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April 21, 2025

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Watermelon Mojito Recipe: चिलचिलाती गर्मी और धूप में चाहिए ठंडक? तो ट्राई करें वाटरमेलन मोजिटो 

Watermelon Mojito Recipe: गर्मियों का मौसम आते ही शरीर और दिमाग दोनों को ठंडक की तलाश होने लगती हैं. चिलचिलाती धूप और पसीने से राहत पाने के लिए कुछ ऐसा चाहिए होता है जो ताजगी से भरपूर, स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद हो. इसके लिए अगर आप घर पर एक हेल्दी और स्वादिष्ट ड्रिंक की तलाश में हैं, तो आज हम इस आर्टिकल में आपको वाटरमेलन मोजिटो (Watermelon Mojito) रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं. चलिए जानते हैं इसे घर में बनाने की विधि. ये ड्रिंक दिखने में जितना आकर्षक होता है, उतना ही  बनाने में भी आसान है.  वाटरमेलन मोजिटो बनाने की सामग्री तरबूज – 1 कप (कटा हुआ) पुदीने की पत्तियां – 4 से 5 पत्तियां  नींबू – 1 (4 कटे हुए टुकड़ों में) चीनी – स्वाद अनुसार सोडा वाटर – 1 कप बर्फ के टुकड़े – आवश्यकतानुसार काला नमक – 1 चुटकी यह भी पढ़ें: Mango Mastani Recipe: गर्मी में राहत की रानी है ये मैंगो मस्तानी, चख लेंगे तो भूल नहीं पाएंगे! वाटरमेलन मोजिटो बनाने की विधि सबसे पहले तरबूज के टुकड़े मिक्सर में डालकर पीस लें और छानकर रस निकाल लें.  इसके बाद एक ग्लास में नींबू के टुकड़े, पुदीने की पत्तियां और चीनी डालकर अच्छे से मिलाएं.  अब इसमें में तरबूज का रस डालें और बर्फ के टुकड़े भर दें.  इसके ऊपर से सोडा वाटर और काला नमक डालकर अच्छे से मिलाएं.  इसके बाद लास्ट में ऊपर से पुदीने के पत्तियों से सजाएं और ठंडा-ठंडा वाटरमेलन मोजिटो सर्व कर गर्मी को कहें अलविदा. यह भी पढ़ें: Chhach Recipe: गर्मी को कहें बाय-बाय, शरीर को हाइड्रेट और कूल रखने के लिए बनाए ये सुपरड्रिंक  The post Watermelon Mojito Recipe: चिलचिलाती गर्मी और धूप में चाहिए ठंडक? तो ट्राई करें वाटरमेलन मोजिटो  appeared first on Naya Vichar.

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खाद्य तेलों का कम उपयोग अर्थव्यवस्था के हित में

हिंदुस्तान के बारे में एक आम धारणा यह है कि यह भूख से पीड़ित देश है, लेकिन आज देश में बड़ी संख्या में लोग मोटापे की समस्या से पीड़ित हैं. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से खाद्य तेलों का इस्तेमाल कम-से-कम 10 फीसदी कम करने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि 2050 तक देश में 44 करोड़ लोग मोटापे की समस्या से पीड़ित होंगे, जो कई बीमारियों की जड़ है. विशेषज्ञों का कहना है कि टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर और स्ट्रोक समेत कई बीमारियां मोटापे की वजह से होती हैं. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2020-21 के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में मोटापे से पीड़ित स्त्रीओं की संख्या 20.6 फीसदी से बढ़ कर 24 प्रतिशत, जबकि पुरुषों में यह 18.9 फीसदी से बढ़ कर 22.9 फीसदी हो गयी. यानी हमारी लगभग एक-चौथाई आबादी मोटापे से पीड़ित है. मोटापे की समस्या आम तौर पर जीवनशैली से जुड़ी होती है. इसके कई कारण हैं, जैसे- शारीरिक श्रम की कमी, वसा (खाद्य तेल), चीनी और नमक का अधिक सेवन आदि. देश में खाद्य तेलों की प्रतिव्यक्ति खपत 1950 से 1960 के दशक में 2.9 किलोग्राम सालाना थी, जो अब अब बढ़कर 19.4 किलोग्राम प्रतिव्यक्ति वार्षिक हो गयी है. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रतिव्यक्ति 13 किलोग्राम की सालाना की अनुशंसित खपत और आइसीएमआर (हिंदुस्तानीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) की प्रतिव्यक्ति सालाना 12 किलोग्राम की सिफारिश से कहीं अधिक है. गौरतलब है कि देश की जनसंख्या 1951 में 35.4 करोड़ से बढ़ कर 2023 तक अनुमानित 143.8 करोड़ हो गयी. और इस दौरान खाद्य तेलों की घरेलू उपलब्धता 13.8 लाख टन से बढ़ कर 114 लाख मीट्रिक टन हो गयी. वर्ष 1951 में देश में खाद्य तेलों का आयात नगण्य ही था, लेकिन 2022-23 तक यह 164.7 लाख टन तक पहुंच गया. घरेलू उत्पादन में आयात को जोड़ कर खाद्य तेलों की कुल उपलब्धता 2022-23 तक 278.7 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गयी. यदि खाद्य तेलों की खपत आइसीएमआर द्वारा अनुशंसित सीमा के भीतर हो, तो घरेलू उत्पादन मौजूदा स्तर पर बने रहने पर भी देश में खाद्य तेलों के आयात की जरूरत सिर्फ 56.64 लाख मीट्रिक टन की ही होगी. देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा आयात पर निर्भरता घटाने के लिए प्रशासन ने अक्तूबर, 2024 में खाद्य तेल मिशन शुरू किया, जिसमें प्राथमिक तिलहनों का उत्पादन 2022-23 के 390 लाख टन से बढ़ा कर अगले सात साल में 697 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे आयात पर निर्भरता तो कम होगी ही, यदि प्रधानमंत्री की अपील कारगर रही, तो आयात और भी कम हो जाएगा. इस समय देश में उत्पादित खाद्य तेलों का 67.4 प्रतिशत विभिन्न प्राथमिक तिलहनों से, 5.1 फीसदी नारियल से, 2.2 फीसदी ताड़ से, 11.0 फीसदी कपास के बीजों से, 9.8 फीसदी चावल की भूसी से, 3.1 फीसदी तिलहनों के सॉल्वेंट निष्कर्षण से तथा 1.4 फीसदी वनों एवं वृक्षों से प्राप्त होता है. हिंदुस्तान के पारंपरिक खाद्य तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं. पर विदेशों पर हमारी निर्भरता के कारण बड़ी मात्रा में ऐसे तेल आयात और उपयोग होने लगे, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है. जीएम खाद्य तेलों का भी अवैध रूप से बड़ी मात्रा में आयात किया जा रहा है. आज देश में खाद्य तेलों की कुल खपत का 57 फीसदी आयात से पूरा होता है. खाद्य तेलों के अपर्याप्त उत्पादन, जनसंख्या वृद्धि तथा प्रतिव्यक्ति खपत में लगातार वृद्धि से हानिकारक पाम ऑयल का देश में बड़ी मात्रा में आयात होता है, जिससे हृदय रोग, मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, पर सस्ता होने के कारण इसका आयात लगातार बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को दी गयी खाद्य तेलों का उपयोग कम करने की सलाह जरूरी सलाह है, जो जन स्वास्थ्य और वित्तीय स्थिति के स्वास्थ्य, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. वर्ष 2030 में 151 करोड़ की अपेक्षित आबादी के साथ यदि देश में खाद्य तेलों की प्रतिव्यक्ति वार्षिक खपत 10 फीसदी कम हो जाती है; वहीं खाद्य तेल मिशन के उद्देश्यों के अनुसार देश में खाद्य तेलों का उत्पादन 2022-23 में 114 टन से 78 फीसदी बढ़ कर 2030 तक 203 लाख टन हो जाता है, तो देश में खाद्य तेलों का आयात मौजूदा 164.7 लाख टन से घटकर मात्र 60.7 लाख टन रह जायेगा. एक आकलन यह है कि 2030 तक देश में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या मौजूदा आबादी की एक-चौथाई से बढ़कर 44 फीसदी हो सकती है, लेकिन खाद्य तेल की खपत कम होने से इस चिंता का भी कुछ हद तक समाधान हो जायेगा. इससे बीमारियां कम होंगी, बीमारियों पर होने वाला खर्च बचेगा, साथ ही, लोगों की कार्यक्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यही नहीं, अभी देश के जो तिलहन उत्पादक सस्ते पाम ऑयल के आयात के कारण फिलहाल अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा पा रहे, उन्हें भी बेहतर मूल्य मिलने लगेगा, जिससे देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post खाद्य तेलों का कम उपयोग वित्तीय स्थिति के हित में appeared first on Naya Vichar.

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Kanpur Metro : अंडरग्राउंड दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, 28 मिनट में 16 किमी की दूरी कर लेंगे तय

Kanpur Metro : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को कानपुर के दौरे पर रहेंगे. यहां वे पांच भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की सौगात शहर को देंगे. 25 अप्रैल से यात्री कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से सफर कर सकेंगे. ये स्टेशन मोती झील से कानपुर सेंट्रल के बीच तैयार किए गए हैं. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कानपुर पहुंचे. उन्होंने खुद मेट्रो में सफर कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली. सीएम योगी ने नयागंज से रावतपुर तक मेट्रो में यात्रा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. कानपुर में मेट्रो सेवा का विस्तार 24 अप्रैल को मोती झील से कानपुर सेंट्रल तक किया जाएगा. कानपुर मेट्रो के दूसरे फेस की शुरुआत 24 अप्रैल से होगी, जिससे लोग आईआईटी से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक का सफर सिर्फ 28 मिनट में तय कर सकेंगे. यह सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि यात्रियों को अधिक खर्च भी नहीं करना पड़ेगा. कानपुर में मेट्रो का दूसरा फेस तैयार हो गया है. मेट्रो के दूसरे चरण का काम पूरा हो चुका है. इस तरह कुल 16 किलोमीटर पर मेट्रो शुरू हो जाएगी. इससे आईआईटी से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक की यात्रा केवल 28 मिनट में पूरी होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच नए भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का उद्घाटन करने वाले हैं. इस नए रूट पर 5 नए स्टेशन जुड़ जाएंगे. इनमें चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल शामिल हैं. मेट्रो रेल परियोजना का सीएम योगी ने लिया जायजा मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा नवनिर्मित नयागंज से रावतपुर स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन में सफर किया. इस दौरान उन्होंने मेट्रो परियोजना की तैयारियों को परखा और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. सीएम ने मेट्रो के संचालन, स्टेशनों की साफ-सफाई और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो सेवा को और अधिक सुगम और जन-उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जाए. अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने का दिया निर्देश सीएम योगी ने परियोजना के लिए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी. साथ ही, प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सभी तैयारियां उच्च स्तर की होनी चाहिए. The post Kanpur Metro : अंडरग्राउंड दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, 28 मिनट में 16 किमी की दूरी कर लेंगे तय appeared first on Naya Vichar.

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बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार हो रही वृद्धि हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति की मजबूती के बारे में बताती है. 11 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.567 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 677.83 अरब डॉलर तक पहुंच गया. रिजर्व बैंक के मुताबिक, लगातार छठे सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है. दरअसल, पिछले सप्ताह डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ था. इसी दौरान विदेशी निवेशकों का हिंदुस्तानीय शेयर बाजारों में भी निवेश बढ़ा. इससे पहले के सप्ताह में मुद्रा भंडार में 10.8 अरब डॉलर की भारी वृद्धि हुई थी, जिसके पीछे विदेशी मुद्रा आस्तियों (फॉरेन करेंसी एसेट्स) और सोने के भंडार में वृद्धि का प्रमुख योगदान रहा. फॉरेन करेंसी एसेट्स-यानी एफसीए विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसमें अमेरिकी डॉलर, यूरो, येन और पाउंड जैसी विदेशी मुद्राएं शामिल हैं. जहां तक स्वर्ण भंडार में वृद्धि का प्रश्न है, तो विश्व बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती और निवेशकों के बीच इसके सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में लोकप्रियता इसका कारण है. निर्यात तथा विदेशी निवेश में वृद्धि और मुद्रा विनिमय दरों में स्थिरता भी विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि के दूसरे कारण हैं. रिजर्व बैंक के मुताबिक, आइएमएफ में हिंदुस्तान के रिजर्व पोडिशन की वैल्यू भी 4.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गयी. विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि से डॉलर के मुकाबले रुपये को मजबूती मिलती है, जो वित्तीय स्थिति के लिए बेहतर है. विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि के कारण डॉलर के मुकाबले में तेजी देखी गयी है. विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का अर्थ है कि हिंदुस्तान के पास विदेशी मुद्रा में अधिक संसाधन उपलब्ध हैं. इसकी मजबूत स्थिति बाजार तथा निवेशकों में विश्वास पैदा करती है, जिससे घरेलू एवं विदेशी निवेशक अधिक निवेश करने के प्रति प्रोत्साहित होते हैं. सितंबर, 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सर्वोच्च स्तर 704.89 अरब डॉलर तक पहुंचा था. चीन के पास दुनिया का सबसे अधिक विदेशी मुद्रा भंडार है, इस मामले में हिंदुस्तान पांचवें स्थान पर है. वैश्विक अस्थिरताओं के बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार की मजबूती हिंदुस्तान की बड़ी उपलब्धि है. विदेशी मुद्रा भंडार हिंदुस्तान को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भुगतान करने में मदद करता है तथा देश की आर्थिक स्थिरता में योगदान देता है. विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि न केवल हिंदुस्तान की आर्थिक आत्मनिर्भरता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक निवेशकों का हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति में भरोसे के बारे में भी बताती है. The post बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में शादी के मंडप से फरार हुआ दूल्हा, लोकलाज से दुल्हन ने छत से लगा दी छलांग

Bihar News: मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर शहर के धर्मशाला चौक स्थित संतोषी माता मंदिर में शादी करने आया दूल्हा अचानक मंडप से फरार हो गया. दूल्हे के भागने की जानकारी मिलने पर लड़की बेहोश हो गई. सामाजिक तिरस्कार होने की बात कहकर उसने छत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया. इसके बाद लड़की पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए. लड़की पक्ष वालों ने मंदिर पर ही हंगामा शुरू कर दिया. यह देखकर लड़का पक्ष के कई लोग वहां से फरार हो गए. दूल्हे की मामी और अगुआ बने बंधक दूल्हे के फरार होने के बाद दोनों पक्षों के बीच घंटों जमकर ड्रामा चला. इस दौरान दूल्हे की मामी, अगुवा सहित अन्य को लड़की पक्ष ने बंधक बना लिया. मामला इतना बढ़ गया कि लड़की पक्ष के लोग नगर थाना पहुंच गए. पीछे-पीछे लड़का पक्ष के लोग भी पहुंचे. वहां पर भी दोनों पक्षों के बीच हंगामा हुआ. वे लोग उसी लड़के से शादी कराने पर अड़ गए. लड़की वालों का कहना था कि जब तक लड़का नहीं आएगा, तब तक उसकी मामी सहित अन्य लोगों को वे थाने से नहीं जाने देंगे. दोनों पक्षों ने बताया अगुआ वो जिम्मेदार थानेदार शरत कुमार ने बताया कि छानबीन की जा रही है. पुलिस की पूछताछ में दोनों पक्षों ने अगुवा को इसके लिए जिम्मेदार बताया. अगुवा का कहना था कि दोनों पक्षों के बीच छह माह से शादी की बात चल रही थी. वे लोग एक दूसरे के घर पर गए थे. लड़की वालों ने पुलिस को बताया कि वे लोग काफी मर्माहत हैं. लड़का दिल्ली जंक्शन पर अपने बहनोई के साथ स्टॉल लगाकर सामान बेचता है. उपहार स्वरूप उन्होंने कैश, बर्तन, कपड़ा आदि दिया है. दूसरी जाति की निकली लड़की बताया कि पूर्वी चंपारण के ढाका थाना क्षेत्र के लड़के के साथ पटना के अगमकुआं इलाके की लड़की की शादी रविवार को होनी थी. दोनों पक्ष शादी के लिए मंदिर परिसर में पहुंच गए. लड़के की मामी ने लड़की का आधार मांगा. इसमें पता चला कि लड़की दूसरी जाति की है. झूठ बोलकर शादी तय करने और दूसरी जाति की जानकारी मिलने पर मंदिर पहुंचा दूल्हा चकमा देकर फरार हो गया. Also Read: बिहार में मठ-मंदिरों की जमीन का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन, हटेगा अतिक्रमण The post बिहार में शादी के मंडप से फरार हुआ दूल्हा, लोकलाज से दुल्हन ने छत से लगा दी छलांग appeared first on Naya Vichar.

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Premanand Ji Maharaj: तीर्थ यात्रा पर निकले हैं, तो भूलकर भी न करें ये काम

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि भक्तों के लिए दिव्य शांति और प्रेम का जीवंत स्वरूप हैं. जब कोई उनके सान्निध्य में आता है, तो ऐसा लगता है मानो आत्मा किसी तीर्थ की पवित्रता को छू रही हो. उनका सरल और निर्मल व्यक्तित्व मन को सहज ही आकर्षित कर लेता है. उनकी बातों में सिर्फ शब्द नहीं होते, बल्कि गहराई से निकली हुई अनुभूतियां होती हैं, जो सीधे हृदय को स्पर्श करती हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से उनके सत्संग और प्रवचन लाखों लोगों की जिंदगी में नई ऊर्जा और दिशा भरते हैं. वे अक्सर कई विषयों पर बात करते रहते हैं. एक वीडियो में उन्होंने बताया था कि भंडारे का खाना किसे नहीं खाना चाहिए. प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि अगर आप ग्रहस्थ जीवन जी रहे हैं और किसी तीर्थ यात्रा पर निकले हैं, तो उन्हें भंडारा या मुफ्त में खिलाये जा रहे खाने को नहीं खाना चाहिए. हालांकि, मंदिर में प्रसाद मिल रहा है, तो थोड़ा सा ले, प्रसाद से पेट भरने की कोशिश न करें. यह भी पढ़ें- पितृ दोष से बचना है? प्रेमानंद जी महाराज की इन बातों को जरूर जानिए यह भी पढ़ें- महाप्रलय की आहट! प्रेमानंद जी महाराज ने बताया क्या होगा कलियुग का भविष्य प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि लाखों कमाने वाले लोगों दूसरों को खिलाने की कोशिश करनी चाहिए. खुद पाने की इच्छा नहीं करनी चाहिए. अगर आप किसी भंडारे में जाकर खाएंगे, तो बुद्धि नष्ट होने के साथ भगवान भी नाराज हो जाएंगे. प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि अगर आप तीर्थ यात्रा पर निकले हैं और भंडारा चल रहा है, तो उसे प्रणाम करके आगे निकल जाना चाहिए. इस दौरान मुफ्त का खाना नहीं खाना चाहिए. यह भी पढ़ें- 150 से ज्यादा पुरुषों से संबंध बनाए, अब चाहिए शांति, प्रेमानंद जी महाराज ने दिया जवाब Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Premanand Ji Maharaj: तीर्थ यात्रा पर निकले हैं, तो भूलकर भी न करें ये काम appeared first on Naya Vichar.

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Jaat में सनी देओल को ही कास्ट करने पर निर्देशक ने दी अपनी प्रतिक्रिया, कहा- फिल्म के लिए मेरा फॉर्मूला…

Jaat: जाट की कामयाबी के कुछ समय बाद ही सनी देओल और फिल्म के निर्माताओं ने इसके सीक्वल जाट 2 की आधिकारिक घोषणा कर दी. फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. बड़े पर्दे पर सनी को देखकर उनके चाहने वाल खुशी से झूम उठे. फिल्म में वह दुश्मनों को होश उड़ाते दिखे. फिल्म में उनका एक्शन अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. एक इंटरव्यू में फिल्म के निर्देशक गोपीचंद मालिनेनी ने बताया कि जाट के सनी उनकी पहली पसंद थे या नहीं. जाट के लिए सनी देओल ही थे मेकर्स की पहली पसंद? निर्देशक गोपीचंद मालिनेनी ने बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में बताया कि जाट के लिए सनी देओल की जगह वह किसी और को लेना चाहते थे या सनी ही उनकी पहली पसंद थे. गोपीचंद ने बताया, सिर्फ सनी जी ही मेरे दिमाग में थे. मैं उन्हें एक दमदार और जनता को पसंद आने वाले अंदाज में दिखाना चाहता था. आप देखेंगे कि इस फिल्म में सनी सर के डायलॉग्स बहुत कम हैं. जाट के लिए मेरा फॉर्मूला सनी सर के लिए यही था कम बोलना, ज्यादा एक्शन. सनी देओल ने फैंस को कहा शुक्रिया सनी देओल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में एक्टर ने बताया कि उन्होंने फैंस से वादा किया कि जाट 2 पहले भाग से भी अधिक दमदार और रोमांचक होगी. एक्टर ने वीडियो में कहा, आपने मुझे, मेरे जाट के लिए ढेर सारा प्यार दिया. मैं वादा करता हूं कि जाट 2 इससे भी अच्छी होगी. आपका प्यार ही है मेरी ताकत आप सबका जोश ही है मेरी सफलता. जाट को प्यार करते रहिए और मैं जाट और सिनेमा का जश्न मनाते हुए आप सभी के वीडियो देखकर काफी खुश हूं. साथ ही बताया कि जल्द ही बॉर्डर 2 की शूटिंग करेंगे. यहां पढ़ें- Box Office Report: 21वें दिन ढलने लगा ‘सिकंदर’ का जलवा, बॉक्स ऑफिस पर हिली नींव, जानिए टोटल कलेक्शन The post Jaat में सनी देओल को ही कास्ट करने पर निर्देशक ने दी अपनी प्रतिक्रिया, कहा- फिल्म के लिए मेरा फॉर्मूला… appeared first on Naya Vichar.

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CM Nitish Gift: बिहार को मिलने जा रहा एक और बड़ा स्टेडियम, इस दिन बनकर हो जाएगा तैयार

CM Nitish Gift: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है. राजगीर स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय कैंपस में एक और मॉडर्न हॉकी स्टेडियम बनकर लगभग तैयार है. जल्द ही यह भी बिहार के स्पोर्ट्स मानचित्र पर अपनी छाप छोड़ेगा. इस स्टेडियम के तैयार हो जाने से न केवल प्रशिक्षण सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन का भी रास्ता खुलेगा. आधुनिक उपकरणों का हुआ है प्रयोग बिहार स्पोर्ट्स अकादमी के सहायक निदेशक मिथिलेश कुमार ने बताया कि नवनिर्मित हॉकी स्टेडियम इसी महीने यानी अप्रैल के अंत तक पूरी तरीके से बनकर तैयार हो जाएगा. इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सिंथेटिक टर्फ लगाया गया है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करेगा. स्टेडियम में आधुनिक फ्लडलाइट्स और डिजिटल स्कोरबोर्ड की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे रात के समय प्रशिक्षण और मैचों का लाइव प्रसारण संभव हो सकेगा.  राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को विस्तार से जानिए राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बिहार के नालंदा जिले में स्थित, राज्य का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स परिसर है. 29 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका उद्घाटन किया था, जो राष्ट्रीय स्पोर्ट्स दिवस के अवसर पर हुआ. करीब 90 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण लगभग ₹750 करोड़ की लागत से किया गया है. यहां 24 विभिन्न स्पोर्ट्सों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के स्पोर्ट्स शामिल हैं. इसमें एक अत्याधुनिक हॉकी स्टेडियम, ओलंपिक मानक का स्विमिंग पूल, जिम्नेशियम, एथलेटिक्स ट्रैक और अन्य सुविधाएं शामिल हैं.  कई प्रतियोगिताओं की कर चुका है मेजबानी राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बिहार स्पोर्ट्स अकादमी और बिहार स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की स्थापना भी की गई है, जो राज्य में स्पोर्ट्स शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है. यह परिसर न केवल खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी भी कर चुका है, जैसे कि स्त्री एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2024. इससे बिहार में स्पोर्ट्स प्रतिभाओं को एक नया मंच मिला है, और राज्य स्पोर्ट्सों के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है.​ ALSO READ: CM Nitish Gift: चुनाव से पहले इस जिले की सड़कों पर करोड़ों खर्च करेगी प्रशासन, मिली हरी झंडी The post CM Nitish Gift: बिहार को मिलने जा रहा एक और बड़ा स्टेडियम, इस दिन बनकर हो जाएगा तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Road Accident : बारात से लौट रही कार को हाइवा ने मारी जोरदार टक्कर, 1 की मौत, 4 गंभीर

Road Accident in Palamu| पलामू, चंद्रशेखर सिंह : पलामू जिले में बारात से लौट रही एक कार को हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी. इसमें कार में सवार एक व्यक्ति की मौत हो गयी. 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. मृतक की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र रामगढ़ के गांव के सत्येंद्र यादव उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है. घटना सोमवार सुबह 5 बजे की बतायी जाती है. कार में 5 लोग सवार थे. सभी बारात से लौट रहे थे. NH98 पर हाइवा ने कार को मारी टक्कर इसी क्रम में मेदिनीनगर-औरंगाबद मुख्य पथ कंडा में एनएच 98 पर हाइवा ने कार को जोरदार टक्कर मार दी. घटनास्थल पर ही कार मालिक की मौत हो गयी. कार में सवार में 4 लोग गंभीर रूप घायल हो गये. ग्रामीणों और नावाबाजार पुलिस के सहयोग से सभी घायलों को मेदिनीनगर एमएमसीएच भेज दिया गया. घटना के बाद कार मालिक सत्येंद्र करीब एक घंटा तक कार में फंसा रहा. क्रेन की मदद से शव को कार से निकाला गया. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गढ़वा के रमकंडा से लौट रही थी बारात पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच भेज दिया है. सभी घायल खोडही गांव के रहने हैं. मृतक कार मालिक सत्येंद्र यादव छतरपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ का रहने वाला था. वह खोडही गांव के लाल मोहन यादव के पुत्र की बारात गढ़वा जिले के रमकंडा गया था. घटना सोमवार की सुबह वापसी में हुईं. सत्येंद्र यादव स्वयं कार चला रहा था. दुर्घटना के बाद ड्राइवर हाइवा लेकर फरार हो गया. इसे भी पढ़ें LPG Price Today: 21 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें Jharkhand Weather Today: बढ़ने लगा झारखंड का तापमान, कैसा रहेगा आज का मौसम मिलिए IAS रविशंकर शुक्ला से, प्रधानमंत्री मोदी कल दिल्ली में करेंगे संम्मानित The post Road Accident : बारात से लौट रही कार को हाइवा ने मारी जोरदार टक्कर, 1 की मौत, 4 गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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Post Office: बिहार में अब 2 दिनों में पार्सल पहुंचेगा आपके घर, डाक विभाग ने बनाया ये प्लान

Post Office: पटना. बिहार के अंदर अब चिट्ठी-पार्सल एक से दो दिन में घर पहुंचेगा. डाक विभाग बिहार सर्किल ने सड़क के रास्ते चिट्ठी और पार्सल भेजने के लिए रोड मैप बनाने का निर्णय लिया है. इसके तहत एक जिले से दूसरे जिले के मुख्य डाकघर में 24 घंटे में चिट्टी-पार्सल पहुंचा दिया जाएगा. इसके बाद वहां से उप डाकघर भेज कर तुरंत निर्धारित पते पर पहुंचाया जाएगा. गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जायेगी इस वित्तीय वर्ष में नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी. अभी चिट्ठी और पार्सल को पहुंचने में एक सप्ताह से ज्यादा समय लग जाता है. एक जिले से दूसरे जिले में जाने में भी रेलगाड़ी का इस्तेमाल होता है. ट्रेन से जाने में कई बार समय अधिक लग जाता है, जो पार्सल या चिट्ठी सड़क मार्ग से जाता है, वह जल्दी पहुंचता है. अब चिट्टी, पार्सल आदि को भेजने में सड़क मार्ग का अधिक इस्तेमाल होगा. गाड़ियों की संख्या भी बढ़ेगी. हर जिलेके लिए अब डाक विभाग को होगी गाड़ी अभी तक कुछ ही जिले में सड़क मार्ग से चिट्ठी भेजी जाती थी, लेकिन अब सभी जिलों में डाक विभाग की गाड़ी चलेगी. एक जिले से दूसरे जिले में चिट्ठी और पार्सल को 24 घंटे में पहुंचाया जाएगा. संबंधित पते पर अगले दिन पहुंचाया जाएगा. 50 से अधिक गाड़ियों के चलाए जाने की संभावना है. Also Read: Bihar News: बिहार के 350 ब्लॉक में खुलेंगे डिग्री कॉलेज, सम्राट का 534 प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज खोलने का एलान The post Post Office: बिहार में अब 2 दिनों में पार्सल पहुंचेगा आपके घर, डाक विभाग ने बनाया ये प्लान appeared first on Naya Vichar.

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