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June 17, 2025

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Transport Department: परिवहन विभाग पर DM का एक्शन, क्लर्क का तबादला, होमगार्ड की छुट्टी और डीटीओ को शोकॉज

Transport Department: बेतिया जिला परिवहन कार्यालय के खिलाफ मिली शिकायतों की हकीकत जानने के लिए डीएम धर्मेंद्र कुमार ने सोमवार की शाम डीटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान डीएम ने कई मामले पकड़े और आन द स्पॉट कार्रवाई कर दी. डीएम ने सात साल से यहां तैनात क्लर्क संजय राव का तबादला कर दिया. जबकि रोस्टर ड्यूटी खत्म होने के बाद भी ड्यूटी पर तैनात गृहरक्षक की यहां से छुट्टी कर दी. एमवीआई पर लगे आरोपों की जांच के एडीएम की अध्यक्षता में टीम गठित की गई. वहीं डीटीओ से शोकॉज भी पूछा गया. इंस्पेक्शन में क्या-क्या पता चला निरीक्षण के दौरान डीएम को पता चला कि लिपिक संजय राव वर्ष 2018 से ही यहां कार्यरत हैं. डीएम ने तत्काल उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए भूमि सुधार कार्यालय बगहा में स्थानांतरित कर दिया. इसी क्रम में होमगार्ड महेश सिंह दो वर्षों से जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थापित रहने की जानकारी दी गयी. डीएम ने बिहार गृह रक्षा वाहिनी के जिला समादेष्टा को महेश सिंह सहित इस तरह के सभी होमगार्ड का तत्काल रोस्टर ड्यूटी समाप्त करते हुए वैसे गृह रक्षक जो कभी भी डीटीओ कार्यालय में पदस्थापित नहीं रहे हैं, की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिए. रोस्टर ड्यूटी समाप्त होने के उपरांत भी गृह रक्षकों के कार्य पर बने रहने के बिन्दु पर जिला समादेष्टा एवं डीटीओ से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है. साथ ही डीटीओ को एमवीआई द्वारा किये जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा एवं अनुश्रवण करने, उनकी एक्टिविटी पर नजर बनाकर रखने तथा फिल्ड में किये जा रहे कार्य से संबंधित फोटोग्राफ्स, लोकेशन आदि की जानकारी लेते रहने का निर्देश दिया गया. डीएम को मोटरयान निरीक्षक एवं अन्य कर्मी के द्वारा गड़बड़ी करने की साक्ष्य के साथ शिकायत प्राप्त हुई. इन आरोपों की जांच के लिए अपर समाहर्ता विभागीय जांच कुमार रविन्द्र, वरीय उप समाहर्ता बेबी कुमारी एवं एसपीजीआरओ मासूम अंसारी की टीम गठित करते हुए 14 दिन में रिपोर्ट तलब की गई. निरीक्षण के क्रम में एडीएम राजीव कुमार सिंह, डीटीओ ललन प्रसाद, ओएसडी सुजीत कुमार एवं जिला स्थापना उप समाहर्ता मो अली अहमद उपस्थित थे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पश्चिम चंपारण के डीएम ने क्या बताया पश्चिम चंपारण के जिला पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि राज्य प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जा रही है. किसी भी सूरत में गड़बड़ी करने वाले को बख्शा नहीं जायेगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी. सभी अधिकारियों व कर्मियों को सख्त हिदायत है कि सचेत रहकर दायित्वों का निर्वहन करें. इसे भी पढ़ें: पूर्णिया-किशनगंज के रास्ते बिहार में मानसून की एंट्री, 18 जिलों में भयंकर बारिश का अलर्ट The post Transport Department: परिवहन विभाग पर DM का एक्शन, क्लर्क का तबादला, होमगार्ड की छुट्टी और डीटीओ को शोकॉज appeared first on Naya Vichar.

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Smoky Garlic Tomato Chutney: सिर्फ 15 मिनट में ऐसे बनाएं टेस्टी और स्मोकी लहसुन-टमाटर की चटनी

Smoky Garlic Tomato Chutney: अगर आप रोज-रोज एक जैसी चटनियों से बोर हो गए हैं और कुछ नया तीखा और खुशबूदार ट्राय करना चाहते हैं तो ये स्मोकी लहसुन-टमाटर की चटनीआपके लिए परफेक्ट है. टमाटर की खटास, लहसुन की तीखापन और कोयले की स्मोकी खुशबू का मेल इस चटनी को बना देता है हर खाने की जान.सिर्फ 15 मिनट में तैयार होने वाली यह देसी स्टाइल चटनी न सिर्फ स्वाद से भरपूर है बल्कि पाचन के लिए भी फायदेमंद है. सामग्री टमाटर – 4 मध्यम आकार के (कटे हुए) लहसुन की कलियां – 10-12 साबुत लाल मिर्च – 3-4 (स्वाद अनुसार) सरसों का तेल – 2 टेबलस्पून जीरा – 1/2 टीस्पून नमक – स्वाद अनुसार हल्दी – 1/4 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टीस्पून गुड़ या शक्कर – 1 टीस्पून (ऐच्छिक) धुएं के लिए – कोयला का एक टुकड़ा और देसी घी की कुछ बूंदें बनाने की विधि तेल गरम करें: एक कढ़ाई में सरसों का तेल गरम करें. जब तेल थोड़ा धुआं देने लगे तो उसमें जीरा डालें. लहसुन और मिर्च भूनें: उसमें लहसुन की कलियां और साबुत लाल मिर्च डालें और हल्का सुनहरा होने तक भूनें. टमाटर डालें: कटे हुए टमाटर, हल्दी, नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें. टमाटर को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह से गल न जाए. गुड़ डालें (अगर इस्तेमाल कर रहे हों): स्वाद संतुलित करने के लिए थोड़ा गुड़ या शक्कर डालें. मिक्स करें: ठंडा होने के बाद इस मिश्रण को मिक्सी में दरदरा पीस लें. स्मोकी फ्लेवर जोड़ें: एक कोयले के टुकड़े को गैस पर जलाकर एक छोटी कटोरी में रखें, उस पर देसी घी डालें और कटोरी को चटनी के बर्तन के बीच में रखें.ऊपर से ढककर 2-3 मिनट छोड़ दें. Also Read : Moringa Paratha Recipe: सहजन के पत्तों से बनाएं टेस्टी और हेल्दी पराठा,नोट करें रेसिपी Also Read : Leftover Rice Recipes: बचे हुए चावल से बनाएं क्रिस्पी कटलेट्स,कुछ मिनटों में होगा तैयार Also Read :Mango Pickle Recipe: कच्चे आम से ऐसे बनाएं चटपटा अचार,हर कोई मांगेगा बार-बार Also Read :Jaggery Tamarind Chutney Recipes: बिना खजूर के ऐसे बनायें गुड़-इमली की खट्टी-मीठी चटनी,जानें बनाने की सरल रेस्पी The post Smoky Garlic Tomato Chutney: सिर्फ 15 मिनट में ऐसे बनाएं टेस्टी और स्मोकी लहसुन-टमाटर की चटनी appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपको याद है चरखी दादरी की दुर्घटना, जिसमें हुई थी दो विमानों में टक्कर और 349 मौत

Table of Contents कैसे हुई थी टक्कर दो विमानों के बीच टक्कर कैसे और क्यों हुआ था एक्सीडेंट भाषा की समस्या भी बनी थी दुर्घटना की वजह दुर्घटना के बाद क्या हुए बड़े बदलाव Charkhi Dadri : दिल्ली से 100 किलोमीटर की दूरी पर हरियाणा में स्थित है चरखी दादरी. 12 नवंबर 1996 को शाम 6:40 का समय हो रहा था, लोग अपने खेतों में काम खत्म कर रहे थे, अचानक उन्होंने तेज आवाज सुनी और शायद देखा कि आसमान से आग के गोले बरस रहे हैं, कुछ देर में चारों तरह धुआं ही धुआं था. इस दृश्य की वजह थी हवा में दो विमान का 10 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर टक्कर हो जाना. कैसे हुई थी टक्कर दो विमानों के बीच टक्कर चरखी दादरी में हुई विमान दुर्घटना इतिहास में घटित सबसे भयंकर विमान दुर्घटनाओं में से एक है. इस दुर्घटना में Mid-Air Collision हुआ था, जब दो विमान आपस में टकरा गए थे. जिन विमानों में टक्कर हुई थी वे हैं- सऊदी अरब एयरलाइंस फ्लाइट 763 (Saudi Arabian Airlines Flight 763) बोइंग 747-168B. यह विमान दिल्ली से सऊदी अरब की ओर जा रहा था. इस विमान पर 312 यात्री क्रू मेंबर्स शामिल थे. दूसरा विमान कजाकिस्तान एयरलाइंस का था. फ्लाइट 1907 (Kazakhstan Airlines Flight 1907). यह विमान कजाकिस्तान से दिल्ली आ रहा था. इस विमान पर 37 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे. इस दुर्घटना में दोनों विमान पर सवार सभी 349 व्यक्ति मारे गए थे. टक्कर की वजह यह थी कि दोनों विमान एक ही ऊंचाई पर गए थे. कैसे और क्यों हुआ था एक्सीडेंट चरखी दादरी विमान दुर्घटना के बारे में यह कहा जाता है कि यह कम्युनिकेशन में गलती होने की वजह से हुआ था.दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने कजाकिस्तान के विमान को 15,000 फीट पर आने का निर्देश दिया और उससे यह कहा था कि वह 14,000 फीट की ऊंचाई तक ही विमान को रखे, लेकिन पायलट ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश को समझ नहीं सका और 14,000 फीट से नीचे गया. इसी वजह से दो विमान एक ऊंचाई पर आ गए और उनके बीच सीधी टक्कर हो गई. भाषा की समस्या भी बनी थी दुर्घटना की वजह चरखी दादरी विमान दुर्घटना से पहले विमानन क्षेत्र के लोगों के लिए पूरी दुनिया में अंग्रेजी का ज्ञान अनिवार्य नहीं था, लेकिन इस दुर्घटना से उसे अनिवार्य बना दिया. दरअसल हुआ यह था कि कजाकिस्तान एयरलाइंस के पायलट और को पायलट रूसी भाषा में बात कर रहे थे. दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लोगों के लिए उनसे अंग्रेजी में संपर्क बनाना संभव नहीं हो रहा था, जिसकी वजह से कुछ भ्रम की स्थिति बनी और एक भयंकर आकाशीय विमान दुर्घटना घटी, जिसने पूरी दुनिया को सुरक्षा के मानकों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य किया. दुर्घटना के बाद क्या हुए बड़े बदलाव चरखी दादरी में हुई दुर्घटना के बाद पूरी दुनिया के एविशन इंडस्ट्री में बड़े बदलाव किए गए. हिंदुस्तान में TCAS (Traffic Collision Avoidance System) का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया. यह एक ऐसा सुरक्षा उपकरण है जो पायलट को इस बात की जानकारी देता है कि उसके आस-पास दूसरा कोई विमान है, ताकि हवा में टक्कर से बचा जा सके. चूंकि दुर्घटना के लिए भाषा को भी जिम्मेदार माना गया था इसलिए एविशन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए अंग्रेजी का ज्ञान अनिवार्य किया गया. खासकर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के लिए. हिंदुस्तानीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का आधुनिकीकरण किया गया, साथ ही यह नियम भी बनाया गया कि कोई दो नियम एक ऊंचाई पर उड़ान नहीं भरेंगे. Also Read : 1986 की बात है, एक एयर होस्टेस थीं नीरजा भनोट; जो 360 लोगों की जान बचाते हुए कुर्बान हुईं एयर इंडिया के पायलट ने तीन बार भेजा ‘May Day, May Day, May Day’ का मैसेज और फिर… Bihar Politics : बिहार की स्त्री सांसद तारकेश्वरी सिन्हा, जिन्हें कहा जाता था ‘ग्लैमर गर्ल ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स’ बिहार के योग गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी, जो इमरजेंसी में थे इंदिरा गांधी के खास सलाहकार विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें The post क्या आपको याद है चरखी दादरी की दुर्घटना, जिसमें हुई थी दो विमानों में टक्कर और 349 मौत appeared first on Naya Vichar.

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वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए शानदार मौका, XLRI ने लांच किए दो नए कोर्स, आवेदन करने की ये है आखिरी तारीख

XLRI Jamshedpur: जमशेदपुर, संदीप सावर्ण-एक्सएलआरआई (जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर) ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए दो विशेष हाइब्रिड कोर्स लांच किए हैं. ये कोर्स हैं पब्लिक पॉलिसी एंड सस्टेनेबल लीडरशिप (पीपीएसएल ) और पब्लिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (पीएचआरएम ). इन दोनों एक वर्षीय कोर्सों को हिंदुस्तान प्रशासन के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी ) के सहयोग से तैयार किया गया है. इनका उद्देश्य नीति निर्माण, प्रशासन और मानव संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे पेशेवर लोगों को आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है. इन कोर्सों में भाग लेने के लिए कोई भी प्रशासनी अधिकारी (खासतौर पर ग्रुप ए अधिकारी), कॉरपोरेट प्रोफेशनल, एनजीओ से जुड़े लोग या विकास एजेंसियों में काम कर रहे व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं. इनके लिए है खास मौका पीपीएसएल के निदेशक प्रो कल्याण भास्कर और पीएचआरएम के निदेशक प्रो एमजी जोमन ने बताया कि इन कोर्सों के माध्यम से ऐसे लीडर्स को प्रशिक्षित करना चाहते हैं जो प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जुड़े हों. संस्थान प्रबंधन की ओर से बताया गया कि जो वर्किंग प्रोफेशनल अपनी क्षमता को नीति निर्माण, प्रशासन या मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में आगे ले जाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक उत्कृष्ट अवसर है. क्या है इस कोर्स की खासियत? इन कार्यक्रमों की पढ़ाई हाइब्रिड मॉडल में होगी यानी ऑनलाइन क्लास के साथ-साथ दो बार जमशेदपुर स्थित एक्सएलआरआई कैंपस में रेजिडेंशियल सेशन भी आयोजित किए जाएंगे. इससे प्रतिभागी अपने कामकाज के साथ पढ़ाई को भी संतुलित रूप से आगे बढ़ा सकेंगे. पीपीएसएल में 6 मॉड्यूल होंगे, हर मॉड्यूल 30 घंटे का होगा. जबकि पीएचआरएम में 3 मॉड्यूल होंगे, हर मॉड्यूल 60 घंटे का होगा यानी इस तरह कुल 180 घंटे की गहन और व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी. ये भी पढ़ें: Jharkhand Monsoon: मानसून की पहली बारिश में आसमान से बरसी मौत, पलामू और गढ़वा में वज्रपात से 4 की गयी जान, 2 घायल कोर्स से संबंधित जानकारियां कोर्स अवधि: 1 वर्षकक्षाएं शुरू होंगी: 28 जुलाई, 2025आवेदन की अंतिम तिथि: 30 जून, 2025 क्या है कोर्स की विशेषता? विविधताभरी क्लास: प्रशासनी अधिकारी, कॉर्पोरेट पेशेवर, एनजीओ और डेवलपमेंट सेक्टर से जुड़े लोग एक साथ होंगे.प्रशासनी सहयोग: ग्रुप ए अधिकारियों को डीओपीटी के माध्यम से नामांकन का अवसरफ्लेक्सिबल लर्निंग: वीकेंड पर की ऑनलाइन क्लास, साथ ही कोर्स के दौरान दो बार कैंपस रेजिडेंसी प्रोग्रामप्रख्यात शिक्षकों से मार्गदर्शन: एक्सएलआरआइ के प्रोफेसर और इंडस्ट्री विशेषज्ञों का संयुक्त शिक्षणसम्मानजनक समापन: कोर्स के अंत में भव्य दीक्षांत समारोह ये भी पढ़ें: Jharkhand Crime: झारखंड की ‘सोनम’ ने पति को रास्ते से हटाने के लिए उठाया खौफनाक कदम, कर दिया भरोसे का कत्ल The post वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए शानदार मौका, XLRI ने लांच किए दो नए कोर्स, आवेदन करने की ये है आखिरी तारीख appeared first on Naya Vichar.

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5500 करोड़ की लागत से होगा दीघा से कोइलवर फोरलेन निर्माण, मॉडल तय, 4 साल में पूरा होगा काम

Digha to Coilwar Four Lane, कृष्ण कुमार, पटना: केंद्र की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप राज्य में पहली परियोजना के तौर पर जेपी गंगा पथ में दीघा से कोइलवर सड़क निर्माण हाइब्रिड एनवीटि मॉडल पर हाेगा. इसके तहत करीब 5500 करोड़ की लागत से करीब 35 किमी लंबाई में दीघा से कोइलवर तक फोरलेन सड़क बनेगी. इसमें करीब 18 किमी एलिवेटेड सड़क और शेष 17.65 किमी एटग्रेड सड़क होगी. इसे दानापुर और शाहपुर से जोड़ा जाएगा. पश्चिम में यह जेपी गंगा सेतु के पास दीघा में जुटेगा और कोइलवर के पास सोन नदी पर बने पुल से जुट जाएगा जिससे आरा से पटना तक की यात्रा सुगम हो जाएगी. मॉडल के बारे में जानिए सूत्रों के अनुसार राज्य में सड़क निर्माण में पीपीपी मॉडल से मिलता हुआ हाइब्रिड एनवीटि मॉडल लागू करने का मूल मकसद चार साल की तय समयसीमा में निर्माण पूरा करना है. साथ ही निर्माण के बाद अगले 15 वर्षों के लिए सड़कों का रख-रखाव भी निर्माण एजेंसी द्वारा किया जायेगा. चार वर्ष की निर्माण अवधि में प्रशासन के द्वारा कुल परियोजना लागत का मात्र 40 फीसदी भुगतान ही संवेदक को किया जाने का प्रावधान है. इसके अलावा शेष 60 फीसदी की राशि संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य में लगायी जाएगी. इस मॉडल के अंतर्गत संवेदक के द्वारा निर्माण के लिए निवेश किया जाएगा और 15 वर्षों तक निर्मित संरचना का रखरखाव किया जाएगा. इस 60 फीसदी का भुगतान अगले 15 वर्षों तक प्रशासन के द्वारा संवेदक को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा. सड़क का ऑपरेशन और रखरखाव संवेदक द्वारा किया जाएगा जिसके लिए प्रशासन अलग से राशि उपलब्ध कराएगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें मंत्री ने क्या बताया इस संबंध में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में राज्य में सड़क, पुल और एक्सप्रेस हाइवे के निर्माण के लिए हाइब्रिड एनवीटि मॉडल अपनाने की घोषणा की थी. अब इस मॉडल को जल्द ही कई प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, प्रमुख नदियों पर पुल और सड़कों के निर्माण में लागू किया जायेगा. इस मॉडल से प्रशासन द्वारा परियोजनाओं की बजट पर बोझ कम होगा. साथ ही इस बचत से कई अन्य प्रस्तावित संरचनाओं पर बची हुई राशि से काम शुरू हो सकेगा. इस मॉडल के अंतर्गत तकनीकी रूप से निविदा सफल घोषित होने पर निविदादाता को निम्नतम प्रोजेक्ट कॉस्ट के आधार पर संविदा दी जाएगी. पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि राज्य में 2047 तक विकसित बिहार के लक्ष्य के अनुरूप हाइब्रिड एनवीटि मॉडल पर काम शुरू होगा. इसे भी पढ़ें: पूर्णिया-किशनगंज के रास्ते बिहार में मानसून की एंट्री, 18 जिलों में भयंकर बारिश का अलर्ट The post 5500 करोड़ की लागत से होगा दीघा से कोइलवर फोरलेन निर्माण, मॉडल तय, 4 साल में पूरा होगा काम appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर ने 1500 से अधिक स्टूडेंट्स को किया सम्मानित, बिहार विधानसभा अध्यक्ष और डिप्टी सीएम ने सराहा

Celebration: पटना. नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव और विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने बच्चों की हौसलाअफजाई की और उन्हें पुरस्कृत किया. प्रतिभा सम्मान समारोह को मानव रचना विवि के कुलपति डा संजय श्रीवास्तव, शारदा विवि के निदेशक डा अजित कुमार, गोल के एमडी बिपिन सिंह, मेंटोर्स एडुसर्व के मेंटोर आनंद जायसवाल, इम्पैक्ट में डायरेक्टर मनीष कुमार, नया विचार के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट विजय बहादुर और राज्य संपादक अजय कुमार ने भी संबोधित किया. पुरस्कृत छात्राएं बेटे की तरह बेटियों को पढ़ाने में आगे आएं अभिभावक : नंदकिशोर यादव सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि बेटों की तरह बेटियों को भी पढ़ाने के लिए अभिभावकों को आगे आना चाहिए. हमें लड़का और लड़की में भेद नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वह माता-पिता और अपने बड़ों को सम्मान दें. यादव ने कहा कि देश के विकास की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं है. यह जवाबदेही समाज के हर वर्ग को लेनी होगी. उन्होंने 2047 के विकसित हिंदुस्तान के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि हमें विकसित हिंदुस्तान बनाने की दिशा में सर्वश्रेष्ठ देना होगा. इसमें बच्चों की खास भूमिका होगी, क्योंकि उस दौर में यही शिशु युवा होंगे. उनके कंधों पर राष्ट्र निर्माण की अहम जिम्मेदारी होगी. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आपकी क्षमताएं असीमित हैं. आगे बढ़िए. खूब तरक्की करिए. खूब मन लगाकर पढ़िए. आप लोगों की मेहनत ही भविष्य में सम्मान दिलायेगी. प्रतिभा के चहुंमुखी विकास के लिए वातावरण तैयार करने वाला समाज ही जीवंत माना जाता : विजय कुमार सिन्हा इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा का सम्मान अच्छी परंपरा है. वह समाज जो अपनी प्रतिभाओं की समय पर पहचान करता है, उसे सही दिशा देता है, वही समाज प्रगति करता है. उप मुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को तराशने वाले शिक्षक का भी सम्मान होना चाहिए. माता-पिता की भांति शिक्षक भी बिना किसी स्वार्थ के बच्चों को सर्वश्रेष्ठ करने की प्रेरणा देते हैं. विद्यार्थियों को चाहिए कि वह अपने माता-पिता और शिक्षकों को हमेशा सम्मान करें. इसके जरिये ही विद्यार्थी हिंदुस्तान की तरक्की और नैतिक उत्थान में योगदान दे सकेंगे. नया हिंदुस्तान उनकी तरफ बड़ी उम्मीदों से देख रहा है. 21वीं सदी हिंदुस्तान की है. हिंदुस्तान युवाओं का देश है. इसलिए युवाओं को अच्छी पढ़ाई करते हुए राष्ट्र, समाज, गांव और परिवार का मान बढ़ाना चाहिए. यही उनकी बड़ी उपलब्धि होगी. Also Read: बिहार में सनसनीखेज खुलासा, मोतिहारी के ढाई सौ से अधिक एकाउंट होल्डर के खाते में आता था साइबर फ्रॉड का पैसा The post नया विचार ने 1500 से अधिक स्टूडेंट्स को किया सम्मानित, बिहार विधानसभा अध्यक्ष और डिप्टी सीएम ने सराहा appeared first on Naya Vichar.

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टेस्ट कप्तान नहीं बनाए जाने पर बुमराह ने तोड़ी चुप्पी, यह बना सबसे बड़ा ‘विलेन’

IND vs ENG: टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आखिरकार इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के कप्तान न बनने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. हाल ही में एक इंटरव्यू में, बुमराह ने खुलासा किया कि वह अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई चयन समिति के लिए कप्तानी की पहली पसंद थे , लेकिन स्टार तेज गेंदबाज को ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ के कारण कप्तानी के लिए मना करना पड़ा. बुमराह के इस फैसले के बाद, शुभमन गिल को कप्तानी सौंपी गई और ऋषभ पंत को इंग्लैंड सीरीज के लिए उनका डिप्टी नियुक्त किया गया. इस सीरीज से ठीक पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया. Bumrah break silence on Test captaincy this reason became villain रोहित-कोहली के संन्यास से पहले ही बुमराह ने कर लिया था फैसला स्काई स्पोर्ट्स के लिए हिंदुस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक के साथ एक साक्षात्कार में, बुमराह ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने रोहित और कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले ही बीसीसीआई अधिकारियों और चयनकर्ताओं से अपने कार्यभार के बारे में बात की थी. उन्हें कप्तानी छोड़ने का कठिन निर्णय लेना पड़ा, क्योंकि डॉक्टरों और फिजियो ने उन्हें अपने करियर को लंबा करने के लिए अपने शरीर के साथ होशियार रहने की सलाह दी थी. बुमराह ने कहा, ‘रोहित और विराट के आईपीएल के दौरान रिटायर होने से पहले, मैंने बीसीसीआई से पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में अपने कार्यभार के बारे में बात की थी. मैंने उन लोगों से बात की है जिन्होंने मेरी पीठ का इलाज किया है. मैंने सर्जन से भी बात की है, जिन्होंने हमेशा मुझसे कहा है कि आपको कार्यभार के बारे में कितना स्मार्ट होना चाहिए.’ बुमराह नहीं चाहते सीरीज में दो कप्तान हो बुमराह ने आगे कहा, ‘मैंने उनसे बात की और फिर हम इस नतीजे पर पहुंचे कि मुझे थोड़ा होशियार होना होगा. इसलिए मैंने बीसीसीआई को फोन किया और कहा कि मैं नेतृत्व की भूमिका में नहीं जाना चाहता क्योंकि मैं पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में सभी टेस्ट मैच नहीं स्पोर्ट्स पाऊंगा.’ हिंदुस्तान के तेज गेंदबाज ने कहा कि वह नहीं चाहते कि एक टेस्ट सीरीज में हिंदुस्तानीय टीम के दो कप्तान हों. उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई नेतृत्व के लिए मेरी ओर देख रहा था, लेकिन फिर मुझे कहना पड़ा कि नहीं, यह टीम के लिए भी उचित नहीं है. आप जानते हैं कि पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में तीन मैचों की कप्तानी कोई और कर रहा है, दो मैचों की कप्तानी कोई और कर रहा है. यह टीम के लिए उचित नहीं है. और मैं हमेशा टीम को पहले रखना चाहता था.’ दो बार चोटिल हुए बुमराह बुमराह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में लगी पीठ की चोट के कारण चैंपियंस ट्रॉफी और आईपीएल के पहले कुछ शुरुआती मैचों से बाहर हो गए थे. उल्लेखनीय है कि यह दूसरी बार था जब उन्हें पीठ में चोट लगी थी. पहली बार ऐसा होने पर उन्हें एक साल से ज्यादा समय तक स्पोर्ट्स से बाहर रहना पड़ा था. कुल मिलाकर बुमराह की चोट ही उनके लिए सबसे बड़ी विलेन बनी. बुमराह ने कहा कि वह कप्तान होने के अलावा एक खिलाड़ी के रूप में भी टीम की सफलता में अधिक योगदान दे सकते हैं. कई पूर्व क्रिकेटरों का भी मत था कि बुमराह का कार्यभार प्रबंधन बेहद जरूरी है. ये भी पढ़ें… IND vs ENG: जीतने वाली टीम के कप्तान को मिलेगा ‘पटौदी पदक’, सचिन की पहल का असर IND vs ENG: हिंदुस्तानीय टीम से जुड़ा ये खतरनाक ऑलराउंडर! 18 से 19 का हुआ स्क्वाड The post टेस्ट कप्तान नहीं बनाए जाने पर बुमराह ने तोड़ी चुप्पी, यह बना सबसे बड़ा ‘विलेन’ appeared first on Naya Vichar.

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Defence: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूर्व सेना प्रमुखों के साथ भारतीय सेना का चिंतन बैठक

Defence: ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित होने वाले हिंदुस्तानीय सेना के पूर्व प्रमुख  ‘चीफ्स का चिंतन’ बैठक का उद्देश्य उनके संस्थागत ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाने के लिए एक मंच प्रदान करना है. इससे हिंदुस्तानीय सेना को जहां अपने पूर्व प्रमुखों के अनुभव और भविष्य की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी, वहीं एक दूसरे के अनुभव का लाभ उठाने के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा. ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस तरह की यह पहली बैठक है, जिसमें सेना के पूर्व प्रमुखों के साथ हिंदुस्तानीय सेना एक मंच पर उपस्थित होकर अपने अनुभवों को साझा की और भविष्य की अपनी रणनीति पर पूर्व प्रमुखों के विचार से अवगत हुई. सेना प्रमुख (सीओएएस), जनरल उपेंद्र द्विवेदी और पूर्व सेना प्रमुखों (सीएसओएएस) के बीच  दो दिवसीय बातचीत आज शुरू हुई.जनरल द्विवेदी ने पूर्व प्रमुखों का स्वागत किया और हिंदुस्तानीय सेना में चल रहे परिवर्तन और भविष्य की दिशा को आकार देने में उनकी निरंतर भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया.  ऑपरेशन सिंदूर पर हुई व्यापक ब्रीफिंग आज के कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर एक व्यापक ब्रीफिंग हुई, जिसमें हिंदुस्तानीय वायु सेना और नौसेना के साथ समन्वित संचालन शामिल था. ऑपरेशन के क्रियान्वयन, रणनीतिक प्रभाव और संयुक्त कौशल मॉडल को विस्तार से प्रस्तुत किया गया, ताकि प्रासंगिक समझ प्रदान की जा सके और पूर्व प्रमुखों के अनुभव का लाभ उठाया जा सके. पूर्व प्रमुखों को परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने और उच्च तकनीकी और आधुनिकीकरण पहलों को शामिल करने के बारे में भी जानकारी दी गई. सम्मेलन के दौरान तकनीकी इनिशिएटिव की दिशा में किये जा रहे प्रयास और विकसित हिंदुस्तान ‍@2047 के लक्ष्यों में हिंदुस्तानीय सेना के योगदान पर भी चर्चा की गयी. मानव संसाधन नीतियों में सुधार और कल्याण और वयोवृद्धों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की पहल पर भी विचार किया गया. पूर्व  चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने अपनी अंतर्दृष्टि और सिफारिशें साझा की, जो हिंदुस्तानीय सेना की क्षमताओं को बढ़ाने और संगठनात्मक सुधार के लिए चल रहे प्रयासों में योगदान देती है. यह बातचीत नेतृत्व की निरंतरता और हिंदुस्तानीय सेना को भविष्य के लिए तैयार रखने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है. The post Defence: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूर्व सेना प्रमुखों के साथ हिंदुस्तानीय सेना का चिंतन बैठक appeared first on Naya Vichar.

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‘तेहरान के अहम ठिकानों पर करेंगे हमला’, सद्दाम जैसा होगा खामेनेई का हाल! इजराइल की बड़ी धमकी

Israel Attack: ईरान ने मंगलवार को बड़ी धमकी दी है. इजराइल ने कहा है कि ईरान के सुप्रीम कमांडर खामेनेई का हाल सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है. मंगलवार को इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने अपने हमले जारी रखे तो उनका भी वही हश्र हो सकता है जो ईराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन का हुआ था. इजराइल की राजधानी तेल अवीव में एक उच्च स्तरीय सैन्य बैठक में ईरानी तानाशाह को युद्ध अपराध करने और इजरायली नागरिकों पर मिसाइल दागने के खिलाफ सीधी चेतावनी दी है. पांच दिनों से जारी है ईरान और इजराइल की जंग ईरान और इजराइल के बीच बीते पांच दिनों से युद्ध जारी है. दोनों देश 1000 किलोमीटर दूर से एक दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर रहे हैं. मंगलवार को इजराइल ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं. युद्ध के इन हालात के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के लोगों को शहर खाली करने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कनाडा में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर वाशिंगटन रवाना होने से पहले सोमवार रात को एक संदेश में लिखा “ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता.” उन्होंने अपने संदेश में कहा‘‘ सभी को तेहरान तत्काल खाली कर देना चाहिए.’’ इजराइल ने कहा है कि ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों, परमाणु वैज्ञानिकों, यूरेनियम संवर्धन स्थलों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर उसका व्यापक हमला ईरान को परमाणु हथियार बनाने के और करीब आने से रोकने के लिए जरूरी है. शुक्रवार से अब तक हुए हमलों में कम से कम 224 लोग मारे गए हैं. ईरान कर रहा है जोरदार पलटवार इजराइल के हमले के जवाब में ईरान भी जोरदार तरीके से पलटवार कर रहा है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर 370 से ज्यादा मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोनों से हमला किया है. ईरान के हमलों में अब तक इजराइल में 24 लोग मारे गए हैं और 500 से ज्यादा घायल हुए हैं. इजराइली सेना ने कहा कि मंगलवार को भी ईरान की तरफ से मिसाइलें दागी गई हैं. इस बीच ईरान की राजधानी में दुकानें बंद हैं और गैस के लिए कतारें लगी हैं. तेहरान का पुराना इलाका मंगलवार सुबह से ही खाली होने लगा और कई दुकानें बंद रहीं. शहर का पुराना ग्रैंड बाजार भी बंद रहा. ऐसा पहले सिर्फ़ प्रशासन विरोधी प्रदर्शनों या कोरोना वायरस महामारी के चरम पर ही हुआ था. जी-7 छोड़ अमेरिका लौटे ट्रंप ईरान और इजराइल में जारी जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अमेरिका लौट गए हैं. ट्रंप ने तेहरान के 95 लाख निवासियों से अपनी जान बचाने के लिए वहां से चले जाने का आग्रह किया है. इसके साथ ही उन्होंने ईरान के साथ परमाणु समझौता संभव होने की बात भी कही है. पांच दिनों से जारी मिसाइल हमलों से इजराइल ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है और उसे लगता है कि अब वह तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को स्थायी झटका दे सकता है.उन्होंने ईरानी नेताओं पर अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते पर पहुंचने के लिए अनिच्छुक होने का आरोप लगाया और सुझाव दिया कि अब उनकी उनसे बातचीत करने में दिलचस्पी घट गई है. Also Read: ईरान-इजराइल में छिड़ सकती है बड़ी लड़ाई, मौलाना सैफ अब्बास ने की अपील, हिंदुस्तानीयों को सुरक्षित निकाले प्रशासन The post ‘तेहरान के अहम ठिकानों पर करेंगे हमला’, सद्दाम जैसा होगा खामेनेई का हाल! इजराइल की बड़ी धमकी appeared first on Naya Vichar.

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Sunjay Kapur Love: बेटे कियान से ज्यादा इस चीज से संजय कपूर को था प्यार, एक्स वाइफ करिश्मा का खुलासा कर देगा हैरान

Sunjay Kapur Love: करिश्मा कपूर के पूर्व पति और जाने-माने उद्योगपति संजय कपूर की 12 जून, 2025 को पोलो स्पोर्ट्सते समय दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई. ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के पूर्व अध्यक्ष का निधन ब्रिटेन में हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 53 वर्षीय संजय ने गार्ड्स पोलो क्लब में पोलो स्पोर्ट्सते समय कथित तौर पर एक मधुमक्खी निगल ली थी और उनके गले में डंक लगने के कारण उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ. इसी बीच करिश्मा कपूर का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संजय पोलो स्पोर्ट्सने के लिए अपने बेटे को छोड़कर चले गए थे. पोलो स्पोर्ट्सने के लिए बेटे कियान को छोड़कर चले गए थे संजय कपूर दरअसल जब करिश्मा कपूर और संजय कपूर का तलाक हो रहा था, तो दोनों ने एक दूसरे पर कई आरोप लगाए थे. एक्ट्रेस ने बताया था कि संजय ने कभी परिवार की जिम्मेदारी समझी ही नहीं, उनके लिए पोलो ही सबकुछ था. उन्होंने एक किस्से का भी जिक्र किया. जिसमें बताया कि जब उनका छोटा बेटा कियान 4 महीने का था और अचानक बीमार पड़ गया था, तो वह उसे छोड़कर प्रिंस विलियम के साथ पोलो स्पोर्ट्सने चले गए थे. एक्ट्रेस ने कहा, उस वाक्या के बाद एहसास हुआ कि संजय ने मुझसे प्यार नहीं किया, वह बस मुझे ट्रॉफी वाइफ की तरह रखना चाहता था, क्योंकि मैं बॉलीवुड इंडस्ट्री में काफी फेमस और सक्सेसफुल थी. करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादी के बारे में करिश्मा कपूर और संजय कपूर ने ग्रैंड तरीके से 29 सितंबर, 2003 में शादी रचाई थी. उनकी वेडिंग ने उस वक्त काफी लाइमलाइट बटोरी थी. जोड़े ने कृष्ण राज बंगले में सात फेरे लिए. बाद में कपल 11 मार्च, 2005 को बेटी समायरा के माता-पिता बने. फिर पांच साल बाद उनका दूसरा बेटा हुआ, जिसका नाम कियान है. हालांकि वर्ष 2016 में वह आपसी मतभेद के कारण अलग हो गए. बाद में 2017 में संजय ने मॉडल से अभिनेत्री बनी प्रिया सचदेव संग शादी रचाई. दोनों का एक बेटा भी है. यह भी पढ़ें- Border 2 के सेट से पूरी टीम की पहली तसवीर आई सामने, सनी देओल के साथ कुछ ऐसे दिखे वरुण धवण-अहान शेट्टी The post Sunjay Kapur Love: बेटे कियान से ज्यादा इस चीज से संजय कपूर को था प्यार, एक्स वाइफ करिश्मा का खुलासा कर देगा हैरान appeared first on Naya Vichar.

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