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April 24, 2025

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Viral Video : पहलगाम हमले के बाद क्या किया कश्मीर के लोगों ने? देखें वीडियो

Viral Video : जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद कई वीडियो सामने आए हैं. इन वायरल वीडियो में से एक पर लोगों की काफी प्रतिक्रिया आ रही है. वीडियो में तीन स्त्रीएं हैं जो कश्मीर के लोगों के बारे में बता रहीं हैं. वह कह रहीं हैं “कश्मीरी लोगों ने हमें अपने घर बुलाया. खाना खिलाया. बोले पैसा चाहिए तो हम देंगे. हम आपको मुफ्त में गुजरात पहुंचाएंगे. वो बोल रहे थे कि हमने शाम का खाना नहीं खाया, हमें बहुत बुरा लगा. ये बहुत अच्छे लोग हैं.” देखें वायरल वीडियो “कश्मीरी लोगों ने हमें अपने घर बुलाया। खाना खिलाया। बोले पैसा चाहिए तो हम देंगे। हम आपको मुफ्त में गुजरात पहुंचाएंगे। वो बोल रहे थे कि हमने शाम का खाना नहीं खाया, हमें बहुत बुरा लगा। ये बहुत अच्छे लोग हैं।” ये है हमारा प्यारा हिंदुस्तान! यह जज्बा, यह एकजुटता, यह प्रेम हमें एक… pic.twitter.com/oumm98CpmI — Krishna Kant (@kkjourno) April 23, 2025 वायरल वीडियो में स्त्रीएं बता रहीं हैं कि कश्मीरियों ने कहा कि हम आपके लिए ब्लैक डे मनाएंगे. जब पत्रकार ने पूछा कि मां जी कहां से हैं आप…इसपर स्त्री ने कहा कि गुजरात से हैं हम…हम डर के मारे रो रहे थे. हम भी पहलगाम जाने वाले थे. बगल में बैठी एक कश्मीरी स्त्री के बारे में गुजरात की स्त्री ने कहा कि इन्होंने हारी बहुत मदद की. आप लोग बहुत अच्छे हैं. यह भी पढ़ें : Indus Treaty : बूंद–बूंद पानी के लिए तरसेगा पाकिस्तान! मोदी प्रशासन ने दी बड़ी चोट The post Viral Video : पहलगाम हमले के बाद क्या किया कश्मीर के लोगों ने? देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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वन भूमि घोटाला: फर्जी NOC का उपयोग कर बेच दी गयी 147.32 डिसमिल जमीन, करोड़ों रुपये का मनीट्रेल भी

बोकारो, प्रणव : बोकारो के तेतुलिया मौजा की 147.32 डिसमिल जमीन (थाना नंबर-38, खाता नंबर-59) की बिक्री के लिए वन संरक्षक के नाम पर जारी फर्जी एनओसी का उपयोग किया गया. जांच के दौरान ईडी को इससे संबंधित दस्तावेज मिले हैं. शैलेश सिंह नामक व्यक्ति ने अलग अलग तिथि को 147.32 डिसमिल जमीन 14 लोगों को बेची है. इसमें करोड़ों रुपये का मनीट्रेल होने की बात भी सामने आ रही है. रियल इस्टेट और अधिकारी के अस्पताल के निर्माण में भी उपयोग किया गया मनी ट्रेल का पैसा सूत्र बता रहे हैं कि मनीट्रेल का पैसा रियल इस्टेट और एक अधिकारी के अस्पताल के निर्माण में भी उपयोग किये गये हैं. हालांकि, मामले में कितने की मनी लाउंड्रिंग हुई, इसका खुलासा ईडी की जांच में आगे हो सकता है. फिलहाल ईडी की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. पूर्व में भू-राजस्व विभाग की जांच कमेटी ने राज्य प्रशासन को रिपोर्ट दी थी. Also Read: Doctors Strike In Deoghar: देवघर के 250 डॉक्टर रहे हड़ताल पर, 6 हजार मरीज ओपीडी से लौटे वनभूमि अवैध खरीद बिक्री को लेकर बुधवार को भी हो रही थी छापेमारी बोकारो के तेतुलिया मौजा की 103 एकड़ वनभूमि की अवैध खरीद-बिक्री व मनी लाउंड्रिंग मामले में ईडी की छापेमारी बुधवार को भी जारी रही. ईडी की टीम बोकारो के अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी के कार्यालय पहुंची. वहां पर एसी के अलावा बोकारो डीटीओ वंदना सेजवलकर से ईडी की टीम पूछताछ कर रही है. यह पूर्व में वंदना चास अंचल की सीओ रह चुकी हैं. इसके अलावा धनबाद जिला बंदोबस्त पदाधिकारी निर्मल सोरेन से भी मामले से जुड़े दस्तावेज के संबंध में पूछताछ हो रही है. Also Read: ‘पहलगाम आतंकी हमले से मोदी प्रशासन के झूठे दावे उजागर’ झारखंड जनाधिकार महासभा ने अमित शाह से मांगा इस्तीफा The post वन भूमि घोटाला: फर्जी NOC का उपयोग कर बेच दी गयी 147.32 डिसमिल जमीन, करोड़ों रुपये का मनीट्रेल भी appeared first on Naya Vichar.

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लगातार तीन बार क्रैक की UPSC परीक्षा, बिहार के यश ने बताया सेल्फ स्टडी से पास होने का तरीका

UPSC Result 2025: बिहार के डेढ दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने इसबार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में बाजी मारी है. मंगलवार को रिजल्ट जारी हुआ तो टॉप 20 लिस्ट में बिहार के भी तीन अभ्यर्थियों का नाम इसमें शामिल था. वहीं अलग-अलग जिलों से कई अभ्यर्थियों ने इसबार सफलता हासिल की. भागलपुर के रहने वाले यश विशेन ने लगातार तीसरी बार यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की और 452वां रैंक हासिल किया. पिता का हो चुका है निधन, कलेक्ट्रेट में कार्यरत है मां यश विशेन भागलपुर के विक्रमशिला कॉलोनी उर्दू बाजार निवासी स्वर्गीय धीरेंद्र कुमार शाही और उमा शाही के पुत्र हैं.यश की सफलता पर उनका परिवार ही नहीं बल्कि पूरा जिला गर्व कर रहा है. यश के पिता का निधन हो चुका है .वो भागलपुर कोर्ट में एपीपी थे. जबकि यश की मां कलेक्ट्रेट में कार्यरत हैं. ALSO READ: UPSC Result में बिहार का डंका, एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थी सफल, देखिए जिलेवार लिस्ट तीसरी बार क्रैक की यूपीएससी परीक्षा यश ने लगातार तीसरी बार यूपीएससी की परीक्षा में बाजी मारी है. बेहतर रैंक के लिए यश ने अपना प्रयास जारी रखा. पहली बार उन्हें 627 रैंक मिला था. उन्हें इस रैंक से संतोष नहीं मिला तो फिर से परीक्षा में बैठे.दूसरी बार 624वां रैंक उन्होंने लाया लेकिन इससे भी वो संतुष्ट नहीं थे. तीसरी बार भी परीक्षा यश ने दिया. उन्हें इसबार 452वां रैंक मिला है और उन्हें लग रहा है कि इसबार उन्हें आइपीएस मिल जाएगा. यूपीएससी परीक्षा पास करने का दिया मंत्र… यश की स्कूली पढ़ाई भागलपुर में ही हुई. बोकारो से उन्होंने प्लस टू किया और उसके बाद मरचेंट नेवी की तैयारी करने वो मुंबई गए. मुंबई में ही यश ने आइएएस बनने का फैसला कर लिया और मेहनत में जुट गए थे. यश ने अपनी सफलता का राज बताया. उन्होंने कहा कि यूपीएससी क्रैक करने के लिए सेल्फ स्टडी की भूमिका बड़ी रहती है. जिसमें 10 से 12 घंटे एकाग्र होकर पढ़ने का जज्बा है वह इस दिशा में कदम बढ़ा सकता है. मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर दी सलाह यश ने बताया कि आजकल स्टूडेंट के बीच मोबाइल का प्रचलन काफी बढ़ गया है. लेकिन मोबाइल का अगर आप सही इस्तेमाल करते हैं तो यह यह तैयारी में मददगार होता है. लेकिन मोबाइल में भटकाव के भी कई आयाम होते हैं, उससे बचना चाहिए. तब जाकर आप लक्ष्य हासिल कर सकेंगे. The post लगातार तीन बार क्रैक की UPSC परीक्षा, बिहार के यश ने बताया सेल्फ स्टडी से पास होने का तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: जीवन में बढ़ना है आगे तो थाम लें इन लोगों का साथ, पूरे परिवार का भी हो जाएगा भला

Chanakya Niti: आपने भी अक्सर इस बात को सुना होगा कि किसी भी व्यक्ति को संगति से पहचाना जाता है. इसलिए लोग हमेशा अच्छी संगति में रहने के लिए कहते हैं. सही लोगों का साथ हमारे जीवन को आगे बढ़ा सकता है और गलत लोगों का साथ जिंदगी को भी बिगाड़ सकता है. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में रिश्तों के महत्व को गहराई से बताया है. आचार्य चाणक्य प्राचीन हिंदुस्तान के बुद्धिमान लोगों में से एक हैं और उनके द्वारा अर्थशास्त्र की रचना की गई थी. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के चौथे अध्याय के दूसरे श्लोक में संगति के फल के ऊपर अपनी राय दी है.  साधुम्यस्ते निवर्तन्ते पुत्रः मित्राणि बान्धवाः। ये च तैः सह गन्तारस्तद्धर्मात्सुकृतं कुलम्॥ इस श्लोक के अनुसार, कई लोग जैसे पुत्र, दोस्त और भाई साधु-संतों की संगति में नहीं रहते. आगे इस श्लोक में कहा गया है कि जो लोग संतों की संगति में रहते हैं वे अपने पूरे परिवार और कुल को धन्य कर देते हैं. साधु-संत की संगति और सेवा करने से अच्छा फल मिलता है. यह भी पढ़ें– Chanakya Niti: हजार कोशिश करने पर भी इन बातों को बदलना है असंभव आचार्य चाणक्य ने संगत पर जोर दिया है और अच्छी संगति के महत्व को उजागर किया है. लोग साधु-संतों की संगति से दूर रहते हैं मगर जो लोग संतों और विद्वानों की संगति में रहते हैं वे अपने साथ अपने परिवार का भी भला कर देते हैं. ऐसे लोग अपने परिवार का गौरव बढ़ाते हैं. ऐसा व्यक्ति पूरे परिवार और समाज के लिए आदर्श है.  चाणक्य नीति के मुताबिक, सत्संगति व्यक्ति का हर समय साथ देने में सक्षम है. आचार्य चाणक्य के अनुसार, मछली, कछुआ और चिड़िया अपने शिशु पर ध्यान देती है और उनकी देख-रेख करती है उसी तरह अच्छे लोगों की संगति भी जीवनभर आपका साथ निभाती है और मुश्किल घड़ी में साथ देने में सक्षम है. इसलिए व्यक्ति को सज्जन लोगों के साथ रहना चाहिए.  यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: मन की बात को रखें गुप्त, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: अगर हैं आपमें ये 4 खूबियां, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: जीवन में बढ़ना है आगे तो थाम लें इन लोगों का साथ, पूरे परिवार का भी हो जाएगा भला appeared first on Naya Vichar.

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बदले हुए जम्मू-कश्मीर में सन्न कर देने वाला हमला

पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर पूरा देश क्षुब्ध है. चुन-चुनकर निहत्थे हिंदू पर्यटकों की हत्या नरेंद्र मोदी प्रशासन के अंदर जम्मू-कश्मीर के स्पष्ट दिख रहे परिवर्तित हालात की दृष्टि से असामान्य और सन्न करने वाली घटना है. पहलगाम जम्मू-कश्मीर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. चूंकि जम्मू-कश्मीर की स्थिति पिछले पांच-छह साल में काफी हद तक सामान्य हो गयी है, इसलिए भारी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ निर्भय होकर चारों ओर घूमते हैं. घटना का विवरण और इसकी पृष्ठभूमि हमें कई बातों पर विचार करने के लिए बाध्य करती है. आखिर वह कौन-सी सोच है, जिसमें आतंकवादियों ने मजहब प्रमाणित करके लोगों को मारा? प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को इतनी गंभीरता से लिया कि सऊदी अरब की यात्रा बीच में रोक वापस लौटे, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ बैठक की तथा गृह मंत्री अमित शाह सीधे कश्मीर पहुंचे. प्रशासनी स्तर पर ऐसी सक्रियता से लोगों को सुरक्षा का आश्वासन मिलता है तथा आतंकवादियों एवं उनको प्रायोजित करने वाली शक्तियों को सख्त संदेश. चूंकि यह घटना अमरनाथ यात्री निवास नुनवान बेस कैंप से महज 15 किलोमीटर दूर हुई और आगामी तीन जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है, तो यह मानने में भी समस्या नहीं है कि पर्यटकों के साथ तीर्थयात्रियों के अंदर भय पैदा करने के लिए हमला किया गया. आतंकवादी संगठन लश्कर से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है. इसके बारे में जानकारी यही है कि जब पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित और नियंत्रित करने का दबाव बढ़ा, तब लश्कर और अन्य संगठनों ने टीआरएफ नाम कर लिया. प्रधानमंत्री मोदी ने अगर सऊदी अरब से लौटते हुए पाकिस्तानी वायु मार्ग का इस्तेमाल नहीं किया, तो इसके निहितार्थ भी स्पष्ट हैं. जाहिर है, प्रशासन के स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका की सटीक सूचना नहीं होती, तो ऐसा नहीं होता. जो जानकारी है, उसके अनुसार आतंकवादी पाकिस्तान से निर्देश ले रहे थे. दरअसल आंतरिक संकटों से ग्रस्त पाकिस्तान और अपनी छवि सुधारने के लिए संघर्षरत सेना-आइएसआइ के पास एकमात्र रास्ता जम्मू-कश्मीर ही बचता है. पाकिस्तान में जिस तरह सेना का उपहास उड़ाया जा रहा है, लोग सेना के विरुद्ध सड़कों पर उतरे हैं, उसके भ्रष्टाचार और विफलता के विवरण मीडिया, सोशल मीडिया में सामने आये हैं, उनसे सेना के अधिकारियों की चिंता बढ़ी है. सेना प्रमुख जनरल मुनीर का मुस्लिमों को भड़काने वाला भाषण इसी कड़ी का हिस्सा था. जनरल मुनीर ने नये सिरे से इस्लामी जेहाद की बात की और जम्मू-कश्मीर की भी चर्चा की. यह संकेत था कि सेना ने जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने की कुछ दीर्घकालीन नीतियां बनायी है. जब लोग सवाल उठाते हैं कि आर्थिक दृष्टि से विपन्न पाकिस्तान हिंदुस्तान के विरुद्ध हिंसा कैसे फैलायेगा, तो वे भूल जाते हैं कि इसके लिए शक्तिशाली होना जरूरी नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में इस्लाम के नाम पर भड़काना और पहले से व्याप्त आतंकी ढांचे को सक्रिय करना होता है. जनरल मुनीर ने यही किया. उनकी सोच और रणनीति देखिए. एक पीड़ित स्त्री ने बताया कि मैं और मेरे पति भेल खा रहे थे, तभी आतंकी आये और बोले कि ये मुस्लिम नहीं लग रहे, इन्हें मार दो और मेरे पति को गोली मार दी. आतंकवादियों की योजना यही है कि वे कश्मीर के स्थानीय मुस्लिम निवासियों को संदेश दें कि हम मुसलमान होकर आपके हैं और गैर मुसलमान हम सबके साझा दुश्मन हैं. हालांकि आतंकवादी संगठन, अलगाववादी तथा पाकिस्तान भूल रहे हैं कि हिंदुस्तान, जम्मू-कश्मीर और वैश्विक अंतरराष्ट्रीय स्थितियां बदली हुई हैं. कश्मीर के स्थानीय लोगों को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद बदली स्थिति का लाभ मिला है. खुलकर हवा में सांस लेने लगे हैं, शिशु पढ़ने लगे हैं, स्पोर्ट्सकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं और सबसे बढ़कर विकास उनके घर तक पहुंच रहा है. पहले की तरह वहां आतंकवादियों से मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के विरुद्ध प्रदर्शन और पत्थरबाजी नहीं दिखती. यह तो नहीं कह सकते कि आतंकवादियों का स्थानीय समर्थन बिल्कुल खत्म हो गया है, पर स्थिति पहले की तरह नहीं है. कभी पाकिस्तान को अमेरिका या कुछ यूरोपीय देशों की अंतरराष्ट्रीय नीति के कारण शह मिल जाती थी, किंतु अब वह अकेला है. अफगानिस्तान तक उसके विरुद्ध खड़ा है. ज्यादातर प्रमुख मुस्लिम देश भी पाकिस्तान का साथ देने को तैयार नहीं. हिंदुस्तान की स्थिति भी पिछले 10 साल में काफी बदली है. दो बार सीमापार कार्रवाई करके प्रदर्शित भी किया गया है कि हम प्रायोजित आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देने वाले देश बन चुके हैं. अमेरिका, रूस और यूरोपीय देश ही नहीं, कई मुस्लिम देशों ने इस घटना में हिंदुस्तान के साथ होने का बयान दिया है. इसलिए प्रधानमंत्री मोदी अगर दोषियों को बख्शे नहीं जाने की बात कर रहे हैं और अमित शाह मोर्चा संभाले हुए हैं, तो आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के लिए अब तक का सबसे बुरा समय होगा.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post बदले हुए जम्मू-कश्मीर में सन्न कर देने वाला हमला appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi Bihar Visit : अलौली स्टेशन से आज चलेगी पहली ट्रेन, वर्षों बाद पूरा हुआ रामविलास पासवान का सपना

PM Modi Bihar Visit : खगड़िया: खगड़िया जिले के लिए 24 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक है. 26 साल पहले रामविलास पासवान ने इस रेल परियोजना को मंजूरी दी थी, जो आज बनकर तैयार हो गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के गृह क्षेत्र खगड़िया के अलौली में गुरुवार को पहली बार ट्रेन दौड़ेगी. यह बहुप्रतीक्षित रेल सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर शुरू की जाएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार प्रशासन के प्रतिनिधि वर्जुअली उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. यह रेल सेवा खगड़िया के उन क्षेत्रों को जोड़ेगी जो अब तक रेलवे की सुविधा से वंचित थे, खासकर अलौली प्रखंड को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने वाला है. स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल रेल कनेक्टिविटी की यह सुविधा न केवल यातायात की दृष्टि से बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो सकती है. स्थानीय लोगों में इस ऐतिहासिक पल को लेकर खासा उत्साह है. रामविलास पासवान के समर्थकों और ग्रामीणों के लिए यह एक सपने के सच होने जैसा है. इस रेल सेवा की शुरुआत से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे. खासकर युवा वर्ग के लिए यह रेल लाइन एक नई उम्मीद लेकर आई है. यह कदम क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा और खगड़िया को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर ढंग से जोड़ेगा. रामविलास पासवान की स्मृति में एक सम्मान पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान, जो वर्षों तक खगड़िया और बिहार के अन्य हिस्सों के विकास के लिए कार्य करते रहे, उनके गृह क्षेत्र में यह रेल सेवा उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है. रामविलास पासवान का वर्षों पुराना सपना कल 24 अप्रैल दिन गुरुवार को साकार होने जा रहा है. खगड़िया जिला स्थित उनके गृह प्रखंड अलौली में कल से ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगी. पीएम नरेंद्र मोदी कल मधुबनी से नव निर्मित खगड़िया-अलौली रेलखंड का उदघाटन करेंगे, जिसके बाद स्थानीय सांसद राजेश वर्मा स्पेशल मेमू ट्रेन को अलौली स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जिसके साथ ही अलौली से सहरसा के बीच ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा. 1950 में पहली बार रेल बजट में हुआ था शामिल खगड़िया दरभंगा रेलखंड की मांग आजादी से पहले से हो रही है. इसके निर्माण को लेकर पहली बार 1950 के रेल बजट में उल्लेख हुआ था. रेल मंत्रालय ने इस रेलखंड का सर्वे भी कराया था. 1951 में इस रेलखंड को पर्यावरण के दृष्टिकोण से खारिज कर दिया गया. उसके बाद 70 के दशक में एक बार फिर इस रेलखंड के निर्माण की बात हुई, लेकिन तत्कालीन रेलमंत्री ललित नारायण मिश्र की मौत के बाद इस परियोजना पर काम आगे नहीं बढ़ पाया. 26 साल पूर्व यानी 1998 में तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान ने खगड़िया- कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना की मंजूरी दिए थे, जो 26 साल बाद साकार हुआ है. हालांकि इस परियोजना के तहत खगड़िया से कुशेश्वर के बीच 44 किलोमीटर तक रेल ट्रैक बनना है, लेकिन अभी केवल 18 किलोमीटर तक का ही काम पूरा हुआ है. Also Read: Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि The post PM Modi Bihar Visit : अलौली स्टेशन से आज चलेगी पहली ट्रेन, वर्षों बाद पूरा हुआ रामविलास पासवान का सपना appeared first on Naya Vichar.

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पहलगाम में आतंकी हमला

जम्मू-कश्मीर अब ज्यादातर बदलाव के लिए ही जाना जा रहा है, जहां चुनाव के बाद उमर अब्दुल्ला की प्रशासन बनी है, जहां पर्यटन फल-फूल रहा है और जल्दी ही वंदे हिंदुस्तान ट्रेन चलाये जाने की तैयारी है, वहां आतंकवादी हमला होना बेहद चौंकाने वाला है. पहलगाम में आतंकवादियों ने जिस तरह नाम पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाया, वह तो और भी गंभीर है. इससे पहले भी धार्मिक पहचान के आधार पर कश्मीरी पंडितों को इस केंद्र शासित प्रदेश से बाहर किया गया था. ऐसे में, आतंकियों की यह रणनीति केंद्र प्रशासन के लिए चुनौती भरी है. आतंकियों ने न सिर्फ कश्मीर के बहुचर्चित पर्यटन स्थल पहलगाम को हमले के लिए चुना, बल्कि सैलानियों का सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों पर हमला बोला. इस हमले की एक मंशा आगामी जुलाई से होने वाली अमरनाथ यात्रा के प्रति तीर्थयात्रियों को डराने की भी हो सकती है. नरेंद्र मोदी प्रशासन ने पाकिस्तान के साथ संवाद बंद कर और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर पहले से ही आतंकवाद के खिलाफ सख्ती का परिचय दिया था. पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब से लौटते ही हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में पीड़ित परिवारों से बातचीत की है, सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी किये हैं, जबकि एनआइए की टीम स्थानीय पुलिस की मदद करने के लिए पहलगाम पहुंच चुकी है. प्रधानमंत्री ने जिस तरह यह कहा है कि पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले बच नहीं पायेंगे, उससे साफ है कि आतंकियों और उनके प्रायोजकों को इसका अंजाम भुगतना होगा. इस हमले से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, क्योंकि हमले के बाद से डरे-सहमे पर्यटक स्वाभाविक ही अपनी यात्रा रद्द करवा रहे हैं, जबकि इस साल के शुरुआती तीन महीनों में यहां रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आये थे. ऐसे में, प्रशासन को स्थानीय पर्यटन उद्योग के साथ खड़े होने की भी जरूरत है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर की वित्तीय स्थिति का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर है. दशकों की बदहाली के बाद जम्मू-कश्मीर पर्यटन उद्योग के बल पर ही खड़ा हुआ है. ऐसे में, यह आतंकी हमला सिर्फ बाहरी पर्यटकों पर नहीं, बल्कि कश्मीर की नयी पहचान और उसकी वित्तीय स्थिति पर भी है. इसे बचाना है, तो यहां के लोगों को भी आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना होगा. The post पहलगाम में आतंकी हमला appeared first on Naya Vichar.

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Pahalgam Terror Attack : सीएम योगी ने किया शुभम द्विवेदी के पिता को कॉल, आतंकियों ने पत्नी के सामने मार दी थी गोली

Pahalgam Terror Attack : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया. मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायरतापूर्ण आतंकी हमले में जनपद कानपुर के शुभम द्विवेदी जी का निधन अत्यंत दुखद है.” उन्होंने शुभम के पिता संजय द्विवेदी को कॉल किया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. सीएम योगी ने प्रदेश के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शुभम द्विवेदी के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जनपद कानपुर पहुंचाया जाए. उन्होंने प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें. मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन शुभम के परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है. 12 फरवरी को शादी हुई थी शुभम द्विवेदी पहलगाम हिंसा में आतंकवादियों की गोली का शिकार हुए शुभम द्विवेदी के घर शोक का माहौल है. अभी 2 महीने पहले ही 12 फरवरी को उनकी शादी हुई थी. मंगलवार को पहलगाम में आतंकियों ने शुभम को उनकी पत्नी के सामने ही गोली मार दी. शुभम के पिता संजय द्विवेदी सीमेंट के कारोबारी हैं. शुभम 16 अप्रैल को अपनी पत्नी और परिवार के नौ अन्य सदस्यों के साथ एक सप्ताह की छुट्टी मनाने के लिए कश्मीर गए थे. यह भी पढ़ें : Indus Treaty : बूंद–बूंद पानी के लिए तरसेगा पाकिस्तान! मोदी प्रशासन ने दी बड़ी चोट आज लाया जा सकता है शव कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए पर्यटकों में शामिल कानपुर के 31 वर्षीय व्यवसायी शुभम द्विवेदी का शव गुरुवार को लाया जा सकता है. कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शव को बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे विशेष विमान से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया जाएगा. शव को सड़क मार्ग से कानपुर ले जाया जाएगा. गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. The post Pahalgam Terror Attack : सीएम योगी ने किया शुभम द्विवेदी के पिता को कॉल, आतंकियों ने पत्नी के सामने मार दी थी गोली appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi: भव्य रैली की जगह शोक सभा में शामिल होंगे पीएम मोदी, पहलगाम हमले के बाद कार्यक्रम में बदलाव

PM Modi Visits Bihar: पीएम मोदी आज यानी गुरुवार को बिहार दौरे पर रहने वाले हैं. इस दौरान वे मधुबनी जिले के झंझारपुर पहुंचेंगे. झंझारपुर के लोहना उत्तर ग्राम पंचायत में पंचायती राज दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे. यहां वे एक भव्य रैली को भी संबोधित करने वाले थे. लेकिन, पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों की मौत की वजह से पीएम मोदी के कार्यक्रम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है. वे अब भव्य रैली की जगह शोक सभा में शामिल होंगे. समाचार अपडेट की जा रही है… The post PM Modi: भव्य रैली की जगह शोक सभा में शामिल होंगे पीएम मोदी, पहलगाम हमले के बाद कार्यक्रम में बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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Shahrukh Khan: ‘आतंकवादियों का इस्लाम, मेरा धर्म नहीं’, पहलगाम हमले के बाद SRK का वीडियो चर्चे में…

Shahrukh Khan: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अबतक 26 पर्यटकों की मौत और कई लोग घायल हो गए हैं, जिनकी तस्वीरें और वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 4 आतंकियों ने पहले पीड़ितों से उनका नाम पूछा कर फिर उन्हें कलमा पढ़ने के लिए कहा और जब वे ऐसा नहीं कर सके तो उन लोगों ने फायरिंग कर दी. इनमें से दो विदेशी आतंकी और दो लोकल टेररिस्ट थे. इस बीच अब बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अभिनेता ने दो तरह के इस्लाम के बारे में चर्चा की है. एक तो कट्टरपंथी इस्लाम, जिसे आतंकवादी मानते हैं और दूसरा वह, जिसका जिक्र पवित्र किताब कुरान में किया गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि आतंकवादी, जिसे मानते हैं वह असल में इस्लाम है ही नहीं. शाहरुख खान का 16 साल पुराना वीडियो वायरल I chose the right idol @iamsrk ❤️ pic.twitter.com/PXRPH20kiw — Khanna Shruv (@Spidey2Tom) April 22, 2025 शाहरुख खान का यह वीडियो 16 साल पुराने दिए गए CNN-IBN के साथ एक इंटरव्यू का है, जब साल 2008-09 के समय मुंबई में 26/11 हमला हुआ था. उस वक्त शाहरुख खान अपनी ‘माय नेम इज खान’ का प्रमोशन कर रहे थे. यहीं शाहरुख से सवाल किया गया कि एक मुंबईकर होने के नाते 26/11 के आतंकी हमले का उन पर क्या असर हुआ? इसके जवाब में एक्टर ने कहा, “मैं दिल्ली से हूं और मैंने दिल्ली के दंगे देखे हैं. जब मैं मुंबई आया, तब मैंने 1993-94 का बम ब्लास्ट देखा. अभी 26/11 का हमला देखा. मैं खुद को पहले से भी ज्यादा हिंदुस्तानीय महसूस कर रहा हूं. इसलिए भी क्योंकि मैं मानता हूं कि मैं एक पढ़ा-लिखा लिबरल मुस्लिम हूं. मैंने कुरान पढ़ी है और मैं इस्लाम में यकीन रखता हूं.” एक्टर आगे कहते हैं, ‘इस वक्त किसी भी तरह के आदर्शवाद या नेतृत्वक विचारधारा के साथ चलने की बजाय, हम सबको एकजुट होना चाहिए. डर वो चीज है, जो सबको साथ लाता है. इस वक्त हम सब बराबरी से डरे हुए हैं.” दो तरह के इस्लाम पर क्या बोले शाहरुख? Shah Rukh Khan speaking out against radical Islam and brainwashing of terrorists in the name of religion pic.twitter.com/p4ayq16fus — Sohom (@AwaaraHoon) April 23, 2025 किंग खान ने आगे इस्लाम के बारे में बात करते हुए कहा, “मै झूठ नहीं कहूंगा. तकरीबन दो या तीन साल पहले अगर मुझे कोई बोलता था कि आतंकवाद जो है, वो इस्लामिक नेचर में है, तो मैं उसको नकारता था. लेकिन अब मुझे एक बात समझ आ गई है कि ये आतंकवादी जो इस्लाम फॉलो कर रहे हैं, वो हमारा इस्लाम है ही नहीं. वो हमारा धर्म है ही नहीं. क्योंकि एक अल्लाह की आवाज़ है, जो हमारी पवित्र किताब कुरान के अंदर लिखी हुई है. उसमें बहुत स्पष्ट लिखा हुआ है. अगर आप एक इंसान के जख्म भरते हैं, तो पूरी इंसानियत के जख्म भरते हैं. अगर आप एक इंसान को दर्द पहुंचाते हैं, तो पूरी मानवता को दर्द पहुंचाते हैं.” ‘वो मुल्ला की जुबानी…’ कुरान को ठीक से समझाते हुए उन्होंने आगे कहा, कुरान के मुताबिक अगर जंग भी हो, तो औरत, शिशु, जानवर और फ़सल को तबाह नहीं किया जाएगा. जो ये करेगा, उसे किसी भी तरह से जन्नत नहीं मिलेगी. बल्कि खुदा उसके साथ बहुत बुरा करेगा. ये जो इस्लाम है, ये अल्लाह की आवाज, अल्लाह की जुबानी है. और दूसरा जो इस्लाम जो ये लोग (आतंकवादी) फॉलो कर रहे हैं, माफ कीजिएगा मैं किसी के खिलाफ नहीं जाना चाहता, लेकिन वो मुल्ला की जुबानी है.” ब्रेन वॉश करने वालों को लेकर कहा, “मैं हाथ जोड़कर सबसे विनती करता हूं कि किसी भी धर्म में, चाहे वो हिंदू है, चाहे वो क्रिश्चन है, चाहे वो इस्लाम है, किसी तरह से जवानों को हमारी किताबों का सही मायना समझाइए. क्योंकि चाहे गीता है या कुरान या बाइबल.. कहीं ऐसा नहीं लिखा हुआ कि अगर आप किसी को दुख पहुंचाएंगे, तो आपको जन्नत मिलेगी. या खुदा आपको अच्छी जगह पर रखेगा.” पहलगाम आतंकी हमले पर शाहरुख खान का फूटा गुस्सा शाहरुख खान ने पहलगाम में हुए इस हमले पर रिएक्ट करते व्यक्त किया और कहा, “पहलगाम में हुई हिंसा के विश्वासघात और अमानवीय कृत्य पर दुख और गुस्से को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. ऐसे समय में, हम केवल ईश्वर से उम्मीद कर सकते हैं और पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना कर सकते हैं. और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त कर सकते हैं. हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर मजबूत बनना चाहिए. हमें इंसाफ मिलेगा.” यह भी पढ़े: धरती का स्वर्ग नर्क में बदल रहा है… पहलगाम आतंकी हमले पर छलका सलमान खान का दर्द The post Shahrukh Khan: ‘आतंकवादियों का इस्लाम, मेरा धर्म नहीं’, पहलगाम हमले के बाद SRK का वीडियो चर्चे में… appeared first on Naya Vichar.

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