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May 29, 2025

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बिहार में हत्या, लूट व भ्रष्टाचार चरम पर: जिलाध्यक्ष

-9-प्रतिनिधि, फारबिसगंज एनडीए की प्रशासन में बिहार में हत्या, लूट, भ्रष्टाचार, भूमि विवाद चरम पर है. लोग परेशान हैं. दलितों पर बराबर हमले हो रहे हैं. स्त्रीएं सुरक्षित नहीं हैं. अल्पसंख्यक यह महसूस कर रहे हैं कि हम कमजोर हैं. जब देश प्रदेश में इस तरह का माहौल होगा तो हम विकास की गति को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं. बिहार में कांग्रेस महागठबंधन की प्रशासन बनती है तो आज एनडीए के द्वारा फैला हुआ विफलता को कंट्रोल किया जायेगा. उक्त बातें कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शाद अहमद व जिला समन्वयक किरण छेत्री ने बुधवार को फारबिसगंज के छुआपट्टी में आयोजित प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने कहा कि विगत दिनों फारबिसगंज प्रखंड के रामपुर उत्तर में स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय में छात्रों के भोजन में कीड़ा निकला छात्रों ने विरोध किया तो उलटे छात्रों पर हीं कार्रवाई की गयी. लेकिन इसके दोषी पर कोई कार्रवाई नही हुई यह कैसी प्रशासन है यह कैसा न्याय है. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस का बिहार निर्माण में बड़ा योगदान है. कांग्रेस जो बोलती है,उसे पूरी करती है. इसका उदाहरण कांग्रेस शासित राज्य है. उन्होंने बताया कि बिहार के 14 मेडिकल कॉलेज में 07 मेडिकल कॉलेज व एनएचआरएम के तहत मनमोहन सिंह के प्रशासन में प्राइमरी व कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बनाये गये. 33 शुगर मिल स्थापित किये गये थे. जिसमें आज केवल आठ कार्यरत हैं. बरौनी में तेल रिफाइनरी व फर्टिलाइजर फैक्ट्री के साथ सबौर में कृषि विश्वविद्यालय कांग्रेस प्रशासन की देन है. नालंदा यूनिवर्सिटी, आइआइएम बोधगया, दो सेंट्रल यूनिवर्सिटी, आइआइटी पटना, एम्स पटना, निफ्ट पटना, आइसीएमआर, एनआइपीइआर, सिपेट के साथ एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड गढ़हरा में कांग्रेस प्रशासन की देन है. जिलाध्यक्ष शाद अहमद ने बताया कि कांग्रेस बिहार के सभी सीटों पर चुनाव की तैयारी में जुटी है. मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल सिन्हा, प्रखंड अध्यक्ष गुलाबचंद ऋषिदेव, नगर अध्यक्ष अमितेश कुमार गुड्डू, अम्बरीश राहुल, दिलीप पासवान, शंकर प्रसाद साह, कंचन विश्वास, मनु मानव, संजीव शेखर, नगर पार्षद काजल गुप्ता,प्रदीप कर्ण,गौरव गुप्ता,अमन रजा सहित अन्य मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बिहार में हत्या, लूट व भ्रष्टाचार चरम पर: जिलाध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा लेटर, पाक गोलीबारी से प्रभावित पुंछ के लिए कर दी ऐसी मांग

Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में कहा, “मैंने हाल ही में पुंछ का दौरा किया, जहां पाकिस्तानी गोलीबारी में 4 बच्चों सहित 14 लोगों की दुखद मौत हो गई. दर्जन भर लोग घायल भी हुए. राहुल ने आगे लिखा, इस अचानक और अंधाधुंध हमले ने आम इलाकों को भारी तबाही मचाई है. सैकड़ों घर, दुकानें, स्कूल, धार्मिक स्थल बुरी तरह से तबाह हो गए हैं. कई पीड़ितों ने बताया कि उनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई है.” राहुल ने आगे लिखा, “पुंछ और सीमा से लगे अन्य क्षेत्रों के लोग दशकों से शांति और भाईचारे के साथ रह रहे हैं. आज जब वे इस गहरे संकट से गुजर रहे हैं, तो हमारा कर्तव्य है कि हम उनके दुख को समझें और उनके जीवन को फिर से संवारने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करें.” राहुल गांधी ने आखिर में लिखा, “मैं हिंदुस्तान प्रशासन से आग्रह करता हूं कि पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित पुंछ और अन्य सभी इलाकों के लिए एक ठोस और उदारता से भरा राहत और पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाए.” Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi writes to PM Narendra Modi, requesting Government of India to prepare a concrete & generous relief and rehabilitation package for Poonch and other areas affected by the Pakistani shelling. pic.twitter.com/FsGu1wz9LN — ANI (@ANI) May 29, 2025 राहुल गांधी ने 24 मई को किया था पुंछ का दौरा राहुल गांधी ने 24 मई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ का दौरा किया था. जहां उन्होंने गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की. घरों और गुरुद्वारे सहित धार्मिक स्थलों को पहुंचे नुकसान का जायजा लिया. राहुल गांधी ने बच्चों से की थी बातचीत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुंछ दौरे में बच्चों से भी मुलाकात की थी. राहुल ने पाकिस्तानी गोलाबारी में अपने दो सहपाठियों को खोने वाले स्कूली छात्रों से मुलाकात कर सांत्वना देने के साथ खूब पढ़ाई करने, खूब स्पोर्ट्सने और ढेर सारे दोस्त बनाने के लिए प्रोत्साहित किया. पाकिस्तानी गोलाबारी में जुड़वा बच्चों, 12 वर्षीय जैन अली और उरवा फातिमा की जान चली गई थी. The post Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा लेटर, पाक गोलीबारी से प्रभावित पुंछ के लिए कर दी ऐसी मांग appeared first on Naya Vichar.

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जमशेदपुर में पाइपलाइन बिछाकर काटी रसीद, लेकिन कनेक्शन देना भूल गए अफसर, पानी के लिए तरस रहे लोग

Water Connection Issue: जमशेदपुर-छोटा गोविंदपुर वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अंतर्गत आनेवाली 21 पंचायतों के विभिन्न गांवों और टोलों में पाइपलाइन के माध्यम से पीने का पानी घर-घर पहुंचाया गया है, लेकिन अभी भी कई पंचायतों के गांवों और टोलों में पाइपलाइन बिछाया ही नहीं गया है. जिसकी वजह से छूटे गांव के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. वे लंबे समय से अपने गांव में पाइपलाइन बिछाने की मांग करते आ रहे हैं. वे पंचायत के मुखिया, प्रखंड के बीडीओ व उपायुक्त को भी मांग पत्र सौंप चुके हैं. बावजूद इसके पाइपलाइन बिछाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं किया गया है. दक्षिण हलुदबनी में तो पाइपलाइन नहीं बिछने की वजह से मुखिया के घर को ही पानी का कनेक्शन नहीं मिला है. जबकि वे वर्ष 2019 में ही पानी का कनेक्शन के लिए रसीद भी कटा चुके हैं. यह तो केवल एक मामला है, 21 पंचायत में इस तरह के अनगिनत मामले हैं. लोगों ने अपने घर में पानी का कनेक्शन लेने के लिए रसीद कटा लिया है. इन बस्तियों में नहीं बिछा है पाइपलाइन तिलकानगर, आंबेडकर नगर, गदड़ा ऊपरटोला, गदड़ा बीचटोला, गांधीनगर, ड्राइवर कॉलोनी, छोलागोड़ा, न्यू बारीगोड़ा, लाटकूगोड़ा, सरजामदा घंटीटोला, सरजामदा डीवीसी लाइन, हलुदबनी तिरिलटोला, बाघाडेरा, डुंगरीटोला, करनडीह धोरोमटोला, राहरगोड़ा रायकोलोनी क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि? बस्तीवासी लंबे समय से पाइपलाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं. प्रखंड व उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन भी दिये थे, लेकिन अभी ठोस पहल नहीं हुई है.-विश्वजीत भगत, पूर्व पंससछूटे सभी गांवों में जल्द से जल्द पाइपलाइन जाये. लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. बस्तीवासी को दूसरी पंचायत से पानी लाना पड़ता है.-बिरजू पात्रो, पूर्व उपमुखिया क्या कहते हैं बस्तीवासी? बस्तियों में जल्द से जल्द पाइपलाइन बिछाया जाए. मुख्य सड़क तक मेन पाइपलाइन को बिछाया, लेकिन बस्तियों में पाइपलाइन नहीं बिछाया गया है. जिसकी वजह की लोगों को सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है.-विवेक गुप्ता, बस्तीवासीबस्तीवासी पानी का कनेक्शन लेने के लिए रसीद तक कटा चुके हैं. सभी इंतजार कर रहे हैं कि बस्ती में पाइपलाइन बिछेगा तो उन्हें पानी मिलेगा. लेकिन जलापूर्ति विभाग के लोग रसीद काटने के पाइपलाइन बिछाना भूल गये हैं.-तुड़कू दिग्गी, बस्तीवासी अधिकतर गांवों में बिछाया गया है पाइपलाइन-सुमी केराई पुराने सर्वे के हिसाब से अधिकतर गांवों में पाइपलाइन बिछाया गया है. कई गांव में अभी पाइपलाइन बिछाना बाकी है. कई बार एजेंसी बदलने की वजह से भी पाइपलाइन बिछाने में दिक्कतें आयी हैं. नया भी सर्वे कराया गया है, जल्द ही छूटे गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू होगा.-सुमी केराई, मुखिया, अध्यक्ष-ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति, छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना ये भी पढ़ें: झारखंड के बोकारो में बड़ा हादसा, मनरेगा का कुआं धंसने से मजदूर की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश The post जमशेदपुर में पाइपलाइन बिछाकर काटी रसीद, लेकिन कनेक्शन देना भूल गए अफसर, पानी के लिए तरस रहे लोग appeared first on Naya Vichar.

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रिलायंस जियो बना टेलिकॉम किंग, अप्रैल में जुड़े रिकॉर्ड 26.4 लाख नए सब्सक्राइबर

Reliance Jio: मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने एक बार फिर हिंदुस्तानीय टेलिकॉम बाजार में अपना दबदबा साबित कर दिया है. TRAI (हिंदुस्तानीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण) की अप्रैल 2025 रिपोर्ट के अनुसार, जियो ने अकेले अप्रैल महीने में 26 लाख 44 हजार से अधिक नए मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़े हैं. इसके साथ ही जियो के कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 47.24 करोड़ के पार पहुंच गई है. एयरटेल की धीमी बढ़त, वोडा-आइडिया को झटका जहां रिलायंस जियो ने अप्रैल में रिकॉर्ड ग्राहक जोड़े, वहीं, एयरटेल केवल 1.7 लाख नए ग्राहक ही जोड़ पाई. इससे भी बड़ा नुकसान वोडा-आइडिया को हुआ, जिसने 6.5 लाख ग्राहक गंवा दिए. जियो का मार्केट शेयर: 40.76% एयरटेल का मार्केट शेयर: 33.65% वोडा-आइडिया का मार्केट शेयर: 17.66% BSNL और MTNL: संयुक्त रूप से 7.84% बाजार पर काबिज गुजरात, बिहार और दिल्ली में जियो की सबसे बड़ी ग्रोथ TRAI की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में गुजरात, बिहार और दिल्ली सर्किल्स में सबसे ज्यादा मोबाइल सब्सक्राइबर जुड़े. वहीं, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े सर्किलों में ग्राहकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई. फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में भी जियो का वर्चस्व कायम मोबाइल के साथ-साथ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेक्टर में भी जियो ने बड़ी बढ़त हासिल की है. अप्रैल 2025 में जियो से कुल 9.10 लाख नए ब्रॉडबैंड यूजर जुड़े, जिसमें वायरलाइन और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) दोनों शामिल हैं. यह संख्या एयरटेल के 2.30 लाख ग्राहकों की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है. इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता 1 जून से किन 5 नियमों में होगा बड़ा बदलाव, जान जाएगा तो कहेगा आंय? जियो की ग्रोथ बनी प्रतिस्पर्धियों के लिए चुनौती रिलायंस जियो की यह रिकॉर्ड ग्रोथ जहां टेलिकॉम बाजार में उसके दबदबे को और मजबूत करती है, वहीं एयरटेल और वोडा-आइडिया जैसी कंपनियों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी भी है. किफायती प्लान्स, बेहतरीन नेटवर्क और आक्रामक मार्केटिंग रणनीतियों के कारण जियो लगातार नए ग्राहक जोड़ रहा है. इसे भी पढ़ें: ट्रंप के टैरिफ वॉर का आ गया रिजल्ट! अमेरिकी वित्तीय स्थिति को लगा करारा झटका The post रिलायंस जियो बना टेलिकॉम किंग, अप्रैल में जुड़े रिकॉर्ड 26.4 लाख नए सब्सक्राइबर appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Crime: बेगूसराय से किडनैप हम नेता का मुंगेर से शव बरामद, बालू खोद कर बरामद की गई बॉडी

Bihar Crime: बेगूसराय से पांच दिन पूर्व अपहृत हम पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष राकेश कुमार उर्फ विकास का शव बुधवार की देर शाम मुंगेर पुलिस ने जाफरनगर दियारा से जमीन खोद कर बरामद किया. जिसका पोस्टमार्टम गुरुवार को मुंगेर सदर अस्पताल में किया गया और साहेबपुर कमाल थाना पुलिस की मौजूदगी में मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया. जबकि शव के डीएनए टेस्ट को लेकर बाल, नाखून व अन्य जरूरी बॉडी पार्टस को सुरक्षित रखवा दिया गया है. इधर घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है. रोते-बिलखते परिजन मुफस्सिल थाना पुलिस ने बरामद किया शव सदर प्रखंड के जाफरनगर पंचायत के चौकीदार ने बुधवार की शाम मुफस्सिल थाना को सूचना दिया कि जाफनगर दियारा में बालू के अंदर एक बॉडी दबा हुआ है. जहां से सड़ांध व बदबू निकल रहा है. जिस पर थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची. जहां बालू के अंदर बॉडी दबे होने का सबूत मिला और खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया. शव पूरी तरह से नग्न था और कई दिनों का लग रहा था. बताया गया कि अपराधियों ने उसकी गोली मार कर हत्या करने के बाद जेसीबी मशीन से खुदाई कर बालू के अंदर शव को छिपा दिया था. पुलिस ने शव के पहचान के लिए आस-पास पूछताछ की लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला. जिसके बाद पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल ले लाया. ऊंहा-पोह के बीच परिजनों ने शव का किया शिनाख्त शव की पहचान नहीं होने पर मुफससिल थाना पुलिस ने जाफरनगर से सटे दूसरे जिलों के थाना से संपर्क किया. जिस पर बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना पुलिस अपने थाना क्षेत्र के संदलपुर निवासी एक परिवार को लेकर मुंगेर पहुंची. जिसका 24 मई को अपहरण हो गया था. जिसको लेकर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज है. पहले से परिजनों ने शव राकेश कुमार उर्फ विकास का होने से इंकार कर दिया. जिसके कारण मुंगेर और बेगूसराय पुलिस की परेशानी काफी बढ़ गयी थी. हालांकि दो-तीन घंटे बाद परिजनों ने शव विकास के होने की पुष्टि की. जिसके बाद मुंगेर पुलिस ने पोस्टमार्टम उपरांत शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया था. इधर मृतक की पत्नी सहित पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था. 24 मई को हुआ था अपहरण, हम पार्टी का था प्रखंड अध्यक्ष बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना में संदलपुर निवासी इंद्रदेव साह ने अपने बेटे राकेश कुमार उर्फ विकास के अपरण का मामला दर्ज कराया. जिसमें उन्होंने कहा है कि 24 मई की शाम मेरे घर से 100 मीटर दूर 10-12 लोग हल्ला-गुल्ला कर रहा था. जिसे सुनकर उसका बेटा राकेश घर से निकल कर वहां चला गया. तभी सभी लोग उसके साथ गाली-गलौज करने लगा. उसका पिता व एक अन्य ग्रामीण जब विकास को बचाने गया तो सभी लोग मारपीट करने लगा. फुलमलिक निवासी डब्लू यादव, रौशन कुमार, उमा यादव, राजीव यादव सहित अन्य ने जान मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा. उनलोगों ने विकास को पिस्तौल के बट से मारकर जख्मी कर दिया. बाद में उसे खरीटते हुए लेकर भाग गया. विकास को उमा यादव द्वारा पूर्व में भी गोली मारकर घायल कर दिया था. उस समय गोली पेट में लगी थी. सभी अपराधी षडयंत्र रचकर मेरे पुत्र का अपहरण कर लिया है. जिसकी बरामदगी के लिए लगातार साहेबपुर कमाल थाना द्वारा कार्रवाई की जा रही थी. परिजनों ने बताया कि विकास साहेबपुर कमाल प्रखंड के हम पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष एवं प्रखंड 20 सूत्री के सदस्य था. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें शव का होगा डीएनए टेस्ट सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि शव के बरामद होने के बाद साहेबपुर कमाल थाना को सूचना दे दी गयी है. बेगूसराय जिले से परिजन और थाना पुलिस पहुंच शव का शिनाख्त किया गया. पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया. जबकि डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल को संग्रह कर सुरक्षित रखा गया. इसे भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर: तिरहुत रेंज के चार जिलों के 178 अपराधियों की संपत्ति होगी जब्त, DGP ने जारी किया आदेश The post Bihar Crime: बेगूसराय से किडनैप हम नेता का मुंगेर से शव बरामद, बालू खोद कर बरामद की गई बॉडी appeared first on Naya Vichar.

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इन सपनों को गलती से भी किसी के साथ ना करें साझा, वरना हो हो सकता है नुकसान!

Swapna Shastra: नींद में हम कई बार अजीबो गरीब सपने देखते हैं. शास्त्र की मानें तो सपना हमें भविष्य में होने वाली घटनाओं की ओर इशारा करता है. कभी कभी हम इसे अपने किसी करीबी दोस्त या रिश्तेदारों के साथ साझा करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ सपने ऐसे होते हैं जिन्हें किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए? धार्मिक ग्रंथों और मनोविज्ञान दोनों में ऐसे सपनों को छुपाकर रखने की सलाह दी गई है. क्यों न बताएं कुछ सपने? हिंदू धर्म में मनुस्मृति और गरुड़ पुराण जैसे ग्रंथों में बताया गया है कि कुछ सपने शुभ फल देने वाले होते हैं. लेकिन अगर उन्हें गलत समय या गलत व्यक्ति से साझा किया जाए तो उनका प्रभाव नष्ट हो सकता है. Also Read: Vastu Tips: अगर तुलसी के पौधे में दिख रहे ये संकेत तो हो जाएं सावधान, दुख और बर्बादी से पहले जरूर आते हैं नजर कौन से सपनों को नहीं बताना चाहिए? देवताओं या गुरुओं के दर्शन वाले सपने: अगर आपको किसी गुरु या देवी-देवताओं को सपनें दर्शन हो तो उन्हें किसी के साथ सार्वजनिक नहीं करना चाहिए. क्योंकि ऐसी स्थिति में कई बार मिलने वाले फल का रिजल्ट कम हो सकता है. इन सपनों को न करें किसी के साथ साझा सपने में धन या खजाना मिलना: अगर आपको सपने में कभी धन या खजाना मिलने से संबंधित कुछ घटना दिखाई दें तो यह पैसा आने के नये स्त्रोत का आगमन है. ऐसी स्थिति में अगर यह किसी को बताया जाए तो इसमें रुकावटें आ सकती हैं. सपने में उड़ना या ऊंचाई पर जाना: अगर कभी सपने में आप खुद को उड़ते हुए देखा या फिर किसी बहुत ऊंचाई वाले स्थान चले जाएं तो आत्मिक या सामाजिक उन्नति का संकेत माना जाता है. लेकिन इसे गुप्त रखना ही बेहतर होता है. क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इसे किसी के साथ साझा किया जाए तो आपकी उन्नति के मार्ग में बाधा आ सकती है. मनोवैज्ञानिक नजरिए से क्या कहते हैं विशेषज्ञ? मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सपनों में हमारी अवचेतन इच्छाएं और डर छिपे होते हैं. हर सपना दूसरों के लिए मायने नहीं रखता. कभी-कभी जब आप किसी निजी या भावनात्मक सपने को साझा करते हैं, तो सामने वाला उसका मजाक उड़ा सकता है या इसे गलत रूप में ले सकता है. जिससे आत्मविश्वास पर असर पड़ता है. किन लोगों से सपने का शेयर नहीं करना चाहिए? ईर्ष्यालु व्यक्ति: ऐसे लोग आपकी अच्छी बातों को भी नकारात्मक बना सकते हैं.अविश्वासी लोग: जो सपनों को अंधविश्वास मानते हैं, वे आपके अनुभव को हल्के में ले सकते हैं.गैर-समर्थक या आलोचक: आपके हर विचार में खोट निकालने वाले लोग आपके सपनों की अहमियत नहीं समझेंगे. Also Read: Chanakya Niti: लाख कोशिशों के बावजूद नहीं बदल रहा जीवन? चाणक्य की ये बातें आएंगी आपके काम The post इन सपनों को गलती से भी किसी के साथ ना करें साझा, वरना हो हो सकता है नुकसान! appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के बोकारो में बड़ा हादसा, मनरेगा का कुआं धंसने से मजदूर की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

कसमार(बोकारो)-जरीडीह प्रखंड अंतर्गत भस्की पंचायत के टोंडरा गांव स्थित चाटनकोचा टोला में गुरुवार को मनरेगा का निर्माणाधीन सिंचाई कूप धंसने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी. मृतक घनेनाथ महतो (पिता पूरन महतो) कूप का लाभुक था. वह मजदूर के रूप में स्वयं और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों और मजदूरों के साथ ईंट जोड़ाई कर रहा था. इस घटना में उसके पुत्र अमित को भी चोट लगी है. घटना के करीब तीन घंटे तक वह मूर्छित पड़ा रहा. स्थानीय चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया. मनरेगा से मिला था कूप मृतक घनेनाथ महतो को मनरेगा के तहत कूप मिला था. घर से करीब 500 फुट दूर अपने खेत के पास कूप निर्माण कार्य कर रहा था. करीब 32 फुट खुदाई का काम पूर्ण होने के बाद छह फुट पत्थर की जोड़ाई का काम भी पूरा कर लिया था और उसके ऊपर ढलाई भी कर ली थी. पिछले दिनों की तरह गुरुवार को परिवार के अन्य सदस्यों व मजदूरों के साथ ईंट जोड़ाई शुरू किया था. इसी दौरान ऊपर की मिट्टी धंस गयी और घनेनाथ कुएं के अंदर मिट्टी में दब गया. घटना की समाचार की फैलते ही काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा मिट्टी में दबे घनेनाथ को कुएं से बाहर निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. घटना के चार घंटे बाद भी नहीं पहुंची पुलिस ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना जरीडीह पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल दे दी गयी, लेकिन सूचना मिलने के करीब चार घंटे बाद शाम सात बजे तक पुलिस नहीं पहुंची. इसको लेकर ग्रामीणों ने रोष भी प्रकट किया. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पत्नी पेंगी बाला देवी रोते-रोते बार-बार मूर्छित हो रही थी. परिवार के अन्य सदस्यों की भी यही स्थिति थी. इधर पूरे गांव में मातम छाया हुआ है. ग्रामीणों ने कहा कि घनेनाथ महतो काफी नेक दिल इंसान था. ये मजदूर थे कार्यरत कुएं की जोड़ाई कार्य में घनेनाथ महतो के अलावा पेंगी बाला देवी, अतूला देवी, राम पदो महतो, सुमीया देवी, अमित कुमार महतो, संजय कुमार महतो, फेकनी देवी, खुशबू कुमारी और सिनाथ महतो कार्यरत थे. ये भी पढ़ें: मनमोहन सिंह प्रशासन ने 2014 में क्यों की थी सरना कोड की मांग खारिज? आजसू पार्टी का JMM और कांग्रेस पर निशाना The post झारखंड के बोकारो में बड़ा हादसा, मनरेगा का कुआं धंसने से मजदूर की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात पड़ताल: बिहार के इस शहर में गहराया पेयजल संकट, खतरनाक स्तर पर पहुंचा भू-जल स्तर 

प्रभात पड़ताल: तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी के बीच मुजफ्फरपुर शहर में पेयजल संकट गहरा गया है. शहर के दक्षिणी-पूर्वी इलाकों के कई वार्ड और मोहल्ले भीषण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं. भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट के कारण लोगों के घरों में लगे सामान्य मोटर के साथ-साथ नगर निगम के बोरिंग भी फेल हो गये है. गन्नीपुर आईटीआई पंप के फेल होने के बाद अब सादपुरा पंप की स्थिति भी खराब हो गयी है, जो बार-बार फेल हो रहा है. इसके चलते वार्ड नंबर 29, 30, 31, 32, 33 और 34 की एक बड़ी आबादी को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. नगर निगम ने पेश की चिंताजनक तस्वीर नगर निगम द्वारा कराये गये भू-जल स्तर के माप ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है. आंकड़ों के अनुसार, शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में भू-जल स्तर खतरनाक स्तर तक गिर चुका है. खतरनाक इसलिए क्योंकि यह सामान्य स्तर से लगभग दोगुना नीचे चला गया है. बूढ़ी गंडक नदी से सटे जेल रोड, चंदवारा और कंपनी बाग जैसे इलाकों में पानी का स्तर 48-50 फीट तक पहुंच गया है, जबकि अखाड़ा घाट में यह 45-48 फीट और माड़ीपुर सर्किट हाउस पंप का भू-जल स्तर 36 फीट तक दर्ज किया गया है. चौंकाने वाली बात यह है कि कल्याणी चौक और पुरानी सिकंदरपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी भू-जल स्तर क्रमशः 40 फीट और 42 फीट तक नीचे चला गया है. आने वाले महीनों में और बिगड़ सकती है स्थिति मई महीने में भू-जल स्तर का इतना नीचे जाना निश्चित रूप से चिंता का विषय है. जानकारों का मानना है कि यदि यही स्थिति रही तो जून और जुलाई के महीने में शहर में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच सकता है. कुएं सूख जायेंगे और हैंडपंप जवाब दे देंगे, जिससे आम नागरिकों के लिए दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जायेगा. लोग अब बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं. ताकि, इस भीषण संकट से कुछ राहत मिल सके. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अत्यधिक भू-जल दोहन के कारण उत्पन्न हो रही स्थिति यह स्थिति अनियमित और अत्यधिक भू-जल दोहन, वर्षा जल संचयन की कमी और जल स्रोतों के उचित प्रबंधन के अभाव का परिणाम है. प्रशासन की तरफ से शहरवासी के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में 05 फीसदी छूट देने का भी प्रावधान किया गया है, जिनके यहां वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित होंगे. लेकिन, जागरूकता के अभाव में यह भी फेल है. नगर निगम और जिला प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और दीर्घकालिक समाधान खोजने की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें: Bihar Rain Alert: 30 और 31 मई को बिहार के इस जिले में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट The post प्रभात पड़ताल: बिहार के इस शहर में गहराया पेयजल संकट, खतरनाक स्तर पर पहुंचा भू-जल स्तर  appeared first on Naya Vichar.

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काशी ने पुकारा, लिआ ने सुना, शिव भक्ति में रंगों से रची एक विदेशी कहानी

VARANASI NEWS: भगवा वस्त्रों में लिपटी, रुद्राक्ष की माला पहने, माथे पर तिलक लगाए और हाथ में भगवान शिव की पेंटिंग थामे फ्रांस की 29 वर्षीय युवती लिआ ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करती हुई गंगा तट पर नजर आती हैं. लिआ वाराणसी में शांति की तलाश में आई हैं, और पिछले दो महीनों से पांडे घाट इलाके में रह रही हैं. हर सुबह गंगा के घाटों पर योग और पूजन लिआ की हर सुबह गंगा तट के किसी घाट पर योग से शुरू होती है. उसके बाद वह भगवान शिव को अर्पित करती हैं पूजा और फिर शुरू करती हैं अपनी साधना चित्रकला. लिआ के लिए चित्र बनाना केवल एक शौक नहीं, बल्कि यह उनके लिए साधना और शिव की आराधना का माध्यम है. “मेरे लिए पेंटिंग ध्यान की तरह है. जब मेरे मन में कोई भावना आती है, तो मैं उसे रंगों के ज़रिए कागज़ पर उकेर देती हूँ. यहाँ की ऊर्जा मेरे चित्रों को प्रभावित करती है,” लिआ ने नया विचार को बताया. बचपन से चित्रकला का शौक, अब शिव की भक्ति में रंग भर रही हैं लिआ को बचपन से ही चित्रकला का शौक रहा है. वे कहती हैं, “जब भी समय मिलता है या यात्रा पर होती हूँ, मैं पेंटिंग करती हूँ. मेरे लिए यह एक शौक है, लेकिन अब यह मेरे भक्ति का हिस्सा बन गया है.” काशी के घाटों पर बैठकर वे भगवान शिव का स्मरण करते हुए पेंटिंग बनाती हैं. उनके चित्रों में शिव की छवि, गंगा की लहरें और मंदिरों की आध्यात्मिकता झलकती है. धार्मिक कट्टरता से परेशान होकर आईं थीं काशी, मिली आत्मिक शांति फ्रांस में शेफ के रूप में काम करने वाली लिआ धार्मिक कट्टरता से विचलित थीं. वे आंतरिक शांति की खोज में काशी आईं और यहीं की होकर रह गईं. “काशी वह स्थान है जहां भगवान शिव शांति, मुक्ति और आनंद प्रदान करते हैं. मैंने इसे स्वयं अनुभव किया है. मैं केवल एक सप्ताह के लिए आई थी, लेकिन यहाँ की ऊर्जा ने मुझे रोक लिया,” लिआ ने भावुक होकर कहा. काशी का रहस्यपूर्ण आकर्षण लिआ कहती हैं, “काशी की गलियों में, मंदिरों में और घाटों पर चलते समय जो अनुभूति होती है, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. यहाँ की ऊर्जा अलौकिक है.” वे आगे बताती हैं कि वे नवंबर में फिर से काशी लौटेंगी और इस बार लंबे समय तक यहीं रहने का विचार है. “यह शहर बहुत आरामदायक है, रहने के लिए बेहद उपयुक्त. मैं अपने पिता के साथ फ्रांस में रहती हूँ, उनका अपना रेस्टोरेंट है. लेकिन काशी ने जो अनुभव दिया है, वह कहीं और संभव नहीं.” शिव में लीन होकर बना रही हैं आध्यात्मिक कला लिआ की पेंटिंग्स सिर्फ रंगों का स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति समर्पण की एक झलक हैं. वे अपनी हर कला में शिव को महसूस करती हैं और हर चित्र उनके लिए एक पूजा की तरह है. काशी की सड़कों पर, घाटों पर और मंदिरों के पास जब कोई भगवा वस्त्रधारी विदेशी युवती ध्यानमग्न होकर चित्र बना रही होती है, तो वह लिआ ही होती हैं जो अब काशी की आत्मा से जुड़ चुकी हैं. The post काशी ने पुकारा, लिआ ने सुना, शिव भक्ति में रंगों से रची एक विदेशी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान की सीमा से लगे राज्यों में 31 मई को होगी मॉक ड्रिल, ऑपरेशन शील्ड के तहत प्रेक्टिस

Operation Shield: पाकिस्तान की सीमा से लगे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब 31 मई को ऑपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल होगी. पहले इसे मॉक ड्रिल के लिए 29 मई की तारीख तय थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा. अब मॉक ड्रिल 31 मई को आयोजित होगी. मॉक ड्रिल के तहत पाकिस्तान की सीमा से सटे चार राज्यों में हिंदुस्तानीय सेना मॉक ड्रिल करेगी. मॉक ड्रिल का मकसद दुश्मनों के हमले से नागरिकों को बचाव का गुर सिखाना है, ताकी अगर भविष्य में कभी दुश्मन हमला करे तो आम नागरिक अपना बचाव कर सकें. 29 मई को होना था मॉक ड्रिल इससे पहले केंद्र प्रशासन ने गुरुवार को कश्मीर से लेकर गुजरात तक पाकिस्तान से सटे इलाकों में मॉक ड्रिल का प्लान बनाया था. लेकिन बुधवार देर शाम मॉक ड्रिल को गुजरात, राजस्थान और चंडीगढ़ में प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर टाल दिया गया था. बताया गया कि नागरिक सुरक्षा अभ्यास ऑपरेशन शील्ड जिसे 29 मई 2025 को पाकिस्तान की सीमा से लगे राज्यों में आयोजित किया जाना था, प्रशासनिक कारणों से गुजरात, राजस्थान और चंडीगढ़ में इसे स्थगित कर दिया गया. हरियाणा प्रशासन ने बताया कि गुरुवार को होने वाला नागरिक सुरक्षा अभ्यास ऑपरेशन शील्ड केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद स्थगित कर दिया गया है. पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाकों में होगी मॉक ड्रिल केंद्र प्रशासन की ओर से आयोजित यह मॉक ड्रिल जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात सहित पाकिस्तान की सीमा से लगने वाले सभी पश्चिमी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित की जाएगी. इसका मकसद है कि भविष्य में पाकिस्तान की ओर से होने वाले हमलों को लेकर नागरिक सतर्क रहें. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच करीब 3300 किमी लंबा बॉर्डर है. जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात राज्य की सीमाएं पाकिस्तान से लगती है. ऐसे में पाकिस्तान के हमले की सूरत में सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं राज्यों में होगा. Also Read: भूकंप के झटके से हिला पाकिस्तान, 4.4 तीव्रता का जलजला, मुल्तान के पास था केंद्र The post पाकिस्तान की सीमा से लगे राज्यों में 31 मई को होगी मॉक ड्रिल, ऑपरेशन शील्ड के तहत प्रेक्टिस appeared first on Naya Vichar.

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