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May 28, 2025

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संयुक्त राष्ट्र में क्यों उठाया गया था कश्मीर का मसला, पंडित नेहरू और सरदार पटेल के बीच था ये विवाद?

Table of Contents कश्मीर पर क्या सोचते थे पंडित नेहरू और सरदार पटेल कबायली हमले के वक्त कश्मीर में क्या हुआ संयुक्त राष्ट्र में क्यों उठाया गया कश्मीर का मसला? 1948 में सीजफायर के बाद भी कश्मीर के कुछ हिस्सों से क्यों नहीं हटा पाकिस्तान Patel Nehru Kashmir Dispute : जम्मू-कश्मीर को हिंदुस्तान का मस्तक कहा जाता है. हिंदुस्तान का यह राज्य धरती पर का स्वर्ग है और इसी स्वर्ग को हथियाने के लिए पाकिस्तान हमेशा अपनी आसुरी शक्तियों का प्रयोग करता रहता है. हिंदुस्तान के बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान ने कश्मीर को हथियाने के लिए गलत प्रयास किए हैं. आजादी के तुरंत बाद ही उसने कबायलियों के जरिए जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था. इस हमले की वजह से जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान का कब्जा है. उसी पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान आतंकवादियों को शरण देता है, उनके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था करता है और हिंदुस्तान को आतंकवाद की आग में जलाता रहता है. 1948 में जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध हो रहा था तो पंडित नेहरू और सरदार वल्लभाई पटेल के बीच कश्मीर के मसले को लेकर कुछ मतभेद थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि अगर उस वक्त सरदार पटेल के सुझावों को मान लिया जाता, तो हमें पहलगाम अटैक ना झेलना पड़ता. प्रधानमंत्री के इस बयान का अर्थ यह है कि कश्मीर को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू से कुछ गलतियां हुईं, जिनका खामियाजा आज हम भुगत रहे हैं. वे यह भी कहना चाहते हैं कि सरदार पटेल उस वक्त सही थे, अगर उनकी बात मान ली जाती, तो आज परिस्थितियां अलग होतीं. कश्मीर पर क्या सोचते थे पंडित नेहरू और सरदार पटेल पंडित नेहरू और सरदार पटेल दोनों ही इस बात पर सहमत थे कि कश्मीर को हिंदुस्तान का अंग होना चाहिए. जब आजादी के वक्त कश्मीर ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए और स्वतंत्र रहने की इच्छा जताई तो नेहरू और पटेल दोनों को यह बात पसंद नहीं आई थी. हिंदुस्तानीय विदेश सेवा के अधिकारी सी दासगुप्ता ने अपनी किताब- War and Diplomacy in Kashmir, 1947–48 में यह स्पष्ट लिखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल दोनों ही कश्मीर के स्वतंत्र या तटस्थ रहने के पक्ष में नहीं थे. दोनों का ही यह मानना था कि कश्मीर का स्वतंत्र रहना हिंदुस्तान की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा होगा. हां, यह भी एक सच्चाई है कि कश्मीर के मसले को सरदार पटेल सैन्य कार्रवाई से हल करना चाहते थे, जबकि पंडित नेहरू कूटनीतिक तरीके से. कबायली हमले के वक्त कश्मीर में क्या हुआ कश्मीर को ललचाई नजरों से देखने वाला पाकिस्तान किसी भी हालत में कश्मीर को हड़पना चाहता था. इसी सोच की वजह से जब हिंदुस्तान का बंटवारा हुआ और देश के तीन टुकड़े हुए तो पाकिस्तान कश्मीर को हथियाना चाह रहा था, क्योंकि आजादी के वक्त कश्मीर ने स्वतंत्र रहने का विकल्प चुना था. वह ना तो हिंदुस्तान के साथ था और ना ही पाकिस्तान के साथ. इसी बात का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान ने कबायलियों की मदद से वहां के राजा हरि सिंह पर हमला कर दिया. हमले के बाद राजा हरि सिंह ने हिंदुस्तान से मदद मांगी. नेहरू और पटेल दोनों ही उस वक्त कश्मीर को सैन्य मदद देने के पक्षधर थे, लेकिन अंग्रेजों ने उन्हें रोका. उनका यह मानना था कि अगर हिंदुस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र की मदद करेगा, तो हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ जाएगा. उन्होंने बिना विलय पत्र के कश्मीर को मदद देने से रोका था. कश्मीर ने जब विलयपत्र पर हस्ताक्षर किया, तब जाकर हिंदुस्तान कश्मीर में सैन्य कार्रवाई कर सका. War and Diplomacy in Kashmir, 1947–48 में लिखा गया है कि सरदार पटेल कश्मीर मुद्दे पर निर्णायक सैन्य कार्रवाई के पक्षधर थे, जबकि नेहरू अधिक कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाना चाहते थे. कश्मीर का मसला ब्रिटिश अधिकारियों की भूमिका और नेहरू-पटेल के बीच मतभेदों के कारण काफी जटिल हो गया था. संयुक्त राष्ट्र में क्यों उठाया गया कश्मीर का मसला? 1947-48 में जब जम्मू-कश्मीर पर कबायलियों ने हमला किया और बाद में यह युद्ध हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध में बदल गया, तो पंडित नेहरू ने चाहा कि वे इस मसले को संयुक्त राष्ट्र में लेकर जाएं और पाकिस्तान को बेनकाब करें. उन्होंने एक बार यह कहा था -‘Kashmir’s accession is final. The only thing left is to ratify the will of the people.’ पंडित नेहरू के इन शब्दों से यह स्पष्ट है कि वे कश्मीर का हिंदुस्तान में विलय तो अंतिम रूप में चाहते ही थे, लेकिन उनका तरीका थोड़ा अलग था, वे सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीतिक प्रयासों के समर्थक थे. कश्मीर का मसला संयुक्त राष्ट्र में उठाया जाए, सरदार पटेल इस बात के सख्त खिलाफ थे. वे यह कहते थे कि कश्मीर हिंदुस्तान का आंतरिक मसला है और इस मसले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की जरूरत नहीं है. वे किताब में इस बात का जिक्र भी है कि कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की जानकारी भी सरदार पटेल को देर से दी गई थी और वे इससे नाखुश भी थे. पंडित नेहरू का कश्मीर को लेकर साॅफ्ट कार्नर था. वे मूलत: कश्मीर के रहने वाले थे, इसलिए वे कश्मीर के मसले को दिल से देखते थे. सरदार पटेल ने लार्ड माउंटबेटन के सामने ही कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय विषय मानने से इनकार किया था और कहा था कि इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना रणनीतिक भूल होगी. उन्होंने कहा था -If Hyderabad is our internal matter, so is Kashmir.’ यानी अगर हैदराबाद हमारा आंतरिक मसला है,तो कश्मीर भी है. लेकिन पंडित नेहरू ने सरदार पटेल की नहीं सुनी और 1 जनवरी 1948 को कश्मीर का मसला हिंदुस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र में उठाया गया. 1948 में सीजफायर के बाद भी कश्मीर के कुछ हिस्सों से क्यों नहीं हटा पाकिस्तान हिंदुस्तान ने जब कश्मीर का मसला संयुक्त राष्ट्र में उठाया, तो संयुक्त राष्ट्र संघ ने 13 अगस्त 1948 और 5 जनवरी 1949 को प्रस्ताव पास किए, जिनमें कहा गया कि पाकिस्तान सभी कबायली लड़ाकों और अपनी सेना को कश्मीर से पूरी तरह हटाए. हिंदुस्तान भी अपनी सेना की मौजूदगी कम करे और कश्मीर में जनमत संग्रह कराया जाए.

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23 हजार रुपये सस्ता मिल रहा OnePlus 12 5G, जानें कहां चल रही ये धमाकेदार डील

पिछले साल लॉन्च हुए OnePlus फ्लैगशिप स्मार्टफोन में से एक OnePlus 12 5G की कीमत घटा दी गई है. कंपनी की तरफ से OnePlus 12 5G पर अब तक का सबसे बड़ा प्राइस कट किया गया है. ई-कॉमर्स शॉपिंग साइट अमेजन (Amazon) पर OnePlus 12 5G पर बढ़िया डिस्काउंट दिया जा रहा है. ऐसे में अगर आप भी OnePlus का ये फ्लैगशिप मॉडल खरीदना चाहते हैं तो आपके पास इसे 23 हजार सस्ते में खरीदने का बेहतरीन मौका है. आइए जानते हैं क्या है ऑफर और कैसे उठा सकते हैं इसका फायदा. यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy S25 Edge की शुरू हुई डिलीवरी, 200MP कैमरा वाला फोन इन्हें मिलेगा सबसे पहले Amazon पर मिल रहा है बड़ा डिस्काउंट ई-कॉमर्स शॉपिंग साइट अमेजन (Amazon) OnePlus 12 5G के 16GB+512GB वेरिएंट पर 20% तक का बढ़िया डिस्काउंट दे रहा है. जिससे इस वेरिएंट की कीमत 69,999 रुपये से घटकर 56,998 रुपये हो गई है. यानी कि 13 हजार रुपये का सीधा प्राइस कट. इतना ही नहीं, इस मॉडल को खरीदने के दौरान ग्राहकों को 4000 हजार रुपये का बैंक डिस्काउंट और 6000 हजार रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी दिया जा रहा है. जिससे इस मॉडल को आप सिर्फ 46,998 रुपये में खरीद सकते हैं. यानी की 23 हजार रुपये तक का फायदा. OnePlus 12 5G के स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: OnePlus 12 5G में 120Hz रिफ्रेश रेट और 4500nits की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट के साथ 6.82 inch का Fluid AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. वहीं, डिस्प्ले पर Corning Gorilla Glass Victus 2 का प्रोटेक्शन दिया गया है. प्रोसेसर: OnePlus 12 में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 3 का दमदार प्रोसेसर दिया गया है, जो Android 14 पर बेस्ड OxygenOS 14 पर काम करता है. कैमरा: OnePlus 12 बैक पैनल में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है. जिसमें 50MP का Sony LYT-808 प्राइमरी सेंसर है. 64MP का सेकेंडरी और 48MP का अल्ट्रा वाइड थर्ड कैमरा है. वहीं, फ्रंट में 32MP का कैमरा सेल्फी के लिए दिया गया है. बैटरी: 50W AIRVOOC और 100W SUPERVOOC चार्जिंग सपोर्ट के साथ OnePlus 12 में 5400mAh की बैटरी दी गई है. यह भी पढ़ें: Motorola का नया फ्लिप फोन हो गया लॉन्च, 50 हजार रुपये से कम में मिल रहे तगड़े फीचर्स, पहली सेल इस दिन यह भी पढ़ें: Motorola यूजर्स को इन मॉडल्स पर नहीं मिलेगा Android 16 अपडेट, लिस्ट में आपका फोन तो नहीं The post 23 हजार रुपये सस्ता मिल रहा OnePlus 12 5G, जानें कहां चल रही ये धमाकेदार डील appeared first on Naya Vichar.

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पहनना है कुछ अलग तो ट्राय करें सिगरेट पैंट, सलवार और प्लाजो को भूल जाएंगे

समय के साथ लड़कियों के पहनावे ओढ़ावे में काफी बदलाव आया है. वे वक्त के साथ अपने रहन सहन के अलावा ड्रेसिंग सेंस में भी काफी बदलाव करती है. इन दिनों स्त्रीएं आम दिनों में प्लाजो, सलवार या जींस पहन रही हैं. लेकिन कुछ नया ट्राय करने की चाहत में वह अक्सर शॉपिंग मॉल या दुकान का चक्कर लगा लेती है. अगर आप भी कुछ नया ट्राइ करना चाह रहे हों तो सिगरेट पैंट एक बढ़िया विकल्प है. ये पतली और फिटेड पैंट होती हैं जो आजकल लड़कियों के बीच काफी पॉपुलर हो गई हैं. सिगरेट पैंट पहनने से सूट का लुक थोड़ा मॉडर्न और सेमी-फॉर्मल लगने लगता है, जो ऑफिस और कॉलेज के लिए एकदम सही रहता है. साथ ही ये पहनने में भी काफी आरामदायक होती हैं. अगर आप भी नया सूट बनवाने जा रही हैं, तो सिगरेट पैंट के ये स्टाइलिश डिजाइन जरूर देखें ट्रेंडी दिखती है सिगरेट पैंट का लुक पतला और फिटेड होता है, जिसकी मोहरी (नीचे का हिस्सा) थोड़ी ऊपर तक होती है. इसी वजह से यह काफी ट्रेंडी लगती है. आप इसमें साइड स्लिट यानी एक छोटा कट लगवाकर इसे और भी स्टाइलिश बना सकती हैं. कट वर्क से दें फैंसी लुक अगर आप सिगरेट पैंट की मोहरी पर कट वर्क करवाएंगी तो इसका लुक और भी सुंदर लगेगा. ये डिजाइन खासकर तब बहुत अच्छा लगता है जब पैंट थोड़ी छोटी हो. गोटा पट्टी और लेस से सजाएं अगर आपका सूट सिंपल है, तो पैंट को थोड़ा हेवी बनाकर लुक को बैलेंस कर सकती हैं. मोहरी पर गोल्डन गोटा पट्टी या मैचिंग लेस लगवाएं, इससे पैंट का लुक और आकर्षक लगेगा. नेट फैब्रिक का इस्तेमाल पैंट के नीचे नेट फैब्रिक अटैच करवाएं. इससे पैंट का लुक काफी रिच और ट्रेंडी लगेगा. आप पैंट की लंबाई थोड़ी और बढ़ाकर उस पर नेट लगवा सकती हैं. सिंपल लेकिन स्टाइलिश डिजाइन अगर आप बहुत ज्यादा हेवी काम नहीं चाहती हैं तो सिंपल कट वर्क के साथ मैचिंग लेस लगवा सकती हैं. यह डिजाइन रोजमर्रा के पहनावे के लिए एकदम सही रहेगा. धोती स्टाइल पैंट कुछ हटके ट्राई करना चाहती हैं तो आप धोती स्टाइल सिगरेट पैंट भी पहन सकती हैं. यह शॉर्ट कुर्तियों और टॉप्स के साथ बहुत अच्छा लगता है, खासकर जब आप इंडो-वेस्टर्न लुक चाहती हैं. डबल कलर डिटेलिंग आप पैंट की मोहरी पर दो रंगों में फैंसी डिटेलिंग भी करवा सकती हैं. यह डिजाइन देखने में यूनिक और स्टाइलिश लगेगा. The post पहनना है कुछ अलग तो ट्राय करें सिगरेट पैंट, सलवार और प्लाजो को भूल जाएंगे appeared first on Naya Vichar.

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Monsoon Tracker: ओडिशा में 13 दिन पहले पहुंचा मानसून, 30 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश, IMD अलर्ट जारी

Monsoon Tracker: ओडिशा में मानसून की दस्तक के साथ ही छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों, तेलंगाना के अधिकांश हिस्सों, कर्नाटक के शेष हिस्सों और महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों में भी 28 मई को मानसून ने दस्तक दे दी है. मानसून के आगमन के साथ ही ओडिशा में मंगलवार से ही भारी बारिश हो रही है. #WATCH | Bhubaneswar: As the monsoon sets in across parts of Odisha, IMD Bhubaneswar Director Dr. Manorama Mohanty says, “Today, the southwest monsoon has advanced into parts of South Odisha, covering the entire districts of Malkangiri and Koraput, and parts of Nabarangpur,… pic.twitter.com/7w7sH8gBkM — ANI (@ANI) May 28, 2025 ओडिशा में 30 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका, अलर्ट जारी मौसम विभाग ने कहा कि इस ओडिशा में 30 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी. आईएमडी ने मछुआरों को 29 मई से एक जून के बीच गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी है. इस बीच, ओडिशा प्रशासन ने आईएमडी के भारी बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है. विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला अधिकारियों को खराब मौसम के मद्देनजर किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है. अगले तीन दिन भारी बारिश के साथ चलेंगी तेज हवाएं ओडिशा के कुछ हिस्सों में मानसून के दस्तक देने के साथ ही आईएमडी भुवनेश्वर की निदेशक डॉ मनोरमा मोहंती ने कहा, “आज दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण ओडिशा के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है, जो मलकानगिरी और कोरापुट के पूरे जिलों और नबरंगपुर, रायगढ़ और गजपति के कुछ हिस्सों को कवर कर रहा है. राज्य के अधिक क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. अगले 3 दिनों में ओडिशा में अच्छी बारिश होने की संभावना है. अगले 24 घंटों में, अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि गंजम जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है. अन्य जिलों में भी गरज के साथ बारिश, बिजली और 30 से 40 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं.” ओडिशा में औसत से अधिक बारिश होने की संभावना आईएमडी महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि जून से सितंबर तक मानसून के मौसम के दौरान ओडिशा में औसत से अधिक बारिश होने की संभावना है. उन्होंने कहा, ‘‘ओडिशा सहित पूरे हिंदुस्तान में दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 106 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है.’’ मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि ओडिशा में मार्च से मई तक प्री-मानसून अवधि में सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जो 188.9 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि के दौरान औसत वर्षा 119.1 मिलीमीटर होती है. पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी आईएमडी ने पांच जिलों – जगतसिंहपुर, पुरी, कटक, कोरापुट और रायगढ़ा में ‘ऑरेंज’ अलर्ट (कार्रवाई के लिए तैयार रहें) जारी किया था – जहां 30 मई तक 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र मौसम विभाग ने बताया, ‘‘ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग पर बना निम्न दबाव क्षेत्र आज सुबह 05:30 बजे हिंदुस्तानीय समयानुसार उसी क्षेत्र में अच्छी तरह से चिह्नित हो गया. अगले 24 घंटे के दौरान इसके धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने और एक अवदाब में केंद्रित होने की संभावना है.” The post Monsoon Tracker: ओडिशा में 13 दिन पहले पहुंचा मानसून, 30 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश, IMD अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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BPSC recruitment 2025 : स्नातक युवाओं से मांगे गये हैं असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पदों पर आवेदन

BPSC recruitment 2025 : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) कार्यालय, पटना ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के कुल 41 पदों पर आवेदन आमंत्रित किये हैं. निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करनेवाले उम्मीदवार इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. पदों का विवरण असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के कुल 41 पदों में सामान्य के 16, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 4, अनुसूचित जाति के 9, अनुसूचित जनजाति का 1, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग का 1, पिछड़ा वर्ग के 9 और पिछड़े वर्ग की स्त्रीओं का 1 पद है. इन पदों पर किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ केवल बिहार के मूल निवासी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को प्राप्त होगा. आप कर सकते हैं आवेदन मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त करनेवाले युवा इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदक की आयु 21 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें : Career in AI : नॉन-कोडिंग छात्रों के लिए भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में हैं जॉब के मौके चयन प्रक्रिया असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पदों पर उम्मीदवारों का चयन दो चरणों पर आधारित लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जायेगा. परीक्षा के पैटर्न एवं सिलेबस का विवरण अधिसूचना से प्राप्त करें. मिलेगा अच्छा वेतन अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को वेतन स्तर-7 के अनुसार 44,900 से 1,42,400 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जायेगा. ऐसे करें आवेदन इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवारों को इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. ऑनलाइन आवेदन 23 जून, 2025 तक स्वीकार किये जायेंगे. अन्य जानकारी के लिए देखें : https://bpsc.bihar.gov.in/Notices/NB-2025-05-21-05.pdf The post BPSC recruitment 2025 : स्नातक युवाओं से मांगे गये हैं असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पदों पर आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस MS रामचंद्र राव का तबादला, इनकी जगह लेंगे सीनियर जस्टिस तरलोक सिंह चौहान

Jharkhand High Court Chief Justice Transfer & Posting: रांची, राणा प्रताप-झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव का त्रिपुरा हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश की गयी है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 मई की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में केंद्र प्रशासन से चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव के तबादले की सिफारिश की है. त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का तेलंगाना हाईकोर्ट में तबादला चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव को 21 सितंबर 2024 को झारखंड हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया था. उन्होंने 25 सितंबर 2024 को चीफ जस्टिस पद की शपथ ली थी. त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को तेलंगाना हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की अनुशंसा की गयी है. ये भी पढे़ं: JMM का पक्ष रखेंगे डॉ सरफराज अहमद समेत ये 11 नेता, लिस्ट जारी झारखंड हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस होंगे जस्टिस तरलोक सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के सीनियर जस्टिस तरलोक सिंह चौहान को झारखंड हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की है. जस्टिस तरलोक सिंह चौहान हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सीनियर जज हैं. उन्होंने शिमला से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और पंजाब यूनिवर्सिटी (चंडीगढ़) से कानून की पढ़ाई की है. वह लाइसेंस लेने के बाद 1989 में वकालत के पेशे में आये थे. वर्ष 2014 में उन्हें हाईकोर्ट के अतिरक्ति जज के तौर पर पदोन्नत किया गया था. उसी साल उन्हें स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. ये भी पढे़ं: झारखंड शराब घोटाले में अरेस्ट IAS विनय चौबे और गजेंद्र सिंह से पूछताछ के लिए ACB को मिली 2 दिनों की रिमांड ये भी पढे़ं: पनामा में झारखंड के JMM सांसद सरफराज अहमद ने ऐसा क्या किया कि जमकर तारीफ करने लगे शशि थरूर ये भी पढे़ं: Jharkhand Weather: रांची में गरज के साथ झमाझम बारिश, 2 जिलों में 3 घंटे के अंदर बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी The post झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस MS रामचंद्र राव का तबादला, इनकी जगह लेंगे सीनियर जस्टिस तरलोक सिंह चौहान appeared first on Naya Vichar.

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PIB Fact Chack: केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु में 2 साल की बढ़ोतरी, जानें दावे की असलियत

PIB Fact Check: केंद्र प्रशासन के अधीन काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक जरूरी समाचार है. वह यह है कि बीते कुछेक दिनों से सोशल मीडिया पर एक समाचार तेजी से वायरल हो रही है कि केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु में दो साल की बढ़ोतरी हो गई है. समाचार में दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु 60 साल से बढ़ाकर 62 साल कर दिया गया है. लेकिन, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मतलब की जानकारी यह है कि सोशल मीडिया में वायरल समाचारों में यह दावा पूरी तरह से फर्जी है. आइए, जानते हैं कि इस दावे की असलियत क्या है? सोशल मीडिया में क्या किया जा रहा है दावा केंद्रीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र में बढ़ोतरी की समाचार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों को दो साल अधिक काम करने का मौका मिलेगा. इसमें में यह भी कहा गया है कि केंद्र प्रशासन ने रिटायरमेंट आयु बढ़ोतरी योजना के तहत 1 अप्रैल 2025 से केंद्रीय कर्मचारी 60 नहीं 62 साल की उम्र में रिटायर होंगे. इसे भी पढ़ें: प्रशासनी कर्मचारी हुए बर्खास्त तो रिटायरमेंट का नहीं मिलेगा फायदा, बदल गया पेंशन नियम कितना सच्चा है दावा? PIB फैक्ट चेक ने अपने पोस्ट में बताया कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी है. हिंदुस्तान प्रशासन ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है. सोशल मीडिया मंच एक्स (पुराना ट्विटर) पर PIB फैक्ट चेक के पोस्ट में कहा गया है, ”सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे समाचारों में दावा किया जा रहा है कि हिंदुस्तान प्रशासन ने केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु में 2 साल की वृद्धि करने का निर्णय लिया है. यह दावा फर्जी है. हिंदुस्तान प्रशासन ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है. बिना सत्यता जांचे समाचारें साझा न करें.” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे समाचारों में दावा किया जा रहा है कि हिंदुस्तान प्रशासन ने केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु में 2 साल की वृद्धि करने का निर्णय लिया है#PIBFactCheck ❌ यह दावा फर्जी है ✅ हिंदुस्तान प्रशासन ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है ⚠️ बिना सत्यता जांचे समाचारें साझा न करें pic.twitter.com/kDgBC55jks — PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 27, 2025 इसे भी पढ़ें: ओवैसी की दौलत जानकर बिलबिलाएगा बिलावल, कटोरा लेकर दौड़ेंगे शाहबाज-मुनीर The post PIB Fact Chack: केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु में 2 साल की बढ़ोतरी, जानें दावे की असलियत appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2025: सूर्यवंशी, म्हात्रे और PBKS-GT के उदय से लेकर पंत CSK और SRH के संघर्ष तक, ऐसी चली प्रीमियर लीग

IPL 2025 Journey Till Playoffs: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत ने आखिरकार लखनऊ सुपर जायंट्स के अंतिम लीग में शतक जड़कर कमाल कर दिया लेकिन टीम जीत से चूक गई जबकि अक्षर पटेल की दिल्ली कैपिटल्स अच्छी शुरूआत के बाद राह से भटक गई. पूर्व विजेता चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा और सनराइजर्स हैदराबाद ने पूरे टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन किया. इस साल आईपीएल के 70 मैच के शुरुआती दौर को खत्म होने में 10 दिन के ब्रेक सहित कुल 67 दिन लगे और अभी तक टूर्नामेंट के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले. प्लेऑफ शुरू होने से पहले अब तक का उतार-चढ़ाव का सफर कुछ इस प्रकार रहा- युवा खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी जब पिछले दिसंबर में ‘मेगा नीलामी’ में चुने गए थे तो उनकी उम्र 13 साल थी और मई में 14 साल की उम्र में वह गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 35 गेंद पर आईपीएल में सबसे तेज शतक और अब तक दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के हिंदुस्तानीय खिलाड़ी बन गए. उन्होंने अपने शानदार स्ट्रोक प्ले और जोश से स्पोर्ट्स के दिग्गजों को मंत्रमुग्ध कर दिया था. हिंदुस्तान के टी20 अंतरराष्ट्रीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी शतक लगाने वालों खिलाड़ियों में शामिल थे. इस सूची में पंजाब किंग्स के ‘अनकैप्ड’ (जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं स्पोर्ट्सा हो) प्रियांश आर्य भी शामिल थे जिन्होंने अपना पहला आईपीएल शतक जड़ा. प्रभसिमरन सिंह ने भी दिखाया कि उनमें दम है जबकि आयुष म्हात्रे ने अपने प्रदर्शन से चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को मुस्कुराने का मौका दिया. सनराइजर्स हैदराबाद की खराब फॉर्म पिछले साल की उपविजेता एसआरएच सबसे खतरनाक बल्लेबाजी लाइन-अप के साथ उतरी थी लेकिन उसका आक्रामक रवैया पूरी तरह विफल रहा. एसआरएच ने आईपीएल की शुरुआत राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ छह विकेट पर 286 रन से दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाकर की और समापन कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ तीन विकेट पर 278 रन से तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाकर किया. टीम के पास बल्लेबाजी के लिए कोई ‘प्लान बी’ नहीं था जिसमें नितीश कुमार रेड्डी ने काफी हद तक निराश किया और पावरप्ले में गेंदबाजी करने के लिए एक बेहतरीन स्पिनर नहीं होने से उन्हें नुकसान हुआ. सीएसके ने सीखा सबक सीएसके ने इस साल सबक सीखा क्योंकि उसे युवा प्रतिभाओं को बेंच पर रखने और सिर्फ एमएस धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की अपनी रणनीति को छोड़ना पड़ा. 17 वर्षीय मुंबई के बल्लेबाज म्हात्रे ने टीम की परेशानियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया जबकि दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस ने अंत में शानदार प्रदर्शन किया. अफगानिस्तान के 20 वर्षीय नूर अहमद सीएसके के सबसे सफल स्पिनर रहे जबकि आर अश्विन और रविंद्र जडेजा अन्य विकल्प थे. साई सुदर्शन ने दमदार बल्लेबाजी की युवा सुदर्शन ने दिखाया कि जोखिम लिए बिना भी रन जुटाए जा सकते हैं. वह अभी तक 670 से ज्यादा रन बनाकर सूची में शीर्ष पर है और इसका ईनाम उन्हें इंग्लैंड के टेस्ट दौरे के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल करने से मिला. गुजरात टाइटन्स का यह बल्लेबाज इस सत्र के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल रहा. मुंबई इंडियंस ने हमेशा की तरह ही प्रदर्शन किया मुंबई इंडियंस ने हमेशा ही तरह धीमी शुरूआत करने के बाद प्लेऑफ में जगह बनाई. पहले पांच मैच में चार हार के साथ शुरूआत करने के बाद हार्दिक पंड्या की टीम अगले छह मैच जीतकर शीर्ष टीमों में पहुंच गई. रोहित शर्मा और तिलक वर्मा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए लेकिन सूर्यकुमार यादव ने दिखाया कि वह इसमें सर्वश्रेष्ठ क्यों है. जसप्रीत बुमराह ने 10 मैच में 17 विकेट चटकाए हैं. राजस्थान रॉयल्स के लिए खराब सत्र संजू सैमसन की फिटनेस और अन्य खिलाड़ियों में जज्बे की कमी के कारण टीम निचले स्थान पर रही सीएसके से ऊपर रही. जोस बटलर, अश्विन, युजवेंद्र चहल और ट्रेंट बोल्ट जैसे खिलाड़ियों से अलग होने से उसका संतुलना शायद कुछ ज्यादा ही बिगड़ गया. दिल्ली कैपिटल्स शानदार शुरूआत के बाद पटरी से उतरी: आईपीएल की शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि टीम कोई गलती नहीं करेगी लेकिन लगातार निरंतर प्रदर्शन के मामले में टीम पिछड़ गई.पहले छह में से पांच जीत के साथ शुरुआत करने के बाद टीम तालिका में शीर्ष पर थी लेकिन अचानक गिरावट से अगले आठ में से पांच मैच गंवा बैठी. केकेआर का प्रदर्शन खराब रहा, लेकिन रहाणे डटे रहे कप्तान अजिंक्य रहाणे अकेले दम पर डटे रहे, लेकिन फ्रेंचाइजी के सबसे महंगे खिलाड़ी और उप-कप्तान वेंकटेश अय्यर के लिए सत्र काफी खराब रहा. पहले आठ मैच में पांच हार के साथ गत चैंपियन के लिए प्लेऑफ की दौड़ काफी पहले ही खत्म हो गई थी. मार्श और पूरन ने दबदबा कायम रखा पहले आठ मैच में पांच जीत ने लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को अंतिम चार में जगह बनाने का मौका दिया, लेकिन पंत का बल्ले से खराब प्रदर्शन, मध्य क्रम में गहराई की कमी और गेंदबाजी में विविधता की कमी के कारण वे फिर से प्लेऑफ से चूक गए. लेकिन मिचेल मार्श, निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम ने उन्हें मजबूती दी. पंजाब किंग्स का उदय पिछले एक साल में कप्तान श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वह हमेशा संघर्ष करने वाली टीम के बदलाव के सूत्रधार रहे. दृढ़ अय्यर और ऑस्ट्रेलियाई रिकी पोंटिंग जैसे कोच के साथ इस बात में कोई संदेह नहीं था कि पीबीकेएस को हराना काफी मुश्किल होगा और केकेआर के खिलाफ सबसे कम स्कोर (111 रन) का बचाव करने जैसा प्रदर्शन इसका एक उदाहरण है. गिल की गुजरात टाइटन्स ने उड़ान भरी तीन साल पहले गुजरात टाइटन्स में शामिल होने के बाद से उन्होंने प्रत्येक सत्र में कम से कम 400 रन तो बनाए ही हैं लेकिन गिल ने सिर्फ उदाहरण ही पेश नहीं किया बल्कि यह सुनिश्चित किया कि उनकी टीम राशिद खान जैसे मुख्य गेंदबाज की खराब फॉर्म के बावजूद दौड़ में आगे रहे. टूट चुके करुण नायर ने क्या-क्या नहीं झेला, फिर वापसी में श्री आडवणी ने ऐसे की सहायता लीग स्टेज समाप्त, देखें अब तक के टॉप रन स्कोरर और विकेट लेने वाले

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Three Indians Missing in Iran: ईरान में लापता हुए 3 भारतीय युवक, 1 करोड़ की मांगी गई फिरौती

Three Indians Missing in Iran: ईरान में पंजाब के तीन हिंदुस्तानीय नागरिकों के लापता होने का मामला सामने आया है. ये तीनों युवक 1 मई को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे थे और उसी दिन से उनका कोई पता नहीं चल रहा है. लापता युवकों की पहचान हुशनप्रीत सिंह (जिला संगरूर), जसपाल सिंह (एसबीएस नगर) और अमृतपाल सिंह (होशियारपुर) के रूप में हुई है. इनके परिवारों का कहना है कि तीनों को एक एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर ईरान भेजा था. परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवकों को ईरान में अगवा कर लिया गया है और अज्ञात लोगों की ओर से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है. हालांकि अभी तक इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हिंदुस्तान का दूतावास सक्रिय हो गया है. बुधवार को हिंदुस्तानीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह मामला ईरानी अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाया गया है. दूतावास ने ईरानी प्रशासन से अपील की है कि लापता हिंदुस्तानीयों को जल्द से जल्द खोजा जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. इसे भी पढ़ें: हिंदुस्तानीय सेना के काफिले पर पत्थर से हमला, देखें वीडियो, जानें क्या है सच्चाई? बयान में कहा गया है कि तीनों युवकों के परिवारों ने दूतावास को उनके लापता होने की सूचना दी थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई. दूतावास लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और हर संभव प्रयास कर रहा है कि युवकों को सुरक्षित वापस लाया जा सके. साथ ही, परिजनों को भी हर अपडेट से अवगत कराया जा रहा है. इसे भी पढ़ें: ‘धोखेबाज’ फ्रांस, राफेल डील रद्द करेगा हिंदुस्तान? जानें इसके पीछे का बहुत बड़ा कारण  इस घटना ने एक बार फिर उन एजेंटों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो विदेश भेजने का झांसा देकर युवाओं को जोखिम में डालते हैं. अब सभी की नजरें ईरानी जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी लापता होने की घटना की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं. इसे भी पढ़ें: चीन को चाहिए 3 करोड़ दुल्हन, लेकिन क्यों? सच्चाई जान उड़ जाएंगे होश! इसे भी पढ़ें: जवान होते ही काट दिया जाता है लड़कियों के शरीर का ये अंग, देखें वीडियो  The post Three Indians Missing in Iran: ईरान में लापता हुए 3 हिंदुस्तानीय युवक, 1 करोड़ की मांगी गई फिरौती appeared first on Naya Vichar.

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“जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया” पटना में पीएम मोदी के स्वागत में लगे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े पोस्टर

ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 मई को पहली बार बिहार आ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी उनकी स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को लेकर राजधानी पटना में तैयारियां जोरो पर है. बीजेपी दफ्तर के साथ ही पूरे शहर में पोस्टर लगाए गए है. इन पोस्टरों में ऑपरेशन सफलता का जिक्र करने के साथ ही प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया गया है.  ना देश झुकेगा, ना बिहार का विकास रुकेगा बिहार बीजेपी के दफ्तर के सामने एक पोस्टर लगा है. जिसमें नारा लिखा गया है, “ना देश झुकेगा, ना बिहार का विकास रुकेगा. वहीं, दूसरे पोस्टर में लिखा है “जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है.”   बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पटना में रोड शो करेंगे प्रधानमंत्री  बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 29 मई को बिहार के दो दिन के दौरे पर आ रहे हैं. पीएम मोदी गुरुवार की शाम पटना पहुंच रहे हैं. पटना हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वे पटना एयरपोर्ट के नए अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे।.साथ ही बिहटा हवाई अड्डे का भी शिलान्यास करेंगे. इस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पीएम मोदी पटना में रोड शो करते हुए बिहार भाजपा के दफ्तर पहुंचेंगे. रोड शो के दौरान पीएम मोदी का जगह-जगह स्वागत होगा, जिसके लिए 32 जगहों पर मंच भी बनवाया गया है. गुरुवार को राजभवन में रात्रि विश्राम के बाद पीएम मोदी शुक्रवार को रोहतास जिले के विक्रमगंज में जनसभा करेंगे, जहां से वे शाहाबाद इलाके में कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.  इसे भी पढ़ें: Bihar: 29 और 30 मई को 4 राज्यों के दौरे पर रहेंगे PM मोदी, बिहार को देंगे सबसे बड़ी सौगात The post “जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया” पटना में पीएम मोदी के स्वागत में लगे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े पोस्टर appeared first on Naya Vichar.

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