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May 6, 2025

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Madhubani News : जानकी महानवमी पर निकाली भव्य शोभायात्रा

बेनीपट्टी. शिवनगर में हर्षोल्लास के साथ दो दिवसीय जानकी महोत्सव की शुरुआत हुई. महोत्सव की शुरुआत मंगलवार की सुबह भव्य कलश शोभा यात्रा निकालकर की गयी. कलश शोभायात्रा शिवनगर गांव स्थित माधव स्थल परिसर से चलकर महाहिंदुस्तानकाल से जुड़े बाबा गांडिवेश्वरनाथ महादेव स्थान पर पहुंचीं. जहां 251 कन्याओं व श्रद्धालुओं ने पवित्र तालाब से जल भर कर ब्रह्मस्थान, भगवती स्थान व बजरामबली मंदिर परिसर सहित विभिन्न गांव व टोले का परिभ्रमण करते हुए पुनः आयोजन स्थल तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश को निष्ठापूर्वक स्थापित कराया गया. इसके बाद मां जगत जननी जानकी की विधिवत पूजा अर्चना शुरू की गयी. बुधवार को लोक संस्कृति मंच के सुप्रसिद्ध मैथिल कलाकारों के द्वारा मिथिला के संस्कार व संस्कृति से जुड़ा कार्यक्रम प्रस्तुत कर संस्कृति के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए लोगों को प्रेरित किया. लोगों ने कहा कि शिवनगर गांव निवासी व बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति स्व. पंडित ताराकांत झा ने वर्ष 1983 में शुरू किये गये इस महोत्सव का पिछले 43 सालों से यहां आयोजन होता रहा है और आगे भी जारी रहेगा. वहीं आयोजन समिति के अध्यक्ष समीर झा, जजमान अनुकेश झा, पुरोहित सुमंत कुंवर, हरखित झा, संतोष झा, कमलेश पंडित, अनिल झा, अशोक झा, हर्ष आयुष, प्रिंस कुमार समेत अन्य लोगों ने कहा कि कई बार से स्थानीय लोगों द्वारा शिवनगर में मनाये जा रहे इस महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिये जाने की मांग बिहार प्रशासन से की जाती रही है. लेकिन अब तक इस पर कोई पहल नही हो सका है. कहा कि माता जानकी सिर्फ मिथिला ही नहीं बल्कि संपूर्ण राज्य व देश सहित विदेशों में भी पूजीं जातीं हैं. भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने में जगतजननी माता जानकी की ही महती भूमिका थी. माता जानकी हमारी संस्कृति व संस्कार की जननी हैं. माता जानकी के बिना भगवान श्री राम की कृति भी अधूरी है. उनके आदर्श से स्वतः नारी सशक्तीकरण का आदर्श स्थापित हुआ. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani News : जानकी महानवमी पर निकाली भव्य शोभायात्रा appeared first on Naya Vichar.

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Samastipur News:एचएम समेत सभी शिक्षक करेंगे एमडीएम प्रपत्र पर हस्ताक्षर

Samastipur News:समस्तीपुर : जिले के विद्यालयों में वर्ग एक से आठ तक में एमडीएम में फर्जी उपस्थिति को रोकने व योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों को रोजाना एमडीएम परोसने के बाद एक प्रपत्र में प्रतिदिन का प्रतिवेदन तैयार करना है. इस संदर्भ में अपर मुख्य सचिव व निदेशालय ने पत्र जारी कर निर्देशित किया है. जारी पत्र के मद्देनजर प्रतिदिन विद्यालयों द्वारा एमडीएम परोसने के बाद विद्यालय के एचएम व प्रभारी एचएम के साथ-साथ सभी उपस्थित शिक्षकों को विहित प्रपत्र में प्रमाण पत्र पर अपना हस्ताक्षर करना होगा. बताया जा रहा कि इस प्रपत्र को संबंधित तिथि के एमडीएम भोजन की सामग्रियों से संबंधित विपत्र के साथ संलग्न कर सुरक्षित रखना होगा. हालांकि इस संदर्भ में जारी निर्देश के बावजूद स्थानीय स्तर पर पूरी तरह से इसका पालन नहीं हो रहा. बताते चले कि कोई न कोई कारण बता कई शिक्षक हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं. ऐसे में इस बात को गंभीरता से लेते हुए पीएम पोषण योजना के पदाधिकारी ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. डीपीओ एमडीएम सुमित कुमार सौरभ ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि यदि किसी तिथि को संचालित एमडीएम की गुणवत्ता, मात्रा या बच्चों की संख्या से कोई शिक्षक असहमत हैं तो अपनी असहमति का कारण भी संबंधित प्रमाण पत्र पर अंकित करेंगे. संबंधित प्रमाण पत्र पर उपस्थित सभी शिक्षकों को अपना हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा, कोई शिक्षक अपना हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो उसे अनुपस्थित माना जायेगा. उन्होंने बताया कि एमडीएम से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रतिदिन तैयार करना है, ताकि बच्चों को इस योजना का पूरा लाभ मिल सके. इस प्रमाण पत्र के बिना एमडीएम योजना का कोई भी विपत्र मान्य नहीं होगा. प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से विद्यालय व स्वयं सेवी संस्था के विपत्र भुगतान में लागू करना सुनिश्चित करेंगे. पंजी में होती है खानापूर्ति जिले के प्रारंभिक स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत बच्चों को गरमा-गरम भोजन दिया जा रहा है. प्रथम से अष्टम वर्ग के पांच लाख से अधिक शिशु गरमा -गरम भोजन खा रहे हैं. लेकिन एमडीएम संचालित इन स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए चखना पंजी संधारित करना था लेकिन अधिकांश स्कूलों में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. एमडीएम तैयार होने के बाद सबसे पहले एचएम व रसोईया-सह- सहायक के द्वारा भोजन चखना था. भोजन चखने के बाद भोजन की गुणवत्ता व स्वाद के संबंध में पंजी पर टिप्पणी अंकित करना था. उसके बाद विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, माता समिति की सचिव, अन्य सदस्य व अभिभावकों के द्वारा भोजन चखने के बाद पंजी में अंकित था. एचएम व रसोईया के द्वारा चखे जाने के आधा घंटा बाद ही बच्चों के बीच गरमा गरम भोजन वितरित करना था. विद्यालय में संधारित गुणवत्ता-सह- निरीक्षण पंजी (चखना पंजी) में प्रतिदिन चखने वाले व्यक्ति का नाम, भोजन की गुणवत्ता संबंधी टिप्पणी अंकित करने का निर्देश था. विद्यालय संचालन के समय शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों के भ्रमण के दौरान उन्हें भी भोजन चखने का आग्रह करने व गुणवत्ता संबंधित टिप्पणी अंकित करने के लिए अनुरोध किया जाना था लेकिन समय के साथ नये निर्देशों पर अमल होता गया और पुराने पर सिर्फ खानापूर्ति. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Samastipur News:एचएम समेत सभी शिक्षक करेंगे एमडीएम प्रपत्र पर हस्ताक्षर appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान ने रच दिया इतिहास, PM Kusum Yojana से बना दिया 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा

PM Kusum Yojana: राजस्थान ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है. यह राज्य के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी सफलता है. इस योजना के तहत सौर ऊर्जा का उपयोग करके राज्य के किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो रहा है. पीएम कुसुम योजना का महत्व प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि के लिए सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पंप उपलब्ध कराना है. इसके माध्यम से राजस्थान में कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. इस योजना के तहत, राज्य में अब 1,000 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है, जो ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण उदाहरण है. किसानों को सौर ऊर्जा से मिलने वाली राहत राजस्थान में पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को दिन में बिजली सुलभ हो रही है. अब राज्य के एक लाख 70 हजार से अधिक किसानों को दिन के समय सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों के माध्यम से बिजली मिल रही है. इससे न केवल किसानों की सिंचाई प्रक्रिया में सुधार हुआ है, बल्कि ऊर्जा संकट का समाधान भी हुआ है. राज्य प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सौर ऊर्जा के माध्यम से किसानों को अधिक स्थिर और सस्ती ऊर्जा प्राप्त हो. राज्य में सौर ऊर्जा संयंत्रों की बढ़ती संख्या राजस्थान में कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. पीएम कुसुम योजना के घटक-ए और घटक-सी के तहत अब तक 560 ग्रिड-संबद्ध विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे 70,000 से अधिक कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली मिल रही है. इसके अलावा, योजना के घटक-बी के तहत एक लाख किसानों के कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है. भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य हिंदुस्तान प्रशासन ने इस योजना के तहत राजस्थान को अगले वित्त वर्ष 2024-25 में अतिरिक्त 6,000 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्रों के लिए मंजूरी दी है. इसके अलावा, घटक-सी में दो लाख सौर पंपों का और आवंटन किया गया है. इस तरह राजस्थान में अगले कुछ वर्षों में लगभग 12,000 मेगावाट क्षमता की सौर इकाइयों के स्थापित होने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य में सौर ऊर्जा संयंत्रों की तेज गति राजस्थान में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की गति में भी तेजी आई है. पिछले छह महीनों में घटक-ए में 183 मेगावाट क्षमता के 134 और घटक-सी में 514 मेगावाट क्षमता के 196 संयंत्र लगाए गए हैं. यह योजना अब प्रतिदिन औसतन चार-पांच मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का उत्पादन कर रही है, जो राज्य की ऊर्जा स्थिति को मजबूत करने में मदद कर रहा है. मुख्यमंत्री का संकल्प राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2027 तक किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है. इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कुसुम योजना एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य प्रशासन ने इसे अपनी प्रमुख योजना के रूप में लागू किया है. इसे भी पढ़ें: म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो कब करना चाहिए रिबैलेंस? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट सौर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा राजस्थान राजस्थान ने पीएम कुसुम योजना के तहत 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इस योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य के किसानों को लाभ मिल रहा है और भविष्य में इस योजना से राज्य की ऊर्जा स्थिति और सुदृढ़ होगी. इसे भी पढ़ें: ड्रीम11 से 4 करोड़ जीतने वाले मंगल सरोज को देना होगा Tax, वरना घर पहुंचेगा आयकर विभाग The post राजस्थान ने रच दिया इतिहास, PM Kusum Yojana से बना दिया 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड-बिहार सीमा पर माओवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन, 5 IED बम बरामद

Maoist Search Operation: मेदिनीनगर (पलामू), चंद्रशेखर सिंह-झारखंड के पलामू और बिहार के औरंगाबाद की सीमा पर पुलिस ने मंगलवार को सर्च ऑपरेशन चलाया. झारखंड और बिहार की सीमा पर पुलिस ने छापेमारी में पांच आईईडी बम बरामद किए हैं. पुलिस की छापेमारी में औरंगाबाद के पंचरुखिया से आईईडी बम बरामद किए गए हैं. उग्रवादियों ने आईईडी बम को पहाड़ की तलहटी में छिपा कर रखा था. इस संबंध में एएसपी अभियान राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पलामू और औरंगाबाद की सीमा पर छकरबंधा जंगल से पांच आईईडी बम बरामद किया है. इंटर स्टेट सर्च अभियान में मिली पुलिस को सफलता पुलिस को सूचना मिली थी कि माओवादी कमांडर नितेश यादव ने छकरबंधा में पचरुखिया के इलाके में हथियार और विस्फोटक छिपा कर रखा है. पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन के निर्देश पर पलामू के अभियान एएसपी राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक इंटर स्टेट सर्च अभियान शुरू किया गया. इसके बाद झारखंड और बिहार पुलिस की संयुक्त छापेमारी में आईईडी बम बरामद किया गया. ये भी पढ़ें: Mock Drill: सायरन बजे तो घबराएं नहीं, रांची के इस इलाके में होगी मॉक ड्रिल, क्या है टाइमिंग? देखें Video माओवादियों के लिए था सुरक्षित ठिकाना जिस स्थान से यह आईईडी बम बरामद किया गया है, पहले वहां पर उग्रवादियों का ठिकाना रहता था. उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस के लिए हाल के दिनों में यह बड़ी सफलता मानी जा रही है. इस सर्च अभियान में सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर, बिहार की एसटीएफ, पलामू पुलिस एवं औरंगाबाद पुलिस शामिल थी. जिस इलाके में अभियान चलाया जा रहा था. वह इलाका माओवादियों के लिए पहले सुरक्षित ठिकाना माना जाता था. ये भी पढ़ें: Jharkhand Cabinet: हेमंत सोरेन प्रशासन 3 लाख से अधिक प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को देगी बड़ी सौगात ये भी पढ़ें: कल्पना सोरेन संग राजभवन पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से क्या हुई बात? The post झारखंड-बिहार सीमा पर माओवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन, 5 IED बम बरामद appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: महिला के कान में घुस गया सांप, वीडियो देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे

Viral Videos: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक स्त्री के कान में एक सांप घुस गया है. जिसे एक शख्स चिमटा के सहारे बाहर निकालने की कोशिश करता दिख रहा है. शख्स सांप को चिपटे से पकड़ने की पूरी कोशिश करता है, लेकिन सांप बार-बार पिछल जाता है. वहीं स्त्री दर्द से कराहती नजर आ रही है. स्त्री को स्थानीय भाषा में कुछ बोलते हुए भी सुना जा सकता है. शख्स सांप को चिमटे से बाहर निकालने की पूरी कोशिश करता है, लेकिन बाहर निकलने की जगह सांप और कान में घुसता चला जाता है. View this post on Instagram A post shared by Mike Holston (@therealtarzann) वीडियो देख लोगों के खड़े हो गए रोंगटे स्त्री के कान में सांप घुसने का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो यूजर्स के लगातार कमेंट्स आने लगे. इंस्टाग्राम पर सांप वाले वीडियो को therealtarzann नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने अपने अकाउंट से शेयर किया है. वीडियो देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. हालांकि एक यूजर ने वीडियो को फेक बता दिया और इंस्टाग्राम पर लिखा, नकली सांप है. एक ने अन्य से पूछा किस-किस को यह सांप नकली लगा? वीडियो कब की है, कहां की है इसकी कोई जानकारी नहीं है. इस लिए इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नया विचार नहीं करता. The post Viral Video: स्त्री के कान में घुस गया सांप, वीडियो देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच मारपीट के बाद एक्शन, दोनों बर्खास्त, थाने में भी मामला दर्ज

Viral Video: मध्य प्रदेश के खरगोन स्थित एक स्कूल में लाइब्रेरियन और प्रिंसिपल के बीच जमकर मारपीट हुई. दोनों एक दूसरे के बाल पकड़कर थप्पड़ों से मारने लगीं. इस भयानक लड़ाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में जो दो स्त्री आपस में लड़ती नजर आ रही हैं उनमें एक स्त्री स्कूल की प्राचार्या हैं तो दूसरी स्त्री लाइब्रेरियन हैं, लेकिन इतनी गरिमा वाले पद पर होने के बाद भी दोनों सारी मर्यादाएं भूल कर आपस में मारपीट कर रही है. 👉मध्यप्रदेश के खरगोन में एक प्रशासनी स्कूल उस वक्त अखाड़ा बन गया जब स्कूल की लेडी प्रिंसिपल और लेडी लाइब्रेरियन के बीच विवाद हो गया, 👉विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ा कि थप्पड़ चलने लगे और दोनों एक दूसरे की चोटी पकड़कर गुत्थम गुत्था हुई, 👉पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल… pic.twitter.com/z17UhHlKTX — बेसिक शिक्षा सूचना केंद्र (@Info_4Education) May 4, 2025 दोनों स्त्रीओं ने दर्ज कराई प्राथमिकी एक अधिकारी ने बताया कि प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन ने मेनगांव पुलिस थाने में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. करीब 90 सेकंड के वीडियो क्लिप में प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन जोर-जोर से बहस करते दिख रही हैं. उनमें से एक स्त्री अपने मोबाइल फोन पर बातचीत को रिकॉर्ड करने की कोशिश करती है, जबकि दूसरी स्त्री उसे थप्पड़ मारती है, उसका फोन छीन लेती है और उसे जमीन पर फेंक देती है. दोनों एक-दूसरे के बाल खींचती रहती हैं और तब तक हाथापाई करती रहती हैं, जब तक कि एक अन्य स्त्री बीच में आकर उन्हें अलग नहीं कर देती. दोनों स्त्रीओं को किया गया बर्खास्त सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिप सामने आने के बाद दोनों स्त्रीओं को स्कूल से हटा दिया गया और उन्हें खरगोन के सहायक आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. खरगोन की जिलाधिकारी भव्या मित्तल ने कहा “स्कूल प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच हुई लड़ाई दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.” उन्होंने कहा कि सोसाइटी कमिश्नर, नई दिल्ली अजीत कुमार श्रीवास्तव ने स्कूल प्रिंसिपल प्रवीण दहिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मित्तल ने कहा “अन्य मुद्दों सहित एक समग्र रिपोर्ट राज्य प्रशासन और जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति को भेजी गई है.” वीडियो में क्या दिख रहा है? वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों स्त्री एक दूसरे का बाल खींच रही है. थप्पड़ों से एक दूसरे पर हमला कर रही हैं. लड़ाई के दौरान एक स्त्री ने दूसरी स्त्री का मोबाइल फोन छीन कर नीचे फेंक दिया जिससे फोन टूट गया.इसके बाद दूसरी स्त्री भी रेस में आ गई. दोनों के बीच घमासान लड़ाई छिड़ गई. उठा पटक होने लगी. वीडियो में दिख रहा है एक अन्य स्त्री दोनों की लड़ाई छुड़ाने की कोशिश भी कर रही है, इसके बाद भी दोनों की लड़ाई जारी रहती है. कहां की है घटना मारपीट की यह घटना मध्य प्रदेश के खरगोन से 8 किमी के दूरी पर एक शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का है. जहां दो स्त्रीओं के बीच झगड़े की वीडियो वायरल हो रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जांच के बाद दोनों स्त्रीओं को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इनकी रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. The post Viral Video: प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच मारपीट के बाद एक्शन, दोनों बर्खास्त, थाने में भी मामला दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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कैसे होते हैं 7 तरीख में जन्म लोग, किन-किन क्षेत्रों बना सकते हैं अपना करियर?

7 Number Numerology: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7 तारीख को हुआ है, तो आप बहुत किस्मत वाले हैं. क्योंकि यह तारीख ‘नंबर 7’ से जुड़ी होती है, जिसका स्वामी ग्रह केतु है. इस अंक से जुड़े लोग गहरे, रहस्यमय और विश्लेषणात्मक होते हैं. आइए जानते हैं कि इस अंक के प्रभाव में जन्मे लोग कैसे होते हैं. कैसा होता है व्यक्तित्व और स्वभाव गहन विचारक और विश्लेषक नंबर 7 के लोग जिज्ञासु और गहरे विचारक होते हैं. वे जीवन के रहस्यों को समझने के लिए निरंतर खोज में रहते हैं. इनकी सोच तार्किक और विश्लेषणात्मक होती है. आध्यात्मिक और आत्मनिरीक्षण करने वाले इनका झुकाव आध्यात्मिकता और आत्मनिरीक्षण की ओर होता है. वे ध्यान, योग और विभिन्न आध्यात्मिक प्रथाओं में रुचि रखते हैं. धन और भौतिक सुख-सुविधाओं की तुलना में वे आंतरिक शांति और ज्ञान को अधिक महत्व देते हैं. Also Read: खारे को भूलकर भी न खाएं ऐसा, नहीं तो होगा भारी नुकसान स्वतंत्र और एकाकी नंबर 7 के लोग स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हैं. वे अकेले रहना पसंद करते हैं और अपनी दुनिया में खोए रहते हैं. यह स्वभाव उन्हें कभी-कभी एकाकी बना सकता है. गहरी समझ और सहानुभूति इनमें दूसरों की भावनाओं को समझने और उनकी मदद करने की गहरी क्षमता होती है. वे अच्छे शिक्षक, परामर्शदाता या चिकित्सक बन सकते हैं. कैसा होता है इनका करियर नंबर 7 के लोग स्वतंत्र रूप से काम करना पसंद करते हैं. वे किसी के अधीन रहकर काम नहीं करना चाहते. ऐसे लोग शोध, दर्शन, मनोविज्ञान, लेखन या परामर्श जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं. कैसा होता है इनका प्रेम संबंध नंबर 7 के लोग प्रेम संबंधों में गंभीर और प्रतिबद्ध होते हैं. वे अपने साथी से गहरी समझ और भावनात्मक जुड़ाव की अपेक्षा रखते हैं. भावनात्मक अभिव्यक्ति में कठिनाई कभी-कभी, इन लोगों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई होती है, जिससे रिश्तों में दूरी आ सकती है. इसलिए, उन्हें अपने साथी से खुलकर संवाद करने की आवश्यकता होती है. नंबर 7 के लोगों के लिए क्या है सलाह नंबर के 7 लोगों को अपने सामाजिक संपर्कों को बढ़ाने और दूसरों के साथ अपने विचारों और भावनाओं को साझा करने की आवश्यकता होती है. Also Read: Chanakya Niti: बर्बादी की राह पर निकल पड़ता है इन जगहों पर कदम रखने वाला इंसान, मरते दम तक नहीं मिलता सुकून The post कैसे होते हैं 7 तरीख में जन्म लोग, किन-किन क्षेत्रों बना सकते हैं अपना करियर? appeared first on Naya Vichar.

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Mock Drill: सायरन बजे तो घबराएं नहीं, रांची के इस इलाके में होगी मॉक ड्रिल, क्या है टाइमिंग? देखें Video

Mock Drill: रांची-आपात स्थिति में नागरिक सुरक्षा को लेकर रांची के डोरंडा इलाके में में 07 मई 2025 (बुधवार) को मॉक ड्रिल की जाएगी. सायरन बजने पर घबराने की जरूरत नहीं है. मॉक ड्रिल के समय अपने घरों की लाइट्स बंद रखें. रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सह जिला आपदा पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री एवं डीआईजी सह वरीय पुलिस अधीक्षक चंदन सिन्हा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अपराह्न चार बजे से अपराह्न सात बजे तक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा. जिला प्रशासन की आमजनों से अपील उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सह जिला आपदा पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने डोरंडा क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि मॉक ड्रिल नागरिक सुरक्षा के लिए अभ्यास मात्र है. इस दौरान सायरन बजने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने डोरंडा क्षेत्र के लोगों से मॉक ड्रिल के दौरान अपने-अपने घरों की लाइट्स बंद रखने की अपील की है. लोगों से अपने वाहन की लाइट और जेनरेटर आदि भी बंद रखने का आह्वान किया गया है. उपायुक्त ने कहा कि हम जिलावासियों से अनुरोध करते हैं कि वे घबराएं नहीं और भाग लेने वाले अधिकारियों को पूरा सहयोग दें. यह एक पूर्व-निर्धारित और नियंत्रित अभ्यास है, जिसका उद्देश्य जन जागरूकता है. ये भी पढ़ें: Jharkhand Cabinet: हेमंत सोरेन प्रशासन 3 लाख से अधिक प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को देगी बड़ी सौगात ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक मार्ग की होगी व्यवस्था मॉक ड्रिल के दौरान अपराह्न चार बजे से अपराह्न सात बजे तक डोरंडा क्षेत्र के लोगों के लिए ट्रैªफिक के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था होगी. जिला प्रशासन द्वारा डोरंडा क्षेत्र में आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग के उपयोग की अपील की गयी है. गृह मंत्रालय (हिंदुस्तान प्रशासन) के निर्देश के आलोक में ऑपरेशन अभ्यास के अंतर्गत आपदा की स्थिति में नागरिक सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है. ये भी पढ़ें: झारखंड के इन दो विश्वविद्यालयों को मिले नए वीसी, कौन हैं डॉ चंद्रभूषण शर्मा और डॉ कुनुल कांदिर? राजभवन से अधिसूचना जारी ये भी पढ़ें: कल्पना सोरेन संग राजभवन पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से क्या हुई बात? The post Mock Drill: सायरन बजे तो घबराएं नहीं, रांची के इस इलाके में होगी मॉक ड्रिल, क्या है टाइमिंग? देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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Jamshedpur news. देश पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस को संविधान बचाओ की दुहाई देने का अधिकार नहीं : रघुवर दास

Jamshedpur news. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ को एक नेतृत्वक नाटक करार देते हुए इसे जनता को गुमराह करने का प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि जिनके हाथों संविधान को सबसे अधिक क्षति पहुंची, वे आज संविधान की दुहाई देकर देश की जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. एग्रीको स्थित आवासीय कार्यालय में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकतंत्र के सबसे काले अध्याय 1975 की आपातकाल की याद दिलाते हुए रघुवर दास ने कहा कि उस समय कांग्रेस पार्टी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संविधान में संशोधन कर हजारों नागरिकों को नजरबंद कर दिया था. अनुच्छेद 14, 21 और 32 जैसे मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया. प्रेस पर सेंसरशिप लगायी गयी और बिना किसी कारण बताये गिरफ्तारियां की गयीं. वे खुद उस दौर के गवाह हैं और गया सेंट्रल जेल में बंद रहे. तब कांग्रेस को संविधान की याद क्यों नहीं आयी. श्री दास ने कांग्रेस पर डॉ भीमराव आंबेडकर का अपमान करने का भी आरोप लगाया. धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति लालच, भ्रम या दबाव के माध्यम से धर्म परिवर्तन नहीं कर सकता और यदि आवश्यकता पड़ी, तो राज्य प्रशासन इस पर कानून बना सकती है. भाजपा ने यही किया और धर्मांतरण निषेध कानून लाया. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके समर्थन से चल रही प्रशासन में झारखंड में तेजी से धर्मांतरण हो रहा है, जिससे आदिवासी समाज के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अगर वास्तव में संविधान की चिंता है, तो वह धर्मांतरण कानून को सख्ती से लागू करवाये. इसके साथ ही उन्होंने झारखंड के मंत्री के बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने अपने लिए शरीयत को पहले और संविधान को बाद में बताया था. रघुवर दास ने पूछा कि कांग्रेस के लिए शरीयत बड़ी है या संविधान?. उन्होंने मांग की कि अगर कांग्रेस संविधान को सर्वोपरि मानती है, तो ऐसे मंत्री को तुरंत बर्खास्त करें, अन्यथा प्रशासन से अपना समर्थन वापस ले.रघुवर दास ने कहा कि आज झारखंड में दो टोपियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अब 10 क्रिश्चियन विधायक और दो सांसद हो चुके हैं, जो अवैध धर्मांतरण और घुसपैठ का परिणाम है. उन्होंने प्रशासन से पूछा कि वह पेसा कानून को लागू क्यों नहीं कर रही, जबकि यह संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Jamshedpur news. देश पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस को संविधान बचाओ की दुहाई देने का अधिकार नहीं : रघुवर दास appeared first on Naya Vichar.

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लोगों की समस्याओं से अंचल कर्मियों को कराया गया अवगत

मधुपुर. प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण सह जल संसाधन मंत्री हफीजुल अंसारी के निर्देश पर मंगलवार को प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बीस सूत्री कार्यालय में ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष शाकिर अंसारी की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस दौरान जनता की विभिन्न समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अंचल कर्मियों को अवगत कराया गया. ताकि लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े. बैठक के माध्यम से संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा. मौके पर विधायक प्रतिनिधि गंगादास, अब्दुल मजीद अंसारी, प्रकाश दास, मंजूर शेख, सीताराम सोरेन, मंगल सोरेन, परशुराम दास, लुकमान अंसारी आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post लोगों की समस्याओं से अंचल कर्मियों को कराया गया अवगत appeared first on Naya Vichar.

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