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May 16, 2025

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Watch Video: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट कोहली और रहाणे की मुलाकात वायरल

Virat Kohli Retires: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 शनिवार से फिर से शुरू होने जा रहा है, जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुकाबला स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव के कारण टी20 लीग को बीच में ही निलंबित कर दिया गया था. फिर से शुरू होने के बाद पहला मैच आरसीबी के लिए अहम होगा क्योंकि जीत से वे सीधे प्लेऑफ में पहुंच जाएंगे. इसके अलावा, यह मैच इसलिए भी खास होगा क्योंकि स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार मैदान पर उतरेंगे. Watch Video after retirement Virat Kohli and Ajunkya Rahane meeting viral कोहली और रहाणे का वीडियो वायरल मैच से पहले कोहली और केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे के बीच एक ऐसा पल कैद हुआ, जिसने प्रशंसकों को भावुक कर दिया. केकेआर के एक्स हैंडल (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कोहली और रहाणे अभ्यास सत्र के दौरान एक-दूसरे से मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस मुलाकात के दौरान दोनों एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए और हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के दिनों की यादें ताजा हो गईं. रहाणे हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के सबसे अहम सदस्यों में से एक थे, लेकिन 2023 के बाद से चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया है. The #TATAIPL2025 action is back! 📌 Location: M Chinnaswamy Stadium, Bengaluru pic.twitter.com/1OitOOMd41 — KolkataKnightRiders (@KKRiders) May 15, 2025 विराट ने टेस्ट क्रिकेट में बनाए हैं 9000 से ज्यादा रन हिंदुस्तान के आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान की शुरुआत करने वाले पांच टेस्ट मैचों के इंग्लैंड दौरे से पहले, 36 वर्षीय विराट ने अपने 14 साल और 123 मैचों के टेस्ट करियर को अलविदा कहने की घोषणा करके विश्व क्रिकेट में हलचल मचा दी थी. अपने टेस्ट करियर में, 36 वर्षीय खिलाड़ी ने सफेद कपड़ों में 123 मैच में प्रदर्शन किए, जिसमें 210 पारियों में 30 शतक और 31 अर्द्धशतक के साथ 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए और 254* का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया है. हिंदुस्तान के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं कोहली कोहली, सचिन तेंदुलकर (15,921 रन), राहुल द्रविड़ (13,265 रन) और सुनील गावस्कर (10,122 रन) के बाद इस प्रारूप में हिंदुस्तान के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने जून 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. हालांकि उनका पहला टेस्ट दौरा पांच पारियों में सिर्फ 76 रन बनाकर बेहद निराशाजनक रहा, लेकिन युवा विराट ने आने वाले दिनों में कुछ गंभीर, जवाबी पारी स्पोर्ट्सकर अपना नाम बनाया. ऑस्ट्रेलिया में कोहली ने स्पोर्ट्सी थी कमाल की पारी टेस्ट खिलाड़ी के रूप में उनका उदय 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले शतक से शुरू हुआ, जब उन्होंने 213 गेंदों में 116 रन बनाए. एक ऐसे दौरे में, जहां हिंदुस्तान के लिए कोई भी अन्य 300 रन का आंकड़ा नहीं छू सका था और सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज अपनी प्रभावशाली उपस्थिति की छाया मात्र नजर आए थे, विराट चार टेस्ट मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक सहित 300 रन बनाकर हिंदुस्तान के लिए शीर्ष स्कोरर रहे. ये भी पढ़ें… RCB में शामिल होते समय ‘दुखी’ और ‘गुस्से’ में क्यों थे पाटीदार? 3 साल बाद किया खुलासा PSL छोड़ IPL में शामिल होने का सिलसिला जारी, अब इस श्रीलंकाई खिलाड़ी ने लिया बड़ा फैसला The post Watch Video: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट कोहली और रहाणे की मुलाकात वायरल appeared first on Naya Vichar.

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Hera Pheri 3 में नहीं दिखेंगे बाबूराव, परेश रावल ने बीच में ही छोड़ी कॉमेडी फिल्म, वजह कर देगी हैरान

Hera Pheri 3: अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की सुपरहिट क्लासिक हेरा फेरी 3 का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हालांकि अब ऐसा लगता है कि पॉपुलर फ्रेंचाइज के साथ कुछ गड़बड़ है. शुरुआत में जहां अक्षय कुमार तीसरी किस्त का हिस्सा नहीं थे और कार्तिक आर्यन बोर्ड पर आ गए. हालांकि खिलाड़ी कुमार ने निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के साथ अपने मतभेदों को सुलझा लिया और फिल्म में शामिल हो गए. अब लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, परेश रावल ने ‘हेरा फेरी 3’ छोड़ दी है. परेश रावल ने छोड़ी हेरा फेरी 3 परेश रावल ने खुद बॉलीवुड हंगामा से इस समाचार को कंफर्म किया. उन्होंने कहा, “हां, यह सच है.” सूत्र ने यह भी बताया कि एक्टर ने कॉमेडी मूवी क्यों छोड़ी. उन्होंने कहा, “निर्माताओं और परेश रावल के बीच रचनात्मक मतभेद थे. इसलिए एक्टर ने फिल्म छोड़ने का फैसला किया.” फैंस इस समाचार से काफी दुखी हो गए. एक यूजर ने लिखा, “हम बाबू भईया को काफी ज्यादा मिस करेंगे… उन्हें मूवी में आना ही पड़ेगा.” पहले भी विवादों में थी फिल्म हेरा फेरी 3 के लिए यह पहली अड़चन नहीं है. शुरुआत में, अक्षय कुमार ने प्रोडक्शन टीम के साथ मतभेदों के कारण इस प्रोजेक्ट से बाहर होने का फैसला किया था. इसके बाद कार्तिक आर्यन को फाइनल किया गया. हालांकि निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के साथ सुलह के बाद अक्षय फिल्म में वापस आ गए. परेश रावल ने खुद इंटरव्यू में मूवी को लेकर एक्साइटिंग डिटेल्स शेयर किए थे. उन्होंने कहा कि सीक्वल में 10 गुना कॉमेडी होने वाली है, जो दर्शकों को जरूर लोटपोट करेगी. फिलहाल परेश रावल भूत बंगला की शूटिंग में बिजी हैं. यह भी पढ़ें- Box Office War: 23 मई को बॉक्स ऑफिस पर भिड़ेंगी 7 बड़ी फिल्में, दर्शकों के लिए एंटरटेनमेंट की बहार The post Hera Pheri 3 में नहीं दिखेंगे बाबूराव, परेश रावल ने बीच में ही छोड़ी कॉमेडी फिल्म, वजह कर देगी हैरान appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: लालू यादव ने तेज प्रताप के साथ किया धोखा, नहीं बनने दिया उत्तराधिकारी, RJD को तोड़ने में जुटी BJP!

Bihar: बिहार अब विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त बिहार के 5 दिनों के दौरे पर हैं. ऐसे में बीजेपी ने अपने तरकश से तीर चलाना शुरू कर दिया है. इसका एक सटीक उदाहरण गुरुवार को देखने के लिए मिला, जब बिहार प्रशासन में बीजेपी कोटे से मंत्री जीवेश मिश्रा ने तेज प्रताप यादव के सहारे लालू परिवार पर हमला बोला. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने तेज प्रताप यादव को धोखा दिया है. उन्होंने तेज प्रताप को हाशिए पर रखा है.    मंत्री जीवेश मिश्रा लालू यादव ने तेज प्रताप को दिया धोखा:  मंत्री जीवेश मिश्रा हाजीपुर में पत्रकारों से बात करते हुए मिश्रा ने कहा- तेज प्रताप यादव लालू यादव के बड़े बेटे हैं. बड़ा बेटा और  युवराज होने के नाते, उनको नेतृत्वक उत्तराधिकारी बनाना चाहिए था. उनके साथ धोखा हो रहा है. उन्हें पार्टी और परिवार में हाशिए पर रखा गया है. लेकिन उनके साथ छल हो गया. तेज प्रताप फाइटर हैं.  राष्ट्रीय जनता दल के असली वारिस वो हैं. तेज प्रताप के साथ लालू परिवार ने अन्याय और धोखा किया है.” बता दें कि हिंदुस्तानीय परंपरा में विरासक को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हमेशा घर के बड़े बेटे को ही दी जाती रही है. हालांकि ऐसा हर बार नहीं होता है.  आज नहीं तो कल तेज प्रताप करेंगे बगावत: मिश्रा  मिश्रा ने आगे कहा- “तेज प्रताप सक्षम नेतृत्व वाले व्यक्ति हैं. लालू यादव को उनको अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहिए था. लेकिन लालू परिवार ने उनके साथ धोखा किया. आज ना कल तेज प्रताप को मैदान में आकर अपना अधिकार मांगना पड़ेगा. रामधारी सिंह दिनकर ने लिखा है कि अधिकार खोकर बैठे रहना, यह महादुष्कर्म है; न्यायार्थ अपने बंधु को भी दंड देना धर्म है. इसी ध्येय पर कौरवों और पांडवों का रण हुआ. तेज प्रताप को आज ना कल युद्ध करना ही पड़ेगा अपने घर के अंदर, अपने अधिकारों के लिए. अपने को स्थापित करने के लिए तेज प्रताप को ये काम करना पड़ेगा.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें परिवार में चल रही पार्टी के लिए लड़ाई  बिहार की नेतृत्व पर नजर रखने वाले पत्रकार बताते हैं कि मिश्रा का यह बयान उस समय आया है जब लालू परिवार में पार्टी की विरासत को लेकर जंग चल रही है. नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया है कि लालू यादव के परिवार में दो गुट बन गया है. जिनमें से एक तेजस्वी तो दूसरा मीसा हिंदुस्तानी को पार्टी का कमान देने की वकालत कर रहा है. ऐसे में बीजेपी चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय जनता दल आरजेडी को अंदर और बाहर से घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है. इसे भी पढ़ें: 54 हजार करोड़ की लागत से बनेगा रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे, बिहार के इन 8 जिलों से होकर गुजरेगी सड़क The post Bihar: लालू यादव ने तेज प्रताप के साथ किया धोखा, नहीं बनने दिया उत्तराधिकारी, RJD को तोड़ने में जुटी BJP! appeared first on Naya Vichar.

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सिंधु जल संधि पर आपस में भिड़े उमर अब्दुल्ला और महबूबा, दोनों में छिड़ गया ट्विटर वॉर

Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि पर शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती आपस में भिड़ गए. सिंधु जल संधि पर महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सख्त पर रुख पर सवाल उठाए. इसके बाद इन दोनों के बीच सोशल मीडिया के प्रमुख मंच एक्स (पुराना ट्विटर) पर वाकयुद्ध शुरू हो गया. महबूबा मुफ्ती के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पलटवार करते हुए ‘सीमा पार बैठे कुछ लोगों को खुश करने का’ आरोप लगाया. तुलबुल परियोजना पर महबूबा का उमर पर हमला सबसे पहले, पीपीडी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने तुलबुल नौवहन परियोजना को पुनर्जीवित करने के आह्वान को लेकर उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला किया और इस मांग को “गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक रूप से भड़काऊ” करार दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान “खतरनाक रूप से भड़काऊ” हैं, क्योंकि दोनों देश “पूर्ण युद्ध” के कगार से आगे बढ़ चुके हैं और जम्मू-कश्मीर के लोग विनाश का दंश झेल रहे हैं. उमर अब्दुल्ला की मांग खतरनाक: महबूबा जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक्सक्लूसिव पोस्ट में लिखा, ” हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का तुलबुल नौवहन परियोजना को पुनर्जीवित करने का आह्वान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे समय में जब दोनों देश पूर्ण युद्ध के कगार से वापस लौटे हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर निर्दोष लोगों की जान, व्यापक विनाश और भारी पीड़ा के रूप में इसका खामियाजा भुगत रहा है. ऐसे बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि खतरनाक रूप से भड़काऊ भी हैं.” पानी को हथियार बनाना अमानवीय: महबूबा महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग शांति के हकदार हैं और पानी को हथियार बनाना (जो आवश्यक और जीवनदायी है) अमानवीय है. यह द्विपक्षीय मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करता है. महबूबा ने कहा, “हमारे लोग भी देश के अन्य लोगों की तरह शांति के हकदार हैं. पानी जैसी आवश्यक और जीवनदायी चीज को हथियार बनाना न केवल अमानवीय है, बल्कि इससे उस मामले के अंतरराष्ट्रीयकरण का खतरा भी है, जो द्विपक्षीय मामला बना रहना चाहिए.” सिंधु जल संधि का विरोध ‘युद्धोन्माद’ नहीं: उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि के खिलाफ अपने रुख को बरकरार रखते हुए कहा कि यह जम्मू- कश्मीर के लोगों के हितों के साथ ‘सबसे बड़ा ऐतिहासिक विश्वासघात’ है. उन्होंने तर्क दिया कि अनुचित संधि का विरोध ‘युद्धोन्माद’ नहीं, बल्कि उसमें सुधार करने के बारे में है. इसे भी पढ़ें: रोहित शर्मा के लिए लंबे समय से दबी बात को रवि शास्त्री ने अब बोल दिया, कहा- मैं कोच रहता तो… सीमा पर बैठे लोगों को खुश कर रहीं महबूबा अब्दुल्ला ने मुफ्ती को जवाब देते हुए कहा, “असल में दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सस्ती लोकप्रियता पाने और सीमा पार बैठे कुछ लोगों को खुश करने की अपनी अंधी लालसा के कारण आप यह मानने से इनकार कर रहे हैं कि सिंधु जल संधि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों के साथ सबसे बड़ा ऐतिहासिक विश्वासघात है. मैंने हमेशा इस संधि का विरोध किया है और मैं ऐसा करना जारी रखूंगा. एक स्पष्ट रूप से अनुचित संधि का विरोध करना किसी भी तरह से युद्धोन्माद नहीं है, यह उस ऐतिहासिक गलती को ठीक करने के बारे में है, जिसने जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने पानी का इस्तेमाल करने के अधिकार से वंचित किया.” इसे भी पढ़ें: ड्रीम 11 से चतरा के दर्जी ने जीते 3 करोड़ रुपये, टैक्स चुकाने के बाद कितना मिला पैसा? जानें पूरा कैलकुलेशन The post सिंधु जल संधि पर आपस में भिड़े उमर अब्दुल्ला और महबूबा, दोनों में छिड़ गया ट्विटर वॉर appeared first on Naya Vichar.

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Ranbir Canal Expansion Project: रणबीर नहर क्या है? जिससे पाकिस्तान में दहशत, एक सेकेंड में डायवर्ट होगा इतना हजार लीटर पानी

Ranbir Canal Expansion Project: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले ही दिन हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के साथ वर्ष 1960 से चले आ रहे सिंधु जल समझौते को रोकने का ऐलान कर दिया था. हालांकि अब तक इस रोक का सीधा प्रभाव पाकिस्तान पर नहीं पड़ा है, क्योंकि हिंदुस्तान ने अभी तक नदियों के जल प्रवाह को मोड़ने के लिए कोई बड़ा भौतिक बदलाव नहीं किया है. फिर भी हिंदुस्तान की ओर से चल रही जल परियोजनाएं पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें चिनाब नदी पर स्थित रणबीर नहर को लेकर गहरी चिंता जताई गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुस्तान इस नहर की लंबाई को दोगुना करने की योजना पर विचार कर रहा है. वर्तमान में यह नहर लगभग 120 किलोमीटर लंबी है और इसका विस्तार किए जाने पर हिंदुस्तान हर सेकेंड में 150 क्यूबिक मीटर पानी चिनाब नदी से डायवर्ट कर सकता है, जबकि वर्तमान में यह मात्रा केवल 40 क्यूबिक मीटर है. चिनाब नदी का जल पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में खेती और पेयजल के लिए बेहद आवश्यक है. अगर हिंदुस्तान इस पानी को मोड़ने में सक्षम हो गया, तो पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. डॉन की रिपोर्ट रॉयटर्स के हवाले से कहती है कि हिंदुस्तान में इस नहर के विस्तार को लेकर चर्चा जारी है, भले ही हिंदुस्तान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया हो. इसे भी पढ़ें: सबसे ज्यादा शराब किस देश के लोग पीते हैं? हिंदुस्तान या पाकिस्तान इस मुद्दे पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया काफी तीखी रही है. उसका कहना है कि यदि हिंदुस्तान ने पानी के बहाव को रोका या मोड़ा, तो यह एक प्रकार की “युद्ध जैसी कार्रवाई” मानी जाएगी. पाकिस्तान की लगभग 80 प्रतिशत कृषि सिंचाई सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है, जिसमें सिंधु, झेलम, चिनाब और अन्य सहायक नदियां शामिल हैं. ऐसे में जल आपूर्ति में कोई भी बाधा उसके लिए भारी संकट का कारण बन सकती है. हिंदुस्तान के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में स्पष्ट कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी नीति बनाए रखेगा, तब तक सिंधु जल समझौते पर रोक जारी रहेगी. यह बयान भी इस दिशा में हिंदुस्तान की कड़ी नीति को दर्शाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही हिंदुस्तान ने अभी कोई जल प्रवाह को रोकने वाला बड़ा कदम नहीं उठाया हो, लेकिन डैम, नहर या जल परियोजनाओं का निर्माण समय लेता है. ऐसे में पाकिस्तान पर इसका असर धीरे-धीरे, आने वाले वर्षों में नजर आएगा. फिलहाल पाकिस्तान में इस संभावना को लेकर गहरी बेचैनी और भय का माहौल है. इसे भी पढ़ें: कौन-से देश खाते हैं सबसे ज्यादा मांस? जानें हिंदुस्तान का नंबर इसे भी पढ़ें: किस देश के लोग पीते हैं सांप का खून? वजह जानकर कांप उठेगा कलेजा!   The post Ranbir Canal Expansion Project: रणबीर नहर क्या है? जिससे पाकिस्तान में दहशत, एक सेकेंड में डायवर्ट होगा इतना हजार लीटर पानी appeared first on Naya Vichar.

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Hindi Film: बिहार में कैसे बनेगी फिल्म? 32 डीएम ने नहीं बताया स्पॉट, सिर्फ इन जिलों ने सौंपी है सूची

Hindi Film: बिहार में फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थलों की खोज में प्रशासन की तरफ से कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है. बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में फिल्म निर्माण और शूटिंग करने की स्थिति में करों में छूट के साथ अनुदान का भी प्रावधान है, लेकिन जिलों की तरफ से शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थलों की सूची नहीं जा रही है. कला संस्कृति एवं युवा विभाग ने इसको लेकर नाराजगी जताई है. विभाग का कहना है कि तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक छह जिलों ने ही अपने यहां के उपयुक्त स्थलों की सूची विभाग सौंपी है. बिहार में फिल्मों को बढ़ावा देने की कवायद बता दें कि राज्य प्रशासन की तरफ से बिहार में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए यह कवायद की जा रही है. इसके लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड व फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थलों की सूची देनी है. इसके बाद उन स्थलों पर शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं व सुरक्षा भी मुहैया करानी है. इससे पहले कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने पिछले मार्च में ही सभी जिलाधिकारियों से सूची देने को कहा था. सिर्फ 6 जिलों ने सौंपी सूची अब तक खगड़िया, जहानाबाद, गया, बांका, औरंगाबाद व शेखपुरा ने ही अपने अपने जिले में उपलब्ध लोकेशन की जानकारी सौंपी है. राज्य प्रशासन के निर्देश पर विभाग की निदेशक रूबी ने सभी जिलों को शूटिंग के लिए संभावित स्थलों की सूची जल्द देने का निर्देश दिया है.   32 जिलों ने नहीं दी संभावित स्थलों की लिस्ट ज्ञात हो कि 32 जिलों ने शूटिंग के लिए संभावित स्थलों की सूची नहीं दी है. जिले में कई धार्मिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, और पुरातात्विक स्थल हैं, जो शूटिंग के लिहाज से उपयुक्त हैं. यदि इन स्थलों की सूची भेजी जाएगी तो वहां आधारभूत संरचना का विकास हो सकेगा. इससे प्रशासन को राजस्व की भी प्राप्ति होगी. बता दें कि अलग-अलग राज्यों में प्रशासन क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए काम करते रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें देनी होगी स्थलों की विस्तृत जानकारी विभाग का कहना है कि सबसे पहले स्थल का जिक्र होना चाहिए. उसके बाद स्थल की ऐतिहासिकता, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, बाजार या व्यावसायिक क्षेत्र, पुरातात्विक स्थल के संबंध में जानकारी होनी चाहिए. साथ ही उस स्थल से नजदीकी रेलवे स्टेशन, रेलवे स्टेशन से दूरी, नजदीकी हवाई अड्डा, स्थल के उपयोग के लिए निर्धारित शुल्क और स्थान के स्वामित्व की भी जानकारी देनी होगी. इसे भी पढ़ें: Turkey Azerbaijan Boycott: आतंक के समर्थकों को…तुर्किए और अजरबैजान पर शाहनवाज हुसैन का बड़ा बयान The post Hindi Film: बिहार में कैसे बनेगी फिल्म? 32 डीएम ने नहीं बताया स्पॉट, सिर्फ इन जिलों ने सौंपी है सूची appeared first on Naya Vichar.

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‘स्वस्थ यूपी’ की ओर बड़ा कदम, योगी सरकार ला रही नई हेल्थ पॉलिसी, होगा वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर

CM Yogi: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में योगी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. प्रदेश प्रशासन एक नई स्वास्थ्य नीति लाने जा रही है, जिसका मकसद न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण इलाकों तक उन्नत चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है. इस नीति के जरिए प्रशासन स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे अधिक से अधिक आधुनिक अस्पताल, क्लिनिक और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो सके. स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार देने की योजना नई नीति के तहत प्रशासन की कोशिश है कि छोटे शहरों और गांवों के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर न भागना पड़े. यह नीति अगले पांच सालों तक प्रभावी रहेगी और इसके माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार देने की योजना है. माना जा रहा है कि योगी प्रशासन जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में पेश कर सकती है, जिससे इसे आधिकारिक मंजूरी मिल सके. प्रशासन का मानना है कि यदि हर स्तर पर मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो प्रदेश में गंभीर बीमारियों से समय रहते निपटना संभव हो सकेगा. यह भी पढ़ें- हिंदुस्तान विरोध पर सख्त CSJMU, तुर्किए से शैक्षणिक समझौता रद्द यह भी पढ़ें- बेटी सोफिया का अपमान, पूरे देश का अपमान… सपा कार्यकर्ताओं ने लगाया पोस्टर, बीजेपी से की माफी की मांग नागरिक को बेहतर जीवन देना प्रशासन का उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें प्रदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया गया. बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक नई स्वास्थ्य नीति पर काम चल रहा है, जिसे मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है. सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल बीमारियों का इलाज कराना नहीं, बल्कि हर नागरिक को बेहतर और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति का अधिकार हैं, और इसे सुनिश्चित करना राज्य प्रशासन की प्राथमिकता है. उपलब्ध कराई जाएंगी ये सुविधाएं नई हेल्थ पॉलिसी के तहत प्रशासन निजी क्षेत्र को भी स्वास्थ्य सेवाओं में साझेदार बनाएगी. इसका उद्देश्य नवाचार, निवेश और समावेशन को बढ़ावा देना है. इस नीति के माध्यम से प्रदेश के हर जिले में सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं, जैसे कि न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही निजी अस्पतालों को आयुष्मान हिंदुस्तान, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी प्रशासनी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज की सुविधा आसानी से मिल सके. मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह परिवर्तनात्मक कदम प्रदेश को ‘स्वस्थ यूपी’ की दिशा में ले जाएगा. तीन मॉडर पर आधारित होगी नई स्वास्थ्य नीति योगी प्रशासन की प्रस्तावित नई स्वास्थ्य नीति तीन स्तरों- मॉडल ए, बी और सी पर आधारित होगी, जिसका मकसद शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र विस्तार करना है. मॉडल ए इस मॉडल के तहत प्रदेश के 17 नगर निगम क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा भी शामिल हैं. इन क्षेत्रों में न्यूनतम 200 बिस्तरों वाले कम से कम तीन सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे. निजी निवेश को प्रोत्साहित कर ऐसे अस्पतालों में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, रेडिएशन, ऑन्कोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. मॉडल बी इस मॉडल के तहत राज्य के 57 जिला मुख्यालयों पर 200 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पतालों की स्थापना की जाएगी. इन अस्पतालों में भी मॉडल ए के अंतर्गत मिलने वाली सभी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे जिला स्तर पर ही गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज संभव हो सकेगा. मॉडल सी प्रदेश के सभी 75 जिलों के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए मॉडल सी के अंतर्गत 100 बिस्तरों वाले अस्पताल खोले जाएंगे. यहां पर प्राथमिक रूप से जनरल मेडिसिन, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस त्रिस्तरीय मॉडल के जरिए राज्य प्रशासन शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के बीच की खाई को पाटने के साथ ही हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है. युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर योगी प्रशासन की नई स्वास्थ्य नीति के तहत निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण रियायतें और सुविधाएं दी जाएंगी. इसके जरिए राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे. नई नीति के तहत अस्पतालों की स्थापना के लिए निजी क्षेत्र को भूमि खरीद पर स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. इसके अलावा, बिजली कनेक्शन में प्राथमिकता और अनुमोदन (एनओसी) की प्रक्रिया को सरल व त्वरित बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को परियोजनाओं को शीघ्र शुरू करने में आसानी हो. यह भी पढ़ें- सपा आतंकवादियों की समर्थक पार्टी… रामगोपाल के बयान पर भड़के डिप्टी सीएम केशव The post ‘स्वस्थ यूपी’ की ओर बड़ा कदम, योगी प्रशासन ला रही नई हेल्थ पॉलिसी, होगा वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: पटना में चिराग की पार्टी LJPR की बड़ी बैठक खत्म, चुनावी रणनीति के अलावा सीटों पर हुई चर्चा ? 

Bihar Politics: बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां पूरजोर तरीके से की जा रही है. सभी नेतृत्वक पार्टियों की गतिविधियां तेज हो गई है. इस बीच बड़ी समाचार है कि, राजधानी पटना में आज केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) की बड़ी बैठक हुई. दरअसल, आज पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई. इस बैठक की अध्यक्षता जमुई के सांसद अरुण हिंदुस्तानी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने की.  बैठक में अहम प्रस्ताव हुआ पारित इस बैठक में लोजपा (रामविलास) के बिहार के कई जिलों से प्रमुख नेताओं ने शिरकत की थी. इस बैठक में पार्टी के चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई. तो वहीं, सीटों को लेकर कहा गया कि, वे गठबंधन धर्म का पालन करेंगे. सीटों को लेकर जब भी गठबंधन में कुछ तय होगा, तो उसे साझा कर दिया जाएगा. वहीं, यह बैठक चुनाव को देखते हुए बेहद खास मानी जा रही है. बैठक में अहम प्रस्ताव पारित किया गया. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की सक्रिय भागीदारी और भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर भी प्रस्ताव पास हुआ.        चिराग पासवान के बयान से गरमाई थी सियासत वहीं, पिछले दिनों की बात की जाए तो, चिराग पासवान ने बिहार की नेतृत्व में लौटने को लेकर बड़ा बयान दिया था. जिसके बाद बिहार की सियासत में हलचल पैदा हो गई थी. दरअसल, चिराग पासवान ने कहा था कि, बिहार उन्हें बुला रहा है. मैं केंद्र की नेतृत्व से ज्यादा खुद को बिहार की नेतृत्व में सहज महसूस करता हूं. याद दिला दें कि, इससे पहले जमुई से सांसद अरुण हिंदुस्तानी ने कहा था कि, चिराग पासवान को बिहार में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलती है, तो वह इसी साल विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. इधर, आज हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की बात करें तो, इसमें विधानसभा चुनाव 2025 में लोजपा (रामविलास) की स्वतंत्र पहचान के साथ भागीदारी का प्रस्ताव पारित हुआ. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि, चुनाव के वक्त चिराग पासवान के पार्टी की ओर से क्या कुछ गतिविधियां होती है. Also Read: Bihar Bhumi: दाखिल- खारिज का आवेदन नहीं होगा खारिज, सिर्फ रखना होगा इन बातों का ख्याल The post Bihar Politics: पटना में चिराग की पार्टी LJPR की बड़ी बैठक खत्म, चुनावी रणनीति के अलावा सीटों पर हुई चर्चा ?  appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain Alert: 23 मई तक पूर्वोत्तर भारत में भयंकर बारिश, आंधी तूफान की चेतावनी, हाई अलर्ट

Heavy Rain Alert: हिंदुस्तान के कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने कुछ जगहों के लिए भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है. आने वाले 7 से आठ दिनों में पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. Rain alert मौसम विभाग के मुताबिक असम और मेघालय में पहले से बहुत भारी बारिश हो रही है. असम के गोलपाड़ा में 97 मिमी और लखीमपुर में 96 मिमी बारिश दर्ज की गई है. जबकि मेघालय के तुरा में 136 मिमी और सोहरा में 56 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है. Heavy rain alert आईएमडी का पूर्वानुमान है कि 15 मई से लेकर 23 मई तक पूर्वोत्तर हिंदुस्तान के कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज हवा भी चलेगी. इसके अलावा आगामी दिनों में सिक्किम में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. Rain alert असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में इस सप्ताह झमाझम बारिश होगी. बारिश का सबसे ज्यादा असर असम, मेघालय और त्रिपुरा में दिख सकता है. Rain alert मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों में पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में गरज, बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. 15 से 18 मई के बीच अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी बारिश हो सकती है. Heavy rain alert इसके अलावा 15 से 19 मई के बीच असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है. वहीं आज (16 मई) अरुणाचल प्रदेश में गरज चमक और तेज हवा के साथ भारी बारिश की संभावना है. Heavy rain alert आईएमडी के मुताबिक अगले 5 दिनों में पूर्वी और मध्य हिंदुस्तान के इलाकों में झमाझम बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में बारिश की उम्मीद है. Rain alert The post Heavy Rain Alert: 23 मई तक पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में भयंकर बारिश, आंधी तूफान की चेतावनी, हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Bhindi Do Pyaja Recipe: बड़ों के साथ ही बच्चे भी चाट जाएंगे अपनी उंगलियां, भिंडी दो प्याजा खाकर हो जाएंगे स्वाद के दीवाने

Bhindi Do Pyaja Recipe: अगर आप अपनी रोज की सब्जियों में कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो भिंडी दो प्याज़ा आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. यह एक ऐसी रेसिपी है जिसमें भिंडी और प्याज का अनोखा मेल होता है, जो आपके खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. जब आप इसे अपने घर के बड़ों को और बच्चों को परोसते हैं तो इसे खाकर वे इसके स्वाद के दीवाने हो जाते हैं. तो चलिए जानते हैं इस स्वादिष्ट भिंडी दो प्याजा को बनाने का सबसे आसान तरीका. भिंडी दो प्याज़ा बनाने के लिए जरूरी सामग्री: भिंडी – 500 ग्राम प्याज – 4 दो प्याज क्यूब में कटे और दो पतले स्लाइस में टमाटर – 2 बारीक कटे हुए हरी मिर्च – 2 बारीक कटी अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर – 1 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच गरम मसाला – आधा छोटा चम्मच अमचूर पाउडर – 1 छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार तेल – 4 बड़े चम्मच हरा धनिया गार्निश करने के लिए. ये भी पढ़ें: Raw Mango Paratha Recipe: बच्चों को लंच में खिलाएं कच्चे आम का मीठा चटपटा पराठा, जानें आसान रेसिपी ये भी पढ़ें: Tawa Idli Recipe: सिर्फ बच्चों के ही नहीं बल्कि बड़ों के दिलों पर भी राज करेगी ये अनोखी डिश, जानें बनाने का आसान तरीका भिंडी दो प्याजा बनाने की विधि: सबसे पहले भिंडी को अच्छे से धोकर सुखा लें और उसके दोनों किनारे काटकर बीच में हल्की लंबाई में काट लें. एक कढ़ाई में 2 बड़े चम्मच तेल गरम करें और उसमें भिंडी को हल्का फ्राई कर लें जब तक वह हल्की क्रिस्पी न हो जाए. भिंडी को एक प्लेट में निकाल लें. अब उसी कढ़ाई में बचा हुआ तेल डालें और उसमें क्यूब में कटे प्याज डालें. प्याज को हल्का गोल्डन ब्राउन होने तक भूनें. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट डालें और अच्छे से मिलाएं. बारीक कटे हुए टमाटर और हरी मिर्च डालें और मसालों को पकने दें जब तक तेल अलग न हो जाए. इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, नमक और गरम मसाला डालें और अच्छे से मिलाएं. अब इसमें फ्राई की हुई भिंडी डालें और अच्छे से मसालों के साथ मिलाएं. इसके बाद इसमें पतले स्लाइस में कटे प्याज डालें और 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. जब प्याज और भिंडी अच्छे से पक जाएं और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं तो गैस बंद कर दें. आपकी लाजवाब भिंडी दो प्याजा तैयार है. इसे गर्मागर्म रोटी या पराठे के साथ परोसें और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें. ये भी पढ़ें: Pyaaj Kachori Recipe: बच्चों से लेकर बड़े भी हो जाएंगे दीवाने, घर पर इस तरह बनाएं क्रिस्पी और मसालेदार प्याज की कचौरी The post Bhindi Do Pyaja Recipe: बड़ों के साथ ही शिशु भी चाट जाएंगे अपनी उंगलियां, भिंडी दो प्याजा खाकर हो जाएंगे स्वाद के दीवाने appeared first on Naya Vichar.

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