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April 13, 2025

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Motihari News: आरजेडी विधायक को ये काम करना पड़ा महंगा, डीएम के निर्देश पर एफआईआर दर्ज

Motihari News मोतिहारी के कोटवा फोरलेन पर दिपउ मोड़ के पास अनधिकृत रूप से बने कट को बंद करने का विरोध करना राजद विधायक मनोज यादव व उनके समर्थकों को महंगा पड़ा. विधायक व उनके अज्ञात समर्थकों के खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश पर कोटवा थाने में रविवार देर शाम प्राथमिकी दर्ज की गयी. निर्माण एजेंसी के अधिकारी प्रोजेक्ट हेड वरूण मिश्रा के आवेदन पर विधायक को नामजद व उनके अज्ञात समर्थकों पर मामला दर्ज किया गया है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है. बताते चलें कि दिपउ मोड़ के पास अनधिकृत रूप से कट बनाया गया था. इसके कारण आये दिन वहां दुर्घटनाएं हो रही थीं. लोगों की जान भी जा रही थी. हादसे को रोकने के लिए कट को बंद करने का आदेश एनएचएआइ ने दिया. इसके लिए कोटवा सीओ को मजिस्ट्रेट के रूप मे प्रतिनियुक्त किया गया. शनिवार को पुलिस बल के साथ सीओ व एनएचएआइ के अधिकारी कट बंद करने पहुंचे. इस दौरान विधायक व उनके समर्थकाें ने पहुंच का विरोध कर दिया. बैरियर को उखाड़ कर फेंक दिया. पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे. बाद में वरीय अधिकारियों के निर्देश पर प्रशासनी कार्य में बाधा डालने के आरोप में विधायक सहित उनके समर्थकों पर केस दर्ज किया गया. क्या कहते हैं विधायक विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि समीक्षा बैठक में उन्होंने दिपउ मोड़ के पास फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव रखा था. विधानसभा में भी इस बात को रखा था. ग्रामीणों के हित के लिए हम तत्पर हैं. गढ्ढे को एनएचएआइ के कर्मियों ने खुद भरा था. मुकदमा दर्ज होने के सवाल पर कहा कि ग्रामीणों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं. बाकि कानून पर पूरा भरोसा है. ये भी पढ़ें… Tatkal Booking Time: ट्रेनों के तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर IRCTC ने शेयर किया लेटेस्ट अपडेट The post Motihari News: आरजेडी विधायक को ये काम करना पड़ा महंगा, डीएम के निर्देश पर एफआईआर दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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12 साल से कम आयु के बच्चों के हज जाने पर रोक, 14 तक ले लें पूरा रिफंड

Hajj 2025| जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : सऊदी अरब ने हज यात्रा 2025 पर एक बड़ा फैसला किया है. 12 साल से कम आयु वाले बच्चों की हज यात्रा पर रोक लगा दी है. इसका मतलब यह हुआ कि अब 12 साल तक के शिशु अपने माता-पिता के साथ हज पर नहीं जा पायेंगे. मदरसा फैजुल उलूम धातकीडीह के मास्टर ट्रेनर हाजी यूसुफ ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि हज के दौरान बढ़ती भीड़ को लेकर और बच्चों की सुरक्षा के कारणों से प्रशासन ने ये फैसला लिया है. हज कमेटी के फैसले के बाद 291 बच्चों की यात्रा पर रोक लग गयी है. इसमें झारखंड के 2 और बिहार के 4 शिशु हैं. सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया ने जारी किया निर्देश सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्ष 2025 में हज यात्रा पर जाने वाले वैसे हज यात्री, जिन्होंने अपने 12 साल की आयु तक के बच्चों का यात्रा के लिए निबंधन कराया है और पैसे भी जमा कर दिये हैं, वे सोमवार (14 अप्रैल) तक अपना पैसा वापस ले सकते हैं. यात्रा का आवेदन रद्द करने संबंधी कार्रवाई ऑनलाइन पूरी जायेगी. जमा राशि में से कोई कटौती नहीं होगी. 14 अप्रैल के बाद ऐसा करने वालों से नियमानुसार शुल्क वसूला जायेगा. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें इस वजह से सऊदी ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों की हज यात्रा पर लगायी रोक सऊदी अरब प्रशासन ने 12 साल या इससे कम उम्र के बच्चों को हज पर जाने पर पाबंदी हज के 30-40 दिनों के सफर को ध्यान में रखते हुए लगायी है. हज यात्रा में पहले बच्चों को ले जाने की अनुमति दी जाती रही है. भीड़ के कारण बच्चों के आने पर रोक लगा दी गयी है. तीर्थयात्रा के अनुभव को और अधिक सहज बनाने के लिए बच्चों को न लाने की सलाह दी गयी है. मंत्रालय ने कहा- मुश्किल हो जाता है भीड़ को कंट्रोल करना मंत्रालय ने कहा- हज यात्रा के दौरान भारी संख्या में भीड़ को कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में इस दौरान छोटे बच्चों को गंभीर खतरा हो सकता है. इसलिए बच्चों की हज यात्रा पर रोक लगा दी गयी है. इसे भी पढ़ें 13 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें रेट प्राइवेट स्कूलों को किया जा रहा बदनाम, बच्चों को प्रशासनी स्कूल में पढ़ायें अधिकारी और कर्मचारी : पासवा बंगाल की खाड़ी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ, झारखंड में वर्षा-वज्रपात का अलर्ट हटिया-टाटानगर समेत 3 ट्रेनें रद्द, चोपन-रांची और आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस के रूट बदले वक्फ संशोधन कानून पर धमकी की भाषा बंद करे झामुमो, बोले प्रदीप वर्मा The post 12 साल से कम आयु के बच्चों के हज जाने पर रोक, 14 तक ले लें पूरा रिफंड appeared first on Naya Vichar.

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Akash Anand Sorry: गलतियों के लिए आकाश आनंद ने बुआ मायावती से मांगी माफी, लगाई पार्टी में वापस लेने की गुहार

Akash Anand Sorry: बहुजन समाज पार्टी (BSP) से निष्कासित किए गए पार्टी प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी है. उन्होंने रविवार को अपनी पार्टी सुप्रीमो मायावती से उन्हें वापस पार्टी में शामिल किए जाने की गुहार लगाई है. आकाश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी गलतियों की माफी के लिए पोस्ट किया है. अपनी सिलसिलेवार पोस्ट में उन्होंने प्रण लेते हुए कहा कि वह अब भविष्य में अपने किसी भी नेतृत्वक फैसले के लिए किसी नातेदार और सलाहकार से कोई राय नहीं लेंगे. आकाश ने अपने पोस्ट में क्या लिखा आकाश ने अपनी पोस्ट में कहा “बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उप्र की चार बार मुख्यमंत्री रही एवं लोकसभा व राज्यसभा की भी कई बार सदस्य रही आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी को मैं अपना दिल से एकमात्र नेतृत्वक गुरू व आदर्श मानता हूं. आज मैं यह प्रण लेता हूं कि बहुजन समाज पार्टी के हित के लिए मैं अपने रिश्ते-नातों को व खासकर अपने ससुराल वालों को कतई भी बाधा नहीं बनने दूंगा.” उन्होंने इसी श्रृंखला की अगली पोस्ट में कहा यही नहीं बल्कि कुछ दिनों पहले किए गए अपने ट्वीट के लिए भी माफी मांगता हूं जिसकी वजह से आदरणीय बहन जी (मायावती) ने मुझे पार्टी से निकाल दिया है. आगे से इस बात को सुनिश्चित करूंगा कि मैं अपने किसी भी नेतृत्वक फैसले के लिए किसी भी नाते-रिश्तेदार और सलाहकार की कोई सलाह मशविरा नहीं लूंगा.” आकाश ने अपने पोस्ट में कहा “और सिर्फ आदरणीया बहन जी के दिए गए दिशा-निर्देशों का ही पालन करूंगा तथा पार्टी में अपने से बड़ों की व पुराने लोगों की भी पूरी इज्जत करूंगा और उनके अनुभवों से भी काफी कुछ सीखूंगा.” उन्होंने कहा “आदरणीय बहन जी से अपील है कि वह मेरी सभी गलतियों को माफ करके मुझे पुन: पार्टी में कार्य करने का मौका दें, इसके लिए मैं सदैव उनका आभारी रहूंगा. साथ ही अब मैं आगे ऐसी कोई भी गलती नहीं करूंगा, जिससे पार्टी व आदरणीय बहन जी के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान को ठेस पहुंचे.” 1. बी.एस.पी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, यू.पी. की चार बार रही मुख्यमंत्री एवं लोकसभा व राज्यसभा की भी कई बार रही सांसद आदरणीया बहन कु. मायावती जी को मैं अपना दिल से एकमात्र नेतृत्वक गुरू व आदर्श मानता हूं। आज मैं यह प्रण लेता हूं कि बहुजन समाज पार्टी के हित के लिए मैं अपने रिश्ते-नातों… — Akash Anand (@AnandAkash_BSP) April 13, 2025 आकाश को मायावती ने कर दिया था पदमुक्त इससे पहले दो मार्च को बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने तत्कालीन ‘उत्तराधिकारी’ आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक सहित सभी पदों से मुक्त कर दिया था. इसके बाद आकाश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि पार्टी के सभी पदों से मुक्त किये जाने का निर्णय उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भावनात्मक है लेकिन साथ ही अब एक बड़ी चुनौती भी है, परीक्षा कठिन है और लड़ाई लंबी है. उन्होंने यह भी कहा था कि बसपा एक विचार और एक आंदोलन है जिसे दबाया नहीं जा सकता और इस मशाल को जलाए रखने और इसके लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने के लिए लाखों आकाश आनंद हमेशा तैयार हैं. पोस्ट के बाद मायावती ने कर दिया था निष्कासित आकाश आनंद के इस पोस्ट से नाराज होकर मायावती ने तत्काल ही आकाश को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. उन्होंने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था. मायावती ने टिप्पणी की थी कि सिद्धार्थ ने आकाश आनंद का नेतृत्वक करियर बर्बाद कर दिया है. मायावती ने यह भी ऐलान किया था कि उनके जीते जी अब कोई भी उनका उत्तराधिकारी नहीं होगा. The post Akash Anand Sorry: गलतियों के लिए आकाश आनंद ने बुआ मायावती से मांगी माफी, लगाई पार्टी में वापस लेने की गुहार appeared first on Naya Vichar.

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लॉन्च हुआ Tata Curvv का डार्क एडिशन स्मार्ट फीचर्स के साथ! जानें कीमत

Tata Curvv launched: देश की मशहूर वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने एसयूवी टाटा कर्व को डार्क एडिशन के साथ लॉन्च कर दिया है. टाटा ने इस एसयूवी को नेक्सन, सफारी और हैरियर के तर्ज पर डीजाइन किया है. इसके साथ ही टाटा ने अपने डार्क एडिशन के पोर्टफोलियो को ध्यान में रखते हुए एसयूवी कर्व को भी डार्क कलर के साथ मार्केट में उतारा है. एसयूवी कर्व को टोटल 8 अकम्पलिस्ड वेरिएंट के साथ लॉन्च किया गया है. जिसकी    कीमत 16.49 लाख रुपये से लेकर 19.52 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम है. यह भी पढ़ें: Force Urbania Review: अर्बनिया के साथ फैमिली पिकनिक और बिजनेस दोनो करें, जाने इसके फीचर्स के बारे में एसयूवी टाटा कर्व डार्क एडिशन के इंजन के बारे जानें टाटा कर्व डार्क एडिशन पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शन में उपलब्ध है. लेकिन हम पहले बात करेगें पेट्रोल इंजन की जिसमें आपको Hyperion Gasoline Direct Injection इंजन मिलता है, जो 91.9 Kw की अधिकतम पावर और 225 Nm का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. इसमें 1199 cc का इंजन डिस्प्लेसमेंट दिया गया है. Pic credit -tata इसके अलावा डीजल इंजन की बात करें तों ये कार 1.5L Kryojet इंजन के साथ आती है. जो 86.7 Kw की अधिकतम पावर और 260 Nm का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. इसमें 1497 cc का इंजन डिस्प्लेसमेंट दिया गया है. इन दोनों इंजन में 6-स्पीड मैंन्युअल और 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमेटिक गियर ट्रांसमिशन दिया गया है. एसयूवी टाटा कर्व डार्क एडिशन के फीचर्स के बारे जानें टाटा कर्व के डार्क एडिशन को बेहद प्रीमियम बनाया गया है. इसके अंदर केबिन में टाटा ने सेंटर कंसोल, लेदरेट अपहोल्स्ट्री, और रूफ लाइनर पर ब्लैक थीम दिया है. Pic credit-tata 9 स्पीकर के साथ जेबीएल साउंड सिस्टम, वायरलेस चार्जर, पैनोरमिक सनरूफ, एयर प्यूरीफायर, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, रिक्लाइनिंग रियर सीट्स अमेजन एलेक्सा, 12.3 इंच का टचस्क्रीन, एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, सूट और जेस्चर-कंट्रोल्ड टेलगेट जैसे फीचर्स कर्व एक्म्प्लिश्ड प्लस ए वेरिएंट में आतें हैं. ड्राइवर और पैसेंजर की सेफ्टी को प्राथमिक्ता देते हुए इसमें 6 एयरबैग के साथ इसके चारों पहियों में डिस्क ब्रेक दिया गया है. यह भी पढ़ें: Maruti Suzuki Fronx की जबरदस्त बिक्री। आप भी खरीदना चाहते है तो जानें इसके डाउनपेमेंट के बारे में The post लॉन्च हुआ Tata Curvv का डार्क एडिशन स्मार्ट फीचर्स के साथ! जानें कीमत appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बरनार जलाशय बनने की राह नहीं है आसान, अभी खड़ी हैं कई मुश्किलें

विनय कुमार मिश्र/ Bihar News: जमुई जिले के सोनो प्रखंड में बरनार जलाशय निर्माण को लेकर हाल के दिनों में क्षेत्रवासियों की उम्मीदें जगी हैं. खासकर फरवरी माह में बिहार कैबिनेट की बैठक में जब से इस जलाशय निर्माण की स्वीकृति मिली है. इसके लिए लगभग 2580 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है. तब से दम तोड़ रही लोगों की उम्मीदों में नयी जान आ गयी है और फिर से बरनार जलाशय चर्चा में आ गया है. इसकी स्वीकृति को लेकर श्रेय लेने की होड़ लग गयी, पर इन सबसे इतर क्षेत्र के जानकार लोग संशय में हैं. उनके जेहन में प्रश्न उमड़-घुमड़ रहे हैं कि क्या वास्तव में अब बरनार जलाशय का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा. क्या इसके बनने में जो भी बाधाएं थीं वह दूर हो गयी हैं. कहीं हर बार की तरह इस चुनावी वर्ष में भी यह सिर्फ छलावा तो नहीं है. वन विभाग से अब तक नहीं मिल सका है अनापत्ति प्रमाण पत्र बुद्धिजीवियों के मन में उठते प्रश्न के ठोस कारण भी हैं. दरअसल 70-80 के दशक में इस परियोजना को धरातल पर उतारने के प्रयास के साथ ही इसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इसमें से 90 के दशक में वन विभाग द्वारा जतायी गयी आपत्ति सबसे बड़ी बाधा बनी. डैम के बनने पर जंगल के डूब क्षेत्र से होनेवाले नुकसान और प्रयुक्त जमीन की क्षतिपूर्ति के लिए वन विभाग को उतनी जमीन चाहिए थी. इस मुश्किल के बाद बंद हुआ निर्माण कार्य वन विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र की बाट जोहता रह गया. बरनार जलाशय निर्माण की कई मुश्किलों में वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना सबसे बड़ी बाधा बना, जिसका पूर्ण समाधान आज तक नहीं हो सका. अब लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि वन विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण लिए कैबिनेट में निर्माण की स्वीकृति देकर भी निर्माण कैसे कराया जाएगा. प्रगति यात्रा के दौरान सीएम ने दिखायी थी रुचि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान जमुई आगमन पर बरनार जलाशय के प्रति रुचि दिखायी थी. कैबिनेट में स्वीकृति के बाद तीन अप्रैल को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव व विभागीय प्रमुख सचिव के साथ बरनार निर्माण स्थल का हवाई सर्वेक्षण किये. इसके एक दिन बाद ही सिंचाई प्रमंडल झाझा के कार्यपालक अभियंता दीपक प्रधान के नेतृत्व में कई विभागीय पदाधिकारियों की एक टीम बरनार जलाशय निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल पर पहुंचकर प्री कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी की विधिवत शुरुआत की. इसमें सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सह समाजसेवी रमेश प्रसाद सिंह ने महती भूमिका प्रदान की. इस एक्टिविटी के दौरान महाराष्ट्र के पुणे से आयी टीम ने आधुनिक तकनीक से लैस बड़े ड्रोन और सेटेलाइट के माध्यम से डूब क्षेत्र, डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट, बायां व दायां केनाल वगैरह का ड्रोन से सर्वे का कार्य प्रारंभ किया, जो लगभग 20 से 25 दिनों तक चलेगा. इससे कवर केनाल के लिए भूमि सहित अन्य कई डाटा को प्राप्त किया जा रहा है. अभी भी वन विभाग को चाहिए 667.76 एकड़ जमीन डैम का पानी पहाड़ और जंगल के बीच जहां जमा होगा, उस डूब क्षेत्र का रकबा 1135.87 एकड़ है. इसी डूब क्षेत्र की जमीन के बदले वन विभाग को अन्यत्र कहीं जमीन चाहिए. इसके लिए जमुई के तत्कालीन डीएम कौशल किशोर ने 468.11 एकड़ जमीन को कैबिनेट से स्वीकृति दिलवाकर भूमि वन विभाग को हस्तांतरित करवा दी थी. शेष 667.76 एकड़ गैर वन भूमि अभी भी वन विभाग को चाहिए, जिसे बीते 10 वर्षों में भी नहीं दिया जा सका. अब इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर काम तेज हो गया है. इसके लिए डीएम अभिलाषा शर्मा द्वारा सार्थक पहल की जा रही है. इसके तहत 478 एकड़ भूमि वन विभाग को हस्तांतरित करने के लिए स्वीकृति दी गयी है, जिसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी. बिना पूरी जमीन लिए वन विभाग नहीं देगा अनापत्ति प्रमाण वन विभाग बिना पूरी जमीन लिए अनापत्ति प्रमाण नहीं देगा, यह तो इतने दिनों में लोगों की समझ में आ चुका है. सूत्र की मानें तो वन विभाग प्राप्त जमीन का म्यूटेशन सहित अधिग्रहण करना चाहता है. साथ ही ऐसी जमीन चाहता है, जो पहाड़ी पठारी न हो यानि समतल हो. अगर इस तरह की भूमि नहीं होगी, तो उन्हें समतल समतुल्य के हिसाब से अधिक जमीन चाहिए. कुल मिलाकर वन विभाग समतल और म्यूटेशन सहित जमीन चाहता है. वन विभाग के डिमांड से प्रशासन की कठिनाई बढ़ना स्वाभाविक है. लिहाजा प्रक्रिया में समय भी लगेगा. इस परिस्थिति में जलाशय निर्माण और लागत राशि के कैबिनेट स्वीकृति का क्या होगा. केनाल के लिए आवश्यक भूमि का भी नहीं हो सका है पूर्ण अर्जन जलाशय बनने के बाद सिंचाई के लिए पानी के निकास और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर बननेवाले बायां और दायां कवर केनाल के लिए आवश्यक भूमि का पूरी तरह अब तक अर्जन नहीं हो सका है. इसके लिए आवश्यक 633.33 एकड़ भूमि के बदले अभी तक 490 एकड़ भूमि अर्जित की जा चुकी है. पर, अभी भी 143.33 एकड़ भूमि का अर्जन शेष है. यहां गौर करनेवाली बात यह है कि यह भूमि रैयती है, जिसके लिए भू मालिकों को मुआवजा भी देना होगा. यहां बता दें कि इस परियोजना के लिए आम लोगों से ली गयी जमीन के एवज में उस समय 55 करोड़ की राशि मुआवजे के तौर पर दी गयी थी. शुक्रवार से शुरू किये गये मुख्य केनाल और इसकी शाखा की जमीन के ड्रोन सर्वेक्षण के बाद प्राप्त रिपोर्ट व नक्शा को सिंचाई विभाग अंचल कार्यालय और भू अर्जन कार्यालय को देगा. इसके बाद शेष भूमि का भू अर्जन होगा. स्वाभाविक तौर पर इसमें भी समय लगेगा. एनएच के लिए लैंड बैंक में दी गयी भूमि को बरनार परियोजना में एडजस्ट करने की हुई मांग डीएम अभिलाषा शर्मा ने 27 मार्च को मुख्य सचिव पटना के नाम लिखे पत्र में बरनार जलाशय के लिए वन विभाग को दिये जानेवाले शेष 190.0562 एकड़ समतल समतुल्य भूमि को उस 572.68 एकड़ गैर वन भूमि में से समायोजित करने की मांग की है, जिसे जमुई प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजना के लिए लैंड बैंक में दिया गया था. वन विभाग को दी जानेवाली जमीन की व्यवस्था को

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बिहार में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, स्कॉर्पियो से 48 कार्टन शराब बरामद

Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले में उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब की तस्करी में संलिप्त दो स्कॉर्पियो गाड़ियों से कुल 48 कार्टन प्रीमियम क्वालिटी शराब बरामद की. शनिवार रात सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-लदौरा रोड पर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की बड़ी खेप पहुंचने वाली है. सूचना के आधार पर तत्काल टीम गठित की गई और घटनास्थल पर छापेमारी की गई. भागने की कोशिश करने वाले तस्कर को दबोचा, तीन फरार जब उत्पाद विभाग की टीम ने दोनों गाड़ियों को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने चौंकाने वाली हरकत करते हुए गाड़ी को विभागीय वाहन में टक्कर मार दी और भागने का प्रयास किया. हालांकि, टीम ने पीछा करते हुए दोनों गाड़ियों को कुछ दूरी तक दौड़ने के बाद पकड़ लिया. इस बीच, तस्कर राहुल कुमार सहित तीन अन्य फरार हो गए. राहुल कुमार को पकड़ लिया गया, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. राहुल कुमार का आपराधिक इतिहास गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार की पहचान सरैया थाना क्षेत्र के चकमधुआ गांव के निवासी के रूप में हुई. राहुल पहले भी शराब तस्करी के मामले में जेल जा चुका है. टीम ने आरोपी के पास से एक पिस्टल, 12 गोलियां और एक खोखा भी बरामद किया है. इससे पहले, आरोपी और उसके साथी की इस क्षेत्र में तस्करी की कई बार रिपोर्टें सामने आई हैं. शराब की खेप से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी उत्पाद विभाग के निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि जब्त की गई शराब की कीमत लाखों रुपये है. इन दोनों गाड़ियों से 48 कार्टन प्रीमियम क्वालिटी शराब बरामद की गई. पुलिस विभाग ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी तेज कर दी है. इस कार्रवाई से यह साफ है कि मुजफ्फरपुर जिले में शराब तस्करी पर प्रशासन की कड़ी नजर है और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. ये भी पढ़े: बिहार में उगेगा आस्था का नया सूरज, दो करोड़ की लागत से बनेगा भव्य सूर्य मंदिर कड़ी कार्रवाई और प्रशासन की मुस्तैदी पर स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन की सख्ती से शराब तस्करी में कमी आएगी. वहीं, इस कार्रवाई को लेकर उत्पाद विभाग की टीम की सराहना की जा रही है, जिससे अपराधियों में खौफ पैदा होगा और मुजफ्फरपुर को शराब माफियाओं से मुक्त करने में मदद मिलेगी. The post बिहार में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, स्कॉर्पियो से 48 कार्टन शराब बरामद appeared first on Naya Vichar.

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डॉ अशोक प्रियदर्शी को बिरसा मुंडा शिखर सम्मान, डॉ शेखर मल्लिक को बिनोद बिहारी महतो स्मृति सम्मान, 15 साहित्यकार सम्मानित

रांची-समग्र साहित्यिक अवदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अशोक प्रियदर्शी (रांची) को बिरसा मुंडा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया. बिनोद बिहारी महतो स्मृति सम्मान डॉ शेखर मल्लिक (घाटशिला) को उत्कृष्ट साहित्य लेखन के लिए दिया गया है. रश्मि शर्मा (रांची) को कथा लेखन के लिए राधाकृष्ण स्मृति सम्मान, लेखन के लिए रजनी गुप्ता (रामगढ़) को डॉ रामदयाल मुंडा स्मृति सम्मान मिला है. रांची की सत्या शर्मा कीर्ति को समकालीन कविता के लिए हिंदुस्तान यायावर स्मृति युवा सम्मान मिला. कुल 15 सम्मानित किए गए. प्रेस क्लब में आयोजित झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति के तीसरे अलंकरण समारोह में इन्हें सम्मानित किया गया. समिति के अध्यक्ष शिरोमणि महतो और महासचिव नीरज नीर ने सभी को बधाई दी है. उत्कृष्ट लेखन के लिए इन्हें भी मिला सम्मान सुजाता कुमारी को समकालीन कविता के लिए सुशीला सामद स्मृति युवा सम्मान, हजारीबाग की गुलांचो कुमारी को कुड़माली भाषा संस्कृति के साथ हिंदी में समसामयिक लेखन लिए सृष्टिधर महतो स्मृति युवा सम्मान, धनबाद के डॉ सुभाष कुमार यादव को विधा-वैविध्य के लिए रघुनाथ महतो स्मृति सम्मान, रांची के प्रणव प्रियदर्शी को साहित्य-पत्रकारिता के लिए कॉमरेड महेंद्र प्रसाद सिंह स्मृति सम्मान, गिरिडीह के नेतलाल यादव को खोरठा हिंदी कविता के लिए शिवनाथ प्रमाणिक स्मृति युवा सम्मान दिया गया है. ये भी पढ़ें: झारखंड टूरिज्म रोड शो-2025 कोलकाता में ही क्यों? पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कर दिया खुलासा ये भी किए गए सम्मानित रांची के डॉ हाराधन कोयरी को पंचपरगनिया साहित्य के लिए जगन्नाथ महतो स्मृति युवा सम्मान, देवघर के रविशंकर शाह को अंगिका हिंदी कविता के लिए डॉ डोमन साहू समीर स्मृति युवा सम्मान, रांची की संघमित्रा रायगुरु को उड़िया हिंदी परस्पर अनुवाद के लिए भाषामित्र सम्मान, नवलेखन के लिए रांची के संतोष कुमार शर्मा को नवल सृजन सम्मान और रांची की चेतना झा को साहित्यिक पत्रकारिता के लिए भाषामित्र सम्मान दिया गया है. ये भी पढ़ें: रांची के दशम जलप्रपात की BLO दीदियां अब दिल्ली में देंगी ट्रेनिंग, CEC ज्ञानेश कुमार ने की सराहना डॉ शेखर मल्लिक पर महाविद्यालय को गर्व-कुमार सत्यम बीडीएसएल स्त्री महाविद्यालय के सचिव कुमार सत्यम ने कहा है कि कॉलेज से जुड़े डॉ शेखर मल्लिक ने अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से महाविद्यालय का मान बढ़ाया है. महाविद्यालय परिवार को इन पर गर्व है. डॉ शेखर मल्लिक राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित और चर्चित युवा लेखक हैं, जिनकी अब तक छह किताबें प्रकाशित हैं. हिंदुस्तानीय भाषा परिषद्, कोलकाता का प्रतिष्ठित युवा पुरस्कार, प्रतिलिपि सम्मान और सुवर्णशिला सम्मान सहित कई सम्मान और पुरस्कार उन्हें मिल चुके हैं. ये भी पढ़ें: IIT ISM धनबाद के सौरव शक्ति को सर्वाधिक 1.20 करोड़ का पैकेज, 910 को जॉब ऑफर The post डॉ अशोक प्रियदर्शी को बिरसा मुंडा शिखर सम्मान, डॉ शेखर मल्लिक को बिनोद बिहारी महतो स्मृति सम्मान, 15 साहित्यकार सम्मानित appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता किस गांव में सबसे पहले होता है सूर्योदय, 4 बजे हो जाती है सुबह

Village of Sunrise: हिंदुस्तान के अरुणाचल प्रदेश को ‘उगते सूरज की धरती’ कहा जाता है. यहां सबसे पहले सूर्योदय होता है. अरुणाचल में भी एक गांव है, जहां सबसे पहले सूर्य की किरणें पहुंचती हैं. उस गांव का नाम डोंग है. यह अरुणाचल के अनजाव जिले में स्थित है. डोंग हिंदुस्तान का सबसे पूर्वी हिस्से में है. यहां देश के अन्य हिस्सों से लगभग दो घंटे पहले सुबह होती है. डोंग में 4 से 5 बजे के बीच सूर्योदय होता है. हिंदुस्तान का सूर्योदय गांव डोंग को ‘हिंदुस्तान का सूर्योदय गांव’ कहा जाता है.समुद्र तल से यह गांव करीब 1240 मीटर की ऊंचाई पर. सर्दियों में यहां का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. सूर्योदय का नजारा देखने के लिए सैलानी ठंड में भी पहुंचते हैं. वैसे यहां सालो भर पर्यटकों का जमावड़ा रहता है. डोंग गांव में बढ़ रही पर्यटकों की संख्या अरुणाचल प्रदेश का डोंग गांव पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां की सुबह और शाम बेहद खूबसूरत होती है. यही कारण है कि डोंग गांव में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. डोंग की पहाड़ियों में सुबह की पहली किरणें जब पेड़ों और लोहित नदी पर पड़ती हैं, तो पूरा गांव सुनहरी रोशनी में नहा उठता है. स्थानीय लोग इस नजारे को नया दिन, नई उम्मीद का प्रतीक मानते हैं. The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता किस गांव में सबसे पहले होता है सूर्योदय, 4 बजे हो जाती है सुबह appeared first on Naya Vichar.

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वक्फ संशोधन कानून पर धमकी की भाषा बंद करे झामुमो, बोले प्रदीप वर्मा

Table of Contents वक्फ कानून पर झामुमो का बयान राष्ट्रविरोधी, माफी मांगे पार्टी – प्रदीप वर्मा कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए वक्फ कानून को कर दिया था कमजोर- भाजपा गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी प्रशासन ने किया वक्फ कानून में संशोधन – वर्मा वक्फ संशोधन कानून ने आदिवासी जमीन को भी किया सुरक्षित – भाजपा जनता जानती है झामुमो का दोहरा चरित्र – प्रदीप वर्मा Pradeep Verma on Waqf Amendment Act: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद डॉक्टर प्रदीप वर्मा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महाधिवेशन से पहले वक्फ कानून का विरोध करने वाली सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोला है. झामुमो महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर प्रदीप वर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि तुष्टिकरण की नेतृत्व में आकंठ डूब चुके झामुमो ने अपने आंख और कान बंद कर लिये हैं. अब वह जुबान से असंवैधानिक, असंसदीय और उकसाने वाले शब्द बोल रही है. उन्होंने कहा, ‘झामुमो बताये कि झारखंड में हिंदुस्तान का संविधान लागू होता है या झामुमो ने कोई अपना संविधान झारखंड के लिए बना दिया है.’ वक्फ कानून पर झामुमो का बयान राष्ट्रविरोधी, माफी मांगे पार्टी – प्रदीप वर्मा प्रदीप वर्मा ने कहा कि संसद से पारित वक्फ संशोधन और महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से बने कानून के संबंध में दिया गया झामुमो का बयान राष्ट्रविरोधी बयान है. इसके लिए झामुमो को माफी मांगनी चाहिए. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से गरीब और वंचित मुस्लिम समाज को बड़ा लाभ मिलने वाला है. कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए वक्फ कानून को कर दिया था कमजोर- भाजपा उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति से होने वाली आय को उनके विकास में खर्च करने के लिए संवैधानिक प्रावधानों को मजबूत किया गया है. कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की खातिर इसे कमजोर कर दिया था. कांग्रेस पार्टी ने चंद लोगों को खुश करने की कोशिश की थी. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी प्रशासन ने किया वक्फ कानून में संशोधन – वर्मा भाजपा नेता ने कहा कि मोदी प्रशासन ने वक्फ की संपत्ति से गरीबों को लाभान्वित करने के लिए कानून बनाया है. तुष्टिकरण की नेतृत्व करने वाले लोग इसका विरोध कर रहे हैं. प्रदीप वर्मा ने कहा कि इंडी गठबंधन ने तीन तलाक और सीएए के समय भी ऐसा ही भ्रम फैलाया था. वक्फ संशोधन कानून ने आदिवासी जमीन को भी किया सुरक्षित – भाजपा प्रदीप वर्मा ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून में आदिवासी जमीन को भी सुरक्षित किया गया है. इस कानून के तहत शेड्यूल 5 में आने वाली झारखंड की आदिवासी जमीनों को वक्फ की संपत्ति में शामिल नहीं किया जा सकेगा. इसका प्रावधान वक्फ कानून में किया गया है. जनता जानती है झामुमो का दोहरा चरित्र – प्रदीप वर्मा भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू बैठी हैं. उन्हें इसका महत्व पता है. वह जानती हैं कि आदिवासी समाज की जमीन की सुरक्षा के लिए यह संशोधन कितना जररी है. प्रदीप वर्मा ने कहा कि झामुमो आज विद्रोह वाली भाषा बोल रहा है. संसद में उनके सांसदों को बिल पर बोलने का पूरा मौका मिला था. उन्होंने कहा कि झामुमो का दोहरा चरित्र जनता जानती है. इसे भी पढ़ें 13 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें रेट प्राइवेट स्कूलों को किया जा रहा बदनाम, बच्चों को प्रशासनी स्कूल में पढ़ायें अधिकारी और कर्मचारी : पासवा हेमंत सोरेन पर बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना, भुईंहारी जमीन में हेराफेरी पर कही बड़ी बात बंगाल की खाड़ी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ, झारखंड में वर्षा-वज्रपात का अलर्ट हटिया-टाटानगर समेत 3 ट्रेनें रद्द, चोपन-रांची और आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस के रूट बदले The post वक्फ संशोधन कानून पर धमकी की भाषा बंद करे झामुमो, बोले प्रदीप वर्मा appeared first on Naya Vichar.

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Tatkal Booking Time: ट्रेनों के तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर IRCTC ने शेयर किया लेटेस्ट अपडेट

Tatkal Booking Time हिंदुस्तानीय रेल (Indian Railways) हिंदुस्तानीयों की जीवन रेखा है. इससे प्रतिदिन करीब ढाई करोड़ लोग यात्रा करते हैं. ट्रेन में यात्रा करने वाले कई यात्री अपनी यात्री रिजर्व टिकट (Train Reserve Ticket) के साथ करते हैं. ताकि उनको अपने सफर के समय किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं उत्पन्न हो. लेकिन, अचानक यात्रा का कार्यक्रम बनाने वाले यात्रियों को तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) लेना पड़ता है. सोशल मीडिया पर तत्काल टिकट के टाइमिंग को लेकर एक पोस्ट बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें कहा गया है कि तत्काल टिकट का टाइमिंग बदल गया है. IRCTC ने साफ कर दिया IRCTC ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट को लेकर स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी कोई बात नहीं है. तत्काल टिकट की टाइमिंग में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया गया है.सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक आदि पर तत्काल टिकट की टाइमिंग चेंज होने का वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि 15 अप्रैल 2025 से रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग की टाइमिंग में चेंज हो रहा है.वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रीमियम तत्काल टिकट की टाइमिंग बदल रहा है. आम लोग इसे सच मान कर एक-दूसरे को फारवर्ड कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट पर आईआरसीटीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा है कि “इन दिनों सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट आ रहे हैं, जिसमें तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकटों की अलग-अलग टाइमिंग का जिक्र किया गया है. हालांकि, एसी और नॉन एसी क्लास के लिए तत्काल और प्रीमियम तत्काल की बुकिंग में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और न ही इसका कोई प्रस्ताव है.” The post Tatkal Booking Time: ट्रेनों के तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर IRCTC ने शेयर किया लेटेस्ट अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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