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May 27, 2025

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Bihar: शराबी होटल मालिक की रफ्तार ने मचाया कहर! स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी को रौंदा, 2 घायल

Bihar: बिहार के भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात प्रशासनी बस स्टैंड के पास एक शराबी होटल मालिक की लापरवाही ने बड़ा हादसा होते-होते टाल दिया. ब्लैक कार तेज रफ्तार से आई और स्वास्थ्य विभाग की खड़ी गाड़ी में सीधी टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. होटल व्यवसायी निकला नशे में धुत, पुलिस ने किया गिरफ्तार मौके पर पहुंची पुलिस को जब गाड़ी के चालक की पहचान हुई, तो मामला और चौंकाने वाला निकला. आरोपी मुन्ना सिंह, शहर के चर्चित शाही इंटरनेशनल होटल का मालिक है जो घटना के वक्त नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था. पुलिस ने मौके से ही उसे हिरासत में ले लिया और शराब सेवन की पुष्टि के लिए मेडिकल जांच कराई जा रही है. Also Read: पटना हाईकोर्ट को मिलेगा नया मुख्य न्यायधीश, जस्टिस बिपिन पंचोली के नाम पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर ओवरटेक में टूटी रफ्तार की मर्यादा, हादसे की वजह बनी लापरवाही प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी झारखंड की ओर से तेज़ी से आ रहा था और बस स्टैंड के पास ओवरटेक करते हुए गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा. सड़क किनारे खड़ी प्रशासनी गाड़ी को इतनी ज़ोर से टक्कर मारी कि उसके भीतर बैठे स्वास्थ्यकर्मी बुरी तरह घबरा गए. दो लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. The post Bihar: शराबी होटल मालिक की रफ्तार ने मचाया कहर! स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी को रौंदा, 2 घायल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में लागू होगी ‘राह-वीर’ योजना, सड़क हादसे में घायलों की मदद करने पर मिलेंगे 25 हजार रुपये

Rah Veer Yojana: सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल अधिकतर लोगों की मौत केवल इस कारण हो जाती है क्योंकि उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता है. ऐसी परिस्थितियों में घायलों की जान बचाने के लिए केंद्र प्रशासन ने एक नयी योजना ‘राह-वीर’ लागू की है. इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को ‘गोल्डेन आवर’ में यानी हादसा होने के 60 मिनट के भीतर मदद करने पर 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देने का प्रावधान है. यह योजना अब झारखंड में भी लागू होगी. इन ‘राह-वीरों’ को मिलेगा 1 लाख रुपये का पुरस्कार ‘राह-वीर’ योजना के तहत मिलने वाले 25 हजार रुपये के अलावा पूरे वर्ष के दौरान राह-वीरों में से 10 का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होगा. इनमें से प्रत्येक को 1-1 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा. केंद्रीय परिवहन एवं जलवायु मंत्रालय ने इस संबंध में झारखंड सहित अन्य राज्यों को पत्र भेजा है. इस योजना को राज्य में शुरू करने की कवायद विभागीय स्तर पर शुरू हो गयी है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें कैसे होगी राह-वीर की पहचान? सड़क दुर्घटना की जानकारी जिस एक व्यक्ति द्वारा सबसे पहले पुलिस को दी जायेगी, उसे ही राह-वीर माना जायेगा. घायल का इलाज कर रहे डॉक्टर से विवरण सत्यापित करने के बाद पुलिस ऐसे राह-वीर को आधिकारिक लेटर पैड पर एक पावती देंगे. उसमें राह-वीर का नाम, मोबाइल नंबर और पता, घटना का स्थान, तारीख और समय और राह-वीर (गुड सेमेरिटन) ने पीड़ित की जान बचाने में किस तरह मदद की है इससे संबंधित जानकारी का उल्लेख होगा. इसी आधार पर जिलास्तर पर गठित मूल्यांकन समिति को भेजी जायेगी. ‘गुड सेमेरिटन पॉलिसी’ के तहत 5 हजार रुपये देने का प्रावधान केंद्र प्रशासन की पहले से लागू ‘गुड सेमेरिटन पॉलिसी’ के तहत सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को 5 हजार रुपये देने का प्रावधान है, लेकिन इसका कुछ खास परिणाम सामने नहीं आया. इसी कारण’राह-वीर’ योजना लायी गयी है. योजना का मकसद सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना है, साथ ही घायलों की मदद करने वालों को नकद पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर आमलोगों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करना और उनका मनोबल बढ़ाना भी है. केंद्र के अनुसार राह-वीर योजना 31 मार्च, 2026 तक चालू रहेगी. इसे भी पढ़ें खूंटी-सिमडेगा मेन रोड पर रोड रोलर जलकर राख, हमला या शॉर्ट सर्किट? JAC Board 10th Topper Prize: झारखंड बोर्ड 10वीं के टाॅपर होंगे मालामाल, जानें कितना मिलेगा इनाम बेंगलुरु में चमकीं झारखंड की ओडिशी डांसर, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मिला बड़ा सम्मान The post झारखंड में लागू होगी ‘राह-वीर’ योजना, सड़क हादसे में घायलों की मदद करने पर मिलेंगे 25 हजार रुपये appeared first on Naya Vichar.

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Char Dham Yatra 2025 में बढ़ी श्रद्धालुओं की रुचि, मथुरा, अयोध्या और काशी बने पहले पसंद

Char Dham Yatra 2025: बिहार में पर्यटकों के रुझान में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है. पहले जहां पहाड़ी स्थल जैसे शिमला, मनाली और दार्जिलिंग की लोकप्रियता थी, वहीं अब मथुरा, वृंदावन, वाराणसी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल बिहारवासियों की पहली पर्सद बनते जा रहे हैं. विशेष रूप से अयोध्या में राम मंदिर के उद्‌घाटन के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. बिहार के टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, अब धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए बुकिंग में भारी बढ़ोतरी हुई है. यहां तक कि युवा और बुजुर्ग सभी तरह के यात्री इन स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. गर्मी के मौसम में भी पर्यटक अब शिमला या दार्जिलिंग के बजाय इन पवित्र स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं. लोगों को लुभा रहे कई टूर पैकेट इजिगेट हॉलीडेज एड इवेंट्स के निदेशक कुदन भट्ट के मुताबिक, मथुरा-वृंदावन यात्रा का पैकेज अब प्रति पर्यटक सिर्फ 8500 रुपये में उपलब्ध है, जिसमे होटल, ट्रांसपोर्ट, ब्रेकफास्ट, डिनर और साइटसीन शामिल है. इसके अलावा, वाराणसी और अयोध्या की यात्रा भी अब आकर्षक पैकेज में उपलब्ध है. जिसमें चार रातें और पांच दिन का पैकेज 10500 रुपये प्रति व्यक्ति पर उपलब्ध है, वहीं सुमन सुपीत, योर्स ट्रैवल एंड पार्टीज प्लानर के निदेशक, कहते है कि उनका मथुरा-वृंदावन और वाराणसी-अयोध्या का पैकेज अब पर्यटकों के लिए 12.999 रुपये में उपलब्ध है, यह पैकेज 7 दिन और 6 रात का है, जिसमें एसी बस और ट्रेन यात्रा, 3-स्टार होटल, शाकाहारी भोजन, गाइड सेवा और स्थानीय दर्शन शामिल हैं. मां काली की आराधना को उमड़े श्रद्धालु सौराष्ट्र दर्शन पैकेज भी आकर्षित कर रहा है पर्यटकों को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ, गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के दर्शनीय स्थलों की भी मांग बढ़ रही है. गुजरात पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सुतिलाभ ध्रुव ने बताया कि अब द्वारका, बेट द्वारका, सोमनाथ और गिर जंगल जैसी जगहों के लिए कस्टमाइज टूर पैकेज उपलब्ध है. शहर के पर्यटकों में चारधाम यात्रा में बढ़ी रुचि धार्मिक स्थलों के प्रति रुचि अब केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है. बिहार के लोग अब वारधाम यात्रा की ओर भी रुख कर रहे हैं. देव दर्शन ट्रिप ने जून माह के लिए विशेष चारधाम यात्रा पैकेज लॉन्च किया है, जिसमें 12 रात और 13 दिन का पैकेज 25,900 रुपये में उपलब्ध है. इस पैकेज में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन शामिल हैं. युषण टूर एंड ट्रेवल्स के निदेशक राकेश कुमार के अनुसार, इस यात्रा में अब युवाओं की भी बड़ी संख्या जुड़ रही है, जो धार्मिक स्थल के साथ-साथ शांति और आत्मिक सुकून की तलाश कर रहे है. The post Char Dham Yatra 2025 में बढ़ी श्रद्धालुओं की रुचि, मथुरा, अयोध्या और काशी बने पहले पसंद appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: मानसून वाली बारिश से पहले ही आ गई बड़ी आफत, किशनगंज में टूटा डायवर्जन, इतने गांवों से कटा संपर्क

Bihar News: बिहार के जिलों में इन दिनों प्री-मानसून जैसे हालात बने हुए हैं. कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है. ऐसे में समाचार किशनगंज जिले से सामने आ गई है, जहां डायवर्जन टूटने के बाद लोगों के लिए आफत आ पड़ी है. बता दें कि, 15 जून से मानसून के आगमन को लेकर मौसम विभाग की ओर से पूर्वानुमान जारी कर दिया गया है. लेकिन, मानसून के आगमन से पहले ही परेशानी लोगों को झेलनी पड़ रही है. यह पूरा वाकया जिले के पोठिया प्रखंड के सरोगरा पंचायत में स्थित शेखपुरा गांव की बताई जा रही है. करीब 3000 लोग हुए प्रभावित दरअसल, सोमवार को यहां झमाझम बारिश हुई, जिसके बाद एक निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन पानी के तेज बहाव में बह गया. डायवर्सन के टूटने से करीब चार गांव के लोगों का संपर्क कट गया. जानकारी के मुताबिक, शेखपुरा,भूलगरा, बनवारी और बलेगची गांवों का आपस में संपर्क पूरी तरह कट गया है. बता दें कि, इन गांवों में रहने वाले करीब 3000 लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं, डायवर्जन के टूटने का प्रमुख कारण उसकी खराब गुणवत्ता बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि, डायवर्जन के टूटने से स्कूल के शिशु, किसान, मजदूर, स्त्रीओं से लेकर हर कोई प्रभावित हो गया है. ग्रामीणों ने की जल्द से जल्द मरम्मत की मांग कुल मिलाकर देखा जाए तो, भारी परेशानी लोगों को उठानी पड़ रही है. लोगों की माने तो, आस-पास के गांव को जोड़ने के लिए वही एक मात्र डायवर्जन था. जिसके बाद अब चार गांव से संपर्क टूट गया है. वहीं, इससे वर्तमान में आपातकालीन सेवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं. डॉक नदी के किनारे बनी झील की वजह से स्थिति और जटिल हो गई है. बारिश के मौसम में वैकल्पिक रास्तों के जलमग्न होने की आशंका से चिंता बढ़ गई है. इधर, ग्रामीणों ने भारी परेशानी को देखते हुए जल्द से जल्द डायवर्जन के मरम्मत की मांग की है. Also Read: पटना में रोड शो के दौरान पीएम मोदी पर आतंकी हमले का खतरा, एंटी टेरेरिस्ट स्ट्राइक फोर्स तैनात The post Bihar News: मानसून वाली बारिश से पहले ही आ गई बड़ी आफत, किशनगंज में टूटा डायवर्जन, इतने गांवों से कटा संपर्क appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi Road Show : पीएम मोदी पर फूलों की बारिश, देखें गांधीनगर के रोड शो का वीडियो

PM Modi Road Show : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात यात्रा के दूसरे दिन गांधीनगर में रोड शो किया. पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद हिंदुस्तान की सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद प्रधानमंत्री पहली बार अपने गृह राज्य पहुंचे हैं. देखें पीएम मोदी का रोड शो. LIVE: PM @narendramodi holds roadshow in Gandhinagar celebrating the success of #OperationSindoor#Watch–https://t.co/8KOBnPdpgR pic.twitter.com/SV8wwa4Tag — DD News (@DDNewslive) May 27, 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में रोड शो किया, जिसमें लोगों ने पुष्प वर्षा की. केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और सीएम भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे. पीएम मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं. आज प्रधानमंत्री गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में हिस्सा लेंगे और गांधीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. The post PM Modi Road Show : पीएम मोदी पर फूलों की बारिश, देखें गांधीनगर के रोड शो का वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Namo Bharat: नमो भारत का नहीं खुला ऑटोमेटिक गेट, गुस्साये यात्री ने तोड़ डाले ट्रेन के शीशे

Namo Bharat: दरभंगा. बिहार में नमो हिंदुस्तान एक्स्प्रेस पर पथराव की घटना हुई है. समस्तीपुर दरभंगा रेलखंड के हायाघाट स्टेशन पर ट्रेन संख्या 94804 पटना जयनगर नमो हिंदुस्तान पर पथराव कर शीशा तोड़ दिया गया. इस मामले में हायाघाट स्टेशन मास्टर विश्वनाथ हिंदुस्तानी के आवेदन पर आरपीएफ समस्तीपुर में मामला दर्ज कराया गया है. आरपीएफ इंस्पेक्टर अविनाश करोसिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. हमले में किसी यात्री को नहीं लगी चोट दर्ज प्राथमिकी के अनुसार हायाघाट स्टेशन पर रविवार की रात नमो हिंदुस्तान ट्रेन खड़ी थी. इस दौरान किसी यात्रियों ने दरवाजा खटखटाया. इस ट्रेन का सभी दरवाजा ऑटोमेटिक है. ट्रेन का ठहराव उक्त स्टेशन पर नहीं रहने के कारण दरवाजा नहीं खुला. इससे आक्रोशित होकर अज्ञात यात्रियों ने कोच पर हमला कर दिया. एक यात्री ने शीशे पर पत्थर चला दिया. इससे दो जगह पर क्रेक भी आया है. एक दरवाजे के क्षतिग्रसत होने की बात कही जा रही है. हमलावर को तलाश रही आरपीएफ ट्रेन पर हुए इस हमले की सूचना पाकर आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार व श्याम सुंदर कुमार सहित अन्य आरपीएफ कर्मियों ने हायाघाट पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की. हालांकि इस घटना में किसी यात्री को किसी तरह की क्षति नहीं पहुंची है, लेकिन ट्रेन के एक कोच को नुकसान पहुंचा है. आरपीएफ मामले की जांच कर रही है. स्टेशन पर लगे कैमरों के माध्यम से हमलावरों की पहचान की ता रही है. Also Read: Bihar Land: बिहार में रिजर्व फैसले का चल रहा स्पोर्ट्सा, सुनवाई खत्म कर मामला लटका रहे DCLR The post Namo Bharat: नमो हिंदुस्तान का नहीं खुला ऑटोमेटिक गेट, गुस्साये यात्री ने तोड़ डाले ट्रेन के शीशे appeared first on Naya Vichar.

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मां बनना महिला का कानूनी अधिकार है

पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने एक फैसला देते हुए कहा कि मां बनना किसी भी स्त्री का अपना अधिकार है. दरअसल, हुआ यूं कि तमिलनाडु के धर्मपुरी जिला में एक प्रशासनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है. इस विद्यालय में एक अंग्रेजी की शिक्षिका हैं. उनके पहले विवाह से दो शिशु हैं. लेकिन किन्हीं कारणों से पति से तलाक हो गया. यह 2017 की बात है. पर शिशु पिता के संरक्षण में ही रहे. फिर इस अध्यापिका ने 2018 में दोबारा विवाह कर लिया. वर्ष 2021 में वह गर्भवती हुई. इस कारण उसने 17 अगस्त, 2021 से 13 मई, 2022 तक के मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया. लेकिन अधिकारियों ने मातृत्व अवकाश के इस आवेदन को नियमों का हवाला देते हुए यह कहकर अस्वीकृत कर दिया कि उसके पहले से ही दो शिशु हैं. एफआर 101 (ए) के बारे में बताते हुए कहा गया कि इस अवकाश का लाभ उन्हीं स्त्रीओं को मिल सकता है, जिनके दो से कम शिशु हों. शिक्षिका ने इस नियम को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी. न्यायालय की एकल पीठ ने स्त्री के पक्ष में फैसला दिया. शिक्षा विभाग को आदेश भी दिया कि स्त्री को मातृत्व अवकाश दिया जाए. लेकिन हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को नहीं माना. तब यह स्त्री अपनी परेशानी लेकर उच्चतम न्यायालय पहुंची. उच्चतम न्यायालय ने मद्रास हाईकोर्ट के निर्णय को पलटते हुए कहा कि बेशक स्त्री के दो शिशु हैं, पर इसके बावजूद स्त्री को तीसरे शिशु के लिए मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए. विश्वभर में स्त्री के मां बनने के अधिकार को स्वीकार किया गया है. इसलिए मातृत्व अवकाश मां बनने के दौरान दिये जाने वाले लाभ का एक हिस्सा है. न्यायालय ने यह भी कहा कि संविधान का 21वां अनुच्छेद जीवन के अधिकार की गारंटी देता है. अदालत ने 2017 में किये गये मातृत्व लाभ संशोधन कानून पर भी ध्यान देते हुए कहा कि इसमें यदि किसी स्त्री के पहले से दो शिशु हैं, और वह तीसरे शिशु को जन्म देने वाली है, तब भी मातृत्व अवकाश लेने पर कोई रोक नहीं है. हां, जहां दूसरे शिशु तक यह छब्बीस हफ्ते का होता है, वहीं दो से अधिक शिशु के लिए इसकी समय सीमा बारह हफ्ते है. कुछ दशक पहले तक जो स्त्री कर्मचारी इएसआइ के अंतर्गत आती थीं, उन्हें चौरासी दिन का अवकाश मिलता था. प्रशासनी संस्थानों में भी तीन महीने या बारह हफ्ते का अवकाश था. बाद में प्रशासनी संस्थानों में स्त्रीओं की सुविधा के लिए शिशु के अठारह वर्ष के होने तक स्त्रीएं दो वर्ष की सवैतनिक छुट्टी ले सकती हैं, की सुविधा भी प्रदान की गयी. इसे ‘चाइल्ड केयर लीव’ का नाम दिया गया था. मोदी प्रशासन ने 2017 में मातृत्व अवकाश को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने का कर दिया. जो एक अच्छी पहल है. इन दिनों परिवार छोटे हैं. शिशु के पालने की जिम्मेदारी मां पर ही ज्यादा पड़ती है, इसलिए इतनी लंबी छुट्टी की व्यवस्था ठीक है. ऐसा भी समय रहा है जब स्त्रीएं चाहे जितनी भी योग्य और प्रतिभाशाली क्यों न हों, उन्हें इसलिए नौकरी नहीं दी जाती थी कि कल इनका विवाह होगा. फिर शिशु होंगे और इन्हें छुट्टी देनी पड़ेगी. इस कारण काम में नुकसान होगा. मोदी प्रशासन ने जब मातृत्व अवकाश छह महीने का किया, तो बहुत सी ऐसी आवाजें सुनाई दीं कि स्त्रीओं को इतनी लंबी छुट्टी दें, तो उनकी जगह काम के लिए कोई अस्थायी कर्मचारी रखें. ऐसे में स्त्री को भी वेतन दें और इस अस्थायी कर्मचारी को भी. इस तरह पैसे की दोहरी मार झेलें, या फिर काम का नुकसान होने दें. तो स्त्रीओं को नौकरी पर रखें ही क्यों. फिर हर समय उनकी सुरक्षा की भी चिंता करें कि वे अपने घर ठीक से पहुंची या नहीं. सुरक्षा की गारंटी के लिए भी पैसे खर्च करें. अमेरिका के बहुत से राज्यों में भी प्रशासनी स्त्री कर्मचारियों को पेरेंटल लीव के तहत बारह हफ्ते की सवैतनिक छुट्टी मिलती है. परंतु निजी क्षेत्रों में काम करने वाली स्त्री कर्मचारियों के लिए नियम अलग हैं. अमेरिका, ओइसीडी (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट) के 38 देशों में इकलौता ऐसा देश है, जहां आज तक ऐसा नियम नहीं बनाया जा सका है कि निजी कंपनियों में काम करने वाली कर्मचारियों को सवैतनिक मातृत्व अवकाश दिलवा सकें. यह भी विचित्र ही है कि जिन कंपनियों में सवैतनिक पेरेंटल लीव नहीं है, लेकिन यदि वहां स्त्री ऐसी छुट्टी पर जाए, तो उसकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं होता. परंतु जिन कुछ संस्थानों में स्त्रीओं को सवैतनिक छुट्टी मिल सकती हैं, वहां उनकी नौकरी बचे रहने की कोई गारंटी नहीं होती. कहने को तो अमेरिका और बहुत से यूरोपीय देश अपनी घटती आबादी को लेकर चिंतित हैं. यही नहीं वे स्त्रीओं और बच्चों के बड़े भारी हितैषी भी कहलाते हैं. इससे अच्छा तो अपना देश ही है, जहां स्त्रीएं प्रशासनी क्षेत्रों में काम करें या निजी में, मातृत्व अवकाश सबके लिए एक जैसा है. हां, संगठित क्षेत्र की स्त्रीओं को जो सुविधाएं मिलती हैं, वे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली स्त्रियों को भी जरूर मिलनी चाहिए. इस बारे में भी प्रशासन को नियम बनाना चाहिए. यदि मां बनना स्त्री का कानूनी अधिकार है, तो वह हर स्त्री को मिले.(ये लेखिका के निजी विचार हैं.) The post मां बनना स्त्री का कानूनी अधिकार है appeared first on Naya Vichar.

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पुण्यतिथि पर विशेष-आधुनिक भारत के निर्माता थे जवाहरलाल नेहरू

आधुनिक हिंदुस्तान के निर्माता पं जवाहरलाल नेहरू को इस संसार से गये इकसठ वर्ष हो गये हैं. इस अवसर पर उनकी यादों को ताजा करते हुए पहली बड़ी बात यही याद आती है कि स्वतंत्रता के पहले सूर्योदय से पूर्व 14 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि तत्कालीन वायसराय लॉज (अब राष्ट्रपति भवन) में उन्होंने जो ऐतिहासिक ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण दिया, जानकार उसे बीसवीं शताब्दी के सर्वश्रेष्ठ भाषणों में गिनते हैं. अलबत्ता, उनके उसके बाद के कई भाषण भी कुछ कम उल्लेखनीय नहीं हैं. यह बात और है कि तब तक उनके प्रधानमंत्री काल की कई तल्ख हकीकतों से रूबरू देश का सुहाना सपना टूटने, उल्लास फीका होने और उत्साह मंद पड़ने लगा था. वर्ष 1954 के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देशवासियों को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा था- हम अभी आजादी के रास्ते पर हैं, यह न समझिए कि मंजिल पूरी हो गयी है. हमें इस देश के एक-एक आदमी को आजाद करना है. यदि देश में कहीं गरीबी है, तो (मानना होगा कि) वहां तक आजादी नहीं पहुंची. इसी तरह, यदि हम आपस के झगड़ों में फंसे हुए हैं, आपस में बैर है, बीच में दीवारें हैं, तब भी हम पूरे तौर पर आजाद नहीं हैं. हिंदुस्तान के किसी गांव में किसी हिंदुस्तानी को, चाहे वह किसी भी जाति का है, यदि उसको हम उसे जातिसूचक शब्दों से पुकारें, हरिजन कहें, यदि उसको खाने-पीने में, रहने-चलने में वहां कोई रुकावट है, तो वह गांव भी आजाद नहीं है, गिरा हुआ है. वर्ष 1958 के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए वे कुछ और यथार्थवादी हो उठे थे- यहां मैं आपके सामने किसी एक दल की तरफ से नहीं खड़ा हुआ हूं. एक मुसाफिर की तरह से, आपके हमसफर के रूप में खड़ा हुआ हूं. इस मुल्क के करोड़ों लोगों से और आपसे यह दरखास्त करने कि जरा हम अपने दिल में देखें, अपने को और औरों को समझाएं कि इस वक्त भी लोग आपस में झगड़ा-फसाद करते हैं, एक-दूसरे को मारते हैं और एक-दूसरे की संपत्ति को जलाते हैं, तो हमारा कर्तव्य क्या है? कोई भी पॉलिसी हो, उसमें हम सफल एक ही तरह से हो सकते हैं कि हम मिलकर, शांति से काम करें. नहीं तो हमारी सारी ताकत एक-दूसरे के खिलाफ जाया हो जाती है. यदि हमारी राय में फर्क है तो हम एक-दूसरे को समझाएं, एक-दूसरे को अपनाएं. दूसरा और कोई तरीका नहीं है. वर्ष 1960 में उन्होंने लाल किले से कहा था कि आजादी की सालगिरह कोई तमाशा नहीं है. यह एक बार फिर से इकरार करने का दिन है, फिर से प्रतिज्ञा करने का, फिर से जरा अपने दिल में देखने का कि हमने अपना कर्तव्य पूरा किया कि नहीं. आजादी की लड़ाई हमेशा जारी रहती है. कभी उसका अंत नहीं होता. हमेशा उसके लिए परिश्रम करना पड़ता है, हमेशा उसके लिए कुर्बानी करनी पड़ती है, तब वह कायम रहती है. जब कोई मुल्क या कौम ढीली पड़ जाती है, कमजोर हो जाती है, असली बातें भूलकर छोटे झगड़ों में पड़ जाती है, उसी वक्त उसकी आजादी फिसलने लगती है. उस समय उन्होंने लोगों से पूछा था कि आजादी किसके लिए आयी? क्या चंद लोगों के लिए आयी? जवाहरलाल के लिए आयी कि उसको आपने चंद रोज के लिए प्रधानमंत्री बना दिया? नहीं, जवाहरलाल आयेंगे और जायेंगे, और लोग भी. लेकिन हिंदुस्तान हमेशा रहेगा. तो फिर यह सबके लिए है, जो हिंदुस्तान के चालीस करोड़ लोग हैं, जो आजादी के हिस्सेदार हैं, वारिस हैं, उनको पूरा लाभ मिले, तब आजादी पूरी होगी. ‘हिंदुस्तानमाता’ की बात करें, तो उन्होंने आजादी से पहले 1920 में ही कह दिया था कि हम सब देशवासी हिंदुस्तानमाता का एक-एक टुकड़ा हैं और हमसे मिलकर ही हिंदुस्तानमाता बनी है. जब भी हम हिंदुस्तानमाता की जय बोलते हैं, तो वास्तव में अपनी ही जय बोल रहे होते हैं. जिस दिन हमारी गरीबी दूर हो जायेगी, हमारे तन पर कपड़ा होगा, बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलेगी, हम सब खुशहाल होंगे, उसी दिन हिंदुस्तानमाता की सच्ची जय होगी. यदि हम ही, जो अंग्रेजी राज में जुल्म गरीबी व भुखमरी का सामना करते हुए अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं, नहीं होंगे तो इस धरती को हिंदुस्तानमाता कौन कहेगा? दिल्ली में नौ अप्रैल, 1950 को इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि जब लोग भूखे हों और मर रहे हों, तो किसी भी दूसरे विषय पर बात करने से पहले सामान्य मनुष्यों के जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना सबसे जरूरी है. आज का मनुष्य कष्टों, भुखमरी और असमानता को बर्दाश्त करने की मनःस्थिति में नहीं है. विशेषकर जब दिख रहा है कि बोझ बराबर नहीं उठाया जा रहा. कुछ थोड़े से लोग मुनाफा कमाते हैं और बाकी बहुत से लोग केवल बोझ उठाते हैं The post पुण्यतिथि पर विशेष-आधुनिक हिंदुस्तान के निर्माता थे जवाहरलाल नेहरू appeared first on Naya Vichar.

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Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ से अब पूरे देश को होगी ट्रांसफार्मर की सप्लाई

Chhattisgarh News : विकसित हिंदुस्तान के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है. देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया. इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफार्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा. इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की. बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई. श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित हिंदुस्तान 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने. यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है. राज्य प्रशासन इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी.” यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी. विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी. The post Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ से अब पूरे देश को होगी ट्रांसफार्मर की सप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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“ये बेवकूफ जोकर भारत से मुकाबला करना चाहते हैं” कुवैत में ओवैसी का पाक पर करारा हमला

Asaduddin Owaisi: हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों और उसके असली चेहरे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने के लिए 33 देशों में भेजे गए डेलिगेशनों में से एक प्रतिनिधिमंडल कुवैत पहुंचा. इस दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा और आतंकवाद को लेकर उसकी नीतियों की कड़ी आलोचना की. पाक को FATF की ग्रे लिस्ट में लाने की मांग ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को दोबारा FATF (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए हिंदुस्तान विरोधी आतंकी गतिविधियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है. उन्होंने कहा कि IMF से मिले 2 बिलियन डॉलर के कर्ज का दुरुपयोग पाक सेना द्वारा किया जा सकता है. ‘धर्म का कार्ड स्पोर्ट्सकर पाकिस्तान नहीं बच सकता’ कुवैत में हिंदुस्तानीय प्रवासियों से संवाद करते हुए ओवैसी ने कहा, “पाकिस्तान यह कहकर खुद को मुसलमानों का प्रतिनिधि नहीं बता सकता कि वह एक मुस्लिम देश है. हिंदुस्तान में मुसलमानों की आबादी पाकिस्तान से ज़्यादा है, और हम उनसे ज़्यादा ईमानदार हैं.” ‘पाक के जोकर हिंदुस्तान से मुकाबला नहीं कर सकते’ ओवैसी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दी गई एक 2019 की चीनी सैन्य ड्रिल की फोटो** को लेकर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, “ये बेवकूफ जोकर हिंदुस्तान से मुकाबला करना चाहते हैं. नकल करने के लिए अक्ल चाहिए, और इनके पास वो भी नहीं है.” #WATCH | During an interaction with the Indian diaspora in Kuwait, AIMIM MP Asaduddin Owaisi says, ” Yesterday, the Pakistani Army chief gifted a photo to the Pakistani PM Shehbaz Sharif…these stupid jokers want to compete with India, they had given a photograph of a 2019… pic.twitter.com/xJoaBo6zhO — ANI (@ANI) May 26, 2025 TRF और पहलगाम हमले में पाक की भागीदारी पर निशाना ओवैसी ने दावा किया कि हिंदुस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को TRF (The Resistance Front) के बारे में दिसंबर 2023 और मई 2024 में दो बार सूचित किया था. यह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान TRF का नाम दबाने की कोशिश कर रहा है, जबकि इसने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी. The post “ये बेवकूफ जोकर हिंदुस्तान से मुकाबला करना चाहते हैं” कुवैत में ओवैसी का पाक पर करारा हमला appeared first on Naya Vichar.

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