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May 11, 2025

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मधेपुरा को भी चाहिये केंद्रीय विद्यालय एवं गजेटियर

मधेपुरा. जिला स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री सह आलमनगर विधायक नरेंद्र नारायण यादव, सिंहेश्वर विधायक चंद्रहास चौपाल, प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त अवधेश कुमार आनंद एवं एडीएम अरुण कुमार सिंह समेत उपस्थित अन्य अधिकारियों से समाजसेवी-साहित्यकार डा भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने एवं अपना गजेटियर होने की मांग की. डा भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने जिला स्थापना के इतिहास की प्रस्तुति किये जाने के क्रम में जनप्रतिनिधियों एवं आलाधिकारियों से मधेपुरा जिला में शीघ्रातिशीघ्र केंद्रीय विद्यालय खोलने एवं अपना गजेटियर होने की मांग की. डा भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने मधेपुरा का इतिहास बताते हुये कहा कि ब्रिटिश प्रशासन ने मधेपुरा को वर्ष 1845 में जब अनुमंडल बनाया गया था, तब सुपौल व सहरसा का विस्तृत क्षेत्र ढाई दशकों तक मधेपुरा अनुमंडल द्वारा ही प्रशासित होता रहा. जिसके 25 वर्ष बाद मधेपुरा से अलग कर सुपौल को वर्ष 1870 में अनुमंडल बनाया गया. उन्होंने बताया कि मधेपुरा के जिला बनने के 10 वर्ष बाद सुपौल को 1991 में जिला बनाया गया. वहीं सहरसा वर्ष 1954 में अनुमंडल के साथ-साथ पूर्ण जिला घोषित हुआ. आज की तारीख में सहरसा एवं सुपौल दोनों को अपना-अपना केंद्रीय विद्यालय भी है और अपना-अपना गजेटियर भी है. डा भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा को विश्व स्तरीय रेल इंजन कारखाना, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज होने के बावजूद मधेपुरा को ना तो अपना केंद्रीय विद्यालय है और ना अपना गजेटियर है. उन्होंने कहा कि पूर्व में भी उन्होंने जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने एवं अपना गजेटियर होने की मांग जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों से करते रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मधेपुरा को भी चाहिये केंद्रीय विद्यालय एवं गजेटियर appeared first on Naya Vichar.

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मनिहारी में महर्षि मेही परमहंस की मनायी गई जयंती

मनिहारी सदगुरू महर्षि मेही परमहंस जी महाराज की 141वीं जयंती मनिहारी में रविवार को मनायी गयी. सत्संग प्रेमी की ओर से सुबह शोभायात्रा मनिहारी नगर में निकाली गयी. आयोजन सत्संग कमेटी मनिहारी की ओर से किया गया. गंगा किनारे अवस्थित सत्संग आश्रम में स्तुति विनती, पुष्पांजलि, ध्यान, भंडारा का आयोजन किया गया. सत्संग का आयोजन किया. काफी संख्या में सत्संग प्रेमी शामिल हुए. मनिहारी के ओर भी कई क्षेत्र में जयंती मनायी गयी. शोभायात्रा निकाली गयी. सदगुरु महाराज की जय के जयकारे लग रहे थे. मानव कल्याण के लिए उनके उपदेश को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया. मौके पर दशरथ बाबा, अनुज मित्तल, बालेश्वर यादव, गोपाल साह, दिनेश कुमार, संतोष दास आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मनिहारी में महर्षि मेही परमहंस की मनायी गई जयंती appeared first on Naya Vichar.

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20 मई को होने वाले राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने पर दिया बल

बांका. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शाखा बांका का एक दिवसीय कार्यशाला रविवार को पुरानी अस्पताल में आयोजित हुई. इस दौरान मौजूद वक्ताओं ने संघ को और धारदार बनाने की वकालत की. साथ ही आगामी 20 मई को होने वाले राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने पर बल दिया गया. मौके पर संघ के जिला महामंत्री सनत कुमार ठाकुर ने संघ के चट्टानी एकता का परिचय देते हुए राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने एवं आगामी एक जून को होने वाले महासम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में कर्मियों को पहुंचने का अनुरोध किया. संघ के अजय कुमार चौहान, शंकर साह, सुबोध यादव, साधु शरण प्रसाद व चित्रधर सिंह आदि ने आने वाले समय में प्रशासन के कर्मचारी विरोधी नीति का डटकर मुकाबला करने की बात कही. इसके अलावा पुरानी पेंशन लागू करने, ठेका, संविदा, मानदेय पर नियुक्त कर्मियों को नियमित करने, रिक्त पदों पर बहाली करने आदि पर विस्तार से चर्चा की गयी. कार्यशाला की अध्यक्षता संघ के नरेंद्र कुमार पाठक ने की. इस मौके पर सुधीर गांधी, रामानंद सागर, दिनेश राम सहित संघ के दर्जनों सदस्य मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post 20 मई को होने वाले राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने पर दिया बल appeared first on Naya Vichar.

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बाल संसद के मंत्रिमंडल सदस्यों को दिलायी शपथ

डंडखोरा नये शैक्षणिक सत्र में बाल संसद के निर्वाचित हुए मंत्रिमंडल सदस्यों को समारोह कर शपथ ग्रहण कराया गया. उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला में बाल संसद के मंत्रिमंडल के नये सदस्यों को शपथ दिलाया. प्रधानाध्यापक लालबिहारी पासवान की देखरेख में कार्यक्रम हुआ. बाल संसद के शिक्षक संयोजक मनोज कुमार जायसवाल ने शपथ दिलाया. बाल संसद के शिक्षक संयोजक मनोज जायसवाल ने कहा कि यह शपथ ग्रहण समारोह बच्चों के भीतर लोकतांत्रिक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व की भावना को जागृत करने वाली एक प्रेरणादायक पहल है. प्रधानाध्यापक लालबिहारी पासवान ने कहा कि बच्चों को अपने जीवन में अनुशासन का पालन करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए. बाल संसद जैसी गतिविधियां छात्रों में नेतृत्व कौशल, नैतिकता और दायित्वबोध को मजबूती देती हैं. बाल संसद के प्रधानमंत्री के पद पर निर्वाचित सपना कुमारी, उप प्रधानमंत्री बनी साक्षी कुमारी, शिक्षा मंत्री प्रिंस कुमार, उप शिक्षा मंत्री मुस्कान कुमारी, विज्ञान एवं पुस्तकालय मंत्री महिमा मुर्मू, उप विज्ञान एवं पुस्तकालय मंत्री शिवकुमार मरांडी, जल एवं कृषि मंत्री संजीव कुमार, उप जल एवं कृषि मंत्री शिवानी सोरेन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री अंबिका कुमारी, उप स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री प्रीतम कुमार, आपदा सुरक्षा मंत्री अदिति कुमारी, उप आपदा सुरक्षा मंत्री रोहित कुमार, सांस्कृतिक एवं स्पोर्ट्स मंत्री नोमी कुमारी, उप सांस्कृतिक एवं स्पोर्ट्स मंत्री के पद पर चयनित रोहित कुमार को शपथ दिलाया. शिक्षक रहमतुल्लाह, शिक्षिका मालती टुडू, रूपा कुमारी, ज्योति जया, कुमारी सुलोचना, ज्योति कुमारी, सबा तरन्नुम, नीलम कुमारी, अर्चना कुमारी, शीतल कुमारी, विष्णुदेव रॉय सक्रिय रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बाल संसद के मंत्रिमंडल सदस्यों को दिलायी शपथ appeared first on Naya Vichar.

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कुमारीपुर में 13 एकड़ जमीन पर पुनर्वास को होगा आंदोलन

– कटाव पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मां जानकी धाम के प्रकल्प के रूप में पुनर्वास समिति का गठन किया कटिहार तेरा तुझको अर्पण के तत्वाधान में मां जानकी धाम के 21वें प्रकल्प के रूप में मां जानकी धाम पुनर्वास समिति का गठन विधिवत तरीके से अध्यक्ष धनवंतरी धाम के डॉ अशोक राय की अध्यक्षता में हुआ. संस्थापक राजेश गुरनानी भी मौजूद रहे. 20 वर्षों से गंगा कटाव से ग्रसित हुए कटाव पीड़ितों का एक बड़ा समूह कारी कोसी बांध पर किसी भी तरह से अपना जीवन यापन कर रहा है. उनके पुनर्वास के लिए पूर्व सांसद युवराज सिंह के नेतृत्व में कुमारीपुर की 13 एकड़ जमीन सीज कराकर पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हुई. धनराशि भी तत्कालीन आपदा मंत्री लेसी सिंह ने कटिहार प्रशासन को उपलब्ध करा दी. लेकिन प्रशासन की अकर्मण्यता की वजह से यह राशि किसी अन्य मदों में खर्च कर दी गयी. कुमारीपुर की 13 एकड़ जमीन पर इन कटाव पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मां जानकी धाम के प्रकल्प के रूप में पुनर्वास समिति का गठन किया गया है. पुनर्वास समिति के आदि प्रेरक के रूप में लक्ष्मी नारायण सिंह, प्रेरक के रूप में अशोक सिंह, मुख्य संरक्षक जयकुमार सिंह, संरक्षक पप्पू सिंह, अध्यक्ष आचार्य विद्यासागर शास्त्री अटल, उपाध्यक्ष खगेंद्र शाह, धीरेंद्र राम, महासचिव संजय पासवान, सचिव संतोष मंडल, निखिल कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रामलाल पासवान, सहकोषाध्यक्ष विनोद कुमार यादव, संगठन मंत्री कैलाश भगत, व्यवस्थापक रणवीर सिंह बंटी, प्रभारी विशाल झा, कार्यकारिणी सदस्य के रूप में उचित यादव, कृष्णा मंडल, पंकज कुमार यादव, कपिल देव मंडल, महेश प्रसाद यादव, संजीत चौधरी, दिनेश यादव बने. इस अवसर पर संस्थापक राजेश गुरनानी ने कहा आपकी लड़ाई अब निर्णायक स्तर पर आ चुकी हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कुमारीपुर में 13 एकड़ जमीन पर पुनर्वास को होगा आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

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देसी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की तैयारी में है सरकार: सीटू

– जिला ऑटो एसोसिएशन का वार्षिक जिला सम्मेलन का उद्घाटन कटिहार शहर के शहीद चौक समीप पुराना बस स्टेंड परिसर में रविवार को बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ (सीटू) की जिला इकाई जिला ऑटो एसोसिएशन कटिहार का वार्षिक सम्मेलन आयोजित की गयी. उद्घाटन बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ (सीटू)के महासचिव कामरेड राजकुमार झा ने किया. सीटू बिहार के उपाध्यक्ष कामरेड अरुण मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित थे. सम्मेलन की अध्यक्षता जिला ऑटो एसोसिएशन कटिहार के अध्यक्ष अजीत कुमार ने की. सम्मेलन के शुरुआत में हाल ही में दिवंगत हुए बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड चंचल मुखर्जी एवं जिला ऑटो एसोसिएशन के अध्यक्ष कामरेड वारिस हुसैन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया. उसके बाद जिला ऑटो एसोसिएशन के महासचिव टुनटुन यादव ने पिछले वर्ष के कार्यों की रिपोर्ट पेश की. जिसका सभी लोगों ने सहर्ष समर्थन किया. सम्मेलन सभा को संबोधित करते हुए कामरेड राजकुमार झा ने प्रशासन द्वारा परिवहन उद्योग पर किये जा रहे हमले, वर्तमान एवं संभावित समस्याएं एवं आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा किया. उन्होंने कहा कि हमें अपने रोजगार को बचाने के लिए एकता के साथ संघर्ष को तेज करना होगा. वर्तमान प्रशासन इस देशी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने का फार्मूला तैयार कर लिया है. सम्मेलन में अध्यक्ष अजीत कुमार राय, विनोद यादव, अशोक सिंह, अमरेंद्र मल्लिक, टुनटुन यादव, गौतम कुमार घोष सहित एसोसिएशन के कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे. नये श्रम कानून के खिलाफ 25 को होगा चक्का जाम सम्मेलन में संगठन के कोषाध्यक्ष कामरेड गौतम घोष ने एक प्रस्ताव पेश किया. ऑटो चालकों की विभिन्न समस्याओं यथा रूट कलर कोडिंग के फैसले को वापस लेने, ऑटो स्टैंडों की समुचित व्यवस्था करने, हिट एंड रन कानून को पूरी तरह से वापस लेने, सामाजिक सुरक्षा कानून को लागू करने, पथ परिवहन सड़क सुरक्षा कानून 2019 को वापस लेने, लाइसेंस बनाने की पक्रिया को प्राइवेट एजेंसियों से वापस लेने, परमिट फेल होने पर 20000 रुपया फाइन को समाप्त करने जैसी समस्याओं के निवारण की मांगों के साथ 20 मई 2025 को पुराने 48 श्रम कानूनों को निरस्त कर हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा नये चार श्रम कानून जो कि मजदूर विरोधी कानून है. उसके खिलाफ देश के सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत एक दिवसीय आम हड़ताल का समर्थन करने की बात की. जिसको सम्मेलन सभा ने सर्वसम्मति से पास कर दिया और सभी ने एक स्वर में पूरे कटिहार में गाड़ियों का परिचालन ठप करने का संकल्प लिया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post देसी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की तैयारी में है प्रशासन: सीटू appeared first on Naya Vichar.

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जिले में हीट वेब ने दी दस्तक, अगले दो दिनों में तापमान बढ़ने की है आशंका

– चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी के साथ ही तापमान में दर्ज की जा रही वृद्धि, परेशान दिख रहे हैं लोग – जिले में रविवार को 40.06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तापमान सुपौल. पिछले दो दिनों से जिले में चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है. रविवार को जिले का तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं अगले दो दिनों तक तापमान में वृद्धि के साथ ही गर्म लू व हीट वेब जारी रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. जिससे लोगों को बचने की जरूरत है. खासकर स्कूली शिशु एवं स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों का विशेष ख्याल रखना आवश्यक हो गया है. सुबह होने के साथ ही सूर्यदेव के कड़क होने से लोग परेशान होने लगते हैं. धूप निकलने के बाद लोग घरों से निकलने में परहेज कर रहे हैं. छांव ढूंढने लग जाते हैं लोग बाजारों में आए लोग भी कड़ी धूप होने के चलते छांव में बैठकर दिन ढलने का इंतजार करने लगते हैं. जिस कारण बाजार में सड़क किनारे स्थित दुकान में लोगों की अधिक भीड़ देखी जा रही है. खासकर उन स्त्रीओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जो अपने छोटे बच्चों को लेकर बाजार आ रही हैं. गन्ने का रस सेहत के लिए है फायदेमंद गर्मियों में गन्ने का रस जितना दिल को लुभाता है, उतना ही सेहत के लिए भी फायदेमंद है. गन्ने का रस पीने से शरीर को कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मिलते हैं. इन दिनों जिले में गर्मी परवान पर है. इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के शीतल पेय का सहारा ले रहे हैं, ताकि ठंड से राहत मिल सके और सेहत भी ठीक रहे, लेकिन गन्ने का रस लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. गन्ने के रस में पोटैशियम की अधिक मात्रा होने की वजह से यह शरीर के पाचनतंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है. यह रस पाचन सही रखने के साथ-साथ पेट में संक्रमण से भी बचाता है. गन्ने का रस कब्ज की समस्या को भी दूर करता है. डॉक्टर्स पीलिया रोग में विशेष रूप से गन्ने का रस पीने की सलाह देते हैं. इसके अलावे शहर में कच्चे नारियल की भी दुकान सज गयी है. जहां खासकर स्त्री नारियल पानी की ओर आकर्षित हो रही हैं. कहते हैं मौसम वैज्ञानिक मौसम वैज्ञानिक देवन कुमार चौधरी ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री व न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के मौसम रहने का अनुमान है. इसके लिए लोग दोपहर में हीट वेब से बचने का उपाय निश्चित रूप से करें. कहते हैं चिकित्सक हीट वेब या लू की घटनाएं मानव और पशु जीवन को नुकसान पहुंचाती हैं. डॉ आरसी मंडल ने बताया कि मनुष्य के शरीर का नार्मल तापमान 37 डिग्री होता है. वहीं 40 डिग्री से ऊपर शरीर का तापमान बढ़ने पर शरीर से इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने लगती है. जिससे शरीर से पसीना अधिक निकलने लगता है. जिसके कारण डिहाइड्रेशन होने की संभावना होती है. बताया कि हीट वेब आमतौर पर शरीर में पानी की कमी, थकावट होना, कमजोरी आना, चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन और पसीना होना और लू लगना या हीट स्ट्रोक आदि शामिल है. लू लगने के लक्षणों में गर्मी से शरीर में अकड़न, सूजन बेहोशी और बुखार भी आ सकता है. यदि शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक होता है तो दिल दौरे पड़ सकते है या इंसान कोमा में भी जा सकता है. ऐसे में लोगों को धूप में निकलने से परहेज करना चाहिए. ठंड पेय पदार्थ का सेवन करना चाहिए. अधिक जरूरत पड़ने पर धूप में निकलने पर छाता व गमछे का प्रयोग करें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जिले में हीट वेब ने दी दस्तक, अगले दो दिनों में तापमान बढ़ने की है आशंका appeared first on Naya Vichar.

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राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रतिनिधि मंडल हुए रवाना

गया. ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन जिला परिषद की ओर से ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी में 15 से 18 मई तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रतिनिधिमंडल रेल मार्ग से तिरुपति बालाजी रवाना हुआ. बताया गया कि सम्मेलन में नौजवानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विचार किया जायेगा, गया जिला से उक्त सम्मेलन में तीन प्रतिनिधि भाग लेने के लिए कोयंबटूर एक्सप्रेस से रवाना हुए. प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष संजीत सिंह, जिला सचिव विजय कुमार पान व पूर्व जिला सचिव राम जगन गिरी शामिल हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रतिनिधि मंडल हुए रवाना appeared first on Naya Vichar.

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‘सेल्फी पॉइंट न बनाएं’ अखिलेश ने भारत-पाक टेंशन के बीच योगी पर सीधा निशाना

Akhilesh Yadav: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर नाम न लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. दरअसल, उन्होंने पाकिस्तान के साथ चल रहे संघर्ष और LOC की मौजूद हालात को देखते हुए राजनेताओं को नसीहत दी है. अखिलेश ने डिफेंस से जुड़े स्थानों पर फोटो न खिंचवाने की अपील की है. अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट किया शेयर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वर्तमान के अति संवेदनशील माहौल में ’प्रतिरक्षा-सुरक्षा’ और भी अधिक गंभीर विषय बन गया है. ऐसे में राजनेताओं से अपील है कि इसे फोटो बैकग्राउंड या सेल्फी पॉइंट न बनाएं. ये आत्म-प्रदर्शन के लिए अकेले खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने की बजाय सैन्य बलों के साथ खड़े होने का समय है. वर्तमान के अति संवेदनशील माहौल में ’प्रतिरक्षा-सुरक्षा’ और भी अधिक गंभीर विषय बन गया है। नेतृत्वज्ञों से आग्रह है कि कृपया इसे फोटो बैकग्राउंड अथवा सेल्फी पाइंट न बनाएं। ये आत्म-प्रदर्शन के लिए अकेले खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने की बजाय सैन्य बलों के साथ खड़े होने का समय है। — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 11, 2025 यह भी पढ़ें- कुत्ते की पूंंछ है आतंकवाद… सीएम योगी बोले- ब्रह्मोस की ताकत पाकिस्तान से पूछे यह भी पढ़ें- यूपी में जल्द शुरू होगी 50,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया, असिस्टेंट टीचर के इतने पद खाली सीएम योगी ने आज उद्घाटन समारोह में खिंचवाई थी फोटो गौरतलब है कि आज 11 मई को लखनऊ में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड पर सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ के निर्माण इकाई का शुभारंभ किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्लांट का उद्घाटन वर्चुअली किया. इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की फोटो खिंचवाए थे. ऐसे में अप्रत्यक्ष तौर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधा है. ‘सेल्फी पॉइंट न बनाएं’ अखिलेश ने हिंदुस्तान-पाक टेंशन के बीच योगी पर सीधा निशाना 2 यह भी पढ़ें- सीजफायर के बाद लखनऊ से चंडीगढ़ और किशनगढ़ की उड़ानें फिर शुरू, श्रीनगर फ्लाइट पर मौजूदा रोक The post ‘सेल्फी पॉइंट न बनाएं’ अखिलेश ने हिंदुस्तान-पाक टेंशन के बीच योगी पर सीधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान में बलात्कार पीड़िताओं को देनी होती थी 4 पुरुषों की गवाही, वरना मिलती थी 100 कोड़े की सजा

Table of Contents क्या है हुदूद ऑर्डिनेंस इस्लाम के अनुसार क्या है जिना पाकिस्तान में जिना ऑर्डिनेंस ने क्या कहर बरपाया जिना कानून के जरिए हिंदू लड़कियों पर अत्याचार what is zina : बलात्कार एक ऐसा अपराध है, जो पीड़िताओं को जितना शारीरिक कष्ट देता है उससे कहीं अधिक उन्हें मानसिक कष्ट देता है. उसपर अगर किसी बलात्कार पीड़िता को यह कहा जाए कि अगर उसके साथ दुष्कर्म हुआ है, तो उसे 4 पुरुषों की गवाही लाकर देनी होगी, तो यह काम उस स्त्री के लिए ना सिर्फ परेशानी खड़ी करने वाला होगा, बल्कि इस तरह के प्रावधान से बलात्कारी के छूट जाने की आशंका भी बढ़ जाएगी. लेकिन पाकिस्तान में 1979 में हुदूद ऑर्डिनेंस (Hudood Ordinances) लाया गया था, जिसकी वजह से दुष्कर्म पीड़िताओं के दोषियों को तो सजा नहीं हुई, लेकिन पीड़िताएं ही जेल में कैद हो गईं. क्या है हुदूद ऑर्डिनेंस पाकिस्तान में सेना द्वारा तख्ता पलट का इतिहास रहा है. 1977 में जनरल जिया उल हक ने जुल्फिकार अली भुट्टो की चुनी हुई प्रशासन का तख्ता पलट किया भुट्टो को जेल में फांसी दिलवाई. उसके बाद जनरल जिया उल हक ने पाकिस्तान का इस्लामीकरण करने की ओर कदम बढ़ाया. इस काम को पूरा करने के लिए जनरल जिया उल हक ने हुदूद ऑर्डिनेंस को पास कराया. इस ऑर्डिनेंस में जिना (व्यभिचार/बलात्कार), झूठा आरोप, चोरी और शराब पीना आदि अपराधों को शरीयत के अनुसार परिभाषित किया गया. जिया उल हक ने शरीयत कानून को देश के कानून से ऊपर स्थान दिया था, ताकि देश का इस्लामीकरण किया जा सके. इस्लाम के अनुसार क्या है जिना इस्लाम के अनुसार विवाह के बाहर शारीरिक संबंध बनाना अपराध है यानी कोई व्यक्ति अगर विवाहेत्तर संबंध बनाता है, तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा. अगर कोई विवाहित व्यक्ति जिना का दोषी पाया जाता है, तो उसे मौत की सजा भी दी जा सकती है. कोई अविवाहित व्यक्ति अगर जिना का दोषी पाया जाता है, तो उसे सौ कोड़े की सजा दी जाती है. इस्लाम में विवाह की पवित्रता को बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी स्त्री-पुरुष वैवाहिक संबंधों के बाहर ना जाए. पाकिस्तान में जिना ऑर्डिनेंस ने क्या कहर बरपाया पाकिस्तान में जब जिना ऑर्डिनेंस आया तो इसके तहत विवाह के बाहर शारीरिक संबंध को तो गैरकानूनी बताकर उसके लिए सजा की व्यवस्था की ही गई, साथ ही बलात्कार को भी जिना में शामिल कर दिया गया. जब बलात्कार को जिना में शामिल किया गया, तो इसकी पीड़िताओं को बड़ी मुसीबत हो गई, क्योंकि उन्हें अब अपने साथ हुए अपराध को साबित करने के लिए चार पुरुषों की गवाही लानी पड़ती थी, जिन्होंने अपराध को होते देखा हो. जब स्त्रीएं चार गवाह नहीं जुटा पाती थीं, तो उनपर झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगताा था और दोषी की जगह पीड़िता को ही सजा हो जाती थी. 1980 से वर्ष 2000 के बीच पाकिस्तान में हजारों स्त्रीएं जिना के आरोप के बाद जेल में गई, इनमें वे स्त्रीएं भी शामिल थीं, जो अपने साथ हुए बलात्कार को साबित नहीं कर सकीं. इस अपराध की शिकार स्त्रीओं में अल्पसंख्यकों की स्थिति बहुत खराब हुई. जिना कानून के जरिए हिंदू लड़कियों पर अत्याचार पाकिस्तान में जिना कानून के जरिए कई बार हिंदू स्त्रीओं को अन्यायपूर्ण तरीके से फंसाया गया और उन्हें धमकाकर उनका जबरन धर्म परिवर्तन निकाह कराया गया. हिंदू लड़कियों ने अगर बलात्कार की शिकायत की तो उसे साबित करना उनके लिए बहुत कठिन था, जिसकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा. यानी पीड़िता को ही अपराधी बना दिया जाता था. इतना ही नहीं जब हिंदू लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह कराया जाता, तो लड़के के परिवार यह साबित करने के लिए जिना कानून का सहारा लेते थे कि लड़की ने स्वेच्छा से निकाह किया है, ताकि अपराध पर पर्दा पड़ जाए.अगर लड़की विरोध करे या वापस जाना चाहे, तो जिना कानून के तहत उसे ही गैरकानूनी यौन संबंध का दोषी ठहराने की कोशिश की जाती थी. हालांकि 2006 में वुमेन प्रोटेक्शन बिल आया, जिसके बाद जिना कानून से बलात्कार को अलग किया गया है, लेकिन आज भी जिना कानून का डर लोगों में मौजूद है और हिंदू लड़कियां तो आज भी इसका शिकार बन रही हैं. Also Read : 1971 में जब हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के 5,795 वर्ग मील भूमि पर कर लिया था कब्जा, तो क्यों कर दिया वापस? हिंदुस्तानीय मुसलमान क्यों करते हैं अपनी लड़कियों की पाकिस्तान में शादी? 26 निर्दोषों की हत्या के बाद हिंदुस्तान तोड़ सकता है सिंधु जल संधि, अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं कर पाएगी मजबूर पाकिस्तान के पागलपन का नतीजा है पहलगाम की घटना, कश्मीर पर बंटवारे के बाद से ही है नजर  26 पर्यटकों का खून माफ नहीं करेगा हिंदुस्तान, आतंकियों और उसके आका पाकिस्तान को सबक सिखाने की तैयारी Pahalgam Attack : टोपी और दाढ़ी का नाम इस्लाम नहीं, पाकिस्तान के इरादों का जवाब दे प्रशासन हिंदू और मुसलमान के बीच हिंदुस्तान में नफरत की मूल वजह क्या है? विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें The post पाकिस्तान में बलात्कार पीड़िताओं को देनी होती थी 4 पुरुषों की गवाही, वरना मिलती थी 100 कोड़े की सजा appeared first on Naya Vichar.

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