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April 29, 2025

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Kaimur News : जिले के 46 खतरनाक ब्लैक स्पॉट, जो अप्रैल महीने में लील गयीं 14 जिंदगियां

भभुआ सदर. जिले में आये दिन सड़क हादसों में लोग अपनी जान गवां रहे हैं. इन हादसों में कुछ तो वाहनों की ओवर स्पीड, अतिक्रमण, तो कई प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं. केवल इस साल के चल रहे अप्रैल महीने की ही बात करें, तो 14 मौत एनएच दो, चैनपुर-भभुआ और मोहनिया-भभुआ मुख्य सड़क, रामगढ़, मोहनिया, कुदरा,पुसौली आदि स्थानों पर हो चुकी हैं. जबकि, इस साल 2024 के जनवरी महीने से सड़क दुर्घटनाओं में कुल 80 लोगों की जान जा चुकी है. इसमें जनवरी में 15 मौत, फरवरी महीने में सबसे अधिक 33 मौत, मार्च महीने में 15 मौतें हो चुकी है. दरअसल, जिले में सबसे ज्यादा खतरनाक ब्लैक स्पॉट एनएच टू पर है, जहां सर्वाधिक हादसे होते हैं. खासकर, दुर्गावती के डहला मोड़ से लेकर कुदरा के भभुआ कुदरा मोड़ तक की सड़क पर जगह-जगह ब्लैक स्पॉट चिह्नित है. इधर, एनएच टू के बाद भभुआ-मोहनिया एनएच 219 भी सड़क दुर्घटनाओं के मामले में खतरनाक हो चुकी है, जहां केवल अप्रैल महीने में ही आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. बावजूद जिला प्रशासन या फिर परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस लगातार हो रही इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है. गौरतलब है कि जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच टू पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं. एनएच होने के कारण अक्सर भारी व मालवाहक ट्रक सहित छोटे वाहन तेजी से फर्राटे भरते हुए निकलते है. अधिक रफ्तार के कारण अधिकांश दुर्घटनाएं घटित होती हैं या कभी-कभी यातायात के नियमों का पालन न करना भी जानलेवा साबित हो जाता है. दूसरी तरफ दुर्गावती से लेकर कुदरा तक जगह-जगह अंडरपास की व्यवस्था नहीं होने के कारण भी एनएच पार करने के दौरान लोग दुर्घटना के शिकार हो जा रहे हैं. =इन वजहों से हो रही हैं सड़क दुर्घटनाएं सड़क दुर्घटना के पीछे वाहनों की तेज रफ्तार, अंधा या तेज मोड़, बिना संकेतक लगे चौराहे के साथ, हाइवे के कट्स के साथ रोड पर बने गड्ढे सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं. इन वजहों से जिन स्थानों पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है. इसके अलावा चालकों की लापरवाही, गलत साइड से प्रवेश करना, अधिक रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, सड़कों की खराब स्थिति, जर्जर वाहन, ओवरटेक, यातायात नियमों का पालन नहीं करना, डेंजर प्वाइंट पर साइन बोर्ड न होना, हाइवे या मेन सड़क पर बने अनियमित कट, बिना प्रशिक्षण के तैनात ट्रैफिक जवान, पुल और बड़े नालों के पास रेलिंग न होना, बिना हेलमेट व कम उम्र के बच्चों के हाथ में बाइक भी सड़क हादसों के मुख्य वजह बन रहे है. =भभुआ में 21 व मोहनिया अनुमंडल में 25 ब्लैक स्पॉट चिह्नित =भभुआ अनुमंडल : सारंगपुर मोड़, मरीचांव गेट, सोनहन- सिलौटा मोड़, अंबेडकर कालोनी, बेलांव-बसुहारी मोड़, बेलांव बाजार मोड़, करमचट-बगही नहर, आरडी 84, सबार गांव के पास, भगवानपुर- भैरवपुर गांव के पास, हनुमान घाटी, अधौरा पहाड़ी घाटी, अधौरा-धरती माई मोड़, जलेबिया मोड़, औखरगाड़ा मोड़, चैनपुर – परईया मोड़, हजरा पुल, करजी से गेहूंआ गांव तक, कुशहरिया गांव और पुल, चांद- अईलाया मोड़, चांद नहर पुल रामगढ़. =मोहनिया अनुमंडल : नुआंव-पंजराव मोड़, कुदरा-पुसौली बाजार मोड़, चिलबिली मोड़, सकरी मोड़, लालापुर से बनभोज होटल तक, बघेल स्कूल से पुसौली बाजार, चिलबिली से करमा मोड़, लालापुर ओवरब्रीज से बनभोज होटल, पंचपोखरी से भगीना होटल, नाथोपुर से अमिरथा, खुर्माबाद से पछाहगंज तक दुर्गावती-धेनक्षा मोड़, पीपरी मोड़, भरसिंघा मोड़, चेहरिया से कल्याणपुर विद्यालय तक, बिछिया स्कूल से शेखाडीह बाबा, दहला से दुर्गावती थाना, महादेव होटल से डिडखिली, कुलहड़िया मोड़ से भेरिया, अनपूर्णा होटल से धनेक्षा, खजुरा काली माता के पास, रोहिया से मड़हिया गांव तक, कल्याणपुर से चेहरियां तक, धनेक्षा से महमूदगंज तक, शारदा ब्रजराज, पटना मोड़ से बरेज तक,दसौती नहर, लहुरबारी बहुआरा, स्वास्तिक होटल से एमपी कॉलेज तक, पानापुर से शहीद बाबा टेकरा तक, संजीवनी अस्ताल के पास से पटना मोड़ व चांदनी चौक मोहनिया. =जिले के सबसे अधिक दुर्घटना बाहुल्य वाले क्षेत्र -नुआंव व रामगढ़ में गर्रा मोड़, पनसेरवा मोड़, डहरक पुल, कान्ही मोड़, रामगढ़ नुआंव सड़क पर सिसौड़ा त्रिमुहानी, नुआंव टेढी पुल के समीप. -चैनपुर में भभुआ-चांद सड़क पर परैया मोड़, चैनपुर नहर कॉलोनी के सामने संकरी पुल, हजरा पुल, अमाव के समीप ननना मोड़. -रामपुर में भभुआ-सबार सड़क पर सोनरा व बसुहारी मोड़. -दुर्गावती में एनएच टू से निकले मरहिया व डहला मोड़, धनेच्छा उच्च विद्यालय के समीप स्थित महमुदगंज. -भभुआ-कुदरा सड़क पर टेढ़वा मोड़ व भभुआ-चांद सड़क पर परैया मोड़, परसिया के समीप. -मोहनिया में एनएच 2 पर देवकली, स्वास्तिक होटल के पास, एमपी काॅलेज के पास, पटना मोड़, मुठानी पुसौली पावरग्रिड स्थल. =जनवरी से 30 अप्रैल तक हुए 99 सड़क दुर्घटनाओं में 80 लोगों की जा चुकी है जान माह सड़क दुर्घटना मौतें घायल जनवरी 22 15 11 फरवरी 35 33 58 मार्च 28 18 19 अप्रैल 14 14 11 डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Kaimur News : जिले के 46 खतरनाक ब्लैक स्पॉट, जो अप्रैल महीने में लील गयीं 14 जिंदगियां appeared first on Naya Vichar.

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मगध विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का आंदोलन शुरू

गया न्यूज : कर्मियों ने पहले चरण में काला बिल्ला लगा किया कामकाज 20 मई से शुरू हो जायेगी तालाबंदी वरीय संवाददाता, बोधगया. मगध विश्वविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के आह्वान पर मुख्यालय कर्मियों ने मंगलवार को काला बिल्ला लगा कर कामकाज किया. संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि सात अप्रैल को 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन कुलपति को सौंपा गया था. इस पर वार्ता के लिए समय मांगा गया, लेकिन कुलपति द्वारा समय नहीं दिया गया. उन्होंने बताया कि 14 सूत्री मांगों में स्वीकृत रिक्त पदों पर प्रोन्नति, नौ चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की प्रोन्नति की अधिसूचना, चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को मार्च महीने से कोटी वेतन का लाभ, अनुकंपा समिति की बैठक बुलाने, जर्जर आवासों की मरम्मत तथा मरम्मत होने तक आवास भत्ता और मेंटेनेंस चार्ज रोकने, 20 दिसंबर 2000 के बाद नियुक्त कर्मियों का पटना उच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में वेतन सत्यापन कराने, मेन गेट के पास फोर लेन पर ब्रेकर की व्यवस्था करने, अतिरिक्त कार्य के लिए पूर्व की तरह जलपान भत्ता की अनुमति, परिसर के आवासों से अवैध लोगों को निकालने, कर्मियों का परिचय पत्र बनाने, 2005 के बाद नियुक्त कर्मियों के भविष्य निधि की राशि एनपीएस खाते में जमा करने, सभी एनपीएस खाता धारकों का प्रान कार्ड निर्गत करने तथा प्रशाखा पदाधिकारियों की पदस्थापन मुख्यालय में करने की मांग शामिल हैं. महासचिव दीपक कुमार ने कहा कि इन मांगों पर कुलपति द्वारा वार्ता के लिए समय नहीं दिये जाने के कारण संघ कार्यकारिणी के 24 अप्रैल की बैठक में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का निर्णय किया गया है. इसके तहत 29 व 30 अप्रैल को काला बिल्ला लगा कर कामकाज करने, सात व आठ मई को कलमबंद हड़ताल करने, 14 व 15 मई को सामूहिक अवकाश तथा 20 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल व तालाबंदी का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मगध विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का आंदोलन शुरू appeared first on Naya Vichar.

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4900 से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवारों को मिला 100 करोड़ रुपये का मुआवजा

संवाददाता, पटनाबिहार ने सड़क हादसों में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के मामले में पूरे देश में एक मिसाल कायम की है.हिट एंड रन सड़क दुर्घटना में अब तक 4,935 पीड़ितों के आश्रितों को मुआवजा दिया गया है. इसके तहत जेनरल इंश्योरेंस काउंसिल , मुंबई द्वारा बिहार राज्य को (पीड़ित के अश्रितों के खाते में) लगभग 100 करोड़ रुपये का मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है. सड़क दुर्घटना पीड़ितों के त्वरित न्याय और सहायता के लिए राज्य प्रशासन तत्पर परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि इस योजना से बिहार में हजारों ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता मिली है, जिनके लिए सड़क दुर्घटना न केवल एक त्रासदी थी, बल्कि जीवन जीने के साधनों का भी अंत हो गया था उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन की कोशिश है कि दुर्घटना के पीड़ितों को तुरंत न्याय, सहायता मिले. सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता मिले. इसके लिए जिलों से और जीआईसी, मुंबई से समन्वय कर लगातार मुख्यालय स्तर से निगरानी की जा रही है. कई जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान दर विभाग के मुताबिक हिट एंड रन सड़क दुर्घटना मुआवजा प्राप्त करने में कई जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर दिया है. मुंगेर 89 प्रतिशत, जहानाबाद 86 प्रतिशत, अरवल 86 प्रतिशत, मोतिहारी 82 प्रतिशत और रोहतास 81 प्रतिशत.वहीं गया, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, सहरसा, जमुई, कैमूर, सुपौल, नवादा, कटिहार जिलों द्वारा भी 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान दर प्राप्त कर दूसरे जिलों के लिए प्रेरणा का कार्य किया है. हिट एंड रन सड़क दुर्घटना में मृतक के आश्रित को 2 लाख रुपये का मुआवजा विभाग के मुताबिक हिट एंड रन सड़क दुर्घटना में मृतक के आश्रित को दो लाख रुपये, गंभीर रुप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है. वहीं, विभाग ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया है कि ऐसे किसी भी मामले में पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाये. फाइल को लंबित नहीं रखें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post 4900 से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवारों को मिला 100 करोड़ रुपये का मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

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Kaimur News : अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को जल्द मिलेगी इसीजी व अल्ट्रासाउंड की सुविधा

मोहनिया शहर. सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों को अब हृदय रोग से संबंधित शुरुआती जांच व अल्ट्रासाउंड के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी. अब मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को इसीजी जांच व अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी. इसको लेकर विभाग द्वारा तैयारी की जा रही है. इसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसीजी सेवा पीपीपी मोड में शुरू की जायेगी. जबकि, अनुमंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन पहुंच गयी है. मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की सुविधा को देखते हुए पहले डिजिटल एक्सरे पीपीपी मोड़ में शुरू की गयी, जिसका मरीजों को लाभ भी मिल रहा है. अब विभाग द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल में इसीजी जांच की सुविधा शुरू की जा रही है .इसको लेकर एजेंसी द्वारा अस्पताल में एक कमरे की मांग की गयी है. यहां कमरा उपलब्ध होने के बाद बहुत जल्द इसीजी जांच शुरू की जायेगी. जबकि, अल्ट्रासाउंड के लिए भी विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है. इसमें फिलहाल अल्ट्रासाउंड की मशीन अस्पताल पहुंच गयी है, जिसे अस्पताल प्रशासन द्वारा एक कमरे में रखा गया है. वरीय अधिकारी के निर्देश के बाद चालू करने पर पहल की जायेगी. #मरीजों को समय व पैसे की होगी बचत मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में इसीजी और अल्ट्रासाउंड शुरू होने के बाद गरीब मरीज को काफी सुविधा मिलेगी, जहां बाहर में मनमाने कीमती पर अल्ट्रासाउंड और इसीजी कराने को मजबूर थे. लेकिन अब इसीजी और अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू होने के बाद काफी सुविधा होगी. इसीजी और अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू होने से न सिर्फ समय पर बीमारी की पहचान हो सकेगी. बल्कि ग्रामीण मरीजों को समय और पैसे की भी बचत होगी. स्वास्थ्य विभाग की यह पहल मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस पहल से अब मरीजों को समय पर जांच और इलाज मिलने की संभावना बढ़ेगी. साथ ही यह सुविधा गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जो अब तक महंगी जांच की वजह से समय पर इसीजी और अल्ट्रासाइंड नहीं करा पाते थे. #क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ विजय कुमार ने बताया की अनुमंडलीय अस्पताल में इसीजी चालू करने के लिए कमरे की मांग की गयी है. एक्सरे कक्ष की बगल में कमरे की व्यवस्था की जा रही है, जो पीपीपी मोड में संचालित किया जायेगा. जहां तक अल्ट्रासाउंड की बात है, तो मशीन आयी है. इसे रखने के लिए बोला गया है. अल्ट्रासाउंड चालू होगा या नहीं, इसके बारे में वरीय अधिकारी ही बता सकते हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Kaimur News : अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को जल्द मिलेगी इसीजी व अल्ट्रासाउंड की सुविधा appeared first on Naya Vichar.

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विवि और मेडिकल कॉलेज के प्रवेश द्वार को लेकर विवाद

आरा. जीरो माइल स्थित वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के नूतन परिसर में आवंटित जगहों पर बन रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है. गत दिनों विवि के कुलानुशासक के मेडिकल कॉलेज के द्वारा अवैध निर्माण को लेकर सदर एसडीएम के यहां पत्राचार किया था. उक्त आलोक के आधार पर मंगलवार को सदर एसडीएम और उदवंतनगर के अंचलाधिकारी मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे. विवि के कुलानुशासक के कार्यालय में चली बैठक मंगलवार को एसडीएम (सदर) रश्मि सिन्हा और उदवंतनगर के सीओ हरिकेश त्रिपाठी वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के नूतन परिसर पहुंचे, जहां विवि के कुलानुशासक लाल बाबू के कार्यालय में संयुक्त रूप से बैठक चली. बैठक का सिलसिला करीब एक घंटे तक चला. एसडीएम रश्मि सिन्हा ने दोनों पक्षों का कागज को देखा. उन्होंने एक सप्ताह के अंदर उदवंतनगर के सीओ को नापी के कागजात और फाइल कर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है. विवि और मेडिकल कॉलेज के प्रवेश द्वार को लेकर है विवाद विवि के कुलानुशासक लाल बाबू सिंह कुलसचिव प्रो रणविजय कुमार एवम सीनेट सदस्य संतोष तिवारी ने बताया कि विवि का प्रवेश द्वार अपना है. अगर मेडिकल कॉलेज के द्वारा हस्तक्षेप कर अतिक्रमण करते हुए निर्माण कराया जाता है, तो विवि जिलाधिकारी से लेकर बिहार प्रशासन के मुखिया नीतीश कुमार से मिलने का काम करेगा और विवि की जमीन पर बने प्रवेश द्वार से मेडिकल कॉलेज की ओर से छेड़छाड़ ना करें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post विवि और मेडिकल कॉलेज के प्रवेश द्वार को लेकर विवाद appeared first on Naya Vichar.

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अब एक क्लिक पर मिलेगी भू-अर्जन परियोजनाओं की जानकारी

संवाददाता, पटना राज्य में भू-अर्जन परियोजनाओं की जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी. इसके लिए मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशालय के तत्वावधान में मंगलवार को विभागीय मंत्री के कक्ष में मंत्री संजय सरावगी और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने एम आई एस पोर्टल लांच किया. इस दौरान मंत्री श्री सरावगी ने कहा कि राज्य में लोकहित की विभिन्न केंद्रीय और राजकीय परियोजनाओं के निर्माण के लिए विभिन्न भू-अर्जन अधिनियमों के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है.मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की समीक्षा और भू-अर्जन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाने के लिए भू-अर्जन निदेशालय ने एमआईएस पोर्टल विकसित किया है. इसके माध्यम से किसी परियोजना विशेष की समीक्षा तत्काल रूप से की जा सकेगी. साथ ही भू-अर्जन में त्रुटियों और समस्याओं का निराकरण कर कार्रवाई समय पर पूरी की जा सकेगी. अभी राज्य में पटना मेट्रो, विभिन्न हवाई अड्डों, विभिन्न एक्सप्रेसवे समेत रेलवे की कई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है. इस पोर्टल के लांच होने से हर स्तर पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी कंप्यूटर-लैपटॉप पर ही मिल जाएगी. परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मिलेगी मदद अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि भू-अर्जन की कई परियोजनाएं चल रही हैं. पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुई है. अभी हमलोग नियमित रूप से बैठक कर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. एमआईएस पोर्टल से अब परियोजनाओं की विवेचना काफी आसान होगी. इससे सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी. इन परियोजनाओं में हो रहा भू-अर्जन (1) पटना मेट्रो परियोजना (रकवा-85 एकड़ लगभग)(2) पटना मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) परियोजना-(रकवा-105 एकड़ लगभग) (3) विक्रमशिला विश्वविद्यालय निर्माण परियोजना (रकवा-205 एकड़ लगभग) (4) एनएच, एनएचएआइ, मोर्थ और पथ निर्माण विभाग के अधीन सड़क निर्माण से संबंधित परियोजना (5) रेलवे की विभिन्न परियोजनाएं (डीएफसीसीआईएल सहित) (6) सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की आउट पोस्ट और चौकी निर्माण से संबंधित विभिन्न परियोजना (7) हवाई अड्डा निर्माण (गया, दरभंगा एवं पूर्णिया) से संबंधित परियोजना (8) जल संसाधन विभाग की तटबंध व गाइड बांध निर्माण, मरम्मतिकरण इत्यादि के लिए भू-अर्जन की परियोजनाएं (9) एम्स दरभंगा के निर्माण के लिए लगभग 37 एकड़ भूमि डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post अब एक क्लिक पर मिलेगी भू-अर्जन परियोजनाओं की जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Sarkari Naukri: बिहार में जल नगर समेत कई विभागों में बंपर वैकेंसी, सैलरी 1.5 लाख से ज्यादा

Bihar Sarkari Naukri: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने असिस्टेंट इंजीनियर (AE) पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के तहत सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल ब्रांच के कुल 1,024 पद भरे जाएंगे. आवेदन की प्रक्रिया 30 अप्रैल 2025 से शुरू होगी और अंतिम तारीख 28 मई 2025 है. यहां आप जाॅब डिटेल से लेकर आवेदन संबंधित पूरी जानकारी देख सकते हैं. BPSC AE Recruitment-असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती: (Bihar Sarkari Naukri) उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नोटिफिकेशन देख सकते हैं और दिए गए समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. BPSC AE Recruitment असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती: (Bihar Sarkari Naukri) की जानकारी इस प्रकार है- सिविल इंजीनियरिंग: 984 पद मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 36 पद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 4 पद यह भी पढ़ें- Railway Sarkari Naukri 2025: प्रशासनी नौकरी पाने की जंग! RRB Group D की 1 पोस्ट पर 300 से अधिक आवेदन, पूरी संख्या देख उड़ जाएंगे होश ये है योग्यता (BPSC AE भर्ती 2025) जो उम्मीदवार BPSC AE भर्ती में आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए। यह डिग्री AICTE से मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से होनी चाहिए. अगर किसी ने इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की परीक्षा के सेक्शन A और B पास किए हैं या वह संस्थान के एसोसिएट मेंबर हैं तो वे भी आवेदन के पात्र हैं. अगर डिग्री किसी गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान या केवल डिस्टेंस लर्निंग से ली गई है, तो उसे मान्य नहीं माना जाएगा. BPSC AE Recruitment के लिए उम्र सीमा और छूट आवेदक की उम्र 21 साल से कम नहीं होनी चाहिए। अधिकतम उम्र सीमा नोटिफिकेशन में दी गई कट-ऑफ डेट के अनुसार तय की जाएगी। SC, ST, OBC और अन्य आरक्षित वर्गों को प्रशासनी नियमों के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी। यह भी पढ़ें- NEET UG 2025: 4 मई को नीट यूजी…सेंटर बढ़े, सिक्योरिटी टाइट! छात्रों के लिए परीक्षा से पहले बड़ा अपडेट सहायक अभियंता पद 2025 के लिए आवेदन करने के स्टेप्स सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं होमपेज पर, सहायक अभियंता 2025 आवेदन लिंक पर क्लिक करें पंजीकरण करें और आवेदन प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ें फाॅर्म भरें, फीस का भुगतान करें और फाॅर्म जमा करें भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रिंटआउट लें. BPSC AE Recruitment सैलरी (Government Job in Bihar)  BPSC AE Recruitment कंप्लीट होने के बाद कैंडिडेट्स को लेवल-9 और ग्रेड पे 5400/ के मुताबिक प्रतिमाह सैलरी दी जाएगी. इसमें मूल वेतन और अन्य भत्ते शामिल हैं जो समय-समय पर अपडेट किए जाते हैं. The post Bihar Sarkari Naukri: बिहार में जल नगर समेत कई विभागों में बंपर वैकेंसी, सैलरी 1.5 लाख से ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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Security: पहलगाम हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा को लेकर बैठकों का दौर जारी

Security: पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद केंद्र प्रशासन हर स्तर पर कदम उठा रही है. दिल्ली में उच्च-स्तरीय बैठकों का दौर जारी है. पहलगाम हमले के बाद उपजे सुरक्षा हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक अहम बैठक हुई. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गयी. साथ ही आतंकवादी हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया गया. सूत्रों का कहना है कि बैठक में जम्मू-कश्मीर के प्रमुख स्थानों के साथ ही सामरिक महत्व के इलाकों में सुरक्षा को मजबूत करने, सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करने पर विचार किया गया. जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ चल रहा है सख्त अभियान पहलगाम हमले के बाद केंद्र प्रशासन की ओर से जम्मू-कश्मीर में आतंक विरोधी अभियान को तेज कर दिया गया है. स्थानीय आतंकियों, स्लीपर सेल और वित्तीय मदद पहुंचाने वाले लोगों और संगठनों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. राज्य में सेना, अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस मिलकर खुफिया जानकारी के आधार पर सघन अभियान चला रही है. इसके अलावा खुफिया एजेंसियां आतंकी नेटवर्क पर बारीक नजर बनाए हुए है. पहलगाम हमले के बाद सेना और अर्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.  हर संभावित खतरे से निपटने के निर्देश दिल्ली में गृह मंत्रालय कश्मीर की मौजूदा स्थिति को लेकर अर्धसैनिक बलों के साथ लगातार बैठक कर जरूरी निर्देश जारी कर रहा है. पाकिस्तान के साथ तनाव को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को हर संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. सीमा सुरक्षा बल को सीमा पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाने और संभावित खतरे से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की खुली छूट देने की बात सामने आयी है. केंद्र प्रशासन ने सेना को भी पूरी तरह अलर्ट कर दिया है. आने वाले समय में पाकिस्तान के खिलाफ उठाए जाने वाले कदम के बाद उपजे हालात से निपटने की रणनीति तैयार हो रही है.  पीएम आवास पर उच्चस्तरीय बैठक मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,सीडीएस अनिल चौहान, तीनों सेना प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में  इस  बैठक में मौजूदा सामरिक स्थिति का आकलन करने की बात कही जा रही है.  The post Security: पहलगाम हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा को लेकर बैठकों का दौर जारी appeared first on Naya Vichar.

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Sitaare Zameen Par: ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर नहीं हुआ टाइम पर रिलीज, जानें क्या है कारण

Sitaare Zameen Par: फिल्मों के ट्रेलर का इंतजार फैंस बड़ी बेसब्री से करते हैं, खासकर जब बात हो आमिर खान की किसी नई फिल्म की. इसी तरह ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर भी इस हफ्ते रिलीज होने वाला था, लेकिन अब इसे अचानक टाल दिया गया है. इससे जुड़ी वजह भी दिल को छू लेने वाली है, जो आमिर खान और उनकी टीम की संवेदनशीलता को दर्शाती है. हौसलों की उड़ान ‘सितारे जमीन पर’ फिल्म साल 2007 की सुपरहिट फिल्म ‘तारे जमीन पर’ का सीक्वल है. पहली फिल्म में एक ऐसे शिशु की कहानी दिखाई गई थी, जो पढ़ाई में कमजोर था और समाज में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करता है. उस फिल्म ने दर्शकों के दिलों को छू लिया था और एक जरूरी सामाजिक मुद्दे को उठाया था. अब इस नई फिल्म में भी कुछ ऐसा ही संदेश देखने को मिलेगा. ‘सितारे जमीन पर’ विकलांग लोगों की जिंदगी और उनके संघर्ष की कहानी है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ लोग भी सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं. फिल्म में कैसा होगा आमिर खान का किरदार आमिर खान ने हाल ही में चीन के एक फैन क्लब से बात करते हुए फिल्म के बारे में कहा कि ‘सितारे जमीन पर’ ‘तारे जमीन पर’ से 10 कदम आगे है. इस बार फिल्म का मूड हल्का-फुल्का और हंसी से भरपूर होगा. आमिर ने बताया कि यह फिल्म विकलांग लोगों की कहानी पर बनी जरूर है, लेकिन इसमें हास्य, प्यार और दोस्ती का तड़का भी है. उन्होंने यह भी कहा कि ‘तारे जमीन पर’ ने दर्शकों को रुलाया था, लेकिन ‘सितारे जमीन पर’ उन्हें हसाएंगी. यानी इस बार आमिर खान एक नए अंदाज में नजर आने वाले हैं. हमले के बाद थमा फिल्मी शोर 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया. इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए. इस दर्दनाक घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री ने भी संवेदनशीलता दिखाई है. आमिर खान की टीम ने ट्रेलर लॉन्च टाल दिया, वहीं कई कलाकारों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए. गायक अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपने म्यूजिक कॉन्सर्ट स्थगित कर दिए, और सलमान खान ने भी अपनी यूके यात्रा रद्द कर दी. यह सभी कदम इस बात को दर्शाते हैं कि फिल्मी दुनिया भी देश के दुख में साथ खड़ी है. यह भी पढ़े: Kesari Veer: सुनील शेट्टी की ‘केसरी वीर’ का ट्रेलर हुआ लॉन्च, योद्धा अवतार में दिखे सूरज पंचोली The post Sitaare Zameen Par: ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर नहीं हुआ टाइम पर रिलीज, जानें क्या है कारण appeared first on Naya Vichar.

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बिहार की बेटी ने विदेश में जीता सांसदी का चुनाव, पूर्व में रह चुकी हैं प्रधानमंत्री 

बिहार के बक्सर जिले के भेलपुर गांव की बेटी कमला प्रसाद बिसेसर ने अपने जिले के साथ ही पूरे देशभर के लोगों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. त्रिनिदाद-टोबैगो देश में कमला प्रसाद-बिसेसर के नेतृत्व वाली पार्टी यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस को जीत मिली है. इस जीत के बाद उनका दोबारा  त्रिनिदाद-टोबैगो की प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. कमला प्रसाद-बिसेसर पहले भी रह चुकी हैं प्रधानमंत्री  कैरेबियायी सागर क्षेत्र के देश त्रिनिदाद-टोबैगो में साल 2010 से 2015 तक कमला प्रसाद-बिसेसर वहां की पहली प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. साल 2010 में उन्होंने यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस की नेतृत्वक नेता के रुप में बासदेव पांडे को हराया था और प्रधानमंत्री बनी थीं. 28 अप्रैल को हुआ था चुनाव  त्रिनिदाद-टोबैगो देश में सोमवार 28 अप्रैल को चुनाव हुआ था, जिसमें सता पार्टी के नेता स्टुअर्ट यंग की  पीपल्स नेशनल मूवमेंट और कमला प्रसाद-बिसेसर के नेतृत्व वाली पार्टी यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला था. इस चुनाव में यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस ने 41 में से 25 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया है और एक बार फिर वह प्रधानमंत्री बन सकती हैं.  जानिए कहां है त्रिनिदाद-टोबैगो त्रिनिदाद और टोबैगो एक द्वीपीय देश है, जो कैरेबियन सागर में स्थित है. इसमें दो मुख्य द्वीप त्रिनिदाद और टोबैगो. यह देश दक्षिण अमेरिका के उतर-पूर्वी तट के पास स्थित है और इस देश का सबसे नजदीकी पड़ोसी देश वेनेजुएला है. त्रिनिदाद और टोबैगो में भी संसदीय लोकतंत्र है.  बिहार से है कमला का गहरा संबंध कमला प्रसाद-बिसेसर का बिहार से पारिवारिक संबंध है. उनके पिता पंडित राम लखन मिश्रा बक्सर जिले के इटाढ़ी प्रखंड के भेलपुर गांव से थे. जानकारी के मुताबिक वे मजदूरी के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो गये थे और वहीं बस गये. कमला खुद ही कहती हैं कि उनके पूर्वज हिंदुस्तान की संस्कृति से जुड़े थे, इसलिए हिंदुस्तान उनके भी जीवन का एक हिस्सा है. साल 2012 में कमला ने अपने पूर्वजों के गांव  भेलपुर का दौरा कर वहां के लोगों को संबोधित भी किया था.  Heartiest congratulations @MPKamla on your victory in the elections. We cherish our historically close and familial ties with Trinidad and Tobago. I look forward to working closely with you to further strengthen our partnership for shared prosperity and well-being of our people. — Narendra Modi (@narendramodi) April 29, 2025 पीएम मोदी ने दिया कमला को बधाई त्रिनिदाद-टोबैगो देश में कमला प्रसाद-बिसेसर के नेतृत्व वाली पार्टी यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस को जीत मिलने के बाद हिंदुस्तान के प्रधानमंभी नरेंद्र मोदी ने उन्हें जीत की बधाई दी है. यह बधाई पीएम मोदी ने अपने एक्स पर ट्वीट के माध्यम से दी है. उन्होंने लिखा कि – ” एमपी कमला प्रसाद-बिसेसर आपको चुनाव में आपकी जीत पर हार्दिक बधाई. त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ हमारे पुराने और पारिवारिक रिश्ते हमारे लिए बहुत खास हैं. मैं आपके साथ मिलकर दोनों देशों के लोगों की भलाई के और तरक्की के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हूं.” बिहार की बेटी @MPKamla जी को त्रिनिदाद और टोबैगो में चुनाव जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। कमला प्रसाद बिसेसर जी, जो त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली स्त्री प्रधानमंत्री रह चुकी हैं, बिहार के बक्सर जिले के भेलपुर गांव से संबंध रखती हैं। आपकी यह जीत हिंदुस्तान और त्रिनिदाद-टोबैगो के… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 29, 2025 बिहार के डिप्टी सीएम ने भी दी बधाई कमला प्रसाद-बिसेसर की पार्टी  यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस को त्रिनिदाद-टोबैगो देश में जीत मिलने के बाद बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी उन्हें ट्वीट के माध्यम से बधाई दी है. उन्होंने लिखा कि बिहार की बेटी कमला प्रसाद-बिसेसर जी को त्रिनिदाद और टोबैगो में चुनाव जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. कमला प्रसाद बिसेसर जी, जो त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली स्त्री प्रधानमंत्री रह चुकी हैं, बिहार के बक्सर जिले के भेलपुर गांव से संबंध रखती हैं. आपकी यह जीत हिंदुस्तान और त्रिनिदाद-टोबैगो के कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगी.”- हर्षित कुमार इसे भी पढ़ें: Bihar Special Train: गर्मी की छुट्टी में घर जाने के लिए आसानी से मिलेगा टिकट, इतने शहरों में चल रही है स्पेशल ट्रेन The post बिहार की बेटी ने विदेश में जीता सांसदी का चुनाव, पूर्व में रह चुकी हैं प्रधानमंत्री  appeared first on Naya Vichar.

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