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June 18, 2025

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Coconut Cookies Recipe: बिना ओवन के बनाएं क्रिस्पी और टेस्टी नारियल के कुकीज, आसान रेसिपी घर पर

Coconut Cookies Recipe: अक्सर लोग मार्किट से महंगी और नॉर्मल स्वाद वाली कुकीज खरीदते हैं. लेकिन क्या आपने कभी घर पर बिना ओवन के टेस्टी और क्रिस्पी नारियल की कुकीज बनाने की सोची है? ये स्वाद में लाजवाब और बनाने में बहुत आसान होती हैं. खासकर नारियल की खुशबू और कुरकुरी मिठास सभी का मन मोह लेती है. तो चलिए, आज हम आपको एक ऐसी रेसिपी बताएंगे जिससे आप घर पर जल्दी और कम खर्च में स्वादिष्ट नारियल कुकीज बना सकेंगे, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आएंगी. सामग्री घी – ½ कप पिसी हुई चीनी – ½ कप गेहूं का आटा – ½ कप मैदा – ½ कप सूखा नारियल (कद्दूकस किया हुआ) – ½ कप बेकिंग पाउडर – ½ छोटी चम्मच विधि सबसे पहले एक बाउल में घी और चीनी डालकर अच्छे से मिलाएं. फिर इस मिश्रण को 4-5 मिनट तक फेंटें जब तक यह फूला और हल्का ना हो जाए. अब इसमें गेहूं का आटा, मैदा, सूखा नारियल (डेसिकेटेड कोकोनट), और बेकिंग पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं और आटा गूंद लें. तैयार आटे के 11-12 बराबर भाग कर लें और हर भाग की छोटी-छोटी गोलियां बना लें. हर गोले को हल्का सा चपटा करें और चारों तरफ से सूखे नारियल में लपेट लें. फिर हल्के हाथों से दबाएं ताकि नारियल अच्छे से चिपक जाए. एक कड़ाही को मध्यम आंच पर रखें. उसमें एक स्टैंड रखें. ढककर 10 मिनट तक प्रीहीट करें. एक मेटल प्लेट को एल्युमिनियम फॉयल से ढककर घी से अच्छे से चिकना करें. इसमें 5-6 कुकीज़ रखें ताकि पकने के लिए जगह मिले. प्लेट को स्टैंड पर रखें. ढक दें और धीमी आंच पर 20 मिनट तक पकाएं. फिर धीरे से पलटें और 2-3 मिनट और पकाएं. कुकीज हल्के सुनहरे हो जाएं तो आंच बंद करें. 10 मिनट तक ढक दें. फिर जालीदार प्लेट पर निकालकर पूरी तरह ठंडा करें. ये भी पढ़ें: Healthy Breakfast Ideas: मिनटों में बनाएं सूजी से बना ये हेल्दी और टेस्टी नाश्ता, बच्चों के टिफिन और ब्रेकफास्ट के लिए परफेक्ट ये भी पढ़ें: Strawberry Ice Cream Recipe: घर पर बनाएं टेस्टी स्ट्रॉबेरी आइसक्रीम, गर्मी में लें ठंडक का मजेदार मजा The post Coconut Cookies Recipe: बिना ओवन के बनाएं क्रिस्पी और टेस्टी नारियल के कुकीज, आसान रेसिपी घर पर appeared first on Naya Vichar.

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Bhojpuri: यश कुमार की नई फिल्म का ट्रेलर रिलीज, ‘रिश्तों की विरासत’ में दिखेगा परिवार और रिश्तों अहमियत

Bhojpuri: भोजपुरी सिनेमा के पॉपुलर एक्टर यश कुमार एक बार फिर दर्शकों के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं. उनकी आने वाली फिल्म ‘रिश्तों की विरासत’ का ट्रेलर यूट्यूब चैनल SRK म्यूजिक पर रिलीज कर दिया गया है. इस फिल्म में परिवार, रिश्ते और उनके बीच के इमोशंस को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है. अब तक भोजपुरी सिनेमा में लव स्टोरी या एक्शन से भरी कहानियां ज्यादा देखने को मिली हैं, लेकिन यह फिल्म एक सच्चे पारिवारिक मुद्दे पर बनाई गई है. क्या है फिल्म की कहानी? ‘रिश्तों की विरासत’ एक ऐसी कहानी है जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति के तीन बेटे होते हैं. उनमें से दो बड़े बेटे अपने पिता की संपत्ति में ही रुचि रखते हैं, जबकि छोटा बेटा परिवार को जोड़े रखने की कोशिश करता है. वह चाहता है कि बंटवारे की बजाय सब साथ रहें. लेकिन मुश्किल तब आती है जब एक दुश्मन उनके परिवार में फूट डालने की कोशिश करता है. फिल्म में छोटे बेटे का किरदार यश कुमार निभा रहे है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यश कुमार अपने परिवार को जोड़ पाते हैं या नहीं. फिल्म के स्टारकास्ट के नाम  फिल्म में जोया खान यश कुमार की लीड एक्ट्रेस के रूप में नजर आएंगी. इसके अलावा फिल्म में कुणाल सिंह, सामर्थ चतुर्वेदी, विद्या सिंह, बलेश्वर सिंह, नीलम पांडे, रतनेश बर्नवाल और रमेश द्विवेदी जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखेंगे. जी रोहित की ओर से निर्देशित इस फिल्म के निर्माता आदर्श उपाध्याय है. फिल्म की कहानी प्राण नाथ ने लिखा है और इसे SRK म्यूजिक के बैनर तले बनाया गया है. परिवार के साथ देखने के लिए यह फिल्म सबसे अच्छी है. यश का किरदार भी बहुत ही मजबूत और इमोशनल है, जो दर्शकों को बहुत पसंद आएगी.  ये भी पढ़ें: Bhojpuri: चोर-पुलिस के स्पोर्ट्स में फंस गए निरहुआ, ‘हमार नाम बा कन्हैया’ के दमदार ट्रेलर में दिखा सस्पेंस-थ्रिलर ये भी पढ़ें: Bhojpuri: खेसारी लाल यादव और पवन सिंह के रिश्ते पर निरहुआ ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘ये सब बातें चर्चा में बने…’ The post Bhojpuri: यश कुमार की नई फिल्म का ट्रेलर रिलीज, ‘रिश्तों की विरासत’ में दिखेगा परिवार और रिश्तों अहमियत appeared first on Naya Vichar.

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Vikas Divyakirti Success Tips: UPSC हो या जिंदगी, हार को हराना सिखाती हैं विकास दिव्यकीर्ति की ये बातें

Vikas Divyakirti Success Tips in Hindi: हर कोई चाहता है कि उसकी मेहनत रंग लाए लेकिन जब बार-बार असफलता मिले तो मन टूटने लगता है. ऐसे समय में अगर कोई हमें सही दिशा दिखा दे, तो हम फिर से उठ सकते हैं. डॉ. विकास दिव्यकीर्ति, जो कि देश के सबसे प्रेरक शिक्षकों में से एक हैं और उन्होंने कई ऐसे सुझाव (Vikas Divyakirti Success Tips) दिए हैं जो किसी भी हताश युवा को दोबारा आत्मविश्वास से भर सकते हैं. गिरना बुरा नहीं, रुके रहना बुरा है (Vikas Divyakirti Success Tips) विकास सर हमेशा कहते हैं कि जिंदगी में गिरना स्वाभाविक है, लेकिन अगर हम वहीं रुक जाएं तो वो असली हार होती है. इसलिए असफलता से डरने की बजाय उससे सीखें और आगे बढ़ें. निरंतरता बनाए रखें, भले ही रफ्तार कम हो (Vikas Divyakirti Success Tips) उनका मानना है कि अगर आप हर दिन थोड़ा-थोड़ा भी आगे बढ़ते हैं, तो भी एक दिन आप अपनी मंज़िल तक जरूर पहुंचेंगे. तैयारी में ब्रेक नहीं आना चाहिए, भले ही आपका मूड खराब हो या दिन खराब जाए. मानसिक शांति और पढ़ाई साथ-साथ (Vikas Divyakirti Success Tips) विकास सर हमेशा छात्रों को मानसिक संतुलन बनाए रखने की सलाह देते हैं. जब दिमाग शांत होता है तभी समझने और याद रखने की क्षमता बढ़ती है. इसलिए नींद, ध्यान और ब्रेक को हल्के में न लें. दूसरों से तुलना नहीं, खुद को बेहतर बनाएं (Vikas Divyakirti Success Tips) वो कहते हैं कि तुम्हारा मुकाबला किसी और से नहीं, कल के अपने आप से है. अगर आप हर दिन खुद को थोड़ा बेहतर बना रहे हैं, तो आप सही रास्ते पर हैं. यह भी पढ़ें- NEET Counselling 2025: कम स्कोर में भी मिल सकता है MBBS में एडमिशन, यहां जान लें पूरा प्रोसेस यह भी पढ़ें- NEET 2025 CutOff: NEET रिजल्ट के बाद क्या करें? Top Colleges में कटऑफ और Admission की जानकारी यहां The post Vikas Divyakirti Success Tips: UPSC हो या जिंदगी, हार को हराना सिखाती हैं विकास दिव्यकीर्ति की ये बातें appeared first on Naya Vichar.

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Crime News: बिहार के गया में सुबह-सुबह हत्या, युवक को पीट-पीट कर मार डाला

Crime News: गयाजी. बिहार में बुधवार की सुबह-सुबह एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. वारदात गयाजी जिले की है. गया जी के मानपुर में युवक की पीट-पीट कर हत्या की गई है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में हुई वारदात से वहां सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोगों पर ही युवक की पिटाई करने का आरोप लगा है. गांव के 26 वर्षीय रौशन कुमार की पीट-पीट कर हत्या हुई है. हत्या के कारणों का अब तक खुलासा नहीं बताया जाता है कि हत्याकांड के बाद मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए हैं. पीड़ित परिवार के लोग हत्या के विरोध में पुलिस के समक्ष हंगामा कर रहे हैं. इधर पुलिस ग्रामीणों को समझने में जुटी है. परिजन शव उठाने का विरोध कर रहे हैं और शव को हटाने नहीं दे रहे हैं. युवक की पीट-पीट कर इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की गई है. अभी इसके बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. Also Read: Bihar Cabinet Meeting: बिहार के 6 शहरों में खुलेंगे एयरपोर्ट, केंद्र प्रशासन से समझौते पर कैबिनेट की मुहर The post Crime News: बिहार के गया में सुबह-सुबह हत्या, युवक को पीट-पीट कर मार डाला appeared first on Naya Vichar.

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वर्षा के जल से दूर होंगे राहु-केतु दोष, होगी धन वृद्धि, करें ये उपाय

Astro Tips from Rain Water: देश के कई हिस्सों में मानसून की शुरुआत हो चुकी है. कुछ ही दिनों में देश भर में बारिश शुरू हो जाएगी. हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में वर्षा को केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि देवी लक्ष्मी की कृपा, जीवन की ऊर्जा और पवित्रता का प्रतीक माना गया है. जब आकाश से गिरती जलधाराएं पृथ्वी को छूती हैं, तो वे शुद्धिकरण और सौभाग्य का संदेश लेकर आती हैं. बारिश का यह जल न सिर्फ वातावरण को निर्मल बनाता है, बल्कि इसमें कई आध्यात्मिक और ज्योतिषीय शक्तियां भी समाहित होती हैं. यदि इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह जीवन में आ रही कई समस्याओं को दूर कर सकता है. वर्षा जल से स्नान का महत्व पहली बारिश का जल इकट्ठा करके स्नान में मिलाएं. इससे शरीर से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और मानसिक संतुलन बेहतर होता है. यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है, जिन्हें शनि, राहु या केतु के दोषों का असर महसूस हो रहा हो. दूसरी जाति के लोगों से विवाह करना सही या गलत घर की ऊर्जा शुद्धि के लिए छिड़काव बारिश का पवित्र जल एक पात्र में लेकर घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थान और कोनों में छिड़कें. इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-शांति बनी रहती है. शनिवार और अमावस्या जैसे विशेष दिनों पर यह उपाय अधिक प्रभावशाली माना गया है. राहु-केतु दोष शांति उपाय यदि कुंडली में राहु या केतु का प्रभाव है, तो वर्षा जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करें. यह उपाय कालसर्प दोष और इन ग्रहों की नकारात्मक दशा को शांत करने में मदद करता है. लक्ष्मी प्राप्ति के लिए प्रयोग श्री यंत्र या लक्ष्मी यंत्र को वर्षा जल से धोकर उसमें केसर या चंदन का तिलक करें. यह आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है. मनोकामना पूर्ण करने हेतु दीपदान बारिश के समय या उसके तुरंत बाद जल में दीपक प्रवाहित करें. यह बाधाओं को दूर करता है और रुके हुए कार्यों में सफलता दिलाता है. The post वर्षा के जल से दूर होंगे राहु-केतु दोष, होगी धन वृद्धि, करें ये उपाय appeared first on Naya Vichar.

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अमन साहू गैंग ने दी कारोबारी बिपिन मिश्रा को जान से मारने की धमकी, कहा – “अगला नंबर तुम्हारा”

Aman Sahu : गैंगस्टर अमन साहू के मौत के बाद गिरोह एक बार फिर से सक्रीय नजर आ रहा है. अमन साहू गिरोह ने रांची के कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा को एक बार फिर से धमकी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट कर बिपिन मिश्रा को धमकी देते हुए कहा, ” जितनी सुरक्षा बढ़ानी है, बढ़ा लो, जेड + सुरक्षा ले लो, उसके बाद हम तुम्हें और तुम्हारे लोगों को मरेंगे.” अमन साहू गैंग ने बिपिन मिश्रा को दी खुली चुनौती और धमकी सोशल मीडिया पोस्ट कर अमन साहू गिरोह ने बिपिन मिश्रा को धमकी देते हुए कहा कि अमन साहू के मौत के बाद बिपिन मिश्रा मार्केट में अनर्गल ब्यान बाजी कर रहा है. उसे लगता है अमन साहू तो मर गया अब गैंग क्या कर लेगा. गैंग ने खुली चुनौती और धमकी देते हुए बिपिन मिश्रा को कहा कि जितनी सुरक्षा बढ़ानी है, बढ़ा लो, इस बार हम तुम्हें और तुम्हारे लोगों को मरेंगे. अमन साहू गैंग का सोशल मीडिया पोस्ट झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें रेलवे साइडिंग पर गोलीबारी का लिया जिम्मा इस पोस्ट के माध्यम से अमन साहू गैंग ने बीते दिनों टोरी रेलवे साइडिंग और भुरकुंडा रेलवे साइडिंग पर हुए गोलीबारी का जिक्र करते हुए कहा कि अगला नंबर बिपिन साहू और उसके साथियों का है. इसके अलावा गैंग ने बिपिन मिश्रा के लिए काम करने वाले कांट्रेक्टर और ट्रांसपोर्टर को भी धमकी दी है. अमन साहू ने दिया है बिपिन मिश्रा को मारने का जिम्मा अमन साहू गैंग ने 7 मार्च को बिपिन मिश्रा पर किये गोलीबारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त बच गये थे, लेकिन अमन साहू ने गैंग के वर्तमान बॉस राहुल सिंह को बिपिन मिश्रा को मारने का जिम्मा दिया है. गैंग ने आगे लिखा कि राहुल सिंह ने बिपिन मिश्रा को मारने का ठाना है, जब तक बिपिन मिश्रा को अमन साहू के पास न पहुंचा दें, तब तक हम चैन की सांस नहीं लेंगे. इसे भी पढ़ें Liquor Scam : पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश गिरफ्तार, 14 दिनों के लिए भेजे गए जेल, मामले में छठी गिरफ्तारी Ranchi News : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के आसपास लगने वाली मांस-मछली की दुकानें होगी बंद! एयरपोर्ट प्रबंधन ने नगर निगम को लिखा पत्र Heavy Rain Alert : झारखंड में मानसून का आगमन, शुरू हुई झमाझम बारिश, रांची में भारी से भारी बारिश की चेतावनी The post अमन साहू गैंग ने दी कारोबारी बिपिन मिश्रा को जान से मारने की धमकी, कहा – “अगला नंबर तुम्हारा” appeared first on Naya Vichar.

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जयंती विशेष : तिलिस्मी ताने-बाने के पहले उपन्यासकार थे देवकीनंदन खत्री

Devkinandan Khatri : ऐसा बहुत कम होता है कि किसी कथाकार की कोई कृति उसके नाम से बड़ी हो जाए, उससे भी ज्यादा प्रसिद्धि पा जाए. परंतु हिंदी के पहले तिलिस्मी उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री ने 1888 में ‘चंद्रकांता’ नामक तिलिस्मी उपन्यास रचा तो कुछ ऐसा ही हुआ. उसकी ऐसे साहित्यानुरागियों से भी जान-पहचान हो गयी, जिनकी खत्री से नहीं थी. यह स्थिति आज भी नहीं बदली है. परंतु उसकी इस लोकप्रियता ने भले ही हिंदी को अनेक नये पाठक व लेखक दिये, खत्री को जितना यश नहीं दिया, उससे ज्यादा ईर्ष्या का शिकार बना डाला. हद तो तब हो गयी जब हिंदी के अपने समय के सबसे समादृत आलोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने यह कहकर उसको साहित्य की कोटि में रखने से ही इनकार कर दिया, कि भले ही उसने प्रकाशित होते ही सर्वसाधारण में धूम मचा दी, वास्तव में उसमें घटना प्रधान कथानक या किस्से ही हैं, जीवन के विविध पक्षों के चित्रण का कोई प्रयत्न नहीं. यह तब था, जब आचार्य शुक्ल खुद भी स्वीकारते थे कि इस उपन्यास की मार्फत खत्री ने हिंदी साहित्य को जितने पाठक दिये, किसी और ग्रंथकार ने नहीं दिये. बहुत से लोगों ने तो ‘चंद्रकांता’ पढ़ने के लिए ही हिंदी सीखी. शुक्ल के अनुसार, ये नये पाठक ‘चंद्रकांता’ पढ़कर हिंदी के दूसरे लेखकों की अन्य प्रकार की रचनाएं पढ़ने की ओर भी उन्मुख हुए और अभ्यास होने पर स्वयं भी कुछ न कुछ लिखने लगे. दुनिया की किसी भी अन्य भाषा में ऐसी मिसाल नहीं होगी कि उसकी इतनी सेवा करने वाली कृति को साहित्य का हिस्सा मानने से ही इनकार कर दिया जाए. वह भी तब जब उसका असर इतना व्यापक हो चुका हो कि आगे चलकर दूसरे कृतिकार उसी तर्ज पर उसकी जैसी कई और कृतियों के सृजन की कवायद में लग गये हों. यहां यह मान लेना भी सही नहीं कि आचार्य शुक्ल ने ही ‘चंद्रकांता’ की सबसे निर्मम आलोचना की. उसकी लोकप्रियता से ईर्ष्यालु कई अन्य महानुभावों ने उनसे पहले ही खत्री पर आक्षेपों व आरोपों की झड़ी लगा रखी थी. इनमें सबसे बड़ा आक्षेप इस प्रश्न के रूप में था कि ‘चंद्रकांता’ के कथानक में तिलिस्म का जो ताना-बाना बुना गया है, क्या वह किसी भी तरह संभव है? यदि नहीं, तो क्या उसमें ‘असंभाव्यं न वक्तव्यम् प्रत्यक्षमपि दृश्यते’ (असंभव आंखों देखा हुआ हो तो भी साहित्य में उसका वर्णन निषिद्ध है) की परंपरागत कसौटी का उल्लंघन नहीं हुआ है? खत्री ने इस आक्षेप के उत्तर में लिखा था कि जिस प्रकार ‘पंचतंत्र’ व ‘हितोपदेश’ आदि बालकों की शिक्षा के लिए लिखे गये, उसी प्रकार ‘चंद्रकांता’ मनोविनोद के लिए लिखा गया है. इसी जवाब में उन्होंने यह भी लिखा था कि कल्पना का मैदान बहुत विस्तृत है और ‘चंद्रकांता’ उसका बहुत छोटा-सा नमूना है. (फिर) कौन-सी बात संभव हो सकती है और कौन नहीं, इसका विचार प्रत्येक मनुष्य की योग्यताओं, देश-काल और पात्रों से संबंध रखता है. साधारण लोगों की दृष्टि में जो असंभव है, कवियों की दृष्टि में भी वह असंभव ही रहे, यह कोई नियम की बात नहीं. तब खत्री के कई पाठक व प्रशंसक भी उनके समर्थन में आगे आये थे. इसके बावजूद उनके विरुद्ध आपत्ति थमने को नहीं आयी थी. कई आलोचकों को उनकी भाषा को लेकर भी गंभीर आपत्ति थी. कई ने तो उनकी हिंदी को साहित्यिक हिंदी मानने से ही इनकार कर दिया और यह तक कह दिया था कि उन्होंने जो भाषा लिखी है, वह हिंदी नहीं बल्कि हिंदुस्तानी है और ‘चंद्रकांता’ जैसी हल्की रचनाओं में ही काम आ सकती है. दिलचस्प यह कि खत्री अपनी भाषा की आलोचनाओं को चुपचाप नहीं सह गये थे. पलटवार करते हुए उन्होंने कहा था कि उनके बजाय उक्त महानुभावों ने ही हिंदी के प्रचलित स्वरूप की ओर ध्यान नहीं दिया है. इसके चलते वे अपठनीय हो गये हैं और निराश होकर ‘चंद्रकांता’ पर भड़ास निकाल रहे हैं. खत्री की बात इसलिए ज्यादा तार्किक लगती है कि ‘चंद्रकांता’ के वक्त तक हिंदी गद्य का कोई स्वरूप स्थिर नहीं हुआ था. उसका एक रूप हिंदुस्तानेंदु और उनकी मंडली द्वारा ‘प्रवर्तित’ था, तो दूसरा राजा लक्ष्मण प्रसाद और तीसरा राजा शिवप्रसाद सितारेहिंद द्वारा. खत्री को इनमें से किसी के भी मठ में शरण लेना गवारा नहीं था. खत्री को संभवतः शुरू में लगा था कि हिंदी जगत में एक से बढ़कर एक दिग्गज कथाकार के रहते वे उसके परिष्कृत रुचियों वाले सुसंस्कृत पाठकों के बीच अपेक्षित स्वीकृति नहीं पा सकेंगे. बाद में उनको आशातीत स्वीकृति मिलने लगी तो उन्होंने अपने उपन्यासों के तिलिस्म का ही नहीं, अपनी भाषा का भी विकास व परिष्कार किया था. अफसोस की बात है कि इसके बावजूद हिंदी के आलोचकों ने उनको उनका प्राप्य नहीं पाने दिया. यह और बात है कि अनेक आलोचनाओं से गुजरकर ‘चंद्रकांता’ ने मील के ऐसे पत्थर गाड़ दिये कि किसी के लिए भी उन्हें उखाड़ना संभव नहीं हुआ. दूसरे शब्दों में कहें, तो इन आलोचनाओं ने उनके व्यक्तित्व को इस तरह निखारा कि हिंदी अब तक न उनका जोड़ पैदा कर पायी, न ही ‘चंद्रकांता’ का. The post जयंती विशेष : तिलिस्मी ताने-बाने के पहले उपन्यासकार थे देवकीनंदन खत्री appeared first on Naya Vichar.

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Aadhaar को लेकर बड़ा अपडेट, पूरे देश में लागू होगा डिजिटल e-Aadhaar सिस्टम

UIDAI e-Aadhaar 2025 Update: आधार सेवाओं को अधिक सिटीजन फ्रेंडली और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, हिंदुस्तानीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) नवंबर 2025 तक ई-आधार प्रणाली का एक बड़ा अपडेट लाने की तैयारी कर रहा है. इस बदलाव के बाद आधार कार्ड की फोटोकॉपी की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और व्यक्तिगत जानकारी को अपडेट करने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया जाएगा. एक समाचार संगठन से बात करते हुए UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा, आप जल्द ही फिंगरप्रिंट और आईरिस देने को छोड़कर बाकी सब कुछ घर बैठे कर सकेंगे. UIDAI e-Aadhaar का नया अपडेट 2025 के अंत तक हिंदुस्तान में पूरी तरह लागू हो जाएगा. अब आधार कार्ड की फोटोकॉपी की जरूरत खत्म होगी और लोग अपने दस्तावेजों को QR कोड आधारित डिजिटल e-Aadhaar के जरिए साझा कर सकेंगे. आइए जानते हैं इसकी खास बातें- UIDAI e-Aadhaar 2025 Update: खास खूबियां क्या होंगी? अब फुल और मास्क्ड वर्जन Aadhaar को डिजिटल रूप से साझा किया जा सकेगा, यूजर की स्वीकृति के साथ. घर बैठे आधार अपडेट होंगे- जैसे नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर. बायोमेट्रिक अपडेशन को छोड़कर सब कुछ होगा ऑनलाइन. UIDAI 1 लाख नयी मशीनें लगाने की तैयारी में है. यह प्रणाली CBSE, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, MNREGA जैसे डेटाबेस से जुड़ रही है. UIDAI e-Aadhaar 2025 Update: सुरक्षा और गोपनीयता की बात प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में QR कोड से पहचान सत्यापन संभव होगा. नकली पहचान और धोखाधड़ी पर लगाम कसने की दिशा में बड़ा कदम. होटल व अन्य व्यवसायिक संस्थान भी इस सिस्टम को अपनाएंगे. UIDAI e-Aadhaar 2025 Update: बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट पर जोर बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर एक और बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है.UIDAI का अनुमान है कि 5-7 वर्ष की आयु के लगभग 8 करोड़ बच्चों और 15-17 वर्ष के करीब 10 करोड़ किशोरों को अपने बायोमेट्रिक विवरण अपडेट करने की आवश्यकता है.CBSE और अन्य शिक्षा बोर्डों के साथ मिलकर UIDAI स्कूलों में जागरूकता और अपडेट अभियान चलाएगा ताकि नये मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके. UIDAI e-Aadhaar 2025 Update: आधार के उपयोग को विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार UIDAI सुरक्षा एजेंसियों, होटल उद्योग और अन्य प्रशासनी विभागों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि उन क्षेत्रों में भी आधार का इस्तेमाल बढ़ाया जा सके जहां यह अभी अनिवार्य नहीं है. इसका उद्देश्य हिंदुस्तान में आधार को एक सुरक्षित और डिजिटल पहचान सेवा का केंद्र बिंदु बनाना है. The post Aadhaar को लेकर बड़ा अपडेट, पूरे देश में लागू होगा डिजिटल e-Aadhaar सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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आग का बवंडर, मुस्लिम देश में खौफनाक मंजर… अचानक आसमान से क्यों लौटा Air India का विमान

Air India Flight: एयर इंडिया की फ्लाइट से सफर कर रहे यात्रियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. मंगलवार रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) से बाली के लिए रवाना हुई फ्लाइट AI2145 को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा. कारण बना इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट जिसकी जानकारी उड़ान के दौरान ही कैप्टन को मिली. टेकऑफ के बाद बदली दिशा, 3 घंटे आसमान में भटकता रहा विमान एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट रात करीब 10:30 बजे टेकऑफ हुई थी और कुछ ही देर में मध्य प्रदेश के हनुमाना क्षेत्र के आसमान में पहुंची. तभी कैप्टन को सूचना मिली कि बाली एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है, जिससे उड़ान भरने या उतरने में खतरा हो सकता है जानकारी मिलते ही कैप्टन ने एहतियातन विमान को लैंडिंग के बजाय हवाई चक्कर लगाकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करने का फैसला किया. फ्लाइट ने हनुमाना, सीधी, गरही और उचक्‍कर जैसे इलाकों के आसमान में कई बार चक्कर लगाए. कई राज्यों के आसमान में मंडराता रहा विमान इसके बाद फ्लाइट ने प्रयागराज, हरचंदपुर, कानपुर, फिरोजाबाद, पटौदी होते हुए हरियाणा के झज्जर पहुंचकर वहां भी पांच से छह बार चक्कर लगाए. जींद के ऊपर एक और चक्कर लगाने के बाद इसे दिल्ली लौटने का निर्णय लिया गया,. सुरक्षित लौटे सभी यात्री करीब तीन घंटे तक आसमान में मंडराने के बाद फ्लाइट को बुधवार तड़के करीब 1 बजे IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया. सभी यात्रियों को सुरक्षित डिबोर्ड कराया गया है और किसी तरह की अनहोनी की सूचना नहीं है. फिर सवालों में एयर इंडिया की व्यवस्थाएं हाल के दिनों में एयर इंडिया की उड़ानों में तकनीकी या संचालन संबंधी परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं. यह ताजा घटना यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है, हालांकि इस बार कैप्टन की सतर्कता ने बड़ी घटना को टाल दिया. The post आग का बवंडर, मुस्लिम देश में खौफनाक मंजर… अचानक आसमान से क्यों लौटा Air India का विमान appeared first on Naya Vichar.

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महिला को मुखाग्नि देने का अधिकार किसे है – पति,बेटा या …

Last Rites for Women: जीव 84 लाख योनियों में भटकने के बाद जब मनुष्य जन्म पाता है, तो यह जीवन उसे ईश्वर की कृपा से मिलता है. जन्म लेने से पूर्व वह भगवान से वादा करता है कि धरती पर आकर वह उनकी भक्ति करेगा, पूजा-पाठ में लीन रहेगा और मोक्ष का मार्ग अपनाएगा. लेकिन जैसे-जैसे वह संसार में बड़ा होता है, वैसे-वैसे भगवान की भक्ति को भूलता जाता है. सांसारिक मोह-माया, लोभ और इच्छाएं उसे घेर लेती हैं, और वह ईश्वर की साधना से दूर हो जाता है. यही मानव जीवन की सबसे बड़ी विडंबना है. प्रक्रिया में मृतक को अग्नि देने की परंपरा को ‘मुखाग्नि’ कहते हैं. परंपरागत मान्यता के अनुसार, मुखाग्नि देने का अधिकार सबसे पहले पुत्र को दिया गया है, विशेष रूप से ज्येष्ठ पुत्र को. लेकिन जब किसी स्त्री का निधन होता है, तो यह सवाल उठता है कि उसे मुखाग्नि कौन दे सकता है – पति, बेटा या कोई अन्य परिजन? Garud Puran: दूसरी जाति के लोगों से विवाह करना सही या गलत, जानिए क्या कहता है गरुड़ पुराण  धार्मिक शास्त्रों में कही गई ये बात धार्मिक शास्त्रों में यह कहीं स्पष्ट नहीं कहा गया है कि स्त्री को केवल पुत्र ही मुखाग्नि दे सकता है. हां, समाज में लंबे समय तक यह परंपरा जरूर रही है कि मुखाग्नि पुरुष सदस्य ही दें. लेकिन जैसे-जैसे समय और सोच में बदलाव आया, इस परंपरा में भी लचीलापन देखने को मिला है. यदि स्त्री के पुत्र मौजूद हों, तो मुखाग्नि का दायित्व प्रायः उन्हीं को दिया जाता है. लेकिन यदि पुत्र अनुपस्थित हो या संतान न हो, तो पति को यह अधिकार मिलता है. कई धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में उल्लेख है कि पति भी पत्नी को मुखाग्नि दे सकता है. महाहिंदुस्तान और गरुड़ पुराण जैसे ग्रंथों में इसके उदाहरण मिलते हैं. सामाजिक व्यवस्था में हुआ बदलाव वर्तमान समय में सामाजिक व्यवस्था में बदलाव के साथ यह अधिकार भाई, भतीजा, दामाद और यहां तक कि बेटी को भी दिया जाने लगा है. आज कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां बेटियों ने अपनी मां को मुखाग्नि दी और समाज ने उसे सम्मानपूर्वक स्वीकार भी किया. धर्म का सार श्रद्धा और कर्तव्य में निहित है. इसलिए यदि कोई निकट संबंधी पूरी श्रद्धा से यह अंतिम कर्तव्य निभाना चाहता है, तो वह धार्मिक रूप से मान्य माना गया है. निष्कर्ष के रूप में, स्त्री को मुखाग्नि देने का अधिकार सबसे पहले पुत्र को है, परंतु परिस्थिति के अनुसार पति, अन्य पुरुष परिजन या बेटी भी यह कर्तव्य निभा सकते हैं. यह एक सकारात्मक बदलाव है, जो परंपरा और आधुनिक सोच के संतुलन को दर्शाता है. The post स्त्री को मुखाग्नि देने का अधिकार किसे है – पति,बेटा या … appeared first on Naya Vichar.

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