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May 6, 2025

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Neet Ug Exam 2025: नीट यूजी में इस बार लीक और रद्द नहीं, इस कारण से परेशान हुए स्टूडेंट, छा गए मीम्स

Neet Ug Exam 2025: जब भी नीट यूजी की परीक्षा होती है, तो किसी न किसी कारण से यह चर्चा का विषय बन जाती है. कभी इसका कारण होता है प्रश्नपत्र का लीक हो जाना, तो कभी पेपर रद्द होने की वजह से यह चर्चा में रहता है. लेकिन इस बार तो नीट यूजी की परीक्षा इस कदर चर्चा में है कि सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है. इस मीम्स में यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि इस बार के नीट यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र काफी कठिन था. चार अप्रैल को हुई थी नीट यूजी 2025 की परीक्षा देशभर में चार मई को नीट यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में देशभर के करीब 20 लाख से भी ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे. लेकिन जब शिशु परीक्षा देकर अपने सेंटर के बाहर आये तो उनका कहना था कि कई विषयों के प्रश्नपत्र को हल करना इस बार उनके लिए काफी कठिन रहा. जिसके बाद लगातार नीट परीक्षा के हार्ड पेपर से जुड़े मीम्स वायरल हो रहे हैं. मीम्स में फिजिक्स के पेपर को दिखाया जा रहा हार्ड नीट यूजी परीक्षा से जुड़े जो मीम्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, उसमें फिजिक्स विषय को कठिन दिखाया जा रहा है. इसके जरिए यह बताने की कोशिश की जा रही है कि इस बार की परीक्षा में फिजिक्स के प्रश्नपत्र काफी कठिन थे, जिसे हल करने में छात्रों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. एक मीम्स में दिखाया गया है कि इस विषय के पेपर आए और सिर के ऊपर से चले गये. टीचर्स भी बता रहे प्रश्नपत्र को कठिन नीट यूजी की परीक्षा देकर लौटे स्टूडेंट तो पेपर हार्ड होने की बात कह ही रहे हैं, साथ ही जिन टीचर्स ने इन्हें पढ़ाया है, उनका भी कहना है कि इस बार के प्रश्नपत्र काफी मुश्किल थे. शिक्षकों का कहना है कि नीट की परीक्षा में जो फिजिक्स के प्रश्नपत्र थे, वे इंजीनियरिंग की परीक्षा जेईई से भी हार्ड थे. पिछले साल इस कारण से चर्चा में एक तरफ जहां नीट यूजी 2025 की परीक्षा को लेकर यह कहा जा रहा है कि प्रश्नपत्र कठिन थे, वहीं पिछले साल भी नीट यूजी का रिजल्ट काफी चर्चा में था. इसका कारण यह था कि पिछले साल 2024 में कई विद्यार्थियों के 720 में से कुल 720 अंक आये थे. ऐसे में मीम्स के जरिए कई छात्र इस बार के आए कठिन प्रश्नपत्र के बाद यह कह रहे हैं कि इस बार संभव ही नहीं है कि किसी का भी 700 से एक नंबर भी ज्यादा आ जाए. The post Neet Ug Exam 2025: नीट यूजी में इस बार लीक और रद्द नहीं, इस कारण से परेशान हुए स्टूडेंट, छा गए मीम्स appeared first on Naya Vichar.

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रांची के बाजारों में सस्ती हुई सब्जियां, आलू, प्याज और टमाटर के भाव भी गिरे

Ranchi News : राजधानी रांची के बाजारों में इन दिनों प्याज की कीमत में भारी गिरावट आयी है. केवल प्याज ही नहीं बल्कि आलू, टमाटर समेत विभिन्न सब्जियां भी बाजार में सस्ती हो गयी है. थोक में प्याज का भाव 13 से 14 रुपए किलो है. जबकि सादा आलू 13 रुपए और लाल आलू 18 रुपए किलो बिक रहा है. इसके टमाटर बाजार में 10 रुपए किलो के भाव से बिक रहा है. रोज 15 से 20 ट्रक आलू आ रहा रांची बाजारों में मध्प्रदेश और महाराष्ट्र से प्याज आ रहे हैं. इसके अलावा स्थानीय प्याज की भी आवक शुरू हो गयी है. इसी कारण बाजार में प्याज की कीमत काफी घट गयी है. हर घर में इस्तेमाल होने वाले आलू की बात करें तो सादा आलू कोलकाता से और लाल आलू उत्तर प्रदेश से आ रहा है. हर दिन औसतन 15 से 20 ट्रक आलू रांची पहुंच रहे हैं. इसके अलावा बाजार में लहसुन 90 रुपए किलो के भाव से बिक रहा है. फिलहाल लहसुन मध्य प्रदेश और राजस्थान से रांची आ रहा है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें मौसमी सब्जियां हुई सस्ती आलू, प्याज के अलावा मौसमी सब्जियों की कीमत भी बाजार में गिरी है. इन दिनों भिंडी, टमाटर, खीरा, करेला, लौकी समेत अन्य कई सब्जियों की कीमत में गिरावट आयी है. अभी रांची के बाजारों में सब्जियां 20 से 30 रुपए किलो के भाव से बिक रहा है. वहीं फूल गोभी 30 से 40 रुपए किलो बिक रह है. इसे भी पढ़ें Samvidhan Bachao Rally: रांची में मोदी प्रशासन पर बरसे खरगे, पूछा- आतंकी हमले की आशंका थी, तो अलर्ट क्यों नहीं किया? झारखंड का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, जहां रोजाना 100 से अधिक ट्रेनों का होता है आवागमन प्रशासनी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिये झारखंड प्रशासन करेगी सहयोग, देगी इतने लाख रूपये का बीमा The post रांची के बाजारों में सस्ती हुई सब्जियां, आलू, प्याज और टमाटर के भाव भी गिरे appeared first on Naya Vichar.

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BIG BREAKING NEWS: चाईबासा में पटेल बंधु के घर जीएसटी का छापा

GST Raid in Chaibasa| चाईबासा, सुनील कुमार सिन्हा : पश्चिमी सिंहभूम से एक बड़ी समाचार आ रही है. चाईबासा में पटेल बंधु के घर जीएसटी का छापा पड़ा है. मनोज पटेल और मुन्ना पटेल के हिंदी न्यू कॉलोनी मोहल्ला स्थित पटेल बंधु आवास पर जीएसटी की टीम ने छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि पटेल बंधु की राइस मिल एवं स्टोन चिप्स की फैक्ट्री है. दोपहर पूर्व शुरू की गयी इस छापेमारी में जमशेदपुर एवं कोलकाता के जीएसटी अधिकारी एवं सहायक शामिल हैं. अधिकारियों ने दोपहर का भोजन पटेल बंधु के आवास पर ही किया. इसके लिए जीएसटी की टीम ने बाहर से भोजन और पानी के बोतल मंगवाये थे. समाचार लिखे जाने तक छापेमारी जारी है. किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने या अंदर के किसी व्यक्ति को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. छापेमारी जारी है. विस्तृत समाचार की प्रतीक्षा है. इसे भी पढ़ें 6 मई को इस शहर में मिलेगा सबसे सस्ता एलपीजी सिलेंडर, अपने शहर का रेट यहां चेक करें Viral Video: पाकुड़ और लातेहार में चलने लगी दार्जीलिंग जैसी टॉय ट्रेन! वायरल वीडियो का Fact Check PHOTOS: धनबाद की ऐसी ट्रेन, फटी सीट पर बैठने को विवश यात्री, गंदगी की भरमार, पानी भी नहीं घुसो पाकिस्तान में, घसीटकर लाओ उन हत्यारों को, जिन्होंने हमारे लोगों को मारा है, रांची में गरजीं अलका लांबा The post BIG BREAKING NEWS: चाईबासा में पटेल बंधु के घर जीएसटी का छापा appeared first on Naya Vichar.

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शराब पीने वाले ये 5 जरूरी बातें जान लें, नहीं तो होगा पछतावा

Alcohol Drinking Tips: डॉक्टर्स हेल्दी लाइफ के लिए हमेशा शराब पीने से बचने की सलाह देते हैं. इसके बावजूद लोग पार्टी या किसी खास मौके पर इसका सेवन जरूर करते हैं. कई लोग ऐसे भी हैं जो इसका नियमित तौर पर सेवन करते हैं. वे इसे छोड़ने की कोशिश तो करते हैं लेकिन छोड़ नहीं पाते हैं. लेकिन अगर आप इसे छोड़ नहीं पा रहे हैं तो कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है. शराब पीने से पहले और बीच में जरूर कुछ न कुछ खाएं खाली पेट शराब पीने से बचना चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से शराब तेजी से ब्लडस्ट्रीम में तेजी से जाएगा. जिससे जल्दी नशा होने लगेगा. लेकिन अच्छी तरह से भोजन करने के बाद यह शराब के अवषोषण को धीमा कर देता है. शराब पीने के बाद भी अच्छा भोजन करें. शराब पीते समय क्या खाना चाहिए शरीब पीते समय कई लोग नमकीन स्नैक्स खाते हैं. लेकिन इससे बचना चाहिए. इसकी जगह आप मखाने, ड्राइफ्रूट, मूंगफली, सलाद खा सकते हैं. साथ ही शराब पीने से पहले अच्छी तरह से पानी जरूर पी लें. Also Read: Unique Baby Names: आपके छोटे से गुलाब के लिए सबसे सुंदर नामों की लिस्ट शराब पीते समय शर्त लगाने से बचें शराब पीने के दौरान कई लोग शर्त लगाते हैं कि कौन अधिक पियेगा. या फिर कई लोग बगैर पानी के शराब पीते हैं. जो सही नहीं है. हाल के दिनों कर्नाटक से ऐसी समाचारें सामने आयी थी, जिसमें एक युवक ने नीट पांच बोतल शराब पी ली. जिससे उसकी मौत हो गयी. लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए. इसके अलावा शराब को एनर्जी ड्रिंक के साथ पीने से बचें क्योंकि इससे अधिक नुकसान होता है. धीरे से पिएं शराब कई लोग शराब को तेजी से पीकर खत्म करना चाहते हैं. लेकिन ऐसा करना अधिक नुकसानदेह है. क्योंकि शरीर प्रति घंटे केवल एक स्टैंडर्ड ड्रिंक को ही प्रोसेस कर सकता है. लेकिन अगर आप तेजी से पियेंगे बीएसी यानी कि बल्ड एल्कोहल लेवल अधिक होगा. न करें नियमित तौर पर शराब का सेवन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लोगों को नियमित तौर पर शराब का सेवन नहीं करना चाहए. वहीं, हफ्ते में 10 से अधिक ड्रिंक नहीं करना चाहिए और एक दिन में चार ड्रिंक से अधिक नहीं पीना चाहिए. Also Read: Travel: ककोलत जलप्रपात: एक ऐसा झरना जहां कृष्ण भी नहाने आया करते थे The post शराब पीने वाले ये 5 जरूरी बातें जान लें, नहीं तो होगा पछतावा appeared first on Naya Vichar.

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Railway News: रेलवे विभाग ने जारी की अधिसूचना, लालकुआं से कोलकाता के बीच थावे होकर चलेगी सुपरफास्ट एक्सप्रेस

Railway News: रेलवे ने लालकुआं से छपरा होते हुए कोलकाता जाने-आने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा दी है. इन यात्रियों के लिए साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है. 05060/05059 लालकुआं-कोलकाता-लालकुआं स्पेशल ट्रेन कप्तानगंज, पडरौना, तमकुही रोड, थावे, छपरा, सीवान होते हुए कोलकाता तक चलेगी. यह ट्रेन लालकुआं से 15 मई से 26 जून तक प्रत्येक गुरुवार को तथा कोलकाता से 17 मई से 28 जून तक प्रत्येक शनिवार को 07 फेरों के लिए चलेगा. 05060 लालकुआं-कोलकाता ग्रीष्मकालीन साप्ताहिक विशेष गाड़ी 15 मई को लालकुआं से 13:35 बजे प्रस्थान करेगी और किच्छा से 13:57 बजे, भोजीपुरा से 15:10 बजे, पीलीभीत से 16:00 बजे, पूरनपुर से 17:05 बजे, मैलानी से 18:30 बजे, गोला गोकरननाथ से 18:55 बजे, गोरखपुर से 02:15 बजे, कप्तानगंज से 03:02 बजे, पडरौना से 04:02 बजे, तमकुही रोड से 04:52 बजे, थावे से 05:50 बजे, सीवान से 06:55 बजे होकर आसनसोल से 19:47 बजे, दुर्गापुर से 20:19 बजे, बर्द्धमान से 21:33 बजे, बैण्डेल से 22:25 बजे तथा नैहाटी से 22:55 बजे छूटकर कोलकाता 23:55 बजे पहुंचेगी. वहीं 05059 कोलकाता से 17 मई को 05:00 बजे प्रस्थान करेगी और नैहाटी से 05:50 बजे, बैंडेल से 06:17 बजे, वर्धमान से 07:35 बजे, दुर्गापुर से 08:38 बजे, आसनसोल से 09:13 बजे, चितरंजन से 09:38 बजे, छपरा से 21:40 बजे, सीवान से 22:35 बजे, थावे से 23:20 बजे, तमकुही रोड से 23:55 बजे, दूसरे दिन पडरौना से 00:32 बजे, कप्तानगंज से 01:32 बजे, गोरखपुर से 02:45 बजे, लालकुआं 15:45 बजे पहुंचेगी. Also Read: Bihar News: पिता के पास कोचिंग की फीस देने के लिए नहीं था पैसा, बेटी ने आत्महत्या कर छोड़ दी दुनिया The post Railway News: रेलवे विभाग ने जारी की अधिसूचना, लालकुआं से कोलकाता के बीच थावे होकर चलेगी सुपरफास्ट एक्सप्रेस appeared first on Naya Vichar.

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Rafale Source Code: भारत को राफेल का ‘सीक्रेट कोड’ नहीं देगा फ्रांस? वजह जान हो जाएंगे हैरान! 

Rafale Source Code: चीन और पाकिस्तान से बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच हिंदुस्तानीय वायुसेना अपनी युद्धक क्षमता को और अधिक मजबूत करने में जुटी है. इसी रणनीति के तहत हिंदुस्तान प्रशासन फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों के सोर्स कोड को हासिल करने की कोशिश कर रही है. हिंदुस्तान का उद्देश्य है कि इन अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को स्वदेशी हथियार प्रणालियों से लैस किया जा सके, ताकि विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम हो और हिंदुस्तान की रक्षा प्रणाली और अधिक आत्मनिर्भर बन सके. राफेल फाइटर जेट की निर्माण कंपनी डसॉल्ट एविएशन से हिंदुस्तान ने पहले ही 36 राफेल विमानों की खरीद ‘प्रशासन से प्रशासन’ समझौते के तहत की थी. इनकी डिलीवरी पूरी हो चुकी है और अब ये विमान हिंदुस्तानीय वायुसेना के सबसे आधुनिक और ताकतवर बेड़े का हिस्सा हैं. हाल ही में हिंदुस्तान ने नौसेना के लिए 26 और राफेल विमान खरीदने की मंजूरी भी दे दी है. ऐसे में इन विमानों की क्षमताओं को हिंदुस्तान की जरूरतों के अनुसार अनुकूलित करना जरूरी हो गया है. हिंदुस्तान ने फ्रांस से मांग की है कि उसे राफेल का सोर्स कोड उपलब्ध कराया जाए, जिससे हिंदुस्तान इन विमानों में अपनी घरेलू हथियार प्रणालियों को शामिल कर सके. उदाहरण के लिए, हिंदुस्तान अपने स्वदेशी ASTRA Mk-1 मिसाइल और स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAAW) को राफेल में फिट करना चाहता है, जो बिना सोर्स कोड के संभव नहीं है. सोर्स कोड एक तरह से विमान का “दिमाग” होता है, जिससे इसके मिशन कंप्यूटर, रडार सिस्टम, और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली जैसे क्रिटिकल सॉफ्टवेयर कंट्रोल होते हैं. लेकिन इस तकनीकी जानकारी को साझा करने को लेकर फ्रांस अब तक तैयार नहीं है. रिपोर्टों के अनुसार, डसॉल्ट एविएशन का तर्क है कि सोर्स कोड को विकसित करने में वर्षों की मेहनत और भारी निवेश हुआ है. यह उनका बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) है, जिसे साझा करने से उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी ऑटोनॉमी प्रभावित हो सकती है. फ्रांस को यह भी डर है कि अगर एक बार हिंदुस्तान को यह कोड दे दिया गया, तो राफेल खरीदने वाले अन्य देश जैसे कतर, मिस्र, इंडोनेशिया भी यही मांग कर सकते हैं. इससे कंपनी की नीति पर वैश्विक दबाव बन सकता है. इसे भी पढ़ें: कसम कुरान की हिंदुस्तान हमला करे तो देंगे साथ, पाकिस्तान में बगावत! वीडियो देखें इसके अलावा फ्रांस को साइबर सुरक्षा और भू-नेतृत्वक जोखिमों की भी चिंता है. हिंदुस्तान और चीन के बीच लगातार तनाव की स्थिति, और पाकिस्तान के साथ रिश्तों को देखते हुए फ्रांस को आशंका है कि सोर्स कोड की संवेदनशील जानकारी कहीं लीक न हो जाए या रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिये उसकी तकनीक की नकल न हो जाए. इस डर की वजह से फ्रांस ने हिंदुस्तान को एक वैकल्पिक समाधान सुझाया है एक संयुक्त तकनीकी टीम के जरिये सीमित सहयोग, जिसमें सोर्स कोड पूरी तरह साझा किए बिना कुछ हिंदुस्तानीय हथियारों का एकीकरण संभव हो सकेगा. गौरतलब है कि हिंदुस्तान ने अतीत में भी फ्रांस से मिराज-2000 फाइटर जेट खरीदे थे, लेकिन दशकों बाद भी उसके लिए सोर्स कोड नहीं मिला. नतीजा यह है कि आज भी हिंदुस्तान को मिराज में कोई भी हिंदुस्तानीय हथियार प्रणाली जोड़ने के लिए फ्रांसीसी मदद की जरूरत पड़ती है. यही कारण है कि हिंदुस्तान अब राफेल के मामले में शुरुआत से ही पूरी तकनीकी स्वतंत्रता चाहता है. हिंदुस्तान का यह कदम “आत्मनिर्भर हिंदुस्तान” पहल के तहत भी महत्वपूर्ण है. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें सॉफ्टवेयर, तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स पर नियंत्रण भी जरूरी है. अगर हिंदुस्तान को राफेल का सोर्स कोड मिल जाता है, तो वह अपनी वायुसेना को चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के खिलाफ अधिक लचीला, तेज और प्रभावी बना सकेगा खासकर लद्दाख जैसे उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की स्थिति में. हालांकि फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है. दोनों देशों के बीच इस संवेदनशील मुद्दे पर बातचीत जारी है. देखना यह होगा कि फ्रांस हिंदुस्तान के साथ किस स्तर तक तकनीकी साझेदारी करने को तैयार होता है और क्या हिंदुस्तान अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करते हुए फ्रांस को इस दिशा में सहमत कर पाएगा. इसे भी पढ़ें: बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास पर चार नए मामले, अदालत ने फिर से गिरफ्तारी का आदेश दिया The post Rafale Source Code: हिंदुस्तान को राफेल का ‘सीक्रेट कोड’ नहीं देगा फ्रांस? वजह जान हो जाएंगे हैरान!  appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: लापता मासूम का नहीं मिल रहा सुराग, मां-बाप ने लगाई मदद की गुहार

Bihar News: कैमूर जिले के खजुरा पंचायत के सरैया गांव से एक मासूम बच्चा करीब एक महीने पहले चोरी हो गया था. इतने दिनों बाद भी पुलिस शिशु को तलाशने में नाकाम रही. यह घटना दुर्गावती थाना क्षेत्र की है. बताया गया है कि 13 अप्रैल को सरैया गांव के विक्की यादव का 18 महीने का बेटा आर्यन यादव कर्मनाशा बाजार से अज्ञात चोरों द्वारा चुरा लिया गया था. अब तक शिशु का पता नहीं चल पाया है. मां-बाप ने लगाई मदद की गुहार लापता मासूम शिशु की मां ने दुर्गावती ने थाने में आवेदन कर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है. मां का कहना है कि उसका बच्चा लगभग एक महीने पहले चोरी हुआ, लेकिन अब तक पुलिस उसे नहीं ढूंढ पाई है. वह डर और गम में इधर-उधर भटक रही है, लेकिन पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही. मां ने कहा, “अगर मुझे कुछ हो गया तो इसकी ज़िम्मेदार पुलिस होगी.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मुखिया ने जताई नाराजगी इस मामले में खजुरा पंचायत के मुखिया संजय मल्होत्रा भी नाराज दिखे. उन्होंने बताया कि शिशु की मां उनसे मदद मांगने आई थी. उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा, “यह बहुत दुख की बात है कि एक महीना हो गया, लेकिन मासूम चिराग (आर्यन यादव) का अब तक कोई सुराग नहीं है. पुलिस इस मामले में लापरवाह दिख रही है. अगर जल्द ही शिशु को बरामद नहीं किया गया, तो मैं थाने का घेराव करूंगा और जबरदस्त आंदोलन करूंगा.” इस मामले में दुर्गावती थाना प्रभारी गिरीश कुमार ने कहा कि पीड़ित स्त्री का आवेदन मिला है और जल्द ही शिशु को खोजने की कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: Bihar News: नीट पेपर लीक का बांग्लादेश कनेक्शन! अररिया से मेडिकल छात्र गिरफ्तार The post Bihar News: लापता मासूम का नहीं मिल रहा सुराग, मां-बाप ने लगाई मदद की गुहार appeared first on Naya Vichar.

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बाघ या शेर… कौन है जंगल का असली राजा? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, वीडियो वायरल

Real King of Jungle: जंगल का राजा शेर को कहा जाता है, लेकिन कुछ लोग बाघ को जंगल का असली राजा मानते हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने सोशल मंच पर एक बहस छेड़ दी है कि जंगल का असली राजा कौन है… बाघ या शेर. वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. साथ लो हजारों लोगों ने बाघ या शेर में से किसी को राजा करार दे रहा है. कई लोगों का कहना है कि शेर ही जंगल का राजा है तो कई लोगों ने बाघ को जंगल का असली राजा माना है. शेर की तरह ही ताकतवर होता है बाघ हालांकि बाघ भी शेर से किसी मायने में कम नहीं है. ताकत, आकार, फुर्ती, खूंखारता किसी में भी यह शेर से कम नहीं है. बल्कि आकार में बाघ शेर से थोड़ा बड़ा ही होता है और वजन भी शेर से ज्यादा होता है. ऐसे में कुछ लोगों का दावा है कि बाघ जंगल का असली राजा है. Tiger: the real king of the Jungle!! pic.twitter.com/Z2usXhB7J6 — Nature is Amazing ☘️ (@AMAZlNGNATURE) May 2, 2025 क्या है वीडियो में? सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में बाघ की ताकत को दिखाया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि बाघ का शरीर इतना लचीला होता है कि अपने शिकार को 360 डिग्री में घूमकर वो दबोच लेता है. वाघ की दांत पैनी, लंबी और बेहद मजबूत होती है. उसके पंजों में इतनी ताकत होती है कि किसी भी जानकर के शरीर को चीर सकती है. अपने पंजे के दम पर वो सीधी पिलर की तरह लकड़ी के खंभे में चढ़ सकता है. वायरल हो रहा वीडियो वायरल हो रहे वीडियो को सोशल मीडिया एक्स के प्लेटफॉर्म पर @AMAZlNGNATURE के आईडी से शेयर किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है Tiger: the real king of the Jungle!! इसमें दिख रहा है की नदी की एक तरफ से दूसरी तरफ बाघ बड़े आराम से एक ही छलांग में पहुंच जाता है. अपने पंजे के दम पर वो सीधी पिलर की तरह लकड़ी में चढ़ सकता है. बड़े से बड़े शिकार को भी वो आसानी से चित्त कर देता है. सोशल मीडिया में छिड़ी नई बहस इस वीडियो को लाखों लोगों ने पसंद किया है. अब तक वीडियो को 15 लाख से ज्यादा लोगों ने देख लिया है. हजारों लोगों ने इस पर कमेंट किया है. लेकिन इसके साथ ही इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है कि जंगल का असली राजा कौन है बाघ या शेर. यूजर्स अलग-अलग कमेंट कर रहे हैं. किसी बाघ को तो किसी ने शेर को जंगल का राजा करार दिया है. एक यूजर ने लिखा ‘कुछ भी हो लेकिन जंगल का असली राजा शेर होता है.’ एक अन्य यूजर ने लिखा ‘शेर जंगल का राजा है.’ वहीं बाघ को चाहने वालों ने लिखा ‘बाघ का वजन शेर से कहीं ज्यादा होता है और यह काफी मायने रखता है.’ सोशल मीडिया में बाघ और शेर को लेकर जंग छिड़ी हुई है. आपकी राय में कौन है जंगल का असली राजा…? Also Read: Viral Video: बाल-बाल बचा! शिशु के सामने अचानक आ गया तेंदुआ, टल गया बड़ा खतरा, वायरल हो रहा वीडियो The post बाघ या शेर… कौन है जंगल का असली राजा? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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घर का कोना-कोना हो जाएगा ठंडा, सस्ते में घर ले आयें ये Portable AC, Amazon पर इतनी है कीमत

Portable AC: मार्केट में आप एसी खरीदने जाते हैं तो आपको विंडो और Split AC दो तरह के एसी ऑप्शन मिलते हैं. विंडो एसी लगवाने के लिए आपके रूम में खिड़की होनी चाहिए और अगर नहीं है तो फिर खिड़की के लिए तोड़-फोड़ करनी पड़ती है. वहीं, Split AC के लिए भी आपको दीवार पर ड्रिल करनी पड़ती है. ऐसे में पूरे कमरे का लुक ही तोड़-फोड़ के कारण खराब हो जाता है. लेकिन अगर आप चाहे तो बिना तोड़-फोड़ के भी एसी की ठंडी हवा का मजा ले सकते हैं. जी हां, मार्केट में अब आपकी सुविधा के लिए पोर्टेबल एसी भी आ गए हैं. जिसे लगवाने के लिए न तो आपको तोड़-फोड़ करनी होगी. लेकिन पोर्टेबल एसी को खरीदने के लिए अन्य एसी के मुकाबले आपको थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. सिर्फ 1299 में मिल जाएगी गर्मी से छुट्टी, अभी ऑर्डर कर लें ये Portable AC, बिजली बिल की भी नहीं होगी टेंशन पोर्टेबल एसी के फायदे अगर आप पोर्टेबल एसी खरीदते हैं तो फिर आपको इसे लगवाने के लिए दीवारों पर तोड़-फोड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बस आपको प्लग-इन करना है और ठंडी हवा का मजा लेना है. साथ ही इसमें पहिये लगे होने के कारण इसे आप जहां चाहे वहां आसानी से सेट कर सकते हैं. घर से लेकर ऑफिस तक में आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. Cruise 1 Ton Portable AC Amazon के समर सेल में Cruise कंपनी के Portable AC पर 17% तक का डिस्काउंट मिल रहा है. जिससे इसकी कीमत 40,900 रुपये से घटकर 33,990 रुपये हो गई है. यह पोर्टेबल एसी 1 Ton का है. इस एसी पर आपको 1 साल की वारंटी मिलेगी. यह एसी 80 से 100 स्क्वायर फीट के कमरे को ठंडा कर सकता है. इस एसी में आपको 4-इन-1 मोड मिलेगा. जिसमें Dehumidifier, एयर प्यूरीफ़ायर और फैन है. साथ ही इसके ब्लू टेक कोटिंग और एंटी-बैक्टीरियल फिल्टर और कॉपर कंडेनसर आपको साफ और ठंडी हवा देंगे. Blue Star 1 Ton Portable AC Amazon के समर सेल में आप Blue Star के Portable AC खरीद सकते हैं. इस पोर्टेबल एसी की कीमत 33 हजार है. यह 1 Ton का है. इस एसी पर आपको 1 साल की वारंटी मिलेगी. यह एसी 80 से 120 स्क्वायर फीट के कमरे को ठंडा कर सकता है. कम बिजली खपत के साथ यह आपको बेहतर कुलिंग देगा. इस पोर्टेबल एसी में एंटीबैक्टीरियल डस्ट फ़िल्टर दिया गया है. AMFAH AMF-PDAC-18 Portable AC अगर आप ज्यादा टन वाला पोर्टेबल एसी खरीदना चाहते हैं तो फिर आपके लिए AMFAH AMF-PDAC-18 Portable AC सही रहेगा. AMFAH का Portable AC 1.5 टन का है. Amazon के समर सेल में इसकी कीमत 44,990 रुपये है. इस एसी में आपको 1 साल का वारंटी मिलेगा. इस एसी में आपको 4-इन-1 मोड मिलेगा. जिसमें Dehumidifier, फैन और Auto Modes हैं. साथ ही यह कम बिजली खपत में आपको बेहतर कुलिंग प्रदान करेगा. यह भी पढ़ें: नहीं पड़ेगी एसी-कूलर की जरूरत, इस टेक्नोलॉजी से गर्मी में भी ठंडा रहेगा घर यह भी पढ़ें: Ceiling Fan Buying Guide: सिर्फ डिजाइन देख कर न खरीदें सीलिंग फैन, यह 6 बातें भी जानना बहुत जरूरी The post घर का कोना-कोना हो जाएगा ठंडा, सस्ते में घर ले आयें ये Portable AC, Amazon पर इतनी है कीमत appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप के टैरिफ और टेररिस्ट अटैक से बेफिक्र है शेयर बाजार, मिसाइल का काम कर रहा SIP

SIP: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छेड़े गए टैरिफ वॉर और पहलगाम आतंकी हमले के बीच हिंदुस्तानीय शेयर बाजार बेफिक्र बना हुआ है. हालांकि, शेयर बाजार में लिवाली और बिकवाली बढ़ने से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है. इसके बावजूद, दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों के मुकाबले इसमें स्थिरता बरकरार है. इसकी दीर्घकालिक स्थिरता और बेफिक्री के पीछे सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) मिसाइल बनकर खड़ा है, जो चौतरफा हमले को अकेले संभाल रहा है. बाजार में उतार-चढ़ाव जारी सोमवार 5 मई 2025 को शुरू हुए कारोबारी सप्ताह के पहले दिन फॉरेन फंडों का निवेश जारी रहने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट की वजह से शेयर बाजारों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही. हालांकि, मंगलवार के शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव भरे रुझान देखने को मिले. हालांकि, कारोबार के आखिर में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 155.77 अंक या 0.19% गिरकर 80,641.07 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 81.55 अंक या 0.33% टूटकर 24,379.60 अंक पर बंद हुए. ऑटो कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन रहा बेहतर मंगलवार को शेयर बाजार के कारोबार में ऑटो कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा. प्रोग्रेसिव शेयर के निदेशक आदित्य गग्गर के अुनसार, मंगलवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा सेशन देखने को मिला. इसकी शुरुआत सपाट रही. उसके बाद गिरावट का दौर शुरू हो गया. सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला. उन्होंने कहा कि सेक्टर के हिसाब से देखें, तो ऑटो कंपनियों के शेयरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि बाकी सेक्टरों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. इसमें पीएसयू बैंक और रियल्टी सबसे ज्यादा गिरावट रही. बाजार की सुरक्षा में मिसाइल बना एसआईपी अमेरिकी टैरिफ वॉर और हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच गहराते तनाव के बीच भी हिंदुस्तानीय शेयर बाजार पर कोई खास प्रभाव नहीं देखने को नहीं मिल रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि एसआईपी (SIP) हिंदुस्तानीय शेयर बाजार के लिए मिसाइल बनकर खड़ा है. प्रसिद्ध पत्रकार मिलिंद खांडेकर लिखते हैं कि जब अक्टूबर 2008 में अमेरिकी आर्थिक महामंदी की वजह से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने हिंदुस्तानीय शेयर बाजार से करीब 16,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, तो बाजार 25% गिर गया था. साल 2025 के जनवरी महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 87,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की, तो बाजार 2 से 3% तक गिरा. इतनी बड़ी बिकवाली के बाद भी बाजार पर कम असर पड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण एसआईपी (SIP) है, जो बाजार के लिए मिसाइल का काम कर रहा है. शेयर बाजार के लिए मजबूत स्तंभ कैसे है एसआईपी अंग्रेजी के अखबार द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( NSE) में सूचीबद्ध शेयरों में से करीब 17.6% घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के पास है जबकि 17.2% विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास है. यह आंकड़े मार्च 2025 तक के है. अब एसआईपी (SIP) म्यूचुअल फंड में खुदरा निवेशकों के आने वाले पैसों ने विदेशी संस्थागत और घरेलू संस्थागत निवेशकों के सारे स्पोर्ट्स को ही पलटकर रख दिया है. साल 2010 में घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास 11% और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 14% शेयर थे. अप्रैल 2025 तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1.12 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की, मगर एनएसई का निफ्टी मजबूत बना हुआ है. इसका मतलब यह है कि हिंदुस्तानीय शेयर बाजार के लिए एसआईपी (SIP) मजबूत स्तंभ बना हुआ है और बाजार को अब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. इसे भी पढ़ें: म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो कब करना चाहिए रिबैलेंस? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट बाजार को संभाले रहते हैं घरेलू निवेशक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के आने से शेयरों की मांग बढ़ती है और भाव ऊपर जाते हैं, लेकिन उनकी बिकवाली से बाजार धराशायी भी हो जाता है. घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को संभाले रहते हैं. अगर घरेलू संस्थागत निवेशक न होते, विदेशी संस्थागत निवेशक हिंदुस्तानीय शेयर बाजार का हाल बुरा कर देते. मिलिंद खांडेकर आगे कहते हैं कि हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति वैसे भी घरेलू खपत से चलती है और अब शेयर बाजार में भी यही बात लागू हो रही है कि एसआईपी (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंडों में आने वाले खुदरा निवेशकों के पैसों ने बाजार को संभाल रखा है. इसे भी पढ़ें: ड्रीम11 से 4 करोड़ जीतने वाले मंगल सरोज को देना होगा Tax, वरना घर पहुंचेगा आयकर विभाग The post ट्रंप के टैरिफ और टेररिस्ट अटैक से बेफिक्र है शेयर बाजार, मिसाइल का काम कर रहा SIP appeared first on Naya Vichar.

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