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April 16, 2025

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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: अभीरा ने लेटेस्ट ट्रैक से खुद को साइडलाइन किए जाने पर तोड़ी चुप्पी, कहा- बुरा नहीं…

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: ये रिश्ता क्या कहलाता है लगातार टीआरपी चार्ट में टॉप फाइव में बना हुआ है. चौथी पीढ़ी की कहानी दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखती है. रोहित पुरोहित और समृद्धि शुक्ला अभीरा और अरमान का रोल निभा रहे हैं. उनकी लवस्टोरी और थोड़ी बहुत लड़ाई फैंस को सुपर क्यूट लगती है. लेटेस्ट कहानी रोहित के मौत और रूही का अरमान और अभीरा के शिशु की सरोगेट मदर बनने के इर्द-गिर्द घूमता है. अब समृद्धि ने खुलासा किया है कि क्या उन्हें सरोगेसी ट्रैक से साइडलाइन किया गया है क्या. अभीरा को साइडलाइन करने पर क्या बोली समृद्धि समृद्धि शुक्ला से एक इंटरव्यू में ये रिश्ता क्या कहलाता है की समृद्धि शुक्ला से रूही के सरोगेसी ड्रामा के बीच उनके किरदार अभीरा को दरकिनार किए जाने के बारे में पूछा गया. इस पर एक्ट्रेस ने बॉलीवुड स्पाई संग इंटरव्यू में कहा कि फैन्स को बुरा नहीं मानना ​​चाहिए, क्योंकि यह एक कहानी है और शो को जारी रखने के लिए एक एंगल बनाना होगा. समृद्धि शुक्ला ने अपकमिंग ट्विस्ट से उठाया पर्दा समृद्धि शुक्ला ने आगे कहा, “अभी सिचुएशन ऐसी आई तो नहीं है, आगे क्या होगा मुझे नहीं पता. ये कहानी है, कुछ ना कुछ तो होता ही रहेगा. बुरा मत मानना, अभीरा की जिंदगी में भी अच्छे वक्त आएंगे.” उन्होंने कहा कि जबरदस्त ट्विस्ट और टर्न आने के लिए स्टारी को बदलना पड़ता है. मुझे उम्मीद है कि आगे मजा आने वाला है. कैसे शुरू हुआ सरोगेसी ट्रैक सरोगेसी ट्रैक की बात करें तो यह अभीरा ही थी, जिसने अरमान (रोहित पुरोहित) को आश्वस्त किया कि रूही (गरविता साधवानी) उनके शिशु की सरोगेट मां बन सकती है. अरमान इसके खिलाफ थे, क्योंकि उनका मानना ​​​​था कि यह समीकरण को बिगाड़ सकता है. अब रोहित पोद्दार की मौत के बाद रूही बिल्कुल अकेली है. अब वह अरमान और अभीरा के नजदीकियों को पसंद नहीं कर रही है. आज के एपिसोड में फैन्स ने रूही को अरमान का सपना देखते हुए देखा. उसके सपने में अरमान कहता है कि वह उसका ख्याल रखेगा और उसका साथ देगा. वह उसे गले भी लगाता है और उसके माथे पर किस भी करता है. इससे रूही हैरान रह जाती है. यह भी पढ़ें- Jaat Worldwide Box Office Collection: वर्ल्डवाइड जाट का जलवा कायम, सनी देओल की फिल्म हिट हुई या फ्लॉप The post Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: अभीरा ने लेटेस्ट ट्रैक से खुद को साइडलाइन किए जाने पर तोड़ी चुप्पी, कहा- बुरा नहीं… appeared first on Naya Vichar.

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BHU Admission 2025: घट गई बीएचयू की सीटें, 32 कोर्स का बदला कलेवर

BHU Admission 2025: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बड़ी समाचार सामने आई है. बीएचयू ने अपने अंडर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में कई बड़े बदलाव किए हैं. बता दें कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) परीक्षा जल्द होगी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए अपने 32 कोर्स के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे कई पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या कम कर दी गई है. BHU Admission 2025 Notice: बीएचयू में सीटें कम बीएचयू की तरफ से यह निर्णय उन कोर्स के लिए लिया गया है जिनमें पिछले पांच वर्षों में प्रवेश की संख्या काफी कम रही है. इससे विश्वविद्यालय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना चाहता है. विशेष रूप से, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में सीटों की कटौती की गई है. ये भी पढ़ें: बीएड का झंझट खत्म, अब इस परीक्षा से बन सकेंगे टीचर इसके अलावा, एमए बांग्ला और उर्दू में सीटें लगभग आधी कर दी गई हैं, जबकि एमए हिंदुस्तानीय दर्शन, पाली, एमवोक और बीवोक के कई पाठ्यक्रमों में सीटों में 40% तक की कमी की गई है. बीएचयू की तरफ से इस संबंध मे नोटिफिकेशन जारी हुआ है. सीटों की संख्या में बदलाव सत्र 2024-25 में BHU के विभिन्न संकायों, स्त्री महाविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में कुल 8,894 और पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में लगभग 5,000 सीटें थीं. इस वर्ष, कुछ नए पाठ्यक्रमों के साथ सीटों की संख्या में बदलाव किया जाएगा. सीटों में कटौती वाले प्रमुख पाठ्यक्रमों में एमए अरेबिक, एमए जर्मन, एमए पर्शियन, एमए बांग्ला, एमए मराठी, एमए तेलुगू, एमए पालि, एमए हिंदुस्तानीय दर्शन, एमवोक रीटेल एवं लॉजिस्टिक मैनेजमेंट सहित बीवोक और आचार्य के कुछ पाठ्यक्रम शामिल हैं. इन बदलावों का उद्देश्य विश्वविद्यालय के संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना और छात्रों को अधिक प्रासंगिक और लोकप्रिय पाठ्यक्रमों की ओर प्रोत्साहित करना है. यह भी पढ़ें: Bihar IAS Posting: बिहार के इन दो जिलों में यंग लेडी IAS की पोस्टिंग, UPSC में शानदार रैंक The post BHU Admission 2025: घट गई बीएचयू की सीटें, 32 कोर्स का बदला कलेवर appeared first on Naya Vichar.

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Vikas Divyakirti Wife Education: डिग्रियों में विकास दिव्यकीर्ति को टक्कर देती हैं उनकी पत्नी, YouTube पर भी फेमस

Vikas Divyakirti Wife Education in Hindi: हिंदुस्तान में यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र डॉ विकास दिव्यकीर्ति को जरूर जानते होंगे. विकास दिव्यकीर्ति एक जाने-माने शिक्षक हैं और हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा हैं. हालांकि बहुत कम लोग होंगे जो उनकी पत्नी डॉ तरुणा वर्मा को जानते होंगे. डाॅ तरुणा भी शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे हैं और वह ‘दृष्टि आईएएस’ की डायरेक्टर हैं. आइए जानते हैं कि डाॅ विकास दिव्यकीर्ति की पत्नी डाॅ तरुणा वर्मा की शिक्षा (Taruna Verma Education in Hindi) और उनके बारे में विस्तार से. डाॅ तरुणा वर्मा की शिक्षा (Vikas Divyakirti Wife Education) रिसर्च और रिपोर्ट्स के मुताबिक, डाॅ विकास दिव्यकीर्ति ने यूपीएससी परीक्षा पास की थी और अब वह यूपीएससी के छात्रों को पढ़ाते हैं. अगर उनकी पत्नी डाॅ तरुणा वर्मा की शिक्षा (Taruna Verma Education in Hindi) की बात की जाए तो वह भी पीछे नहीं है. डाॅ तरुणा वर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. इसके अलावा तरुणा वर्मा ने पीएचडी भी पूरी की है. वहीं विकास दिव्यकीर्ति ने भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज में दाखिला लिया और हिंदी विषय से ग्रेजुएशन किया. फिर उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों विषयों में मास्टर डिग्री ली. इसके बाद एमफिल और पीएचडी की पढ़ाई भी पूरी की. यह भी पढ़ें- Facebook CEO Salary: मार्क जुकरबर्ग सीईओ पद पर हर महीने कितना कमाते हैं, जानकर छोड़ देंगे FB चलाना! शिक्षा के क्षेत्र में काफी अनुभवी हैं डॉ तरुणा वर्मा (Vikas Divyakirti Wife Education) डॉ तरुणा वर्मा शिक्षा के क्षेत्र में काफी अनुभवी हैं. वह पहले दृष्टि आईएएस में पढ़ाती थीं और अब संस्थान की डायरेक्टर हैं. साथ ही वह दृष्टि वेलफेयर फाउंडेशन की सीईओ और एमडी के रूप में भी काम कर रही हैं. शिक्षा और मैनेजमेंट दोनों में उनका अच्छा अनुभव है जो संस्थान की सफलता में अहम भूमिका निभाता है. डॉ तरुणा वर्मा और प्रसिद्ध शिक्षक डॉ विकास दिव्यकीर्ति ने 1998 में शादी की थी.  यह भी पढ़ें- NSG Commando Salary: ​कैसे बनते हैं NSG कमांडो? सैलरी और सुविधाएं जानकर रह जाएंगे दंग! The post Vikas Divyakirti Wife Education: डिग्रियों में विकास दिव्यकीर्ति को टक्कर देती हैं उनकी पत्नी, YouTube पर भी फेमस appeared first on Naya Vichar.

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बेटी का किया पांच लाख में सौदा: किशोरी बोली- काश मैं उस घर जन्म ही न ली होती

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी के करारी इलाके की एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जिसमें किशोरी ने अपने ही माता-पिता पर दलाल के माध्यम से उसे पांच लाख रुपये में बेचने का आरोप लगाया है.युवती ने बताया कि एटा निवासी युवक ने खरीदने के बाद दो दिन तक उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया है. मामले को संज्ञान में लेते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल मामले की जांच सीओ मंझनपुर कर रहे हैं. पुलिस के अनुसार 13 वर्षीय बालिका ने बताया कि गांव बिहरोजपुर निवासी कमलेश पासी उसके घर आता जाता था. कई बार वह एटा जिले के राजा कोतवाली के नगला रामपुर गांव निवासी कर्मवीर यादव को भी साथ लेकर घर आता था. 14 मार्च 2025 को भी दोनों मेरे घर आए. शाम को माता-पिता ने उन्हें खाना पीना कराया. उस दिन नींद व चक्कर आने पर मैं जल्दी सो गई. दूसरे दिन जब मेरी आँखें खुली तो खुद को एटा में कर्मवीर यादव के घर पर पाया. किशोरी के अनुसार, उसके पूछने पर कर्मवीर ने बताया कि पांच लाख रुपये में उसके माता-पिता से उसे खरीद कर उसको यहां लाया है. 16 मार्च की रात किशोरी को मौका मिलते ही वह वहां से फरार होगई और अपने घर आई तो उसके घर वालों ने उसे अपनाने से इन्कार कर दिया. इसके बाद वह मंझनपुर क्षेत्र में रहने वाली अपनी बुआ के घर पर रुकी है। करारी थाना इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि पीड़िता अपनी बुआ के साथ थाने पर आई थी. उसकी तहरीर के अनुसार माता-पिता समेत चार आरोपियों के खिलाफ रविवार को मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है. The post बेटी का किया पांच लाख में सौदा: किशोरी बोली- काश मैं उस घर जन्म ही न ली होती appeared first on Naya Vichar.

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Indian Railways News: झारखंड से बिहार का सफर और हुआ आसान, रेलवे की इस सौगात से खिल उठे पलामूवासियों के चेहरे

Indian Railways News: पलामू-झारखंड के पलामू से बिहार के पटना तक का सफर अब और आसान हो गया. रेलवे ने झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र के रेल यात्रियों को खुशसमाचारी दी है. डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर पलामू एक्सप्रेस की टाइमिंग में बदलाव कर दिया गया है. इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी. पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम के प्रयास के बाद पलामू एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13347/13348) का बरकाकाना से पटना वाया डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर अब रात 10:05 बजे आगमन होगा एवं 10:10 बजे प्रस्थान करेगी. पहले रात 12:30 बजे आती थी पलामू एक्सप्रेस पलामू एक्सप्रेस का डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर पहले रात 12:30 बजे आगमन होता था. 12:35 बजे ट्रेन प्रस्थान करती थी. इस कारण पलामू संसदीय क्षेत्र की जनता को पटना के लिए आवागमन करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. ये भी पढ़ें: Success Story: BBA, MBA जैसी बड़ी डिग्री नहीं, फिर भी लाखों कमा रही हैं झारखंड की ये स्त्रीएं रेलवे ने जारी की अधिसूचना सांसद बीडी राम ने पलामू के लोगों की परेशानियों को लगातार मंडल संसदीय बैठकों एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर एवं व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्होंने पलामू एक्सप्रेस ट्रेन की समय सारणी में बदलाव का अनुरोध किया था. रेलवे बोर्ड ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है. अब पलामू संसदीय क्षेत्र की जनता को डाल्टनगंज से पटना का सफर करने में काफी सहूलियत होगी. ये भी पढ़ें: Jharkhand Rain Alert: झारखंड के 18 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश, वज्रपात का अलर्ट, अगले 5 दिनों के लिए चेतावनी The post Indian Railways News: झारखंड से बिहार का सफर और हुआ आसान, रेलवे की इस सौगात से खिल उठे पलामूवासियों के चेहरे appeared first on Naya Vichar.

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अंपायर के हत्थे चढ़े KKR के दो खिलाड़ियों के बैट, जानें- जांच में क्यों फेल हुए बल्ले?

IPL 2025 Sunil Narine Bat Failed Gauge Test: आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के खिलाफ स्पोर्ट्से गए मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) न सिर्फ 112 रन का आसान लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रही, बल्कि उनके दो बल्लेबाज सुनील नरेन और एनरिच नॉर्टजे का बल्ला बैट गॉज टेस्ट में भी फेल हो गया. नियमों के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों को मैदान में उतरने से पहले अपना बल्ला बदलना पड़ा. इस बार आईपीएल में अंपायर्स बल्लेबाजों के बैट की जांच काफी बारीकी से कर रहे हैं. इससे पहले रविवार को स्पोर्ट्से गए मैचों में फिल सॉल्ट, शिमरॉन हेटमायर और फिर हार्दिक पांड्या के बल्ले की जांच की गई थी. हालांकि उन सभी के बल्ले जांच में फिट पाए गए थे.  मंगलवार को स्पोर्ट्से गए मुकाबले में पहला मामला सुनील नरेन का था, जो रन चेज की शुरुआत से पहले ही अंपायरों के चेक में फंस गए. वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया कि रिजर्व अंपायर सैयद खालिद ने उनके बल्ले को गॉज फ्रेम से गुजारने की कोशिश की, लेकिन बल्ले की मोटाई तय मापदंडों से ज्यादा होने के कारण वह फ्रेम से नहीं निकल पाया. वहीं पास खड़े अंगकृष रघुवंशी का बल्ला सफलतापूर्वक टेस्ट पास कर गया. नरेन ने इसके बाद नया बल्ला लेकर बल्लेबाज़ी की, लेकिन वह सिर्फ 4 गेंदों में 5 रन बनाकर आउट हो गए. रघुवंशी ने 28 गेंदों में 37 रन की पारी स्पोर्ट्सी. Sunil Narine bat doesn’t pass umpire’s check#IPL2025 pic.twitter.com/d2VISP3gnd — Zsports (@_Zsports) April 16, 2025 दूसरा मामला 15वें ओवर के बाद देखने को मिला जब एनरिच नॉर्टजे (Anrich Nortje bat failed gauge test) बल्लेबाजी करने आए. उनका बल्ला भी गॉज टेस्ट में फेल हो गया, जिससे रहमानुल्ला गुरबाज को नया बल्ला लाना पड़ा. हालांकि, नॉर्टजे के बल्लेबाजी से पहले ही, अगली गेंद पर आंद्रे रसेल आउट हो गए और पूरी टीम सिर्फ 95 रन पर सिमट गई. BCCI now does bat checks on the field instead of in the dressing room. So if you’re wondering why umpires are checking bats or noticed Anrich Nortje changing his bat today, it means his bat did not meet the size rules.#IPL2025 #BCCI @IPL @BCCI pic.twitter.com/k3PVWRWO39 — Sai (@sai_whispers) April 15, 2025 अब आईपीएल में यह नया नियम लागू हुआ है, जिसके तहत बल्लेबाजों के बल्ले का परीक्षण मैदान पर किया जाता है. पहले ये टेस्ट ड्रेसिंग रूम में होते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से अंपायरों द्वारा की जा रही है. गॉज फ्रेम की मदद से अंपायर यह जांचते हैं कि बल्ला इन सभी मानकों पर खरा उतर रहा है या नहीं. इस जांच के बाद बल्लेबाजों को बैन नहीं किया जाता, हालांकि नियमों के उल्लंघन पर खिलाड़ी को तुरंत बल्ला बदलना पड़ता है. क्या होता है बैट गॉज टेस्ट? बैट गॉज टेस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि बल्लेबाज द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा बल्ला तय मापदंडों के भीतर हो. नियमों के अनुसार- बल्ले की चौड़ाई अधिकतम 10.79 सेमी हो सकती है. ब्लेड की मोटाई अधिकतम 6.7 सेमी होनी चाहिए. किनारे की मोटाई अधिकतम 4 सेमी जरूरी है.  बल्ले की लंबाई अधिकतम 96.4 सेमी हो सकती है. IPL में फिर गूंजेगी वो आवाज, जिसके दीवाने हैं लोग, कैंसर को मात देकर लौट रहा ये दिग्गज रोहित शर्मा को वानखेड़े स्टेडियम का खास तोहफा, अजित वाडेकर और शरद पवार के साथ मिला ये सम्मान टी20 के खूंखार, पहले ही ओवर में झटक देते हैं विकेट, पाकिस्तानियों से भरी लिस्ट में केवल एक इंडियन The post अंपायर के हत्थे चढ़े KKR के दो खिलाड़ियों के बैट, जानें- जांच में क्यों फेल हुए बल्ले? appeared first on Naya Vichar.

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बर्बाद हो रहा परिवार, कुछ कीजिए सरकार, जेपी नड्डा से नर्सिंग यूनियनों की गुहार

Nursing Staffs Memorandum to JP Nadda| केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से नर्सिंग यूनियनों ने नर्सों के परिवार को बचाने की गुहार लगायी है. नर्सिंग स्टाफ्स की अगुवाई कर रहे यूनियनों ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को अलग-अलग मांगपत्र सौंपा है. यूनियनों का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ अलग-अलग राज्यों में काम करते हैं. इसकी वजह से उन्हें अपने पति और परिवार से दूर रहना पड़ता है. लिहाजा उनका परिवार बिखर रहा है. बर्बाद हो रहा है. इसलिए स्वास्थ्य मंत्री कार्मिक विभाग के निर्देश के आलोक में नर्सिंग स्टाफ्स की पोस्टिंग उसी शहर में करें, जहां उनके पति या पत्नी काम करते हैं, ताकि परिवार नियोजन और परिवार संभालने दोनों में आसानी हो. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन ऑ‍ल इंडिया एम्स एंप्लॉईज यूनियन ने बुधवार 16 अप्रैल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दिल्ली में इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा, तो दूसरा ज्ञापन उत्तराखंड के नर्सिंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन एम्स रिषिकेष में भी सौंपा गया. एम्स में जेपी नड्डा को सौंपे गये 3 पन्नों के ज्ञापन में एक-एक बिंदु का उल्लेख करते हुए उनसे आग्रह किया गया है कि नर्सिंग स्टाफ की पोस्टिंग उसी राज्य में करें, जहां उनके पति या पत्नी कार्यरत हैं. ज्ञापन में कहा गया है कार्मिक विभाग की ओर से पहले से ही ऐसा आदेश जारी किया जा चुका है. स्वास्थ्य विभाग को सिर्फ जीवनसाथी स्तर (स्पाउस ग्राउंड) पर ट्रांसफर नीति को लागू करना है. परिवार टूटने तक की आ जाती है नौबत ज्ञापन में कहा गया है कि सैकड़ों स्त्री स्वास्थ्यकर्मी अपने गृह राज्य और परिवार से दूर रहकर नौकरी कर रहीं हैं. इन्हें अक्सर व्यक्तिगत और घर की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. लंबे सय तक घर से दूर रहने की वजह से जीवनसाथी को भी वक्त नहीं दे पातीं. माता-पिता और अपने बच्चों के प्रति अपने कर्तव्य नहीं निभा पातीं. कई बार ऐसा होता है कि नौकरी की वजह से परिवार तक टूटने की समस्या आ जाती है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘छुट्टियों पर परिवार के पास जाना या परिवार का उनके पास आना होता है जोखिम भरा’ नर्सिंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन एम्स रिषिकेश के ज्ञापन में आगे कहा गया है कि कई बार एकल स्त्री स्वास्थ्यकर्मी को अपने घर-परिवार से 2000-2000 किलोमीटर दूर जाकर काम करना पड़ता है. अगर छुट्टियों में वह अपने परिवार तक जाना चाहे या उनका परिवार उनके पास आना चाहें, तो यात्रा में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जोखिम भरा होता है. पति-पत्नी के अकेले-अकेले रहने के नुकसान के बारे में जेपी नड्डा को बताया पति-पत्नी के अलग-अलग रहने के नुकसान के बारे में भी स्वास्थ्य मंत्री को बताया गया है. कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय में ट्रांसफर पॉलिसी नहीं होने की वजह से पति-पत्नी को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां अकेले निभानी होती है. अलग-अलग रहने की वजह से उनका खर्च कई गुणा बढ़ जाता है. शिशु माता-पिता के साथ नहीं रह पाते. उनका बचपन छिन जाता है. उनकी परवरिश प्रभावित होती है. 2021-23 के बीच 800 नर्सिंग स्टाफ ने छोड़ दी नौकरी एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया है कि जीवनसाथी और अपने परिवार के करीब जाने के लिए लोग नौकरी छोड़ने लगे हैं. वर्ष 2021 से 2023 के बीच 800 नर्सिंग स्टाफ ने इस्तीफा देकर अन्यत्र नौकरी कर ली. अगर प्रशासन इस पर ध्यान दे और स्थानांतरण नीति लागू कर दे, तो कर्मचारियों के घर-परिवार की समस्या दूर होगी और वे बेहतर सेवा दे पायेंगे. अभी वे चुनौतीपूर्ण और विषम परिस्थितियों में काम करने के लए मजबूर हैं. इसे भी पढ़ें 16 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां चेक करें रेट Aaj Ka Mausam: रांची में आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश, बिजली ठप, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट रांची एयरपोर्ट को नहीं मिली जमीन, देवघर एयपोर्ट की लग गयी लौटरी, लगेगी कैट टू लाइटिंग सिस्टम खुशसमाचारी! रिम्स में मरीजों को मामूली खर्च पर बेहतर सुविधाएं, नर्सिंग कर्मियों का वेतन 15 हजार बढ़ा The post बर्बाद हो रहा परिवार, कुछ कीजिए प्रशासन, जेपी नड्डा से नर्सिंग यूनियनों की गुहार appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: पत्नी ने पति को पटक-पटककर मारा, बीच सड़क महासंग्राम का वीडियो वायरल

Viral Video: पति और पत्नी का झगड़ा घर की चारदीवारी के अंदर अकसर आपने सुना और देखा भी होगा, लेकिन सड़क के बीच में दोनों के बीच दंगल शायद ही देखा होगा. सोशल मीडिया में इस समय एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पति और पत्नी के बीच महासंग्राम होता दिख रहा है. लेकिन दंगल में पति पर पत्नी भारी पड़ती दिख रही है. पत्नी अपने पति को पटककर मारती दिख रही है. लड़ते-लड़ते दोनों सड़क पर गिर जाते हैं. उसके बावजूद युद्ध थमने का नाम नहीं लेता दिख रहा है. इसी बीच पत्नी, पति पर भारी पड़ती नजर आती है. वो बाल पकड़कर पति को जमीन पर पटक देती है, और फिर ऊपर चढ़ जाती है. पत्नी के रौद्र रूप को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह जाते हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को waah_chhindwara नाम के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया है. View this post on Instagram A post shared by वाह_chhindwara (@waah_chhindwara) Viral Video: मारपीट के बाद दिखा पत्नी का प्यार बीच सड़क पर पति और पत्नी के बीच झगड़े का वीडियो तो आपने देख लिया. अब आप इस वीडियो को भी देख लीजिए. पहले वीडियो में जहां पति और पत्नी के बीच महासंग्राम छिड़ा हुआ दिख रहा था, इस वीडियो में मामला पूरी तरह से अलग दिखेगा. पति को सड़क पर पटककर मारने वाली पत्नी, इस वीडियो में हिंदुस्तानीय नारी के रूप में नजर आ रही है. पहले पति को जमकर मारा, फिर उसपर प्यार लुटाने लगी. View this post on Instagram A post shared by वाह_chhindwara (@waah_chhindwara) सोशल मीडिया पर आ रहे मजेदार कमेंट्स पति और पत्नी के बीच मारपीट वाले वीडियो पर सोशल मीडिया पर जमकर लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है. मारपीट वाले वीडियो पर लोग कह रहे हैं, “नारी सबपर भारी.” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मुझे गर्व है एक स्त्री लड़ रही है.” एक यूजर को आगे क्या हुआ, यह जानने की दिलचस्पी दिख रही है. उसने कमेंट्स कर जानना चाहा कि आगे क्या हुआ. वहीं प्यार लुटाने वाले दूसरे वीडियो पर लोगों ने लिखा, “हिंदुस्तानीय नारी पार्ट टू”. एक ने लिखा, “नारी बस यहीं पर हार जाती है.” The post Viral Video: पत्नी ने पति को पटक-पटककर मारा, बीच सड़क महासंग्राम का वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में आंगनबाड़ी सेविका बनना बेहद आसान, हर महीने मिलेंगे 10500 रुपए

Aanganvadi Sevika : झारखंड में राज्य के बाल विकास, स्त्री एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में हजारों स्त्रीएं सेविका के रूप में कार्यरत है. राज्य में वर्तमान में कुल 38,432 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. अगर आप भी आंगनबाड़ी केंद्र में नौकरी कर प्रतिमाह 10,500 रुपए कमाना चाहती हैं, तो आपका केवल किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना आवश्यक है. इसके अलावा सहायिका के पद पर नौकरी पाने के लिए केवल 10वीं पास होना आवश्यक है. आंगनबाड़ी केंद्र के मुख्य कार्य आंगनबाड़ी केंद्र मुख्य रूप से अपने क्षेत्र में 0 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं. इसके अलावा गर्भवती स्त्रीओं को आंगनबाड़ी द्वारा कई मुख्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती है. इनमें पोषण संबंधी सहायता, स्वास्थ्य जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और टीकाकरण शामिल हैं. ये सभी कार्य आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका की निगरानी में ही होती है. अपने क्षेत्र की गर्भवती स्त्रीओं और नवजात शिशु को सही पोषण और समय पर टीकाकरण करवाना भी सेविका का काम होता है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें आंगनबाड़ी सेविका की चयन प्रक्रिया झारखंड में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका की नियुक्ति के लिए किसी प्रकार की कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं ली जाती है. इनका चयन मुख्य रूप से मेरिट लिस्ट के आधार पर होता है. चयन आमसभा के माध्यम से की जाती है, जिसमें चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (सीडीपीओ), मुखिया समेत अन्य गांव के अधिकारी उपस्थित रहते हैं. इन अंकों के आधार पर होता है चयन आंगनबाड़ी सेविका की चयन के लिए 25 अंक निर्धारित किये गये हैं. इनमें शैक्षणिक योग्यता के लिए 10 अंक, आवेदक स्त्री की दो बेटी होने पर 2 अंक, ओबीसी/एसटी/एससी जाति से संबंधित उम्मीदवार के लिए 2 अंक, विकलांग स्त्री के लिए 2 अंक, बाल सेविका या नर्सरी टीचर के रूप में 10 महीने से कार्यरत स्त्री के लिए 3 अंक निर्धारित किए गए हैं. चयन प्रक्रिया में एक सामान अंक होने पर विधवा, विकलांग, तलाकशुदा या पूर्व सहायिका को प्राथमिकता दी जाती है. Also Read : 19 और 20 अप्रैल को रांची में एयर शो, कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों के लिए खास इंतजाम, देखिये पूरा शेड्यूल आवश्यक योग्यता आवेदक स्त्री का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है. आवेदक स्त्री की आयु सीमा 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आंगनबाड़ी सेविका के लिए आवेदक का 12वीं पास होना आवश्यक है. आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदक का 10वीं पास होना आवश्यक है. आवश्यक दस्तावेज निवास प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र बैंक पासबुक आधार कार्ड शैक्षणिक प्रमाण पत्र आंगनबाड़ी सेविका के लिए कैसे करें आवेदन आंगनबाड़ी सेविका का आवेदन दो तरीकों से होता है. आप ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी एक माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको आंगनबाड़ी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद सभी जानकारी भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें. इसके अलावा ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करने के लिए आप अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आंगनबाड़ी केंद्र से आवेदन फॉर्म लेकर उसे भरें और संबंधित दस्तावेज के साथ आवेदन जमा कर दें. इसके बाद आमसभा के माध्यम से आंगनबाड़ी सेविका का चयन किया जायेगा. इसे भी पढ़ें मंत्री हफीजुल हसन के संविधान विरोधी बयान के खिलाफ रांची में कल भाजपा का विरोध प्रदर्शन Maiya Samman Yojana: इस आसान तरीके से चेक करें अपने मंईयां सम्मान योजना का स्टैटस Jharkhand Rain Alert: झारखंड के 18 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश, वज्रपात का अलर्ट, अगले 5 दिनों के लिए चेतावनी The post झारखंड में आंगनबाड़ी सेविका बनना बेहद आसान, हर महीने मिलेंगे 10500 रुपए appeared first on Naya Vichar.

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प्रेमानंद जी महाराज के पास कभी नहीं थे खाने के पैसे, जानिए आज कितनी हो सकती है संपत्ति?

Premanand Ji Maharaj Net Worth: प्रेमानंद जी महाराज से प्रसिद्ध श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज की शिक्षाएं और सत्संग लाखों लोगों को रोजाना प्रभावित करते हैं. रात के समय उनके दर्शन के लिए सैकड़ों भक्त उनके दर्शन करते हैं और सत्संग का लाभ उठाते हैं. उनके फॉलोअर्स में दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली और प्रसिद्ध अदाकारा अनुष्का शर्मा जैसे लोग शामिल है. चिंताजनक बात यह है कि प्रेमानंद जी महाराज की दोनों किडनियां करीब 18-20 साल से खराब हैं. एक समय था, जब प्रेमानंद जी महाराज के पास खाने के पैसे नहीं थे. आइए, जानते हैं कि आज उनके पास कितनी संपत्ति हो सकती है. ADPKD बीमारी से ग्रस्त हैं प्रेमानंद जी महारा ऑनली माई हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद जी महाराज ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD) से पीड़ित हैं. यह एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें किडनी में सिस्ट बनते हैं और उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है. रिपोर्ट के अनुसार, उनकी दोनों किडनियां करीब 18-20 साल पहले खराब हो चुकी थीं. डॉक्टरों का मानना था कि वे अधिक समय तक जीवित नहीं रह पाएंगे. प्रेमानंद जी महाराज के डायलिसिस का खर्च हिंदी की वेबसाइट न्यूज18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से ग्रस्त प्रेमानंद जी महाराज को सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस कराना पड़ता है. डॉक्टरों की एक टीम उनके आश्रम में आकर उनका डायलिसिस करते हैं. एक बार के डायलिसिस उन्हें कम से 2,000 रुपये खर्च पड़ते हैं. हफ्ते में तीन बार डायलिसिस होने पर यह सालाना खर्च करीब 9,36,000 तक पहुंचता है. प्रेमानंद जी ने अपनी दोनों किडनियों के नाम “राधा” और “कृष्ण” रखे हैं, जो उनकी गहन भक्ति भावना को दर्शाते हैं. जब खाने के लिए भी नहीं थे पैसे हिंदी की वेबसाइट जी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद जी ने अपने जीवन के कठिन दौर को साझा करते हुए बताया कि जब वे किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, तब उन्हें खाने तक के पैसे नहीं होते थे. एक बार उन्होंने वृंदावन के काली देह क्षेत्र में भोजन मांगा, तो उन्हें बहुत ही थोड़ा खाना मिला, जिससे उनका पेट भी नहीं भर पाया. उस समय उन्होंने भगवान से प्रश्न किया कि इतनी कठिन परीक्षा क्यों ले रहे हैं? प्रेमानंद जी महाराज के ऐसे बदले दिन प्रेमानंद जी का कहना है कि उनके जीवन में उसी दिन से परिवर्तन आने लगा, जब वृंदावन के काली देह क्षेत्र में कम भोजन मिला था और उन्होंने भगवान से प्रश्न पूछा था. अब उनके पास वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर “श्री हित राधा केलि कुंज” नामक एक आश्रम है. नवहिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आश्रम इस्कॉन मंदिर के पास भक्ति वेदांत हॉस्पिटल के सामने स्थित है. इसे भी पढ़ें: आपके पास सिर्फ 10 मिनट में Airtel सिम पहुंचाएगा Blinkit, बस देना होगा इतना पैसा प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम के आसपास फ्लैट्स की कीमतें प्रेमानंद जी महाराज का आश्रम वृंदावन के जिस परिक्रमा मार्ग और इस्कॉन मंदिर के पास स्थित है, उस क्षेत्र में फ्लैट्स की कीमतें सुविधाओं और स्थान के अनुसार भिन्न होती हैं. रियल एस्टेट में प्रॉपटी की कीमतों का आकलन करने वाली वेबसाइट मैजिक ब्रिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वृंदावन के परिक्रमा क्षेत्र में गोविंद आराधना में 784 वर्ग फीट का 1 बीएचके फ्लैट करीब 65 लाख रुपये में उपलब्ध है. इसकी दर करीब 8,290 रुपये प्रति वर्ग फीट है. पुष्पांजलि बैकुंठ में 600 वर्ग फीट का फ्लैट 40 लाख रुपये में मिल रहा है. वहीं, केशव मैजेस्टिक में 535 वर्ग फीट का फ्लैट 45.4 लाख रुपये में उपलब्ध है. 99 एकर्स डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, वृंदावन के संस्कार सिटी में 950 वर्ग फीट का 2 बीएचके फ्लैट इस समय 75 लाख रुपये में मिल रहा है. इन दरों के आधार पर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रेमानंद जी का आश्रम और उसकी परिसंपत्ति कितने रुपये की हो सकती है. इसे भी पढ़ें: सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल पर टैरिफ लगाएगा अमेरिका, रास्ता तलाश रहा ट्रंप प्रशासन The post प्रेमानंद जी महाराज के पास कभी नहीं थे खाने के पैसे, जानिए आज कितनी हो सकती है संपत्ति? appeared first on Naya Vichar.

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