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May 29, 2025

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में बनेगा देश का पहला AI जोन, रैकबैंक करेगा 1000 करोड़ रुपये का निवेश

Indias First AI Sez Zone: देश का पहला एआई-केन्द्रित स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) अब छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में बनने जा रहा है. यह एक ऐसा खास इलाका होगा, जिसे केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर डेटा से जुड़ी तकनीकों के विकास और संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है. यहां अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम और सर्वर होंगे, जो सोचने जैसी क्षमता वाले AI सिस्टम को चलाएंगे और दुनिया की बड़ी कंपनियां यहीं से अपने डिजिटल काम करेंगी. प्रशासन ने इस SEZ को टैक्स और अन्य कानूनी छूट दी है ताकि नई तकनीकों को तेजी से विकसित किया जा सके. यह पहली बार है जब हिंदुस्तान में ऐसा कोई क्षेत्र पूरी तरह एआई पर केंद्रित बनाया जा रहा है, जिससे नवा रायपुर देश का अगला डिजिटल और तकनीकी हब बनकर उभरेगा. इस परियोजना के ज़रिए हिंदुस्तान को वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग मानी जा रही है. रैकबैंक डेटासेंटर बना रहा एआई जोन छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में हिंदुस्तान का पहला एआई-आधारित “RackBank Data Center SEZ” बनाया जाएगा. यह स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन पूरी तरह से कंप्यूटर, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा होगा. इस परियोजना का विकास RackBank Datacenters Pvt. Ltd. कर रहा है, जिसमें करीब ₹1000 करोड़ का निवेश होगा. यह SEZ लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में फैलेगा और इसमें आधुनिक तकनीक से लैस 1.5 लाख वर्ग फीट का डेटा सेंटर तैयार होगा. भविष्य में चार हाई-डेंसिटी डेटा सेंटर बनने की योजना है, जिनकी कुल क्षमता 80 मेगावाट होगी, जो कई राज्यों के डिजिटल नेटवर्क को संभाल सकेगी. यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के तकनीकी मानचित्र पर एक नया मुकाम देगी. युवाओं को लिए रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे नवा छत्तीसगढ़ की नई शुरुआत बताया है और कहा कि यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और राज्य के लिए तकनीकी पहचान लाएगा. साथ ही, यह योजना डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के विजन को आगे बढ़ाएगी. रैकबैंक के सीईओ नरेंद्र सेन का कहना है कि हिंदुस्तान को एआई में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है. इस डेटा सेंटर में आईटी इंजीनियर, डेटा विशेषज्ञ, साइबर सुरक्षा अधिकारी, नेटवर्क मैनेजर और कई अन्य पद होंगे. कंपनी छत्तीसगढ़ के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगी, जिससे छात्र इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकेंगे. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों को एआई सर्विस आज की दुनिया में एआई केवल कंप्यूटरों तक सीमित नहीं है. यह हमारी भाषा, सोच, शिक्षा, स्वास्थ्य और यहां तक कि खेती की दिशा भी तय कर रही है. रायपुर में बन रहा यह डेटा सेंटर ठीक उन्हीं सेवाओं का घर बनेगा. यहां गूगल, ओपन आई, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों की एआई सेवाएं मिलेंगी. हिंदुस्तान पहली बार इन सेवाओं का केवल उपभोक्ता नहीं, एक आत्मनिर्भर निर्माता और होस्ट भी बनेगा. इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल तकनीकी बातों तक सीमित नहीं है. इसका असर गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचेगा. अब कांकेर, सुकमा, बिलासपुर या दंतेवाड़ा जैसे जिलों के छात्र भी यहीं रायपुर में रहकर ग्लोबल कंपनियों के साथ काम कर सकेंगे. उन्हें ना बेंगलुरु जाना पड़ेगा, ना विदेश. यह डेटा सेंटर पूरी ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन के मानकों पर आधारित होगा और इसमें सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग किया जाएगा. The post छत्तीसगढ़ के रायपुर में बनेगा देश का पहला AI जोन, रैकबैंक करेगा 1000 करोड़ रुपये का निवेश appeared first on Naya Vichar.

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पटना में पीएम मोदी का भव्य रोड शो शुरू, सड़कों पर तिरंगा लिए खड़े हैं हजारों लोग

PM Modi Roadshow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मई को अपने दो दिवसीय बिहार दौरे की शुरुआत पटना से की, जहां उन्होंने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बने नए अत्याधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन किया. इसके साथ ही बिहटा एयरपोर्ट परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास भी किया गया. इस मौके पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे. पटना में शुरू हुआ 6 किलोमीटर लंबा रोड शो पटना आगमन के बाद पीएम मोदी का 6 किलोमीटर लंबा रोड शो शुरू हुआ, जो आरण्य भवन से निकलकर डुमरा चौकी, बेली रोड, आयकर गोलंबर होते हुए बीजेपी कार्यालय वीरचंद पटेल पथ तक पहुंचा. पूरे मार्ग पर 32 स्वागत मंच बनाए गए थे और सुरक्षा के लिए 3000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं. भारी संख्या में आमजन भी पीएम के स्वागत में सड़कों पर नजर आ रहे हैं. बीजेपी कार्यालय पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का पहला बिहार दौरा प्रधानमंत्री का यह दौरा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का पहला बिहार दौरा है, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा को तेज किया है. 30 मई को पीएम मोदी रोहतास में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. यहां जनसभा से पहले स्त्रीओं ने पारंपरिक अंदाज़ में सिंदूर लगाकर उनका स्वागत करने की तैयारी की है. इस दौरे को लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी के कार्यक्रमों से साफ है कि बीजेपी बिहार में अपनी पकड़ और मज़बूत करने के लिए मैदान में पूरी ताकत से उतरी है. Also Read: पीएम मोदी ने किया पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन, यात्रियों को मिलेंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं The post पटना में पीएम मोदी का भव्य रोड शो शुरू, सड़कों पर तिरंगा लिए खड़े हैं हजारों लोग appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता 1 जून से किन 5 नियमों में होगा बड़ा बदलाव, जान जाएगा तो कहेगा आंय?

Rules Change: जून 2025 की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और जीवनशैली पर देखने को मिलेगा. इन बदलावों में गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग और आधार अपडेट तक शामिल हैं. आधा हिंदुस्तान के लोगों को अभी तक इसके बारे में जानकारी नहीं है. आइए जानते हैं कि 1 जून से किन-किन 5 नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर के दाम में संशोधन करती हैं. ऐसे में 1 जून 2025 को घरेलू और कॉमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों की कीमतों में बदलाव संभव है. मई महीने में जहां 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस की कीमतें स्थिर रखी गई थीं. वहीं, 19 किलोग्राम कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये की कटौती की गई थी. जून में भी इसी तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है, जो घरेलू बजट पर प्रभाव डाल सकता है. CNG, PNG और एटीएफ (ATF) की कीमतों में संशोधन 1 जून को दूसरा बड़ा बदलाव CNG (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस), PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और हवाई ईंधन यानी ATF की कीमतों को लेकर हो सकता है. तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में इनकी दरों की समीक्षा करती हैं. मई में ATF की कीमतों में कटौती हुई थी और जून में भी इसमें बदलाव संभावित है. इससे हवाई यात्रा सस्ती या महंगी हो सकती है. वहीं, CNG और PNG के उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर भी इसका असर पड़ेगा. क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए जून से नई सावधानियां जरूरी होंगी, खासकर कोटक महिंद्रा बैंक के कार्डधारकों के लिए. 1 जून से यदि आपके ऑटो डेबिट ट्रांजैक्शन फेल होते हैं, तो बैंक की ओर से 2% बाउंस चार्ज लिया जाएगा. यह चार्ज न्यूनतम ₹450 और अधिकतम ₹5000 तक हो सकता है. इसके साथ ही बैंक अपने अधिकांश क्रेडिट कार्ड्स पर मासिक फाइनेंस चार्ज को 3.50% से बढ़ाकर 3.75% कर सकता है, जिससे सालाना दर 42% से बढ़कर 45% हो जाएगी. EPFO 3.0 का लॉन्च: पीएफ निकालना होगा आसान प्रशासन 1 जून को EPFO 3.0 वर्जन लॉन्च कर सकती है, जो भविष्य निधि से जुड़े 9 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है. इस नए सिस्टम के तहत संभवतः कर्मचारियों को एटीएम के माध्यम से पीएफ निकालने की सुविधा मिल सकती है. इससे फंड की त्वरित निकासी और पारदर्शिता में सुधार होगा. आधार कार्ड अपडेट की मुफ्त सुविधा होगी बंद यूआईडीएआई ने आधार कार्ड अपडेट की सुविधा 14 जून 2025 तक मुफ्त रखी है. अगर आप इस तारीख से पहले आधार में बदलाव (पता, नाम आदि) नहीं कराते हैं, तो इसके बाद आपको यह सुविधा 50 रुपये के शुल्क के साथ मिलेगी. यह बदलाव भले ही 1 जून से लागू न हो, लेकिन महीने के मध्य में होने के कारण इसे अभी से ध्यान में रखना जरूरी है. इसे भी पढ़ें: 7.75 करोड़ किसानों को मोदी प्रशासन का तोहफा, केसीसी के जरिए मिलता रहेगा सस्ता लोन जून का महीना आम आदमी के लिए अहम जून 2025 की शुरुआत देश के आम नागरिकों के लिए कई मायनों में अहम साबित होने वाली है. LPG, CNG, ATF की कीमतें जहां घरेलू खर्च को प्रभावित करेंगी. वहीं, बैंकिंग और प्रशासनी योजनाओं से जुड़े बदलाव सीधे जीवनशैली पर असर डालेंगे. ऐसे में इन नए नियमों की जानकारी पहले से होना बेहद जरूरी है, ताकि आप अपने बजट और योजनाओं को उसी अनुसार समायोजित कर सकें. इसे भी पढ़ें: लिंग आधारित मॉडल से रुकेगा कामकाजी स्त्रीओं का पलायन, यूनिसेफ युवाह की नई पहल The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता 1 जून से किन 5 नियमों में होगा बड़ा बदलाव, जान जाएगा तो कहेगा आंय? appeared first on Naya Vichar.

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Crime News: धनबाद के जंगल में मिला अज्ञात महिला का शव, हत्या की आशंका

Crime News: धनबाद जिले के बाघमारा अनुमंडल महुदा थाना क्षेत्र के 4 लेन सड़क के किनारे तारगा के पास निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पीछे जंगल से आज गुरुवार को एक अज्ञात स्त्री का शव बरामद किया गया. शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. थाना सीमाओं को लेकर हुआ असमंजस ग्रामीणों ने घटना की सूचना महुदा, मधुबन और धर्माबांध थाना को दी. लेकिन थाना सीमाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही. इस कारण शुरुआत में किसी भी थाने की पुलिस शव उठाने को तैयार नहीं हुई. हालांकि बाद में आपसी सहमति से महुदा थाना ने विवादित क्षेत्र को अपनी सीमा मानते हुए शव को कब्जे में लिया. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें मामले की छानबीन में जुटी पुलिस पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया है. शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जतायी जा रही है. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. फिलहाल स्त्री की पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस आसपास के इलाकों में लोगों से पूछताछ भी कर रही है ताकि स्त्री की शिनाख्त की जा सके. इसे भी पढ़ें पत्नी कल्पना सोरेन संग तीर्थ यात्रा पर निकले सीएम हेमंत सोरेन जामताड़ा में चलती बस से निकला धुआं, चालक की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान बालिका वधू बनने से बची झारखंड की 14 साल की बिटिया, ऐसे रुका आठवीं कक्षा में पढ़नेवाली बच्ची का बाल विवाह The post Crime News: धनबाद के जंगल में मिला अज्ञात स्त्री का शव, हत्या की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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Patna Airport: पटना एयरपोर्ट की कब हुई थी स्थापना, क्यों जरूरत पड़ी नए टर्मिनल भवन की ? जानिए सब कुछ

Patna Airport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना पहुंच चुके हैं. अभी से कुछ ही देर के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का शानदार रोड शो होगा. इसके बाद वे पटनावासियों को बड़ी सौगात देंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे. इधर, पीएम मोदी के रोड शो को लेकर राजधानी पटना को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है. ऐसे में हम बात करें पटना एयरपोर्ट की तो, पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बिहार का प्रमुख और हिंदुस्तान का 20वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जिसका नाम स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण के नाम पर रखा गया है. यह हवाई अड्डा राज्य की राजधानी पटना को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ता है और बिहार की हवाई यात्रा का मुख्य केंद्र है. पटना एयरपोर्ट का इतिहास और विकास पटना स्थित हवाई अड्डे की स्थापना 1973 में हुई थी और इसे 2008 में अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हुआ. 1999 तक पटना हवाई अड्डे से केवल काठमांडू (नेपाल) के लिए उड़ानें थीं. हालांकि, सीमित रनवे और बुनियादी ढांचे के कारण यह बड़े विमानों की लैंडिंग में सक्षम नहीं था. बढ़ती यात्री संख्या और हवाई यात्रा की मांग को देखते हुए, अक्टूबर 2018 में नए टर्मिनल भवन के निर्माण की योजना शुरू की गई. इस परियोजना का उद्देश्य हवाई अड्डे की क्षमता और सुविधाओं को आधुनिक बनाना था. नया टर्मिनल भवन का हुआ निर्माण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे. 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल का क्षेत्रफल 65,155 वर्ग मीटर है और यह एक साथ 4,500 यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जिससे हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता 25 लाख से बढ़कर एक करोड़ हो गई है. इस टर्मिनल में 64 चेक-इन काउंटर, 13 बोर्डिंग गेट, 5 कन्वेयर बेल्ट और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियां हैं. इसके अलावा 5 एयरोब्रिज और 11 विमान पार्किंग स्टैंड हैं, जो विमान संचालन को सुगम बनाते हैं. एयरपोर्ट के अन्दर दीवारों पर छठ पूजा की कलाकृतियों और 3D पेंटिंग के जरिये बिहार की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया है. जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया टर्मिनल बिहार की हवाई यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के समावेश के साथ यह टर्मिनल राज्य के आर्थिक, पर्यटन और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. Also Read: Tej Pratap-Aishwarya Divorce Case: तेजप्रताप-ऐश्वर्या तलाक मामले में कोर्ट ने क्या कहा ? अब इस दिन होगी सुनवाई The post Patna Airport: पटना एयरपोर्ट की कब हुई थी स्थापना, क्यों जरूरत पड़ी नए टर्मिनल भवन की ? जानिए सब कुछ appeared first on Naya Vichar.

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तेज प्रताप ही नहीं तेजस्वी ने भी की है लव मैरिज, अनुष्का के मामा ने लालू परिवार को लेकर किया बड़ा खुलासा

बिहार के सबसे बड़े नेतृत्वक परिवार यानी की लालू परिवार में जब से अनुष्का और तेज प्रताप के रिश्ते का खुलासा हुआ है, इस मुद्दे पर हर रोज कोई न कोई नया खुलासा हो रहा है. इसी कड़ी में लालू परिवार को लेकर एक बड़ा खुलासा अनुष्का के मामा प्रोफेसर फनी यादव ने किया है. गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि लालू परिवार के लोग धमकी देकर ठीक नहीं कर रहे. हम भी उनसे फरिया लेने की ताकत रखते हैं. तेजस्वी के प्रेम प्रसंग को शादी में बदल चुका है लालू परिवार: फनी यादव  फनी यादव ने लालू परिवार को लेकर खुलासा करते हुए बताया कि तेज प्रताप यादव ने अनुष्का से प्यार करके कोई अपराध नहीं किया है. जब लड़का लड़की बालिग होता है तो संविधान उन्हें अपनी पसंद से रिश्ता कायम करने का अधिकार देता है. ऐसा नहीं है कि लालू परिवार में तेज प्रताप ने पहली बार प्यार करके शादी किया है. तेज प्रताप से पहले तेजस्वी ने भी लव मैरिज किया है. लालू यादव ने तेजस्वी के प्रेम प्रसंग को शादी में बदल चुके हैं. उनको पूरी पार्टी की कमान देकर नेता प्रतिपक्ष बना दिया. लेकिन दूसरे बेटे का मामला आया तो घर से निकाल दिए. ऐसा नहीं होना चाहिए.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें फरियाने में हम पीछे नहीं हटेंगे: फनी यादव  मामले में आगे बढ़कर फनी यादव ने कहा कि हम लोग शरीफ और इज्जतदार परिवार से आते हैं. कोई माफिया नहीं हैं. लालू परिवार के सदस्य नागेंद्र यादव, साला सुभाष यादव और साधु यादव. जिन लोगों की वजह से लालू राज की पहचान जंगलराज की बन गई. हमारा परिवार प्रतिष्ठित जमीनदार और क्रांतिकारी परिवार है. ये लोग धमकी नहीं दे. फरियाना में हम पीछे नहीं हट सकते लेकिन कानून को हम लोग मानते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपने बहन के परिवार को समुचित सुरक्षा देने की मांग फनी यादव ने की है. इसे भी पढ़ें: पटना पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, थोड़ी देर में करेंगे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्धाटन The post तेज प्रताप ही नहीं तेजस्वी ने भी की है लव मैरिज, अनुष्का के मामा ने लालू परिवार को लेकर किया बड़ा खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट से JMM नेता अंतु तिर्की समेत 4 को बड़ी राहत, जमीन घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में हैं आरोपी

Supreme Court: रांची, राणा प्रताप-सुप्रीम कोर्ट से बड़गाई अंचल के बरियातू मौजा स्थित 8.46 एकड़ जमीन घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में आरोपी झामुमो नेता अंतु तिर्की समेत चार आरोपियों को राहत मिली है. चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने झामुमो नेता अंतु तिर्की, मो अफसर अली, इरशाद अख्तर और मोहम्मद इरशाद की ओर से अलग-अलग दायर एसएलपी (क्रिमिनल) याचिका पर सुनवाई की. पक्ष सुनने के बाद पीठ ने एसएलपी को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को जमानत दे दी. सुप्रीम कोर्ट से जमानत देने का किया आग्रह इससे पहले आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की और इरशाद अख्तर की ओर से वरीय अधिवक्ता अंजना प्रकाश और अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने पैरवी की. मो अफसर अली और मो इरशाद की ओर से वरीय अधिवक्ता बालाजी श्रीनिवासन और अधिवक्ता आकृति प्रिया ने पक्ष रखा. अधिवक्ताओं ने पीठ को बताया कि याचिकाकर्ता लंबे समय से जेल में हैं. उन्हें जमानत दी जाए. The post सुप्रीम कोर्ट से JMM नेता अंतु तिर्की समेत 4 को बड़ी राहत, जमीन घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में हैं आरोपी appeared first on Naya Vichar.

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GT vs MI एलिमिनेटर में जो हारा, उसकी सारी मेहनत बेकार, जानें कौन-किस पर पड़ेगा भारी

IPL 2025 GT vs MI Eliminator: खिताब के दावेदार के रूप में शुरुआत करने के बाद लड़खड़ाने वाली शुभमन गिल की अगुआई वाली गुजरात टाइटंस की टीम इंडियन प्रीमियर लीग के एलिमिनेटर में शुक्रवार को यहां पांच बार के चैंपियन मुंबई इंडियन्स से भिड़ेगी. एलिमिनेटर में हारने वाली टीम प्रतियोगिता से बाहर हो जाएगी जबकि विजेता टीम को दूसरे क्वालीफायर में स्पोर्ट्सने का मौका मिलेगा. खराब शुरुआत के बावजूद मुंबई इंडियन्स की टीम प्ले ऑफ में जगह बनाने में सफल रही. टाइटंस ने पिछले चार सत्र में तीसरी बार प्ले ऑफ में जगह बनाई है और इस दौरान 2022 में पदार्पण करते हुए खिताब भी जीता. हालांकि गिल और हार्दिक दोनों को ही काफी कुछ साबित करना है. अगर टाइटंस खिताब जीतता है तो हिंदुस्तान के नव नियुक्त टेस्ट कप्तान गिल की कप्तान के रूप में साख मजबूत होगी. हार्दिक को पिछले साल टीम में वापसी पर हूटिंग का सामना करने के बाद प्रशंसकों का प्यार वापस मिल गया है और आईपीएल ट्रॉफी से वह फ्रेंचाइजी के महान खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह पक्की कर लेंगे. हालांकि दोनों कप्तान को खिताब की तलाश में अपने सामने मौजूद मुद्दों का हल खोजना होगा. गुजरात टाइटंस ने प्लेऑफ से पहले गंवाई लय टाइटंस की टीम अधिक चिंतित होगी क्योंकि उसने प्ले ऑफ से पहले लय गंवा दी है. टीम ने अपने पिछले दो मैच में हार के दौरान विरोधी टीम को 465 रन बनाने दिए और प्ले ऑफ में उसे गेंद से बेहतर प्रदर्शन करना होगा. टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ मोहम्मद सिराज को पावर प्ले में टीम को सफलता दिलानी होगी. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान को नई गेंद से संघर्ष करना पड़ा है जिससे टाइटंस की समस्याएं बढ़ गई हैं और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया है जो मौजूदा सत्र में 23 विकेट के साथ टीम के लिए तुरुप का पत्ता साबित हुए हैं. तेज गेंदबाजी विभाग की कमजोरियों के अलावा स्पिन ऑलराउंडर राशिद खान की प्रभावहीनता ने गेंदबाजी में टीम की मुसीबतों को और बढ़ा दिया है. बल्लेबाजी विभाग में शीर्ष तीन बल्लेबाजों साई सुदर्शन, गिल और जोस बटलर ने टीम को प्ले ऑफ में जगह दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. बटलर लीग चरण के बाद राष्ट्रीय टीम से जुड़ने के लिए स्वदेश रवाना हो चुके हैं और प्ले ऑफ में टीम को उनकी कमी खलेगी. बटलर के विकल्प के तौर पर टीम ने कुसाल मेंडिस को टीम में शामिल किया है लेकिन देखना होगा कि वह इंग्लैंड के इस स्टार बल्लेबाज की कमी को पूरा कर पाते हैं या नहीं. टाइटंस के मध्यक्रम में मौजूद शाहरूख खान और शेरफेन रदरफोर्ड सबसे अधिक भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल नहीं हैं जिससे मुंबई के खिलाफ टाइटंस की राह आसान नहीं होगी. टाइटंस की तरह मुंबई को भी विदेशी खिलाड़ियों के जाने से नुकसान हुआ है. मुंंबई इंडियंस के लिए चिंताएं विदेशी खिलाड़ी वहीं मुंबई इंडियंस के लिए शीर्ष क्रम में रोहित शर्मा के साथ रेयान रिकल्टन ने अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन दक्षिण अफ्रीका का यह बल्लेबाज अब राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ चुका है. इंग्लैंड के बल्लेबाज विल जैक्स के साथ भी ऐसा ही है. इंग्लैंड की टीम से बाहर चल रहे बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो के अलावा रिचर्ड ग्लीसन और चरित असलंका को मुंबई ने अपने साथ जोड़ा है. दोनों का हिंदुस्तान आते ही कमाल कर पाना इतना आसान नहीं होगा. एलिमिनेटर में रोहित के साथ बेयरस्टो पारी का आगाज कर सकते हैं. मध्यक्रम में तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन भी मुंबई के लिए चिंता का सबब है. सूर्यकुमार ने बल्लेबाजी में मुंबई के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और वह मौजूदा सत्र में 640 रन बना चुके हैं. अगर वह विफल रहते हैं तो मुंबई की राह बेहद मुश्किल हो जाएगी. पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई के बल्लेबाज जिस रन गति से रन जोड़ रहे हैं वह भी परेशानी का सबब है और हार्दिक को इस पर ध्यान देने की जरूरत है. जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे गेंदबाजों की अगुआई में मुंबई के गेंदबाज विरोधी टीम को अधिक परेशान कर रह हैं. GT vs MI Eliminator के लिए दोनों टीम : गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, कुमार कुशाग्र, अनुज रावत, राशिद खान, राहुल तेवतिया, शाहरुख खान, निशांत सिंधु, रविश्रीनिवासन साई किशोर, गेराल्ड कोएट्जी, जयंत यादव, अरशद खान, करीम जन्नत, शेरफेन रदरफोर्ड, महिपाल लोमरोर, वाशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, गुरनूर बरार, इशांत शर्मा, कागिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलवंत खेजरोलिया, मोहम्मद सिराज, दासुन शनाका, कुसल मेंडिस और जोस बटलर. मुंबई इंडियंस: हार्दिक पांड्या (कप्तान), सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा, तिलक वर्मा, बेवन जैकब्स, रॉबिन मिंज, कृष्णन श्रीजीत, नमन धीर, राज बावा, मिचेल सेंटनर, जसप्रीत बुमराह, अर्जुन तेंदुलकर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, कर्ण शर्मा, ट्रेंट बोल्ट, दीपक चाहर, सत्यनारायण राजू, मुजीब उर रहमान, रघु शर्मा, जॉनी बेयरस्टो, रिचर्ड ग्लीसन और चरित असलंका. समय: मैच शाम 7.30 बजे शुरू होगा. ‘इंग्लैंड दौरे के लिए अंदाजे से चुनी गई है हिंदुस्तानीय टीम’, गौतम गंभीर के ऊपर पूर्व क्रिकेटर का जोरदार हमला धोनी ही नहीं बिहार के एक और महेंद्र सिंह ने रवींद्र को बनाया था ‘सर जडेजा’, खुद खोला बड़ा राज बेशऊर पाकिस्तानी! कोई तमीज नहीं, मैच के बाद हिंदुस्तानीय खिलाड़ी से किया ऐसा व्यवहार, देखें वीडियो  The post GT vs MI एलिमिनेटर में जो हारा, उसकी सारी मेहनत बेकार, जानें कौन-किस पर पड़ेगा भारी appeared first on Naya Vichar.

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‘सरकारी फोन सिर्फ अफसरों के लिए’, बोले थे योगी — फिर क्यों बजती है घंटी पीआरओ के पास?

LUCKNOW NEWS: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रदेश के किसी भी जिले या शहर का कोई भी बड़ा अधिकारी चाहे वह जिलाधिकारी (डीएम) हो, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हो या कोई अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने प्रशासनी मोबाइल फोन का प्रयोग केवल स्वयं करें. इन प्रशासनी फोनों को पीआरओ (जनसंपर्क अधिकारी) या किसी अन्य अधीनस्थ कर्मचारी को सौंपना सख्त मना है. मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी, अधिकारियों की मनमानी मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट निर्देश के बावजूद, कई अधिकारी अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा न केवल प्रशासनी फोन पीआरओ के हवाले कर दिए गए हैं, बल्कि पीआरओ ही अब पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर रहे हैं. इससे न केवल जनसंपर्क की प्रक्रिया बाधित हो रही है, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में आ गई है. पूर्व में भी हुई थी सख्ती, 28 अप्रैल 2017 की घटना यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाई हो. 28 अप्रैल 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक अनोखा कदम उठाया था. उन्होंने सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकारियों के कार्यालय के लैंडलाइन नंबरों पर अचानक कॉल कर उनकी उपस्थिति की जांच की थी. इस दौरान कई अधिकारी अपने कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए थे, जिनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि यदि अधिकारी अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए जाते हैं और उचित कारण नहीं बताते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जनता और मीडिया के लिए संवादहीनता की स्थिति प्रशासनी तंत्र का एक अहम हिस्सा होता है पारदर्शिता और संवाद. जब जिले के मुखिया या बड़े अफसर तक आम आदमी या पत्रकार की पहुंच ही न हो, तो प्रशासनिक जवाबदेही का पूरा तंत्र सवालों के घेरे में आ जाता है. ऐसे में यदि अधिकारी खुद को इन प्रशासनी फोन से दूर रखेंगे और उन्हें अपने पीआरओ या अधीनस्थ स्टाफ को सौंप देंगे, तो संवादहीनता की स्थिति पैदा हो जाएगी. इससे न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठेंगे, बल्कि प्रशासन की साख भी दांव पर लगेगी. क्या होगी कार्रवाई? अब सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मनमानी पर कोई कठोर कदम उठाएंगे? या फिर यह मामला भी अन्य मुद्दों की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा? योगी प्रशासन की छवि एक मजबूत, अनुशासित और ईमानदार प्रशासन देने की रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री खुद इस मामले को संज्ञान में लेंगे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे. यह मामला केवल एक आदेश की अवहेलना का नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक सिद्धांत की अनदेखी का है. यदि प्रशासनी फोन जैसे छोटे-से संसाधन का भी दुरुपयोग हो रहा है, तो इससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि बाकी मामलों में कितनी लापरवाही बरती जा रही होगी. मुख्यमंत्री की मंशा साफ है शासन को जवाबदेह और प्रभावी बनाना. लेकिन जब तक उनके आदेशों का पालन नीचे तक नहीं होगा, तब तक यह मंशा अधूरी ही रहेगी. अंततः यही सवाल उठता है जब आदेश ऊपर से आ चुका है, तो नीचे पालन में देरी क्यों? क्या अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए अब कोई उदाहरण पेश किया जाएगा? जनता और मीडिया की निगाहें अब योगी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. The post ‘प्रशासनी फोन सिर्फ अफसरों के लिए’, बोले थे योगी — फिर क्यों बजती है घंटी पीआरओ के पास? appeared first on Naya Vichar.

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शशि थरूर के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद? सर्जिकल स्ट्राइक पर पार्टी में बवाल

Shashi Tharoor On Surgical Strike: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर ताजा हमला बोला है. खेड़ा ने थरूर की किताब पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर का एक अंश साझा किया और विवाद को गहरा कर दिया. 2018 में थरूर ने अपनी किताब में मोदी प्रशासन की आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्वक लाभ लेने का आरोप लगाया था. खेड़ा ने एक्स पर किताब के अंश को साझा किया और लिखा, मैं थरूर के विचार से सहमत हूं. थरूर ने सर्जिकल स्ट्राइक पर क्या दिया था बयान? 5 देशों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा था कि हिंदुस्तान ने पहली बार आतंकवादी ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने के लिए हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया था. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. थरूर ने आलोचकों को दिया करारा जवाब कांग्रेस नेताओं द्वारा आलोचना किए जाने पर शशि थरूर ने कहा कि जो कट्टरपंथी नियंत्रण रेखा के पार हिंदुस्तानीय वीरता की उनकी समझ पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि वह स्पष्ट रूप से केवल आतंकी हमलों के जवाब में की गई कार्रवाइयों की बात कर रहे थे, न कि पहले हुए युद्धों की. थरूर ने कहा कि उनकी टिप्पणी से पहले हाल के वर्षों में हुए कई हमलों का जिक्र किया गया था, जिनके दौरान हिंदुस्तान की पिछली प्रतिक्रियाएं नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के प्रति सम्मान के कारण संयमित और सीमित थीं. मेरे पास करने के लिए बेहतर काम हैं : थरूर आलोचना का जवाब देते हुए थरूर ने कहा, “पनामा में एक लंबे और सफल दिन के बाद, मुझे आधी रात को यहां का दौरा संपन्न कर छह घंटे बाद बोगोटा, कोलंबिया के लिए रवाना होना है, इसलिए मेरे पास वास्तव में इसके लिए समय नहीं है. लेकिन फिर भी: ‘‘उन कट्टरपंथियों के लिए जो अतीत में नियंत्रण रेखा के पार हिंदुस्तानीय वीरता के बारे में मेरी कथित अज्ञानता के बारे में चिल्ला रहे हैं- 1. मैं स्पष्ट रूप से केवल आतंकवादी हमलों के प्रतिशोध के बारे में बोल रहा था, न कि पिछले युद्धों के बारे में.” थरूर ने कहा, “मेरी टिप्पणियों में पहले हाल के वर्षों में हुए कई हमलों का उल्लेख किया गया था, जिनके दौरान पिछली हिंदुस्तानीय प्रतिक्रियाएं नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के प्रति हमारे जिम्मेदारीपूर्ण सम्मान के कारण संयमित और सीमित थीं.” उन्होंने कहा, “लेकिन हमेशा की तरह, आलोचकों और ट्रोल का मेरे विचारों और शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का स्वागत है. मेरे पास करने के लिए वास्तव में बेहतर काम हैं. शुभ रात्रि.” शशि थरूर कई मौकों पर कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व पर उठा चुके हैं सवाल शशि थरूर अपने बयान को लेकर पहली बार पार्टी नेताओं के निशाने पर नहीं हैं, बल्कि इससे पहले थरूर कई मौकों पर कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं. थरूर उन 23 नेताओं में शामिल थे, जिन्हें 2020 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में व्यापक सुधारों की मांग की थी. 23 बागी नेताओं के समूह को जी23 का नाम दिया गया था. इस कदम को पार्टी के गांधी परिवार के प्रति असंतोष के रूप में देखा गया. इसके बाद 2022 में थरूर ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था. इस कदम को पार्टी के भीतर उनकी स्वतंत्र छवि और गांधी परिवार के प्रति गैर-निष्ठावान रुख के रूप में देखा गया. इसके अलावा थरूर ने केरल में कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाया था और खुद को पार्टी के नेतृत्व के लिए सबसे स्वीकार्य नेता बताया था. थरूर के इस कदम को भी बागी के रूप देखा गया था. कांग्रेस नेता उदित राज ने शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बताया कांग्रेस नेता उदित राज ने शशि थरूर पर हमला करते हुए उन्हें बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बनाने की मांग की दी थी. उदित राज ने सर्जिकल स्ट्राइक पर थरूर की टिप्पणी को लेकर एक्स पर पोस्ट किया, “प्रिय शशि थरूर, अफसोस! मैं प्रधानमंत्री मोदी से कह सकता हूं कि वह आपको भाजपा का मुख्य प्रवक्ता घोषित कर दें, यहां तक ​​कि हिंदुस्तान लौटने से पहले आपको विदेश मंत्री भी घोषित कर दें. आप यह कहकर कांग्रेस के स्वर्णिम इतिहास को बदनाम कैसे कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी से पहले हिंदुस्तान ने कभी भी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार नहीं की.’’ जिस पार्टी ने आपको इतना कुछ दिया, उसके प्रति आप इतने बेईमान कैसे हो सकते हैं : उदित राज उदित राज ने कहा, “1965 में हिंदुस्तानीय सेना ने कई स्थानों पर पाकिस्तान में प्रवेश किया, जिसने लाहौर सेक्टर में पाकिस्तानियों को पूरी तरह से चौंका दिया था. 1971 में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) प्रशासन के दौरान कई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की गईं, लेकिन इसको नेतृत्वक रूप से भुनाने के लिए ढोल नहीं पीटा गया.” उदित राज ने कहा, ‘‘जिस पार्टी ने आपको इतना कुछ दिया, उसके प्रति आप इतने बेईमान कैसे हो सकते हैं?’’ The post शशि थरूर के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद? सर्जिकल स्ट्राइक पर पार्टी में बवाल appeared first on Naya Vichar.

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