Hot News

June 4, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Monsoon: बंगाल में फिर अटका मॉनसून, लंबा हो सकता है बिहार का इंतजार

Bihar Monsoon: पटना. बिहार में 2025 का मॉनसून फिलहाल “अटका हुआ” नज़र आ रहा है. सोमवार की रात से हुई हल्की प्री-मॉनसून बारिश से जो उम्मीद जगी थी, वो मंगलवार को ही खत्म हो गयी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून पिछली वार की तरह ही इस साल भी बंगाल सीमा पर ठहर गया है. इसके पीछे पुरवैया हवाओं का कमजोर होना बड़ी वजह है. ऐसे में मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून के लिए बिहार का इंतजार अभी लंबा हो सकता है. क्यों रुका मॉनसून? मौसम वैज्ञानिकों की व्याख्या आईएमडी भागलपुर के मौसम वैज्ञानिक आशीष कुमार बताते हैं कि पछुआ हवाएं इस समय ताकतवर हैं, जो अरब सागर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक तेजी से बढ़ रही हैं. इन हवाओं के प्रभाव से पुरवैया कमजोर हो गई हैं. नमी युक्त बादलों को आगे बढ़ाने वाली ऊर्जा कम हो जाने से मॉनसून फिलहाल स्थिर है. ये स्थिति तब तक बनी रह सकती है, जब तक पूर्वी हवाओं को फिर से गति और नमी नहीं मिलती. कब तक होगी बारिश बिहार के पूर्वी हिस्सों में तेज हवाओं और आंधी-पानी की स्थिति बन सकती है. हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटा रह सकती है. पूर्वी बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों के लिए यलो अलर्ट. अगले 48 घंटे मौसम की दृष्टि से संवेदनशील और परिवर्तनशील बने रहेंगे. 4 जून से 8 जून के बीच भागलपुर जिले के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. धान की बुआई पर फोकस बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किसानों को मौसम के अनुसार धान की बुआई रणनीति को अपनाने की सलाह दी है कि बिचड़ा गिराने का सर्वोत्तम समय अब से 10 जून तक होगा. साफ आसमान और उचित नमी का होना आवश्यक. बुआई का समय 10 जून से 25 जून तक रहेगा. लंबी अवधि वाले किस्म का चयन करें. सिंचाई की समुचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. यह मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए फसल उत्पादन और नुकसान से बचाव का रास्ता है. Also Read: Bihar Land: बिहार में रिजर्व फैसले का चल रहा स्पोर्ट्सा, सुनवाई खत्म कर मामला लटका रहे DCLR The post Bihar Monsoon: बंगाल में फिर अटका मॉनसून, लंबा हो सकता है बिहार का इंतजार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand Bandh: गुमला में दिख रहा बंद का असर, सड़क पर उतरे आदिवासी संगठन के लोग, देखें तस्वीरें

Jharkhand Bandh: सिरमटोली रैंप विवाद को लेकर आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद का ऐलान किया है. गुमला में इसका असर देखने को मिल रहा है. आदिवासी संगठन के लोग सड़कों पर उतरकर बंद को सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इस दौरान शहर से करीब 10 किमी दूर टोटो में संगठन के लोगों ने गुमला व लोहरदगा मार्ग को जाम कर दिया है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टावर चौक पर पुलिस तैनात जानकारी के अनुसार, बंद समर्थकों ने केओ कॉलेज के समीप बीच सड़क पर टायर जलाकर गुमला व लोहरदगा मार्ग को जाम किया है. इसके अलावा आदिवासी संगठन के युवा बाइक और स्कूटी से घूम घूम कर शहर में खुली दुकानों को बंद कराते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, सड़क पर उतरे लोग किसी तरह का हुड़दंग न करें, इसपर नजर रखने के लिए शहर के टावर चौक के पास पुलिस कर्मी तैनात हैं. तस्वीरें देखें- सड़क पर उतरे आदिवासी संगठन के लोग टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन सड़क जाम करते बंद समर्थक टावर चौक के पास तैनात पुलिस स्कूटी से घूम-घूमकर दुकानें बंद कराते लोग इसे भी पढ़ें Jharkhand Liquor Scam: विनय चौबे सहित 5 की हिरासत अवधि 9 तक बढ़ी, पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे तीन अधिकारी Bakrid: बकरीद पर प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील इलाकों की होगी निगरानी, पुलिस को दिये ये निर्देश Jharkhand Bandh: सिरमटोली रैंप विवाद में आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद आज, JLKM ने किया समर्थन The post Jharkhand Bandh: गुमला में दिख रहा बंद का असर, सड़क पर उतरे आदिवासी संगठन के लोग, देखें तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Numerology: ससुराल में बेटी बनकर रहती हैं इन तारीखों में जन्मी लड़कियां, पति के लिए होती हैं लक्ष्मी

Numerology: अंक ज्योतिष एक ऐसी विद्या है, जिसमें जन्म तारीख से ये जाना जाता है कि कोई व्यक्ति कैसा है, उसका व्यवहार कैसा होगा और भविष्य में कैसा रह सकता है. इस विद्या में जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर मूलांक निकाला जाता है. ये मूलांक ये बताता है कि उसकी रुचि किन क्षेत्रों में होंगी और वे जीवन में किस दिशा में सफल होगा. हर मूलांक एक विशेष ग्रह जुड़ा होता है और उसी ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के जीवन, सोच और कर्मों पर पड़ता है. ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल में उन 3 तारीखों में जन्मी लड़कियों के बारे में बताएंगे, जो दिल से निभाती हैं हर जिम्मेदारी और रिश्ता.  ये है मूलांक और जन्म तारीख  अंक ज्योतिष के अनुसार, जिन लड़कियों का जन्म किसी भी महीने के 6, 15 और 24 को हुआ है, उनका मूलांक 6 निकलता है. मूलांक 6 का ग्रह स्वामी शुक्र होता है. यह भी पढ़ें- मदद के समय अकेला छोड़ देते हैं इन 4 तारीखों में जन्मे लोग ये हैं विशेषताएं  अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 6 की लड़कियां बहुत सुंदर और शांत स्वभाव की होती हैं. ये अपने परिवार और मित्र के साथ बहुत अच्छा रिश्ता निभाती हैं. इनको दूसरों की मदद करता बहुत पसंद होता है. इसके अलावा, इनके मन में किसी के प्रति छल-कपट नहीं होता है.  अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूलांक 6 की लड़कियां अपने परिवार की हर जिम्मेदारी को बहुत अच्छे से निभाती है. इनको सबकी हर जरूरतों का बहुत अच्छे से ख्याल होता है, जिसकी वजह से ये अपने परिवार में सबकी चहेती होती हैं.  अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 6 की लड़कियां अपने पति से बहुत प्रेम करती है. ये अपने ससुराल में हर किसी की लाडली होती हैं, जिसके कारण इन्हें सब बहु से ज्यादा बेटी मानता है.  यह भी पढ़ें- Numerology: टीचर बनते हैं इस मूलांक में जन्मे शिशु, हर विषय में हासिल होती है महारत Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: ससुराल में बेटी बनकर रहती हैं इन तारीखों में जन्मी लड़कियां, पति के लिए होती हैं लक्ष्मी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Chanakya Niti: अगर चाहते हो तरक्की और इज्जत, तो चाणक्य की ये नीति आज ही अपना लो

Chanakya Niti: आज के समय में तरक्की और इज्जत पाना हर किसी की ख्वाहिश होती है. लेकिन इसके लिए सिर्फ मेहनत ही काफी नहीं होता , सही दिशा और समझदारी भी जरूरी है. चाणक्य जैसे महान शिक्षक ने हजारों साल पहले जो नीतियां बताई थीं, वे आज भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. अगर हम उनकी सीख को अपनाएं, तो जीवन में आसानी से सफलता पा सकते हैं. यह नीतियां हमें सही सोच, सही काम करने और मुश्किलों का सामना करने की ताकत देती हैं. इसलिए आइए जानें चाणक्य की कुछ ऐसी नीतियां जो आज के दौर में भी हमारी जिंदगी बदल सकती हैं और हमें सम्मान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण है. ज्ञान की महत्वता समझो चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन है. अगर तुम पढ़ाई और सीखने को अपनी आदत बना लोगे तो जीवन में हर क्षेत्र में सफल हो सकते हो. बिना ज्ञान के तरक्की मुश्किल है. समय की कद्र करो समय का सही उपयोग करना बहुत जरूरी है. चाणक्य कहते हैं कि जो समय की कदर करता है वही जीवन में आगे बढ़ता है. आलस से बचो और हर पल का सही इस्तेमाल करो. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: अगर ये 3 बातें नहीं मानीं, तो पैसा कभी नहीं टिकेगा ये भी पढ़ें:  Chanakya Niti: जिंदगी में बड़ा बनने के लिए ये 2 काम करना बंद करो सही दोस्तों का चयन करो दोस्तों का चुनाव सोच-समझकर करो. अच्छे दोस्त तुम्हें सही रास्ता दिखाते हैं जबकि गलत संगत से नुकसान होता है. चाणक्य कहते हैं कि दोस्त वो होना चाहिए जो तुम्हारी तरक्की में मदद करें. धैर्य और संयम रखो जीवन में मुश्किलें आएंगी पर धैर्य से काम लेना चाहिए. चाणक्य की नीति में संयम और सहनशीलता बहुत महत्वपूर्ण है. बिना धैर्य के कोई भी बड़ा मुकाम हासिल नहीं होता है. सच बोलो लेकिन समझदारी से सच बोलना अच्छा है पर इसे सम्मान और समझदारी के साथ बोलना चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि शब्दों का सही चुनाव करो ताकि तुम्हारा सम्मान बना रहे और लोग तुम्हें गंभीरता से लें. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: सफलता या बर्बादी? चाणक्य की एक नीति तय करेगी आपका भविष्य ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: चाणक्य ने कहा था, इन 3 लोगों से रिश्ते संभालकर रखो, वरना पछताना पड़ेगा Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: अगर चाहते हो तरक्की और इज्जत, तो चाणक्य की ये नीति आज ही अपना लो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IPL 2025 Final: सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं, करोड़ों रुपये भी गंवा बैठीं प्रीति जिंटा, जानिए कैसे बंटती है प्राइज मनी

IPL 2025 का रोमांचक फाइनल मंगलवार को खत्म हो गया और 18 साल के लंबे इंतजार के बाद RCB ने पहली बार खिताब जीत लिया. पुरे देशभर से आरसीबी फैंस इस जीत को सेलिब्रेट कर रहे हैं. ऐसे में जहां एक तरफ विराट कोहली और उनकी टीम जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रीति जिंटा की टीम पंजाब किंग्स दूसरी बार खिताब से चूक गई, जिससे टीम की सह-मालकिन काफी भावुक नजर आईं. उनके लिए दोगुने दुख की बात यह है कि ट्रॉफी के साथ-साथ एक्ट्रेस को करोड़ों का नुक्सान भी हो गया है. ऐसे में आइए बताते हैं पूरा मामला क्या है. हार के साथ प्रीति को हुआ करोड़ों का नुकसान आईपीएल फाइनल जीतने वाली टीम को 20 करोड़ की प्राइज मनी दी जाती है. जबकि रनर-अप को केवल 12.5 करोड़ मिलते हैं. अगर पंजाब किंग्स मैच जीत जाती तो प्रीति जिंटा को 7.5 करोड़ का एक्स्ट्रा फायदा होता. ऐसे में इस हार के साथ न केवल पंजाब किंग्स टीम की ट्रॉफी की उम्मीदें टूटीं, बल्कि प्रीति जिंटा को भी करोड़ों का नुकसान हुआ. फाइनल प्राइज मनी डिस्ट्रीब्यूशन विनर (RCB): 20 करोड़ रनर-अप (Punjab Kings): 12.5 करोड़ तीसरे स्थान (Mumbai Indians): 7 करोड़ चौथे स्थान (Gujarat Titans): 6.5 करोड़ प्रीति जिंटा (PBKS) का अब तक का IPL सफर सीजन टीम की स्थिति 2008 सेमीफाइनलिस्ट 2014 रनर-अप 2025 रनर-अप वायरल हुआ प्रीति का रिएक्शन Just feeling bad for Preity Zinta madam🥹.#PBKSvsRCB #preityzinta #RajatPatidar pic.twitter.com/NRWS0r95z1 — Aminur Barbhuiya (@aminur_2006) June 3, 2025 पंजाब की हार के बाद प्रीति जिंटा का उदास चेहरा कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एक फैन ने उनकी तस्वीर पर कमेंट करते हुए लिखा, “मैं तो IPL देखता भी नहीं, लेकिन फिर भी चाहता था कि पंजाब किंग्स जीते… बस प्रीति की मुस्कान देखने के लिए.” वहीं, दूसरे ने कहा, “प्रीति जिंटा डिजर्व करती हैं कि वो फाइनल जीतें.” हालांकि हार के बावजूद प्रीति मैदान में उतरीं और टीम के खिलाड़ियों को हौसला देती नजर आईं. श्रेयस अय्यर की पीठ थपथपाते हुए उनका वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है. यह भी पढ़े: IPL 2025 Final: टूटे दिल की सुने कौन सिसकी! प्रीति जिंटा के रिएक्शन ने तोड़ा दिल, हार के बाद सबको संभालती-गम छुपाती रहीं, वीडियो The post IPL 2025 Final: सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं, करोड़ों रुपये भी गंवा बैठीं प्रीति जिंटा, जानिए कैसे बंटती है प्राइज मनी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘पांड्या भवन’ में आई 9वीं IPL ट्रॉफी, क्रुणाल ने रचा इतिहास, ऐसी उपलब्धि वाले बने एकमात्र खिलाड़ी

IPL 2025 Final Krunal Pandya Record: आईपीएल 2025 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए असली मैच विनर क्रुणाल पंड्या साबित हुए. उन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से पंजाब किंग्स की कमर तोड़ दी और अपनी टीम को पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई. फाइनल मुकाबले में 4 ओवर में मात्र 17 रन देकर 2 विकेट लेने वाले क्रुणाल को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. मैच के बाद उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने अपने छोटे भाई हार्दिक पंड्या को फोन कर यह याद दिलाया कि अब पंड्या परिवार के पास 11 वर्षों में कुल 9 आईपीएल ट्रॉफियां हैं. आरसीबी ने 5.75 करोड़ रुपये में क्रुणाल को अपनी टीम में शामिल किया और उन्होंने उसका पूरा भुगतान किया. फाइनल में अपने अनुभव और रणनीति का पूरा इस्तेमाल करते हुए साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में वह कितने उपयोगी खिलाड़ी हैं. उन्होंने खास तौर पर प्रभसिमरन सिंह (26) और जोश इंग्लिस (39) के दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर पंजाब की रनचेज की उम्मीदों को गहरा झटका दिया. लक्ष्य था 191 रनों का और क्रुणाल ने उस पर पानी फेर दिया. वे फाइनल मैच के प्लेयर ऑफ द मैच भी बने.  क्रुणाल पांड्या ने बनाया अद्भुत रिकॉर्ड क्रुणाल पांड्या आईपीएल इतिहास में दो फाइनल मुकाबलों में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने यह कारनामा साल 2017 में मुंबई इंडियंस बनाम राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के फाइनल में किया था और अब 2025 के फाइनल में आरसीबी की ओर से दोहराया. इसके साथ ही क्रुणाल अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल हो गए हैं, जिन्होंने चार या उससे अधिक आईपीएल फाइनल जीते हैं. इस सूची में शीर्ष पर रोहित शर्मा और अंबाती रायडू हैं, जिनके नाम 6-6 फाइनल जीतें दर्ज हैं. उनके बाद महेंद्र सिंह धोनी, कीरोन पोलार्ड और हार्दिक पांड्या हैं, जिन्होंने 5-5 बार खिताब जीता है. वहीं रविंद्र जडेजा, लसिथ मलिंगा और अब क्रुणाल पांड्या के नाम 4-4 बार आईपीएल फाइनल जीतने का गौरव है. अब पांड्या भवन में 9 आईपीएल ट्रॉफी हो गईं इस सीजन में क्रुणाल ने 15 मैचों में 19.52 की औसत से 17 विकेट चटकाए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/41 रहा. आरसीबी की ऐतिहासिक जीत में क्रुणाल का यह योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. फाइनल मैच के बाद अपनी बातचीत में क्रुणाल ने कहा, “जब मैंने आरसीबी जॉइन किया था, तब ही कह दिया था कि मैं ट्रॉफी जीतने आया हूं. अब साढ़े तीन महीने बाद गर्व है कि मैंने वही किया जो पहले दिन कहा था. पिछले 10 सालों में मेरी यह चौथी आईपीएल ट्रॉफी है. मैंने हार्दिक से भी कहा कि हमारे घर में अब 11 साल में 9 आईपीएल ट्रॉफियां हो गई हैं.” मैच के दौरान क्या रणनीति रही? अपनी सफलता का राज बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बल्लेबाजों की गति को भांप कर गेंद की रफ्तार में विविधता लाई. उन्होंने महसूस किया कि पिच पर धीमी गेंदें ज्यादा असरदार हो सकती हैं, लेकिन टी20 जैसे फॉर्मेट में यह जोखिम भरा होता है क्योंकि गलती की गुंजाइश बेहद कम होती है. क्रुणाल ने कहा “मैंने अपने आप को भरोसा दिया और सोचा कि अगर मैं गति में बदलाव कर सका और गेंदों को धीमा रखूं, तो मौके बना सकता हूं. मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है परिस्थिति को समझना और अपनी प्रवृत्ति पर भरोसा करना.” फाइनल मैच का हाल वहीं मैच की बात करें, तो आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन बनाए, जिसमें विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 43 रन का योगदान दिया. इस लक्ष्य के जवाब में पंजाब ने 184 रन ही बना सका. शशांक सिंह पंजाब की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने अंतिम समय में लड़ाई लड़ी, लेकिन 30 गेंद पर 6 छक्के की पारी में 61 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी जीत दिलाने के लिए नाकाफी रही.  चैंपियन हैं शशांक! RCB के हलक से खींच ही लिया था मैच, अंतिम 12 गेंद में जरूरी थे 42 रन और पंजाब केवल 6 रन से हारा अनुष्का के लिए खास, क्योंकि जिस दौर से…, विराट ने पहली IPL ट्रॉफी जीतने के बाद बताया पीछे का संघर्ष ट्रॉफी जीत के बाद ई साला कप नामडू…, डिविलियर्स, गेल और विराट का जश्न, RCB साथियों ने दिल की बातें भी की साझा The post ‘पांड्या भवन’ में आई 9वीं IPL ट्रॉफी, क्रुणाल ने रचा इतिहास, ऐसी उपलब्धि वाले बने एकमात्र खिलाड़ी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बेरमो में बंद फैक्ट्री से अवैध अंग्रेजी शराब का भंडाफोड़, पुलिस ने बरामद की सैकड़ों बोतलें, आरोपी फरार

Illegal Liquor Factory Raid | महुआटांड़(बेरमो), रामदुलार पंडा: बोकारो जिला के बेरमो से पुलिस ने मंगलवार शाम भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है. जानकारी के अनुसार, महुआटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगपुर गांव में मंगलवार शाम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर औचक छापेमारी की. यह छापेमारी महुआटांड़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में की गयी, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. बंद फैक्ट्री में चल रहा था कारोबार बताया जा रहा है कि पुलिस ने छापामारी में गांगपुर स्थित एक बंद फैक्ट्री में चल रहे अवैध अंग्रेजी शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने फैक्ट्री के सामने एस्बेस्टस युक्त मकान के अंदर और बाहर खड़ी एक बोलेरो से अवैध अंग्रेजी शराब से भरी सैकड़ों बोतलों बरामद की. साथ ही भंडारण, निर्माण और परिवहन से जुड़ी सामाग्रियां भी जब्त की. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पुलिस को देखकर भागे आरोपी इधर, जब पुलिस सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची, तो गांगपुर निवासी अवैध धंधेबाज राजेंद्र साव, विनोद साव और विजय साव इधर-उधर भागने लगे. पुलिस ने जब उनका पीछा किया, तो सभी जंगल-झाड़ी की आड़ लेकर भाग निकले. मकान और बोलेरो से क्या मिला पुलिस ने उक्त मकान और बाहर खड़ी सफेद रंग की बोलेरो(बीआर02टी 7385) से रॉयल गोल्ड कप व्हिस्की लिखा हुआ 42 कार्टून(भरे हुए 504 पीस बोतल 750 एमएल का), तीन बंडल स्टर्लिंग रिजर्व बी 3, एक बंडल रॉयल चैलेंज और एक बंडल झारखंड प्रशासन का लोगो वाला बोतल शील करने का स्टीकर, एक कार्टून से ब्लेंडर्स प्राइड लिखा हुआ 540 पीस ढक्कन, एक प्लास्टिक बोरा में रॉयल स्टैग लिखा हुआ 810 पीस ढक्कन, एक कार्टून में टिप्सी ब्रांड का सफेद रंग का केन स्ट्रांग बीयर(प्रत्येक 500 एमएल का) भरा हुआ 20 पीस सील बंद और थोड़ा-थोड़ा भरा हुआ 51 पीस सील बंद, दो पेटी में 750 एमएल का 24 पीस खाली बोतल बरामद किये हैं. इसे भी पढ़ें झारखंड का वो गांव, जहां से अंग्रेजों ने भगवान बिरसा मुंडा को किया गिरफ्तार थाना प्रभारी ने क्या बताया इस संबंध में थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कुशवाहा ने बताया कि मामले में महुआटांड़ थाना कांड संख्या 21/2025 दिनांक 03.06.2025 के तहत धारा 272/275/279/3(5) बीएनएस और 47(ए) उत्पाद शुल्क अधिनियम के अंतर्गत कांड के नामजद प्राथमिकी अभियुक्त राजेंद्र साव, विनोद साव और विजय साव सहित अन्य के खिलाफ दर्ज की गयी है. इसके साथ ही अवैध शराब निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री करने के आरोप में भी कांड दर्ज किया गया है. छापेमारी दल में थाना प्रभारी के अलावा पुलिस अवर निरीक्षक टिकेश्वर प्रसाद मेहता सहित विनोद कुमार राम, अशोक रविदास, पंकज कुमार महतो और मुख्तार अंसारी आदि पुलिसकर्मी थे. इसे भी पढ़ें Jharkhand Liquor Scam: विनय चौबे सहित 5 की हिरासत अवधि 9 तक बढ़ी, पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे तीन अधिकारी Bakrid: बकरीद पर प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील इलाकों की होगी निगरानी, पुलिस को दिये ये निर्देश Jharkhand Bandh: सिरमटोली रैंप विवाद में आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद आज, JLKM ने किया समर्थन The post बेरमो में बंद फैक्ट्री से अवैध अंग्रेजी शराब का भंडाफोड़, पुलिस ने बरामद की सैकड़ों बोतलें, आरोपी फरार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जायज है वायुसेनाध्यक्ष की चिंता

अनिल सहगल वायुसेनाध्यक्ष अमर प्रीत सिंह ने हाल ही में हिंदुस्तानीय उद्योग परिसंघ के सालाना बिजनेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा सौदों और रक्षा सामग्री के निर्माण की परियोजनाओं में देरी को लेकर जिस तरह दो-टूक बात कही, वह चौंकाती नहीं, क्योंकि वह सच कह रहे थे. उनके भाषण का बड़ा हिस्सा रक्षा परियोजनाओं में देरी पर केंद्रित रहा. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में वायुसेनाध्यक्ष ने कहा, ‘मेरी राय में एक भी परियोजना ऐसी नहीं है, जो समय पर पूरी हुई हो’. एयर चीफ मार्शल ने इस चलन की भी कड़ी आलोचना की कि कंपनियां डिलीवरी की ऐसी समयसीमा बता देती हैं, जिन पर परियोजना को पूरा करना संभव नहीं रहता. उन्होंने कहा, ‘हम यह जानते हुए भी परियोजनाओं पर दस्तखत करते चले जाते हैं कि रक्षा सिस्टम जिस समय पर देने का वादा किया गया है, वह पूरा नहीं होगा. जबकि ऐसे मामलों में मामला प्राण जाये पर वचन न जाये का होना चाहिए.’ बेशक उन्होंने परियोजनाओं का विशिष्ट विवरण नहीं दिया या उस अवधि का संदर्भ नहीं दिया कि परियोजनाओं में कब से हुई देरी हिंदुस्तानीय वायुसेना को प्रभावित कर रही है. उन्होंने इस पर भी चिंता जतायी कि रक्षा क्षेत्र में शोध और विकास के लिए देश को सर्वोत्तम लोगों की सेवाएं नहीं मिल पा रहीं, क्योंकि कुशल लोग विदेश चले जाते हैं. गौरतलब है कि एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने इससे पहले फरवरी में भी बेंगलुरु में एक एयर शो के आयोजन में युद्धक विमानों की आपूर्ति में देरी पर नाराजगी जतायी थी. चूंकि वायुसेनाध्यक्ष ने एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) के अधिकारियों से बातचीत के दौरान अपनी नाराजगी जतायी थी, इसलिए एचएएल पर सवाल उठने लगे थे कि यह स्वदेशी कंपनी वायुसेना की जरूरतों के हिसाब से काम नहीं कर पा रही. आइए, हम उन मुद्दों का जायजा लेते हैं, जो वायुसेनाध्यक्ष अमर प्रीत सिंह की चिंताओं का कारण बनी हुई हैं. पहला मुद्दा यह कि आज से साठ साल पहले बनायी गयी योजना तथा परिकल्पना के अनुसार हमारी वायुसेना में 42 स्क्वाड्रन तो होनी ही चाहिए, जबकि हमारे पास केवल 31 स्क्वाड्रन ही हैं. यह कमी सोचनीय है. इस मुद्दे पर पिछले चार दशकों में पहले भी कई बार चिंताएं दबे शब्दों में जतायी गयी हैं. चूंकि इस संबंध में न तो कोई हल ढूंढने की चेष्टा की गयी है और न ही कोई सकारात्मक कदम उठाया गया, इसलिए देश की सुरक्षा और अखंडता को बनाये रखने के लिए इस चिंता का शीघ्रातिशीघ्र निवारण होना आवश्यक है. खासतौर पर तब, जब हिंदुस्तान को एक ही समय में पाकिस्तान के अतिरिक्त चीन से भी लोहा लेना पड़ सकता है. हम सचेत हैं, क्योंकि बांग्लादेश भी अपना फन फैलाने की कोशिश कर रहा है. वायुसेना प्रमुख के इस विषय पर दिये गये बयान ने देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ आम नागरिक को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. वायुसेनाध्यक्ष प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर हिंदुस्तान की सोच के साथ चलना चाहते हैं. बाहर से खरीदे गये युद्धक विमानों और उपकरणों के बजाय स्वदेश में बने सामान का वायुसेना में खुले दिल से स्वागत है. इसी नीति के तहत वायुसेना ने देश में निर्मित तेजस लड़ाकू जहाज की नियुक्ति 18 स्क्वाड्रनों में करने का निर्णय लिया है, ताकि मिग-21 जैसे वयोवृद्ध फाइटर्स को रिटायर किया जा सके. एचएएल को 123 तेजस मल्टीरोल फाइटर्स के ऑर्डर दिये जा चुके हैं और उनकी नियमित डिलीवरी का बेसब्री से इंतजार है. दुर्भाग्यवश, एचएएल निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं कर पायी है. कई बार समय-सीमा बढ़ाने के बाद भी डिलीवरी नहीं हो पायी, जो कि वायुसेनाध्यक्ष के कोप का कारण बन गया है. वायुसेनाध्यक्ष का मानना है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को प्रतिवर्ष लगभग 40 फाइटर एयरक्राफ्ट हिंदुस्तानीय वायुसेना को आपूर्ति करने का लक्ष्य रखना चाहिए. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने इस लक्ष्य को मात्र 24 फाइटर एयरक्राफ्ट प्रतिवर्ष रखा है. पर वास्तविकता यह है कि वह इस स्वनिर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में भी असमर्थता दिखा रही है. इससे वायुसेना की परेशानियां बढ़ गयी हैं. इस समय 123 तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट की डिलीवरी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को करनी है. अगर यह डिलीवरी समय पर हो जाए, तो वायुसेना में कुल चार या पांच स्क्वाड्रन की वृद्धि ही हो पायेगी, जो वायुसेना के 42 स्क्वाड्रन के अपेक्षित लक्ष्य से काफी कम है. यह वायुसेना प्रमुख द्वारा उठाया गया दूसरा मुद्दा है. तीसरा मु्द्दा है वायुसेना में भर्ती, सेलेक्शन, मैनिंग, वेतन और बेस्ट टेलेंट का. आधुनिक वायुसेना में पायलट और जहाज का युवा होना परम आवश्यक होता है. हमारी वायुसेना के जहाज वयोवृद्ध होते जा रहे हैं. नये और आधुनिक फाइटर्स की आपूर्ति शीघ्रातिशीघ्र करने का ध्येय राष्ट्र के लिए सर्वोपरि होना चाहिए. इसके साथ ही हमें फाइटर एयरक्राफ्ट की संख्या भी बढ़ानी होगी. हमें यह सदैव याद रखने की आवश्यकता है कि उचित संख्या में नवीनतम लड़ाकू जहाज से सुसज्जित वायुसेना ही प्रभावी रूप से देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है. हमारे आकाशीय क्षेत्र से शत्रु को दूर रखने का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब इन लड़ाकू विमानों को कारगर तरीकों से प्रयोग में लाने में हमारे पायलट प्रभावी रूप से सक्षम हों. वायुसेनाध्यक्ष का कहना है कि वायुसेना में उच्चतम श्रेणी के युवा टैलेंट को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है कि उनके काम करने की स्थिति, वेतन और सुविधाओं में जरूरी सुधार किये जाएं. आधुनिक उपकरणों और फाइटर्स को इस्तेमाल करने के लिए हमें शारीरिक और मानसिक रूप से संपन्न, सजग, सचेत तथा प्रशिक्षित युवा काडर की आवश्यकता है. हमें भूलना नहीं चाहिए कि आज के उपकरण और फाइटर विमान अति विकसित कंप्यूटर एवं मशीनों से लैस हैं, जिनका प्रभावी संचालन केवल पूर्णत: प्रशिक्षित टीम ही कर सकती है. मौजूदा दौर में वायुसेना की युद्ध प्रणालियों में अकल्पनीय परिवर्तन हुआ है. स्थिति यह है कि आप फाइटर्स को प्रयुक्त किये बिना भी युद्ध की परियोजना बना सकते हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि किस तरह हमारी मिसाइलों और ड्रोनों ने युद्ध के संचालन में योगदान दिया. तकनीकी और प्रशासनिक मैनपावर का साथ भी उतना ही आवश्यक है, जितना उड़ान भरने में सक्षम मैनपावर का. पर आज हिंदुस्तानीय वायुसेना को अपने नेतृत्व के लिए

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IRS अफसर अमित निगम की बढ़ीं मुश्किलें, 14 बेनामी संपत्तियां अटैच

Ghaziabad News: आय से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है. सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने आयकर विभाग के पूर्व अपर आयुक्त अमित निगम की लगभग 7.52 करोड़ रुपये मूल्य की 14 बेनामी संपत्तियों को अड-इंटरिम ऑर्डर के तहत अटैच करने का आदेश दिया है. ये संपत्तियां लखनऊ, गाजियाबाद, हरदोई, बाराबंकी और गोवा जैसे शहरों में स्थित हैं. 2022 में दर्ज हुआ था FIR CBI ने 22 सितंबर 2022 को इस मामले में FIR दर्ज की थी, जिसमें अमित निगम पर 1 जनवरी 2008 से 30 जून 2018 के बीच विभिन्न पदों पर रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिये अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. उस दौरान वे दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ सहित कई स्थानों पर उप आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और अपर आयुक्त जैसे अहम पदों पर तैनात रहे. यह भी पढ़ें- 40 मिनट में पूरा होगा लखनऊ-कानपुर का सफर, दोनों शहरों के बीच जल्द दौड़ेगी रैपिड रेल यह भी पढ़ें- UP Weather: 60 जिलों में मौसम विभाग का येलो अलर्ट, तेज आंधी और बारिश की चेतावनी बेनामी नामों का इस्तेमाल करने का शक जांच में सामने आया है कि इन 14 अचल संपत्तियों में से कुछ अमित निगम के नाम पर हैं, जबकि कई संपत्तियां उनके परिजनों के नाम पर खरीदी गई हैं. CBI को शक है कि इन संपत्तियों को छिपाने और काले धन को वैध दिखाने के लिए बेनामी नामों का इस्तेमाल किया गया. संपत्तियों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज एजेंसी की जांच अभी जारी है और अधिकारियों का मानना है कि आगे और भी अवैध संपत्तियों और लेन-देन का खुलासा हो सकता है. यह मामला आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा संकेत है कि प्रशासनी पदों पर रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिए बनाई गई संपत्तियों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज की जा रही है. The post IRS अफसर अमित निगम की बढ़ीं मुश्किलें, 14 बेनामी संपत्तियां अटैच appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विदेशी निवेश में वृद्धि

पिछले वित्त वर्ष में एफडीआइ (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी से स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हिंदुस्तान निवेश का आकर्षक गंतव्य बना हुआ है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में एफडीआइ बढ़कर 81.04 अरब डॉलर हो गया, जो 2023-24 में प्राप्त 71.28 अरब डॉलर की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक रहा. यह पिछले तीन साल का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक एफडीआइ सेवा क्षेत्र में आया, जिसे कुल एफडीआइ का 19 फीसदी मिला और यह 2023-24 के 6.64 अरब डॉलर से 40.77 फीसदी बढ़कर 9.35 अरब डॉलर हो गया. उसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर (16 फीसदी) तथा ट्रेडिंग (आठ प्रतिशत) का स्थान रहा. मैन्युफैक्चरिंग, यानी विनिर्माण के क्षेत्र में भी एफडीआइ 2023-24 के 16.12 अरब डॉलर से 18 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 19.04 अरब डॉलर तक पहुंच गया. जहां तक राज्यों की बात है, तो सबसे सबसे ज्यादा एफडीआइ महाराष्ट्र के हिस्से में (39 फीसदी) गया. उसके बाद कर्नाटक (13 फीसदी) और दिल्ली (12 प्रतिशत) का स्थान रहा. जबकि इस अवधि में सबसे ज्यादा एफडीआइ सिंगापुर (19 प्रतिशत) से आया. लगातार सातवें साल सिंगापुर से सर्वाधिक निवेश आया. दरअसल, हिंदुस्तान और सिंगापुर के बीच दोहरा कराधान बचाव संधि के कारण सिंगापुर के संगठनों को हिंदुस्तान में निवेश करने में मदद मिलती है और हिंदुस्तान से कमाई पर उनके कुल कर का बोझ भी कम होता है. वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में मजबूत स्थिति, बेहतर द्विपक्षीय संबंध और वैश्विक निजी इक्विटी तथा उद्यम पूंजी निवेश का गेटवे होने के कारण सिंगापुर हिंदुस्तान के लिए एफडीआइ का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है. सिंगापुर के बाद मॉरीशस (17 फीसदी) और अमेरिका (11 फीसदी) का स्थान रहा. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, निवेशकों के अनुरूप तैयार की गयी नीतियों के कारण पिछले कुछ वर्षों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश काफी बढ़ा है. रक्षा, बीमा और पेंशन जैसे क्षेत्रों में एफडीआइ सीमा में वृद्धि तथा एकल ब्रांड खुदरा व्यापार के लिए लागू उदार नीतियों से तस्वीर बदली है. यही नहीं, एफडीआइ के लिए स्रोत देशों की संख्या वित्त वर्ष 2013-14 में 89 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 112 हो गयी. यह निवेश गंतव्य के रूप में हिंदुस्तान के प्रति बढ़ते आकर्षण के बारे में बताता है. जाहिर है कि यह एक बड़ी उपलब्धि है. The post विदेशी निवेश में वृद्धि appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top