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April 9, 2025

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नौकरी से वंचित शिक्षकों से जबरन वापस नहीं ली जायेंगी उत्तर-पुस्तिकाएं

स्वेच्छा से चाहें तो शिक्षक वापस कर सकते हैं, हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल अध्यक्ष ने दी जानकारी संवाददाता, कोलकाताउच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उच्च माध्यमिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. संसदीय सूत्रों ने बताया है कि जिन शिक्षकों की नौकरी समाप्त कर दी गयी है, उनसे उत्तर पुस्तिकाएं जबरन वापस नहीं ली जायेंगी. परीक्षाएं तीन मार्च से शुरु हुई थीं और 18 मार्च तक चली थीं. सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरु किया गया है. इसमें कई शिक्षकों को कोर्ट के फैसले से पहले ही उत्तर-पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए दे दी गयी थीं. अब कोर्ट के आदेश के बाद, जिनकी नौकरी रद्द की गयी है, उनसे उच्च माध्यमिक की उत्तर पुस्तिकाएं जबरन वापस नहीं ली जायेंगी. सूत्रों के अनुसार, जो लोग स्वेच्छा से उत्तर पुस्तिकाएं वापस करना चाहेंगे, उनसे उत्तर पुस्तिकाएं वापस ले ली जायेंगी, लेकिन किसी पर दबाव नहीं डाला जायेगा. काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. चिरंजीव भट्टाचार्य ने बताया कि अगर कोई शिक्षक स्वैच्छिक सेवा के रूप में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना चाहता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है. कई शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किये बिना ही उन्हें वापस कर दिया है. “प्रशासन के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया जा रहा है कि किसी भी शिक्षक से जबरन उत्तर-पुस्तिकाएं वापस नहीं ली जायेंगी. इस बीच, संसदीय सूत्रों के अनुसार, मिदनापुर और उत्तर बंगाल क्षेत्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन कोलकाता और बर्दवान क्षेत्रों में अभी भी काफी काम बाकी है. इस पर काउंसिल नजर रखे हुए है, क्योंकि तय समय के अनुसार ही उनको उच्च माध्यमिक के नतीजे घोषित करने हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नौकरी से वंचित शिक्षकों से जबरन वापस नहीं ली जायेंगी उत्तर-पुस्तिकाएं appeared first on Naya Vichar.

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कुछ शिक्षक स्कूल पहुंचे, तो कुछ ने जताया विरोध

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बर्खास्त शिक्षकों को दी थी स्कूल जाने की सलाह संवाददाता, कोलकातासुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 25,753 शिक्षक व गैर शिक्षा कर्मी नौकरी से वंचित हो गये हैं. हालांकि उन्हें आधिकारिक बर्खास्तगी पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोमवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक बैठक में इन शिक्षकों को स्कूल जाने की सलाह दी थी. इनमें से कुछ लोग मंगलवार को स्कूल गये. कोई एक घंटे के लिए, तो कोई दो घंटे के लिए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित शिक्षकों के एक बड़े हिस्से ने मुख्यमंत्री की सलाह पर ध्यान नहीं दिया और इस घोषणा का विरोध भी किया. बताया जाता है कि दो बेरोजगार शिक्षक उत्तर 24 परगना के बशीरहाट स्थित निमिकी हाई स्कूल में पढ़ाने गये, लेकिन थोड़े समय के लिए. उन्होंने कक्षाएं नहीं लीं, वह 30-40 मिनट तक स्कूल में रहे. उन्होंने प्रधानाध्यापक से बात की और फिर वापस चले गये. जिले के कई अन्य स्कूलों में कोई भी नौकरी गंवाने वाला शिक्षक काम पर नहीं आया. कुछ लोगों ने प्रिंसिपल से संपर्क किया है कि वह क्या करें. पूर्वी मिदनापुर के कुछ क्षेत्रीय स्कूलों से संपर्क करने पर पता चला कि उन स्कूलों में नौकरी गंवाने वाले कोई भी शिक्षक और शिक्षाकर्मी स्कूल नहीं पहुंचा. नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों ने किया प्रदर्शन खड़गपुर. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया. इन्होंने कोतवाली थाना अंतर्गत मेदिनीपुर शहर के कलेक्टर मोड़ इलाके में स्थित जिला शासक कार्यालय के सामने मानव श्रृंखला बना विरोध जताया. साथ ही जिला शिक्षा भवन परिसर स्थित डीआइ कार्यालय के गेट में ताला जड़ दिया. वे नौकरी बहाल करने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों का कहना है था कि उनकी नियुक्ति वैध तरीके से हुई थी. बिना सोचे-समझे और सटीक जांच किये बिना उनसे उनकी नौकरी छीन ली गयी. प्रशासन को हमारा हक किसी भी कीमत पर लौटाना होगा. जब तक हमें हमारी नौकरी वापस नहीं मिलती, आंदोलन चलेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कुछ शिक्षक स्कूल पहुंचे, तो कुछ ने जताया विरोध appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News : खुले हुए हैं शहर के ट्रांसफॉर्मरों के डीपी बॉक्स, हाई वोल्टेज तारों के नीचे लगती हैं दुकानें

शहर में बिजली विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. शहर के कई इलाकों में स्थित ट्रांसफॉर्मर के डीपी बॉक्स खुले हुए हैं. इसमें से हाई वोल्टेज तार निकले हुए हैं. किसी भी ट्रांसफॉर्मर के आस-पास न तो सुरक्षा ग्रील है और न ही जालियां लगी है. बिजली के तार भी ढीले हैं. बिजली के उलझे तारों से लटकी लताओं में करंट दौड़ता है. डीपी बॉक्स के पास व ट्रांसफॉर्मर के ठीक नीचे दुकानें लगती हैं. जहां रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है. इसे देखने और दुरुस्त करने की जहमत झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के अधिकारी नहीं उठाते हैं. यह लापरवाही भारी पड़ सकती है. सीएमपीएफ कॉलोनी : ट्रांसफॉर्मर के तारों पर लटकी हैं सूखी लताएं सीएमपीएफ कॉलोनी में लगे ट्रांसफॉर्मर के तारों पर लटकी लताएं सूख चुकी हैं. बारिश में इसमें करंट भी दौड़ता है. गर्मी के दिनों में एक छोटा सा शॉर्ट सर्किट भीषण आग में तब्दील कर सकता है. स्थानीय निवासी सुमंत ने बताया कि काफी समय से बिजली विभाग ने इन लत्तरों व सूखी लकड़ियों को नहीं हटाया है. पुलिस लाइन : सड़क के किनारे ट्रांसफॉर्मरों के नीचे लगती है दुकान पुलिस लाइन में सड़क के किनारे ट्रांसफॉर्मर के नीचे ही दुकानें लगती है. कई बार इन दुकानों की वजह से ट्रैफिक प्रभावित होता है. ट्रांसफॉर्मर का हाल भी खस्ता है. डीपी बॉक्स भी खुले हुए हैं. वहां पर दुकान लगाने वाले लोग दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं. आस पास कई गाड़ियां खड़ी रहती हैं. जानवर भी घूमते रहते है. सीएमआरआइ गेट : एक साथ लगे 10 ट्रांसफॉर्मरों के नीचे बिकती है सब्जियां सीएमआरआइ गेट के सामने एक साथ 10 ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं. इनसे जुड़े तारों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ता है. ट्रांसफॉर्मर के डीपी बॉक्स खुले हुए हैं. इसी के नीचे सब्जियों की दुकान लगती है. इस वजह से यहां हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. बावजूद इसके यहां हमेशा चहल-पहल बनी रहती है. सहयोगी नगर मोड़ : कभी भी गिर सकते हैं जर्जर बिजली के तार सहयोगी नगर के मोड़ पर बिजली के पोल के नीचे ही दुकान लगी हुई है. बिजली के तारों की भी हालत ठीक नहीं है. तार कभी भी गिर सकते हैं. बिजली विभाग की ओर से इसे ठीक करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया. इस वजह से यहां अक्सर दुर्घटना का खतरा बना रहता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News : खुले हुए हैं शहर के ट्रांसफॉर्मरों के डीपी बॉक्स, हाई वोल्टेज तारों के नीचे लगती हैं दुकानें appeared first on Naya Vichar.

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Rourkela News : राउरकेला जेल रोड में कूरियर वैन से बाइक टकरायी, छात्र की मौत

Rourkela News : जेल रोड में मंगलवार को दोपहर में बाइक और कूरियर वैन के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गयी. जिसमें बाइक पर सवार तीन में से एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. शव की शिनाख्त बसंती कॉलोनी निवासी पीयूष कुमार साहू(17) साल के रूप में हुई. वह अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से जा रहा था. इसी दौरान जेल रोड पर सामने से आ रहे कूरियर वैन से बाइक की टक्कर हो गयी. हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गयी. पीयूष को तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. रघुनाथपल्ली थाना प्रभारी राजेंद्र स्वांई ने बताया कि शव को मोर्ग हाउस में रखा गया है. बुधवार को पोस्टमार्टम किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Rourkela News : राउरकेला जेल रोड में कूरियर वैन से बाइक टकरायी, छात्र की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Rourkela News : झारसुगुड़ा : चार साल की बेटी को बचाने में मां की ट्रेन की चपेट में आने से मौत

Rourkela News : ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में मंजू यादव नाम की स्त्री ने अपनी चार साल की बेटी को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से बचाने खुद उस ट्रेन की चपेट आ गयी और उसकी जान चली गयी. घटना सोमवार दोपहर की है. मृतका बेलपहाड़ इलाके में भीख मांगती थी. हालांकि बच्ची को बचा लिया गया और झारसुगुड़ा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार को दोपहर करीब 2:15 बजे मंजू अपनी बेटी के साथ रेलवे क्रॉसिंग के पास खड़ी थी. पल भर में ही बच्ची अपनी मां की पकड़ से छूटकर रेलवे ट्रैक की ओर भागी. ठीक उसी समय उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन तेज गति से आ रही थी. मंजू ने अपनी बेटी को बचाने के लिए उसका पीछा किया, लेकिन ऐसा करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गयी. हालांकि वह अपनी बच्ची को बचाने में कामयाब रही, लेकिन उसकी खुद की जान चली गयी. स्थानीय लोगों ने बुरी तरह से घायल स्त्री को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है. चूंकि मंजू और उसकी बेटी खानाबदोश थी और इलाके में उनका कोई रिश्तेदार नहीं था, इसलिए पुलिस ने बच्ची को झारसुगुड़ा चाइल्ड लाइन कार्यालय को सौंप दिया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Rourkela News : झारसुगुड़ा : चार साल की बेटी को बचाने में मां की ट्रेन की चपेट में आने से मौत appeared first on Naya Vichar.

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देश को विश्व गुरु बनाने के लिए ज्ञान परंपरा का संरक्षण जरूरी : डॉ अमर

दुमका. एएन कॉलेज दुमका के प्राचार्य डॉ संजय कुमार सिंह के निर्देश पर छात्र- छात्राओं में कौशल विकास के उद्देश्य से मंगलवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ तथा मानविकी संकाय से हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में साहित्य एवं समाज की भूमिका विषय पर अंतरविभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया. जैक सदस्य एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ अमर नाथ सिंह ने हिंदुस्तान को विश्व गुरु बनाने के लिए हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को वर्तमान और भविष्य की जरूरत बताया. उन्होंने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में महत्त्व देने की भी जानकारी छात्र – छात्राओं से साझा की. आयोजन सचिव एवं बांग्ला विभागाध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार गोराई ने प्राध्यापक व छात्र-छात्राओं का स्वागत करते मंच संचालन किया. प्रतिभागियों को मूल विषय वस्तु से रूबरू कराया. मानविकी संकाय के विद्वान वक्ताओं में अंग्रेजी विभाग से विभागाध्यक्ष डॉ प्रमोद कुमार झा ने विश्व स्तर पर हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से हिंदुस्तान कैसे नेतृत्व करे उससे प्रतिभागियों को अवगत कराया. इसमें साहित्य व समाज की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला. हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ अनहद लाल ने हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण व संवर्धन के लिए हिंदी भाषा एवं साहित्य के महत्त्व की विस्तार से चर्चा की. हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर जोर देने की अपील छात्र-छात्राओं से की. मौके पर संताली विभागाध्यक्ष प्रो सोम मुर्मू ने संताल परगना में संताली भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला. हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के विभिन्न पहलुओं को बताया. परसियन विभाग से प्रो इस्लामुद्दीन ने शेरो शायरी के माध्यम से उर्दू एवं परसियन भाषा के महत्व के बारे में बताया. संस्कृत विभाग की ओर से प्रो रामजीवन झा एवं डॉ संजय कुमार पाठक ने सेमिनार की विषय वस्तु पर अपने-अपने व्याख्यान बड़े ही ज्ञानवर्धक व रोचक श्लोक के माध्यम से प्रस्तुत किया. हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में साहित्य एवं समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला. सेमिनार में भाग लेनेवाले प्राध्यापकों में डॉ अमरकांत पोद्दार, प्रो कुमार मनोज, प्रो सुलेमान हांसदा, डॉ मनोज कुमार, प्रो प्रवीण कुमार सिंह, प्रो सुशील चंद्र चौधरी, प्रो नीरज झा एवं शिक्षकेतरकर्मियों में अमरेंद्र कुमार, मिथिलेश कुमार, धीरज सिंह, रणवीर सिंह, अंजू गुप्ता आदि मुख्य थे. सेमिनार में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. सेमिनार के प्रारंभ में डॉ संजय कुमार पाठक ने मंगलाचरण पाठ किया. अंत में प्रो रामजीवन झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कॉलेज में इन दिनों राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद से द्वितीय चक्र की अच्छी ग्रेडिंग प्राप्ति के लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा एसएसआर जमा करने की तैयारी जोरों पर है. इसके लिए कॉलेज परिवार के सभी सदस्य जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. इन दिनों कॉलेज की खूबसूरती देखते ही बनती है. ज्ञात हो की कॉलेज ने नैक ग्रेडिंग के प्रथम चक्र में बी प्लस ग्रेड प्राप्त किया था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post देश को विश्व गुरु बनाने के लिए ज्ञान परंपरा का संरक्षण जरूरी : डॉ अमर appeared first on Naya Vichar.

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सिमडेगा ने 9 विकेट से कोडरमा को हराया

स्थानीय गांधी मैदान में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के तत्वाधान में आयोजित अंडर-16 अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट का मुकाबला स्पोर्ट्सा गया है. टूर्नामेंट की मेजबानी जिला क्रिकेट संघ गोड्डा कर रहा है, जिसका विधिवत उद्घाटन सिविल एसडीओ बैद्यनाथ उरांव एवं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता राजेश मिश्रा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया. मौके पर एसडीओ श्री उरांव ने कहा कि गोड्डा में स्पोर्ट्सकूद का काफी अच्छा माहौल है. जिला क्रिकेट संघ की ओर से अपने वार्षिक कैलेंडर के अनुसार सभी वर्गों में क्रिकेट टूर्नामेंट समय-समय पर आयोजित किया जाता है. इसके अलावा स्टेट से मिले आयोजन को डीसीए बेहतर तरीके से आयोजित कर स्पोर्ट्स का अच्छा संदेश दे रही है. यहां के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्र स्तर पर नाम रोशन करें, शुभकामनांं देते हैं. मौके पर विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता राजेश मिश्रा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया. डीसीए कोषाध्यक्ष सनोज कुमार ने बताया कि पहले मैच में कोडरमा बनाम सिमडेगा के बीच मैच स्पोर्ट्सा गया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय कोडरमा टीम ने लिया. निर्धारित 50 ओवर के स्पोर्ट्स में कोडरमा टीम ने महज 29 ओवर 2 गेंद में 10 विकेट के नुकसान पर 75 रन बनाया. कोडरमा के बल्लेबाज प्रियेश कुमार ने 32 गेंद में 24 रन एवं साहिल गुप्ता ने 8 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. सिमडेगा के गेंदबाज दर्श जुरेल ने 8 ओवर में 16 रन खर्च कर पांच महत्वपूर्ण विकेट चटकाया. वहीं, गेंदबाज मयंक हिंदुस्तानी ने 7 ओवर 2 गेंद में महज चार रन खर्च कर तीन विकेट हासिल किया। जवाबी पारी स्पोर्ट्सने उतरी सिमडेगा की टीम 10.4 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 76 रन बनाकर मैच जीत लिया। सिमडेगा के बल्लेबाज फैजान खान ने 37 गेंद में 39 रन एवं हर्ष त्रिपाठी ने 17 रन बनाया. कोडरमा के गेंदबाज आकाश यादव ने एक विकेट हासिल किया। सिमडेगा ने 9 विकेट से कोडरमा टीम को पराजित किया. वहीं, सिमडेगा के खिलाड़ी दर्श जुरेल को जेएससीए के पर्यवेक्षक इब्ने हसन ने मैन ऑफ द मैच के रूप में पांच हजार नकद एवं ट्रॉफी देकर नवाजा गया. इस दौरान उपाध्यक्ष अमित बोस, शाहिद इकबाल, पर्यवेक्षक इब्ने हसन, निर्णायक ओपी राय व कांजीलाल तथा स्कोरर ज्ञान रंजन के अलावा क्रिकेट संघ के सदस्यों में संजीव कुमार मुन्ना, सनोज कुमार, मुकेश मंडल, अंजन कुमार, अवधेश कुमार अब्बू, राहुल कुमार, संजीव कुमार पकोड़ी, मुकेश मोदी, प्रभु, सनम, तौसीफ, सूरज, वीरेंद्र, विजय, ऋषि आदि सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सिमडेगा ने 9 विकेट से कोडरमा को हराया appeared first on Naya Vichar.

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ग्राइंडर मशीन से राज मिस्त्री का हाथ व पैर हुआ जख्मी

मोतिया ओपी थाना क्षेत्र के खटनई गांव में काम करने के दौरान राज मिस्त्री ग्राइंडर मशीन से बुरी तरह जख्मी हो गया. घायल अवस्था में मिस्त्री को घर मालिक द्वारा इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने घायल का इलाज किया. घायल व्यक्ति का नाम भानु दास बताया गया है. वह बिहार के लखपुरा गांव का रहने वाला है और राज मिस्री का काम करता है. इसी क्रम में वो मंगलवार की सुबह खटनई गांव में काम करने आया था, जहां ग्राइंडर मशीन चलाने के क्रम में उसका हाथ और पांव बुरी तरह जख्मी हो गया. घटना के बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. डॉक्टर ने बताया कि घायल के पांव और हाथों पर काफी जख्म हुए है. इस पर कई टांके लगाये गये हैं. फिलहाल घायल को भर्ती कर उसका उपचार किया गया है. घटना की सूचना के बाद घायल व्यक्ति भी सदर अस्पताल पहुंच गये थे. घटना के संबंध में घर मालिक जिनके यहां मिस्त्री काम करने आए थे. उन्होंने बताया कि ग्राइंडर मशीन चलाने के क्रम ने उनके हाथ से मशीन छूट गया और उनका हाथ और पांव दोनों जख्मी हो गया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ग्राइंडर मशीन से राज मिस्त्री का हाथ व पैर हुआ जख्मी appeared first on Naya Vichar.

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