Hot News

April 9, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जब बिहार में एक साथ बिछा दी गईं थीं 30–40–50 लाशें,  नरसंहारों की कहानी कंपा देगी रूह

Table of Contents नक्सलवाद और बिहार में होने वाले नरसंहारों के बीच संबंध नक्सलवाद ने जातीय संघर्ष को बढ़ाया नक्सली बने शोषितों की आवाज और बंदूक उठाया नरसंहार और तत्कालीन प्रशासनों की भूमिका बिहार के प्रमुख नरसंहार Naxalism and Massacre In Bihar: बिहार में नरसंहारों का दौर 1980 के दशक में शुरू हुआ था, जब जातीय लड़ाई की वजह से 1977 में बेलछी का नरसंहार हुआ था. उसके बाद तो 90 के दशक में नरसंहारों का चरम रहा, हालांकि 2000 के आते-आते नरसंहारों पर लगाम कस गई और नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद तो नरसंहारों का युग समाप्त ही हो गया. आज भी जब बिहार के नरसंहारों की चर्चा होती है, तो लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. जो लोग बिहार और वहां की नेतृत्व से परिचित नहीं हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि बिहार में नरसंहारों और नक्सलवाद के बीच अटूट संबंध क्यों और कैसे था. नक्सलवाद और बिहार में होने वाले नरसंहारों के बीच संबंध नक्सलवाद का जन्म बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव में 1967 में हुआ था. यह गांव दार्जिलिंग जिले में पड़ता है. नक्सलवादी आंदोलन का उद्देश्य समाज में व्याप्त असमानता को मिटाना और गरीब किसानों को उनका हक दिलाना था. नक्सलवाद का प्रसार बंगाल से ही बिहार में हुआ. चूंकि बिहार में उस वक्त सामाजिक असमानता बहुत ज्यादा थी, इसलिए नक्सलवाद को सहजता से पैर पसारने में मदद भी मिल गई. Hello Bastar: The Untold Story of India’s Maoist Movement नामक किताब में पत्रकार और लेखक राहुल पंडित ने लिखा है कि नक्सलवाद ने बिहार में भूमिहीन दलित मजदूरों को संगठित किया. किताब में राहुल पंडित लिखते हैं कि बिहार में नक्सलवाद एक विचारधारा के रूप में नहीं बल्कि एक जरूरत के रूप में पनपी. जिस वक्त नक्सलवाद बंगाल में जन्मा उस वक्त बिहार में जमींदारों का अत्याचार चरम पर था और गरीबों का साथ पुलिस भी नहीं दे रही थी और राज्य भी इस मुद्दे को हल करने में कोई रुचि नहीं ले रही थी, यही वजह था कि जब बंगाल से होते हुए नक्लवाद ने बिहार में दस्तक दी, तो यहां के गरीबों ने सहजता से अपने द्वार खोल दिए. नक्सलवाद ने जातीय संघर्ष को बढ़ाया बिहार में जब नक्सलवाद का प्रवेश हुआ, तो इसका उद्देश्य कोई जातीय संघर्ष कराना नहीं था. दरअसल कम्युनिस्ट विचारधारा में सबके लिए समानता की बात की जाती है और गरीबों के उत्थान की बात की जाती है. उस वक्त बिहार की जो सामाजिक स्थिति थी उसमें दलित ही पिछड़े और शोषित थे और सवर्ण जाति के लोग जमींदार और शोषक. इसी वजह से दलितों और सवर्णों के बीच एक विभाजक रेखा यानी बांटने वाली रेखा खिंच गई, जो जातीय संघर्ष की वजह बना.वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास बताते हैं कि कम्युनिस्ट विचारधारा में जातीय संघर्ष के लिए कोई जगह नहीं थी और ना ही यह विचारधारा जाति को महत्व देती है. हां, यह गरीबों की बात करती है. जब नक्सलवाद बिहार में आया और इसने गरीबों की आवाज बनने की कोशिश की, तो यह स्वाभाविक रूप से दलितों और सवर्णों के बीच विवाद का कारण बन गया, क्योंकि यहां की सामाजिक स्थिति में सवर्ण अमीर और दलित गरीब थे.नक्सली शोषण के खिलाफ बंदूक उठाने को तैयार थे, जिसकी वजह से वर्ग संघर्ष बढ़ा और नरसंहारों का दौर भी शुरू हुआ. नक्सली बने शोषितों की आवाज और बंदूक उठाया दलित समाज वर्षों से शोषित और पीड़ित था. नक्सलवाद के प्रभाव में उनकी दबी हुए आवाज को मुखरता मिली और दलितों ने अपना शोषण करने वालों के खिलाफ हथियार उठा लिया. जब दलित मुखर हुए तो सवर्णों खासकर भूमिहारों के लिए यह बात उनके आन के खिलाफ गई और उन्होंने दलितों को कुचलने के लिए उनका नरसंहार शुरू किया और फिर यह सिलसिला चल पड़ा.दलितों के साथ क्रूरता इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की थी, उनपर नक्सलियों का समर्थक होने का आरोप लगा और उनके गांव के गांव जला दिए गए. स्त्रीओं और बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया. एक साथ 30-40-50 लोगों को मार दिया जाता था, क्योंकि उनकी सामाजिक हैसियत कम थी और वे कमजोर थे. नरसंहार और तत्कालीन प्रशासनों की भूमिका बिहार में जिस वक्त पहला नरसंहार हुआ था, देश में जनता पार्टी की प्रशासन थी. लेकिन बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू था, यानी एक तरह से बिहार में भी जनता पार्टी की ही प्रशासन थी. 1977 के बेलछी नरसंहार को प्रशासनों ने बहुत महत्व नहीं दिया था, बाद में जब समाचार राष्ट्रीय मीडिया में आने लगी तो इस ओर प्रशासन का ध्यान गया. बेलछी के बाद कर्पूरी ठाकुर मुख्यमंत्री बने. नरसंहारों में दलितों को ज्यादा नुकसान हुआ, उस वक्त यह कहा गया कि प्रशासनें सवर्णों की हितैषी थी, लेकिन जब बिहार में पिछड़ों के सर्वाधिक सशक्त देता लालू यादव सत्ता में थे, तो लक्ष्मणपुर बाथे और शंकर बिगहा जैसा नरसंहार हुआ,जिसमें दलितों के गांव जला दिए गए और बच्चों और स्त्रीओं को भी नहीं छोड़ा गया. कहने का आशय यह है कि नरसंहारों को रोकने में नेतृत्वक पार्टियों की रुचि नहीं दिखती थी, जिसकी वजह से गरीबों को न्याय नहीं मिला, लेकिन 2005 में जब नीतीश कुमार की प्रशासन बिहार में आई तो प्रशासन ने नक्सलियों और रणवीर सेना दोनों पर लगाम कसी और इन्हें लगातार कमजोर किया, जिसकी वजह से बिहार से एक तरह से जातीय संघर्ष समाप्त हुआ और नरसंहारों का दौर थमा. रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर मुखिया को 2002 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद नरसंहारों पर लगाम कसने का दौर शुरू हुआ. अगले अंक में पढ़ें -कौन था रणवीर सेना का संस्थापक ब्रह्मेश्वर मुखिया और उसके आतंक की कहानी. बिहार के प्रमुख नरसंहार 1. बेलछी नरसंहार (1977) पीड़ित: दलित समुदाय के लोग, 11 लोगों को गोली मारकर आग में झोंक दिया गया था. 2. पारसबिगहा नरसंहार (1992) पीड़ित:  जहानाबाद का दलित समुदाय, सवर्णों ने 35 दलितों की हत्या की. 3. बथानी टोला नरसंहार (1996) पीड़ित: दलित समुदाय, 21 लोगों की हत्या की गई जिसमें स्त्रीएं और शिशु भी शामिल थे. 4. लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार (1997) पीड़ित: दलित समुदाय, 58 दलितों की हत्या की गई थी. 5. शंकरबिगहा नरसंहार (1999) पीड़ित: दलित समुदाय, 23 दलितों की हत्या की गई थी. Also Read

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड के नेतरहाट आवासीय विद्यालय के तीन शिक्षकों पर गिरी गाज, किए गए सस्पेंड

Netarhat Residential School: लातेहार, चंद्रप्रकाश सिंह-झारखंड के प्रसिद्ध नेतरहाट आवासीय विद्यालय के तीन शिक्षकों को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. विद्यालय की प्रबंधन समिति के सभापति संतोष उरांव ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता के कारण शिक्षकों को निलंबित किया गया है. निलंबित शिक्षकों में रवि प्रकाश सिंह, राकेश कुमार और अतुल रंजन एक्का शामिल हैं. The post झारखंड के नेतरहाट आवासीय विद्यालय के तीन शिक्षकों पर गिरी गाज, किए गए सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Randeep Hooda Jaat Fees: जाट में विलेन बनकर रणदीप ने कमाए करोड़ों, रकम जानकर उड़ जाएंगे होश

Randeep Hooda Jaat Fees: हाईवे और सरबजीत जैसी मूवीज में अपने दमदार एक्टिंग के लिए पॉपुलर रणदीप अब एक्शन फिल्म्स में अपनी किस्मत आजमा रहे है. गोपीचंद मलिनेनी की ओर से निर्देशित मूवी में रणदीप एक विलेन के रोल में नजर आने वाले है. फैंस एक्टर को नए रूप में देखने के लिए काफी ज्यादा एक्साइटेड हैं. मूवी बस कुछ ही घंटों में सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. आइये जानते हैं अपने रोल के लिए रणदीप ने फीस के तौर पर कितने रुपये लिए हैं. जाट के लिए रणदीप ने चार्ज किए इतने रुपये सनी देओल के अगेंस्ट नजर आने वाले रणदीप हुड्डा ने फिल्म के लिए अच्छी खासी फीस चार्ज की है. टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार रणतुंगा का किरदार निभाने के लिए उन्होंने 5-7 करोड़ रूपए बटोरे है. वहीं मुख्य भूमिका निभाने वाले सनी ने फिल्म के लिए 50 करोड़ की मोटी रकम चार्ज की है. कितनी है रणदीप हुड्डा की नेटवर्थ एक फिल्म के 4-5 करोड़ रूपए चार्ज करने वाले रणदीप की नेट वर्थ लगभग 80 करोड़ रूपए के करीब है. एक्टर ब्रांड एंडोर्समेंट से महीने के 50 लाख रुपए कमाते हैं. उनके पास मर्सिडीज बेंज GL 350 CDI, वोल्वो V90, महिंद्रा विंटेज विली जीप 4×4 और महिंद्रा बोलेरो जैसी महंगी और विंटेज गाड़िया भी है. साथ ही मुंबई के पॉर्श इलाके वर्सोवा में 10 करोड़ का बंगला है. रणदीप ने सनी देओल संग काम करने पर तोड़ी चुप्पी रणदीप हुड्डा ने न्यूज18 राइजिंग हिंदुस्तान समिट 2025 में फिल्म जाट में सनी पाजी संग काम करने पर बात की थी. उन्होंने कहा, “सनी देओल के साथ काम करके बहुत मजा आया. वह बहुत अच्छे से बात करते हैं. वो ढाई किलो का हाथ सिर्फ स्क्रीन पर दिखता है, रियल में वह एक सरल इंसान है. उन्होंने मुझसे कहा कि कैसे गदर 1 ने उनकी दुकान बंद कर दी और गदर 2 ने फिर चला दी. मैं सोच भी नहीं सकता कि उन पर क्या गुजरी होगी. जब सनी को डायरेक्टर एक्शन कहते हैं, तो हम सब डर जाते हैं कि अब कुछ धमाका होने वाला है.” यह भी पढ़ें- Jaat Review: सनी देओल की जाट फ्लॉप हुई या हिट, मिले इतने स्टार्स, थियेटर जाने से पहले पढ़ें रिव्यू यह भी पढ़ें- Jaat Box Office Collection Day 1: ओपनिंग डे पर जाट का क्या गदर 2 जैसा चलेगा जादू, पहले दिन करेगी इतनी कमाई The post Randeep Hooda Jaat Fees: जाट में विलेन बनकर रणदीप ने कमाए करोड़ों, रकम जानकर उड़ जाएंगे होश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Rahul Gandhi: अहमदाबाद अधिवेशन में कांग्रेस ने बनाया मास्टर प्लान, न्यायपथ प्रस्ताव हुआ पारित

Rahul Gandhi: कांग्रेस ने अहमदाबाद में आयोजित AICC अधिवेशन में न्याय पथ प्रस्ताव पारित किया. अधिवेशन में पारित प्रस्ताव में कांग्रेस ने कहा कि उसका राष्ट्रवाद समाज को जोड़ने वाला है, जबकि बीजेपी और आरएसएस का छद्म राष्ट्रवाद लोगों को विभाजित करना चाहता है. अधिवेशन में कांग्रेस ने बीजेपी और केंद्र प्रशासन को कई मुद्दों पर घेरा. कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में कहा “राष्ट्रवाद के मायने देश की भू-भागीय अखंडता तो है ही, पर इस महान भूभाग में रहने वाले लोगों का सामाजिक, नेतृत्वक व आर्थिक सशक्तीकरण भी है.”अधिवेशन में कहा गया कि कांग्रेस का राष्ट्रवाद समाज को जोड़ने वाला है. बीजेपी-आरएसएस का राष्ट्रवाद समाज को तोड़ने का है. कांग्रेस का राष्ट्रवाद हिंदुस्तान को अनेकता को एकता में पिरोने का है. बीजेपी-आरएसएस का राष्ट्रवाद हिंदुस्तान की अनेकता को खत्म करने का है. कांग्रेस ने कहा कि “त्याग, बलिदान, बहुलतावाद और उदारवाद का कांग्रेस का रास्ता ही हिंदुस्तानीय राष्ट्रवाद है. बीजेपी आरएसएस पर राहुल गांधी ने साधा निशाना अहमदाबाद अधिवेशन में राहुल गांधी ने बीजेपी समेत आरएसएस के खिलाफ जमकर आग उगला. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा “आरएसएस की विचारधारा संविधान के खिलाफ है. वे लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं. वे हिंदुस्तान की सभी संस्थाओं पर नियंत्रण करना चाहते हैं और देश का पैसा अंबानी अडानी को सौंपना चाहते हैं. वक्फ संशोधन विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान पर हमला है. हमारे दलित नेता टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद बीजेपी नेताओं ने मंदिर की सफाई करवाई. यह हमारा धर्म नहीं है.” #WATCH | Ahmedabad, Gujarat | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “Their (RSS) ideology is against the Constitution. They want to end democracy. They want to control all the institutions of India and hand over the country’s money to Ambani Adani… The Waqf… pic.twitter.com/SZfhZljs9E — ANI (@ANI) April 9, 2025 देश में जातिगत जनगणना जरूरी- राहुल गांधी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एआईसीसी अधिवेशन में कहा कि देश में जाति जनगणना कराना जरूरी है. तेलंगाना में हमारी पार्टी ने इसका रास्ता दिखाया है. उन्होंने कहा ‘हम उस दीवार को गिरा देंगे जो एससी, एसटी, ओबीसी के लिए आरक्षण को 50 फीसदी तक सीमित कर रही है. हम 50 फीसदी आरक्षण की सीमा को तोड़ देंगे’. राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना ने जो किया उसे हम पूरे देश में करेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस ने जाति जनगणना से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने इस बात को दोहराया कि केंद्र में कांग्रेस और विपक्ष की प्रशासन आने पर जाति जनगणना कराई जाएगी. साथ ही कांग्रेस नेता ने कहा कि निजी क्षेत्र में देश की 90 फीसदी आबादी की भागीदारी ना के बराबर है. उन्होंने कहा कि आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार को तोड़ा जाएगा. वक्फ संशोधन अधिनियम धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला- राहुल गांधी लोकसभा में नेता कांग्रेस राहुल गांधी अहमदाबाद में दावा किया कि संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम धर्म की स्वतंत्रता पर हमला है. यह संविधान विरोधी कदम भी है. राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों को भी निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने यहां पार्टी के अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि देश की जनता हिंदुस्तानीय जनता पार्टी से तंग आ चुकी है और अब बदलाव होने वाला है. उन्होंने दावा किया कि आरएसएस से जुड़ी पत्रिका ‘ऑर्गेनाइजर’ में ईसाइयों की भूमि को निशाना बनाने की बात की गई है तथा आगे सिख समुदाय के साथ भी ऐसा होगा. Also Read: The post Rahul Gandhi: अहमदाबाद अधिवेशन में कांग्रेस ने बनाया मास्टर प्लान, न्यायपथ प्रस्ताव हुआ पारित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‍Train News: पूर्णिया से दिल्ली और अमृतसर का सफर‍ हुआ आसान, रेलवे ने लिया यह फैसला

अखिलेश चंद्रा, पूर्णिया Train News अमृतसर जाने के लिए अब कटिहार जाकर ट्रेन पकड़ने की विवशता बहुल जल्द खत्म होने जा रही है. अब आप पूर्णिया जंक्शन से ही अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ सकते हैं. रेलवे के सूत्रों की मानें, तो 21 मई से यह सुविधा मिलनेवालीहै. सप्ताह में तीन दिन चलनेवाली यह ट्रेन कटिहार से चलकर पूर्णिया जंक्शन से गुजर कर अररिया, फारबिसगंज, ललित ग्राम होते हुए अमृतसर की ओर जाएगी. हालांकि यह तात्कालिक सुविधा है, पर माना जा रहा है कि जोगबनी में पिट लाइन का निर्माण पूरा होते ही यह सुविधा स्थायी हो जाएगी. इस सूचना से पूर्णिया के रेलयात्रियों में खुशी है. कटिहार से प्रत्येक बुधवार को खुलेगी रेलवे ने पहले भी इसकी घोषणा की थी, पर कई कारणों से इस रूट पर ट्रेन नहीं चलायी जा सकी. रेलवे के सूत्रों ने बताया कि उसी ट्रेन को ग्रीष्मकालीन का नाम देकर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की ओर से अधिसूचना जारी की गयी है. रेलवे की अधिसूचना के मुताबिक ट्रेन संख्या 05736 कटिहार से प्रत्येक बुधवार को अमृतसर के लिए खुलेगी, जो पूर्णिया जंक्शन, अररिया, फारबिसगंज, दरभंगा, सीतामढ़ी, गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद, अंबाला, जालंधर होते हुए अमृतसर जाएगी. वापसी में ट्रेन संख्या 05735 के रूप में अमृतसर से 23 मई से 27 जून के बीच प्रत्येक गुरुवार को खुलकर कटिहार आएगी. अमृतसर जाने के क्रम में यह ट्रेन कटिहार से रात्रि 9:00 बजे खुलकर 22.30 बजे रात्रि पूर्णिया जंक्शन पहुंचेगी. यहां मात्र दो मिनट का ठहराव होगा और 22.32 बजे अररिया के लिए खुल जाएगी. पटना के लिए मिले इंटरसिटी का लिंक ट्रेन अमृतसर एक्सप्रेस के परिचालन का नागरिकों ने स्वागत किया है और असुविधा को लेकर नाराजगी भी जतायीहै. नागरिकों का कहना है कि कम से कम कटिहार से पटना के लिए खुलनेवाली इंटरसिटी का लिंक ट्रेन पूर्णिया से हो जाये, तो पर्व त्योहारों में पटना की राह आसान हो सकती है. नागरिकों के साथ अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मियों ने रेल मंत्रालय से इसके लिए मांग की है और कटिहार के डीआरएम से इसकी अनुशंसा करने का आग्रह किया है. नागरिकों का कहना है कि पिछले साल कटिहार-पटना इंटरसिटी का सप्ताह में पांच दिन परिचालन पूर्णिया जंक्शन से किये जाने की घोषणा हुई थी. पर, इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हो सकी है. नागरिक चाहते हैं कि पूर्णिया से कोई लिंक ट्रेन शुरू हो जाये, जिससे वे सुबह छह बजे कटिहार जाकर इंटरसिटी पकड़सकें. अधर में है पिछले साल भेजा गया प्रस्ताव रेलवे सूत्रों के अनुसार, पिट लाइन के साथ इंटरसिटी और आम्रपाली समेत कटिहार से खुलनेवाली सभी ट्रेनों के पूर्णिया होते हुए परिचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पिछले साल ही भेजा गया था, मगर इस दिशा में सार्थक पहल नहीं हो सकी है. रेलवे सूत्रों का कहना है कि पिट लाइन के बगैर लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन संभव नहीं है. प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि इस दिशा में नेतृत्वक स्तर पर दबाव बनाये जाने की जरूरत है और पूर्णिया इस मामले में पीछे रह गया है. रेलवे की इस तरह की योजना है स्टेशन प्रबंधक मुन्ना कुमार ने कहा कि अभी विधिवत इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं आया है, पर रेलवे की इस तरह की योजना है. पूर्णिया जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा का पूरा इंतजाम है.प्लेटफाॅर्म और ट्रेनों में भी पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं. ये भी पढ़े.. कैश कांड: संजीव हंस की मुश्किल बढी, नये मुकदमा की तैयारी, रडार पर 12 अफसर The post ‍Train News: पूर्णिया से दिल्ली और अमृतसर का सफर‍ हुआ आसान, रेलवे ने लिया यह फैसला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एयरटेल का सबसे सस्ता रिचार्ज प्लान और महीनेभर की टेंशन दूर

Airtel Ka Sabse Sasta Recharge Plan: क्या आप सस्ते टेलीकॉम प्लान्स (Affordable Telecom Plans) की तलाश में हैं जो आपको कनेक्टेड रखें और जेब पर भारी न पड़ें? हिंदुस्तान की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी एयरटेल (Airtel Recharge) 28 दिनों की वैधता (28 Days Validity), अनलिमिटेड कॉल (Unlimited Calling) और शानदार डेटा लाभों (Data Benefits) के साथ कई किफायती रिचार्ज विकल्प (Affordable Recharge Options) पेश कर रही है. अप्रैल 2025 तक, ₹200 से कम के रिचार्ज प्लान (Recharge Plans Under 200 Rupees) चर्चा में हैं, जो हर जरूरत के लिए बनी हैं. साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए एयरटेल फ्रॉड अलर्ट जैसी खास सुविधाएं भी (Airtel Fraud Alert) ₹199 वाला प्लान, खर्च के लिहाज से हल्के से मध्यम उपयोगकर्ताओं के लिए एकदम सही है. इसमें 28 दिनों की सेवा, सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉल्स, साथ ही 2GB डेटा और रोजाना 100 एसएमएस शामिल हैं. इसके अलावा, एयरटेल साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए फ्रॉड अलर्ट जैसी खास सुविधाएं भी देता है, जो आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है. यह भी पढ़ें: Airtel और Jio के 90 दिन वाले प्लान में कौन है बेहतर? जानें पूरा मुकाबला यह भी पढ़ें: Jio ने 46 करोड़ यूजर्स को कराई मौज, लॉन्च हुआ 98 दिनों की वैलिडिटी के साथ डेली 2GB डेटा वाला प्लान किफायती और उपयोगी सुविधाओं का मेल (Affordable and Useful Features) किफायती और उपयोगी सुविधाओं का यह मिश्रण एयरटेल को खास बनाता है. हालांकि, भारी डेटा उपयोग करने वालों के लिए डेटा सीमा कम पड़ सकती है. ग्रामीण कवरेज और डेटा स्पीड में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में यह मजबूत विकल्प है. ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक करें लेटेस्ट आफॅर्स (Airtel Recharge Latest Offers) नवीनतम ऑफर के लिए एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करें, क्योंकि कीमतें और लाभ बाजार के हिसाब से बदल सकते हैं. एयरटेल के बजट फ्रेंडली 28-दिवसीय प्लान्स के साथ स्मार्ट तरीके से जुड़ेरहें — बिना ज्यादा खर्च किये! यह भी पढ़ें: ₹100 वाला जियो का प्लान देता है 90 दिनों की वैलिडिटी, ये है बेस्ट डील यह भी पढ़ें: Jio के ये 3 प्लान्स हैं बेहद खास, डेली 3GB डेटा के साथ मिलता है 3 महीनों का JioHotstar सब्सक्रिप्शन The post एयरटेल का सबसे सस्ता रिचार्ज प्लान और महीनेभर की टेंशन दूर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar News: घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा, बेगूसराय में फूंका पीएम का पुतला

Bihar News: बेगूसराय में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में वृद्धि के खिलाफ जिले के कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन की आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की. घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस सोशल मीडिया की जिला इकाई ने बुधवार को शहर के कैंटीन चौराहे पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका. सैकड़ों की संख्या में जुटे कांग्रेसजनों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया. पुतला दहन के समर्थन में कांग्रेस के कई अन्य प्रकोष्ठ के भी नेता कार्यकर्ता शामिल थे. कांग्रेस ने फूका पूतला सोशल मीडिया की राज्य इकाई टीम के उपाध्यक्ष मोहित कुमार नें मौके पर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत तीन साल के निचले स्तर पर है और प्रशासन गैस के दाम बढ़ा रही है. पहले से मंहगाई से परेशान आम लोगों पर 50 रुपये की एक और मार पड़ी है. गरीब, मध्यमवर्ग इस प्रशासन को अपना वोट देने की कीमत अदा कर रहा है. जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष कांग्रेस नेता संजय सिंह और कांग्रेस विचार मंच के प्रदेश संयोजक अमित कुमार शर्मा भी प्रशासन से भारी नाराजगी जाहिर कर रहे थे. इन्होने कहा कि यह प्रशासन अपने पूंजीपति मित्रों के हित में गरीबों का गला घोंट रही है. डूबते वित्तीय स्थिति के बीच कॉर्पोरेट मित्रों को बचाने के लिये इस प्रशासन का एक मात्र शिकार देश का आम नागरिक है. प्रतिनिधियों ने प्रशासन की आलोचना की कांग्रेस पार्टी हमेशा से गरीबों के हित में आगे आकर अन्यायपूर्ण नीतियों का विरोध करती रही है और आज भी प्रशासन के इस जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क पर है. युवा नेता कुमार रत्नेश टुल्लू और सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष कुशमेश कुमार नें कहा क़ि यह महज आंदोलन के शुरुआत की झलक है. अगर प्रशासन नें मूल्यवृद्धि वापस नहीं लिया तो हम बड़ी तैयारी के साथ सड़क पर उतरेंगे. मौके पर पूर्व जिला उपाध्यक्ष राम स्वरुप पासवान, अमित कुमार बॉबी, संजय कुमार सिंह, मोहित कुमार सिंह, कुशमेश शांडिल्य, सावर कुमार, मुकेश प्रियदर्शी, प्रभाशु कुमार बिट्टू, धीरज कुमार, लीगल सेल अध्यक्ष संजय सम्राट, कमर अंसारी, शिवम् गौतम, हीरा झा, अधिवक्ता रवि किशन, लग्नेश कुमार, मनीष कुमार, कुमार रत्नेश टुल्लू सहित दर्जनों अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे. Also Read: 3831 करोड़ की लागत से बने दीघा-दीदारगंज रोड का इस दिन होगा उद्धाटन, पटना के लोगों को सीएम नीतीश का तोहफा The post Bihar News: घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा, बेगूसराय में फूंका पीएम का पुतला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Dhanbad News: गरीबी ऐसी कि श्राद्ध भी नहीं कर पा रहा था परिवार, सीएम हेमंत सोरेन ने ली सुध, ऐसे पहुंची तत्काल मदद

Dhanbad News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद दिवंगत रामप्रसाद महतो के घर धनबाद जिला प्रशासन पहुंचा. उनके परिजनों को चावल, दाल, तेल और सब्जियां समेत अन्य सामग्री दी गयी. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देते हुए मरांग बुरु से उनकी शांति के लिए प्रार्थना की है. मृतक का परिवार श्राद्ध कर पाने में सक्षम नहीं था. इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मदद का आदेश दिया. .@dc_dhanbad कृपया मामले की जांच कर दिवंगत रामप्रसाद महतो जी के परिवार को राशन समेत हर जरूरी योजनाओं से जोड़कर मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। मरांग बुरु दिवंगत रामप्रसाद जी की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकसंतप्त परिवारजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दें। https://t.co/wOsIePWqB8 — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 9, 2025 श्राद्ध करने में लाचार था परिवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धनबाद जिले के तोपचांची प्रखंड के रहनेवाले रामप्रसाद महतो के निधन की जानकारी मिली. सीएम को बताया गया कि दिवंगत रामप्रसाद महतो का परिवार काफी गरीब है. दशकर्म में लोगों को भोजन कराने के लिए भी घर में अन्न एवं अन्य जरूरी सामग्री नहीं है. मृतक का परिवार इसके लिए सक्षम नहीं है. मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने धनबाद की उपायुक्त को दशकर्म के लिए सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने और आश्रितों को प्रशासन की योजनाओं से जोड़ने का आदेश दिया. ये भी पढ़ें: Dream 11: झारखंड के एक ड्राइवर की रातोंरात चमक उठी थी किस्मत, 49 रुपए से बन गया था करोड़पति ये भी पढ़ें: झारखंड में कुछ ही देर में बदलनेवाला है मौसम, बारिश के साथ वज्रपात का अलर्ट ये भी पढ़ें: अग्निवीर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी, ये है लास्ट डेट, सिर्फ ये उम्मीदवार कर सकेंगे आवेदन The post Dhanbad News: गरीबी ऐसी कि श्राद्ध भी नहीं कर पा रहा था परिवार, सीएम हेमंत सोरेन ने ली सुध, ऐसे पहुंची तत्काल मदद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

SEBA Assam HSLC Result 2025: असम 10वीं का रिजल्ट कल, यहां सबसे पहले करें चेक

SEBA Assam HSLC Result 2025 in Hindi: ​माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, असम (SEBA) ने कक्षा 10 की हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC) परीक्षा का रिजल्ट 10 अप्रैल को घोषित करेगा. परीक्षा में शामिल छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइटों sebaonline.org और resultsassam.nic.in पर देख सकते हैं. रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी. SEBA Assam HSLC Result 2025: कैसे देखें? SEBA Assam HSLC Result 2025 देखने के लिए स्टेप्स इस प्रकार है- कैंडिडेट्स सबसे पहले SEBA की आधिकारिक वेबसाइट sebaonline.org या resultsassam.nic.in पर जाएं। “HSLC परिणाम 2025” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें “सबमिट” बटन पर क्लिक करें आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं. यह भी पढ़ें- MP School Holiday: मध्यप्रदेश के स्कूलों में भर-भरकर छुट्टियां, गर्मी की छुट्टी का ऐलान, देखें हाॅलिडे लिस्ट इन डेट्स पर हुई थीं परीक्षाएं (SEBA Assam HSLC Result 2025) इस वर्ष HSLC परीक्षाएं 15 फरवरी से 3 मार्च 2025 तक आयोजित की गई थीं. परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय और कुल मिलाकर कम से कम 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे. अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया SEBA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. आपको बता दें कि इस बार रिजल्ट 10 अप्रैल को जारी किया जा रहा है, हालांकि बीते वर्ष यानि 2024 में 20 अप्रैल को रिजल्ट जारी किया गया था. SEBA Assam HSLC Result 2025 देखने के लिए वेबसाइट sebaonline.org resultsassam.nic.in sebaresults.sebaonline.org SEBA असम HSLC परिणाम 2025: स्कोरकार्ड पर ये देखें उम्मीदवार का नाम रोल नंबर परीक्षा का नाम विषय अंक कुल अंक योग्यता की स्थिति. यह भी पढ़ें- BPSC 70th Mains Admit Card 2025: बीपीएससी 70वीं CCE 2025 मेन्स एडमिट कार्ड इस दिन होंगे जारी, देखें लेटेस्ट अपडेट The post SEBA Assam HSLC Result 2025: असम 10वीं का रिजल्ट कल, यहां सबसे पहले करें चेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jaat Review: सनी देओल की जाट फ्लॉप हुई या हिट, मिले इतने स्टार्स, थियेटर जाने से पहले पढ़ें रिव्यू

Jaat Review: सनी देओल और रणदीप हुड्डा स्टारर जाट के रिलीज में बस कुछ ही घंटे बाकी हैं. गोपीचंद मालिनेनी की ओर से निर्देशित इस एक्शन फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई करने की उम्मीद है. हालांकि एडवांस बुकिंग के आंकड़े को देखें तो यह गदर 2 के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाएगी. रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह की जोड़ी वाली जाट को साउथ स्टाइल की एक्शन मसाला फिल्म बताया गया है, जिसमें जबरदस्त एक्शन, जोशीले डायलॉग और सिंगल स्क्रीन दर्शकों के लिए खास तौर पर तैयार की गई सीटी-मार वाली झलकियां हैं. जाट की टिकट बुक करने से पहले पढ़ें रिव्यू जाट के सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले एक्स पर नेटिजन्स के रिएक्शन सामने आ रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “एक अच्छी निर्देशन के साथ साउथ मसाला एक्शन मनोरंजक.” एक दूसरे यूजर ने लिखा, “सनी देओल की जाट का पहला पार्ट एक्शन और इमोशन्स से भरा है, जबकि दूसरा पार्ट रोमांच और जबरदस्त ट्विस्ट और टर्न से भरा है. हिंदुस्तानीय सिनेमा में अब तक का सबसे बेहतरीन एक्शन फिल्म. यह मस्ट वॉच है.” #JaatReview ⭐⭐⭐⭐ GOOSEBUMPS GUARANTEED One of the BEST ACTION films from SUNNY DEOL ENTRY SEQUENCE 🔥🔥🔥 BEACH CHASE 🔥🔥🔥🔥🔥 INTERVAL block will send shivers down your spine. MASS MAYHEM 2nd Half Don’t miss it at any cost. @iamsunnydeol @megopichand… pic.twitter.com/quenqkP1eY — Sunny Deol FC (@SunnyDeolFan3) April 8, 2025 #JaatReview Mark my word again. It’s a record breaker Mass movie. First half is full of action and emotions while 2nd half is full of thrill, one of great action ever present in Indian cinema and lot of emotions. #JAAT @megopichand @MythriOfficial @peoplemediafcy @iamsunnydeol — RPT (@Rupestripathi88) April 8, 2025 जाट देखकर एक्स यूजर्स ने कैसा दिया रिएक्शन एक और एक्स यूजर ने लिखा, “सनी देओल की बेस्ट एक्शन फिल्मों में से एक, रोमांचकारी एंट्री सीक्वेंस, समुद्र तट पर जबरदस्त पीछा, रोंगटे खड़े कर देने वाला इंटरवल ब्लॉक और दूसरे पार्ट में बड़े पैमाने पर तबाही के साथ रोंगटे खड़े कर देने वाली यह फिल्म निश्चित रूप से आपको स्क्रीन से बांधे रखेगी… इसे किसी भी कीमत पर मिस न करें.” एक अन्य यूजर ने लिखा, “#JAATFirstReview 3/5 स्टार! एक अच्छी दिशा के साथ एक जबरस्त एटरटेनिंग फिल्म.” Screening Report of #Jaat are terrific .Acc to report Ball is out of the park #SunnyDeol is terrific 🔥🔥🔥🔥 . Dark horse is #RandeepHooda he stunned everyone by his actingCompletely Mass Feast#Jaat on 10April… Fans and movie lover book your ticket pic.twitter.com/wScGAMefVX — Indian (@jatin_gulab) April 9, 2025 First review out …..#Jaat is a commercial potboiler and logic is hard to find. The story is simple and entertaining the action sequences are top-notch especially the beach chase @iamsunnydeol @RandeepHooda are terrific and the film is definitely paisa vasool. Massy. pic.twitter.com/h9Bo5QpXlX — Rishiraj Reviewzzzz (@RishirajNa90620) April 9, 2025 #JAATFirstReview 3/5⭐𝗠𝗮𝘀𝘀𝘆 “A typical South masala action entertainer with a good Direction.”#Jaat (#JaatReview)#SunnyDeol, #RandeepHooda & #VineetKumarSingh… pic.twitter.com/uFk3BVPDUn — Zohaib Shah 🇵🇰 (@Zohaib4Sweety) April 4, 2025 जाटे के बारे में हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज होने वाली जाट का उद्देश्य पूरे हिंदुस्तान के दर्शकों को आकर्षित करना है. गदर 2 की सफलता के बाद एक्टर एक बार फिर पावर पैक एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं. माइथ्री मूवी मेकर्स की ओर से निर्मित जाट एक एंटरटेनर है. जिसमें रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार सिंह, रेजिना कैसंड्रा, सैयामी खेर जैसे कलाकार हैं. यह भी पढ़ें- Jaat Box Office Collection Day 1: ओपनिंग डे पर जाट का क्या गदर 2 जैसा चलेगा जादू, पहले दिन करेगी इतनी कमाई The post Jaat Review: सनी देओल की जाट फ्लॉप हुई या हिट, मिले इतने स्टार्स, थियेटर जाने से पहले पढ़ें रिव्यू appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top