लेगा. विधेयक के कानून बनने की जो प्रक्रिया होती है, उसपर यह विधेयक पूरी तरह से सटीक बैठता है, बावजूद इसके इसे असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. इस परिस्थिति में देशवासियों के मन में यह सवाल है कि क्या सुप्रीम कोर्ट इस बिल को निरस्त कर सकता है? इस सवाल  का जवाब हमारा संविधान देता है. कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों पर क्या कहता है संविधान हिंदुस्तानीय लोकतंत्र जिन स्तंभों पर खड़ा है वे हैं-कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका. हिंदुस्तान का संविधान लिखित है और उसमें इन तीनों स्तंभों की भूमिका और अधिकार स्पष्ट तौर पर बताए गए हैं. संविधान ने तीनों स्तंभों के कार्यों का बंटवारा किया है और यह भी सुनिश्चित किया है कि तीनों स्तंभों में कभी टकराव ना हो और ऐसा भी ना हो कि किसी की शक्ति अत्यधिक और किसी की कम हो जाए. संविधान ने तीनों स्तंभों को जो कार्य दिए हैं वे इस प्रकार हैं- विधायिका यानी वह संस्था जो कानून बनाती है. कार्यपालिका यानी वह संस्था जो कानून को देश में लागू करती है न्यायपालिका इस बात की निगरानी करती है कि जो कानून बने हैं, उनका सही से पालन हो रहा है या नहीं. देश के इन तीनों स्तंभों के बीच शक्ति का संतुलन भी बनाया गया है. विधायिका कार्यपालिका को प्रश्न पूछकर नियंत्रित करती है और उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है. जबकि कार्यपालिका विधायिका को भंग करने की क्षमता रखती है. वहीं न्यायपालिका विधायिका और कार्यपालिका के कार्यों की समीक्षा करता है, ताकि संविधान के अनुसार काम हो. वक्फ बिल के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट क्या कर सकता है? वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जो याचिकाएं दाखिल की गई हैं, उसमें संविधान यानी देश के कानून के अनुसार कोई गलती नहीं हुई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का काम ही है संविधान की व्याख्या करना. अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट उस बिल के साथ क्या करेगा, जिसे संसद पास कर चुकी है? इस संबंध में विधायी मामलों के जानकार अधोध्या नाथ मिश्रा ने बताया कि संविधान में यह व्यवस्था है कि ना तो सुप्रीम कोर्ट और ना ही संसद यानी ना तो न्यायपालिका और ना ही विधायिका एक दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप करते हैं. इस लिहाज से जब किसी विधेयक को संसद पास कर चुकी है, तो सुप्रीम कोर्ट उसे निरस्त कर देगा, यह संभव नहीं है. हां, यह हो सकता है कि बिल के किसी खास क्लॉज यानी कंडिका पर आपत्ति हो, तो सुप्रीम कोर्ट उसे देख सकता है और अगर उसे उचित लगे तो वह उसपर कुछ सुझाव विधायिका को दे सकता है. लेकिन यह सुझाव होगा, जजमेंट नहीं. यह संभव नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल पर स्टे लगा दे, क्योंकि वक्फ बिल को पूरी तरह संविधान सम्मत प्रक्रियाओं के तहत लाया गया है. अगस्त 2024 में यह बिल संसद में पेश किया गया, उसके बाद इसे विस्तृत चर्चा के लिए जेपीसी के पास भेजा गया. जेपीसी ने इस बिल पर कई तरह के सुझावों पर गौर किया और फिर उसमें बदलाव भी किया. जेपीसी की सिफारिशों के साथ बिल संसद में फिर आया और संसद द्वारा पास किया गया. बिल पर बहस हुई है, सभी पार्टियों को बोलने का मौका भी मिला है, इसलिए इसे पेश करने की जो व्यवस्था है वह पूरी तरह न्याय सम्मत है.  Also Read : क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ जिसके बढ़ने से अमेरिका फर्स्ट की नीति हुई मजबूत, हिंदुस्तान को होगा नुकसान? हिंदू और मुसलमान के बीच हिंदुस्तान में नफरत की मूल वजह क्या है? आजाद हिंदुस्तान में मुगलों ने मांगी भीख, अंग्रेजों ने 29 बेटों और पोतों का किया था कत्ल Magadha Empire : अजातशत्रु के बेटे उदयिन ने की थी पटालिपुत्र की स्थापना, लेकिन अन्य शासक निकले नाकाबिल विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें The post क्या सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल को कर सकता है निरस्त, समझें संविधान में क्या है प्रावधान? appeared first on Naya Vichar.

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बैट्समैन क्रीज पर और अचानक बुझ गई बत्ती, बॉलर ने गेंद भी फेंक दी, खतरनाक सीन का देखें Video

PAK vs NZ, 3rd ODI, Sudden Lights Off: पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मैच आज शनिवार को स्पोर्ट्सा गया. बे ओवल, माउंट माउंगानुई में स्पोर्ट्से गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने 43 रनों से जीत दर्ज की. बारिश के कारण मैच को 42 ओवर्स का कर दिया गया था. दिन रात के इस मैच में एक मजेदार वाकया हुआ. मैच के दौरान पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे और अंतिम वनडे मैच के दौरान एक अजीब घटना घटी, जब मैदान की फ्लडलाइट्स अचानक बंद हो गईं और स्टेडियम में अंधेरा छा गया.  यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर में हुई, जब जैकब डफी तैयब ताहिर को चौथी गेंद फेंकने ही वाले थे. जैसे ही डफी रनअप पर थे, पूरे मैदान की बत्तियां बुझ गईं और चारों तरफ अंधेरा छा गया. तैयब ताहिर इस घटना से घबरा गए और चोट से बचने के लिए तुरंत क्रीज से पीछे हट गए. हालांकि किस्मत अच्छी रही किसी खिलाड़ी को कोई चोट नहीं लगी, लेकिन अगर डफी की गेंद पहले ही निकल गई होती, तो यह गंभीर हादसा हो सकता था. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डफी ने गेंद फेंकी थी या नहीं, लेकिन घटना के चलते मैच थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा. Lights go off in the stadium!#PAKvsNZ #PakistanCricket #Cricket pic.twitter.com/FvOM0YwAxj — Urooj Jawed🇵🇰 (@uroojjawed12) April 5, 2025 इसी तरह की एक घटना हिंदुस्तान और इंग्लैंड सीरीज के दौरान भी हुई थी, जब ओडिशा में मैच के दौरान रोहित शर्मा और शुभमन गिल बैटिंग कर रहे थे और लाइट चली गई थी. खैर, इस अप्रत्याशित ब्रेक के बाद जब स्पोर्ट्स दोबारा शुरू हुआ, तो तैयब ताहिर (33 रन) लय खो बैठे और अगली ही गेंद पर बड़ा शॉट स्पोर्ट्सने के प्रयास में बॉल को डीप पॉइंट पर सीधा फील्डर के हाथों में थमा बैठे. यह विकेट पाकिस्तान की हार की संभावनाओं पर आखिरी मुहर साबित हुआ. इससे पहले, पारी की शुरुआत में इमाम-उल-हक को गेंद चेहरे पर लगने के बाद मैदान से स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया. उन्हें मैच से रिटायर हर्ट होना पड़ा और उस्मान खान को कन्कशन सब्स्टिट्यूट के तौर पर शामिल किया गया. Wtf man 😭😭 pic.twitter.com/G3toMxe5lj — ` (@NaeemBackup) April 5, 2025 न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 42 ओवर में 8 विकेट खोकर 264 रन बनाए. ओपनर रीस मारियू (58 रन) और निचले क्रम में डेरिल मिचे ल (43 रन) और कप्तान माइकल ब्रेसवेल (59 रन) ने शानदार पारी स्पोर्ट्सी. पाकिस्तान की ओर से आकिफ जावेद सबसे सफल गेंदबाज रहे, उन्होंने 4 विकेट झटके. लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान को बड़ा झटका इमाम उल हक के रूप में लगा. हालांकि ओपनर अबदुल्ला शफीक ने टिककर स्पोर्ट्सने की कोशिश की और 50 रन बनाने वाले बाबर आजम के साथ पहले विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की, लेकिन इनके आउट होने के बाद कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं स्पोर्ट्स पाया.  पाकिस्तान की ओर से इस मैच में भी 12 बैट्समैन ने बल्लेबाजी की, लेकिन कोई भी 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया. पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके और 221 रन बनाकर पूरी पाकिस्तानी टीम पवेलियन लौट गई. यह पिछले आठ वाइट बॉल के मुकाबलों में पाकिस्तान की सातवीं हार रही. न्यूजीलैंड दौरे पर पाकिस्तान बिना एक भी सीरीज (टी20 या वनडे) जीते खाली हाथ वापस लौट गया. इस खिलाड़ी की परफॉर्मेंस से हैरान हैं शेन वाटसन, कहा- वो IPL के लिए ही पैदा हुआ है न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार छठवां वनडे मैच हारा पाकिस्तान, टी20 सीरीज के बाद वनडे में क्लीन स्वीप जो विलियम्सन या टेलर नहीं कर सके, वो कारनामा डेरिल मिचेल ने कर दिखाया, तोड़ दिया 34 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड The post बैट्समैन क्रीज पर और अचानक बुझ गई बत्ती, बॉलर ने गेंद भी फेंक दी, खतरनाक सीन का देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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Obesity: किचेन में पड़ी इस ‘लकड़ी’ से दूर भगाएं मोटापा, मधुमेह और हार्ट की समस्या को कहें No

Obesity: मोटापा एक बड़ी समस्या है. यह कई बीमारियों को अपने साथ लाता है. इसलिए समय रहते सचेत हो जाने में ही समझदारी है. पीएम मोदी भी इसे लेकर लगातार चिंता जाहिर करते हैं. देहरादून में 38वें राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में मोटापे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि मोटापा, युवाओं सहित सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है और मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है. आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप घर पर रखे सामान से मोटापा को कम कर सकते हैं. हमारे घर के किचेन में दालचीनी आसानी से मिल जाता है. इसी दालचीनी की मदद से हम मोटापे को कंट्रोल कर सकते हैं. वजन घटाने में दालचीनी मददगार है, करने के कई कारण हैं.  मेटाबोलिजम को बढ़ाती है: दालचीनी के सेवन मेटाबोलिजम बढ़ता है. शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता बढ़ जाती है. जब हमारे शरीर का मेटाबोलिजम तेज होता है, तो शरीर अधिक कैलोरी जलाता है. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है. ब्लड शुगर कंट्रोल: दालचीनी हमारे शरीर में इंसुलिन की मात्रा को नियंत्रित करता है. जब इंसुलिन का लेवल स्थिर रहता है, तो शरीर अधिक समय तक ऊर्जा प्रदान करता है और अत्यधिक भूख का अनुभव नहीं होता है. इससे मोटापे को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. चर्बी को घटाने में मदद: दालचीनी में सिनामिक एसिड पाया जाता है, जो शरीर के फैट को जलाने में मदद करता है.  पेट भरने का एहसास: दालचीनी का सेवन भूख पर भी कंट्रोल रखने में मदद करता है. दालचीनी का सेवन कैसे करें: एक गिलास गुनगुने पानी में 1/2 चम्मच दालचीनी पाउडर और 1 चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा आप दालचीनी की चाय बना कर भी पी सकते हैं. नोट: ध्यान दें कि दालचीनी का सेवन संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ ही प्रभावी रूप से वजन घटाने में मदद कर सकता है. अकेले दालचीनी का सेवन वजन घटाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा. यह जानकारी इंटरनेट से ली गई है. नया विचार इस तरह का कोई दावा नहीं करता है. कोई भी सामान को प्रयोग में लाने से पहले एक्सपर्ट की राय या फिर डॉक्टर से सलाह जरूर लें. ALSO READ: “पापा के सीने पर बैठी थी मां…” बच्चों ने बताई हैवान मां की करतूत, अवैध संबंध का आरोप The post Obesity: किचेन में पड़ी इस ‘लकड़ी’ से दूर भगाएं मोटापा, मधुमेह और हार्ट की समस्या को कहें No appeared first on Naya Vichar.

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MBOSE SSLC Result 2025 Declared: मेघालय बोर्ड कक्षा 10 का रिजल्ट जारी, यहां सबसे पहले देखें

MBOSE SSLC Result 2025 Declared: मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (MBOSE) ने सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) या कक्षा 10वीं परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट mbose.in mboseresults.in और megresults.nic.in पर अपने अंक देख सकते हैं. Many congratulations to the students who passed with flying colours in the SSLC, MBOSE examinations. May this first leap to your future motivate you to strive for greater things. This year’s result, touching 87.10 % pass percentage is a path breaking result, exceeding the record… pic.twitter.com/bnhdJsxjhI — Conrad K Sangma (@SangmaConrad) April 5, 2025 MBOSE SSLC Result 2025: रिजल्ट देखने के लिए वेबसाइट mbose.in mboseresults.in  megresults.nic.in यह भी पढ़ें- CBSE Exam 2025: सीबीएसई ने इन स्टूडेंट्स के लिए जारी की 10वीं-12वीं की नई डेटशीट, देख लें परीक्षाओं की तारीख MBOSE SSLC Result 2025 Declared: कैसे चेक करें? MBOSE SSLC Result 2025 Declared: कैसे चेक करें के बारे में यहां बताया गया है- सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट mbose.in या megresults.nic.in पर जाएं होमपेज पर ‘मेघालय बोर्ड कक्षा 10 बोर्ड परिणाम 2025’ शीर्षक वाले लिंक पर क्लिक करें एक नया पेज खुलेगा, अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद, ‘सबमिट’ पर क्लिक करें आपका मेघालय SSLC परिणाम 2025 स्क्रीन पर दिखाई देगा अपना परिणाम देखें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट लें. इतना रहा पासिंग प्रतिशत (MBOSE SSLC Result 2025 Declared) मेघालय बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 में लगभग 60,000 छात्रों ने हिस्सा लिया. इस बार कुल पास प्रतिशत 87.10 प्रतिशत रहा. यह प्रतिशत राज्य की शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है. बेहतर परिणामों ने छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के सहयोग को सफल बनाया है. कब हुई थी परीक्षा? (MBOSE SSLC Result in Hindi) मेघालय बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 10 फरवरी से 25 फरवरी, 2025 तक हुई थी. यह परीक्षा हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की गई थी. मेघालय बोर्ड की 10वीं परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को हर विषय और कुल मिलाकर कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है. अगर किसी छात्र को किसी एक विषय में भी 33% से कम अंक मिलते हैं, तो उसे उस विषय में फेल माना जाएगा. यह भी पढ़ें- Rajasthan Pashu Parichar Result 2025: राजस्थान एनिमल अटेंडेंट भर्ती का रिजल्ट जारी, चेक करने का आसान तरीका यहां The post MBOSE SSLC Result 2025 Declared: मेघालय बोर्ड कक्षा 10 का रिजल्ट जारी, यहां सबसे पहले देखें appeared first on Naya Vichar.

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पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़, बाकी 6 एयरपोर्ट के लिए 25-25 रुपये की मंजूरी, जदयू सांसद ने बताया सरकार का प्लान

Airport in Bihar: जदयू सांसद संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हमें साझा करते हुए खुशी है कि उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत बिहार में कई नये एयरपोर्ट के विकास के बिहार प्रशासन के अनुरोध को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है.मंत्रालय की प्रोजेक्ट इवेलुएशन कमिटी (पीईसी) ने राज्य में छह छोटे एयरपोर्ट की स्थापना या विकास के पहले चरण में 25-25 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश कर दी है. इसके अलावा पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास के लिए भी 40 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई है. इस तरह राज्य में उड़ान योजना के तहत सात नये एयरपोर्ट की स्थापना या विकास के लिए कुल 190 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है.” इन एयरपोर्ट के लिए 25-25 करोड़ रुपये मंजूर संजय झा ने आगे लिखा, “केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हाल में हुई पीईसी की बैठक में बिहार के जिन छह शहरों में एयरपोर्ट के विकास के लिए 25-25 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई, वे हैं- मधुबनी, वीरपुर (सुपौल), सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर और वाल्मीकि नगर. सीएम नीतीश कुमार ने इस वर्ष जनवरी-फरवरी माह में अपनी ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान इन शहरों में उड़ान योजना के तहत छोटे एयरपोर्ट की स्थापना के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश राज्य प्रशासन के अधिकारियों को दिये थे.” राज्य से हर हिस्से के 200 किलोमीटर के अंदर हो एयरपोर्ट जदयू एमपी ने आगे लिखा, “इससे पहले सितंबर 2024 में उन्होंने पटना में राज्य प्रशासन के वरीय अधिकारियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा था कि ‘राज्य के किसी भी हिस्से से अधिकतम 200 किलोमीटर के अंदर हवाई अड्डे की व्यवस्था हो जाए, ताकि आम लोगों को हवाई सफर में सहूलियत हो सके तथा राज्य के किसानों और व्यवसायियों के उत्पाद देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में सुगमतपूर्वक पहुंच सकें.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पूर्णिया एयरपोर्ट पर क्या अपडेट संजय झा ने आगे कहा, “पीईसी की बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उड़ान योजना के तहत बिहार के पूर्णिया में एयरपोर्ट के विकास का कार्य शुरू कर दिया गया है और टर्मिनल भवन के निर्माण का कार्य 20 फरवरी 2025 को आवंटित कर दिया गया है. साथ ही अनुरोध किया गया कि पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किये जाएं. पीईसी ने इसे भी स्वीकार कर लिया और पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश कर दी है. राज्य प्रशासन द्वारा उड़ान स्कीम के तहत भागलपुर में भी एक एयरपोर्ट के विकास अनुरोध किया गया था. पीईसी की बैठक में इस पर भी विस्तृत चर्चा हुई. लेकिन, तय किया गया कि भागलपुर में एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित स्थल की फिजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट आने के बाद पीईसी की अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा.” इसे भी पढ़ें: Waqf Bill: वक्फ बिल पर सीएम नीतीश ने पीएम मोदी को क्यों दिया समर्थन, मुस्लिम नेताओं ने कर दिया खुलासा The post पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़, बाकी 6 एयरपोर्ट के लिए 25-25 रुपये की मंजूरी, जदयू सांसद ने बताया प्रशासन का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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