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April 29, 2025

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सिंधु जल संधि निरस्त होने से जगमग होगा कश्मीर, भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

Indus Waters Treaty: पहलगाम आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल में दोनों देशों के बीच 1960 के सिंधु जल समझौता को रद्द भी किया जा सकता है. सिंधु जल संधि रद्द करने की बात पर चर्चा इस बात की भी हो रही है कि हिंदुस्तान इसके जल भंडार का इस्तेमाल कहां और कैसे कर सकेगा. सोशल मीडिया पर इसके पक्ष-विपक्षी पहलुओं पर जोरदार बहस चल रही है. सिंधु जल संधि रद्द करने के बाद जम्मू-कश्मीर में बुरसार, दुलहस्ती, सवालकोट, उरी और किरथाई जैसी जलविद्युत परियोजनाओं को पूरा करने से हिंदुस्तान को कई रणनीतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ मिलने की प्रबल संभावना है. इससे न केवल जम्मू-कश्मीर जगमग होगा, बल्कि आसपास के राज्यों को भी बिजली मिल सकती है. हिंदुस्तान को झेलम और चिनाब का मिलेगा अधिक पानी समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंधु जल संधि के तहत हिंदुस्तान को पश्चिमी नदियों (झेलम, चिनाब) पर सीमित नियंत्रण था, जिससे पाकिस्तान को अधिक पानी मिलता था. संधि रद्द होने के बाद हिंदुस्तान इन नदियों पर अधिक नियंत्रण स्थापित कर सकता है. इससे पाकिस्तान की जल आपूर्ति पर प्रभाव पड़ सकता है. यह कदम हिंदुस्तान को पाकिस्तान पर दबाव बनाने का एक साधन प्रदान करता है, विशेषकर जब पाकिस्तान पर आतंकवाद के समर्थन के आरोप लगते हैं.​ सिंधु जल संधि से हिंदुस्तान के कैसे बंध गए हाथ सिंधु जल संधि दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और स्थायी जल-साझाकरण संधियों में से एक है. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच करीब 9 सालों तक चली बातचीत के बाद 19 सितंबर 1960 को काराची में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए गए. इसमें विश्व बैंक मध्यस्थ की भूमिका में था. इस संधि के तहत दोनों देशों के बीच हुए समझौते में रावी ब्यास और सतलुज जैसी पूर्वी नदियां हिंदुस्तान के हिस्से में आईं, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिम की नदियां पाकिस्तान के हिस्से में चली गईं. समझौते के तहत रावी, ब्यास और सतलुज नदी के करीब 33 मिलियन एकड़ फीट पानी के प्रवाह पर हिंदुस्तान का नियंत्रण निर्धारित किया गया. झेलम, सिंधु और चिनाब नदी के 135 मिलियन एकड़ फीट पानी के प्रवाह का अधिकार पाकिस्तान को दे दिया गया. समझौते के तहत सिंधु नदी तंत्र के 80% प्रवाह पर पाकिस्तान का नियंत्रण स्थापित हो गया. संधि के तहत फ्लशिंग के बाद जलाशय को केवल मानसून के समय अगस्त महीने में ही भरा जा सकता था. संधि रद्द होने पर यह प्रक्रिया कभी भी की जा सकती है. सिंधु और इसकी सहायत नदियों के जल के इस्तेमाल पर हिंदुस्तान के लिए अब कोई डिजाइन या संचालन संबंधी प्रतिबंध नहीं रहेगा. हिंदुस्तान अब पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब पर का भी पानी रोककर नई जलविद्युत परियोजनाओं की शुरुआत कर सकता है. जम्मू-कश्मीर के पांच अहम जलविद्युत परियोजनाएं हिंदुस्तान प्रशासन को जम्मू-कश्मीर में पांच अहम जलविद्युत परियोजनाओं का काम पूरा करना है. इनमें 800 मेगावाट की बुरसार जलविद्युत परियोजना, 260 मेगावाट की दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना, 1856 मेगावाट की सवालकोट जलविद्युत परियोजना, 260 मेगावाट की उरी जलविद्युत परियोजना, 930 मेगावाट की किरथाई जलविद्युत परियोजना शामिल हैं. हिंदुस्तान को पानी के लिए नहीं लेनी होगी किसी से मंजूरी हिंदुस्तान अगर सिंधु जल संधि को रद्द कर देता है, तो उसे जम्मू-कश्मीर में किसी भी जलविद्युत परियोजना के लिए किसी से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जम्मू-कश्मीर में किसी भी जलविद्युत परियोजना को शुरू करने में सबसे बड़ी अड़चन सिंधु जल संधि है. हिंदुस्तान प्रशासन को परियोजना शुरू करने से पहले पाकिस्तान या फिर विश्व बैंक से मंजूरी लेनी पड़ती थी. किन-किन नदियों पर बन रही हैं जलविद्युत परियोजना हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से जम्मू-कश्मीर में जो पांच जलविद्युत परियोजनाएं बनाई जा रही हैं, उनमें उरी की दो परियोजनाएं झेलम नदी पर बन रही हैं. सबसे बड़ी सवालकोट परियोजना रामबन जिले में चिनाब नदी पर बन रही है. किश्तवाड़ जिले में दुलहस्ती परियोजना चिनाब नदी पर नहीं है. यह अंडरग्राउंड बिजली परियोजना होगी. किश्तवाड़ जिले में बुरसार और किरथाई परियोजना भी चिनाब नदी पर बनेगी. इसे भी पढ़ें: ‘मां केवल 3 घंटे सोती है, पापा ने नौकरी छोड़ दी…’, वैभव सूर्यवंशी हुए भावुक, पैरेंट्स के संघर्ष को किया बयां क्या कहते हैं विशेषज्ञ छह साल से अधिक समय तक हिंदुस्तान के सिंधु जल आयुक्त के पद पर कार्यरत रहे प्रदीप कुमार सक्सेना के अनुसार, ”एक ऊपरी प्रवाह वाले देश के तौर पर भारात के पास कई विकल्प हैं, लेकिन संधियों के कानून पर वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 62 के अंतर्गत ऐसे पर्याप्त आधार मौजूद हैं, जिनके तहत संधि केा उस स्थिति में खारिज किया जा सकता है, जब संधि के समय की परिस्थितियां मौजूदा समय में मौलिक तौर पर बदल चुकी हों.” इसे भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी को CM नीतीश ने फोन पर दी बधाई, इतने लाख रुपए की सम्मान राशि का किया ऐलान The post सिंधु जल संधि निरस्त होने से जगमग होगा कश्मीर, हिंदुस्तान को मिलेगा बड़ा फायदा appeared first on Naya Vichar.

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Upcoming Movie: जूनियर एनटीआर और प्रशांत नील की जोड़ी मचाएगी धमाल, ब्लॉकबस्टर फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान

Upcoming Movie: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर और केजीएफ फेम निर्देशक प्रशांत नील अब साथ मिलकर एक बड़ी फिल्म लेकर आ रहे हैं. इस धमाकेदार जोड़ी की फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है. हल ही में इस फिल्म की रिलीज डेट का एलान हुआ है, जिससे सोशल मीडिया पर माहौल गर्म हो गया है. एनटीआर नील की रिलीज डेट हुई तय लंबे समय से जिस फिल्म का इंतजार हो रहा था, उसकी रिलीज डेट आखिरकार सामने आ ही गई. जूनियर एनटीआर और प्रशांत नील की अपकमिंग फिल्म एनटीआर नील (NTRNeel) 25 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. खुद जूनियर एनटीआर ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर यह समाचार शेयर करते हुए लिखा, ’25 जून 2026 को सिनेमाघरों में मिलते हैं. #NTRNeel’. इस समाचार से उनके फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई है. सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर अपनी एक्साइटमेंट जाहिर कर रहे हैं. किसी ने लिखा, ‘एनटीआर को बड़े पर्दे पर देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा,’ तो किसी ने कहा, ‘बहुत ही ज्यादा एक्साइटेड हैं इस फिल्म के लिए.’ See you in cinemas on 25 June 2026…. #NTRNeel pic.twitter.com/SkMhyaF71c — Jr NTR (@tarak9999) April 29, 2025 एनटीआर नील के बारे में और जानें एनटीआर नील को लेकर अभी तक कहानी का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह फिल्म एक्शन, ड्रामा और दमदार मसाले का जबरदस्त कॉम्बिनेशन होगी. इसे केजीएफ की तर्ज पर एक मेगा प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है. इस फिल्म को मिथ्री मूवी मेकर्स और एनटीआर आर्टस मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं. इसके निर्माता हैं कल्याण राम नंदामुरी, नवीन येरनेनी, रवि शंकर यालमांचिली और हरि कृष्णा कोसाराजू यह फिल्म जूनियर एनटीआर के लिए देवरा: पार्ट 1 के बाद एक और बड़ी वापसी होगी. देवरा साल 2024 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म थी और जापान जैसे देशों में भी खूब पसंद की गई थी. इसके पहले आरआरआर में भी जूनियर एनटीआर ने धमाकेदार परफॉर्मेंस दी थी. वहीं, प्रशांत नील हाल ही में प्रभास स्टारर सालार की सफलता के बाद चर्चा में हैं. जूनियर एनटीआर की बॉलीवुड डेब्यू – वॉर 2 एनटीआर नील के अलावा जूनियर एनटीआर जल्द ही बॉलीवुड में भी कदम रखने जा रहे हैं. वह यशराज फिल्म्स की एक्शन फिल्म वॉर 2 में नजर आएंगे, जिसमें उनके साथ ऋतिक रोशन और कियारा आडवाणी भी होंगी. इस फिल्म का निर्देशन अयान मुखर्जी कर रहे हैं. यह भी पढ़े: Bhojpuri Song: काजल राघवानी के जलवे से थर्राया इंटरनेट, ‘दिल बदतमीज हो गईल’ बना वायरल सेंसेशन The post Upcoming Movie: जूनियर एनटीआर और प्रशांत नील की जोड़ी मचाएगी धमाल, ब्लॉकबस्टर फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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BPSC Teacher Posting: बदल गया बिहार में शिक्षक पोस्टिंग का फॉर्मूला, बीपीएसई TRE 3 के लिए यहां करें रजिस्ट्रेशन

BPSC Teacher Posting: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से शिक्षक भर्ती के हर साल बिहार भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है. शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के लिए नोटिफिकेशन जल्द जारी हो सकता है. ऐसे में जो कैंडिडेट्स बिहार शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं वो नए नियमों को जरूर जान लें. बिहार शिक्षक भर्ती में पोस्टिंग को लेकर नियमों में बदलाव किए गए हैं. आइए इस नियम को करीब से जानते हैं. BPSC Teacher Posting: नए पोर्टल पर दी जाएगी जानकारी बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से ने तीसरी शिक्षक भर्ती (BPSC TRE-3) की पोस्टिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. अब स्त्री, पुरुष और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग खाली पदों की जानकारी एक नए पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. ये भी पढ़ें: कितने मार्क्स पर मिलेगा AIIMS पटना में एडमिशन, जानें पिछले साल का कट ऑफ इससे पहले, केवल स्कूलवार रिक्त पदों की संख्या दी जाती थी. हालांकि, अब प्रत्येक स्कूल में स्त्री, पुरुष और दिव्यांग शिक्षकों की आवश्यकता का विवरण भी शामिल किया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य स्त्री और दिव्यांग शिक्षकों को उनके निवास स्थान के पास के स्कूलों में पदस्थापित करना है. बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में पोस्टिंग को लेकर पोर्टल पर पहले से ही लॉक लगा दिया गया है. बिहार में शिक्षक पोस्टिंग को लेकर निर्देश हाल ही में बिहार के प्रशासनी शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर नया आदेश जारी हुआ था. इसके लिए शिक्षकों को बिहार के ई शिक्षा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसमें रजिस्ट्रेशन के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- e-shikshakosh.bihar.gov.in पर जाना होगा. अगले पेज पर Teacher विकल्प को चुनकर उसपर डिटेल्स देना होगा. अधिक जानकारी के लिए बिहार के शिक्षक ऑफिशियल वेबसाइट विजिट कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: NEET UG Admit Card 2025: नीट का एडमिट कार्ड यहां करें डाउनलोड, एग्जाम से पहले जान लें ये नियम The post BPSC Teacher Posting: बदल गया बिहार में शिक्षक पोस्टिंग का फॉर्मूला, बीपीएसई TRE 3 के लिए यहां करें रजिस्ट्रेशन appeared first on Naya Vichar.

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रांची आयेंगे मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली का समय बदला, जानें नयी तारीख और जगह

Samvidhan Bachao Rally Jharkhand Congress: झारखंड कांग्रेस की ओर से आयोजित संविधान बचाओ रैली की तारीख बदल गयी है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने पहले तय किया था कि 3 मई को राज्यस्तरीय संविधान बचाओ रैली का आयोजन किया जायेगा. आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि इसकी तारीख में फेरबदल किया गया है. उन्होंने कहा कि रांची में 3 मई को होने वाली राज्यस्तरीय संविधान बचाओ रैली अब 6 मई को पुराना विधानसभा मैदान में होगी. रांची की रैली में शामिल होंगे मल्लिकार्जुन खरगे केशव महतो कमलेश ने कहा कि इस रैली में अखिल हिंदुस्तानीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल होंगे. झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की रैली के बाद प्रदेश कांग्रेस की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक भी होगी. इसमें मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल उपस्थित रहेंगे. प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी शामिल होंगे खरगे केशव महतो कमलेश ने कहा कि यह झारखंड कांग्रेस के लिए हर्ष का विषय है कि झारखंड निर्माण के बाद पहली बार प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद मौजूद रहेंगे. यह गौरवपूर्ण क्षण होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड में संविधान बचाओ रैली ऐतिहासिक होगी. इसको लेकर नेताओं, कार्यकर्ताओं और झारखंड के आम लोगों में उत्साह है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें संविधान रक्षा की लड़ाई में जनता कांग्रेस के साथ – कमलेश कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है. संविधान रक्षा की इस लड़ाई में पूरी तरह से हमारे साथ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम लोगों के अधिकारों का दमन नहीं होने देगी. संविधान रक्षा की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जायेगी. इस संवाददाता सम्मेलन में कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुजनी और मुख्य प्रवक्ता किशोर शाहदेव एवं सोनाल शांति भी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें LPG Price Today: आज 29 अप्रैल को झारखंड के किन शहरों में मिल रहा है सबसे सस्ता एलपीजी सिलेंडर Rain Alert: गुमला वालों सावधान! अगले 3 घंटे में गरज और आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश Simdega Weather Alert: अब सिमडेगा के लिए जारी हुई चेतावनी, अगले 3 घंटे में क्या होने वाला है? The post रांची आयेंगे मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली का समय बदला, जानें नयी तारीख और जगह appeared first on Naya Vichar.

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Pahalgam Attack: भारत के बायकॉट के बाद बर्बाद हो जाएगा पाकिस्तान क्रिकेट, PCB हो जाएगा कंगाल

Pahalgam Attack: पहलगाम में हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बाद, हिंदुस्तान प्रशासन ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. ये कदम न केवल नेतृत्वक दृष्टिकोण से बल्कि स्पोर्ट्स के दृष्टिकोण से भी उठाए गए हैं, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान के साथ सभी संभावित संबंधों को खत्म करना है. वैसे भी हिंदुस्तान 2012-2013 की सीरीज के बाद से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं स्पोर्ट्स रहा है. हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से कहा है कि भविष्य में वैश्विक आयोजनों में दोनों टीमों को एक ही समूह में न रखा जाए. पाकिस्तान का क्रिकेट राजस्व प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हिंदुस्तान पर काफी हद तक निर्भर है. लेकिन, पहलगाम हमले के बाद हिंदुस्तान प्रशासन और बीसीसीआई ने अपना रुख सख्त करने का फैसला किया है, जिससे पाकिस्तान को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है. ICC इवेंट में हिंदुस्तान-पाकिस्तान की नहीं होगी भिड़ंत अगर हिंदुस्तान और पाकिस्तान को वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे ICC इवेंट के एक ही ग्रुप में नहीं रखा जाता है, तो दोनों टीमों के एक-दूसरे से भिड़ने की संभावना काफी कम हो जाएगी. जब वैश्विक क्रिकेट इवेंट की बात आती है, तो आयोजक राजस्व को अधिकतम करने के लिए जानबूझकर हिंदुस्तान और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखते हैं. लेकिन, BCCI द्वारा ICC से ऐसा दोबारा न करने के लिए कहने के बाद, राजस्व पर असर पड़ना तय है. फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के अनुसार, पिछले दो दशकों में हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मैचों से अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये ($1.3 बिलियन) की कमाई हुई है. BCCI pays tribute to victims of Pahalgam Terror Attack More details here – https://t.co/y2N8nrAkHh pic.twitter.com/g1k4llgwsq — BCCI (@BCCI) April 23, 2025 विज्ञापनदाता हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान मैचों के दौरान 10 सेकंड के विज्ञापनों के लिए बहुत ज्यादा कीमत चुकाने को भी तैयार हो जाते हैं. पीसीबी आईसीसी से मिलने वाले राजस्व पर काफी हद तक निर्भर है, लेकिन हिंदुस्तान के बहिष्कार से शीर्ष संस्था के राजस्व पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान की आय पर भी पड़ेगा. मौजूदा समय में पाकिस्तान आईसीसी इवेंट्स के ग्रुप स्टेज को पार करने के लिए भी संघर्ष कर रहा है, ऐसे में पूरा टूर्नामेंट एक भी हिंदुस्तान-पाक मैच देखे बिना ही समाप्त हो सकता है. विज्ञापन राजस्व में कमी से पीसीबी की कमाई पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. प्रसारण बहिष्कार का असर पहलगाम हमले के मद्देनजर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) का प्रसारण हिंदुस्तान में पहले ही रोक दिया गया है. यहां तक ​​कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के आगामी अंतरराष्ट्रीय मैचों का भी हिंदुस्तान में प्रसारण होने की संभावना नहीं है. इसलिए, इस घटनाक्रम से पीसीबी को हिंदुस्तानीय प्रसारकों से मिलने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होगा. हाल के वर्षों में अपने गैर-पेशेवर मामलों के कारण पहले से ही वित्तीय संकट में फंसे पीसीबी, जिस संकट को कम करने का प्रयास लंबे समय से कर रहा है, वह अब और भी निचले स्तर पर पहुंच गया है. Standing in solidarity with the victims of the Pahalgam terror attack. Prayers for the families who lost their loved ones in this gruesome attack 💔 pic.twitter.com/KXAJelZ1n3 — BCCI (@BCCI) April 23, 2025 रमीज राजा ने कहा था- हिंदुस्तान के पैसों पर पल रहा है पीसीबी यहां तक ​​कि पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटरों के यूट्यूब चैनल भी हिंदुस्तान में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं. शोएब अख्तर, बासित अली, राशित लतीफ जैसे खिलाड़ी हिंदुस्तानीय प्रशंसकों की बदौलत सोशल मीडिया के जरिए काफी कमाई करते हैं. लेकिन, अब ऐसा संभव नहीं होगा. अतीत में, यहां तक ​​कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने भी इस बात पर प्रकाश डाला था कि पीसीबी अपनी आय के लिए हिंदुस्तान पर कितना निर्भर है. राजा ने अक्टूबर 2021 में कहा था, ‘आईसीसी एक नेतृत्वक निकाय है जो एशियाई और पश्चिमी ब्लॉकों के बीच विभाजित है और इसका 90 प्रतिशत राजस्व हिंदुस्तान से उत्पन्न होता है. यह भयावह है. एक तरह से हिंदुस्तान के व्यापारिक घराने पाकिस्तान क्रिकेट को चला रहे हैं और अगर कल हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री यह निर्णय ले लें कि वह पाकिस्तान को कोई भी फंडिंग नहीं देंगे, तो यह क्रिकेट बोर्ड ध्वस्त हो सकता है.’ ये भी पढ़ें… कारगिल में भी…’, शाहिद अफरीदी के बयान पर शिखर धवन का करारा जवाब, इंडियन आर्मी पर किया था भद्दा कमेंट ‘इंडियन क्रिकेट अब पहले जैसा नहीं रहेगा’, वैभव सूर्यवंशी के शतक पर अजय जडेजा का बड़ा बयान, MS Dhoni से भी जोड़ी बात ‘पूरा इलाका, पूरा बिहार…’ वैभव सूर्यवंशी के शतक पर पिता गदगद, बेटे के शानदार IPL आगाज के लिए 5 दिग्गजों को दिया क्रेडिट The post Pahalgam Attack: हिंदुस्तान के बायकॉट के बाद बर्बाद हो जाएगा पाकिस्तान क्रिकेट, PCB हो जाएगा कंगाल appeared first on Naya Vichar.

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Makhana chaat Recipe: स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बो, बनाएं मखाने से चटपटी चाट

Makhana chaat Recipe: जब भूख लगे कुछ हल्का-फुल्का और हेल्दी खाने का मन हो तो मखाना से बनी चटपटी चाट आपके लिये एकदम परफेक्ट है. मखाना यानी फॉक्स नट्स, पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और इन्हें डाइट फ्रेंडली भी माना जाता है. दही, मसालों और ताजे कटे सब्जियों के साथ मिलकर यह मखाना चाट न सिर्फ स्वादिष्ट बनती है बल्कि हेल्दी भी होती है. चाहे व्रत हो, डाइट प्लान हो या शाम की हल्की भूख यह चाट हर मौके पर फिट बैठती है. सामग्री मखाना – 1 कप दही – 1/2 कप (फेंटा हुआ) हरी चटनी – 1 टेबल स्पून इमली की चटनी – 1 टेबल स्पून सेंधा नमक – स्वाद अनुसार लाल मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच बारीक कटा हुआ खीरा – 1/4 कप बारीक कटा हुआ सेब – 1/4 कप बारीक कटा हुआ टमाटर – 1/4 कप भुनी हुई मूंगफली – 1 टेबल स्पून विधि मखानों को घी में सेंधा नमक डालकर हल्का सा भून लें. फेंटे हुए दही में हरी चटनी, इमली की चटनी, लाल मिर्च पाउडर और सेंधा नमक मिलाएं. भुने हुए मखानों को दही मिश्रण में डालकर अच्छे से मिला लें. इसमें कटा हुआ खीरा, सेब, टमाटर, और भुनी हुई मूंगफली डालें. धनिया पत्तियों से सजाकर तुरंत परोसें. Also Read : Veg Spring Roll Recipe: ऐसे बनाएं लजीज और कुरकुरे वेज स्प्रिंग रोल्स,हर बाइट में मिलेगा मजा Also Read : Sattu Cheela Recipe : गर्मियों के लिए बेस्ट है सत्तू चीला, जानें हेल्दी रेसिपी Also Read : Instant Rice Flour Dosa Recipe: बस 5 मिनट में ऐसे बनाएं कुरकुरे और स्वादिष्ट चावल के आटे के डोसे Also Read : Moringa Paratha Recipe: सहजन के पत्तों से बनाएं टेस्टी और हेल्दी पराठा,नोट करें रेसिपी Also Read : Leftover Rice Recipes: बचे हुए चावल से बनाएं क्रिस्पी कटलेट्स,कुछ मिनटों में होगा तैयार Also Read :Mango Pickle Recipe: कच्चे आम से ऐसे बनाएं चटपटा अचार,हर कोई मांगेगा बार-बार The post Makhana chaat Recipe: स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बो, बनाएं मखाने से चटपटी चाट appeared first on Naya Vichar.

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Video: केरल में हेडगेवार के नाम पर भारी बवाल, पलक्कड़ नगर निगम में BJP, LDF और UDF पार्षद आपस में भिड़े

Kerala Palakkad Municipal Corporation: केरल के पलक्कड़ नगरपालिका में झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें बीजेपी, एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) और यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) के पार्षदों के बीच झड़प की घटनाएं नजर आ रही हैं. वीडियो में दिख रहा है कि हॉल में मौजूद पुलिसकर्मी दोनों समूहों को अलग करने और उन्हें बाहर ले जाने की कोशिश करते दिख रहे हैं. #WATCH | Palakkad, Kerala: Ruckus in the Palakkad Municipal Corporation meeting after Congress and Left parties objected to naming a centre for the disabled after RSS leader KB Hedgewar Amid the ruckus, the ruling BJP has passed the resolution. pic.twitter.com/IKE6SZ122I — ANI (@ANI) April 29, 2025 एलडीएफ और यूडीएफ पार्षदों ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया एलडीएफ और यूडीएफ पार्षद हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया. उनके तख्तियों पर अंग्रेजी में लिखा था, “हू इज दिस हेडगेवार”. पार्षदों ने मलयालम में लिखी तख्तियां भी ली हुई थीं जिसमें भाजपा से उसके इस कदम के लिए माफी मांगने की मांग की गई थी. बीजेपी पार्षद भी अपनी तख्तियां लेकर आए थे, जिसमें उन्होंने कहा कि वे पलक्कड़ में ‘जिन्ना स्ट्रीट’ नहीं चाहते हैं और चाहते हैं कि इसका नाम बदलकर ‘कलिक्कारा स्ट्रीट’ रखा जाए, जो कि इसका मूल नाम है. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाए और अपनी तख्तियां लहराईं. बाद में उनके बीच झड़प में बदल गई और पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें अलग किया. इसके बाद, दोनों पक्षों ने हॉल के बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखा. पलक्कड़ नगर पालिका के उपाध्यक्ष ने क्या बताया? पलक्कड़ नगर पालिका के उपाध्यक्ष और भाजपा नेता कृष्ण दास ने कहा, “पलक्कड़ नगर पालिका दिव्यांगों के लिए एक कौशल विकास केंद्र शुरू करना चाहती थी, उस समारोह को भी कांग्रेस और सीपीएम ने बाधित किया. आज, यहां परिषद की बैठक हुई और अध्यक्ष ने उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन उन्होंने न केवल मामले पर चर्चा करने से इनकार कर दिया, बल्कि यूडीएफ और एलडीएफ ने पूरी कार्यवाही को बाधित कर दिया, उन्होंने हंगामा किया. उन्होंने अध्यक्ष के साथ हाथापाई करने की कोशिश की और उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. पलक्कड़ नगर पालिका में पूरी तरह अराजकता थी और इसके लिए यूडीएफ और एलडीएफ जिम्मेदार हैं.” The post Video: केरल में हेडगेवार के नाम पर भारी बवाल, पलक्कड़ नगर निगम में BJP, LDF और UDF पार्षद आपस में भिड़े appeared first on Naya Vichar.

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सरायकेला में पशु तस्करों का भंडाफोड़, छापेमारी में 140 से अधिक मवेशी बरामद

सरायकेला, अजय महतो: सरायकेला-खरसावां जिले के दलभंगा ओपी क्षेत्र से पुलिस की टीम ने आज मंगलवार को छापेमारी कर करीब 143 मवेशी बरामद किये. बरामद किए गए पशुओं का बाजार मूल्य करीब 1 करोड़ बताया जा रहा है. पुलिस की इस कार्रवाई से पशु तस्करों में भय का माहौल है. CRPF कैंप परिसर में रखे गये सभी मवेशी जानकारी के अनुसार कुचाई के सीमावर्ती इलाकों में पहाड़ियों की तलहटी क्षेत्रों से पुलिस की टीम ने बैलों को बरामद किया है. बरामद किए गए सभी बैलों को दलभंगा स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में रखा गया है. हालांकि छापेमारी में कितने बैलों की बरामदगी हुई है और कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है, फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें अक्सर मवेशी लेकर बंगाल आते-जाते थे तस्कर पशु तस्कर जंगली क्षेत्र का सहारा लेकर लगातार पश्चिमी सिंहभूम जिले से सरायकेला-खरसावां जिला के कुचाई, रांची जिले के तमाड़, और फिर सरायकेला के चांडिल क्षेत्र से होते हुए बंगाल की ओर अक्सर मवेशी लेकर आते-जाते हैं. इसकी शिकायत लगातार पुलिस अधीक्षक को मिल रही थी. गुप्त सुचना के आधार पर ही उक्त कार्रवाई हुई. इसे भी पढ़ें Rain Alert: गुमला वालों सावधान! अगले 3 घंटे में गरज और आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश LPG Price Today: आज 29 अप्रैल को झारखंड के किन शहरों में मिल रहा है सबसे सस्ता एलपीजी सिलेंडर Maiya Samman Yojana: आधार सीडिंग के लिए शिविर में उमड़ी स्त्रीओं की भारी भीड़, लगी लाभुकों की लंबी कतार The post सरायकेला में पशु तस्करों का भंडाफोड़, छापेमारी में 140 से अधिक मवेशी बरामद appeared first on Naya Vichar.

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Preity Zinta: प्रीति जिंटा के बच्चों का धर्म क्या है? नास्तिक हैं पति

Preity Zinta: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रीति जिंटा हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने फैंस के साथ बातचीत करती नजर आईं. इस दौरान उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए, लेकिन एक फैन के सवाल पर वह थोड़ी नाराज हो गईं. दरअसल, एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या वह भविष्य में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ने वाली हैं? इस सवाल से प्रीति थोड़ी असहज हो गईं और उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी बात स्पष्ट की. प्रीति ने कहा कि सोशल मीडिया पर आजकल लोग बिना किसी जानकारी के दूसरों के बारे में निष्कर्ष निकालने लगे हैं. उन्होंने लिखा, “मैं पहले भी साफ कर चुकी हूं और अब भी वही कह रही हूं – मंदिर जाने या कुंभ मेले में शामिल होने का ये मतलब नहीं कि मैं नेतृत्व में आ रही हूं. मैं हिंदुस्तानीय हूं और मुझे अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व है. विदेश में रहते हुए मैंने अपने देश की अहमियत को और गहराई से समझा है, और अब हिंदुस्तान से जुड़ी हर चीज़ मेरे लिए और भी कीमती हो गई है.” Preity zinta जब फैन ने प्रीति की प्रतिक्रिया पर अपनी सफाई दी और कहा कि उनका इरादा किसी तरह की आलोचना करने का नहीं था, बल्कि वे केवल जानना चाहते थे, तो प्रीति ने एक बार फिर जवाब दिया. उन्होंने लिखा कि अगर उनका जवाब किसी को कठोर लगा हो तो वह माफी मांगती हैं. उन्होंने आगे कहा, “इस तरह के सवालों से मुझे मानसिक रूप से झटका लगता है. मैं मां बन चुकी हूं और विदेश में रहते हुए चाहती हूं कि मेरे शिशु अपनी हिंदुस्तानीय जड़ों से जुड़े रहें. चूंकि मेरे पति नास्तिक हैं, इसलिए मैं अपने बच्चों को हिंदू धर्म के बारे में सिखाने की कोशिश करती हूं.” इसे भी पढ़ें: खतरा! 2 दिन 10 राज्य, भारी बारिश-आंधी-तूफान प्रीति ने यह भी कहा कि दुख की बात है कि जब वह अपने बच्चों को उनके धर्म और संस्कृति के बारे में सिखाती हैं, तो उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ता है. उन्होंने महसूस किया कि बार-बार उन्हें अपने इरादों को स्पष्ट करना पड़ता है, जो थकाऊ और पीड़ादायक है. इसके साथ ही उन्होंने बातचीत को सकारात्मक मोड़ देते हुए फैन को प्यार और शुभकामनाएं भेजीं. गौरतलब है कि प्रीति जिंटा ने साल 2016 में अमेरिका के जीन गुडएनफ से शादी की थी, जो एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं. शादी के कुछ वर्षों बाद उन्होंने सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों का स्वागत किया. फिलहाल, प्रीति अपने परिवार के साथ विदेश में रह रही हैं, लेकिन अपने देश, धर्म और संस्कृति के प्रति उनका जुड़ाव पहले से कहीं ज्यादा गहरा है. इसे भी पढ़ें: हिंदू मां-बहनों-बेटियों को बचा लीजिए पीएम साहब, लाचार पाकिस्तानी हिंदू की अपील, देखें वीडियो The post Preity Zinta: प्रीति जिंटा के बच्चों का धर्म क्या है? नास्तिक हैं पति appeared first on Naya Vichar.

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Akshaya Tritiya 2025: बिना सोना खरीदे भी बनाएं अक्षय तृतीया को यादगार

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया को हिन्दू संस्कृति में एक महत्वपूर्ण और लाभकारी तिथि माना जाता है. इस दिन किसी नए कार्य की शुरुआत, निवेश या खरीदारी को ‘अक्षय’ अर्थात् कभी समाप्त न होने वाले भाग्य के रूप में देखा जाता है. हालांकि, यदि इस वर्ष सोना खरीदना संभव नहीं है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. आप कुछ अन्य वस्तुएं भी खरीद सकते हैं जो न केवल शुभ हैं, बल्कि आपकी आवश्यकताओं और भविष्य के लिए भी लाभकारी हो सकती हैं. चांदी के सिक्के या बर्तन चांदी को पवित्र और शुद्ध धातु के रूप में देखा जाता है. लक्ष्मी-गणेश के सिक्के या पूजा के बर्तन खरीदना शुभ फल प्रदान करता है. तांबे या पीतल के पूजन-सामान घर के मंदिर के लिए नया कलश, घंटी, या दीपक खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. भूमि या प्रॉपर्टी में निवेश यदि आपकी योजना दीर्घकालिक है, तो अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर संपत्ति, भूमि या घर की बुकिंग करना भविष्य के लिए लाभकारी हो सकता है. इलेक्ट्रॉनिक सामान या घर के उपकरण इस दिन कोई आवश्यक घरेलू सामान, जैसे कि फ्रिज, वॉशिंग मशीन या अन्य उपकरण खरीदना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह परिवार की सुख-सुविधा और समृद्धि से संबंधित है. शिक्षा या हेल्थ इंवेस्टमेंट कोर्स, किताबें, स्वास्थ्य जांच योजनाओं या बीमा में निवेश करना भी दीर्घकालिक लाभ प्रदान करता है. दान और सेवा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दिन गरीबों को अनाज, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है. अक्षय तृतीया का महत्व अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है. इस दिन दान और पुण्य का महत्व अत्यधिक होता है। अपनी सामर्थ्यानुसार गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए. इस दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है. अक्षय तृतीया पर श्रद्धा के साथ पूजा और दान करने से जीवन में भौतिक सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. The post Akshaya Tritiya 2025: बिना सोना खरीदे भी बनाएं अक्षय तृतीया को यादगार appeared first on Naya Vichar.

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