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June 12, 2025

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Mahagathbandhan: तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक खत्म

Mahagathbandhan: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर नेतृत्वक सरगर्मी काफी तेज है. इसी कड़ी में राजधानी पटना में गुरुवार महागठबंधन में शामिल दलों के प्रमुख नेताओं की अहम बैठक हुई. जानकारी के अनुसार इस बैठक में बिहार में सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर बातचीत होने की संभावना जताई गई है. महागठबंधन की यह बैठक बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में की गई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें महागठबंधन की इस बैठक में घटक दल राजद, कांग्रेस, वामदल और वीआईपी के नेता शामिल हुए. इस बैठक में को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के साथ ही सभी उपसमितियों के सदस्य भी मौजूद रहे. बैठक नेता प्रतिपक्ष के प्रशासनी आवास पर हुई. इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor: चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने किया दावा, कहा- बिहार में नवंबर के बाद होगा… The post Mahagathbandhan: तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक खत्म appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: मोदी कैबिनेट में मंत्री बनेगा बिहार का ये नेता! चुनाव हारने के बाद भी NDA ने बनाया सांसद

Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल का पहला कैबिनेट विस्तार करने की तैयारी कर रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह कैबिनेट विस्तार जून के आखिरी हफ्ते में हो सकता है. पार्टी कैबिनेट विस्तार में उन राज्यों के नेताओं को जगह देने के मूड में है, जहां अगले कुछ महिनों के दौरान विधानसभा चुनाव होने वाला है. ऐसे में बताया जा रहा है कि मोदी कैबिनेट में बिहार से आने वाले नेताओं को भी जगह मिल सकती है. इनमें सबसे आगे नाम राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का है. भाजपा राज्य में जातीय समीकरण को दुरुस्त करने में   लगी हुई है.   उपेंद्र कुशवाहा लोकसभा चुनाव में हार गए थे उपेंद्र कुशवाहा उपेंद्र कुशवाहा पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में काराकट लोकसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार थे. लेकिन यहां से बीजेपी के बागी पवन सिंह के चुनाव लड़ने से वह हार गए. इतना ही नहीं पिछले  चुनाव में शाहाबाद की चारो लोकसभा सीटें महागठबंधन के पास चली गई. बता दें कि शाहाबाद में कुशवाहा वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. ऐसे में बीजेपी उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री बनाकर अपने छिटक रहे जनाधार पर फिर से मजबूत पकड़ बनाना चाहती है. इतना ही नहीं बीजेपी कुशवाहा वोट पर दावेदारी के लिए सम्राट चौधरी को पहले ही उप मुख्यमंत्री का पद सौंप चुकी है.   बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पहले भी मोदी कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं कुशवाहा अगर उपेंद्र कुशवाहा मोदी कैबिनेट में मंत्री बनते हैं तो यह ऐसा पहली बार नहीं होगा. इससे पहले वह 26 मई 2014 से 10 दिसंबर 2018 तक पीएम मोदी की पहली कैबिनेट में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रह चुके हैं. 2017 में एनडीए में नीतीश कुमार की वापसी के बाद उन्होंने एनडीए का साथ छोड़ दिया था और राजद नीत महागठबंधन में शामिल हो गए थे. लेकिन वह वहां भी ज्यादा दिन तक नहीं रह पाए और 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने एनडीए में वापसी कर ली.  इसे भी पढ़ें: Patna: नकाब पहनने के दौरान गले से अंदर गई पिन, डॉक्टर ने ब्रॉकोस्कोपी विधि से बचाई बच्ची की जान The post Bihar: मोदी कैबिनेट में मंत्री बनेगा बिहार का ये नेता! चुनाव हारने के बाद भी NDA ने बनाया सांसद appeared first on Naya Vichar.

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NEET PG 2025: नीट पीजी के लिए Revised Exam City List यहां, अब करना होगा ये काम

NEET PG 2025 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी समाचार है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा के लिए नई एग्जाम सिटी लिस्ट (Revised Exam City List) जारी कर दी है. अब परीक्षा देशभर के 233 शहरों में एक ही शिफ्ट में 3 अगस्त 2025 को आयोजित की जाएगी. क्यों बदली गई एग्जाम सिटी और तारीख? (NEET PG 2025) पहले यह परीक्षा 15 जून 2025 को दो शिफ्ट्स में होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा को अब एक ही शिफ्ट में कराने का फैसला लिया गया. इससे परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 233 कर दी गई है. शहर चयन की प्रक्रिया और तारीखें (NEET PG 2025) उम्मीदवार 13 जून दोपहर 3 बजे से लेकर 17 जून रात 11:55 बजे तक अपने पसंदीदा परीक्षा शहर को चुन सकते हैं. यह चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगा. NEET PG 2025 परीक्षा शहर कैसे चुनें? सबसे पहले natboard.edu.in वेबसाइट पर जाएं लॉगिन करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालें “एग्जाम सिटी सिलेक्शन” सेक्शन पर क्लिक करें अपनी प्राथमिकता के अनुसार शहर चुनें सबमिट बटन पर क्लिक करें और पुष्टि करें. एडमिट कार्ड और सेंटर अलॉटमेंट (NEET PG 2025) प्रक्रिया तिथि परीक्षा केंद्र की अंतिम सूची 21 जुलाई 2025 एडमिट कार्ड रिलीज डेट 31 जुलाई 2025 परीक्षा तिथि 3 अगस्त 2025 यह भी पढ़ें- BSc AI vs BTech AI: कौन सा Artificial Intelligence Course सबसे अच्छा है? ऐसे मिलेगी करियर को रफ्तार कंप्यूटर पर होगी परीक्षा (NEET PG 2025) NEET PG 2025 परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी और इसका आयोजन टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की मदद से किया जाएगा. इसके लिए देशभर के 250 शहरों में 1,000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए करीब 60,000 लोग तैनात किए जाएंगे. नीट पीजी के लिए Revised Exam City List यहां सुप्रीम कोर्ट का क्या था फैसला? (NEET PG 2025) सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि दो शिफ्ट में परीक्षा कराने से प्रश्नपत्रों का स्तर समान नहीं रहता और इससे छात्रों के बीच असमानता होती है. इसलिए इस बार परीक्षा को एक ही शिफ्ट में कराने का आदेश दिया गया है. यह भी पढ़ें- UNESCO WHC Site: क्यों खास है उत्तराखंड की Valley of Flowers? ऐसा है हिंदुस्तान की सबसे सुंदर घाटी का राज The post NEET PG 2025: नीट पीजी के लिए Revised Exam City List यहां, अब करना होगा ये काम appeared first on Naya Vichar.

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Air India Plane Crash: एयर इंडिया ने 93 साल के सफर में देखे कई उतार चढ़ाव, टाटा एयरलाइंस के नाम से हुई थी शुरुआत

Table of Contents 1953 में प्रशासन ने किया अधिग्रहण 2022 को टाटा संस की हुई एयर इंडिया 470 नए विमानों की खरीद का ऑर्डर Air India Plane Crash: हिंदुस्तान में एयरलाइंस की शुरुआत टाटा ग्रुप ने 1932 में की थी. जेआरडी टाटा ने 15 अक्टूबर 1932 को इसे टाटा एयरलाइंस का नाम दिया था. जेआरडी टाटा ने दो लाख रुपये की लागत से कंपनी स्थापित की थी. उन्होंने एक साल में 115 यात्री और 11 टन चिठ्ठियां पहुंचायी थीं. उन्हें अंग्रेज प्रशासन से हर चिठ्ठी पर चार आने मिलते थे. कहा जाता है कि टाटा एयरलाइंस का ऑफिस एक कच्चे मकान में था. जबकि एक मैदान में बने रनवे से हवाई जहाज टेक ऑफ और लैंडिंग करता था. 1953 में प्रशासन ने किया अधिग्रहण देश की आजादी के बाद 1947 में हिंदुस्तान प्रशासन ने एयर इंडिया में 49 फीसदी हिस्सेदारी ले ली थी. इसके बाद कांग्रेस प्रशासन ने 1953 में एयर कार्पोरेशन एक्ट पास करके टाटा समूह से इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया था. इस तरह एयर इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था. एयर इंडिया का लोगो लाल रंग का उड़ता हुआ हंस है. इसमें नारंगी रंग से कोणार्क सूर्य मंदिर का चक्र बना हुआ है. जो उसके टेल पर बना रहता है. एयर इंडिया कंपनी के शुभांकर महाराजा को 1946 में बनाया गया था. कंपनी का राष्ट्रीयकरण होने के बाद भी जेआरडी टाटा एयर इंडिया से जुड़े रहे.प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1953 में जेआरडी टाटा को एयर इंडिया का चेयरमैन बना दिया था. वह लगातार 25 साल तक एयर इंडिया के चेयरमैन रहे. वो एयर इंडिया का स्वर्णिम दौर था. 2022 को टाटा संस की हुई एयर इंडिया एयर इंडिया का राष्ट्रीयकरण होने के बाद उतार-चढ़ाव का दौर चलता रहा. कभी हिंदुस्तान की मुख्य एयरलाइंस होने वाली एयर इंडिया कुप्रबंधन से लाखों करोड़ के घाटे में चली गई. जिससे वह कभी उबर नहीं पायी. इसके बाद टाटा संस ने एक बार फिर इस मरती हुई एयरलाइंस कंपनी को सहारा देने के लिए हाथ बढ़ाया. टाटा संस ने अपनी सहायक कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 27 जनवरी 2022 को एयर इंडिया 100 फीसदी हिस्सेदारी प्रशासन से ली थी. इसके उन्हें 18 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़े थे. 470 नए विमानों की खरीद का ऑर्डर प्रशासन से एयर इंडिया को खरीदने के बाद से टाटा ग्रुप लगातार इसमें सुधार की कोशिश में जुटा था. फ्लाइट का समय प्रबंधन और पायलट, केबिन क्रू से लेकर ग्राउंड स्टाफ के सुधार के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया गया. नए विमानों का ऑर्डर दिया गया. जिसमें कुल 470 विमान शामिल थे. इसमें 250 एयरबस और 220 बोइंग को ऑर्डर था. एयर इंडिया ने दिसंबर 2024 में A321 नियो सहित 100 अतिरिक्त वाइड-बॉडी A350 और 90 नैरो बॉडी A320 विमानों का ऑर्डर दिया था. The post Air India Plane Crash: एयर इंडिया ने 93 साल के सफर में देखे कई उतार चढ़ाव, टाटा एयरलाइंस के नाम से हुई थी शुरुआत appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Train News: बापूधाम मोतिहारी से कनेक्ट होगा शिवहर, सीधी ट्रेन सेवा के लिए रूट सर्वे जल्द

Bihar Train News: बिहार में रेल यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़े, इसे लेकर कई काम रेलवे की ओर से किए जा रहे हैं. इस बीच बिहारवासियों के लिए बड़ी समाचार आ गई है. दरअसल, अब बापूधाम मोतिहारी से शिवहर तक की यात्रा आसान होने वाली है. समाचार की माने तो, सीधी रेल सेवा की शुरूआत होने वाली है, जिसे लेकर जल्द ही रूट सर्वे का काम भी शुरू होगा. बता दें कि. शिवहर तक ही नहीं बल्कि यहां से ट्रेन यात्री सीतामढ़ी भी जा सकेंगे. रूट सर्वे का काम भी इसी महीने शुरू हो सकता है. रूट सर्वे में आएगी इतनी लागत जानकारी के मुताबिक, करीब 51 किलोमीटर लंबे इस रूट पर सर्वे के काम में 72.15 लाख रुपये खर्च आने की बात कहीं जा रही है. रूट सर्वे के लिए रेल मंत्रालय ने रुपये आवंटित कर दिए हैं. सर्वे करने वाली कंपनी ने पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में अपना बेस बना भी लिया है. इधर, रूट सर्वे का काम पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार होगा. जिसे मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड भेजाजाएगा. रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी और टेंडर होते ही निर्माण कार्य को हरी झंडी मिल जाएगी. बापूधाम मोतिहारी से शिवहर जाना होगा आसान बता दें कि, बापूधाम मोतिहारी से शिवहर रेल लाइन के रूट में पड़ने वाले ढाका, चिरैया, पताही आदि इलाकों के लोगों को भी बड़ा फायदा होने वाला है. सर्वे में भूमि अधिग्रहण, डिजाइन, रेलवे स्टेशन, हॉल्ट, अंडरपास, आरओबी, बड़े पुल, बिजलीकरण आदि को लेकर मुख्य रूप से रिपोर्ट तैयार की जाएगी. गौर करने वाली बात यह है कि, इसमें बूढ़ी गंडक नदी पर एक बड़ा रेल पु​ल भी इस प्रोजेक्ट का खास हिस्सा होगा. वहीं, इस रूट पर रेलमार्ग बनने से पूर्वी चंपारण और शिवहर दोनों जिलों के कई गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा. शिवहर से सीतामढ़ी के ​बीच प्रस्तावित रेल लाइन इसके अलावा शिवहर से सीतामढ़ी के ​बीच प्रस्तावित रेल लाइन के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण का काम शुरू भी हो चुका है. समाचार के मुताबिक, 2006-07 में रेल बजट में इस प्रोजेक्ट को शमिल किया गया था. पहले इसके निर्माण में लागत 221 करोड़ रुपये बताई गई थी लेकिन, अब यह बढ़कर 926 करोड़ रुपये हो गई है. ऐसे में इस प्रोजेक्ट से बड़ा फायदा रेलवे यात्रियों को मिलने को लेकर बताई जा रही है. Also Read: Bihar News: जंगली भैंसे ने स्त्री पर किया हमला, सींग से पेट फाड़ा The post Bihar Train News: बापूधाम मोतिहारी से कनेक्ट होगा शिवहर, सीधी ट्रेन सेवा के लिए रूट सर्वे जल्द appeared first on Naya Vichar.

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Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay: जयशंकर प्रसाद की जीवनी- भाषा शैली और उनकी रचनाएं

Jaishankar Prasad Biography in Hindi: जयशंकर प्रसाद हिंदी के महान कवि, लेखक और नाटककार थे. वह छायावाद युग के चार प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं. उनकी रचनाओं में राष्ट्रभक्ति, हिंदुस्तानीय संस्कृति और भावनाओं की गहराई साफ दिखाई देती है. उन्होंने कविता, नाटक, कहानी और उपन्यास की विधाओं में अमूल्य योगदान दिया है. उनकी रचनाओं में भावनाओं की गहराई, हिंदुस्तानीय संस्कृति और दर्शन का सुंदर चित्रण देखने को मिलता है. जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बोर्ड परीक्षाओं के अलावा कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछा जा सकता है. इसलिए यहां Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay विस्तार से दिया जा रहा है. जयशंकर प्रसाद की जीवनी (Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay) जयशंकर प्रसाद जानकारी नाम जयशंकर प्रसाद जन्म 30 जनवरी 1889, काशी (उत्तर प्रदेश) पिता का नाम श्री देवी प्रसाद भाषा ज्ञान हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फारसी, अंग्रेज़ी प्रमुख रचनाएं कामायनी, झरना, चंद्रगुप्त, कंकाल साहित्यिक शैली छायावादी, भावात्मक, ऐतिहासिक मृत्यु 15 नवंबर 1937 विशेष पहचान हिंदी साहित्य के छायावादी युग के स्तंभ सम्मान मंगलाप्रसाद पारितोषिक. शुरुआती जीवन (Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay) जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1890 को उत्तर प्रदेश के काशी (अब वाराणसी) शहर में हुआ था. उनका परिवार व्यापार में समृद्ध था. उनके पिता का नाम श्री देवी प्रसाद था. बचपन से ही उन्हें पढ़ाई और भाषा में गहरी रुचि थी. उन्होंने हिंदी के साथ-साथ संस्कृत, उर्दू, फारसी और अंग्रेजी का भी अध्ययन किया. साहित्यिक योगदान (Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay) जयशंकर प्रसाद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. उन्होंने न सिर्फ कविता बल्कि नाटक, उपन्यास और कहानियों में भी अपनी छाप छोड़ी. उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना कामायनी को हिंदी साहित्य की श्रेष्ठ काव्य रचना माना जाता है. यहां उनकी कुछ प्रसिद्ध रचनाएं हैं- प्रमुख काव्य रचनाएं: कामायनी, झरना, लहर, आंसू प्रमुख नाटक: चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी प्रसिद्ध उपन्यास: कंकाल, तितली, इंद्रजाल. साहित्य में योगदान (Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay) जयशंकर प्रसाद को छायावाद युग का प्रवर्तक कहा जाता है. उन्होंने नाटकों में हिंदुस्तानीय इतिहास और आदर्शों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया. उनके योगदान से हिंदी नाटक और कविता की भाषा अधिक भावपूर्ण और सजीव बनी. जयशंकर प्रसाद के प्रमुख नाटक (Jaishankar Prasad Biography) नाटक प्रकार विषयवस्तु / आधारित स्कंदगुप्त ऐतिहासिक गुप्त वंश का इतिहास चंद्रगुप्त ऐतिहासिक मौर्य साम्राज्य ध्रुवस्वामिनी ऐतिहासिक स्त्री-सशक्तिकरण जन्मेजय का नाग यज्ञ पौराणिक महाहिंदुस्तान कथा यज्ञ पौराणिक वैदिक परंपरा राज्यश्री पौराणिक धार्मिक-सामाजिक कथा कामना भावात्मक सामाजिक भावनाएं एक घूंट भावात्मक नारी की संवेदनाएं इसलिए हैं प्रसिद्ध (Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay) जयशंकर प्रसाद न सिर्फ एक कवि थे बल्कि हिंदी साहित्य के एक युग निर्माता भी थे. उनकी रचनाएं आज भी पाठकों को गहराई से सोचने और महसूस करने को मजबूर करती हैं. वे हिंदी साहित्य के मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत हैं. जयशंकर प्रसाद के नाटक सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज और इतिहास को समझने के लिए भी बेहद जरूरी हैं. उन्होंने हिंदी नाटक को एक नई पहचान दी.  यह भी पढ़ें- Success Story: कोचिंग का झंझट न लाखों की फीस, UPSC में 45वीं रैंक, ऐसे IAS बनीं श्रद्धा यह भी पढ़ें- BSc AI vs BTech AI: कौन सा Artificial Intelligence Course सबसे अच्छा है? ऐसे मिलेगी करियर को रफ्तार यह भी पढ़ें- UNESCO WHC Site: क्यों खास है उत्तराखंड की Valley of Flowers? ऐसा है हिंदुस्तान की सबसे सुंदर घाटी का राज The post Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay: जयशंकर प्रसाद की जीवनी- भाषा शैली और उनकी रचनाएं appeared first on Naya Vichar.

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शिमला में गूंजा जय पलामू, जोहार झारखंड, राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता में पलामू ने जीते 7 पुरस्कार

Jai Palamu Johar Jharkhand in Shimla: ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा शिमला में आयोजित अखिल हिंदुस्तानीय नाट्य प्रतियोगिता में पलामू की नाट्य संस्था मासूम आर्ट ग्रुप ने प्रथम पुरस्कार सहित कुल 7 पुरस्कार जीतकर झारखंड का परचम लहरा दिया. पुरस्कार वितरण समारोह में जब-जब पुरस्कारों की घोषणा हुई, तब-तब पूरा हॉल जय पलामू, जोहर झारखंड के नारे से गूंज उठा. मासूम को ग्रुप स्पर्धा में प्रथम पुरस्कार तथा व्यक्तिगत स्पर्धा में पुरस्कार मिले. 9 जून को मासूम आर्ट ग्रुप ने शिमला में दी अपनी प्रस्तुति मासूम आर्ट ग्रुप के अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संस्था के कलाकार 6 जून को शिमला गये थे, जहां 9 जून को उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी. 11 जून को पुरस्कारों की घोषणा हुई. शिमला के गेटी थियेटर में नाटक का मंचन हुआ. काली बाड़ी हॉल में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया. देश भर के 27 दलों ने नाटक की प्रस्तुति दी इस अवसर पर एनएसडी के वरीय रंगकर्मी सह टीवी व सीने स्टार रोहिताश्व गौड़, एनएसडी के अरविंद गौर, श्रीश डोवाल सहित कई लोग मौजदू थे. विनोद कुमार पांडेय ने बताया की राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 27 दलों ने भाग लिया. इसमें झारखंड की ओर से पलामू के मासूम आर्ट ग्रुप ने सैकत चटर्जी के निर्देशन में मनोज मित्रा के नाटक ‘संध्या तारा’ का मंचन किया. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘संध्या तारा’ को मिला बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार निर्णयक मंडली ने ‘संध्या तारा’ नाटक को प्रतियोगिता में श्रेष्ठ नाटक का प्रथम पुरस्कार दिया. द्वितीय पुरस्कार पंजाब की टीम को मिला. प्रतियोगिता में बंगाल, मुंबई, हरियाणा, दिल्ली, कानपुर, गुजरात, असम जैसे राज्यों से भी कला दलों ने भाग लिया. मासूम की ओर से प्रस्तुत नाटक ‘संध्या तारा’ के निर्देशन के लिए सैकत चटर्जी को बेस्ट डायरेक्टर का प्रथम पुरस्कार मिला. नाटक में ताराशंकर की भूमिका में उत्कृष्ट अभिनय के लिए सैकत चटर्जी को बेस्ट एक्टर का भी पुरस्कार मिला. मुनमुन चक्रवर्ती ने जीता बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार इसी नाटक में संध्यालता की भूमिका के लिए मुनमुन चक्रवर्ती को बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला. कामरूप सिन्हा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का, कनक लता तिर्की को बेस्ट निगेटिव एक्ट्रेस का और विनय चौहान को बेस्ट लाइटिंग का पुरस्कार मिला. इस तरह से मासूम ने झारखंड के लिए कुल 7 पुरस्कार जीते. इस नाटक के अन्य कलाकारों में अमर कुमार भांजा, अविनाश तिवारी, संध्या शेखर, शहजादा तालिब, गुलशन मिश्रा, रुद्र प्रताप सिंह बाबू, आसना भेंगरा व अन्य शामिल थे. पलामू के कलाकारों ने जीते इतने पुरस्कार बेस्ट प्रोडक्शन : संध्या तारा बेस्ट डायरेक्टर : सैकत चटर्जी बेस्ट एक्टर : सैकत चटर्जी बेस्ट एक्ट्रेस : मुनमुन चक्रवर्ती बेस्ट सौपोर्टिंग एक्टर : कामरूप सिन्हा बेस्ट नेगेटिव एक्ट्रेस : कनक लता तिर्की बेस्ट लाइट : विनय चौहान इसे भी पढ़ें Jharkhand Ka Mausam: 20 जिलों के लिए मौसम केंद्र ने जारी किया येलो अलर्ट, जानें झारखंड में कैसा रहेगा आज का मौसम आज 12 जून 2025 को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां चेक करें भाव 417 करोड़ की लागत वाले छतरपुर सोन जलापूर्ति परियोजना का सेंट्रल टीम ने लिया जायजा, 6 साल में 17 प्रतिशत ही हुआ काम Palamu News: अबुआ आवास से 11 लाभुकों को वंचित करने वाली मुखिया और 2 पंचायत सचिव पर एक्शन पीएलएफआई का हार्डकोर उग्रवादी संदीप भगत लोहरदगा मार्केट से गिरफ्तार The post शिमला में गूंजा जय पलामू, जोहार झारखंड, राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता में पलामू ने जीते 7 पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

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AAICLAS recruitment 2025 : एएआईसीएलएएस में असिस्टेंट (सिक्योरिटी) की 166 रिक्तियां

AAICLAS recruitment 2025 : एएआई कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड एलाइड सर्विसेज कंपनी (एएआइसीएलएएस) ने तीन वर्ष के कांट्रेक्ट के आधार पर असिस्टेंट (सिक्योरिटी) के कुल 166 पदों पर बहाली का नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों के तहत पटना, विजयवाडा, गोवा व चेन्नई समेत अन्य जगहों पर भर्ती की जायेगी. ये बहाली तीन वर्षी फिक्स टर्म कांट्रेक्ट के आधार पर की जायेगी. कुल पद 166 असिस्टेंट (सिक्योरिटी)पटना 23विजयवाड़ा 24वडोदरा 9पोर्ट ब्लेयर 3गोवा 53चेन्नई 54 आवश्यक योग्यता मान्यताप्राप्त संस्थान से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं पास करनेवाले अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदक को हिंदी, इंग्लिश एवं लोकल भाषा लिखना व पढ़ना आना चाहिए.आयु सीमा : आवेदक की आयु 27 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. आयु की गणना 1 जून, 2025 के आधार पर की जायेगी. इसे भी पढ़ें : ISRO VSSC recruitment 2025 : विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में टेक्निकल असिस्टेंट समेत 83 वेकेंसी चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन योग्यता एवं दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जायेगा. चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानने के लिए अधिसूचना देखें. मिलेगा अच्छा वेतन चयनित उम्मीदवारों को बहाली के प्रथम वर्ष 21,500 रुपये प्रतिमाह, दूसरे वर्ष 22,000 रुपये प्रतिमाह और तीसरे वर्ष 22,500 रुपये प्रतिमाह दिये जायेंगे. ऐसे करें आवेदन इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किये जायेंगे.अंतिम तिथि : 30 जून, 2025 शाम 5 बजे तक.आवेदन शुल्क : सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 500 रुपये व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं स्त्री उम्मीदवारों को 100 रुपये का भुगतान करना होगा.अन्य जानकारी के लिए देखें : https://aaiclas.aero/uploads/career/AAICLAS3751749019690.pdf The post AAICLAS recruitment 2025 : एएआईसीएलएएस में असिस्टेंट (सिक्योरिटी) की 166 रिक्तियां appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: इस दिन घर लाए पारिजात का पौधा, साथ चलकर आएगी लक्ष्मी

Vastu Tips: पारिजात के पौधे को हर कोई अपने घर में लगता है. इसपर लगने वाले फूल कुछ ज्यादा ही खूबसूरत होते हैं. इन्हें शास्त्रों में घर के लिए काफी शुभ माना गया है. पारिजात को हरसिंगार और रात की रानी के नाम से भी जाना जाता है. नारंगी डंठल वाले ये सफेद फूल देर शाम के समय खिलते हैं, जिसकी खुशबू आसपास का वातावरण बहुत अच्छा हो जाता है. ये घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ाता है. इसलिए ये जानना बहुत जरूरी है कि इस पौधे को सही जगह पर रखा जाए, ताकि कोई भी गलत इम्पैक्ट न पड़े. चलिए इस लेख में आपको बताते है कौन सी जगह सही है इस पौधे को लगाने का.  इस दिन लगाएं पारिजात का पौधा  ऐसे तो पौधे को कभी भी घर में लगाया जाता है. लेकिन ऐसी मान्यता है कि सोमवार और शुक्रवार को लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है. शुक्रवार का दिन लक्ष्मी देवी को समर्पित माना गया है. ऐसे में अगर आप घर में इस दिन पारिजात के पौधे को लगाते हैं तो घर में धन का प्रभाव बढ़ता है. इसके अलावा अगर आप गुरुवार को इस पौधे को घर में लगाते हैं तो ये काफी ज्यादा शुभ होगा. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का समर्पित माना गया है. इसलिए जब भी घर में पौधे को लगाने का सोच रहे हैं तो दिन जरूर देखें.  यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: जब भी जीवन में आए परेशानी, तो जरूर याद रखें ये नियम  इस दिशा में लगाएं पौधे को  वस्तुशास्त्र के अनुसार पारिजात का पौधा घर की सही दिशा में लगाने से परिवार के सदस्यों के जीवन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में पौधे को हमेशा सही दिशा में ही लगाना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि पारिजात का पौधा घर के ईशान कोण यानि कि उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. इसके अलावा हरसिंगार के पौधे को आप घर के उत्तर दिशा में भी लगा सकते हैं. माना जाता है कि घर की सही में इस पौधे को लगाने से  घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. The post Vastu Tips: इस दिन घर लाए पारिजात का पौधा, साथ चलकर आएगी लक्ष्मी appeared first on Naya Vichar.

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Air India Plane Crash: मंत्री राम मोहन नायडू ने संभाली कमान, विजयवाड़ा से पहुंचे अहमदाबाद

Air India Plane Crash: अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एसवीपीआईए) के पास एक आवासीय क्षेत्र में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 232 यात्री और 10 चालक दल के सदस्य शामिल थे. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए. हादसे के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन नायडू ने कमान संभाल ली है. हादसे के वक्त वे विजयवाड़ा में थे. हादसे की सूचना मिलते ही वे अहमदाबाद पहुंच गए हैं. एयर इंडिया ने हादसे की पुष्ट की एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा, “बहुत दुख के साथ मैं पुष्टि करता हूं कि अहमदाबाद लंदन गैटविक से उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट 171 आज एक दुखद दुर्घटना की शिकार हो गई. हमारी संवेदनाएं और गहरी संवेदनाएं इस विनाशकारी घटना से प्रभावित सभी लोगों के परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं. इस समय हमारा प्राथमिक ध्यान सभी प्रभावित लोगों और उनके परिवारों का समर्थन करने पर है. हम साइट पर आपातकालीन टीमों की सहायता करने और प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहायता और देखभाल प्रदान करने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ कर रहे हैं. जैसे ही हमें और अधिक पुष्ट जानकारी प्राप्त होगी, आगे के अपडेट शेयर किए जाएंगे. एक आपातकालीन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है और जानकारी मांगने वाले परिवारों के लिए सहायता टीम स्थापित की गई है. मंत्री राम मोहन नायडू ने ली स्थिति की कमान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने ट्वीट कर बताया, “अहमदाबाद में विमान दुर्घटना की समाचार से स्तब्ध हूं. हम हाई अलर्ट पर हैं. मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं और सभी विमानन और आपातकालीन एजेंसियों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.” हादसे की जानकारी मिलते ही वे विजयवाड़ा से तुरंत अहमदाबाद पहुंचे और वहां डीजीसीए, एएआई, एनडीआरएफ और गुजरात प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू, चिकित्सा सहायता की व्यवस्था नायडू ने कहा, बचाव और राहत कार्य में एनडीआरएफ की टीमों को सक्रिय किया गया है. गंभीर रूप से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया जा रहा है. मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि मेडिकल टीमों और राहत सामग्री को घटनास्थल पर प्राथमिकता से पहुंचाया जा रहा है. 625 फीट पर पहुंचने के बाद तेजी से गिरा विमान एविएशन ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटराडार24 ने एक्स (पुराना ट्विटर) अपने एक पोस्ट में कहा है, ”प्रारंभिक ADS-B डेटा से पता चला है कि विमान अधिकतम 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा था, जबकि अहमदाबाद हवाई अड्डे की ऊंचाई लगभग 200 फीट है. इसके बाद विमान -475 फीट प्रति मिनट की ऊर्ध्वाधर गति से गिरने लगा, जो गंभीर तकनीकी खामी या यांत्रिक विफलता का संकेत देता है.” एयरपोर्ट बंद, सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एसवीपीआईए) के प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सभी उड़ान संचालन को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है. यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था और सूचना के लिए एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है. इंडिगो और अन्य एयरलाइनों ने जताया दुख इंडिगो एयरलाइंस ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से अत्यंत दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं सभी यात्रियों, चालक दल और उनके परिजनों के साथ हैं। इस कठिन समय में हम एयर इंडिया के साथ खड़े हैं.” जांच जारी, राहत के प्रयास तेज फिलहाल घटना की विस्तृत जांच डीजीसीए की ओर से शुरू कर दी गई है. विमान हादसे का वास्तविक कारण जानने के लिए तकनीकी टीम को लगाया गया है. प्रशासन, एयर इंडिया और सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर राहत व पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता दे रही हैं. इसे भी पढ़ें: एयर इंडिया विमान हादसे के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट बंद, सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित The post Air India Plane Crash: मंत्री राम मोहन नायडू ने संभाली कमान, विजयवाड़ा से पहुंचे अहमदाबाद appeared first on Naya Vichar.

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