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May 8, 2025

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चांदनी चौक पर नाले का टूटा स्लैब, दुर्घटना की आशंका

मोहनिया शहर. स्थानीय शहर के चांदनी चौक पर स्थित मुंडेश्वरी गेट के समीप नाले का स्लैब टूटने से दुर्घटना की आशंका बनी है. मालूम हो कि चांदनी चौक शहर का व्यस्ततम चाैक रहने के कारण यहां सड़क पर हर समय जाम जैसी स्थिति बनी रहती है, जिससे काफी पैदल यात्री सड़क किनारे नाले के ऊपर से गुजरते है. जबकि, चांदनी चौक के पास ही सासाराम से आने वाली सर्विस सड़क के किनारे बने नाला का एक जगह स्लैब टूटा हुआ है, जिसके कारण पैदल गुजरने वाले लोगों का खासकर शाम के समय या रात के अंधेरे में नाले में पैर जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता. लेकिन, एनएचएआइ द्वारा टूटे स्लैब को नहीं बदला जा रहा है. इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post चांदनी चौक पर नाले का टूटा स्लैब, दुर्घटना की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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भारत-पाक तनाव को लेकर आरा जंक्शन पर यात्रियों की सघन जांच

आरा. हिंदुस्तान के पाकिस्तान के ऊपर किये गये एयर स्ट्राइक को लेकर चारों तरफ अलर्ट है. खासकर रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप व हवाई अड्डा समेत सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. वहीं, आरा रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा के मद्दे नजर रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. आरा रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट कमांडर दीपक कुमार के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या दो पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आरपीएफ के अधिकारी और जवान यात्रियों के बैग व झोला समेत अन्य चीजों की मेटल डिटेक्टर के माध्यम से जांच कर रहे हैं, ताकि कोई भी यात्री संदिग्ध वस्तु लेकर रेलवे स्टेशन पर नहीं पहुंच सके. वहीं पूरे देश में एयर स्ट्राइक के बाद सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की गयी है एवं सार्वजनिक स्थलों पर अलर्ट घोषित किया गया है. इसको लेकर आरपीएफ के जवानों ने घूम-घूम कर रेलवे प्लेटफाॅर्म पर यात्रियों के सामान की जांच की. इस मौके पर पोस्ट कमांडर दीपक कुमार सहायक और निरीक्षक केके राय प्रधान आरक्षी एके मिश्रा, सुधीर कुमार, उपेंद्र कुमार, राकेश कुमार, लाल साहब यादव समेत काफी संख्या में आरपीएफ के जवान मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हिंदुस्तान-पाक तनाव को लेकर आरा जंक्शन पर यात्रियों की सघन जांच appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News : मारवाड़ी समाज के युवाओं का जत्था कतरास से झरिया के लिए निकला

Dhanbad News : एकादशी पर गुरुवार की सुबह कतरास मारवाड़ी समाज के युवाओं का एक जत्था कतरास से श्याम मंदिर झरिया धाम के लिए पैदल रवाना हुई. श्रद्धालुओं का यह जत्था भक्ति-भाव से सराबोर था. जयकारे से पूरा माहौल गुंजायमान हो गया. सभी के हाथों में बाबा को निसान व आगे आगे श्याम बाबा का फूलों से सजा रथ था. उस पर बाबा की तस्वीर को आकर्षक तरीके से सजाया गया था. शहर के राणी सती दादी मंदिर में विजय कुमार पांडेय, श्रीनिवास ओझा द्वारा विधि-विधान के साथ निसान का पूजन कराया गया. इसके बाद अंगारपथरा, सिजुआ मोड़, लोयाबाद, करकेंद, केंदुआ होते हुए सभी झरिया धाम पहुंचे. मौके पर भगवती सोनी, दिनेश भुवालिका, शिवम सोनी, प्रणव राजगढ़िया, नारायण खंडेलवाल, संजय चौधरी, दीपक संघई, आयुष अग्रवाल, नरेश अग्रवाल आदि शामिल थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News : मारवाड़ी समाज के युवाओं का जत्था कतरास से झरिया के लिए निकला appeared first on Naya Vichar.

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विधानसभा चुनाव के लिए बीएलओ का विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण हुआ शुरू, चुनाव में तकनीकी टूल्स के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की गयी

गोपालगंज. डीएम प्रशांत कुमार सीएच के निर्देश पर विधानसभा चुनाव के निमित्त जिले के सभी बीएलओ का विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है. चुनाव आयोग एवं निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के निर्देश पर जिले के विधानसभा क्षेत्र 102 कुचायकोट एवं 100 बरौली के सभी बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) का विधानसभा स्तरीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. यह प्रशिक्षण इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट द्वारा प्रशिक्षित विधानसभा क्षेत्र स्तरीय मास्टर ट्रेनर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बीएलओ को उनके कार्यों, कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक करना तथा एक स्वस्थ, निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण में उनकी भूमिका को सशक्त बनाना था. प्रशिक्षण सत्र में बीएलओ को मतदाता सूची अद्यतन, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया सहित सभी आवश्यक जानकारी दी गयी. साथ ही निर्वाचन से संबंधित नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं तकनीकी टूल्स के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की गयी. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस प्रशिक्षण से सभी बीएलओ आगामी निर्वाचन कार्यों को और अधिक प्रभावशाली ढंग से संपन्न करेंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post विधानसभा चुनाव के लिए बीएलओ का विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण हुआ शुरू, चुनाव में तकनीकी टूल्स के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की गयी appeared first on Naya Vichar.

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वैज्ञानिकों ने छात्राओं को सीमेंट फैक्ट्री का कराया भ्रमण

रामगढ़. गुरुवार की दोपहर हिंदुस्तानीय मानक ब्यूरो के तत्वावधान में केंद्रीय कार्यालय पटना से आये वैज्ञानिकों द्वारा आदर्श बालिका प्लस टू उच्च माध्यमिक रामगढ़ की 22 छात्राओं को दुर्गावती के हिमालया सीमेंट कंपनी का भ्रमण करा कंपनी में बनने वाले सीमेंट व सीमेंट बनाने की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गयी. नोडल शिक्षक नीतू राय व अनामिका कुमारी के नेतृत्व में गयी छात्राओं को वैज्ञानिकों द्वारा बोर्ड पर छात्राओं को बनने वाली सीमेंट के बारे में विधिवत जानकारी दी गयी. इस दौरान उनके द्वारा छात्राओं को फैक्ट्री में चलने वाली मशीन के एक एक कल पुर्जे से अवगत कराया गया व उनके योगदान के बारे में भी बताया गया. छात्राओं द्वारा वैज्ञानिकों से बीच बीच में रोककर सवाल भी पूछे गये, जिनका सही जवाब मिलने पर छात्राएं संतुष्ट दिखी. इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह, स्नेहा, सुमन, प्रिया, रौशनी, कंचन, फिजा सहित कुल 22 छात्राओं ने हिस्सा लिया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वैज्ञानिकों ने छात्राओं को सीमेंट फैक्ट्री का कराया भ्रमण appeared first on Naya Vichar.

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Hum Tum Re-Release: सिनेमाघरों में दस्तक दे रही 21 साल पुरानी फिल्म, सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की होगी वापसी

Hum Tum Re-Release: कुछ समय से बॉक्स ऑफिस पर नई फिल्मों के अलावा पुरानी फिल्मों को भी रिलीज किया जा रहा है. खासकर 90s से लेकर 2000 के दशक वाली फिल्में सिनेमाघरों दे रही है. इसी बीच 2004 की सुपरहिट फिल्म ‘हम तुम’ 21 साल बाद दोबारा सिनेमाघरों में आ रही है. एक बार फिर बड़े परदे पर सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की जोड़ी देखने को मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फिल्म 16 मई को रिलीज होने वाली है. साल 28 मई 2004 को रिलीज हुई इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म को बहुत बड़ी सफलता मिली थी. सैफ अली खान ने अपनी बेटी को दिया अवार्ड आपको बता दें, इस फिल्म के सुपरहिट होने के बाद सैफ अली खान को बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था. फिल्मफेयर अवार्ड्स के कॉमिक रोल में भी सैफ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. जब यह अवार्ड सैफ को दिया जा रहा था, तो उन्होंने इसे होनी बेटी सारा अली खान को दिया था. उसके बाद उन्होंने एक स्पीच दिया, जिसमें उन्होंने कहा, ‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप किस कैटेगरी के लिए चुने जाते हो, जब तक आप जीत नहीं जाते. सारा, यह तम्हारे लिए है. सैफ के साथ रानी मुखर्जी ने भी बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड जीता था. फिल्म के स्टारकास्ट के नाम फिल्म हम तुम में एक कार्टूनिस्ट करण और एक उत्साहित लड़की रिया की कहानी को दिखाया गया है. फिल्म में रानी मुखर्जी, रिया के किरदार में नजर आती है और सैफ, करण के किरदार में रहते है. फिल्म में जब वो दोनों एक दूसरे से मिलते है, तब फिल्म में प्यार और नफरत की कहानी शुरू होती है. सैफ अली खान और रानी मुखर्जी के अलावा किरण खेर, ऋषि कपूर, परिणीता सेठ, विवेक मदान, शिल्पा मेहता जैसे कई कलाकारों ने फिल्म में अहम भूमिका निभाई है. सैफ और रानी के किरदार को दर्शकों ने बहुत पसंद किया था. यह कहानी आज भी कई लोगों को याद है. ये भी पढ़ें: Rajinikanth की कुली के 100 डे प्रोमो से फैंस के बीच मची हलचल, फिल्म की उल्टी गिनती शुरू The post Hum Tum Re-Release: सिनेमाघरों में दस्तक दे रही 21 साल पुरानी फिल्म, सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की होगी वापसी appeared first on Naya Vichar.

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India-Pakistan Tension: पाकिस्तान छोड़ कर भागो, अमेरिका ने जारी किया अलर्ट

India-Pakistan Tension: लाहौर में ड्रोन हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास ने कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों में जाने का निर्देश दिया, जबकि पाक सेना ने हमले में चार सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की. पाकिस्तान के लाहौर में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने गुरुवार को अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे ड्रोन विस्फोट, गिराए गए ड्रोन और हवाई क्षेत्र में संभावित घुसपैठ को देखते हुए सुरक्षित स्थानों में शरण लें. दूतावास की ओर से जारी सुरक्षा चेतावनी में कहा गया कि उन्हें प्रारंभिक रिपोर्टें मिली हैं, जिनके अनुसार लाहौर हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों को खाली कराए जाने की संभावना है. दूतावास ने अमेरिका के नागरिकों को “संघर्ष क्षेत्र” से दूर रहने और यदि संभव हो तो उसे छोड़ने की सलाह दी है. यदि बाहर निकलना सुरक्षित न हो, तो उन्हें तत्काल किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाने की हिदायत दी गई है. इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लाहौर के छावनी क्षेत्र में कम से कम चार ड्रोन हमले हुए. इन हमलों के बाद इलाके में सायरन बजाए गए और सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे सीमावर्ती इलाकों और डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (DHA) के निवासियों में भारी दहशत फैल गई. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पुष्टि की कि लाहौर के पास एक ड्रोन गिराया गया, जिससे चार सैनिक घायल हो गए. The post India-Pakistan Tension: पाकिस्तान छोड़ कर भागो, अमेरिका ने जारी किया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor को ट्रेडमार्क बनाने के लिए मची होड़, रिलायंस समेत पांच लोगों ने किया दावा

Operation Sindoor: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमले के लिए हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों की ओर से शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) अब ट्रेडमार्क (Trademark) बनेगा. हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों के इस शब्द को ट्रेडमार्क कराने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) समेत पांच कंपनियों ने पेटेंट डिजाइन एंड ट्रेडमार्क महानियंत्रक से संपर्क करके आवेदन जमा कराया है. पहलगाम हमले के बाद हिंदुस्तान की सैन्य कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों के मारे जाने के दो सप्ताह बाद हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की. इस मिशन को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया. मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को किए गए इस हमले में कुल नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख केंद्र मुरीदके भी शामिल थे. ट्रेडमार्क के लिए बढ़ी होड़ सैन्य ऑपरेशन के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शब्द को ट्रेडमार्क कराने की दौड़ शुरू हो गई है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक छह अलग-अलग आवेदकों ने इस शब्द को रजिस्टर्ड कराने के लिए आवेदन किया है. इसमें कंपनियों और व्यक्तिगत स्तर पर दावेदार शामिल हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज बनी पहली आवेदक इन सभी में सबसे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ट्रेडमार्क श्रेणी 41 के तहत रजिस्टर्ड कराने के लिए आवेदन किया. इस श्रेणी में शिक्षा, प्रशिक्षण, मनोरंजन और सांस्कृतिक सेवाएं आती हैं. यह इस बात का संकेत देता है कि कंपनी इस शब्द का इस्तेमाल भविष्य में मीडिया, फिल्म, वेब सीरीज या किसी अन्य रचनात्मक परियोजना में कर सकती है. ऑपरेशन सिंदूर के पांच अन्य दावेदार रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा, पांच अन्य व्यक्तियों ने भी इस शब्द पर ट्रेडमार्क का दावा पेश किया है. मुकेश चेतराम अग्रवाल ग्रुप कैप्टन (सेवानिवृत्त) कमल सिंह ओबेर आलोक कोठारी जयराज टी उत्तम इन सभी ने ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शब्द को अपने नाम से रजिस्टर्ड कराने की मांग की है. इसे भी पढ़ें: India Attack Pak: ऑपरेशन सिंदूर के बाद हिंदुस्तान-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी, एक-एक लोगों की हो रही थंब प्रिंट जांच भावनात्मक अपील और ब्रांडिंग की संभावना विशेषज्ञों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शब्द की भावनात्मक और राष्ट्रवादी अपील इसे एक शक्तिशाली ब्रांडिंग टूल बना सकती है. यही कारण है कि विभिन्न संस्थाएं और व्यक्ति इसे अपने नाम से जोड़ने की कोशिश में लगे हैं. अब देखना यह होगा कि कानूनी रूप से किसे इस ट्रेडमार्क पर अधिकार मिलता है और इसका प्रयोग किस प्रकार के व्यावसायिक या सामाजिक उद्देश्य के लिए किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor: हिंदुस्तान के ड्रोन हमले से रावलपिंडी स्टेडियम तबाह, PSL का मैच रद्द; मची अफरा-तफरी The post Operation Sindoor को ट्रेडमार्क बनाने के लिए मची होड़, रिलायंस समेत पांच लोगों ने किया दावा appeared first on Naya Vichar.

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Patna News: रेलवे ने पार्सल डिलीवरी पर अधिक वसूले 464 रुपये, अब देना इतने लाख का हर्जाना! जानिए पूरा मामला

Patna News: पटना जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रेलवे द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर चार अलग-अलग मामलों में कड़ा फैसला सुनाया है. यह मामला अवैध रूप से घाट शुल्क वसूलने से जुड़ा है. आयोग (Consumer commission) के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की बेंच ने पटना न्यू मार्केट निवासी मीरा गुप्ता द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए रेलवे को सेवा में कमी का दोषी पाया. शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उन्होंने अलग-अलग तारीख पर नई दिल्ली और इलाहाबाद से पटना के लिए पत्रिकाओं के बंडल रेलवे से बुक किए थे. इन खेपों के पहुंचने पर रेलवे कर्मचारियों ने उनसे अवैध रूप से घाट शुल्क वसूला, जबकि रेलवे के नियमों के अनुसार माल की उपलब्धता के 18 घंटे के भीतर डिलीवरी लेने पर कोई शुल्क नहीं लगना चाहिए था. साल 2016 में दर्ज शिकायत पर अब मिला न्याय आयोग (Consumer commission) ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि रेलवे अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से घाट शुल्क वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है. रेलवे को 60 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है, अन्यथा शिकायतकर्ता निष्पादन व्यय के रूप में 10 हजार रुपये अतिरिक्त प्राप्त करने का हकदार होगा. साथ ही, आदेश का पालन न करने पर रेलवे के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है, जिसमें कारावास और जुर्माने का प्रावधान है. बता दें कि, शिकायतकर्ता ने सभी शिकायतें 25 जनवरी 2016 को हिंदुस्तान संघ (रेलवे) के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, पूर्व मध्य रेलवे, दानापुर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई थीं. केस 1: 8 रुपये अवैध वसूली पर मिला 45 हजार का हर्जाना नई दिल्ली से पटना के लिए 8 फरवरी 2014 को 10 बंडलों की खेप बुक किए गए. जिसके बाद अगले दिन ट्रेन से माल उतार दिया गया, लेकिन इसे 10 फरवरी की सुबह तक डिलीवरी के लिए इनवर्ड पार्सल शेड में नहीं लाया गया था. वहीं, शिकायतकर्ता से ₹8 घाट शुल्क वसूला गया. जबकि, माल उपलब्धता के 1 घंटे के भीतर ही ले लिया गया था. आयोग ने बताया कि रेलवे बोर्ड के नियम में यह प्रावधान है कि सुपुर्दगी के लिए उपलब्ध कराए जाने के 18 घंटे तक माल किसी भी घाट शुल्क से मुक्त रहता है. माल उपलब्ध कराए जाने के समय से एक घंटे के भीतर शिकायतकर्ता द्वारा माल प्राप्त किया गया था. शिकायत दर्ज करने की तिथि यानी 25 जनवरी 2016 से वसूली तक 12% प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज के साथ 8 रुपये की राशि का भुगतान. मानसिक पीड़ा और शारीरिक उत्पीड़न के लिए 40 हजार, मुकदमे की लागत के रूप में पांच हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया. केस 2: 31 रुपये अधिक वसूली पर 45 हजार का हर्जाना इलाहाबाद से पटना के लिए बुक किए गए दो बंडलों की खेप 01 मार्च 2014 पर ₹61 घाट शुल्क वसूला गया, जबकि नियमानुसार केवल ₹30 ही लगना चाहिए था. आयोग ने शिकायत की तिथि से रेलवे को ₹31 का 12% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए मुआवजा के रुप में 40 हजार और पांच हजार रुपये व मुकदमे की लागत के रूप में पांच हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया. केस 3: 419 रुपये की अवैध वसूली पर 50 हजार उपभोक्ता कोष में जमा का आदेश इलाहाबाद से पटना के लिए 04 मार्च 2014 को बुक किए गए चार बंडलों की खेप ₹419 घाट शुल्क वसूला गया, जबकि माल उपलब्धता के 18 घंटे के भीतर ही ले लिया गया था. इस मामले में आयोग ने रेलवे को ₹419 पर 12% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 40 हजार रुपये, मुकदमे की लागत और पटना जंक्शन पार्सल कार्यालय में घाट शुल्क की कम्प्यूटरीकृत प्रणाली में सुधार कर अनुचित व्यापार प्रथा को बंद करने का निर्देश देते हुए पांच हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया. साथ ही, रेलवे को 50 हजार रुपये ‘उपभोक्ता कल्याण कोष’ प्रशासन में जमा करने का भी आदेश दिया गया. केस 4: ₹6 वसूली पर भी मिला 45 हजार का मुआवजा इलाहाबाद से पटना के लिए 11 फरवरी 2014 को बुक किए गए एक बंडल की खेप पर ₹6 घाट शुल्क वसूला गया, जबकि माल उपलब्धता के 1 घंटे के भीतर ही ले लिया गया था. आयोग ने रेलवे को ₹6 का 12% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 40 हजार रुपये और पांच हजार रुपये मुकदमे की लागत के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया. The post Patna News: रेलवे ने पार्सल डिलीवरी पर अधिक वसूले 464 रुपये, अब देना इतने लाख का हर्जाना! जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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UP News: यूपी के बिजली वितरण में बड़ा अपडेट, ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में मिलेगा ज्यादा लाभ

UP News: बिजली वितरण निगमों के निजीकरण का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में देखने को मिलेगा, जहां अभी तक बिजली की आपूर्ति अनियमित है और शिकायत निवारण की व्यवस्था कमजोर है. निजी कंपनियों के आने से न केवल सेवा सुधरेगी, बल्कि लोगों में भरोसा भी बढ़ेगा. कर्मचारी संगठनों और कुछ नेतृत्वक दलों ने इस निर्णय का विरोध किया है. उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ेगा, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाएगी और उन्हें नई व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाएगा. बिजली सिर्फ सेवा नहीं, बुनियादी अधिकार राज्य की बिजली वितरण कंपनियां वर्षों से वित्तीय घाटे से जूझ रही हैं, इसके दो मुख्य कारण हैं-एटीएंडसी नुकसान और राजस्व की वसूली में लगातार कमी. इन नुकसानों का सीधा असर न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ता है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अनियमित आपूर्ति, बिलिंग समस्याओं और सेवा की गुणवत्ता में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जानकारों का मानना है कि निजीकरण से सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी, तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और वित्तीय घाटा कम होगा. क्योंकि निजी कंपनियां सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता केंद्रित मॉडल अपनाती हैं. निजीकरण से आम लोगों को मिल रहा लाभ उत्तर प्रदेश में डिस्कॉम्स का निजीकरण कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान है. यह निर्णय केवल वितरण कंपनियों के ढांचे में बदलाव नहीं लाएगा, बल्कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के जीवन में स्थायित्व, सुविधा और भरोसे का संचार करेगा. कई बार ऐसे नीतिगत फैसलों को नेतृत्वक चश्मे से देखा जाता है, लेकिन यह ज़रूरी है कि हम दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें. निजीकरण सिर्फ आर्थिक सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और ऊर्जा समानता का एक माध्यम है. देश के अन्य हिस्सों से मिली सीख दिल्ली के निजी डिस्कॉम्स ने बीते दो दशकों में जो सुधार हुआ है, वहीं काम अब केंद्र प्रशासन की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत देश भर में लागू करने की तैयारी की जा रही है. चाहे वह स्मार्ट मीटरिंग हो, वितरण नेटवर्क का आधुनिकीकरण हो या कर्मचारियों का प्रशिक्षण. ये सभी क्षेत्र दिल्ली के निजी डिस्कॉम्स पहले ही सफलतापूर्वक कर चुके हैं. दिल्ली की तीन निजी वितरण कंपनियों ने यह सफलता बिना किसी बड़े केंद्रीय अनुदान या प्रशासनी निगरानी के हासिल की. दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और भुवनेश्वर जैसे शहरों में पहले ही बिजली वितरण का निजीकरण हो चुका है, इन सभी जगहों पर निजीकरण के बाद सेवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बिजली चोरी में कमी आई है, और उपभोक्ताओं की संतुष्टि बढ़ी है. उत्तर प्रदेश भी अब इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. उत्तर प्रदेश प्रशासन अब उसी मॉडल को अपनाकर अपने वितरण नेटवर्क को प्रभावी और लाभकारी बनाना चाहती है. Also Read: इस बार का चुनाव योगी बनाम प्रतियोगी,अखिलेश यादव ने तय किया 2027 का विशेष मुद्दा The post UP News: यूपी के बिजली वितरण में बड़ा अपडेट, ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में मिलेगा ज्यादा लाभ appeared first on Naya Vichar.

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