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June 18, 2025

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एयर इंडिया हादसे में पॉलिसी होल्डर्स के साथ नॉमिनी की भी मौत, किसे मुआवजा दें बीमा कंपनियां

Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद से 12 जून 2025 को लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान की भयावह दुर्घटना ने न केवल 270 लोगों की जान ली, बल्कि बीमा क्षेत्र में भी कई नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं. इस दुर्घटना में पॉलिसीधारक और उनके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) दोनों की मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे बीमा कंपनियों को दावों के निपटान में असमंजस का सामना करना पड़ रहा है. असमंजस में बीमा कंपनियां इस हादसे के बाद प्रमुख बीमा कंपनियों एलआईसी, एचडीएफसी लाइफ, टाटा एआईजी, इफ्को टोकियो और बजाज आलियांज को कई ऐसे मामले मिले हैं, जहां बीमा पॉलिसी तो है, लेकिन नॉमिनी की भी इस हादसे में मौत हो चुकी है. इससे यह तय करना मुश्किल हो गया है कि मुआवजा किसे दिया जाए. बीमा कंपनियों के अनुसार, आम तौर पर यदि बीमाधारक की मौत होती है और नॉमिनी जीवित हो, तो प्रक्रिया आसान होती है. लेकिन, जब दोनों नहीं रहे, तब उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है, जिससे प्रक्रिया लंबी और पेचीदा हो जाती है. ऐसे में बीमा कंपनियां असमंजस में दिखाई दे रही हैं. इरडा की सक्रियता और निर्देश इस बीच, हिंदुस्तानीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने बीमा कंपनियों को सलाह दी है कि वे मृतकों की सूची को अपने डेटा से मिलाएं और जल्द से जल्द दावों का निपटान करें. साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि तकनीकी औपचारिकताओं के कारण किसी दावे को रोका या टाला न जाए. इसके बाद बीमा कंपनियों ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में सहायता केंद्र खोल दिए हैं. जब पॉलिसी होल्डर और नॉमिनी दोनों नहीं रहे एलआईसी के अधिकारी आशीष शुक्ला ने बताया कि एक मामला ऐसा आया है, जहां पॉलिसी होल्डर और उसका नॉमिनी जीवनसाथी दोनों की मौत हो गई. ऐसे मामलों में अब श्रेणी-1 के उत्तराधिकारियों (शिशु या रक्त संबंधी) को तलाशा जा रहा है. यदि कई शिशु हैं, तो सभी से संयुक्त घोषणा-पत्र और क्षतिपूर्ति बॉन्ड लिया जा रहा है, ताकि दावा निपटाया जा सके. यह प्रक्रिया सामान्य परिस्थितियों से अलग और विशेष लचीलेपन के साथ अपनाई जा रही है. कानूनी टीम की भूमिका बढ़ी टाटा एआईजी के अधिकारी निश्चल बुच ने कहा कि उनकी कंपनी को ऐसे सात दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एक में पॉलिसीधारक और नॉमिनी दोनों की मौत हो गई. इन मामलों में कंपनी की लीगल टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या उत्तराधिकारियों से एक संयुक्त घोषणा लेकर दावा निपटाया जा सकता है. इफ्को टोकियो के क्लेम मैनेजर मनप्रीत सभरवाल ने बताया कि उनकी कंपनी से बीमा कराने वाली एक कंपनी के निदेशक और उनकी पत्नी दोनों ही विमान दुर्घटना में मारे गए, जिससे दावा प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है. इसे भी पढ़ें: शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख पाया शेयर बाजार, 138.64 अंक टूटकर सेंसेक्स धड़ाम बीमा प्रणाली में लचीलापन जरूरी इस हादसे ने यह स्पष्ट किया है कि बीमा क्षेत्र को ऐसी आपात स्थितियों के लिए लचीली और मानव-केंद्रित नीति तैयार करनी होगी. केवल कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता से न केवल दावेदारों को परेशानी होती है, बल्कि बीमा कंपनियों की छवि भी प्रभावित होती है. इसे भी पढ़ें: Luxury Brands: मंदी की आहट में अमीरी का ठाठ! लग्जरी ब्रांड्स की बल्ले-बल्ले The post एयर इंडिया हादसे में पॉलिसी होल्डर्स के साथ नॉमिनी की भी मौत, किसे मुआवजा दें बीमा कंपनियां appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बेगूसराय के बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से चार की मौत, एक दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी डूबे

Bihar News: बेगूसराय के बूढ़ी गंडक नदी में स्नान करने के दौरान बुधवार को चार लोग डूब गए, जिससे एक साथ चार लोगों की मौत हो गयी. मृतकों की पहचान रौशन कुमार, नीतीश कुमार, अविनाश कुमार और अभिषेक कुमार के रूप में की गयी है. ये सभी मृतकों की उम्र 12 से 18 साल के बीच की है. अविनाश कुमार और अभिषेक दोनों सहोदर भाई है. यह घटना बेगूसराय के नुरुल्लाहपुर सहनी घाट के समीप की है. बताया जा रहा है कि स्नान करने के दौरान डूबने से एक दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी लड़के एक के बाद एक डूब गये. The post Bihar News: बेगूसराय के बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से चार की मौत, एक दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी डूबे appeared first on Naya Vichar.

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हजारीबाग के इस गांव में एक साथ आ धमके 15 जंगली हाथी, फिर क्या-क्या हुआ, पढ़ें

Hazaribagh News| चरही (हजारीबाग), आनंद सोरेन: हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड के चुरचू थाना क्षेत्र की चनारो पंचायत में ग्राम चिचिकला टोला बिनकरवा में 15 जंगली हाथियों के झुंड ने बिनकरवा गांव में जमकर उत्पात मचाया. 3 घरों को तोड़ दिया. मकान टूटने की वजह से एक स्त्री दीवार के नीचे दब गयी. गंभीर रूप से घायल इस स्त्री का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. एक साथ गांव में आ धमका 15 हाथियों का झुंड स्थानीय लोगों ने बताया कि 17 जून को देर शाम करीब 8 बजे सदर प्रखंड से बिनकरवा गांव में 15 हाथियों का झुंड पहुंचा. जंगली हाथियों ने 8:30 बजे से रात के 12:00 बजे तक गांव में उत्पात मचाया. सबसे पहले बिनकरवा गांव में एक घर को ध्वस्त किया. इस घर में एक स्त्री दीवार के नीचे दब गयी. मंती मुर्मू पिता मोतीराम मुर्मू घर में अकेली सोयी थी. हाथियों के झुंड ने इस घर को कर दिया ध्वस्त. फोटो : नया विचार ध्वस्त घर की दीवार के नीचे दबी मिली मंती मुर्मू इस घर को ध्वस्त करने के बाद हाथी आगे बढ़ गये. ग्रामीणों ने ध्वस्त घर को देखा, तो स्त्री मंती मुर्मू दबी मिली. उनके सिर में गंभीर चोट आयी है. ग्रामीणों के सहयोग से तुरंत उन्हें निकाला गया. इसके बाद उचित इलाज के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग रेफर कर दिया गया. उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 3.5 क्विंटल चावल चट कर गये जंगली हाथी हाथियों के झुंड ने बिनकरवा गांव के ही बाबूलाल टुडू पिता स्व चुनकु टुडू के घर के साथ-साथ 8 एस्बेस्टस, 2 कुर्सी, एक दरवाजा, एक बक्सा समेत कई चीजों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों का झुंड 3.5 क्विंटल चावल भी खा गया. बिनकरवा गांव के ही बबन मुर्मू पिता स्व मानाराम मांझी के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. कई अन्य चीजों को भी बर्बाद कर दिया. स्कूल में रखे मध्याह्न भोजन का राशन भी खा गये गांव में तबाही मचाने के बाद जंगली हाथियों का झुंड राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिनकरवा पहुंचा. यहां 2 दरवाजे, 2 खिड़कियों, टेबल और बक्सा को क्षतिग्रस्त कर दिया. मध्याह्न भोजन के लिए विद्यालय में रखे चावल भी खा गये. रात में ली गयी हाथियों की तस्वीर. फोटो : नया विचार रात के 1 बजे चिचिकला गांव पहुंचा हाथियों का झुंड हाथियों का झुंड बिनकरवा से रात करीब 1:00 बजे चिचिकला गांव पहुंच गये. वहां मनोज राम पिता स्व छत्रधारी राम के रसोई घर घर को क्षतिग्रस्त कर दिया. तारकेश्वर महतो की खेत मे लगी मकई की फसल को नष्ट कर दिया. धनेश्वर महतो पिता स्व खूनी महतो की आम, केला और मकई की फसल को बर्बाद कर दिया. उसी गांव के मुरली महतो पिता स्व शंभु महतो की बाउंड्री तोड़ दी. इसके बाद सुबह 4:00 बजे के आसपास चिचिकला गांव राजकीय मध्य विद्यालय का दरवाजा तोड़कर विद्यालय में रखे चावल, दाल, आलू और राशन के अन्य सामान खा गये. Hazaribagh News: बिनकरवा गांव पहुंचे मुखिया और वनरक्षी बिनकरवा में जंगली हाथियों के उत्पात मचाने के बाद 18 जून को मुखिया ब्रज बिहारी महतो और वनरक्षी पवन कुमार घटनास्थल पर पहुंचे. दोनों ने हाथियों की वजह से हुए नुकसान का जायजा लिया. उधर, घायल स्त्री मंती मुर्मू के परिजनों और अन्य किसानों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है. हथियारी जंगल में जमा है हाथियों का झुंड बिनकरवा और चिचिकला गांव में उत्पात मचाने के बाद जंगली हाथियों का यह झुंड 18 जून 2025 (बुधवार) को दिन में हथियारी जंगल पहुंच गया. समाचार लिखे जाने तक यह झुंड वहीं जमा था. जायजा लेने पहुंचे वनरक्षी और मुखिया के साथ बात करते ग्रामीण. फोटो : नया विचार वन विभाग के उदासीन रवैये से ग्रामीण नाराज रात को बिनकरवा और चिचिकला गांव में जब हाथी उधम मचा रहे थे, तब ग्रामीणों ने वन विभाग चरही को जानकारी दी. रात में वन विभाग ने हाथियों को रोकने की कोई पहल नहीं की. कोई गांव तक नहीं आया. 18 जून के दिन को 11 बजे एक वनरक्षी पवन कुमार पहुंचे. लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनायी. इसे भी पढ़ें लातेहार पुलिस को मिली बड़ी सफलता, जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर ने किया सरेंडर PHOTOS: मानसून ने पूरे झारखंड को किया कवर, रांची में बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, बेड़ो में डायवर्सन बहा झारखंड में मुखिया का जाति प्रमाण पत्र रद्द, मुश्किल में अर्जुन भुइयां झारखंड कैबिनेट की बैठक 20 जून को, होंगे कई अहम फैसले The post हजारीबाग के इस गांव में एक साथ आ धमके 15 जंगली हाथी, फिर क्या-क्या हुआ, पढ़ें appeared first on Naya Vichar.

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मैथिलि भाषा में नेहा झा मणि को मिला 2025 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, चर्चा में रही ये कविता

मैथिली भाषा में योगदान के लिए नेहा झा मणि को “साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2025” और मुन्नी कामत को “साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनकी साहित्यिक रचनाओं और मैथिली साहित्य को समृद्ध करने के लिए दिया गया। दोनों लेखिकाओं ने अपनी कृतियों से मैथिली भाषा की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सम्मान मैथिली साहित्य के लिए गौरव का क्षण है। कौन हैं नेहा झा मणि ?  नेहा झा मणि  जन्म 28 जून 1991 को मधुबनी के मंगरौनी में हुआ था। उनकी माता श्रीमती नूतन झा और पिता प्रकाश मणि झा हैं, जबकि उनके पति राजीव झा हैं। उन्होंने एमबीए (मानव संसाधन) और एमएआर (डायरेक्टर, कुशल गुणिनी) की पढ़ाई की है। नेहा ने हिंदी में ‘इकतारा अहसास’ (2021) और ‘दो साड़ी’ कविता संग्रह, साथ ही मैथिली कविता और बाल साहित्य में रचनाएँ प्रकाशित की हैं। मैथिलि भाषा में नेहा झा मणि को मिला 2025 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, चर्चा में रही ये कविता 2 कौन हैं मुन्नी कामत ?  मुन्नी कामत मधुबनी की रहने वाली हैं रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम विद्यानंद झा और माता का नाम लक्ष्मी देवी है। उन्होंने हिंदी में एमए किया और मैथिली में ‘सूरज मन तरसत आंची’ (2017), ‘अंचरा’ (2019), और ‘चुकका’ (2022) जैसी कृतियाँ प्रकाशित कीं। उन्हें दूधा कवियत्री सम्मान (2017) और राष्ट्रीय साहित्य सम्मान (2019) से नवाजा गया।  इसे भी पढ़ें: मंगल पांडेय को घेरने की तैयारी में जन सुराज पार्टी, पीएम मोदी से हटाने की अपील  जूरी में शामिल थे ये सदस्य  प्रतियोगिता में  विजेताओं के चयन के लिए डॉ अशोक कुमार झा ‘अविचल’; डॉ इन्द्रकांत झा और केदार कानन शामिल थें। विजेताओं को ताम्रफलक (ताम्बे का प्रशस्ति पत्र) और 50 हजार रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी।  The post मैथिलि भाषा में नेहा झा मणि को मिला 2025 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, चर्चा में रही ये कविता appeared first on Naya Vichar.

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Shaitaan 2 की ये होगी कहानी, इस दिन से फ्लोर पर जाएगी अजय देवगन की फिल्म, नए एक्टर्स की एंट्री तय

Shaitaan 2: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की साल 2024 में रिलीज हुई सुपरनैचुरल थ्रिलर शैतान बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही. फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया. इसी को देखते हुए मेकर्स ने सीक्वल बनाने का फैसला किया. अब मोस्ट अवेटेड सीक्वल के रिलीज डेट और शूटिंग शेड्यूल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. शैतान 2 में मूल कलाकारों के साथ नए चेहरे भी होंगे शामिल पिंकविला की रिपोर्ट की मानें तो शैतान 2 में मूल स्टार कलाकारों, अजय देवगन, आर माधवन, ज्योतिका और जानकी बोदीवाला को बनाए रखने के अलावा नए कलाकार भी होंगे. इसके अलावा, काजोल की अपकमिंग रिलीज मां के साथ बड़े पर्दे पर शैतान 2 की ऑफिशियल घोषणा की उम्मीद की जा सकती है. क्या होगी शैतान 2 की कहानी शैतान 2 अपनी पिछली किस्त के विपरीत ओरिजनल सब्जेक्ट पर बेस्ड होगा. सुपरनैचुरल ड्रामा फिलहाल लेखन चरण में है. हालांकि आधार तय हो चुका है, लेकिन पहले भाग को लिखने वाले लेखक आमिल कीन खान को अभी फाइनल ड्राफ्ट करना बाकी है. जहां पहला पार्ट आर माधवन की ओर से अभिनीत काले जादूगर वनराज के क्रोध का सामना करने वाले एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है, सीक्वल कथित तौर पर महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र की बैकग्राउंड पर आधारित होगा, जो बुरी प्रथाओं के लिए बदनाम है. शैतान 2 की शूटिंग कब से होगी शुरू विकास बहल सीक्वल का निर्देशन करने के लिए वापस आएंगे. अजय देवगन की गोलमाल फाइव के तुरंत बाद शैतान 2 के 2026 में फ्लोर पर आने की उम्मीद है. फिल्म को इसकी शूटिंग टाइमलाइन और पोस्ट-प्रोडक्शन के आधार पर 2027 में रिलीज करने की योजना है. अजय देवगन की अपकमिंग फिल्म वर्कफ्रंट की बात करें तो अजय देवगन अगली बार सन ऑफ सरदार 2 और दे दे प्यार दे 2 में नजर आएंगे. जहां पहली फिल्म 25 जुलाई, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, वहीं दूसरी 14 नवंबर, 2025 को रिलीज होगी. अभिनेता सितंबर/अक्टूबर 2025 तक दृश्यम 3 की शूटिंग शुरू करेंगे और 2 अक्टूबर, 2026 को रिलीज करने का लक्ष्य रखेंगे. यह भी पढ़ें- Salman Khan On Sikandar Flop: सलमान खान ने सिकंदर की नाकामी के लिए मजे, Video में देखें क्या कहा The post Shaitaan 2 की ये होगी कहानी, इस दिन से फ्लोर पर जाएगी अजय देवगन की फिल्म, नए एक्टर्स की एंट्री तय appeared first on Naya Vichar.

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रांचीवाले हो जाएं सावधान! भारी से बहुत भारी बारिश का है रेड अलर्ट, DC ने जारी की गाइडलाइंस

Heavy To Extremely Heavy Rain Alert: रांची-मौसम विभाग ने आज यानी बुधवार और कल यानी गुरुवार (18 और 19 जून 2025) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश, तेज हवाओं और आपदा की चेतावनी जारी की गयी है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है. इसके साथ ही संबंधित विभागों को आपातकालीन तैयारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. 19 जून को रांची के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. रेड अलर्ट का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) को निर्देश देते हुए सभी मुखिया समूहों के माध्यम से रेड अलर्ट और सुरक्षा उपायों से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आपातकालीन किट तैयार करने को लेकर निर्देश दिया गया है. ये भी पढ़ें: Ranchi School Closed: 19 जून को बंद रहेंगे रांची के सभी स्कूल, भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर डीसी ने जारी किया आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिए गए निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ/डीएसई) स्कूलों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखें. मौसम की स्थिति के आधार पर स्कूलों को बंद करने या ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन का निर्णय तुरंत लेने के निर्देश दिए गए है. स्कूल परिसरों में जलभराव या अन्य जोखिमों की स्थिति पर त्वरित कार्रवाई करें. क्षेत्रीय निगरानी समितियों को दिए निर्देश क्षेत्रीय निगरानी समितियों (आरएमसी) के साथ मिलकर जाम नालियों, रुके हुए पानी और गिरे हुए पेड़ों की स्थिति पर नजर रखने, जल निकासी की व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की तैयारी रखने को कहा गया है. ट्रैफिक डीएसपी को ये निर्देश पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ट्रैफिक/जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) यातायात की स्थिति पर विशेष ध्यान देने खासकर टूटे हुए वाहनों, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और बारिश के कारण बह गए सड़कों/पुलों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यक संसाधनों को तैनात करें और नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है. जिला प्रशासन का नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश रांची जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें. आपातकालीन स्थिति में नजदीकी प्रशासनिक कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें. अपने घरों में पानी, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा किट और अन्य आवश्यक सामग्री तैयार रखें. सतर्क रहने और स्थिति पर नजर रखने का निर्देश सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है. किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. रांची जिला प्रशासन ने कहा है कि पूरी स्थिति पर नजर है. आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं. ये भी पढ़ें: ‘फिर उगना’ के लिए झारखंड की आदिवासी बिटिया डॉ पार्वती तिर्की को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार The post रांचीवाले हो जाएं सावधान! भारी से बहुत भारी बारिश का है रेड अलर्ट, DC ने जारी की गाइडलाइंस appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: 70 हजार घूस लेते पकड़ा गया क्लर्क, ऐसे हुई गिरफ्तारी

Bihar: शिवहर जिले में एक बार फिर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है. बापूधाम शिवहर से होकर गुजरने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना के मुआवजा वितरण में घूसखोरी का खुलासा हुआ है. निगरानी विभाग ने रिश्वत लेते हुए एक लिपिक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. अन्य अफसरों के शामिल होने की आशंका डीएसपी सागर का कहना है कि इतनी बड़ी रकम की रिश्वत केवल एक लिपिक के स्तर पर ली जा रही हो, यह मानना मुश्किल है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इस घोटाले में कई अन्य अफसर भी शामिल हो सकते हैं. गिरफ्तार लिपिक से जिला अतिथि गृह में घंटों पूछताछ की गई, जिसमें कई नाम सामने आए हैं.  अब आगे और भी लोगों की गिरफ्तारी संभव है. क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि रेलवे परियोजना के लिए शहर और आसपास के इलाकों की जमीन अधिग्रहित की गई थी. अब मुआवजे की राशि जारी की जा रही है. पप्पू तिवारी नामक एक लाभार्थी की 25 डिसमिल जमीन ली गई थी, जिसके बदले उन्हें करीब 35 लाख रुपये मिलना था लेकिन यह रकम पास कराने के बदले लिपिक ने लगातार रिश्वत मांगी. थक-हारकर पप्पू तिवारी ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई. उनका कहना है कि सिर्फ उनसे ही नहीं, बल्कि इस योजना में शामिल 15 से ज्यादा लोगों से भी 2% तक की रिश्वत मांगी गई है.  कई लोगों ने पैसे दिए, तभी उनकी राशि जारी हुई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें शिवहर में सातवीं बड़ी कार्रवाई यह शिवहर जिले में निगरानी विभाग की अब तक की सातवीं कार्रवाई है. साल 2008 में पहली बार तत्कालीन सिविल सर्जन पंचानंद प्रसाद को घूस लेते पकड़ा गया था. इसके बाद कई अन्य अधिकारियों को भी समय-समय पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लिपिक से मिली जानकारी के आधार पर अब अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. (मानसी सिंह की रिपोर्ट) इसे भी पढ़ें: New Train Service: इस रूट पर पहली बार चली ट्रेन, यात्रियों के लिए जल्द शुरू होगी सेवा The post Bihar: 70 हजार घूस लेते पकड़ा गया क्लर्क, ऐसे हुई गिरफ्तारी appeared first on Naya Vichar.

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Best Monsoon Trek In India : एडवेंचर के हैं शौकीन, तो मानसून में कर सकते हैं यहां की ट्रैकिंग

Best Monsoon Trek In India : उत्तराखंड में फूलों से भरी फूलों की घाटी से लेकर कर्नाटक में कुद्रेमुख की हरी-भरी पगडंडियों तक हिंदुस्तान में कई लोकप्रिय मानसून ट्रेक हैं. बारिश के बाद की हरियाली, धुंध भरे पहाड़, झरने से बनने वाले दृश्यों के कारण ये ट्रैक हर प्रकृति प्रेमी और ट्रैकिंग के उत्साही लोगों के लिए एक जीती जागती जन्नत की तरह हैं. फूलों की घाटी, उत्तराखंड Best monsoon trek in india : एडवेंचर के हैं शौकीन, तो मानसून में कर सकते हैं यहां की ट्रैकिंग 7 यूनेस्को का यह विश्व धरोहर स्थल मानसून के दौरान एक जीवंत स्वर्ग में बदल जाता है. खास बात ये है कि उत्तराखंड में स्थित फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान ट्रैकिंग के लिए खुलता ही मानसून के दिनों में है. यहां की ट्रैंकिंग लिए सबसे अच्छा समय मध्य जुलाई से मध्य अगस्त तक है.  फूलों की घाटी दुर्लभ हिमालयी फूलों से ढकी हुई है और ट्रैक के दौरान आसपास के हरे-भरे घास के मैदान, झरने और धुंध भरी चोटियों का नजारा देखने को मिलता है. यह रास्ता मध्यम रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रकृति की फोटोग्राफी के लिए एकदम सही है. हरिश्चंद्रगढ़, महाराष्ट्र यह ट्रेक वेस्टर्न घाट में ट्रेकिंग के लिए बेहद लोकप्रिय है और सभी प्रकार के ट्रैकर्स के लिए मुफीद माना जाता है, लेकिन यह ट्रैक थोड़ा चुनौतीपूर्ण भी है. इस ट्रैक का रास्ता बरसात के मौसम में हरियाली से भरपूर हो जाता है. यहां एक अर्धवृत्ताकार चट्टान है, जो कोंकण क्षेत्र का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है. अहमदनगर जिले में मालशेज घाट पर स्थित एक पहाड़ी किले में जाने वाला यह ट्रैक 4,670 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. हरिश्चंद्रगढ़ ट्रैक में कई मार्ग हैं और प्रत्येक मार्ग ट्रैकर्स को आश्चर्यचकित करता है. यह भी पढ़ें : Summer vacations 2025 : गर्मी की छुट्टी में जा रहे हैं ऋषिकेश, तो कवर कर सकते हैं गढ़वाल हिमालय के ये हिल स्टेशन हम्प्टा पास, हिमाचल प्रदेश Best monsoon trek in india : एडवेंचर के हैं शौकीन, तो मानसून में कर सकते हैं यहां की ट्रैकिंग 8 यह क्रॉस वैली ट्रैक, कुल्लू घाटी को लाहौल के एक खुले परिदृश्य से जोड़ता है. मानसून के दौरान आप यहां जंगली फूलों, नदी पार करने और कभी बादलों से घिरे और कभी सूरज की किरणों से चमकते पहाड़ों के तेजी से बदलते दृश्यों का अनुभव कर सकते हैं, जो इसे अविश्वसनीय रूप खूबसूरत से फोटोजेनिक बनाता है. यह ट्रेक बहुत कठिन नहीं है, लेकिन अप्रत्याशित मौसम यहां रोमांच को बढ़ा देता है. हम्प्टा पास ट्रेकिंग जोबरा नामक स्थान से शुरू होती है, जो मनाली शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर है. कुद्रेमुख, कर्नाटक Best monsoon trek in india : एडवेंचर के हैं शौकीन, तो मानसून में कर सकते हैं यहां की ट्रैकिंग 9 घोड़े के चेहरे जैसा दिखने वाला यह जैव विविधता हॉटस्पॉट बारिश के दौरान बेहद खूबसूरत लगता है. यह रास्ता बारिश से भीगे जंगलों, नदियों और लुढ़कती पहाड़ियों से होकर गुजरता है और लगातार धुंध परिदृश्य में घूमती रहती है. इस ट्रैक के लिए परमिट की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह एक आरक्षित जैव विविधता क्षेत्र है. दरअसल यह ट्रैक कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में स्थित कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान के भीतर है सिंहगढ़ किला, महाराष्ट्र Best monsoon trek in india : एडवेंचर के हैं शौकीन, तो मानसून में कर सकते हैं यहां की ट्रैकिंग 10 यह ट्रैक पुणे के नजदीक है और शुरुआती ट्रेकर्स के लिए एक आदर्श जगह है. यह छोटा और सुंदर ट्रैक है, जिसके रास्ते में आपको हरी-भरी पहाड़ियां, बादल छाए आसमान और झरनों का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है. सिंहगढ़ किला मराठा इतिहास की झलक दिखाता है. पुणे शहर से 40 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित सिंहगढ़ इस क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय ट्रैक में से एक है.  यह भी पढ़ें : Oldest National Park in India : हिंदुस्तान के सबसे पुराने नेशनल पार्क, जहां एक बार सफारी तो बनती है The post Best Monsoon Trek In India : एडवेंचर के हैं शौकीन, तो मानसून में कर सकते हैं यहां की ट्रैकिंग appeared first on Naya Vichar.

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रांची की बारिश में भीगने से बचाएगा आपका स्मार्टफोन, ये Settings बनेंगे आपका सुरक्षा कवच

Monsoon Tips: हिंदुस्तान में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. देश के हर हिस्से में झमाझम बारिश शुरू हो गई है. इस मॉनसून में कब बारिश और तेज हवा चल जाए कोई नहीं कह सकता. ऐसे में अगर आपको भी इस मॉनसून सीजन में रोजाना बाहर निकलना है तो फिर खुद से पहले अपने फोन को इस बारिश के लिए तैयार कर लिजीए. जी हां, अपने फोन में कुछ सेटिंग्स और ऐप्स की मदद से आप खुद को अचानक हुई बारिश से बचा सकते हैं. अपने स्मार्टफोन में इन सेटिंग्स को ऑन कर आप बारिश में फंसने और भीगने जैसी परेशानी से बच सकते हैं. यह भी पढ़ें: मौसम की चाहिए पल-पल की जानकारी! ये ऐप्स आएंगे काम, बारिश हो या आंधी, तुरंत कर देंगे अलर्ट यह भी पढ़ें: बारिश में भीगे फोन को चावल में रखना पड़ जाएगा महंगा, जानिए क्या करें और क्या नहीं फोन के Weather App का यूज करें हर स्मार्टफोन में पहले से ही गूगल वेदर ऐप या फिर कोई भी वेदर ऐप जरूर रहता है. ऐसे में इन मौसम ऐप्स की मदद से आप रियल-टाइम समेत आने वाले दिनों के मौसम का भी हाल जान सकते हैं. इसके लिए बस अपने ऐप की नोटिफिकेशन सेटिंग्स को ऑन कर दें ताकि आपको पल-पल मौसम अलर्ट मिलते रहे. फोन में रखें ‘मौसम’ App अगर आपके फोन में वेदर ऐप नहीं है या वह सही से काम नहीं करता तो आप मॉनसून में मौसम की पल-पल जानकारी रखने के लिए अपने स्मार्टफोन में IMD की ऑफिशियल ऐप ‘मौसम’ को इंस्टॉल कर लें. मौसम ऐप आपको रियल-टाइम अपडेट्स के साथ एक हफ्ते तक के मौसम के मिजाज का हाल भी बता देगा. सबसे खास बात यह है कि, इस ऐप के जरिए आपको सिर्फ बारिश ही नहीं बल्कि तूफान, तेज हवा और ओले गिरने जैसी स्थिति के बारे में भी समय पर अलर्ट दे देगा. लोकेशन ऑन रखना है जरूरी मौसम की पल-पल जानकारी मिलने के लिए अपने फोन के लोकेशन को ऑन रखें,ताकि आपको अपने लोकेशन के हिसाब से मौसम से जुड़ी सही जानकारी मिल सके. मौसम बदलते ही मौसम ऐप या फिर गूगल आपको मौसम अलर्ट भेज देगा. इससे आप मौसम के अनुसार बाहर जाने के प्लानिंग को एडजस्ट कर सकते हैं. होम स्क्रीन पर लगाएं मौसम वाले Widgets अगर आप बार-बार मौसम ऐप को खोलकर मौसम के अपडेट्स नहीं लेना चाहते तो फिर आप अपने फोन के होम स्क्रीन पर मौसम वाला विजेट (Widgets) लगा लें. इससे जैसे ही आप जब-जब अपने फोन के स्क्रीन को टच करेंगे आपको तब-तब रियल-टाइम मौसम की जानकारी, टेंपरेचर और बारिश जैसी संभावना के अपडेट्स दिख जाएंगे. Google को करें कस्टामाइज आप अपने फोन के Google ऐप में कुछ सेटिंग्स को ऑन कर देते हैं तो गूगल आपको मौसम से जुड़ी सारी जानकारी देता रहेगा. इसके लिए बस आपको अपने फोन का लोकेशन ऑन रखना है ताकि आपके लोकेशन के हिसाब से गूगल आपको मौसम की जानकारी दे सकें. इसके लिए अपने फोन के Settings में जाकर Google को “Allow all the time” पर सेट कर दें. इसे ऑन करते ही आपको हर पल मौसम की जानकारी गूगल दे देगा. यह भी पढ़ें: Heavy Rain Alert: आज बारिश होगी या नहीं? ये प्रशासनी ऐप बताएगा मौसम का हाल The post रांची की बारिश में भीगने से बचाएगा आपका स्मार्टफोन, ये Settings बनेंगे आपका सुरक्षा कवच appeared first on Naya Vichar.

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बिहार को मिलेगी नई चमचमाती वंदे भारत ट्रेन, इन दो शहरों के बीच सफर होगा आसान

बिहार: केंद्र की मोदी प्रशासन इन दिनों बिहार पर मेहरबान है. राज्य के लिए केंद्र प्रशासन नई योजनाओं का ऐलान कर रही है. इसी कड़ी में बिहार को 20 जून को एक और वंदे हिंदुस्तान की सौगात मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीवान में होने वाली जनसभा से इस ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसके लिए बुधवार को 8 कोच वाली नई वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेन का रैक पटना पहुंच गया है. इसे फिलहाल राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग कॉम्पलेक्स में मेंटनेंस के लिए रखा गया है.  इन दो शहरों के बीच चलेगी ये ट्रेन अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पटना में इसका संचालन पाटलिपुत्र जंक्शन से किया जाएगा. यह ट्रेन मुजफ्फरपुर, बेतिया, मोतिहारी होते हुए गोरखपुर जाएगी, जिससे उत्तर बिहार के लोगों को भी सेमी हाई स्पीड ट्रेन की सुविधा मिलेगी.  उद्घाटन वाले दिन रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्वागत भी किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय रेलवे प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. ये हो सकता है वंदे हिंदुस्तान का संभावित रूट और टाइमिंग बताया जा रहा है कि 21 जून से गोरखपुर से पाटलिपुत्र के बीच वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इसका टाइम टेबल, किराया और रूट का आधिकारिक शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है. हालांकि, रेलवे बोर्ड को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार यह ट्रेन गोरखपुर से सुबह साढ़े 6 बजे रवाना होगी और कप्तानगंज, नरकटियागंज, बेतिया, बापूधाम मोतिहारी और मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रुकते हुए दोपहर में करीब डेढ़ बजे पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचेगी. बीच में हाजीपुर में भी इसका ठहराव संभव है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें दोपहर 2.30 बजे गोरखपुर के लिए रवाना होगी यह ट्रेन संभावित टाइम टेबल के अनुसार पाटलिपुत्र जंक्शन से वापसी में यह ट्रेन दोपहर में करीब ढाई बजे रवाना होगी और रात में साढ़े 9 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. पटना से गोरखपुर की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है. फिलहाल वंदे हिंदुस्तान ट्रेन से यह सफर 7 घंटे में पूरा होगा. भविष्य में ट्रेन की रफ्तार बढ़ने पर समय घट सकता है. इसे भी पढ़ें: Hajipur: कुएं में गिरा एक बचाने कूदे दो, तीनो की हुई मौत, घटना की जांच में जुटी पुलिस  The post बिहार को मिलेगी नई चमचमाती वंदे हिंदुस्तान ट्रेन, इन दो शहरों के बीच सफर होगा आसान appeared first on Naya Vichar.

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