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April 18, 2025

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Vi नेटवर्क डाउन! आधी रात से यूजर्स परेशान, सिग्नल और इंटरनेट दोनों गायब

VI DOWN: Vodafone Idea (Vi) यूजर्स को देशभर में 18 अप्रैल 2025 की रात से नेटवर्क से जुड़ी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. रात करीब 12:30 बजे से Downdetector पर 1,800 से ज्यादा यूजर्स ने शिकायत दर्ज करवाई है. इनमें से अधिकांश ने सिग्नल गायब, इंटरनेट स्लो और कनेक्टिविटी फेलियर जैसी समस्याओं की बात कही है. यूजर्स ने किस प्रकार की समस्याएं बताईं? Downdetector के आंकड़ों के मुताबिक: 72% यूजर्स को नेटवर्क सिग्नल नहीं मिल रहा 16% ने कंप्लीट ब्लैकआउट यानी नेटवर्क पूरी तरह गायब होने की शिकायत की 11% यूजर्स ने मोबाइल इंटरनेट में दिक्कत बताई यह समस्या देश के कई हिस्सों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे और हैदराबाद में देखी गई है. कंपनी की प्रतिक्रिया Vodafone Idea की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्टेटमेंट सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग लगातार कंपनी को टैग कर रहे हैं और फीडबैक दे रहे हैं. कई यूजर्स ने कहा कि वे OTP नहीं रिसीव कर पा रहे, जिससे UPI पेमेंट्स और बैंकिंग सेवाओं में भी रुकावट आ रही है. यूजर्स क्या करें? फोन को फ्लाइट मोड में डालकर वापस नेटवर्क सर्च करें SIM कार्ड को दोबारा इन्सर्ट करें अगर समस्या बनी रहती है, तो Vi कस्टमर केयर 199 पर संपर्क करें. टेक्नोलॉजी की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें टेक टिप्स की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें The post Vi नेटवर्क डाउन! आधी रात से यूजर्स परेशान, सिग्नल और इंटरनेट दोनों गायब appeared first on Naya Vichar.

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Israel Hamas War: इजरायली हमलों के दबाव में हमास झुका, कहा– ‘युद्ध रोको, सभी बंधक रिहा करेंगे

Israel Hamas War: इजराइल और हमास के बीच गाज़ा में जारी लंबे और भीषण संघर्ष के बीच अब संभावित समाधान की एक उम्मीद दिखाई दे रही है. हमास ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि वह गाजा में युद्ध समाप्त करने की दिशा में सभी इज़राइली बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है. इसके बदले संगठन ने इजरायली सेना की पूरी तरह से वापसी, फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई और गाजा के पुनर्निर्माण की मांग रखी है. यह घोषणा हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या ने एक टेलीविजन संबोधन के जरिए की, जिसमें उन्होंने कहा कि संगठन एक ऐसे व्यापक समझौते के लिए तैयार है जिसमें सभी पक्षों की जिम्मेदारियों और अधिकारों का ध्यान रखा जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि हमास किसी भी स्थिति में अपने हथियार डालने को तैयार नहीं है और इजराइल द्वारा प्रस्तावित 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम को उन्होंने खारिज कर दिया. उनके मुताबिक, इजराइल का यह प्रस्ताव केवल समय खरीदने और नेतृत्वक फायदे उठाने के लिए है, जिसका मकसद संघर्ष को जारी रखना है. अल-हय्या ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वे संघर्षविराम का इस्तेमाल अपनी प्रशासन को बचाने और नेतृत्वक लाभ लेने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू का उद्देश्य युद्ध को लम्बा खींचना है, भले ही इसके लिए अपने ही नागरिकों की जान जोखिम में डालनी पड़े. हमास ने दो टूक कहा है कि वह अब किसी भी “आंशिक समझौते” का हिस्सा नहीं बनेगा. इस कड़े रुख के चलते मिस्र द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिशों को झटका लगा है. हाल ही में काहिरा में हुई बातचीत भी बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई. हमास ने यह साफ कर दिया है कि जब तक इजराइल युद्ध समाप्त करने पर सहमत नहीं होता, वह शेष बचे 59 बंधकों को नहीं छोड़ेगा. इस बीच, इजरायली सेना ने गाजा में अपने हमले और तेज कर दिए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गुरुवार को हुए हमलों में कम से कम 32 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें कई स्त्रीएं और शिशु भी शामिल थे. जबालिया में संयुक्त राष्ट्र संचालित एक स्कूल पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई. इजराइल ने दावा किया कि वहां हमास का एक कमांड सेंटर मौजूद था. वहीं, हमास ने यह जानकारी दी कि इजरायली-अमेरिकी सैनिक एडन अलेक्जेंडर को बंधक बनाकर रखने वाले उसके लड़ाकों से संपर्क टूट गया है. बताया गया कि अलेक्जेंडर जिस स्थान पर कैद थे, वहां इजरायली हमले हुए हैं. हमास ने बंधकों के परिवारों को एक वीडियो संदेश में चेताया कि ऐसे हमलों से उनके प्रियजनों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है. इसे भी पढ़ें: 35 साल की उम्र में पुरुष से बने किन्नर, लेकिन क्यों? गौरतलब है कि यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने दक्षिणी इजराइल पर अचानक हमला किया था. इज़राइली आंकड़ों के अनुसार उस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इसके जवाब में इजराइल ने गाजा में व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसमें अब तक 51,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है. इजराइल में भी अब प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है. जनता, पूर्व सैन्य अधिकारी और बंधकों के परिवारजन लगातार युद्ध रोकने और बंधकों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं. तेल अवीव में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां लोग प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और समझौते की ओर कदम बढ़ाने की अपील कर रहे हैं. एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा कि बंधकों की इस स्थिति को सामान्य मान लेना इंसानियत के खिलाफ है. साफ है कि मौजूदा स्थिति बेहद नाजुक है. एक ओर जहां हमास युद्ध समाप्त करने के लिए व्यापक शर्तों के साथ तैयार है, वहीं इजराइल सुरक्षा चिंताओं और नेतृत्वक रणनीतियों के तहत सख्त रुख अपनाए हुए है. आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह प्रस्ताव युद्धविराम की दिशा में निर्णायक कदम बनेगा या फिर संघर्ष और गहराएगा. इसे भी पढ़ें: मामा श्री हैरान, 18 साल का भांजा 28 साल की मामी संग फरार  The post Israel Hamas War: इजरायली हमलों के दबाव में हमास झुका, कहा– ‘युद्ध रोको, सभी बंधक रिहा करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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नीम करोली बाबा की कृपा चाहिए? कैंची धाम से जरूर लाएं ये चीजें, घर में भर देंगी सकारात्मक ऊर्जा

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य संत थे, जिनकी उपस्थिति में अद्वितीय शांति और आध्यात्मिक शक्ति महसूस होती थी. भले ही आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और शिक्षाएं अब भी लाखों दिलों में अमर हैं. वे केवल एक साधु नहीं थे, बल्कि अपने भक्तों के लिए भगवान के रूप में पूजे जाते थे. उनकी हनुमान जी के प्रति गहरी भक्ति उन्हें हनुमान का अवतार मानने वालों के लिए एक आदर्श बनाती थी. उनका प्रमुख आश्रम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम में है, जो एक तीर्थ स्थल बन चुका है, जहां हर दिन भक्त उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए आते हैं. उनके आशीर्वाद से न केवल हिंदुस्तानीय बल्कि कई विदेशी भी लाभान्वित हो चुके हैं. उनका जीवन सादगी, प्रेम, सेवा और करुणा से परिपूर्ण था, जो आज भी हर व्यक्ति के दिल में जीवित है. अगर आप भी नीम करोली बाबा के आश्रम कैंची धाम जाना चाहते हैं, तो वहां से कुछ चीजों का लाना बहुत ही शुभ माना जाता है. ऐसे में वापस लौटते समय जरूर इन चीजों को घर लाएं. कैंची धाम से वापस लौटते समय नीम करोली बाबा की तस्वीर को जरूर घर लाएं. इनकी तस्वीर को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जबकि नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. यह भी पढ़ें- जब लोग आपको गलत समझने लगे, तो याद रखें नीम करोली बाबा की ये बातें यह भी पढ़ें- नीम करोली बाबा के विचार जो बदल दें आपकी सोच नीम करोली बाबा के आश्रम कैंची धाम से वापस लौटते समय वहां की मिट्टी घर पर लाना बहुत शुभ माना जाता है. यह घर में सुख-समृद्धि लाने का काम करता है. इसके अलावा, घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. नीम करोली बाबा को कंबल बहुत प्रिय था. ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि बाबा की कृपा आप पर बनी रहे, तो कैंची धाम से कंबल जरूर लाएं, क्योंकि यह नीम करोली बाबा के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है. कैंची धाम से वापस लौटते समय आश्रम का प्रसाद घर पर जरूर लाएं. यहां खास तौर पर चने का प्रसाद मिलता है. ऐसे में प्रसाद को लाकर घर के सभी सदस्यों को जरूर बांटे. नीम करोली बाबा के धाम कैंची धाम से हनुमान जी की मूर्ति या फोटो को जरूर लाएं. इसके अलावा, वहां से हनुमान चालीसा को भी ला सकते हैं. इसे घर पर लाना बहुत ही शुभ होता है. यह भी पढ़ें- बुरे विचारों से मुक्ति चाहते हैं? अपनाएं नीम करोली बाबा के ये सरल उपाय Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post नीम करोली बाबा की कृपा चाहिए? कैंची धाम से जरूर लाएं ये चीजें, घर में भर देंगी सकारात्मक ऊर्जा appeared first on Naya Vichar.

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Kesari 3 की घोषणा से मचा तहलका, एक और रियल हीरो की कहानी लाएंगे अक्षय कुमार, इस महान योद्धा पर होगी कहानी

Kesari 3: अक्षय कुमार, आर माधवन और अनन्या पांडे स्टारर फिल्म केसरी चैप्टर 2: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ जलियांवाला बाग आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी हैं. फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से पॉजिटिव रिस्पांस मिला था. अब फिल्म को लेकर एक्स पर रिव्यूज आने लगे हैं. फिल्म साल 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड की कहानी को दिखाती है. फिल्म में खिलाड़ी कुमार ने वकील सी. शंकरन नायर की भूमिका निभाई है. केसरी चैप्टर 2 आज रिलीज हुई है और अक्षय ने कंफर्म कर दिया कि फिल्म का तीसरा पार्ट भी आएगा. इसकी कहानी किस पर बेस्ड होगी, इस बारे में भी एक्टर ने रिवील कर दिया. केसरी 3 को लेकर अक्षय कुमार ने दी ये अपडेट एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अक्षय कुमार ने जानकारी दी कि केसरी का तीसरा पार्ट भी आएगा. एक्टर ने बताया कि केसरी 3 की स्टोरी सिख साम्राज्य के सैन्य बल सिख खालसा फौज के कमांडर-इन-चीफ हरि सिंह नलवा पर होगी. ये जानकर फैंस यकीनन काफी खुश होंगे. बता दें कि केसरी साल 2019 में रिलीज हुई थी, जिसमें एक्टर ने हवलदार ईशर सिंह का किरदार निभाया था. वह जो सारागढ़ी की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण नेता थे. केसरी 2 से अक्षय कुमार का गहरा कनेक्शन केसरी चैप्टर 2 के ट्रेलर लॉन्च में अक्षय कुमार ने फिल्म की कहानी से अपना कनेक्शन बताया था. उन्होंने कहा,” मेरे पिता का जन्म जलियांवाला बाग के ठीक सामने हुआ था. मेरे दादा ने सब कुछ देखा है. ये बहुत पर्सनल है और बहुत जरूरी है. बाकी करण जौहर ने फिल्म गुस्से में बनाई है क्योंकि इनमें गुस्सा बहुत है. जो कुछ हुआ है, जितनी जितनी मैं कहानियां सुन रहा हूं, मेरे डैडी ने बताया है, मेरे दादाजी ने बताया, करण त्यागी ने सारा कुछ समझा. शंकरन नायर के पोते यहां बैठे हुए हैं. उन्होंने बुक लिखा है उसपर ये फिल्म बनाया है.” यहां पढ़ें-  सनी देओल से पुराना हिसाब चुकता करेंगे अक्षय कुमार, ‘जाट’ पर गिरेगा ‘केसरी 2’ का कहर, हिल जाएगा बॉक्स ऑफिस The post Kesari 3 की घोषणा से मचा तहलका, एक और रियल हीरो की कहानी लाएंगे अक्षय कुमार, इस महान योद्धा पर होगी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Plane Hijack : पूर्व सैन्यकर्मी ने किया प्लेन हाईजैक, यात्री ने मार दी गोली

Plane Hijack : अमेरिका के एक पूर्व सैन्यकर्मी ने बेलीज में एक छोटे यात्री विमान को हाईजैक कर लिया. इसके बाद वह एक यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा गया. बेलीज और अमेरिका दोनों ने इस घटना की पुष्टि की है. बेलीज पुलिस ने अपहरणकर्ता की पहचान अकिनयेला टेलर के रूप में की है. उसने जिस ‘ट्रिपोक एयर’ विमान का अपहरण किया था उसमें 14 यात्री और चालक दल के दो सदस्य सवार थे. सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गए हैं. यात्री द्वारा चलाई गई गोली से मरा अपहरणकर्ता बेलीज के पुलिस आयुक्त चेस्टर विलियम्स ने बताया कि टेलर ने विमान में सवार दो यात्रियों और एक पायलट पर चाकू से वार किया. विलियम्स ने बताया कि तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विलियम्स ने बताया कि टेलर एक यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा गया. यात्री के पास बंदूक रखने का लाइसेंस था और उसने बाद में बंदूक पुलिस को सौंप दी. उन्होंने बताया कि टेलर की मांग थी कि उसे देश से बाहर ले जाया जाए. बेलीज में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ल्यूक मार्टिन ने बताया कि टेलर ने अमेरिका ले जाने की मांग की थी. यह भी पढ़ें : विश्व के सबसे ताकतवर देशों की सूची हुई जारी, हिंदुस्तान का स्थान जानकर फटी रह जाएगी आंखें! मार्टिन ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को घटना का कारण या मकसद नहीं पता है लेकिन वे बेलीज के प्राधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर हुआ क्या था. विमान कई घंटों तक इधर-उधर चक्कर लगाता रहा ‘बेलीज एयरपोर्ट कंसेशन कंपनी’ के एक बयान के अनुसार, विमान कोरोजल से सैन पेड्रो जा रहा था और बेलीज के प्राधिकारियों ने अपहरण के बाद पूर्ण आपातकाल की घोषणा कर दी थी. अपहरण की यह घटना बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई. बयान के अनुसार, विमान कई घंटों तक इधर-उधर चक्कर लगाता रहा और अंतत: उसे तटीय शहर लेडीविले के हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया. ‘बेलीज एयरपोर्ट कंसेशन कंपनी’ ने बताया कि सभी यात्रियों को बचा लिया गया है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. देश में कैसे घुसा अपहरणकर्ता? विलियम्स ने बताया कि टेलर ने उत्तरी सीमा पार करके मेक्सिको के रास्ते बेलीज में प्रवेश करने का प्रयास किया था लेकिन उसे प्रवेश देने से मना कर दिया गया था. हालांकि अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि वह देश में कैसे घुसा. The post Plane Hijack : पूर्व सैन्यकर्मी ने किया प्लेन हाईजैक, यात्री ने मार दी गोली appeared first on Naya Vichar.

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Kesari Chapter 2 X Review: ‘अगर सच्चाई देखनी है तो केसरी चैप्टर 2 देखों’, फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले फैंस का रिव्यू

Kesari Chapter 2 X Review: अक्षय कुमार, आर. माधवन और अनन्या पांडे स्टारर ऐतिहासिक कोर्ट रूम ड्रामा ‘केसरी चैप्टर 2’ आज 18 अप्रैल को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म साल 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड पर आधारित सच्ची कहानी है. जिसमें ब्रिटिश आर्मी की क्रूरता और हिंदुस्तानीय नागरिकों की बेरहमी से हुई हत्या के सच को दर्शाया गया है. हाल ही में फिल्म की स्क्रीनिंग हुई, जिसमें कई बड़े सेलेब्स और राजनेताओं ने फिल्म को पॉजिटिव रिस्पांस दिया है. हालांकि, अब फिल्म आम जनता के दिल को छू पाई है या नहीं इसके बारे में फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले दर्शकों के एक्स रिव्यू जानते हैं. पब्लिक को कैसी लगी केसरी चैप्टर 2? केसरी चैप्टर 2 को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई केसरी रिव्यूज सामने आ रहे हैं. फिल्म देखने गए एक यूजर ने जेनेरल दायर के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, ‘आप देखो और बताओ. छह महीने, 9 महीने और 11 महीने के शिशु के हाथ में हथियार था? अरे बंद मुट्ठी और एक कड़ा था उनके हाथ में… और तुमने बिना आर्डर के, बिना हवा फायर करे, तुम्हारा विमान ऊपर उड़ रहा था चिन्हित करने के लिए. तुमने निहत्ते लोगों के ऊपर गोलियां चलाईं. तुम्हें सजा वाहे गुरु देंगे, जनरल दायर. तू तो अभी इस दुनिया में नहीं है. अब तेरे से बात कैसे करें? इसलिए मैं कह रहा हूं अगर सच्चाई देखनी है तो केसरी चैप्टर 2 देखों.’ A neutral audience from Delhi urges everyone to must watch #KesariChapter2 at your nearest cinemas to know about the horrifying untold story of Jallianwala Bagh.#AkshayKumar #RMadhavan pic.twitter.com/yrEU1o9UEs — 𝐀-𝐊 (@IAmitAk_) April 17, 2025 एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘हमारा खिलाड़ी वापस आ गया है. सुपरस्टार अक्षय कुमार ने #केसरीचैप्टर2 में सी. शंकरन नायर के रूप में दमदार एक्टिंग की है. क्रिटिक्स इसे उनका बेहतरीन काम बता रहे हैं. इस एंटरटेनिंग कोर्टरूम ड्रामा मास्टरपीस को देखना न भूलें.’ Our Khiladi Is Back 🔥 Superstar Akshay Kumar delivers a powerhouse performance as C. Sankaran Nair in #KesariChapter2. Critics are calling it his finest work – don’t miss this gripping courtroom drama masterpiece 😍 In Cinemas Now! Watch Now 🔥 pic.twitter.com/HneMSyRNgG — Akshay Sena – The Kattar Fanclub (@akshaykisena) April 18, 2025 एक अन्य यूजर ने कहा, ‘#KesariChapter2 ने मुझ पर गहरा प्रभाव छोड़ा. यह एक शक्तिशाली और भावनात्मक रूप से हृदयविदारक फिल्म है जो दुखद जलियांवाला बाग नरसंहार को बड़े पर्दे पर दिल दहला देने वाले यथार्थवाद के साथ पेश करती है.’ #KesariChapter2Review : ⭐⭐⭐⭐#KesariChapter2 left a deep impact on me. It’s a powerful and emotionally stirring film that brings the tragic Jallianwala Bagh massacre to the big screen with heartbreaking realism. pic.twitter.com/2LFcCOnoYC — Vivek Mishra (@actor_vivekm89) April 18, 2025 ऐसे ही कई यूजर्स ने फिल्म को दमदार रिव्यू दिया है. साथ ही फिल्म के स्टार कास्ट की भी जमकर तारीफ की है. केसरी चैप्टर 2 के बारे में… केसरी चैप्टर 2 का निर्देशन करण सिंह त्यागी ने किया है. वहीं, निर्माण धर्मा प्रोडक्शंस, केप ऑफ गुड फिल्म्स और लियो मीडिया ने किया है. यह फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई फिल्म ‘केसरी’ का सीक्वल है, जिसमें अक्षय कुमार के साथ परिणीति चोपड़ा भी नजर आई थीं. यह भी पढ़े: Kesari Chapter 2 देखने से पहले अक्षय कुमार ने की फैंस से अपील, बोले- शुरुआत के 10 मिनट… The post Kesari Chapter 2 X Review: ‘अगर सच्चाई देखनी है तो केसरी चैप्टर 2 देखों’, फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले फैंस का रिव्यू appeared first on Naya Vichar.

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आने वाला है स्टार्टअप्स में बदलाव का दौर

प्रशासनी नीतियों के मुताबिक देश में स्टार्टअप्स की शुरुआत 2016 में हुई, पर 2014 से पहले अपने यहां स्टार्टअप का दौर आ गया था. उस दौर में फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और कुछ वित्तीय क्षेत्र के (फिनटेक ) स्टार्टअप्स ही देश में थे, लेकिन वे सभी संघर्ष के दौर में ही थे. मोदी प्रशासन ने 16 जनवरी, 2016 को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुरुआत की और तब से स्टार्टअप शब्द युवाओं के सपनों के शब्दकोश में शामिल हो गया. प्रशासनी आंकड़ों के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर करीब 1,59,000 हो गयी है. हिंदुस्तान वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप्स की दौड़ में अमेरिका व चीन के बाद तीसरे पायदान पर खड़ा है. तकरीबन 17 लाख रोजगार इन्होंने उपलब्ध करवाए हैं. करीब 70 हजार से अधिक स्टार्टअप्स में स्त्री संचालक हैं, जो स्त्री सशक्तिकरण की तरफ हिंदुस्तान के बढ़ते कदमों को दिखाता है. उन स्टार्टअप्स ने सबसे अधिक प्रभावित किया है, जिनका वित्तीय मूल्यांकन एक अरब डॉलर से बढ़कर अधिक हो गया और उन्हें यूनिकॉर्न शब्द से संबोधित किया जाने लगा. आज हिंदुस्तान में 115 यूनिकॉर्न हैं. कुछ स्टार्टअप्स ने खुद को पब्लिक कंपनियों में बदला और शेयर बाजार की तरफ रुख किया. इनमें पेटीएम व जोमैटो आदि हैं. हिंदुस्तान में स्टार्टअप्स ने अपनी शुरुआत में समाज की बड़ी समस्या दूर करने के लिए कुछ नवाचार किये, जिसका उद्देश्य यह था कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से समाज के हर व्यक्ति तक लाभ पहुंचे. फिर धीरे-धीरे उसमें कुछ बड़े संस्थानों व औद्योगिक घरानों का वित्तीय निवेश होने लगा. इस दौरान स्टार्टअप्स ने दो तरह से कमाई की. पहली, ग्राहकों के विभिन्न प्रकार के लेन-देनों के व्यवहार व रुचियों का संग्रहण और दूसरा निवेशकों के माध्यम से वित्तीय निवेश. लेकिन एक दौर के बाद स्टार्टअप्स समाज में व्यापार करने में अधिक संलग्न होने लग गये हैं, जिसका प्रत्यक्ष नुकसान उस क्षेत्र के छोटे व्यापारों को होने लगा. इससे प्रशासनों को भी आर्थिक नुकसान हुआ, क्योंकि स्टार्टअप बनने की प्रक्रिया में उन्होंने प्रशासनी प्रोत्साहन के तौर पर लंबे अरसे तक विभिन्न प्रकार के करों में रियायतें और छूट प्राप्त की, वहीं उनके माध्यम से अब छोटे व्यवसायों को होने वाला नुकसान भी देखने को मिल रहा है, जिनमें जीएसटी का नुकसान भी शामिल है. जैसे पहले एक स्थानीय दुकानदार अपनी किसी वस्तु को 100 रुपये में बेचता था, तो उस पर जीएसटी 18 रुपये लगता था, पर अब बड़े स्टार्टअप्स उस स्थानीय व्यापारी से उसके उत्पाद बड़ी संख्या में 50 रूपये में खरीदने शुरू कर दिये, तो उसका मुनाफा प्रति उत्पादन के हिसाब से कम हो गया, जिसका नुकसान प्रशासन को जीएसटी में हुआ. स्टार्टअप्स का मुख्य कार्य छोटे व्यापारों को टेक्नोलॉजी के माध्यम से बड़े प्लेटफार्म पर लाना था, पर देखने को मिल रहा है कि स्टार्टअप्स उनके साथ प्रतिस्पर्धा में उतर गये हैं और खुद के रिटेल स्टोर्स स्थापित कर रहे हैं. इसमें उनकी दो गलत नीतियां सामने आ रही हैं. पहले वे अपने उत्पादों को डिस्काउंट पर बेचकर निवेशक के वित्तीय निवेश का नुकसान कर रहे हैं और प्रतिस्पर्धा में अपनी पैठ बना रहे हैं, और जब उनके उत्पादों का चलन बढ़ जाता है, तो वे ग्राहकों से डिलीवरी चार्ज के रूप में अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं, जो व्यवसाय के तौर-तरीकों को नष्ट कर रहा है. स्टार्टअप से यूनिकॉर्न का रास्ता पूर्णतया उसके वित्तीय मूल्यांकन पर निर्भर करता है. इस संबंध में बड़े-बड़े वित्तीय विश्लेषकों ने दबे स्वर में यह बात मानी है कि विश्लेषण के संबंध में बहुत पारदर्शी नियम अभी उपलब्ध नहीं हैं. यह बात भी देखने को मिली है कि जो यूनिकॉर्न अपने आइपीओ के बाद पब्लिक लिस्टेड कंपनी के तौर पर अपनी पहचान रखने लगे, उनके वित्तीय निवेश के पैटर्न में इंस्टिट्यूशन इक्विटी की जगह रिटेलर इक्विटी के रूप में ले ली है. इससे यह समझ में आता है कि इन स्टार्टअप्स के मालिकों ने अपनी रकम बहुत अधिक मुनाफे पर सुरक्षित कर ली. इसी के चलते यह भी देखा गया कि कई ऐसे यूनिकॉर्न पब्लिक लिस्टेड कंपनी बने और बाद में उनका मूल्यांकन यूनिकॉर्न के मूल्यांकन से भी कम हो गया. हिंदुस्तानीय आर्थिक नीतियों की वैश्विक स्तर पर आलोचना इस कारण भी होती है कि उनमें शोध व अनुसंधान पर बहुत कम निवेश किया जाता है. यह बात हिंदुस्तानीय स्टार्टअप्स में भी देखने को मिलती है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का यह कहना, कि हिंदुस्तानीय स्टार्टअप्स ने बेरोजगार युवाओं को सस्ते मजदूर में बदल दिया है, जो अमीरों के घर पर उन्हें खाना पहुंचाने की कतार में लगे हुए हैं, आज के दौर के हिंदुस्तानीय स्टार्टअप्स की एक तस्वीर जरूर दिखाता है, पर यह भी सच्चाई है कि बेरोजगार युवाओं के पास आज उसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. हालांकि यह भी समझना होगा कि केंद्रीय मंत्री का यह कथन आने वाले समय में हिंदुस्तानीय स्टार्टअप्स के लिए नीतियों के एक नये दौर को लाने की भूमिका के तौर पर दिखता है, जिसमें प्रशासन का मकसद स्पेस टेक्नोलॉजी, कृषि क्षेत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों की तरफ बहुत अधिक हो जाएगा. आने वाले समय में इस संबंध में प्रशासनी नीतियों में प्रोत्साहन हो या कुछ अन्य वित्तीय सुविधाएं मिलेगी, जिनका जिक्र वाणिज्य मंत्री ने स्टार्टअप महाकुंभ में किया है.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post आने वाला है स्टार्टअप्स में बदलाव का दौर appeared first on Naya Vichar.

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डीजल पर घटती निर्भरता

तेल मंत्रालय से जुड़े पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) की देश में डीजल की मांग में मामूली वृद्धि से संबंधित ताजा रिपोर्ट बहुत कुछ कहती है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में देश में डीजल की मांग कोरोना महामारी के बाद से सबसे कम रही. इस दौरान इसकी मांग मात्र दो प्रतिशत ही बढ़ी. डीजल की मांग में आयी इस कमी के पीछे आर्थिक विकास की गतिविधियों में कमी आने और इलेक्ट्रिकल व्हीकल के बढ़ते चलन जैसे कारण हैं. वैसे तो अपने यहां परिवहन क्षेत्र में शुरू से ही डीजल का दबदबा रहा है, लेकिन मौजूदा समय में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स द्वारा इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाये जाने के कारण डीजल की मांग में तुलनात्मक रूप से कमी आ रही है. पीपीएसी) के आंकड़े के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में डीजल की खपत केवल दो प्रतिशत बढ़कर 9.14 करोड़ टन हो गयी. यह वृद्धि दर उससे पहले के वित्त वर्ष के 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर से आधे से भी कम तथा वित्त वर्ष 2022-23 की 12.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर का एक छोटा-सा हिस्सा भर है. हालांकि इससे यह नहीं मानना चाहिए कि डीजल का उपयोग बिल्कुल ही कम हो गया है. देश में कच्चे तेल की कुल खपत में डीजल की हिस्सेदारी अब भी लगभग 40 प्रतिशत है. यह खपत मुख्य रूप से ट्रकों और खेती से जुड़े वाहनों में है. लेकिन इवी की बढ़ती लोकप्रियता डीजल की मांग को काफी हद तक प्रभावित कर रही है. जैसे, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर चलने लगी हैं. अनेक टियर-2 और टियर-3 शहरों पर ई-ऑटो रिक्शा पहले ही अपना कब्जा जमा चुके हैं. अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और बिगबास्केट जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी डिलीवरी वाहनों को इवी में रूपांतरित कर रही हैं. इसका भी असर डीजल की मांग पर पड़ रहा है. सार्वजनिक परिवहन के साधनों में डीजल की मांग तो कम हुई ही है, रेलवे द्वारा डीजल का इस्तेमाल भी पहले की तुलना में अब काफी कम रह गया है. ऑटोमोबाइल कंपनियां डीजल कारों पर अब कम ध्यान दे रही हैं. स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए खुद प्रशासन डीजल के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने की नीति अपना रही है. हालांकि हिंदुस्तान के विराट कृषि क्षेत्र को देखते हुए डीजल के इस्तेमाल में भारी कमी फिलहाल तो मुमकिन नहीं, लेकिन परिवहन के साधनों में डीजल का कम होता उपयोग भी पर्यावरण को बचाने के लिए स्वच्छ ईंधन पर जोर देने की हमारी प्रतिबद्धता के बारे में ही बताता है. The post डीजल पर घटती निर्भरता appeared first on Naya Vichar.

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Mandi Bhav 18 April: क्या है 18 अप्रैल के ताजे मंडी भाव? जानिए प्रमुख कृषि उत्पादों के दाम

Mandi Bhav 18 April: आज तारीख है 18 अप्रैल 2025. सूरज भी सिर पर चढ़ आया है और खेतों से लेकर मंडियों तक हलचल तेज है. किसान भाई लोग तगड़ी उम्मीद में हैं कि फसल का सही दाम मिले. तो चलिए, बिना देर किए आपको बता देते हैं आज के ताज़ा मंडी भाव, एकदम देसी भाषा में. अनाज और दालों के भाव (प्रति क्विंटल) फसल औसतन भाव (₹) न्यूनतम भाव (₹) अधिकतम भाव (₹) प्रमुख मंडियों में भाव (₹) सरसों 5801.9 1500 8270 राहतगढ़ – 6875, इछावर/सिलवानी/सोनकच्छ – 5500-6100 चना 7350 7200 7500 — गेहूं 2504.86 1300 9000 — सब्ज़ियों के भाव (प्रति किलो) सब्ज़ी कीमत (₹) खीरा 16 पालक 10 टमाटर 10 हरी मिर्च 28 धनिया 30 क्रम संख्या कृषि पदार्थ का नाम थोक भाव (₹/कुंतल) फुटकर भाव (₹/किलो) 1 मूंग (हरी) 8725.00 100.00 2 चना छोटा 6925.00 80.00 3 मसूर (दाल) 7800.00 90.00 4 उरद (काली) 8870.00 100.00 5 उरद दाल काली (छिलकेदार) 10235.00 125.00 6 मूंग दाल हरी 9835.00 115.00 7 चने की दाल 7800.00 90.00 8 मटर सफेद 4475.00 50.00 9 मटर की दाल 4850.00 56.00 10 अरहर दाल 10300.00 120.00 11 मसूर (छोटा दाना) 6885.00 80.00 Also Read: ATM चालू, लेकिन बैंक बंद, गुड फ्राइडे पर आपकी जेब से जुड़ी जरूरी समाचार, चेक करें यहां छुट्टी की लिस्ट The post Mandi Bhav 18 April: क्या है 18 अप्रैल के ताजे मंडी भाव? जानिए प्रमुख कृषि उत्पादों के दाम appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Builder: पटना के 5 बिल्डरों पर चलेगा क्रिमिनल केस, पांच साल की हो सकती है जेल

Bihar Builder: पटना. रेरा कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने वाले पटना के पांच बिल्डरों पर आपराधिक मुकदमा चलेगा. पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने इन बिल्डरों के खिलाफ रेरा बिहार द्वारा रेरा अधिनियम की धारा 59 (1) के तहत पारित आदेश का पालन नहीं करने के लिए दायर मामलों का संज्ञान लिया है. इन बिल्डरों ने रेरा अधिनियम की धारा 3 के अनुसार अपनी परियोजनाओं का निबंधन नहीं कराया था, जिसके कारण उन बिल्केडरों के खिलाफ रेरा ने आदेश पारित किया था. पांच साल की हो सकती है जेल सीजेएम की अदालत में जिन बिल्डरों पर मुकदमा चलेगा, वे हैं – ग्रीन सिटी रियल एस्टेट, अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड, अग्रणी होम रियल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, श्री राम कंस्ट्रक्शन एवं रमन एंड कुमार कंस्ट्रक्शन. साथ ही इन कंपनियों के निदेशक के खिलाफ भी क्रिमिनल केस चलेगा. इन बिल्डरों पर अब हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 316 (2)/3 (5) और रेरा अधिनियम की धारा 59 (2) के तहत मुकदमा चलेगा। बीएनएसएस की धारा 316 (2) के तहत दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की जेल हो सकती है. दोषी पाये जाने पर पासपोर्ट भी होगा जब्त रेरा बिहार की तरफ से बताया गया है कि इन बिल्डरों ने रेरा अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन किया था. साथ ही अपने प्रोजेक्ट को रेरा बिहार में निबंधित कराए बिना अपार्टमेंट/प्लॉट का विज्ञापन/बुकिंग किया था. उनके खिलाफ स्वप्रेरणा से कार्यवाही शुरू की गई थी. रेरा कोर्ट द्वारा जुर्माना लगाया गया था. प्रमोटरों ने जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया और अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन जारी रखा. अगर CJM की अदालत द्वारा इन बिल्डरों को दोषी ठहराए जाता है तो अन्य प्रतिबंधों की अतिरिक्त , दोषी प्रमोटरों का पासपोर्ट जब्त किया जा सकता है एवं उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लग सकती है. Also Read: बिहार में मठ-मंदिरों की जमीन का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन, हटेगा अतिक्रमण The post Bihar Builder: पटना के 5 बिल्डरों पर चलेगा क्रिमिनल केस, पांच साल की हो सकती है जेल appeared first on Naya Vichar.

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