Hot News

June 5, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पटना: परिवहन विभाग का नया नियम लागू, अब प्रदूषण प्रमाण पत्र के लिए करना होगा ये काम

पटना: वाहन चालकों को अपनी ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा. मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद ही वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाना संभव हो पाएगा. परिवहन विभाग ने प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने के नियमों में बदलाव किया है. त्रुटि में भी सुधार जरूरी नए नियम के तहत मोबाइल नंबर अपडेट किए बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा. परिवहन विभाग ने उन सभी वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र पर रोक लगा दी, जिनके मालिक और चालक ने रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए हैं. साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र पर नाम आदि में त्रुटि होने पर भी प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा. त्रुटि सुधार करने के बाद ही प्रमाण पत्र बनेगा. प्रभारी डीटीओ रवि रंजन के अनुसार मोबाइल नंबर अपडेट होने पर ही प्रदूषण प्रमाणपत्र बनने का निर्देश आया है. जल्द ही इसपर काम शुरू होगा. उन वाहन चालकों का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनेगा, जिन्होंने मोबाइल अपडेट नहीं किया किया है. पांच हजार तक का कट सकता है चालान बता दें कि वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होगा तो उनके ऊपर अब दो तरह से कार्रवाई होगी. पहला प्रदूषण प्रमाणपत्र का चालान देना होगा. वहीं, मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने पर पांच हजार तक का चालान कट सकता है. विभाग ने वाहन चालक की सुविधा के लिए ऑनलाइन ही मोबाइल नंबर अपडेट करने की जानकारी दी है. वाहन रजिस्ट्रेशन में मोबाइल नंबर अपडेट के लिए वाहन परिवहन पर और ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर अपडेट के लिए सारथी परिवहन पोर्टल पर जाकर करनी होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें क्यों बदला नियम? बता दें कि वाहन चालकों का चालान तो कटता है, लेकिन वे जमा नहीं करते हैं, क्योंकि वाहन चालकों ने जो मोबाइल नंबर दिया है. वे उनके ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन नंबर से अलग हैं. ऐसे में चालान की जानकारी उन्हें नहीं मिल रही है. इससे परिवहन विभाग की ओर से भेजे गए मैसेज वाहन चालक को नहीं मिल रहे हैं. इसके देखते हुए ही नियम में बदलाव किया गया है. इसे भी पढ़ें: The post पटना: परिवहन विभाग का नया नियम लागू, अब प्रदूषण प्रमाण पत्र के लिए करना होगा ये काम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुर्गा हुआ सस्ता, कड़ाही में कूद रही तरकारी! दबा के चाभिए चिकन-भात

Inflation: सब्जियों की कीमतों ने मई के महीने में आम आदमी को बड़ी राहत दी है. इनके दाम घटने की वजह से लोगों के घर का खाना सस्ता हुआ है और वे कम खर्च पर हरी सब्जियों के साथ पौष्टिक भोजन कर रहे हैं. क्रिसिल इंटेजिजेंस की ओर से हर महीने जारी की जाने वाली ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जियों के दाम घटने से मई के महीने में घर का बना खाना थोड़ा सस्ता हो गया. इस दौरान शाकाहारी भोजन के मुकाबले मांसाहारी थाली के दाम में अधिक गिरावट रही. शाकाहारी थाली हो गई सस्ती क्रिसिल इंटेलिजेंस की मासिक ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट के मुताबिक, घर में बनी शाकाहारी थाली की कीमत मई महीने में घटकर 26.2 रुपये हो गई, जबकि इस साल अप्रैल में इसकी कीमत 26.3 रुपये और पिछले साल मई में 27.8 रुपये थी. मांसाहारी थाली के खर्च में तेज गिरावट पिछले महीने मांसाहारी थाली के मामले में गिरावट ज्यादा तेजी से कम होकर 52.6 रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 55.9 रुपये थी. वहीं अप्रैल 2025 में मांसाहारी थाली 53.9 रुपये की थी. फिर तेज भागेंगी सब्जियों की कीमतें क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पूषन शर्मा ने कहा, “आगे चलकर मौसमी बदलावों के कारण सब्जियों की कीमतों में वृद्धि की संभावना है. उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू उत्पादन के बीच गेहूं और दालों की कीमतों में थोड़ी नरमी की उम्मीद करते हैं.” शर्मा ने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के कारण निर्यात किए जाने वाले चावल की मात्रा में 20-25% बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. क्यों सस्ती हुई शाकाहारी थाली क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में थाली की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में 29%, प्याज में 15% और आलू की कीमतों में 16% की गिरावट को बताया गया है. पिछले साल कम पैदावार से जुड़ी चिंताओं के कारण टमाटर की कीमतों में तेजी देखी गई थी. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में फसल के संक्रमण से आलू की कीमतें बढ़ गई थीं, जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं कर्नाटक में रकबे और पैदावार में कमी के अलावा पानी की उपलब्धता ने भी प्याज की कीमतों को बढ़ा दिया था. मांसाहारी थाली के सस्ता होने पीछे का कारण रिपोर्ट के मुताबिक, मांसाहारी थाली की लागत में कमी ब्रॉयलर (मुर्गे) की कीमतों में 6% कमी आने से आई है. ब्रॉयलर की मांसाहारी थाली में कुल लागत का 50% भारांश होता है. रिपोर्ट कहती है कि मुर्गे की कीमत में नरमी का कारण महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट के बीच आपूर्ति अधिक होना और मांग में कमी आना है. इसे भी पढ़ें: Pakistan Budget: अब उड़ेगा पाकिस्तान, 4,224 अरब रुपये का बना है बजट रसोई गैस की कीमत में 6% बढ़ोतरी आयात शुल्क और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 6% की वृद्धि होने से घरेलू थाली के दाम में अधिक गिरावट नहीं आई. अप्रैल की तुलना में मई के दौरान आलू के दाम में 3% और टमाटर में 10% की वृद्धि हुई, जबकि प्याज की कीमतों में 10% की गिरावट आई. इससे शाकाहारी थाली के दाम में मासिक आधार पर मामूली रूप से कमी आई. रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रॉयलर की कीमतों में भी मासिक आधार पर 4% की गिरावट आने से मांसाहारी थाली की लागत में कमी आई. इसे भी पढ़ें: ‘पाकिस्तान को क्यों दिया पैसा, बम खरीदने के लिए?’ एडीबी की फंडिंग पर हिंदुस्तान की कड़ी आपत्ति The post मुर्गा हुआ सस्ता, कड़ाही में कूद रही तरकारी! दबा के चाभिए चिकन-भात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ग्रोसरी स्टोर में घुसा हाथी, सैंडविच-चावल और केले की उड़ाने लगा दावत, वीडियो हो रहा वायरल

Viral Video: सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक हाथी ग्रोसरी स्टोर के अंदर नजर आ रहा है. वो ग्रोसरी स्टोर में रखे सामानों को भी चट करता दिखाई दे रहा है. हाथी को देखकर स्टोर के अंदर मौजूद लोग एक कोने में खड़े हो गए, और हाथी मजे से वहीं रखे केले और चावल की दावत उड़ाता रहा. यह वीडियो थाईलैंड का है. हाथी जिस स्टोर में घुसा था वो खाओ याई नेशनल पार्क से काफी नजदीक है. यहां हाथियों का दिखना आम बात है. हाथी की हो गई दावत सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमे दिख रहा है कि हाथी बड़े मजे से स्टोर में रखे खाने के सामानों पर हाथ साफ करता है. वो वहां रखे सैंडविच, चावल और केले समेत कई और खाने के सामानों पर हाथ साफ करता है. खाने के बाद हाथी स्टोर से निकलता दिखाई दे रहा है. Thai elephant breaks into local grocery store to steal rice crackers and a banana pic.twitter.com/wFbuEGNYSK — Nature is Amazing ☘️ (@AMAZlNGNATURE) June 4, 2025 सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसे एक्स के प्लेटफॉर्म पर @AMAZlNGNATURE के आईडी से शेयर किया गया है. वीडियो को अब तक 3 लाख से ज्यादा लोगों ने देख लिया है. कई यूजर्स ने इसपर कमेंट भी किया है. Also Read: Video Viral: ट्रेन यात्री सावधान! एसी कोच की बर्थ में मिल रहे हैं सांप, वीडियो वायरल The post ग्रोसरी स्टोर में घुसा हाथी, सैंडविच-चावल और केले की उड़ाने लगा दावत, वीडियो हो रहा वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Mango In Bihar: भागलपुर के ‘सिंधू’ आम की खासियत जानकर आप भी कहेंगे- वाह ! खाते ही आ जाएगा मजा

Mango In Bihar: गर्मी का मौसम आते ही आम की चर्चा शुरू हो जाती है. ऐसे में बिहार में इन दिनों आम का सीजन चल रहा है. बिहार में आम की कई ऐसी किस्में हैं जो कि काफी फेमस है. मालदा, सीपीया, बिज्जू, आम्रपाली, जर्दालू जैसे आम की किस्में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. भागलपुर के जर्दालू आम को तो, देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई मंत्रियों के पास भी भेंट स्वरूप भेजा जाता है. भागलपुर के आम को जीआई टैग प्राप्त है और इसने अपने खास टेस्ट के कारण लोगों के बीच बेहद खास जगह बनाई. इसी क्रम में भागलपुर में ही एक नई आम की किस्म उगाई जा रही है जो, लोगों के बीच लोकप्रिय बनती जा रही है. इस वजह से है बेहद खास समाचार की माने तो, बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ओर से इस तैयार किया गया. आम की उस किस्म का नाम ‘सिंधू’ आम है. इसकी खासियत जानकर आप भी अचंभित रह जायेंगे. बता दें कि, 2025 तक करीब 254 किस्म के आम पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने काम किया जो अब बगानों में हैं. वहीं, ‘सिंधू’ आम को लेकर खास बात यह बताई गई है कि, उस आम को आप खा लेंगे लेकिन उसमें गुठली नहीं मिलेगी. इसे बिना गुठली वाला आम भी कहा जा रहा है. हालांकि, जानकारी के लिए बता दें कि इसमें बहुत छोटी गुठली होती है. लेकिन, इसका फायदा यह है कि, इसमें गुदा सबसे ज्यादा मिलता है. ज्यादा फल देने वाला होता है पौधा इस आम के किस्म के पौधे को लेकर बताया गया कि, इसका पौधा भी ज्यादा फल देने वाले में से है. इस आम का स्वाद चखेंगे तो, आप भी पौधा खरीदने की इच्छा जाहिर करेंगे. बता दें कि, कई बार आम खाते वक्त कुछ लोग कहते हैं कि, काश आम में गुठली होती ही नहीं. ऐसे में ‘सिंधू’ आम उन्हीं लोगों के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इसमें गुठली सिर्फ नाम के लिए होती है. बता दें कि, लोगों के बीच जल्द ही आम की यह किस्म बेहद ही खास बनने वाली है. Also Read: Bihar Teacher News: गर्मी की छुट्टियों के बीच शिक्षकों को बड़ा झटका, DEO ने जारी किया सख्त निर्देश The post Mango In Bihar: भागलपुर के ‘सिंधू’ आम की खासियत जानकर आप भी कहेंगे- वाह ! खाते ही आ जाएगा मजा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हर दिन आधा घंटा कर लीजिए यह एक्सरसाइज, फिर देखिये चमत्कार, इस बीमारी के लिए है सबसे अधिक कारगर

Kegel Exercise Benefits: आजकल की व्यस्त जीवनशैली, मानसिक तनाव का असर लोगों के हेल्थ पर जबरदस्त तौर पर पड़ा है. कम उम्र ही लोगों को आज हार्ट की समस्याएं, डायबिटीज और यौन संबंधी समेत कई समस्याएं हो रही है. हर दिन इन समस्याओं को लेकर लोग महंगी महंगी दवाएं ले रहे हैं, लेकिन इन दवाईयों के कई बार साइड इफेक्ट हो जाते हैं. लेकिन अगर हम अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करें साथ ही कुछ व्यायाम करें तो कई समस्याओं से हमें निजात मिल सकती है. ऐसा ही एक व्यायाम है जिसे हम कीगल एक्सरसाइज के नाम से जानते हैं. यह एक्सरसाइज खासकर पुरुषों के यौन संबंधी समस्याओं के सबसे बेहतर माना जाता है. Also Read: Dal Baati Churma: अब घर बैठे चखें राजस्थान की शाही थाली का असली स्वाद, जानें आसान रेसिपी हर दिन आधा घंटा कर लीजिए यह एक्सरसाइज, फिर देखिये चमत्कार, इस बीमारी के लिए है सबसे अधिक कारगर 7 कीगल एक्सरसाइज क्या है? कीगल एक्सरसाइज खास तौर पर पेल्विक फ्लोर मसल्स यानी श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए की जाती है. यह एक्सरसाइज यूट्रस, ब्लैडर, छोटी आंत और मलाशय की कार्यक्षमता को बेहतर बनाती है. यदि हम इसे नियमित रूप से करें और अपनी लाइफ स्टाइल को बेहतर करें तो यौन संबंधी कोई समस्याएं कभी नहीं होगी. यह एक्सरसाइज खासकर उन पुरुषों के लिए वरदान है जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्याओं से जूझ रहे हैं. कीगल एक्सरसाइज को रोजाना करने से 5 से 6 हफ्तों में असर दिखाई देने लगता है. स्त्रीओं के लिए भी कीगल एक्सरसाइज वरदान है स्त्रीओं के लिए यह व्यायाम उनकी योनि की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करता है. इससे योनि क्षेत्र में ब्लड फ्लो बेहतर तरीके से होता है, जिससे यौन उत्तेजना और संतुष्टि में इजाफा होता है. हर दिन आधा घंटा कर लीजिए यह एक्सरसाइज, फिर देखिये चमत्कार, इस बीमारी के लिए है सबसे अधिक कारगर 8 पुरुषों के लिए क्यों जरूरी है कीगल एक्सरसाइज? पुरुषों के लिए भी यह एक्सरसाइज किसी वरदान से कम नहीं है. इससे निचले हिस्से की मांसपेशियों में ताकत आती है, जिससे इरेक्शन बेहतर होता है और प्रदर्शन में सुधार होता है. कीगल एक्सरसाइज से न केवल ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, बल्कि यौन इच्छा भी बढ़ती है. विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यदि यौन संबंध से कुछ समय पहले यह व्यायाम किया जाए, तो सेक्स की अवधि को बढ़ाने और इरेक्शन को बनाए रखने में मदद मिलती है. हर दिन आधा घंटा कर लीजिए यह एक्सरसाइज, फिर देखिये चमत्कार, इस बीमारी के लिए है सबसे अधिक कारगर 9 कीगल एक्सरसाइज करने का तरीका चाहे पुरुष हों या स्त्री, इसे करने का तरीका लगभग एक जैसा होता है. नीचे इसकी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया दी गई है. सबसे पहले पेल्विक मसल्स को पहचानें. ये वही मांसपेशियां हैं जो मूत्र रोकने में मदद करती हैं. अब एक योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं. दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें. धीरे-धीरे कमर को ऊपर उठाएं. अब गहरी सांस लें और सांस रोकते हुए पेल्विक मसल्स को 5 सेकंड के लिए कसें. फिर इन्हें धीरे-धीरे ढीला छोड़ दें. इस प्रक्रिया को 10 से 20 बार दोहराएं. दिन में दो से तीन बार यह व्यायाम किया जा सकता है. Also Read: Hair Growth Tips in Hindi: बालों की ग्रोथ रोक रही हैं ये 8 गलतियां अभी छोड़ें ये आदतें The post हर दिन आधा घंटा कर लीजिए यह एक्सरसाइज, फिर देखिये चमत्कार, इस बीमारी के लिए है सबसे अधिक कारगर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

20 Fascinating Facts About Bougainvillea: लोग रहते हैं इस फूल के साथ फोटो लेने के लिए उतावले? Paper Flower से जुड़ी 20 हैरान कर देने वाली बातें

20 Fascinating Facts About Bougainvillea: घर की बालकनी हो या गार्डन की दीवार – Bougainvillea का नाम आते ही दिमाग में रंग-बिरंगे फूलों की एक दिल खुश कर देने वाली तस्वीर बन जाती है. इसे Paper Flower भी कहा जाता है क्योंकि इसके फूल बेहद नाजुक और पतले होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि Bougainvillea को सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि Good Luck और Positive Energy लाने के लिए भी जाना जाता है? वास्तु और फेंगशुई में इसे शुभ माना गया है. आइए जानते हैं इस खूबसूरत फूल से जुड़ी 20 ऐसी दिलचस्प बातें, जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुनी हों. Why Bougainvillea is Lucky | क्यों माना जाता है Bougainvillea को Lucky Flower? Why bougainvillea is lucky | क्यों माना जाता है bougainvillea को lucky flower? Bougainvillea को कई देशों में सकारात्मकता, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक माना गया है. हिंदुस्तान में इसे घर के मुख्य द्वार पर लगाने की परंपरा है ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश न कर सके. ऐसा माना जाता है कि इस फूल के आसपास फोटो लेने से aura भी bright होती है और mood uplift हो जाता है. यही वजह है कि Bougainvillea के साथ एक फोटो होना आजकल fashion और belief दोनों बन चुका है. 20 Fascinating Facts About Bougainvillea : बोगनवेलिया फूल से जुड़ी 20 रोचक और हैरान कर देने वाली बातें 20 fascinating facts about bougainvillea : बोगनवेलिया फूल से जुड़ी 20 रोचक और हैरान कर देने वाली बातें 300+ प्रजातियां उपलब्ध हैं – दुनियाभर में Bougainvillea की 300 से भी अधिक वैरायटीज हैं, जो अलग-अलग रंगों, आकारों और शेप्स में पाई जाती हैं. 100 से ज्यादा देशों में पाया जाता है – यह फूल अब सिर्फ साउथ अमेरिका तक सीमित नहीं है; हिंदुस्तान, थाईलैंड, स्पेन, इटली जैसे 100 से ज्यादा देशों में इसकी खेती होती है. 10 से 12 महीने तक खिलता है – Bougainvillea साल के लगभग हर महीने खिलता है, खासकर गर्म और शुष्क मौसम में. 8 से ज्यादा रंगों में मिलता है – पिंक, पर्पल, रेड, व्हाइट, येलो, ऑरेंज, मैजेंटा और बाय-कलर वैरायटीज इसमें मिलती हैं. 30 फीट तक फैल सकता है – यह बेलदार पौधा तेजी से बढ़ता है और बिना कटाई के 10 मीटर यानी लगभग 30 फीट तक फैल सकता है. 20 से ज्यादा प्रकार के कीड़ों को आकर्षित करता है – इसमें आने वाले छोटे फूलों से तितलियां, मधुमक्खियां और कई beneficial कीड़े आकर्षित होते हैं. 200 सालों से गार्डनिंग में उपयोग – 18वीं सदी से Bougainvillea बागवानी और सजावट में उपयोग होता आ रहा है. 40°C से भी ज्यादा गर्मी में जीवित रहता है – इसे बहुत कम पानी चाहिए और यह तेज गर्मी में भी flourish करता है. 100 स्क्वेयर फीट दीवार ढक सकता है – इसकी घनी बेलें किसी भी दीवार या ग्रिल को खूबसूरती से ढक सकती हैं. Paper Flower नाम से प्रसिद्ध – इसके ब्रैक्ट्स (कागज जैसे रंगीन पत्ते) की वजह से इसे 10 से ज्यादा भाषाओं में ‘Paper Flower’ कहा जाता है. थॉर्नलेस वैरायटी भी होती है – आमतौर पर कांटे वाले होते हैं, लेकिन आजकल बिना कांटों वाले Bougainvillea भी उपलब्ध हैं. Instagram पर सबसे ज्यादा फोटो खींचे जाने वाले फूलों में से एक – इसकी पृष्ठभूमि में ली गई तस्वीरें Social Media पर बहुत पॉपुलर होती हैं. 6-8 हफ्तों में फूल देने लगता है – Bougainvillea जल्दी फूल देने लगता है, जिससे गार्डन जल्दी रंगीन दिखने लगता है. 20+ संस्कृतियों में शुभ माना जाता है – हिंदुस्तान, ग्रीस, ब्राज़ील जैसी जगहों पर इसे खुशहाली और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. 6 से ज्यादा तरीकों में शेप किया जा सकता है – आर्च, दीवार, टब, हैंगिंग बास्केट, बोंसाई, हेज आदि के रूप में इसे सजाया जा सकता है. मल्टी-कलर ग्राफ्टिंग संभव है – एक ही पौधे पर तीन-चार रंगों के फूल graft करके उगाए जा सकते हैं. 50+ फिल्मों में किया गया है उपयोग – बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक, इसकी सुंदरता कई म्यूजिक वीडियो और फिल्मों में दिखाई गई है. हल्की ठंड में भी जीवित रहता है – कुछ नई वैरायटीज माइल्ड विंटर को भी survive कर सकती हैं. हर ब्रैक्ट 3 से 4 हफ्ते तक टिका रहता है – जिससे लंबे समय तक कलरफुल लुक बना रहता है. Vastu और Feng Shui में Good Luck Symbol – इसे घर के मेन गेट के पास लगाने से Positive Energy आती है और नेगेटिविटी दूर रहती है. Bougainvillea के साथ एक फोटो न केवल Insta-perfect होती है, बल्कि लोगों का मानना है कि यह खुशियां, एनर्जी और ग्रेस को भी आपके जीवन में जोड़ती है. Also Read: Vastu Benefits of Lucky Bamboo: आपके भाग्य को बदलने की ताकत रखता है ये लकी पौधा Also Read: Vastu Tips: पढ़ाई में नहीं लगता मन अपनी स्टडी टेबल पर रखें स्नेक प्लांट बढ़ेगी एकाग्रता The post 20 Fascinating Facts About Bougainvillea: लोग रहते हैं इस फूल के साथ फोटो लेने के लिए उतावले? Paper Flower से जुड़ी 20 हैरान कर देने वाली बातें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ek Ped Maa Ke Naam: अगली  पीढ़ी को नेट जीरो और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मार्गदर्शन किये जाने की जरूरत 

Ek Ped Maa Ke Naam: दुनिया की तुलना में हिंदुस्तान कभी भी प्रदूषण फैलाने वाला देश नहीं रहा है. हिंदुस्तानीय सभ्यता पूरे विश्व को एक परिवार मानती है. प्रधानमंत्री ने 2070 तक हिंदुस्तान के लिए नेट जीरो का लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया है, जिसमें 2047 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. पर्यावरण संरक्षण के इस महान प्रयास में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को एक पेड़ मां के नाम 2.0 का शुभारंभ किया. उन्होंने इस पहल के लिए विशेष मॉड्यूल भी लांच किए, जिसमें मिशन लाइफ वेब पोर्टल के लिए इको क्लब और एक पेड़ मां के नाम 2.0 के लिए माइक्रोसाइट शामिल है. प्रधान ने प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के बारे में छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने, पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में विशेष मॉड्यूल, वेब पोर्टल और माइक्रोसाइट के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पर्यावरण शिक्षा को मुख्यधारा में लाने के लिए एनईपी 2020 के तहत शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्कूलों में “मिशन लाइफ के लिए इको क्लब” छात्रों को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित चिंताओं के प्रति संवेदनशील बनाएंगे और उनमें पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार और मूल्यों को बढ़ावा देंगे. Ek ped maa ke naam: अगली  पीढ़ी को नेट जीरो और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मार्गदर्शन किये जाने की जरूरत  2 जन अभियान को और गति देने की जरूरत  शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष शैक्षणिक संस्थानों ने देश भर में 5 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए थे. इस बार देश भर में 10 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य है और इसे जन आंदोलन बनाने के लिए एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान को और गति दी जानी चाहिए. नेट जीरो 2070 लक्ष्य और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अगली पीढ़ी को इस दिशा में निर्देशित किया जाना चाहिए. उन्होंने सभी से अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाकर और उसके साथ एक सेल्फी समर्पित पोर्टल: http://ecoclubs.education.gov.in पर अपलोड करके प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया.  दिल्ली प्रशासन के मंत्री आशीष सूद ने अपने भाषण में बताया कि कैसे विश्व पर्यावरण दिवस एक बड़ा महत्व प्रस्तुत करता है, जो सिर्फ उत्सव से आगे बढ़कर एक साथ चुनौतियों और अवसरों दोनों को प्रस्तुत करता है. उन्होंने कहा कि चुनौती, पृथ्वी के साथ-साथ अगली पीढ़ी के सपनों को पूरा करने के लिए बढ़ते तापमान को नियंत्रित करना है और अवसर है कि हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करके इसका समाधान करें.   स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव  संजय कुमार ने मिशन लाइफ के सात विषयों के महत्व और सीमित संसाधनों के विचारशील उपयोग के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने सभी शेष स्कूलों से मिशन लाइफ के तहत इको क्लब स्थापित करने का भी आग्रह किया. शिक्षा राज्य मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली ने प्रकृति को जीतने के पश्चिमी विचारों के विपरीत, प्रकृति के तत्वों के साथ सामंजस्य बनाए रखने पर जोर दिया है, जैसे एक बच्चा एक देखभाल करने वाली मां के साथ रहता है.  The post Ek Ped Maa Ke Naam: अगली  पीढ़ी को नेट जीरो और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मार्गदर्शन किये जाने की जरूरत  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JAC Board 12th Arts Topper 2025: हजारीबाग की बेटी ने झारखंड बोर्ड 12वीं में गाड़ा झंडा, प्रेरणा को 470 मार्क्स

JAC Board 12th Arts Topper 2025 (आरिफ, हजारीबाग): झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की तरफ से झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी हो गया है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अब अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट के साथ-साथ टॉपर्स लिस्ट भी जारी हो गई है. झारखंड बोर्ड इंटर आर्ट्स में हजारीबाग की रहने वाली प्रेरणा ने सेकंड रैंक हासिल किया है. बता दें कि इस साल हजारीबाग जिले को 98.55 फीसदी छात्र आर्ट्स स्ट्रीम में पास हुए हैं. झारखंड बोर्ड 12वीं आर्ट्स स्ट्रीम में कुल 2,28,832 छात्र शामिल हुए हैं. सभी छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. इसमें हजारीबाग जिला को राज्य में तीसरा स्थान मिला है. जिले के 98.55 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं. इसी जिले की प्रेरणा कुमारी ने सेकंड रैंक हासिल किया है. JAC Board 12th Arts Topper 2025: झारखंड बोर्ड आर्ट्स टॉपर प्रेरणा की कहानी झारखंड बोर्ड इंटर आर्ट्स में हजारीबाग की रहने वाली प्रेरणा ने सेकंड रैंक हासिल किया है. प्रेरणा पदमा प्रखंड के राम नारायण +2 स्कूल की छात्रा हैं. प्रेरणा कुमारी के पिता श्रवण कुमार सिंह ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहीर की है. JAC Board 12th Arts Result 2025 Live Updates प्रेरणा कुमारी ने 500 में से 470 अंक प्राप्त कर स्टेट सेकंड टॉपर बनीं हैं. उन्हें कुल 94 फीसदी मार्क्स प्राप्त हुए हैं. बता दें कि प्रेरणा को सबसे ज्यादा मार्क्स 96 अंक भूगोल विषय में प्राप्त हुए हैं. उनकी मार्कशीट नीचे देख सकते हैं. JAC Board 12th Arts Topper Marksheet: देखें टॉपर प्रेरणा की मार्कशीट विषय कोड थ्योरी प्रैक्टिकल सीसीई कुल अंक ENA 095 095 HIN 087 087 HIS 094 094 GEO 066 030 096 ITS 029 049 020 098 ECO 089 089 कुल अंक 470 परिणाम प्रथम श्रेणी (1st Div) पदमा प्रखंड के राम नारायण +2 स्कूल की छात्रा प्रेरणा कुमारी (पिता श्रवण कुमार सिंह) 470 अंक प्राप्त कर स्टेट सेकंड टॉपर बनीं हैं. वहीं, इसी विद्यालय की छात्रा श्रेया आंनद (पिता नवल किशोर प्रसाद) ने 464 अंक प्राप्त किया है. राज्य स्तर पर श्रेया आंनद को चौथा स्टेट टॉपर घोषित किया गया है. डीईओ सह क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक प्रवीण रंजन ने बताया इंटरमीडिएट आर्ट्स में हजारीबाग जिले का परीक्षा परिणाम संतोषजनक है. ये भी पढ़ें: झारखंड बोर्ड 12वीं आर्ट्स रिजल्ट में खूंटी जिला अव्वल, देखें अन्य जिलों का प्रदर्शन The post JAC Board 12th Arts Topper 2025: हजारीबाग की बेटी ने झारखंड बोर्ड 12वीं में गाड़ा झंडा, प्रेरणा को 470 मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Success Story: हजारों बच्चों को UPSC क्रैक कराने वाले Vikas Divyakirti की कितनी थी रैंक? क्या खुद बने थे IAS

Success Story of Vikas Divyakirti in Hindi: अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं तो आपने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का नाम जरूर सुना होगा. डाॅ. विकास दिव्यकीर्ति एक प्रसिद्ध UPSC कोच और मोटिवेशनल स्पीकर हैं और उन्होंने लाखों को कोचिंग दी है. UPSC परीक्षा की तैयारी वाले छात्र उन्हें आदर्श मानते हैं. उनका सरल भाषा में पढ़ाने का तरीका और गहराई से विषय को समझाना उन्हें बाकी शिक्षकों से अलग बनाता है. हालांकि कोचिंग शुरू से पहलेउन्होंने यूपीएससी क्लियर किया था. उनकी रैंक और उनके बारे में अक्सर चर्चा होती है. इसलिए यहां (Vikas Divyakirti IAS Rank) और उनके बारे में विस्तार से जानते हैं. विकास दिव्यकीर्ति की IAS रैंक (Vikas Divyakirti IAS Rank) रिपोर्ट्स और डाॅ. विकास दिव्यकीर्ति के इंटरव्यू के मुताबिक, विकास दिव्यकीर्ति ने सिविल सेवा परीक्षा 1996 में सफलता प्राप्त की थी. उन्होंने पहले ही प्रयास में IAS परीक्षा पास की और हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए. उनकी रैंक 384 थी और वह UPSC में चयनित हुए और बाद में उन्होंने स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा छोड़ दी. हालांकि उनकी रैंक को लेकर कई वेबसाइटों पर अलग-अलग दावे हैं. यह भी पढ़ें- UPSC Success Story: DU और JNU से पढ़ाई, यूपीएससी में 4 बार गाड़ा झंडा, ऐसी है IFS अफसर की सफलता की कहानी डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की शिक्षा (Success Story of Vikas Divyakirti) ग्रेजुएशन: दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन: एम.ए. (हिंदी साहित्य, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र) M.Phil और Ph.D: हिंदी साहित्य में पीएचडी (PhD) दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोरीमल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी इसके अलावा उन्होंने UGC-NET/JRF भी पास किया है. क्यों छोड़ी IAS की नौकरी? (Success Story of Vikas Divyakirti) विकास दिव्यकीर्ति ने कुछ समय तक गृह मंत्रालय में काम किया लेकिन उनका मन शिक्षा क्षेत्र में ज्यादा था. उन्होंने IAS की नौकरी छोड़कर Drishti IAS की शुरुआत की और खुद को पूरी तरह से UPSC छात्रों के मार्गदर्शन में समर्पित कर दिया. आज वह हिंदुस्तान के सबसे सफल और चर्चित UPSC कोच में गिने जाते हैं. इसलिए आदर्श मानते हैं छात्र (Success Story of Vikas Divyakirti) विषयों की गहरी समझ आसान और रोचक भाषा मोटिवेशनल लेक्चर्स छात्र-केंद्रित सोच UPSC की तैयारी के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शन यह भी पढ़ें- Success Story: IITian से TV एक्टर, Microsoft में नौकरी…फिर UPSC पास कर IPS अफसर बने अभय The post Success Story: हजारों बच्चों को UPSC क्रैक कराने वाले Vikas Divyakirti की कितनी थी रैंक? क्या खुद बने थे IAS appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Kal Ka Mausam : देवघर में भारी बारिश के बाद ट्रफ में समाया चक्रवात, जानें झारखंड में कैसा रहेगा कल का मौसम

Kal Ka Mausam : झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश के बाद झारखंड और दक्षिण बिहार का चक्रवात ट्रफ में समा गया है. इसके बाद झारखंड का मौसम बदलने वाला है. उत्तरी बांग्लादेश और उससे सटे इलाकों में समुद्र तल से करीब .9 किलोमीटर ऊपर अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि एक ट्रफ दक्षिणी छत्तीसगढ़ से पूर्वोत्तर बांग्लादेश होते हुए ओडिशा, झारखंड और उसे सटे दक्षिण बिहार, पश्चिम बंगाल के उत्तरी भागों से गुजर रहा है. इसके असर से आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेंटीग्रेड की बढ़ोतरी हो सकती है. 2-4 डिग्री सेंटीग्रेड तक बढ़ेगा अधिकतम तापमान मौसम केंद्र रांची के प्रमुख अभिषेक आनंद ने नया विचार (Prabhatkhabar.com) को बताया कि 5 जून को झारखंड के कुछ जगहों पर गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे के दौरान झारखंड में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होता नहीं दिख रहा है. इसके बाद अगले 4 दिन में उच्चतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेंटीग्रेड तक की वृद्धि होगी. पूर्वी और मध्य झारखंड में हल्की बारिश संभव मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि 6 जून को झारखंड के पूर्वी एवं इससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्के दर्जे की वर्षा हो सकती है. हालांकि, मौसम विभाग की ओर से 6 जून के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गयी है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रांची में 6 जून को छाये रहेंगे आंशिक बादल रांची के मौसम का भी पूर्वानुमान मौसम केंद्र ने जारी किया है. इसके मुताबिक, 6 जून 2025 को आंशिक बादल छाये रहेंगे. गर्जन वाले बादल भी रांची में बन सकते हैं. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेंटीग्रेड रहने का अनुमान है. देवघर के सिकटिया में हुई सबसे ज्यादा वर्षा मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि मानसून मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, सैंडहेड आईलैंड और बालूरघाट से गुजर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में कई जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हुई. सबसे अधिक 73.6 मिलीमीटर वर्षा देवघर के सिकटिया में हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37.6 सेंटीग्रेड जमशेदपुर में रिकॉर्ड किया गया. सबसे कम 20.1 डिग्री सेंटीग्रेड न्यूनतम तापमान लातेहार में रहा. इसे भी पढ़ें Aaj Ka Mausam: झारखंड में 5 जून को कैसा रहेगा मौसम? आईएमडी ने 16 जिलों के लिए जारी किया येलो अलर्ट LPG Price Today: 5 जून को आपके शहर में कितने में मिल रहा है एलपीजी सिलेंडर, यहां चेक करें Birsa Tourist Circuit: पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होंगी भगवान बिरसा से जुड़ी ये जगहें TMC की फायरब्रांड नेता महुआ मोईत्रा ने BJD नेता से गुपचुप रचायी शादी Weather Alert: मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, झारखंड के इस जिले में बदलने वाला है मौसम The post Kal Ka Mausam : देवघर में भारी बारिश के बाद ट्रफ में समाया चक्रवात, जानें झारखंड में कैसा रहेगा कल का मौसम appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top