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April 22, 2025

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Baby Girl Names: S अक्षर से बेटियों के लिए टॉप 20 सुंदर और सार्थक नाम, जानिए क्यों हैं ये खास

Baby Girl Names: घर में जब एक नन्ही परी की किलकारी गूंजती है, तो पूरा माहौल प्यार, खुशियों और उमंगों से भर जाता है. उसकी मासूम मुस्कान, नन्हे कदमों की आहट और उसकी कोमल उंगलियां मानो पूरे घर को जीवन से भर देती हैं. ऐसे में हर माता-पिता की सबसे पहली ख्वाहिश होती है कि अपनी बिटिया को ऐसा नाम दिया जाए जो न सिर्फ सुंदर हो, बल्कि उसमें एक गहरा अर्थ भी छिपा हो. अगर आपकी बेटी के नाम का पहला अक्षर ‘S’ है, तो आपके पास कई प्यारे और अर्थपूर्ण नामों का खजाना है. ‘S’ से शुरू होने वाले नाम न सिर्फ सुनने में मधुर होते हैं, बल्कि उनमें संस्कार, शक्ति और सादगी की खूबसूरती भी छिपी होती है. ऐसे में अगर आप भी अपनी प्यारी बिटिया के लिए ‘S’ अक्षर से खूबूसरत और अर्थपूर्ण नाम ढूंढ रहें हैं तो आप यहां से चुन सकते हैं. Baby Girl Names: S अक्षर से बेटियों के लिए टॉप 20 सुंदर और सार्थक नाम सान्वी – लक्ष्मी जी का एक नाम स्वरा – स्वर, संगीत की ध्वनि स्मृति – याद, स्मरण श्रव्य – सुनने योग्य सुहानी – सुखद, मनोहर सैषा – जीवन का सार; सच्चाई सृष्टि – सृजन, संसार शरण्या – रक्षा करने वाली शैली – ढंग, तरीका सिद्धि – सफलता, उपलब्धि सार्वणी – संपूर्ण, देवी दुर्गा का नाम सान्विका – देवी दुर्गा का नाम सर्गम – संगीत के सुर सवेरा – प्रातःकाल, भोर सुमेधा – बुद्धिमान, ज्ञानी सुहिता – उचित शार्वणी – पवित्र, देवी दुर्गा सियारा – पवित्र, देवी सीता से प्रेरित श्रावंती – बहती हुई, संगीत से संबंधित शार्विका – देवी दुर्गा, शक्तिशाली ये भी पढ़ें: Baby Girl Names: बेटी के लिए ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले खूबूसरत नाम चुनें, देखें लिस्ट ये भी पढ़ें: April Born Kids: अप्रैल में जन्मे शिशु में होते हैं ये विशेष गुण, होती हैं कुछ ऐसी खूबियां Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Baby Girl Names: S अक्षर से बेटियों के लिए टॉप 20 सुंदर और सार्थक नाम, जानिए क्यों हैं ये खास appeared first on Naya Vichar.

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Kesari 2 Vs Jaat Box Office Collection: मंडे टेस्ट में किसने मारी बाजी और किसका हुआ बंटाधार? देखें बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

Kesari 2 Vs Jaat Box Office Collection: टिकट काउंटर पर इस वक्त दो फिल्मों का दबदबा बना हुआ है. पहली 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘जाट’ और दूसरी उसी के एक हफ्ते बाद 18 अप्रैल, 2025 को आई ‘केसरी चैप्टर 2’. जाट एक एक्शन ड्रामा है. तो वहीं, ‘केसरी चैप्टर 2’ की कहानी जलियांवाला बाग हत्याकांड की सच्चाई को उजागर करती है. ऐसे में अब मंडे टेस्ट में किस फिल्म को दर्शकों ने ज्यादा पसंद किया और कौनसी बॉक्स ऑफिस पर सुस्त पड़ गई है, आइए जानते हैं. बॉक्स ऑफिस पर ‘केसरी चैप्टर 2’ का जलवा ‘केसरी चैप्टर 2’ करण सिंह त्यागी की ओर से निर्देशित डेब्यू फिल्म है, जिसमें अक्षय कुमार लीड रोल में हैं. वहीं, उनके साथ फिल्म में अनन्या पांडे और आर. माधवन भी प्रमुख्य भूमिकाओं में हैं. 150 करोड़ रुपये के बजट पर बनी इस फिल्म को आए अब चार दिन पुरे हो गए हैं और फिल्म ने अबतक 34 करोड़ रुपए का टोटल कलेक्शन किया है. सोमवार (डे 4) के कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने चौथे दिन 4.50 करोड़ का कारोबार किया. हालांकि, फिल्म अभी अपना बजट निकालने से बहुत पीछे है, लेकिन इसके बावजूद यह धीमी गति से इस साल 2025 की इमरजेंसी (18.35 करोड़), आजाद (6.35 करोड़), लवयापा (6.85 करोड़), बैडऐस रविकुमार (8.38 करोड़), मेरे हस्बैंड की बीवी (10.31 करोड़), क्रेजी (13.99 करोड़), फतेह (13.35 करोड़), सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव (2.15) और देवा (33.9 करोड़) जैसी फिल्मों के रिकार्ड्स को चकनाचूर कर चुकी है. बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के करीब जाट 100 करोड़ के बजट में बनी ‘जाट’ में सनी देओल लीड रोल में हैं. इस एक्शन थ्रिलर में उनके साथ खलनायक की मुख्य भूमिका में रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह भी हैं. फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो ‘जाट’ को रिलीज हुए 12 दिन हो गए हैं और फिल्म ने अबतक 76.40 करोड़ रुपए की ही कमाई की है. मंडे (डे 12) को फिल्म ने 2 करोड़ का ही कारोबार किया, जो कि केसरी 2 के सोमवार वाले कलेक्शन से 2.50 करोड़ कम है. इसके बाद भी फिल्म रुकने का नाम नहीं ले रही है और जल्द ही सनी देओल की दूसरी ब्लॉकबस्टर ‘गदर’ के लाइफटाइम कलेक्शन को तोड़ने वाली है. बता दें कि गदर ने साल 2001 में 76.88 करोड़ रुपये की कमाई की थी. यह भी पढ़े: Kesari Chapter 2 देखकर इम्प्रेस हुईं एकता कपूर, फिल्म के इस कलाकार को कहा- बॉस इन फॉर्म The post Kesari 2 Vs Jaat Box Office Collection: मंडे टेस्ट में किसने मारी बाजी और किसका हुआ बंटाधार? देखें बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि

Bihar News: पटना. कभी लालटेन की टिमटिमाती रोशनी में जीवन बिताने वाला बिहार, आज चकाचक रौशनी से दमक रहा है. बिजली के क्षेत्र में देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाने वाला बिहार अब ‘पावर हाउस’ की पहचान बना रहा है. बिहार अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मिसाल है. अब बिहार केवल अपनी जरूरतों की पूर्ति ही नहीं कर रहा, बल्कि निकट भविष्य में अन्य राज्यों को बिजली सप्लाई करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है. ऊर्जा विभाग की योजनाएं बिहार को ऊर्जा निर्यातक राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं. उत्पादन क्षमता में भी जबरदस्त बढ़ोत्तरी 2005 से 2025 तक, इन 20 सालों में बिहार ने बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. 2005 में जहां बिजली उपभोक्ताओं की संख्या मात्र 17 लाख 31 हजार थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 2 करोड़ 12 लाख को पार कर गया है. यानी 12 गुना वृद्धि. इसी तरह प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2005 में जहां 75 यूनिट थी, वह अब 363 यूनिट तक पहुंच गई है, यानी 5 गुना से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है. बिहार की बिजली उत्पादन क्षमता में भी जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है. 2005 में राज्य में बिजली उत्पादन केवल 1380 मेगावाट था. 2025 तक यह बढ़कर 8850 मेगावाट हो गया है, यानी 7 गुना वृद्धि. आधारभूत ढांचे में बड़ा विस्तार ग्रिड उपकेंद्र: 2005 में 45, अब 172 पावर सबस्टेशन: 2005 में 368, अब 1260 संचरण लाइन: 2005 में 5000 सर्किट किमी, अब 20543 सर्किट किमी विद्युत शक्ति उपकेन्द्र की क्षमता: 2005 में 2544 MVA, अब 20681 MVA बिहार के सभी गांवों का विद्युतीकरण जहां 2005 में केवल 14,020 गांवों में बिजली थी, वहीं 2017 तक बिहार के सभी गांवों का विद्युतीकरण कर दिया गया. यह उपलब्धि निर्धारित समय से पहले हासिल हुई. जब देश के अन्य राज्यों में बिजली दरें लगातार बढ़ रही हैं, बिहार प्रशासन ने हाल ही में 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दर में कटौती कर जनता को राहत दी है. यह नीति राज्य प्रशासन की जनहितैषी सोच को दर्शाती है. यह आंकड़े केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक बदलाव की गवाही हैं जिसने बिहार को अंधकार से निकालकर उजाले की ओर अग्रसर किया है. यह बदलाव नीतीश कुमार के विकासशील और समावेशी विजन का नतीजा है. उनके नेतृत्व में बिहार आज केवल आत्मनिर्भर नहीं, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है. Also Read: बिहार में मठ-मंदिरों की जमीन का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन, हटेगा अतिक्रमण The post Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में ईडी ने फिर डाली दबिश, वन भूमि घोटाले को लेकर 15 ठिकानों पर मारा छापा

रांची, आनंद मोहन: ईडी ने एक बार फिर झारखंड में दबिश डाली है. प्रर्वतन निदेशालय की टीम ने मंगलवार की तड़के सुबह लालपुर, कांके और हटिया के विभिन्न इलाकों में कंसट्रक्शन कंपनी के दफ्तर और उससे जुड़े लोगों के आवास पर छापा मारा है. जानकारी के मुताबिक झारखंड और बिहार के कुल 15 ठिकानों पर यह रेड पड़ी है. वन भूमि घोटाला मामले को लेकर यह कार्रवाई की गयी है. The post झारखंड में ईडी ने फिर डाली दबिश, वन भूमि घोटाले को लेकर 15 ठिकानों पर मारा छापा appeared first on Naya Vichar.

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वायुसेना के विंग कमांडर के साथ मारपीट का क्या है सच? वीडियो वायरल

Wing Commander Viral Video : कर्नाटक के बेंगलुरु में सोमवार को कन्नड़ भाषा बोलने वाले कुछ लोगों द्वारा हिंदुस्तानीय वायुसेना के एक अधिकारी (विंग कमांडर) पर कथित तौर पर हमला किया गया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडिया के वायरल होने के बाद  पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि अधिकारी के साथ गाली-गलौज भी किया गया. वहीं, सोशल मीडिया पर लोग अलग ही बात करते नजर आ रहे हैं. यूजर कह रहे हैं कि गलती अधिकारी की है. देखें वायरल वीडियो Arrest this goonda @BlrCityPolice#ArrestWingCommanderpic.twitter.com/LMuiu6WQZQ — V i s i o n ✍ (@v_s__n) April 21, 2025 आरोपियों ने बाइक से अधिकारी का पीछा भी किया पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बाइक से 40 वर्षीय अधिकारी का पीछा भी किया था. गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई है. वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी के कॉल सेंटर में टीम प्रमुख के रूप में काम करता है. पुलिस के अनुसार, यह घटना उस दौरान हुई जब अधिकारी अपनी पत्नी के साथ हवाई अड्डे जा रहे थे. उनकी पत्नी भी वायु सेना में अधिकारी हैं. अधिकारी की पत्नी एवं ‘स्क्वाड्रन लीडर’ मधुमिता दत्ता की शिकायत के आधार पर बयप्पनहल्ली पुलिस थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. He spins the story into a Kannada vs Non-Kannada conflict— 🔥 Fueling regional tension, all to paint himself as a helpless victim.#ArrestWingCommanderpic.twitter.com/0osYHEw54p — ರೂಪಾಯಿ ರಾಜ (ℝ𝕦𝕡𝕒𝕪𝕚 ℝ𝕒𝕛𝕒) 💛❤️ (@RupayiRaja) April 21, 2025 पत्नी गाड़ी चला रही थीं और अधिकारी बगल में बैठे थे डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस  (पूर्व) देवराज डी ने बताया, ‘‘यह रोड रेज का मामला है. उनके बीच विवाद हुआ, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर हमला किया. आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है. सोमवार सुबह करीब छह बजे वायुसेना अधिकारी अपने डीआरडीओ क्वार्टर से केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे. उनकी पत्नी गाड़ी चला रही थीं और वह उनके बराबर में बैठे थे. दंपति और एक बाइक सवार के बीच झगड़ा हो गया.’’ उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो को देखकर पता चला कि दोनों पक्ष झगड़ा करने से बच सकते थे. The post वायुसेना के विंग कमांडर के साथ मारपीट का क्या है सच? वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग से ही बचेगी धरती

अब जब संयुक्त राष्ट्र के पास पृथ्वी के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए बहुत अधिक विकल्प नहीं बचे हैं, तो वह एक और उपाय के रूप में दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि हमें अपनी ऊर्जा निर्भरता को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर मोड़ना चाहिए. यह बात काफी हद तक सत्य भी है कि पृथ्वी के तापमान में हुई वृद्धि के पीछे यदि कोई बड़ा कारण है, तो वह बढ़ती ऊर्जा खपत ही है. वर्तमान में दुनियाभर में कई बैठकों और सम्मेलनों का आयोजन हो रहा है, पर वे अक्सर ‘ढाक के तीन पात’ ही साबित होते हैं. हर वर्ष आयोजित होने वाले कॉप (सीओपी) सम्मेलनों में अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है. संयुक्त राष्ट्र के पास अब केवल यही रास्ता बचा है कि वह पृथ्वी दिवस, जल दिवस, वन संरक्षण दिवस जैसे अवसरों पर दुनिया के लोगों को पर्यावरणीय संकट की गंभीरता से अवगत कराये और उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा की दिशा में प्रेरित करे. आज यदि दुनिया के सामने सबसे बड़ी कोई चुनौती है, तो वह यही है कि हमारी ऊर्जा खपत निरंतर बढ़ रही है और इस खपत का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा आज भी कोयले जैसे प्रदूषणकारी स्रोतों से प्राप्त होता है. हालांकि अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का योगदान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, पर मौजूदा चुनौतियों और बढ़ती जनसंख्या की आवश्यकताओं के सामने यह अब भी अपर्याप्त प्रतीत होता है. हमारे देश में भी इस दिशा में गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं, परंतु विकास कार्यों और औद्योगिक विस्तार के कारण ऊर्जा की मांग एवं खपत स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी ही. जब तक हमारी ऊर्जा का प्रमुख स्रोत कोयला रहेगा, तब तक कार्बन डाइऑक्साइड पर नियंत्रण संभव नहीं हो पायेगा. यह गैस हमारे जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है. फिर भी, यदि हम अपने ऊर्जा स्रोतों को वैकल्पिक ऊर्जा की ओर स्थानांतरित करने में सफल हो पाते हैं, तो इस संकट पर कुछ हद तक नियंत्रण अवश्य पा सकते हैं. हिंदुस्तान में वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में गंभीरता से काम हो रहा है. विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया सोलर मिशन इस दिशा में एक प्रभावशाली पहल रहा है. वर्तमान में हिंदुस्तान की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 463 गीगावाट है, जिसमें से 201.45 गीगावाट हमें वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त हो रहा है. यह जानना संतोषजनक है कि हिंदुस्तान ने अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को बड़े स्तर पर वैकल्पिक स्रोतों पर स्थानांतरित करने का प्रयास किया है. हिंदुस्तान न केवल विकासशील देशों में सबसे बड़ा उपभोक्ता है, बल्कि अब एक बड़ा उत्पादक भी बन चुका है. वर्तमान में हमारी वैकल्पिक ऊर्जा की कुल संभावित क्षमता लगभग 452.69 गीगावाट है और यदि हम इसका अधिकतम उपयोग कर सकें, तो कोयले पर हमारी निर्भरता को कम किया जा सकता है. हिंदुस्तान में वैकल्पिक ऊर्जा के सात प्रमुख स्रोत हैं- पवन ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, जल ऊर्जा, सौर ऊर्जा, महासागरीय ऊर्जा, जैव ऊर्जा और हाइड्रोजन ऊर्जा. बीते कुछ वर्षों में इन पर हमारी निर्भरता बढ़ी है. यह भी देखा गया है कि हमारी वैकल्पिक ऊर्जा पर निर्भरता पांच प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. इसी प्रकार, जैव ऊर्जा में भी हमारी निर्भरता 6.5 प्रतिशत तक बढ़ गयी है और इसका उत्पादन भी अब देश में ही हो रहा है. हिंदुस्तान के कुछ प्रमुख राज्यों- राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र- ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है. वहीं दक्षिण हिंदुस्तान में पवन ऊर्जा ने भी निरंतर विद्युत उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. हिंदुस्तान की कुल ऊर्जा आवश्यकताएं वर्तमान में 1.14 गीगाटन तेल समतुल्य (जीटीओइ) हैं और 2020 में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत लगभग आठ टन थी, जो एशिया के औसत के करीब मानी जाती है. हाल ही में हमारी ऊर्जा आवश्यकता में लगभग 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. यदि हम अपनी प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत देखें, तो यह 1.35 किलोवाट है, जो पूर्व की तुलना में 45.8 प्रतिशत अधिक है. हमारी ऊर्जा निर्भरता अब परमाणु, जल, पवन और सौर जैसे अन्य स्रोतों की ओर भी निरंतर बढ़ रही है, और इसमें तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गयी है. प्रशासन भी इसे लेकर गंभीर है और सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि अधिकाधिक ऊर्जा वैकल्पिक स्रोतों से प्राप्त की जा सके. यह स्वीकारना ही होगा कि दुनिया के मौजूदा हालात के पीछे सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित ऊर्जा खपत है. आज के जीवन में ऊर्जा एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है. पिछले तीन दशकों में ऊर्जा खपत में भारी वृद्धि हुई है और हमने अपनी सुविधाओं की पूर्ति के लिए ऐसे संयंत्रों पर निर्भरता बढ़ा दी है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. समाधान की दिशा में यदि हमें ठोस कदम उठाने हैं, तो एक ओर जहां हमें वैकल्पिक ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करना होगा, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत स्तर पर ऊर्जा की खपत में भी अनुशासन लाना होगा. यही वह मार्ग है जिससे हम पृथ्वी की बिगड़ती परिस्थितियों को नियंत्रित करने में एक सार्थक कदम आगे बढ़ा सकते हैं, और इस प्रयास में हम सभी की सहभागिता अनिवार्य होगी.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग से ही बचेगी धरती appeared first on Naya Vichar.

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Sikandar Deleted Scene: सिकंदर का डिलीटेड सीन हुआ लीक, देखकर छलक पड़ेंगे आंसू

Sikandar Deleted Scene: सलमान खान की सिकंदर ने ईद पर सिनेमाघरों में दस्तक दी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप हुई और कमाई भी बहुत कम हुई. एआर मुरुगादॉस की फिल्म ने आलोचकों और दर्शकों को निराश किया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही. फिल्म को रिलीज हुए 22 दिन हो गए हैं, लेकिन कलेक्शन सिर्फ 110 करोड़ रुपये ही हो पाया है. इस बीच सोशल मीडिया पर सिकंदर का एक डिलीट किया गया सीन का क्लिप सामने आया है. सीन में सलमान के साथ काजल अग्रवाल नजर आ रही है. चलिए आपको बताते हैं इस सीन में क्या है. लीक हुआ सिकंदर का एक डिलीट किया गया सीन सोशल मीडिया पर सिकंदर का एक डिलीट किया गया सीन लीक हो गया है, जो एक्स पर वायरल हो रहा. इस सीन में काजल अग्रवाल दिख रही है, जो अपने पारिवारिक हालातों से परेशान होकर सुसाइड करने की कोशिश करती है. वब अपने ससुर को बताती है कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया. तभी सलमान खान वहां आते हैं और उसे जिंदगी की अहमियत बताते हैं. साथ ही वह उसके ससुर को अपनी सोच बदलने के लिए कहते हैं. यूजर्स इस वीडियो को देख कर सोच रहे हैं कि ये इतना अहम सीन फिल्म से क्यों हटाया गया. Why was this scene cut from the Film by Editing??@BeingSalmanKhan that was a great and important scene for people to see… WHY THIS BAD EDITING??#Sikandar pic.twitter.com/FpV6zdRwR6 — Ldpe414 (@ldpe414) April 20, 2025 दुनियाभर में सिकंदर ने इतने करोड़ रुपये की कमाई की सिकंदर ने अभी तक दुनियाभर में 184 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. कमजोर कहानी की वजह से मूवी को दर्शकों और समीक्षकों ने अच्छे रिव्यू नहीं दिए. फिल्म की कहानी में सलमान खान अपनी दिवंगत पत्नी की अंतिम इच्छा का सम्मान करने के मिशन पर निकलता है. इस दौरान कहानी में नये-नये ट्विस्ट आते हैं. फिल्म में शरमन जोशी, सत्यराज भी हैं. फिल्म में रश्मिका मंदाना, सलमान की पत्नी के रोल में नजर आई हैं. यहां पढ़ें- Jaat Box Office Collection Day 12: ‘जाट’ की तूफानी कमाई जारी, 12वें दिन भी बरकरार जलवा, क्या बनेगी साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर? The post Sikandar Deleted Scene: सिकंदर का डिलीटेड सीन हुआ लीक, देखकर छलक पड़ेंगे आंसू appeared first on Naya Vichar.

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महाराष्ट्र में हिंदी विरोध

महाराष्ट्र में प्राथमिक शिक्षा में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा का दर्जा देने का विरोध तो चिंताजनक है ही, लेकिन इस पर मनसे और शिवसेना (उद्धव गुट) के तीखे तेवर के मद्देनजर फडणवीस प्रशासन का रक्षात्मक रुख बताता है कि महाराष्ट्र में हिंदी विरोध की तुलना तमिलनाडु से नहीं की जा सकती. हालांकि तमिलनाडु की तरह महाराष्ट्र में भी हिंदी विरोध का इतिहास रहा है, जब 1950 के दशक में तत्कालीन बॉम्बे स्टेट में हिंदी विरोधी आंदोलन चला था. वह आंदोलन गुजरात और दक्षिण हिंदुस्तान के खिलाफ भी था. शिवसेना की पूरी नेतृत्व ही इस पर टिकी थी. अब महाराष्ट्र की नेतृत्व में खुद को फिर से प्रासंगिक बनाने की कोशिश में लगे उद्धव ठाकरे को हिंदी को मुद्दा बनाकर फडणवीस प्रशासन पर निशाना साधने का सुनहरा मौका हाथ लगा है. हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के फैसले को वह मराठी विरोधी बता रहे हैं. चूंकि मनसे ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन पर हमला बोला है, और उद्धव तथा राज ठाकरे के एक साथ आने की बात चल रही है, इस कारण फडणवीस प्रशासन रक्षात्मक रवैया अपना रही है. भाजपा के लिए मुश्किल इसलिए भी है, क्योंकि महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनाव नजदीक हैं. फडणवीस ने पहले कहा था कि मराठी पर हिंदी थोपी नहीं जा रही. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) में तीन भाषाओं को सीखने का अवसर मिला है और नियम कहता है कि इन तीन भाषाओं में से दो भाषाएं हिंदुस्तानीय होनी चाहिए. पर चौतरफा दबाव के बीच रविवार को उन्होंने कहा कि राज्य में मराठी अनिवार्य है, हिंदी नहीं, और अब हिंदी को वैकल्पिक भाषा के रूप में प्रयोग करने की अनुमति दी जायेगी. हालांकि उनका यह भी कहना है कि हिंदी भाषा के लिए शिक्षक उपलब्ध हैं, पर अन्य भाषाओं के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने का फैसला रद्द करने का मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए महाराष्ट्र प्रशासन की भाषा परामर्श समिति की यह टिप्पणी तो बेहद अपमानजनक है कि हिंदी रोजगार, प्रतिष्ठा, आय या ज्ञान की भाषा नहीं है. यह हैरान करने वाली बात है कि जो मुंबई हिंदी सिनेमा का प्राणकेंद्र है, वहीं से हिंदी भाषा के बारे में ऐसी अनर्गल बातें कही जा रही हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की जो भी मजबूरी हो, पर लोगों की सोच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने बिल्कुल ठीक कहा है कि हम हिंदी जैसी हिंदुस्तानीय भाषाओं का तो विरोध करते हैं, पर अंग्रेजी की तारीफों के पुल बांधते हैं. The post महाराष्ट्र में हिंदी विरोध appeared first on Naya Vichar.

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Fruit Custard Recipe: बच्चे हो या बड़े, सबको दीवाना बना देगा ये फ्रूट कस्टर्ड, गर्मी में ट्राई करना ना भूलें  

Fruit Custard Recipe: गर्मी के सीजन और धूप के कारण कुछ ठंडा और सुकून भरा खाने को मन करे, तो फ्रूट कस्टर्ड एक बेहतरीन ऑप्शन है. यह जितनी स्वादिष्ट खाने में होती हैं, उतनी ही सेहत के लिए भी लाभदायक मानी जाती हैं. इसमें दूध और ताजे फलों की मिठास एक साथ मिलती है, जो हर उम्र के लोगों के दिल को भाती हैं. इसके साथ-साथ ये बच्चों के लिए सही तरीका है फल खिलाने का. इसमें दूध जो है शरीर को ऊर्जा और कैल्शियम प्रदान करता है, वहीं फल विटामिन और फाइबर से भरपूर होता है. ऐसे में आज हम आपको इस लेख के मदद से घर में फ्रूट कस्टर्ड बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे. जो स्वाद के साथ सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है.  फ्रूट कस्टर्ड बनाने की सामग्री  दूध- 1 लीटर  कटा हुआ फ्रूट- (सेब, केला, अनार, अंगूर, स्ट्रॉबेरी और कीवी ) कस्टर्ड पाउडर- 3 चम्मच  चीनी- 2 चम्मच  यह भी पढ़ें: दामाद भी कहेगा सासू मां से क्या खिलाया है! सबका दिल जीत लेगा ये स्पेशल पान की मिठाई रेसिपी  फ्रूट कस्टर्ड बनाने की विधि  सबसे पहले एक बर्तन में दूध को धीमी आंच पर अच्छे से उबालें.  फिर एक कटोरी में 3 कस्टर्ड पाउडर डालें और उसमें थोड़ा ठंडा दूध मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें.  जब दूध अच्छे से उबल जाए, तो इसमें धीरे-धीरे कस्टर्ड पाउडर का घोल डालें और लगातार चलाते रहें. अब इसमें स्वादानुसार चीनी डालें और 5 मिनट तक पकाएं.  इसके बाद अब गैस बंद कर दें और ठंडा होने के बाद, उसे फ्रिज में 1-2 घंटे तक रख दें.  अब जब भी खाने को मन करें तो उससे ठीक पहले कटे हुए फल डालें और चम्मच से मिक्स करें और ठंडा-ठंडा कस्टर्ड सर्व करें.  यह भी पढ़ें: रात की बची रोटी से बनाएं ऐसा टेस्टी पिज्जा, बच्चा भी कहेगा- मम्मी एक नहीं, चार रोटियां और The post Fruit Custard Recipe: शिशु हो या बड़े, सबको दीवाना बना देगा ये फ्रूट कस्टर्ड, गर्मी में ट्राई करना ना भूलें   appeared first on Naya Vichar.

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मन भटक रहा है पढ़ाई से? प्रेमानंद जी के इस सरल उपाय से मिलेगा समाधान

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि भक्तों के हृदय में बसे प्रेम, शांति और श्रद्धा के सजीव प्रतीक हैं. उनके सान्निध्य में आने पर ऐसा अनुभव होता है जैसे आत्मा किसी दिव्य स्पर्श से आलोकित हो गई हो. उनकी सरलता और सौम्यता से युक्त व्यक्तित्व हर मन को सहज रूप से आकर्षित करता है. उनके वचनों में केवल ज्ञान नहीं, बल्कि अनुभव की उस गहराई की झलक मिलती है जो आत्मा को भीतर से जागृत कर देती है. आज सोशल मीडिया के माध्यम से उनके प्रवचन और सत्संग न केवल लोगों को आध्यात्मिक रूप से जागरूक कर रहे हैं, बल्कि उन्हें जीवन में प्रेम, संतुलन और दिशा भी प्रदान कर रहे हैं. अक्सर श्रद्धालु प्रेमानंद जी से जिंदगी से जुड़े सवाल पूछते रहते हैं. ऐसे ही एक भक्त ने पूछा कि अगर पढ़ाई में मन नहीं लग रहा हो, तो क्या करें कि पढ़ाई में मन लगने लगे. इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने बहुत ही सहज भाव से उत्तर दिया. निष्ठा और सच्चाई के साथ करें कर्म प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि जो भी कार्य करो, उसे पूरे समर्पण, निष्ठा और सच्चाई के साथ करो. जब मन और आत्मा पूरी तरह उस काम में जुड़ जाते हैं, तो उसे पूर्ण होने से कोई नहीं रोक सकता है. उनकी यह बात साधारण लग सकती है, लेकिन इसके पीछे जीवन का गहरा सत्य छिपा है कि सच्चे मन से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता है. यह भी पढ़ें- Premanand Ji Maharaj: तीर्थ यात्रा पर निकले हैं, तो भूलकर भी न करें ये काम यह भी पढ़ें- पितृ दोष से बचना है? प्रेमानंद जी महाराज की इन बातों को जरूर जानिए मन के भीतर शांति लाना जरूरी प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, अगर आप चाहते हैं कि पढ़ाई में मन लगे, तो सबसे पहले आपको अपने भीतर शांति लानी होगी. यह समझना बेहद जरूरी है कि सफलता के लिए पढ़ाई जरूरी है, और जब मन में यह दृढ़ विश्वास होगा, तब एकाग्रता अपने आप पैदा होगी. महाराज जी ने बताया कि योग एक ऐसा अद्भुत तरीका है, जो न केवल शरीर को बल प्रदान करता है, बल्कि मन को भी शांति और एकाग्रता का अनुभव कराता है. योग से मन को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे पढ़ाई में पूर्ण मनोयोग से ध्यान लगाया जा सकता है. यह भी पढ़ें- महाप्रलय की आहट! प्रेमानंद जी महाराज ने बताया क्या होगा कलियुग का भविष्य Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post मन भटक रहा है पढ़ाई से? प्रेमानंद जी के इस सरल उपाय से मिलेगा समाधान appeared first on Naya Vichar.

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