Hot News

April 9, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Encounter In Bihar: बिहार में एक और बड़ा एनकाउंटर, मारा गया लाखों का इनामी टेंटुआ

Encounter In Bihar: बिहार के बांका जिले से बड़ी समाचार सामने आई है. जहां कुख्यात अपराधी और एक लाख रुपये का इनामी रमेश टुडु उर्फ टेंटुआ को एसटीएफ और कटोरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार की रात एक मुठभेड़ में मार गिराया. यह मुठभेड़ कटोरिया थाना क्षेत्र के कलोथर जंगल में हुई, जहां रमेश टुडु अपने साथियों के साथ छिपा हुआ था. रमेश टुडु मूल रूप से कटोरिया थाना क्षेत्र के दामोदरा पंचायत अंतर्गत बुढीघाट गांव का रहने वाला था और गांव के ही मटरू टुडु का पुत्र था. उसके खिलाफ जमुई जिले के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट समेत कुल 11 मामले दर्ज थे. वह जमुई जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था और लंबे समय से फरार चल रहा था. कलोथर जंगल में हुआ मुठभेड़ बांका एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि रमेश टुडु कलोथर जंगल की ओर मूव कर रहा है. इसके बाद STF और कटोरिया पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की. इसी दौरान रमेश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की और मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया गया. सर्च ऑपरेशन में पुलिस को मिला कार्बाइन मुठभेड़ के बाद जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें एक कार्बाइन बरामद हुआ है. अन्य हथियारों की बरामदगी को लेकर सघन तलाशी अभियान अब भी जारी है. रमेश टुडु के शव को कटोरिया रेफरल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर अमित महाजन और डॉक्टर मुकेश कुमार ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस पूरी कार्रवाई में बांका एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा, एसडीपीओ राजकिशोर कुमार, कटोरिया इंस्पेक्टर बबलू कुमार, थानाध्यक्ष अरविंद कुमार राय और अपर थानाध्यक्ष सुभाष पासवान समेत STF की विशेष टीम शामिल थी. Also Read: IPS Shivdeep Lande: पूर्व आईपीएस शिवदीप लांडे की सियासी एंट्री, ‘हिंद सेना पार्टी’ के साथ बदलेंगे बिहार की तस्वीर The post Encounter In Bihar: बिहार में एक और बड़ा एनकाउंटर, मारा गया लाखों का इनामी टेंटुआ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘उम्मीद से ज्यादा…’, चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को कितना फायदा हुआ? संसद में दी जानकारी

Champions Trophy PCB Earning: 29 साल बाद आईसीसी के किसी बड़े इवेंट को आयोजित करने का मौका पाकिस्तान को मिला. 19 फरवरी से 9 मार्च तक चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की टीम भले ही अच्छा प्रदर्शन न कर पाई हो, लेकिन आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी की सफल मेजबानी ने न सिर्फ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को आर्थिक रूप से फायदा पहुंचाया है. पीसीबी ने दावा किया है कि पारदर्शिता और योजना के साथ अपने उत्तरदायित्व को निभाने का दावा किया है. बोर्ड द्वारा नेशनल असेंबली को सौंपे गए लिखित जवाब में न केवल वित्तीय लाभ का उल्लेख किया गया है, बल्कि स्टेडियमों के आधुनिकीकरण और बजट प्रबंधन को लेकर भी कई अहम जानकारियां साझा की गई हैं. इसके साथ ही टीम के हालिया खराब प्रदर्शन पर भी स्पष्टीकरण दिया गया है.  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने दावा किया है कि आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी की मेजबानी से उसे तीन अरब रुपये की कमाई हुई है जो उसके दो अरब रुपये के लक्ष्य से अधिक है. पीसीबी ने यह दावा नेशनल असेंबली को लिखित जवाब यह दावा किया है कि उसे 92 करोड़ की कमाई हुई है. इसी जवाब पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय टीम के लगातार खराब प्रदर्शन पर चिंता भी व्यक्त की है. पीसीबी ने अपने लिखित जवाब में यह भी पुष्टि की है कि कराची, लाहौर और रावलपिंडी में स्टेडियमों के नवीनीकरण पर कुल 18 अरब रुपये खर्च किए जा रहे हैं. Pakistan Cricket Board Profit from hosting Champions Trophy 2025. पहले यह दावा किया गया था कि पाकिस्तान को तकरीबन 739 करोड़ का घाटा हुआ था. लेकिन पीसीबी ने जोर देकर कहा कि कोई अधिक खर्च या कुप्रबंधन नहीं हुआ है क्योंकि चैंपियन्स ट्रॉफी पूरी तरह से आईसीसी द्वारा प्रबंधित की गई थी. राष्ट्रीय टीम के खराब प्रदर्शन के लिए पीसीबी ने चोटों और स्पोर्ट्सने की अलग-अलग परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया. पीसीबी ने लिखा, ‘‘महत्वपूर्ण लम्हों में प्रमुख खिलाड़ियों को चोटें लगी जिससे टीम का संतुलन और रणनीति प्रभावित हुई.’’ बोर्ड ने कहा कि नवीनीकरण की प्रक्रिया 2026 तक पूरी हो जाएगी और इसका दूसरा चरण मई में पाकिस्तान सुपर लीग समाप्त होने के बाद शुरू होगा. पीसीबी ने यह भी कहा कि चैंपियन्स ट्रॉफी और अन्य चीजों के कारण अब तक बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. पीसीबी ने पुष्टि की, ‘‘पीसीबी अपने वित्तीय वर्ष के अंत में सालाना दो ऑडिट से गुजरता है. चालू वित्तीय वर्ष के लिए ऑडिट 30 जून 2025 के बाद होंगे.’’ बोर्ड ने यह भी कहा कि चैंपियन्स ट्रॉफी से मिलने वाली राशि के अंतिम आंकड़े आईसीसी द्वारा अपना वित्तीय ऑडिट पूरा करने के बाद निर्धारित किए जाएंगे. भाषा के इनपुट के साथ. प्रियांश आर्य ने 39 गेंद पर जड़ा शतक तो प्रीति जिंटा स्टेडियम में करने लगी डांस, वीडियो इंटरनेट पर मचा रहा बवाल ‘कुछ बोलूंगा तो बवाल हो जाएगा’, KKR की हार के बाद बुरी तरह भड़के रहाणे, IPL समिति में शिकायत… The post ‘उम्मीद से ज्यादा…’, चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को कितना फायदा हुआ? संसद में दी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IAS अधिकारी संजीव हंस की मुसीबतें बढ़ी, राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Sanjeev Hans : पटना. भ्रष्टाचार औऱ घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार हुए आईएएस अधिकारी संजीव हंस की मुसीबतें और बढ़ गयी है. राज्य प्रशासन ने संजीव हंस के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. इससे संजीव हंस पर कानूनी शिकंजा और कस गया है. बिहार प्रशासन ने संजीव हंस पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. दरअसल जो कानूनी प्रावधान हैं, उसके अनुसार किसी प्रशासनी अधिकारी या लोकसेवक के खिलाफ किसी किस्म का अपराध करने का आरोप लगाया जाता है तो कोर्ट में तब तक ट्रायल नहीं हो सकता, जब तक कि प्रशासन मुकदमा चलाने की मंजूरी ना दे दे. संजीव हंस के खिलाफ दर्ज मुकदमे में यही पेंच फंसा हुआ था. अदालत में 5 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर बिहार प्रशासन ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में संजीव हंस के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है. संजीव हंस को गिरफ्तार करने वाली जांच एजेंसी ईडी ने दिसंबर 2024 में ने अदालत में 5 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. इसमें संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव का नाम शामिल है. लेकिन राज्य प्रशासन की मंजूरी नहीं मिलने के कारण कोर्ट मामले का संज्ञान नहीं ले रही थी. लिहाजा, चार्जशीट दायर होने के बावजूद कोर्ट ने हंस के खिलाफ संज्ञान नहीं लिया था और राज्य प्रशासन द्वारा मुकदमा चलाए जाने की अनुमति का इंतजार किए जाने की बात कही थी. अब जब राज्य प्रशासन ने संजीव हंस पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है तब कोर्ट अभियोजन की कार्रवाई शुरू करेगी. ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव थे हंस ईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर बिहार प्रशासन के निगरानी विभाग की विशेष इकाई ने भी संजीव हंस के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया था. संजीव हंस के खिलाफ Prevention Of Money Laundering Act (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया था. संजीव हंस पर आरोप है कि उन्होंने बिहार प्रशासन में अहम पदों पर रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित की है. संजीव हंस बिहार के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे. Also Read: बिहार में मठ-मंदिरों की जमीन का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन, हटेगा अतिक्रमण The post IAS अधिकारी संजीव हंस की मुसीबतें बढ़ी, राज्य प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Patna News : पीएमसीएच में आयुष्मान के मरीज भर्ती तो हो रहे पर दवाएं नहीं, सर्जरी भी टल रही

संवाददाता, पटना : पीएमसीएच अस्पताल को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने को लेकर स्वास्थ्य महकमा पूरे दमखम से लगा हुआ है. लेकिन बीएमआइसीएल से दवाओं समेत अन्य उपकरणों की सप्लाई नहीं होने की वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है. खासकर सबसे अधिक परेशानी आयुष्मान के मरीजों को हो रही है. इन मरीजों को इलाज के लिए भर्ती तो कर दिया जाता है लेकिन एक सप्ताह तक दवाएं नहीं मिलती हैं. ऐसे में कई मरीज इलाज के बगैर वापस चले जाते हैं. आयुष्मान के तहत दवा नहीं होने की वजह से अधिकांश मरीज ऑपरेशन नहीं करा पाते हैं. खासकर वैसे मरीज वापस हो रहे हैं जिनको ऑपरेशन किया जाना है या सर्जरी हो चुकी है. हालांकि अधिकारियों की माने तो दवाओं की सप्लाई के लिए आर्डर भेजा गया है, लेकिन दवाएं कब आयेंगी इसका कुछ पता नहीं है. सूत्रों की माने तो ऑपरेशन वाली दिन सर्जिकल आइटम व दवाएं आदि की सप्लाई नहीं होने से रोजाना दो से तीन आयुष्मान मरीजों की सर्जरी टल जाती हैं. 24 घंटे दवा उपलब्ध नहीं, दो दिन भर्ती के बाद ही मिलती हैं दवाएं पीएमसीएच में आयुष्मान के मरीजों के लिए अलग से दवा काउंटर की व्यवस्था तो की गई है. लेकिन काउंटर पर आयुष्मान के तहत मिलने वाली पूरी दवाएं 24 घंटे दवाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. इससे सबसे अधिक परेशानी ओपीडी मरीजों हो होती है. अगर मरीजों को इस योजना के तहत दवाएं लेनी है तो उसके लिए दो दिन भर्ती होना पड़ता है, फिर डॉक्टर द्वारा पर्ची पर दवाएं लिखी जाती हैं. मरीज के परिजनों की माने तो डॉक्टर अगर पर्ची पर सात दवाएं लिखते हैं तो मुश्किल से चार ही दवाएं उपलब्ध हो पाती हैं. दवाएं नहीं मिलने से टल रहे ऑपरेशन डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को भी पूरी दवाएं नहीं मिल रही है. आयुष्मान के अधिकारी और वार्डों के कर्मचारी इस पर भिड़ते हैं. काउंटर के अधिकारी कहते हैं कि समय से इंडेंट नहीं आता है, इसलिए दवा नहीं दे पाते हैं. वहीं नर्सों का कहना है कि कुछ मरीज को डिस्चार्ज होने के बाद भी दो दिन पड़े रहते हैं और दवा नहीं मिल पाती. दवाएं नहीं मिलने से गरीब मरीजों का ऑपरेशन टल जाता है. वहीं जो थोड़े बहुत सक्षम मरीज हैं उनका ऑपरेशन हो जाता है. मिलेंगी सभी दवाएं : अधीक्षक पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने कहा कि पीएमसीएच में वर्तमान में सभी तरह की दवाएं उपलब्ध हैं. रही बात आयुष्मान की तो सभी विभाग के अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है आयुष्मान के तहत एक भी मरीज की सर्जरी नहीं रोकें. वहीं आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को जो परेशानी हो रही वह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है. मरीज परेशान नहीं होएं, इसके लिए जल्द ही फार्मेसी के अधिकारियों को तलब करके मामले की जानकारी ली जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Patna News : पीएमसीएच में आयुष्मान के मरीज भर्ती तो हो रहे पर दवाएं नहीं, सर्जरी भी टल रही appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Patna News : घूसखोर सीडीपीओ को चार साल की सजा

न्यायालय संवाददाता, पटना : पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत के मामले में मंगलवार को एक तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सीडीपीओ को चार वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया. निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद गया जिले के गुरारू प्रखंड की तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सीडीपीओ सविता कुमारी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनायी है. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी. मामले के विशेष लोक अभियोजक विजय भानु उर्फ पुट्टु बाबू ने बताया की निगरानी के अधिकारियों ने 22 अप्रैल 2017 को दोषी सीडीपीओ को गया जिले के कोच प्रखंड कार्यालय से एक स्त्री पर्यवेक्षिका की सेवा विस्तार की अनुशंसा के एवज में 30 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. उन्होंने बताया की दोषी सीडीपीओ गया जिले के गुरारू प्रखंड की सीडीपीओ थीं, साथ ही कोंच प्रखंड के भी अतिरिक्त प्रभार में थीं. अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए 10 गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था. विशेष कोर्ट ने पीसी एक्ट की धारा 7व 13(1)(डी)मे दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा दी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Patna News : घूसखोर सीडीपीओ को चार साल की सजा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नहीं हुई तृणमूल विधायक दल की अनुशासन समिति की बैठक

कोलकाता. नयी दिल्ली में तृणमूल सांसदों के बीच हुए विवाद को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चिंतित है. इस बीच, मंगलवार को बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की अनुशासन समिति की बैठक स्थगित कर दी गयी. सूत्रों के मुताबिक, सांसदों द्वारा सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने से पार्टी अनुशासन पर सवाल खड़े हो गये हैं. ऐसे में विधायकों के खिलाफ पार्टी कोई सख्त कदम नहीं उठाना चाहती. इसी कारण तृणमूल विधायक दल की अनुशासन समिति की बैठक स्थगित कर दी गयी. यह बैठक मंगलवार को विधानसभा भवन में होनी थी. समिति के अध्यक्ष शोभनदेव चटर्जी ने अन्य सदस्यों को बैठक का न्योता भी भेजा था. लेकिन बाद में उन्होंने फोन कर सभी सदस्यों को सूचित कर दिया कि बैठक रद्द कर दी गयी है. इस विषय में तृणमूल के मुख्य सचेतक वरिष्ठ विधायक निर्मल घोष ने कहा कि फिलहाल बैठक स्थगित कर दी गयी है. जब अगली बैठक होगी, तब इसकी सूचना दी जाएगी. हालांकि, बैठक रद्द करने के कारण पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की. गौरतलब रहे कि बजट सत्र के अंतिम दो दिनों में तृणमूल विधायक दल ने सभी विधायकों के लिए विधानसभा में उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया था. फिलहाल विधायक दल के भीतर भी अनुशासन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नहीं हुई तृणमूल विधायक दल की अनुशासन समिति की बैठक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पार्टी सांसदों के बीच जुबानी जंग से सीएम नाराज

नेताओं व मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से विवादित टिप्पणी से परहेज करने की दी सलाह मंत्रियों को सोशल मीडिया पर और सक्रिय होने का दिया निर्देश संवाददाता, कोलकाता मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के दौरान पार्टी सांसदों के बीच चल रही जुबानी जंग को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने पार्टी नेताओं व मंत्रियों को किसी भी प्रकार के विवाद में नहीं पड़ने की सलाह दी. साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी की अनुमति के बिना कोई भी संवाददाता सम्मेलन नहीं बुला सकता. संवाददाता सम्मेलन की विषय वस्तु भी पार्टी तय करेगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के मंत्रियों को सोशल मीडिया पर और सक्रिय होने की सलाह दी. कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि विकास रंजन भट्टाचार्य से लेकर कई विपक्षी पार्टी के नेता सोशल मीडिया पर जो चाहे लिख रहे हैं, मीडिया भी उनकी बातों को दिखा रहा है. लेकिन हमारी पार्टी के नेता व मंत्री सोशल मीडिया पर इसका ठीक से जवाब नहीं दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि उन्होंने मंत्रियों को बार-बार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने व जवाब देने के लिए कहा है. लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा. मंगलवार को इसे लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को कड़े निर्देश दिये. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पार्टी सांसदों के बीच जुबानी जंग से सीएम नाराज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

तृणमूल छात्र परिषद की विरोध रैली आज

कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के करीब 26 हजार शिक्षकों-गैरशिक्षकों की नौकरी को अमान्य करार दिया है. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की प्रशासन पर विपक्ष लगातार हमले कर रहा है. भाजपा व माकपा की ओर से अलग-अलग जगहों पर विरोध रैलियां भी निकाली गयी हैं. अब, तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद ने शिक्षकों की नौकरियां जाने के मुद्दे पर माकपा व भाजपा द्वारा साजिश रचने का आरोप लगाते हुए बुधवार को महानगर में विरोध रैली निकालने का ऐलान किया है. यह रैली बुधवार को अपराह्न तीन बजे कॉलेज स्क्वायर से धर्मतला तक जायेगी. मंगलवार को उपरोक्त कार्यसूची को लेकर यहां तृणमूल भवन में तृणमूल छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष त्रिणांकुर भट्टाचार्य ने संगठन के नेताओं के साथ बैठक की थी. छात्र संगठन 11 अप्रैल को उसी मामले को लेकर पूरे राज्य में ब्लॉक स्तर पर विरोध रैली निकालेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तृणमूल छात्र परिषद की विरोध रैली आज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नये खंडपीठ में होगी प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई

संवाददाता, कोलकाता राज्य के विभिन्न प्रशासनी स्कूलों में 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं से जुड़े मामले की सुनवाई अब कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में होगी. पहले यह मामला न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति स्मिता दास की पीठ को सौंपा गया था. हालांकि, सोमवार को न्यायमूर्ति सौमेन सेन ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. इसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम के पास भेजा गया, जिन्होंने इसे न्यायमूर्ति तपोब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली नयी डिविजन बेंच को सौंप दिया है. गौरतलब है कि इस मामले में राज्य के विभिन्न प्रशासनी स्कूलों में कार्यरत लगभग 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गये हैं. गौरतलब है कि मई 2023 में कलकत्ता हाइकोर्ट की तत्कालीन एकल पीठ के न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली ने नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ियों को देखते हुए 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था. राज्य प्रशासन ने इस फैसले को खंडपीठ में चुनाैती दी है. सीएम के इस्तीफे की मांग कर माकपा की रैली बशीरहाट. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 26 हजार शिक्षकों की नौकरी जाने को लेकर राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए मंगलवार को बशीरहाट के स्वरूपनगर ब्लॉक के माकपा एरिया कमेटी नंबर वन ने पार्टी कार्यालय से नलबारा बाजार तक रैली निकाली, जिसमें मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की गयी. रैली में माकपा नेता शफीकुल इस्लाम सरदार समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे. रैली में एक ओर जहां मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की गयी, वहीं दूसरी ओर बर्खास्त योग्य शिक्षकों को तुरंत बहाल करने की मांग की गयी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नये खंडपीठ में होगी प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नबान्न अभियान में शामिल होगा पश्चिम बंग छात्र समाज

संवाददाता, कोलकाता 21 अप्रैल के नबान्न अभियान में पश्चिम बंग छात्र समाज ने शामिल होने की घोषणा की है. समाज के नेताओं ने विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी को अभियान में शामिल होने का अनुरोध किया है. नौकरी से वंचित अभ्यर्थियों ने मामला नहीं सुलझाने पर 21 अप्रैल को नबान्न अभियान की घोषणा की थी. उन लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का समय मांगा है. अब इस अभियान में शामिल होने की घोषणा छात्र समाज ने की है. डीए के लिए आंदोलन कर रहा यौथ संग्रामी मंच ने भी अभियान में शामिल होने की बात कही है. 2024 के अगस्त महीने में पश्चिम बंग छात्र समाज के नबान्न अभियान के दौरान काफी हंगामा हुआ था. सायन लाहिड़ी को गिरफ्तार भी किया गया था. मंगलवार को सायन लाहिड़ी ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिली, जिनकी नौकरी चली गयी है, हम उनके साथ हैं. यह कार्यक्रम हमारा नहीं है. समाज की ओर से छात्रों को आगे आने की अपील की है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नबान्न अभियान में शामिल होगा पश्चिम बंग छात्र समाज appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top