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May 29, 2025

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जामुन खाने में न करें ये 8 गलतियां, वरना फायदे की जगह होगा नुकसान

How To Eat Jamun, Right Way To Eat Jamun: गर्मियों के मौसम में मिलने वाला फल जामुन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी यह एक सुपरफूड है. ब्लड शुगर कंट्रोल करने से लेकर पाचन सुधारने तक में यह सहायक हैं. हालांकि, बहुत सारे लोग इसे खाने का सही तरीका नहीं जानते हैं, जिस वजह से उनको इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है. आइए जानते हैं जामुन खाने का वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीका क्या है. खाली पेट न खाएं सुबह-सुबह खाली पेट जामुन खाना नुकसानदेह हो सकता है. इसमें मौजूद टैनिक एसिड और ऑक्सालिक एसिड पेट में गैस, एसिडिटी या जलन पैदा कर सकते हैं. बेहतर होगा कि आप जामुन को नाश्ते के बाद या दोपहर के भोजन के कुछ घंटे बाद खाएं. नमक या काला नमक डालकर खाएं जामुन में प्राकृतिक रूप से कुछ कसैलापन (अस्‍ट्रिंजेंसी) होता है, जो कुछ लोगों को पसंद नहीं आता. इसे दूर करने और पाचन में सहायक बनाने के लिए जामुन पर थोड़ा सा काला नमक या सेंधा नमक डालकर खाना फायदेमंद होता है. यह स्वाद बढ़ाने के साथ ही गैस और अपच की समस्या से भी बचाता है. Also Read: Parenting Mistakes: अनजाने में भी न करें पैरेंटिंग से जुड़ी ये गलतियां, जानें सही परवरिश का क्या है सीक्रेट बीज निकालकर खाएं जामुन के बीज सख्त होते हैं और इन्हें सीधे निगलना हानिकारक हो सकता है. जामुन को अच्छी तरह चबाकर बीज को अलग करें. हालांकि, जामुन के बीज भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. अगर इसे सुखाकर पीस लें तो इससे डायबिटीज कंट्रोल हो सकता है. अधिक मात्रा में न खाएं जामुन का अत्यधिक सेवन करने से शरीर में “कूलिंग इफेक्ट” ज्यादा हो सकता है, जिससे गले में खराश या बलगम बनने की शिकायत हो सकती है. एक दिन में 100–150 ग्राम (लगभग एक छोटी कटोरी) जामुन लोगों के लिए पर्याप्त होता है. दूध या अन्य डेयरी उत्पादों के साथ न खाएं जामुन के साथ तुरंत दूध या अन्य डेयरी उत्पादों का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. क्योंकि दोनों की प्रकृति भिन्न होती है, और इसका एक साथ सेवन से पेट में गैस, ऐंठन या दस्त की शिकायत हो सकती है. बच्चों को सावधानी से दें बच्चों को जामुन देते समय यह सुनिश्चित करें कि वे इसके बीज को न निगलें, क्योंकि इससे गले में फंसने या पेट की समस्या हो सकती है. छोटे बच्चों को जामुन की प्यूरी बनाकर दी जा सकती है. हल्दी और जामुन साथ न खाएं अगर आपने ऐसा खाना खाया है जिसमें हल्दी डली हो, तो उसके तुरंत बाद जामुन बिल्कुल न खाएं. हल्दी और जामुन एक साथ खाने से शरीर पर उल्टा असर हो सकता है. इससे पेट में जलन हो सकती है. इसलिए हल्दी वाला खाना खाने के कम से कम 30 मिनट बाद ही जामुन खाएं. जामुन के साथ अचार न खाएं बहुत से लोग खाने के साथ अचार खाना पसंद करते हैं, लेकिन जामुन के साथ ऐसा करना सेहत के लिए ठीक नहीं है. अगर आप जामुन के साथ या उसके तुरंत बाद अचार खाते हैं, तो इससे पेट खराब हो सकता है. पेट में गैस, जलन या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए जामुन खाते समय अचार से परहेज करें. Also Read: Relationship Tips: जब रिश्ता प्यार नहीं बल्कि तनाव देने लगे, तो समझिए ये टॉक्सिक है, जानिए ऐसे रिश्ते से बाहर निकलने के आसान तरीके The post जामुन खाने में न करें ये 8 गलतियां, वरना फायदे की जगह होगा नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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AAP: भाजपा सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में एक भी वादा नहीं हुआ पूरा

AAP: दिल्ली में भाजपा प्रशासन शुक्रवार को 100 दिन पूरे करने जा रही है. भाजपा प्रशासन के 100 दिन के कामकाज का लेखा-जोखा पेश करने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तालकटोरा स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम करेंगी. इस कार्यक्रम में भाजपा प्रशासन 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी और यह बताने का प्रयास करेगी कि दिल्ली की बेहतरी के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और भावी योजना क्या है. लेकिन भाजपा प्रशासन के 100 दिन पूरे होने के पहले विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने रिपोर्ट कार्ड जारी किया और हर मोर्चे पर प्रशासन को विफल करार दिया. आप का आरोप है कि दिल्ली में भाजपा प्रशासन बनने के बाद आम लोगों की जीवन बदतर हुआ है. पूर्व से चली आ रही बेहतर व्यवस्था को मौजूदा प्रशासन ने 100 दिनों के अंदर ही बर्बाद कर दिया. पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली की मौजूदा प्रशासन हर मामले में फेल साबित हुई है. दिल्ली प्रशासन की नाकामियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम पार्टी करेगी. पिछले 10 साल तक दिल्ली में बिजली कटौती नहीं हुई, लेकिन भाजपा प्रशासन बनते हुए घंटों बिजली कटौती हो रही है. दिल्ली के लोग पानी के लिए परेशान है. भाजपा प्रशासन ने बिजली की दरों को बढ़ाने का फैसला लिया. दिल्ली में पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज (पीपीसीए) को 7 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है. अब दिल्ली के लोगों को अगले महीने से बढ़े हुए बिजली बिल का भुगतान करना होगा. यही निजी स्कूल भाजपा प्रशासन बनते ही मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं और प्रशासन इसे रोक पाने में असमर्थ दिख रही है.  जनहित योजनाओं को किया जा रहा है बंद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा प्रशासन ने बारिश आने से पहले सीवर की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन हल्की बारिश में ही सारे दावों की पोल खुल गयी. दिल्ली में जगह-जगह सीवर से पानी बाहर आ रहा है. गर्मी के मौसम में एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति बुरी है. मौजूदा प्रशासन आम लोगों के हित में चलाए जा रहे मोहल्ला क्लीनिक, फरिश्ते योजना को बंद कर दिया है. बस मार्शल को पक्का का वादा पूरा नहीं किया और कई तरह की पेंशन को बंद कर दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली के लोगों से वादा किया था प्रशासन बनते हुए हर स्त्री को प्रतिमाह 2500 रुपये देगी. लेकिन इस योजना की अब कोई चर्चा नहीं है. वहीं आप के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन की प्रशासन है. लेकिन वादे पूरे करने की बजाय प्रशासन झूठ का सहारा ले रही है. भाजपा ने झुग्गी-बस्ती नहीं तोड़ने का वादा किया था, लेकिन कई जगह इसे तोड़ा जा रहा है. पूर्व प्रशासन की योजनाओं का नाम बदलकर भाजपा प्रशासन वाहवाही लूटने का काम कर रही है. दिल्ली के लोगों का इस प्रशासन से भरोसा उठ गया है.  The post AAP: भाजपा प्रशासन के 100 दिन के कार्यकाल में एक भी वादा नहीं हुआ पूरा appeared first on Naya Vichar.

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Admission Alert 2025: इकोनॉमिक्स में एमए समेत कई अन्य कोर्सेज में एडमिशन का मौका

Admission Alert 2025 : पुणे स्थित हिंदुस्तानीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान ने फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है, वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड इकोनॉमिक्स में एमए करने का मौका दे रहा है. कलकत्ता विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस में पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं… फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स में लें प्रवेश संस्थान : हिंदुस्तानीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान, पुणे.कोर्स : फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स -2025. यह तीन सप्ताह का फुल टाइम कोर्स है, जिसका संचालन एफटीआईआई पुणे नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया) के साथ मिलकर 23 जून से 11 जुलाई, 2025 तक पुणे में करेगा. कोर्स का माध्यम अंग्रेजी है.योग्यता : प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन है और अभ्यर्थी की आयु 1 जनवरी, 2025 के आधार पर कम से कम 21 वर्ष होना चाहिए.कैसे करें आवेदन : नोटिफिकेशन में दिये गये लिंक से ऑनलाइन आवेदन करना है.अंतिम तिथि : 3 जून, 2025, शाम 6 बजे से पहले तक आवेदन कर सकते हैं.विवरण देखें : https://ftii.ac.in/p/vtwa/film-appreciation-course-mid-year-2025-23-june-11-july-2025 इकोनॉमिक्स में एमए के लिए करें आवेदन संस्थान : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी).कोर्स : एमए (इकोनॉमिक्स) स्पेशलाइजेशन इन ट्रेड एंड फाइनेंस 2025-27.योग्यता : मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी डिसीप्लीन में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों में बैचलर डिग्री होनी चाहिए. ग्रेजुएशन फाइनल ईयर की परीक्षा दे रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं.प्रवेश : एप्टीट्यूट टेस्ट एवं इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर प्रवेश मिलेगा. टेस्ट में बेसिक मैथमेटिक्स एवं स्टेटिस्टिक्स, माइक्रोइकोनॉमिक्स, मैक्रोइकोनॉमिक्स, इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स, पब्लिक फाइनेंस आदि पर केंद्रित ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जायेंगे.कैसे करें आवेदन : इंस्टीट्यूट की वेबसाइट से ऑपलाइन आवेदन करना है.अंतिम तिथि : 7 जून, 2025.विवरण देखें : www.iift.ac.in/iift/docs/LatestUpdates/MAECO202527_Details.pdf कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग में पीएचडी के लिए करें अप्लाई संस्थान : डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, कलकत्ता विश्वविद्यालय.कोर्स : कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग में पीएचडी (टेक/साइंस) सत्र 2025. कुल सीटें 17 हैं.योग्यता : कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग में एमटेक/एमइ/बीटेक/बीइ या कंप्यूटर साइंस में एमएससी या एमसीए होना चाहिए. योग्यता के बारे में विस्तार से जानने के लिए नोटिफिकेशन देखें.प्रवेश : एडमिशन टेस्ट एवं इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर प्रवेश मिलेगा.कैसे करें आवेदन : निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन नोटिफिकेशन में दिये गये पते पर भेजें.अंतिम तिथि : 8 जून, 2025.विवरण देखें : https://s3.ap-south-1.amazonaws.com/caluniv/admission/PhD-CSE-2025.pdf The post Admission Alert 2025: इकोनॉमिक्स में एमए समेत कई अन्य कोर्सेज में एडमिशन का मौका appeared first on Naya Vichar.

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लिंग आधारित मॉडल से रुकेगा कामकाजी महिलाओं का पलायन, यूनिसेफ युवाह की नई पहल

Women Workforce Migration: हिंदुस्तान में रोजगार के लिए पलायन एक सामान्य रास्ता है, लेकिन कार्यबल में स्त्रीओं की भागीदारी आज भी कई बाधाओं से घिरी हुई है. विशेष रूप से जो युवतियां अपने करियर की शुरुआत करती हैं, उन्हें सुरक्षा की कमी, सामाजिक मानदंडों, वित्तीय असुरक्षा और समर्थन सेवाओं के अभाव के कारण काम के लिए अनजान जगहों पर प्रवास करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यूनिसेफ युवाह की ओर से हाई लेवल राउंड टेबल सम्मेलन का आयोजन किया. यूनिसेफ युवाह द्वारा राउंड टेबल सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली स्थित यूनिसेफ कार्यालय में आयोजित इस सम्मेलन में प्रमुख इकोसिस्टम साझेदारों को आमंत्रित किया गया. इसका उद्देश्य ऐसे सफल और लिंग-आधारित मॉडल पर चर्चा करना था, जो स्त्रीओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक प्रवासन सुनिश्चित कर सकें. यह पहल उन युवतियों को मदद पहुंचाने के लिए है, जो गांवों से शहरों में बेहतर रोजगार की तलाश में जाती हैं. डिजिटल गर्ल्स हब पहल के तहत प्रवासन सहायता कार्यक्रम यूनिसेफ युवाह की “डिजिटल गर्ल्स हब” पहल के तहत एक विशेष प्रवासन सहायता कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य उन युवा स्त्रीओं और उनके परिवारों को समर्थन प्रदान करना है जो शहरी क्षेत्रों में काम की तलाश में प्रवास करना चाहते हैं। कार्यक्रम के तहत बंडल, अल्पकालिक सहायता सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे स्त्रीओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ प्रवास करने का अवसर मिलेगा। युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान युवाह की प्रमुख जियोर्जिया वरिस्को ने बताया, “युवा स्त्रीएं सार्थक और स्वाभिमानी काम करने की इच्छा रखती हैं, लेकिन इन अवसरों की उपलब्धता मुख्यतः शहरी क्षेत्रों तक सीमित है. यही कारण है कि हम ऐसा मॉडल तैयार कर रहे हैं जो न केवल स्त्रीओं को प्रवास के लिए प्रोत्साहित करे बल्कि उन्हें पर्याप्त समर्थन भी दे.” पूर्व नौकरशाहों और संस्थागत भागीदारों की राय हिंदुस्तान प्रशासन के श्रम और रोजगार मंत्रालय की पूर्व सचिव आरती आहूजा ने सम्मेलन में कहा, “गांव छोड़कर शहर में काम के लिए जाना बहुत बड़ी चुनौती है, खासकर स्त्रीओं के लिए. हमें ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जो उन्हें प्रवास के हर चरण में सहायता प्रदान करें. इसमें स्रोत राज्य में जागरूकता, प्रवास से पहले प्रशिक्षण और गंतव्य स्थल पर सहयोग शामिल हैं.” राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) के निदेशक एल. सुधाकर रेड्डी ने कहा, “प्रवास और प्रतिधारण का समाधान किसी एक संस्था के पास नहीं है. यह एक साझा जिम्मेदारी है, जिसमें प्रशिक्षण संस्थान, नियोक्ता और राज्य प्रशासनें मिलकर काम करें.” लिंग-आधारित मॉडल की जरूरत सम्मेलन में वक्ताओं ने ऐसे मॉडल विकसित करने पर जोर दिया जो स्त्री-केंद्रित हों और वास्तविक अनुभवों पर आधारित हों. उन्होंने उन उपायों पर चर्चा की, जो स्त्रीओं के लिए सुरक्षित, संगठित और टिकाऊ प्रवास सुनिश्चित कर सकें. इसमें नियोक्ताओं द्वारा कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षा, सामुदायिक स्तर पर सामाजिक स्वीकृति और प्रशासन द्वारा नीति समर्थन की आवश्यकता प्रमुख रही. श्रम बल भागीदारी दर में सुधार राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से प्रकाशित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार, 2017-18 से 2023-24 के बीच हिंदुस्तान की कुल श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 51.5% से बढ़कर 60.5% हो गई है. यह वृद्धि मुख्यतः स्त्री श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) में बढ़ोतरी के कारण हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 23.5% से बढ़कर 42.8% हो गई है, जो कि एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक प्रगति को दर्शाता है. इसे भी पढ़ें: PIB Fact Chack: केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु में 2 साल की बढ़ोतरी, जानें दावे की असलियत स्त्री प्रवासन के लिए सेफ इकोसिस्टम की जरूरत यूनिसेफ युवाह की यह पहल हिंदुस्तान में स्त्री श्रमबल की भागीदारी को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. यदि प्रवास के सभी चरणों में स्त्रीओं को सही दिशा, सुरक्षा और सहयोग मिले, तो न केवल उनकी सामाजिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी उनका योगदान बढ़ेगा. यह आवश्यक है कि प्रशासन, निजी क्षेत्र और सामाजिक संस्थाएं मिलकर एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाएं ताकि कार्यबल में स्त्रीओं का स्थान सशक्त और स्थायी हो सके. इसे भी पढ़ें: Raghuram Rajan का बड़ा बयान! ट्रंप ने अपने पैर पर मारी कुल्हाड़ी, अमेरिका पर पड़ेगा भारी The post लिंग आधारित मॉडल से रुकेगा कामकाजी स्त्रीओं का पलायन, यूनिसेफ युवाह की नई पहल appeared first on Naya Vichar.

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पत्नी कल्पना सोरेन संग तीर्थ यात्रा पर निकले सीएम हेमंत सोरेन

CM Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन संग तीर्थ यात्रा पर जा रहें है. सीएम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ धाम जायेंगे. तीर्थ यात्रा के लिए सीएम आज गुरुवार को पत्नी संग रांची से निकलें हैं. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा कर 1 जून को वापस रांची लौटेंगे. जानकारी के अनुसार सीएम रांची से दिल्ली गये है, वहां से वे उत्तराखंड के लिए रवाना होंगे. सीएम की अनुपस्थिति में होगी वित्त आयोग की टीम के साथ बैठक सीएम की अनुपस्थिति में कल 30 मई को 16वें वित्त आयोग की टीम के साथ राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. हालांकि इस बैठक के लिए सीएम ने कल बुधवार को ही वित्त मंत्री समेत अन्य अधिकारीयों के साथ बैठक की थी, जिसमें 16वें वित्त आयोग के समक्ष की जाने वाली सिफारिशों को लेकर विचार-विमर्श किया गया था. साथ ही कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिये गये थे. इसे भी पढ़ें Heavy Rain Alert: झारखंड में 31 मई तक भारी से भारी बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी क्या झारखंड के कर्मियों के साथ हुआ स्पोर्ट्स? बीमा योजना में हर बीमारी के लिए राशि फिक्स लेकिन उन्हें पता नहीं इस मांग को लेकर आज रात से हड़ताल पर जायेंगे 108 एंबुलेंस कर्मचारी, मरीजों को होगी परेशानी The post पत्नी कल्पना सोरेन संग तीर्थ यात्रा पर निकले सीएम हेमंत सोरेन appeared first on Naya Vichar.

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Tej Pratap-Aishwarya Divorce Case: तेजप्रताप-ऐश्वर्या तलाक मामले में कोर्ट ने क्या कहा ? अब इस दिन होगी सुनवाई

Tej Pratap-Aishwarya Divorce Case: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के तलाक मामले में आज कोर्ट में सुनवाई थी, जो टल गई. दरअसल दोनों पक्षों को बड़ा आदेश भी जारी किया गया. इस मामले में अब 21 जून को सुनवाई होगी. जानकारी के मुताबिक, ऐश्वर्या राय की तरफ से मुख्य वकील नीलांचल चटर्जी सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश नहीं हुए. जिसके बाद जूनियर वकील की ओर से नई तारीख देने की मांग की. वकील की ओर से 2 सप्ताह का समय मांगा गया. जिसके बाद कोर्ट ने मांग को स्वीकार किया और अब अगली सुनवाई 21 जून को होगी. कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश समाचार की माने तो, दोनों पक्षों की ओर से सीनियर वकील को अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित होने का आदेश दिया गया. यह बता दें कि, आज सुनवाई के दौरान तेजप्रताप की ओर से सीनियर वकील जगन्नाथ सिंह मौजूद थे. लेकिन, ऐश्वर्या राय की ओर से मांग किए जाने के बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तय की. बता दें कि, इन दिनों तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव को लेकर विवाद गहराया हुआ है. आज कोर्ट में किसी तरह का वाद-विवाद ना हो, उसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया था. हालांकि, सुनवाई टल गई. लंबे समय से कोर्ट में चल रहा तलाक का मामला बता दें कि, तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के तलाक का मामला कोर्ट में लंबे समय से चल रहा है. अब तक इस मामले में कोर्ट की ओर से कोई फैसला नहीं सुनाया गया. इस बीच तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिये अपने 12 साल पुराने प्यार का इजहार किया. जिसके बाद विवाद और भी बढ़ गया है. हलांकि, अब अगली सुनवाई 21 जून को होगी, जिस पर हर किसी की निगाहें टिक गई है. Also Read: IRCTC Tender Scam: रेलवे टेंडर घोटाला मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला सुरक्षित, अब इस दिन होगी सुनवाई The post Tej Pratap-Aishwarya Divorce Case: तेजप्रताप-ऐश्वर्या तलाक मामले में कोर्ट ने क्या कहा ? अब इस दिन होगी सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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पटना पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, थोड़ी देर में करेंगे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्धाटन

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम 4 बजे निर्धारित समय पर पटना एयरपोर्ट पहुंचे. यहां राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम समेत बिहार के कई मंत्रियों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया. बता दें कि प्रधानमंत्री यहां पर कुछ ही देर में पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्धाटन करेंगे. पटना एयरपोर्ट का नया टर्मिनल पांच जून से यह फंक्शनल होगा नया टर्मिनल पटना एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन का गुरुवार को उद्घाटन है. पांच जून से यह फंक्शनल हो जायेगा. इसमें ऊपरी तल्ले पर स्थित डिपार्चर हॉल में 64 चेकइन काउंटर होंगे जिन पर खड़े होकर यात्री अपना बोर्डिंग पास निकलवा सकेंगे. इससे यात्रियों की अधिक संख्या या भीड़भाड़ होने की स्थिति में भी उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और लंबी कतार में देर तक खड़े नहीं रहना पड़ेगा. लेकिन बोर्डिंग के लिए अभी एक ही एयरोब्रिज होने के कारण लोगों को उसमें थोड़ी असुविधा हो सकती है. इससे विमानों को बोर्डिंग के लिए कम समय मिलेगा जिससे यात्रियों को भी अल्प अवधि में ही विमान में चढ़ना या उतरना होगा. दो तीन महीने यह परेशानी बनी रहेगी और अगस्त अंत तक चार नये एयरोब्रिज के निर्माण के बाद ही यह परेशानी दूर होगी. लगे हैं चार लगेज बैल्ट नये एयरपोर्ट टर्मिनल में यात्रियों का सामान लाने के लिए चार लगेज (कन्वियर) बेल्ट लगे हैँ. इसके कारण अब यात्रियों को अपना सामान आने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. विदित हो कि अब तक एक ही लगेज बेल्ट होने के कारण यात्रियों को अपना सामान विमान से उतरकर आने के लिए कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता था. साथ ही बैठने की जगह की कमी के कारण भी उन्हें परेशानी होती थी. इसे देखते हुए नीचे एराइवल हॉल में लगेज बेल्ट के पास दो जगह यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां भी लगायी गयी है. नये टर्मिनल भवन की सालाना यात्री क्षमता एक करोड़ यात्रियों की होगी और एक समय में तीन हजार यात्री इस टर्मिनल से होकर यात्रा कर सकेंगे. टर्मिनल से बाहर निकलने के आठ दरवाजे पटना एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन के भूतल पर अराइवल हॉल है. यहां बाहर से आने वाले यात्री लगेज बेल्ट से अपना सामान पिक करते हुए टर्मिनल से बाहर निकलेंगे. उनके बाहर निकलने के लिए इस हाॅल में आठ दरवाजे हैं. लोग अपनी इच्छा या सुविधा अनुसार इनमें से किसी भी दरवाजे से बाहर निकल सकेंगे और यात्रियों के बाहर निकलते समय दरवाजे पर कोई भीड़भाड़ नहीं होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मल्टी लेवल पार्किंग से डिपार्चर सेक्शन में ट्रैवेलेटर से जायेंगे यात्री मल्टी लेवल पार्किंग से डिपार्चर सेक्शन में हवाई यात्री ट्रैवेलेटर से जायेंगे. इसके लिए 81 मीटर लंबा ट्रैवलेटर लगाया गया है. साथ ही यात्रियों के मल्टीलेवल पार्किंग में ऊपर जाने या ऊपर से नीचे आने के लिए चार लिफ्ट भी लगाये गये हैं. इसीतरह टर्मिनल भवन में भी भूतल से ऊपरी तल पर आने जाने के लिए भी लिफ्ट लगाये गये हैं. साथ ही टमिनल भवन के भीतर एक्सलेटर भी लगे है दो मुख्य फ्लोर के बीच एक अन्य फ्लोर और बेसमेंट भी पटना एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन मूलत: दो मंजिला है जिसमें भूतल पर अराइवल सेक्शन और ऊपरी तल पर डिपार्चर सेक्शन है. हालांकि इन दोनों फ्लोर के बीच में कम सीलिंग हाइट वाला एक अन्य फ्लोर भी है जो प्रशासनिक कार्य और एयरलाइंस के दफ्तरों के लिए इस्तेमाल होगा. इसके साथ टर्मिनल भवन में एक बेसमेंट भी है जिसमें पूरे टर्मिनल का इलेक्ट्रिकल कंट्रोल यूनिट लगाया गया है. साथ ही एयरपोर्ट के नये टर्मिनल में लगे सभी लगेज बेल्ट का बैगेज लाइन भी बेसमेंट में ही बनाया गया है. यहां विमानों में लोड अनलोड होने वाले सामानों के एक्सरे स्कैनिंग की भी व्यवस्था है. इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी के बिहार लैंड होने से पहले सांसद का प्रधानमंत्री पर हमला, पूछा- स्पेशल पैकेज का क्या हुआ? The post पटना पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, थोड़ी देर में करेंगे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्धाटन appeared first on Naya Vichar.

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16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया पहुंचे देवघर, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में टीम ने की पूजा-अर्चना

देवघर, संजीव मिश्रा-16वें वित्त आयोग की टीम गुरुवार को देवघर पहुंची. बाबा नगरी में टीम ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. टीम की अगुवाई कर रहे आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया स्वयं पूरे दल के साथ बाबा मंदिर पहुंचे. डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने टीम का स्वागत किया. इसके बाद वे उन्हें मंदिर ले गए. बाबा मंदिर में श्राइन बोर्ड की ओर से अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया. प्रशासनिक भवन में हाथ-पैर धोने के बाद सभी सदस्यों को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया, जहां पंचोपचार विधि से बाबा की पूजा करायी गयी. बाबा मंदिर में पूजा के बाद प्रसाद का पैकेट किया गया भेंट बाबा मंदिर में पूजा करने के बाद सभी सदस्यों को श्राइन बोर्ड की ओर से प्रसाद का पैकेट भेंट किया गया. इसमें पेड़ा, फल, बाबा की तस्वीर, रेशमी चादर और एक-एक चांदी का सिक्का शामिल था. पूजा-अर्चना के बाद टीम सीधे बैठक के लिए रवाना हो गयी. पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था की जिम्मेदारी बाबा मंदिर सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने संभाली. ये भी पढ़ें: इस मांग को लेकर आज रात से हड़ताल पर जायेंगे 108 एंबुलेंस कर्मचारी, मरीजों को होगी परेशानी 16वें वित्त आयोग की टीम में ये हैं शामिल 16वें वित्त आयोग की टीम में अध्यक्ष के अलावा अन्नी गोराईं, मनोज पांडा, पुष्पांजलि पांडा, डॉ सौम्यकांति घोष, ऋत्विक पांडे, प्रशांत कुमार पांडा, कुमार विवेक, प्रिया सर्राफ, मनीष गुप्ता, शिखा सिंह, कोमल सिंह एवं श्याम लाल शामिल थे. मौके पर एसडीएम सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार, डीएसओ नरेश रजक, सीओ अनिल कुमार, प्रबंधक रमेश परिहस्त सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे. ये भी पढ़ें: बालिका वधू बनने से बची झारखंड की 14 साल की बिटिया, ऐसे रुका आठवीं कक्षा में पढ़नेवाली बच्चा का बाल विवाह ये भी पढ़ें: क्या झारखंड के कर्मियों के साथ हुआ स्पोर्ट्स? बीमा योजना में हर बीमारी के लिए राशि फिक्स लेकिन उन्हें पता नहीं The post 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया पहुंचे देवघर, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में टीम ने की पूजा-अर्चना appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Border: नेपाल ने भारतीय सीमा पर वाहनों को रोका, मायूस होकर लौटे पर्यटक

Nepal Border: रक्सौल,चंद्रप्रकाश आर्य. नेपाल प्रशासन की ओर से पेश हो रहे बजट करने के कारण हिंदुस्तानीय सीमा क्षेत्र से वाहन प्रवेश पर रोक लगा दी है. भंसार व सुविधा नहीं कटने से बॉर्डर क्षेत्र से हिंदुस्तानीय वाहन लौट रहे हैं. पश्चिम चंपारण जिला अंतर्गत इंडो नेपाल सीमा स्थित वाल्मीकिनगर में नेपाली संसद के बजट सत्र को लेकर गुरुवार को हिंदुस्तान से नेपाल आने वाले वाहनों की प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दिया गया. सीमा पर वाहनों की लंबी कतार हिंदुस्तान नेपाल सीमा पर वाहनों की लंबी कतार देखी जा रही है. कई लोग सीमा बंद होने के कारण वापस लौट रहे हैं. बाल्मीकि नगर में आने पर्यटक नेपाल से सटे त्रिवेणी व आसपास के शहरों में भी जाते हैं. गुरुवार को त्रिवेणी भंडार से सुविधा नहीं प्राप्त होने के कारण पर्यटकों को वर्णन वापस लौटना पड़ा. इसके कारण उनमें काफी मायूसी देखी गई. भंसार व सुविधा सेवा बंद सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को कहना है कि हिंदुस्तान नेपाल सीमा पर भंसार व सुविधा को नेपाल की ओर से बंद कर दिया गया है. इस कारण हिंदुस्तानीय वाहन नेपाली सीमा प्रवेश कर नहीं पा रहे हैं. गुरुवार को बगहा बाल्मीकि नगर गंडक बाराज से ही दर्जनों की संख्या वाहनों को हिंदुस्तानीय सीमा से ही लौटना पड़ा. वाहन मालिकों का कहना है कि हिंदुस्तानीय वाहनों के प्रवेश पर नेपाल प्रशासन ने पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया. सूचना देख लौट रहे पर्यटक हिंदुस्तानीय सीमा से सटे नेपाल त्रिवेणी भंसार कार्यालय की ओर से नोटिस जारी कर कहा गया है कि हिंदुस्तानीय वाहनों को नेपाल में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. गुरुवार को हिंदुस्तानीय वाहनों का नेपाल क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगा रहा. गुरुवार को गंडक बाराज से कोई भी गाड़ी हिंदुस्तान नेपाल की सीमा प्रवेश नहीं किया, जिससे पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. Also Read: Folk Band: मिथिला का ‘फोक बैंड’ रसनचौकी, इन पांच वाद्ययंत्रों पर कभी नहीं बजता शोक धुन The post Nepal Border: नेपाल ने हिंदुस्तानीय सीमा पर वाहनों को रोका, मायूस होकर लौटे पर्यटक appeared first on Naya Vichar.

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Project Kaveri: भारत की कावेरी परियोजना से चीन-पाकिस्तान की छाती पर लोटेगा सांप, दुश्मन होंगे पस्त

Project Kaveri : पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के सफाए के लिए अभी हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत हिंदुस्तान की ओर से घातक हवाई हमले किए गए, जिसमें हिंदुस्तान के राफेल और सुखोई जेट्स का मुकाबला पाकिस्तान के एफ-16 और जे-17 से हुआ. इस तरह की हमलों में असली ताकत जेट्स के दमदार इंजनों की होती है, जो इन्हें पलक झपकते ही आसमान में उड़ने की क्षमता देते हैं. हिंदुस्तान भी लंबे समय से अपने फाइटर जेट्स के लिए स्वदेशी इंजन बनाने की कोशिश में है, जिसका नाम ‘कावेरी प्रोजेक्ट’ है. हिंदुस्तान के इस कावेरी परियोजना के सफल होते ही पाकिस्तान-चीन की छाती पर भी सांप लोटना तय माना जा रहा है, क्योंकि इससे दुश्मन देशों के फाइट प्लेनों की हालत पस्त हो जाएगी. क्या है कावेरी इंजन  कावेरी इंजन हिंदुस्तान का स्वदेशी टर्बोफैन जेट इंजन है, जिसे DRDO के तहत GTRE द्वारा विकसित किया जा रहा है.  इसकी शुरुआत 1980 के दशक के अंत में हुई थी, जिसका मकसद एलसीए तेजस को घरेलू इंजन से शक्ति देना था.  यह हिंदुस्तान की डिफेंस आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाता है.  DRDO के मुताबिक, यह लो-बाईपास ट्विन-स्पूल टर्बोफैन इंजन है, जिसे करीब 80 kN थ्रस्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है.  हाई टेम्परेचर और स्पीड में थ्रस्ट लॉस को कम करने के लिए इसका फ्लैट-रेटेड डिजाइन तैयार किया गया है.  साथ ही, इसकी FADEC प्रणाली मैन्युअल बैकअप के साथ सटीक और भरोसेमंद नियंत्रण सुनिश्चित करती है, जिससे यह कई ऑपरेशनल स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करता है.  UCAV परियोजना में होगीकावेरी  शामिल  DRDO रूस में स्वदेशी कावेरी जेट इंजन का परीक्षण कर रही है, जिसका इस्तेमाल हिंदुस्तान में बनाए जा रहे लंबी दूरी के मानवरहित लड़ाकू विमान (UCAV) को शक्ति देने के लिए किया जाएगा.  फिलहाल रूस में इंजन के करीब 25 घंटे के परीक्षण बाकी हैं, जिसके लिए स्लॉट्स तय किए जा रहे हैं.  रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस इंजन को देश की UCAV परियोजना में शामिल करने की योजना है.  सोशल मीडिया पर भी हो रही ट्रेंड सोशल मीडिया पर इन दिनों #फंडकावेरी ट्रेंड कर रहा है.  दरअसल, कावेरी इंजन को DRDO ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के लिए विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन देरी के चलते LCA को फिलहाल अमेरिकी GE-404 इंजन से पावर दिया जा रहा है.  GE-404 का इस्तेमाल 32 एलसीए मार्क 1 और ट्रेनर वर्जन में किया गया है, और 83 एलसीए मार्क 1ए भी इसी इंजन पर आधारित हैं.  हालांकि, अमेरिकी कंपनी से सप्लाई में आई रुकावटों के कारण प्रोजेक्ट में देरी हो रही है.  ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या कावेरी इंजन अब भी LCA को पावर देने के विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है.  Also Read: Raghuram Rajan का बड़ा बयान! ट्रंप ने अपने पैर पर मारी कुल्हाड़ी, अमेरिका पर पड़ेगा भारी The post Project Kaveri: हिंदुस्तान की कावेरी परियोजना से चीन-पाकिस्तान की छाती पर लोटेगा सांप, दुश्मन होंगे पस्त appeared first on Naya Vichar.

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