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May 7, 2025

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Operation Sindoor: बिहार के इस बेटे ने छुड़ा दिये थे पाकिस्तान के छक्के, एक घटना ने बना दिया पायलट बाबा

Operation Sindoor: पटना. 1971 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाले ‘पायलट बाबा’ का बिहार से गहरा संबंध रहा है. रोहतास जिले के नोखा प्रखंड स्थित विशुनपुरा गांव में 15 जुलाई 1938 को जन्मे कपिल सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव से हुई थी, बाद में उनके मेधा बुद्धि के कारण उनका चयन हिंदुस्तानीय वायुसेना में हो गया. 1957 में हिंदुस्तानीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने लड़ाकू विमान की ट्रेनिंग ली थी. कपिल सिंह ने करीब 34 वर्षों तक हिंदुस्तानीय वायु सेना में विंग कमांडर के रूप में कार्य किया. सबसे मारक पायलटों में से एक कई बड़ी लड़ाइयों के दौरान विंग कमांडर कपिल सिंह को उनके साहस के लिए याद किया जाता है. उन्होंने 1962 में हिंदुस्तान-चीन युद्ध में भाग लेने के अलावा 1965 व 1971 में हिंदुस्तान-पाकिस्तान युद्ध में भी लड़ाई लड़ी थी. 1965 के युद्ध के दौरान पायलट बाबा ने पाकिस्‍तानी शहरों के ऊपर अपने जीएनएटी (Gnat) विमान से बेहद नीचे उड़ान भरी, जो एक रिकॉर्ड है. पाक सेना को यकीन ही नहीं था कि कोई हिंदुस्तानीय विमान इतने नीचे भी उड़ सकता है. इस दौरान उन्‍होंने पाकिस्‍तान को काफी नुकसान पहुंचाया था. 1971 में भी पायलट बाबा ने पाकिस्‍तान की नाक में दम कर दिया था. उन्होंने पाकिस्तान में निर्णायक बमबारी भी की थी. उस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने हथियार रख दिये थे. हिंदुस्तानीय वायु सेना में अपनी सेवा के दौरान उन्हें सौर्य चक्र समेत कई पदक से सम्मानित किया गया था. अचानक हुआ वैराग्य, बन गये संत अपने करियर के मध्य में विंग कमांडर कपिल सिंह अचानक आध्यात्मिक जीवन अपना लिया था. वायु सेना में काम करने के दौरान एक घटना ने कपिल सिंह को पायलट बाबा बना दिया. वो समाधि की अपनी महारत के लिए एक वैश्विक आध्यात्मिक लीडर बन गए. बताया जाता है कि 1974 में वे मिग फाइटर प्‍लेन से हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर में उड़ रहे थे. इस दौरान उनका विमान नियंत्रण खो बैठा. जीवित रहने की सारी उम्मीद खोने के बाद वे अपने गुरु हरि बाबा को याद करना शुरू किया. इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से उतर गया. तभी से आध्यात्म की तरफ मुड़ साधना के बाद पायलट बाबा बन गए. हरिद्वार, नैनीताल व उत्तर काशी में भी उनके आश्रम हैं. Also Read: Operation Sindoor: 1971 के युद्ध में बिहार रेजिमेंट ने दिलाई पहली जीत, पस्त पाक का बदल दिया था नक्शा The post Operation Sindoor: बिहार के इस बेटे ने छुड़ा दिये थे पाकिस्तान के छक्के, एक घटना ने बना दिया पायलट बाबा appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor : एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में, डरने लगा बांग्लादेश

Operation Sindoor : हिंदुस्तान ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (POK) में कई स्थानों पर हवाई हमले किए. एक आधिकारिक बयान में हिंदुस्तान प्रशासन ने “ऑपरेशन सिंदूर” की पुष्टि की. इसमें नौ स्थानों पर “आतंकवादी बुनियादी ढांचे” को निशाना बनाया गया. इस संबंध में dhakatribune.com ने समाचार प्रकाशित की है. समाचार में कहा गया है कि पिछले महीने कश्मीर में पर्यटकों पर हुए घातक आतंकवादी हमले के जवाब में ये हमले किए गए. हिंदुस्तान प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान सटिक था, जिसमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया. आईएसपीआर ने दी जानकारी पाकिस्तान की सेना ने पुष्टि की है कि POK में मुजफ्फराबाद और कोटली के साथ-साथ बहावलपुर में तीन स्थानों पर हिंदुस्तानीय मिसाइलों से हमला किया गया. पाकिस्तान के इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने स्थानीय मीडिया आउटलेट जियो टीवी को विस्तृत जानकारी दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने पाकिस्तान और POK में, खास तौर पर मुजफ्फराबाद के पास कई जोरदार विस्फोटों की सूचना दी है. यह भी पढ़ें : India Airstrikes on terrorist camps in Pakistan: हिंदुस्तान ने POK में की एयर स्ट्राइक, आतंक के 9 अड्डों पर बरसाया बम रॉयटर्स ने क्षेत्र में बिजली कटौती की रिपोर्ट का भी हवाला दिया. पाकिस्तानी सेना ने हमलों की कड़ी निंदा की है. एक प्रवक्ता ने घोषणा की कि इस्लामाबाद “अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देगा”, जबकि पुष्टि की कि जवाब में सभी पाकिस्तानी वायु सेना के जेट विमान हवा में थे. हिंदुस्तान ने 9 ठिकानों पर हमले किए हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए देर  रात पाकिस्तान और पीओके में लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद के नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. The post Operation Sindoor : एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में, डरने लगा बांग्लादेश appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor: भारतीय सेना के वो ऑपरेशन, जिसने हिलाया पाकिस्तान को

Operation Sindoor: पहलगाम अटैक के 15 दिन बाद हिंदुस्तान ने 6 मई की रात 1.44 बजे पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की. इसे नाम दिया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर.’ हिंदुस्तानीय सेनाओं ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान में चार और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के पांच ठिकानों पर रॉकेट बरसाए. इन टारगेट में बहावलपुर, मुरिदके, बरनाला, तेहराकलां, मुजफ्फराबाद, कोटली और सियालकोट शामिल थे. इन जगहों पर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठनों अड्डे संचालित थे. इसके अलावा आतंकी मौलाना मसूद अजहर का मदरसे को भी इस हमले में नेस्तनाबूद किया गया है. ऑपरेशन सिंदूर ने दिया करारा जवाब पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में 27 लोगों की हत्याकर दी थी. इसमें 26 हिंदुस्तानीय व एक नेपाली नागरिक था. आतंकियों के इस कायराना हमले का करारा जवाब देने के लिए हिंदुस्तान ने सैन्य कार्रवाई से पहले कूटनीतिक हमले किए. हमले के 15 दिन बाद ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से अपनी सैन्य ताकत दिखा दी. ऑपरेशन सिंदूर पहलागाम हमले में मारी गई उन स्त्रीओं को समर्पित है, जिनके पति की हत्या उनकी आंखों के सामने ही आतंकवादियों ने की थी. इस स्ट्राइक में हिंदुस्तानीय सेना ने 24 मिसाइलों से आतंकी अड्डों पर हमला किया. जिसकी पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल लगातार मॉनीटरिंग कर रहे थे. उरी सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर से पहले भी हिंदुस्तानीय सेना पाकिस्तान और आतंकवादियों को अपनी ताकत का एहसास करा चुकी है. वर्ष 2016 में हिंदुस्तानीय सेना ने एलओसी पार करके आतंकियों के अड्डों को तबाह किया था. इस हमले में 40 आतंकियों को भी मार गिराया गया था. हिंदुस्तान ने ऑपरेशन 18 सितंबर 2016 को उरी सेक्टर आर्मी हेडक्वार्टर में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया था. आतंकी हमले के 10 दिन के अंदर ही 28 सितंबर को हिंदुस्तानीय सेना के पैरा कमांडोज ने रात को एलओसी पार की और वहां मौजूद आतंकी अड्डे को तबाह किया थे. इसके बाद सकुशल हिंदुस्तानीय सीमा में वापस आ गए थे. इस सर्जिकल स्ट्राइक से हिंदुस्तान ने दुश्मन के घर में घुसकर मारने की क्षमता का प्रदर्शन किया था. पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक हिंदुस्तानीय सेना ने पुलवामा हमले के बाद भी एक ऑपरेशन किया था. इसमें एयर स्ट्राइक करके पाक अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में आतंकी ठिकाने नष्ट किए थे. 14 फरवरी 2019 को आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था. आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इस हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को हिंदुस्तानीय वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी. इस एयर स्ट्राइक में 200 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की सूचना थी. पढ़े नया विचार प्रीमियम स्टोरी:तीन साल की बच्ची की स्वैच्छिक मृत्यु, जानें कैसे मिली संथारा की अनुमति पाकिस्तान के होंगे टुकड़े-टुकड़े, क्या है हिंदुस्तान की रणनीति क्या है सिंधु जल संधि की कहानी, पाकिस्तान को कैसे होगा नुकसान India Pakistan War: क्या है चीनी मिसाइल पीएल-15 का सच, हिंदुस्तान को कितनी चुनौती  बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सर्जिकल स्ट्राइक, कहां से करते हैं हिंदुस्तान में प्रवेश The post Operation Sindoor: हिंदुस्तानीय सेना के वो ऑपरेशन, जिसने हिलाया पाकिस्तान को appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor: मां दुर्गा के आशीर्वाद से रचा गया राष्ट्र का प्रतिशोध

Operation Sindoor:6 मई 2025 की रात हिंदुस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” का संचालन किया. यह सैन्य अभियान केवल रणनीति और साहस का प्रतीक नहीं था, बल्कि उस समय आकाश में उपस्थित पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र के संयोग ने इसे धार्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी विशेष बना दिया. शक्ति, समर्पण और रक्षा का भी प्रतीक है सिंदूर ‘सिंदूर’ हिन्दू संस्कृति में केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह शक्ति, समर्पण और रक्षा का भी प्रतीक है. जब राष्ट्र इस नाम के साथ आगे बढ़ा, तो यह स्पष्ट संकेत था कि यह केवल एक प्रतिकारी हमला नहीं, बल्कि अधर्म के खिलाफ धर्म का संकल्प है. उस रात जब हिंदुस्तानीय सेना ने आतंकवाद के ठिकानों पर सटीक हमले किए, उसी समय आकाश में पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र प्रभावी था—जो देवी शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है. मां दुर्गा, जिन्हें राक्षसों का संहारक माना जाता है, उनकी कृपा और प्रेरणा इस अभियान की आत्मा बन गई. यह संयोग केवल एक संयोग नहीं था, बल्कि एक आध्यात्मिक संकेत था कि जब अधर्म बढ़ता है, तब ईश्वरीय शक्ति राष्ट्र के रक्षक के रूप में प्रकट होती है. जब नक्षत्रों ने दिया साथ: ऑपरेशन सिंदूर बना धर्मयुद्ध का प्रतीक इस अभियान में हिंदुस्तान की सैन्य शक्ति और रणनीतिक बुद्धिमत्ता के साथ-साथ आस्था और संस्कृति की गहराई भी प्रकट होती है. जब राष्ट्रधर्म जागृत होता है, तब हर हथियार एक यज्ञ का आह्वान बन जाता है, और हर सैनिक देवदूत के समान लड़ाई करता है. ऑपरेशन सिंदूर ने यह प्रमाणित किया कि हिंदुस्तान केवल सीमाओं की सुरक्षा नहीं करता, बल्कि अपनी आत्मा, संस्कृति और धर्म की रक्षा भी पूरी निष्ठा से करता है. यह केवल एक सैन्य सफलता नहीं थी, बल्कि शक्ति और श्रद्धा का एक संगम था, जिसे भविष्य की पीढ़ियाँ एक आध्यात्मिक प्रतिशोध की कहानी के रूप में स्मरण करेंगी. The post Operation Sindoor: मां दुर्गा के आशीर्वाद से रचा गया राष्ट्र का प्रतिशोध appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor: नहीं थकता PM मोदी का ये ‘दाहिना हाथ’…80 की उम्र में पाकिस्तान में तबाही मचा रहे NSA

Operation Sindoor in Hindi: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आंतकी हमले का बदला हिंदुस्तानीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के तहत लिया. सेना ने 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए. ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति में जिस व्यक्ति की सबसे अहम भूमिका रही, वह हैं हिंदुस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Doval). इससे पहले भी हिंदुस्तान ने जब बड़ी कार्रवाई की है तो उनका अहम योगदान रहा है. आइए जानते हैं हिंदुस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीद डोभाल के बारे में और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से. NSA ने पल -पल की स्थिति बताई (Operation Sindoor in Hindi) रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 80 वर्ष की उम्र में भी अजीत डोभाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “दाहिना हाथ” भी कहा जाता है क्योंकि देश की सुरक्षा नीति और जवाबी कार्रवाइयों में उनका योगदान सबसे आगे रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर में भी उनका अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास से पूरे ऑपरेशन पर सीधी नजर बनाए रखी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल उन्हें पल-पल की स्थिति से अवगत कराते रहे. यह ऑपरेशन थल सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के समन्वय से अंजाम दिया गया. यह भी पढ़ें- Operation Sindoor: घर में घुसकर मारता है नया हिंदुस्तान…पाकिस्तान पर कार्रवाई के बाद दुनिया देख रही ताकत ऑपरेशन सिंदूर के तहत स्ट्राइक का प्लान क्या? (Operation Sindoor) नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर के इस पद की संवेदनशीलता और जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाती है. अजीत डोभाल यह साबित कर चुके हैं कि उम्र महज एक संख्या है, जब देश की सुरक्षा और सम्मान की बात आती है. उनका नेतृत्व हिंदुस्तान को एक निर्णायक और मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक उनकी सूझबूझ और सटीक खुफिया जानकारी का ही नतीजा है. यह भी पढ़ें- Operation Sindoor: हिंदुस्तान की कार्रवाई जिम्मेदाराना…अमेरिका में दूतावास ने क्या कहा? सिंदूर ऑपरेशन से पहले भी कई मामलों में सक्रिय (Operation Sindoori) 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में हिंदुस्तानीय सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान ने इतिहास रचते हुए सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की. इस जवाबी कार्रवाई की रणनीति अजीत डोभाल की देखरेख में तैयार हुई थी. उन्होंने सेना, खुफिया एजेंसियों और प्रशासन के बीच तालमेल बैठाकर आतंकियों के लॉन्च पैड्स पर हमले कराए. डोभाल की रणनीति सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रही बल्कि उन्होंने डोकलाम विवाद, पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक, बाला कोट ऑपरेशन और हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर जैसे मामलों में भी अहम भूमिका निभाई. यह भी पढ़ें- Operation Sindoor: घर में घुसकर मारता है नया हिंदुस्तान…पाकिस्तान पर कार्रवाई के बाद दुनिया देख रही ताकत The post Operation Sindoor: नहीं थकता PM मोदी का ये ‘दाहिना हाथ’…80 की उम्र में पाकिस्तान में तबाही मचा रहे NSA appeared first on Naya Vichar.

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Neem Karoli Baba: सब एक हैं – सबमें वही भगवान हैं

Neem Karoli Baba: नीम करौली बाबा एक ऐसे संत थे जिनकी शिक्षाएं आज भी लोगों के दिलों को छूती हैं. उनका मानना था कि धर्म का असली उद्देश्य ईश्वर तक पहुंचना है, और सभी धर्म इसी एक सत्य की ओर मार्गदर्शन करते हैं. उन्होंने हमेशा समरसता, समानता और प्रेम का संदेश दिया. Neem Karoli Baba Quotes: सभी धर्म एक समान नीम करौली बाबा ने कहा था, “सभी धर्म एक जैसे हैं, वे सभी भगवान की ओर ले जाते हैं.” उनका यह संदेश धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठने की प्रेरणा देता है. वे मानते थे कि चाहे कोई किसी भी धर्म को माने, अगर उसके अंदर सच्ची भक्ति, करुणा और सेवा भाव है, तो वह परमात्मा से जुड़ सकता है. Neem Karoli Baba Teachings: ईश्वर सभी में हैं बाबा का यह भी कहना था कि “भगवान सभी में हैं… सभी में वही एक चेतना है. हमारे शरीर में वही खून बहता है, वही हाथ, वही पैर,वही दिल… सब एक जैसे हैं.” उनका यह दृष्टिकोण मानवता की एकता को उजागर करता है. वे यह बताना चाहते थे कि इंसान को इंसान समझो, न कि उसके धर्म, जाति या रंग से. Neem Karoli Baba Life Lessons: भेद नहीं, एकता देखो नीम करौली बाबा लोगों से आग्रह करते थे, “कोई भेद मत देखो, सबको एक जैसा देखो.” यह विचार आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक है, जब समाज में अक्सर मतभेद और द्वेष देखने को मिलते हैं. बाबा की शिक्षा हमें सिखाती है कि सबको एक दृष्टि से देखना ही सच्ची भक्ति है. नीम करौली बाबा के विचार सिर्फ हिंदुस्तान तक सीमित नहीं रहे. स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग जैसे अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भी उनसे प्रेरणा ली है. उनके अनुयायी आज भी दुनिया भर में उनके सिद्धांतों का प्रचार करते हैं.नीम करौली बाबा का जीवन और उनकी वाणी आज भी हमें मानवता, एकता और प्रेम का मार्ग दिखाती है. जब हम सभी को एक दृष्टि से देखना शुरू करेंगे, तभी सच्चे अर्थों में धर्म का उद्देश्य पूरा होगा. Also Read: Neem Karoli Baba: भगवान की मर्जी को समझने में माया बनती है बाधा – नीम करोली बाबा Also Read: Neem Karoli Baba: सच्चा संत कभी नहीं लेता धन The post Neem Karoli Baba: सब एक हैं – सबमें वही भगवान हैं appeared first on Naya Vichar.

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Visa Free Countries: विदेश घूमने का सपना होगा पूरा, इन 58 देशों में भारतीयों को नहीं चाहिए वीजा

Visa Free Countries: हर किसी को घूमना पसंद होता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि वीजा के कारण लोग घूमने का प्लान बना कर भी नहीं जा पाते है. ऐसे में विदेश की यात्रा करने में दो अहम दस्तावेज जो बहुत जरूरी होते हैन पासपोर्ट और वीजा. पासपोर्ट तो अपने देश में बन जाता है लेकिन वीजा वो देश बनाता है जहां हम जाना चाहते हैं. अक्सर वीजा नहीं होने  के कारण लोगों को परेशानी होती हैं, लेकिन क्या आपको ये मालूम है कि अब 58 देश ऐसे हैं जहां आप बिना वीजा के भी घूमने जा सकते हैं. हालांकि किसी देश में वीजा-फ्री ट्रेवल करनेके लिए भी जरूरी है कि आपके पास कितना मजबूत पासपोर्ट है. हेनेल पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार 2025 में हिंदुस्तान की पासपोर्ट रैंकिंग गिरकर 81 हो जाएगी, जिससे हिंदुस्तानीय को दुनिया भर के देशों में सीमित वीजा- मुक्त पहुंच मिल सकेगी. 2024 में हिंदुस्तान की रैंकिंग 80 थी.  अमेरिका, ब्रिटेन को छोड़कर कई देश   हिंदुस्तान के नागरिकों को यूरोपीय देशों, अमेरिका या यूनाईटेड किंगडम जैसे देशों के लिए वीजा हासिल करना जरूरी है. हालांकि आब 58 ऐसे देश है जहां हिंदुस्तानीय बिना किसी वीजा के जा सकते हैं, जहां आपको वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है. इस लिस्ट में इंडोनेशिया और मॉरीशस जैसे बेहद खूबसूरत देश शामिल हैं.  यह भी पढ़ें: हिंदुस्तानीय नागरिक अब इन 62 देशों में कर सकेंगे बिना वीजा के यात्रा, जानें वर्ल्ड रैंकिंग में हिंदुस्तान का नंबर ये हैं पूरी लिस्ट हिंदुस्तानीयों के लिए ये वीजा-फ्री देश अंगोला, बारबाडोस, भूटान, बोलीविया, ब्रिटिश वर्जिन आइसलैण्ड्स, बुस्र्न्दी, कंबोडिया, केप वर्डे द्वीप समूह, कोमोरो द्वीप, कुक आइलैंड्स, जिबूरी, डोमिनिका, इथियोपिया, फ़िजी, ग्रेनेडा, गिनी-बिसाऊ, हैती, इंडोनेशिया, ईरान, जमैका, जॉर्डन, कजाकिस्तान, केन्या, किरिबाती, लाओस, मकाओ, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मार्शल द्वीप, मॉरीशस, माइक्रोनेशिया, मंगोलिया, मोंटसेराट, मोजाम्बिक, म्यांमार, नामीबिया, नेपाल, नियू, पलाऊ द्वीप समूह, कतर, रवांडा, समोआ, सेनेगल, सेशल्स, सेरा लिओन, सोमालिया, श्रीलंका, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, तंजानिया, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, त्रिनिदाद और टोबैगो, तुवालू, वानुअतु, ज़िम्बाब्वे शामिल हैं.  यह भी पढ़ें: Travel Tips: चारधाम की यात्रा में रोड़ा बनेगा रजिस्ट्रेशन, नहीं कर पाएंगे दर्शन The post Visa Free Countries: विदेश घूमने का सपना होगा पूरा, इन 58 देशों में हिंदुस्तानीयों को नहीं चाहिए वीजा appeared first on Naya Vichar.

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हार तो मिली ही, हार्दिक के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड भी जुड़ा, सिराज-शार्दुल के क्लब में हुए शामिल

IPL 2025 GT vs MI- Hardik Pandya Equals Shameful IPL Record: आईपीएल 2025 में वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच प्लेऑफ के लिए अहम मुकाबला स्पोर्ट्सा गया. इस मैच में गुजरात ने अंतिम ओवर में रोमांचक जीत दर्ज की. यह मैच बारिश की वजह से सुपर ओवर में गया. बाधित मैच में एमआई के 155 रन के जवाब में डीएलएस मेथड के तहत तय किए गए 19 ओवर में 147 रन का लक्ष्य तय किया गया, जिसे राहुल तेवतिया, जेराल्ड कोएट्जी और अरशद खान ने अंतिम ओवर की अंतिम गेंद पर हासिल किया. मुंबई इंडियंस एक समय जीती के काफी नजदीक था, लेकिन हार्दिक पांड्या की ओर से ब्लंडर भारी पड़ गया और उन्होंने इसके साथ ही एक शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.  मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने मंगलवार को आईपीएल इतिहास का सबसे लंबा ओवर फेंका. गेंदों की संख्या के लिहाज से उन्होंने इस ओवर में कुल 11 गेंदें डाली गईं, जो आईपीएल इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है. हार्दिक ने 8वें ओवर में उन्होंने कुल पांच अतिरिक्त रन गेंदें फेंकी, जिसमें  तीन वाइड और दो नो बॉल शामिल थीं. हार्दिक ने इस ओवर में कुल 18 रन दिए, इसने मैच का मोमेंटम भी काफी कुछ गुजरात के पक्ष में कर दिया.  हार्दिक ने इसके साथ ही आईपीएल में तुषार देशपांडे (2023), मोहम्मद सिराज (2023), संदीप शर्मा (2025) और शार्दुल ठाकुर (2025) के रिकॉर्ड की बराबरी की. इन गेंदबाजों ने भी 11 गेंदों का एक ओवर आईपीएल में फेंका है.  आईपीएल में सबसे ज्यादा गेंदों वाला ओवर मोहम्मद सिराज बनाम मुंबई इंडियंस, बेंगलुरु 2023 (19वां ओवर) तुषार देशपांडे बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, चेन्नई 2023 (4वां ओवर) शार्दुल ठाकुर बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता 2025 (13वां ओवर) संदीप शर्मा बनाम दिल्ली कैपिटल्स, दिल्ली 2025 (20वां ओवर) हार्दिक पंड्या बनाम गुजरात टाइटंस, वानखेड़े 2025 (8वां ओवर) GT vs MI मैच में क्या हुआ? वहीं मैच की बात करें, तो टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत खराब रही. 26 रन पर ही उसके दोनों ओपरन रोहित शर्मा और रेयान रिकल्टन पवेलियन लौट गए. गुजरात ने पावरप्ले के दौरान तीन कैच भी छोड़े, हालांकि बाद उसने शानदार वापसी की. गुजरात के स्पिनरों राशिद खान और आर साई किशोर (2/34) ने मुंबई की पारी को संभलने नहीं दिया और दबाव में मुंबई की पूरी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई. विल जैक्स को 0 और 29 के स्कोर पर जीवनदान मिला. उन्होंने 35 गेंदों में 53 रन बनाए (5 चौके, 3 छक्के), जबकि सूर्यकुमार यादव ने 34 रनों की तेज पारी स्पोर्ट्सी. लेकिन बाकी बल्लेबाज, खासकर कप्तान हार्दिक पंड्या (1 रन) और तिलक वर्मा (7 रन), नाकाम रहे और 20 ओवर में 155 रन पर उनकी पारी समाप्त हुई.  156 रन के जवाब में गुजरात टाइटंस की शुरुआत भी निराशाजनक रही. शानदार बल्लेबाजी कर रहे साईं सुदर्शन केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद जोस बटलर और शुभमन गिल ने 72 रन की साझेदारी करके टीम को संकट से उबारा, लेकिन मुंबई के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए गुजरात पर शिकंजा कस दिया. 18 ओवर में गुजरात का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 132 रन हो गया. लेकिन तभी बारिश ने दस्तक दी, यहां पर टाइटंस डीएलएस मेथड से 5 रन पीछे था. बारिश जब रुकी तो गुजरात के लिए अंतिम ओवर (19वें) में 15 रन का लक्ष्य तय किया गया,  जिसे तेवतिया, जेराल्ड कोएत्जी और अरशद खान ने हासिल कर लिया.    पॉइंट्स टेबल में हुआ बदलाव इस मुकाबले से पहले मुंबई इंडियंस छह मैचों की अपराजित लय पर थी, लेकिन यह सिलसिला मंगलवार को गुजरात के खिलाफ खत्म होने की कगार पर है. यह मैच दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिहाज से बेहद अहम था, जिसमें गुजरात ने बाजी मारी और वह अब पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है, जबकि मुंबई चौथे नंबर पर खिसक गया है.  गौतम गंभीर ने बताया; विराट कोहली के साथ कैसा है रिश्ता? किसी और शरीर में जाने का मौका मिला तो किसे चुनेंगे? गजब का रोमांच-अंतिम गेंद पर जीत, MI vs GT मैच में बारिश-रन और विकेट, एक-एक गेंद का हिसाब IPL 2025: मुंबई इंडियंस के लिए मुश्किल हुई प्लेऑफ की रेस, ऐसा बन रहा कठिन समीकरण The post हार तो मिली ही, हार्दिक के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड भी जुड़ा, सिराज-शार्दुल के क्लब में हुए शामिल appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor : कर दो सफाया! भारत के एयर स्ट्राइक के बाद कांग्रेस का आया रिएक्शन

Operation Sindoor : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद बुधवार को कहा कि उन्हें हिंदुस्तान के सशस्त्र बलों पर बहुत गर्व है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट पर एयर स्ट्राइक के बाद रिएक्शन दिया. उन्होंने लिखा, “हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है. जय हिंद!” कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमें अपने हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है जिन्होंने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया. हम सशस्त्र बलों के दृढ़ संकल्प और साहस की सराहना करते हैं. पहलगाम हमले के बाद से कांग्रेस स्पष्ट रूप से सशस्त्र बलों के साथ है, प्रशासन सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगी. Proud of our Armed Forces. Jai Hind! — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 7, 2025 कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सशस्त्र बलों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “हिंदुस्तान की यह अडिग नीति होनी चाहिए कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवाद के सभी स्रोतों का पूरी तरह से सफाया किया जाए, और यह नीति हमेशा सर्वोच्च राष्ट्रीय हित से प्रेरित होनी चाहिए.” उन्होंने कहा, “यह समय एकता और एकजुटता का है. 22 अप्रैल की रात से ही हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस यह स्पष्ट रूप से कह रही है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में राष्ट्र की कार्रवाई को लेकर प्रशासन को हमारा पूर्ण समर्थन रहेगा. कांग्रेस पार्टी हमारे सशस्त्र बलों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है.” यह भी पढ़ें : India Airstrikes on terrorist camps in Pakistan: हिंदुस्तान ने POK में की एयर स्ट्राइक, आतंक के 9 अड्डों पर बरसाया बम India has an unflinching National Policy against all forms of terrorism emanating from Pakistan and PoK. We are extremely proud of our Indian Armed Forces who have stuck terror camps in Pakistan and PoK. We applaud their resolute resolve and courage. Since the day of the… — Mallikarjun Kharge (@kharge) May 7, 2025 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये. इनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश- ए- मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं. हिंदुस्तान की यह अडिग नीति होनी चाहिए कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवाद के सभी स्रोतों का पूरी तरह से सफाया किया जाए, और यह नीति हमेशा सर्वोच्च राष्ट्रीय हित से प्रेरित होनी चाहिए। यह समय एकता और एकजुटता का है। 22 अप्रैल की रात से ही हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस… — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) May 7, 2025 The post Operation Sindoor : कर दो सफाया! हिंदुस्तान के एयर स्ट्राइक के बाद कांग्रेस का आया रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor: 1971 के युद्ध में बिहार रेजिमेंट ने दिलाई पहली जीत, पस्त पाक का बदल दिया था नक्शा

Operation Sindoor: पटना. 1971 के हिंदुस्तान-पाक युद्ध को लड़ने वाली 10वीं बिहार बटालियन, सेना की सबसे नौजवान बटालियन थी. आजादी से महज दो साल पहले इसका गठन हुआ था. बटालियन के नौजवान सैनिकों ने दुश्मन की मांद में घुसकर करारा प्रहार किया और अखौरा पर कब्जा कर हिंदुस्तानीय सेना को पहली जीत दिलायी थी. 1971 के युद्ध में बिहार बटालियन की ताकत तब देखी गयी जब पाकिस्तान के करीब 1 लाख सैनिकों बिहार रेजिमेंट के जांबाजों के सामने घुटने टेक दिये और बांग्लादेश को आजादी मिली. पाकिस्तानी सेना के जवानों ने इन जवानों के आगे आत्‍मसमर्पण कर दिया था. हिंदुस्तानीय सेना के बिहार रेजिमेंट का आज स्थापना दिवस है. 1 नवंबर 1945 से अभी तक का सफर बिहार रेजिमेंट के लिए बेहद गौरव भरा रहा है. पराक्रम के लिए बिहार रेजिमेंट के जवानों को अशोक चक्र, महावीर चक्र समेत कई सम्मान मिल चुका है. बिहार रेजिमेंट के बहादुरी और वीरता के किस्से बिहार रेजिमेंट का आज स्थापना दिवस है. 1 नवंबर 1945 को ही आगरा में ले. कर्नल आरसी म्यूरलर ने इस रेजिमेंट की स्थापना की थी. 79 वर्षों से देश की सेवा कर रहे इस रेजिमेंट की बहादुरी और वीरता के किस्से भरे पड़े हैं. हिंदुस्तानीय सेना में इस रेजिमेंट के योद्धाओं के पराक्रम और विजय गाथा की निशानी स्वर्ण अक्षरों में अंकित है. बिहार रेजिमेंट का केंद्र वर्तमान में दानापुर (पटना) में है. स्थापना के समय यह आगरा में बनाया गया था जिसे बाद में गया स्थानांतरित किया गया था. 1949 में गया से इसे दानापुर किया गया. हिंदुस्तानीय सेना के इतिहास में इस रेजिमेंट के पराक्रम की कई कहानियां जुड़ी हुई हैं. कारगिल जंग में भी दिखा था जलवा 1999 के करगिल जंग में भी बिहार बटालियन के जवानों ने हिस्सा लिया. ”कर्म ही धर्म है” का नारा साथ रखने वाली बिहार बटालियन के जवानों ने ऑपरेशन विजय में पाकिस्तानी सैनिकों के छक्के छुड़ाते हुए जुबार हिल व थारू पर कब्जा किया था. विपरीत हालातों में भी जवानों ने अपनी साहस और पराक्रम का लोहा मनवाते हुए पाक सैनिकों को मार गिराया था. मेजर समेत 19 जवानों ने अपनी शहादत देकर तिरंगा लहराया था. सबसे पहली शहादत इसी रेजिमेंट के मेजर मरियप्पन सर्वानन ने दी थी. बेहद बुलंद छाती के साथ उन्होंने लीड लिया था. पटना का कारगिल चौक आज भी अपने जवानों की वीरता को याद दिलाता है. चीन से लड़ाई में भी दिया था वीरता का परिचय कुछ महीनों पहले पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंदुस्तानीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में एकबार फिर बिहार रेजिमेंट के जवानों की वीरता सामने आई. चीनी सैनिकों के आगे सीना ताने बिहार रेजिमेंट के जवान निडर होकर डटे रहे लेकिन कदम पीछे नहीं हटाया. ड्रैगन से लड़ते हुए उन्होंने शहादत को स्वीकार किया लेकिन अपने पांव को वापस नहीं लिया. इस हिंसक झड़प में हिंदुस्तानीय सेना ने अपने 20 जवान खो दिये जिसमें अधिकतर बिहार रेजिमेंट के ही थे. जांबाज अफसर कर्नल बी संतोष बाबू भी इसी 16 बिहार रेजिमेंट में ही शामिल थे, जो शहीद हुए. Also Read: Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि The post Operation Sindoor: 1971 के युद्ध में बिहार रेजिमेंट ने दिलाई पहली जीत, पस्त पाक का बदल दिया था नक्शा appeared first on Naya Vichar.

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