Hot News

June 18, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar: हद है, पुलिस थाने से ही चोरी हो गयी कार, CCTV में कैद हुआ चोर

Bihar: मुजफ्फरपुर जिले के रामपुर हरि थाना परिसर से शराब मामले में जब्त लग्जरी कार चोरी हो गयी है. घटना मंगलवार की देर रात दो बजे के आस पास की है. चोर आसानी से कार का लॉक तोड़ उसमें चाबी लगाकर थाना परिसर से लेकर फरार हो गया. लेकिन, ओडी में तैनात पुलिस पदाधिकारी व संतरी ड्यूटी में तैनात सिपाही को इसकी भनक तक नहीं लगी है. घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है. लेकिन, कैमरे का एंगल सही नहीं होने का कारण चोर का हुलिया स्पष्ट नहीं आया है. पुलिस चोरों की पहचान में जुटी है.  11 जून को पुलिस ने जब्त की थी कार  जानकारी हो कि, रामपुर हरी थाने की पुलिस ने बीते 11 जून को टेंगराहा गोसाईपुर (मल्ल टोली) से नेपाली ब्रांड की शराब लोड एक लक्जरी कार को जब्त किया था. पुलिस की छापेमारी के दौरान धंधेबाज अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकला था. मामले में जमादार दिलीप कुमार यादव के बयान पर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसमें बताया था कि 11 जून की रात्रि में गुप्त सूचना मिली थी कि शराब धंधेबाज संतोष कुमार यादव उर्फ मिठाईलाल अपने काला रंग के लक्जरी कार में शराब रखे हुए है, इसकी खरीद- बिक्री करने जा रहा है. जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर उस कार को पकड़ा था. गाड़ी की चाभी लेकर फरार हो गया था माफिया तलाशी के दौरान कार से करीब 54 लीटर नेपाली ब्रांड की विदेशी शराब जब्त की गई थी. शराब माफिया कार की चाभी लेकर फरार हो गया था. इसके बाद पुलिस कार को क्रेन से टोचन करके थाने लायी थी. कार को थाने परिसर के फ्रंट में ही खड़ा किया गया था. शराब बरामदगी के दौरान पुलिस ने धंधेबाज संतोष कुमार यादव उर्फ मिठाईलाल, जब्त कार बीआर 01 सीए 8310 के मालिक व चालक और फास्ट टैग नंबर 606986015- 0602746 के धारक को आरोपी किया गया था. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ओडी पदाधिकारी व संतरी ड्यूटी पर होगी कार्रवाई: एसएसपी वहीं, इस पूरे मामले पर मुजफ्फरपुर के एसएसपी ने कहा कि 11 जून को शराब से लदी एक कर को जब्त किया गया था. बीती रात रामपुर हरि थाना परिसर से चोरी हो गई है. चोर सीसीटीवी में कैद हो गया है. उसके आधार पर चोर की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है. ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले ओडी पदाधिकारी व संतरी में तैनात सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर: लोको पायलट की पत्नी गयी थी मायके, बंद घर से छह लाख की ज्वेलरी हो गयी चोरी The post Bihar: हद है, पुलिस थाने से ही चोरी हो गयी कार, CCTV में कैद हुआ चोर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बस अड्डों पर निर्माण से बदली रूट व्यवस्था: प्रयागराज में सीएमपी कॉलेज और शंकरघाट से चलेगी हर रूट की बस

Prayagraj Roadways News: प्रयागराज में रोडवेज बस संचालन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. अब लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर समेत कई रूटों की बसें सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने से चलेंगी. इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन और व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं. अधिकारियों के अनुसार, आठ से दस दिनों के भीतर यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को अस्थायी रूप से नए स्थान से बसें मिलेंगी. केपी इंटर कॉलेज के पास ट्रस्ट की जमीन पर बनेगा अस्थायी बस अड्डा सिविल लाइंस और जीरो रोड बस अड्डे को अस्थायी रूप से शिफ्ट करने की योजना पर काम शुरू हो गया है. अब इन दोनों बस अड्डों को केपी इंटर कॉलेज के बगल में स्थित ट्रस्ट की खाली जमीन पर स्थानांतरित किया जा रहा है. यहां बाउंड्री गिराने, जमीन समतल करने और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन और ट्रस्ट के बीच समझौता भी हो चुका है. बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म का होगा निर्माण सिविल लाइंस और जीरो रोड बस अड्डों पर पुनर्विकास कार्य के तहत अत्याधुनिक बहुमंजिला भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, प्लेटफार्म, एटीएम और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इस प्रोजेक्ट को लेकर ओमेक्स कंपनी द्वारा कार्य प्रारंभ किया जाना है. यह प्रक्रिया शुरू होते ही पुराने बस अड्डों का संचालन बंद कर अस्थायी स्थानों से बसें चलाई जाएंगी. शंकरघाट में भी विकसित होगा नया अस्थायी बस अड्डा प्रशासन द्वारा तेलियरगंज स्थित शंकरघाट (पिताम्बर नगर) में भी नजूल भूमि पर अस्थायी बस अड्डा बनाने की तैयारी है. केपी इंटर कॉलेज के पास सीमित स्थान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. शंकरघाट से प्रतापगढ़, अयोध्या, लखनऊ रूट की बसों का संचालन किया जाएगा. यानी आने वाले दिनों में शहर में दो अस्थायी बस अड्डे काम करेंगे. सिविल लाइंस बस अड्डा परिसर से संचालित होती हैं तीन डिपो की बसें सिविल लाइंस परिसर से फिलहाल सिविल लाइंस, प्रयाग और लीडर रोड डिपो की बसें चलती हैं. सिविल लाइंस डिपो से वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ के लिए बसें चलाई जाती हैं, जबकि प्रयाग डिपो से लखनऊ और लीडर रोड डिपो से कानपुर रूट की बसें संचालित होती हैं. पुनर्विकास कार्य के चलते इन सभी बसों को अस्थायी बस अड्डों पर स्थानांतरित किया जा रहा है. प्रयागराज जंक्शन के सामने से चलेगी लीडर रोड डिपो की बसें पुनर्विकास कार्य के चलते लीडर रोड डिपो की बसों का संचालन प्रयागराज जंक्शन के सामने से किया जाएगा. पहले भी यहीं से दिल्ली और कानपुर रूट की बसें चलती थीं. रोडवेज प्रबंधन ने यहां ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए खुसरोबाग गेट के पास बसों की पार्किंग का प्रस्ताव भी तैयार किया है. जून माह के अंत तक यह व्यवस्था लागू हो जाएगी. यात्रियों को असुविधा से राहत देने की तैयारी मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस अड्डा स्थानांतरण कार्य की समीक्षा की. डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने ट्रस्ट के साथ हुए समझौते की जानकारी दी. वहीं क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र सिंह ने बताया कि टॉयलेट, यूरिनल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के बाद अस्थायी अड्डे से बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. The post बस अड्डों पर निर्माण से बदली रूट व्यवस्था: प्रयागराज में सीएमपी कॉलेज और शंकरघाट से चलेगी हर रूट की बस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand High Court: गैंगस्टर अमन साव मुठभेड़ में क्यों दर्ज नहीं की गयी ऑनलाइन FIR? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Jharkhand High Court: रांची, राणा प्रताप-झारखंड हाईकोर्ट ने मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर अमन साव की मां की चिट्ठी पर स्वत: संज्ञान से दर्ज याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद व जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी व प्रशासन का पक्ष सुना. खंडपीठ ने मौखिक रूप से प्रशासन से पूछा कि परिजन की ओर से एफआईआर के लिए ऑनलाइन शिकायत दी गयी थी. उसे अब तक रजिस्टर्ड क्यों नहीं किया गया? एफआईआर दर्ज करने में क्यों देरी की जा रही है? खंडपीठ ने पूरे मामले में राज्य प्रशासन को जवाब दायर करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की. ऑनलाइन शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने फ्रेश हस्तक्षेप याचिका (आइए) याचिका दायर की. उन्होंने बताया कि परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए ऑनलाइन शिकायत दी थी, लेकिन उसे अब तक रजिस्टर्ड नहीं किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के छह न्यायाधीशों के फैसले के बाद ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकता है. अमन साव के मुठभेड़ को फर्जी बतानेवाली शिकायत पर प्रशासन प्राथमिकी दर्ज नहीं करना चाहती है. वह मामले में देरी कर रही है, ताकि उच्च पदस्थ आरोपी सबूतों को नष्ट कर सकें. मामले में देरी होने से कई साक्ष्य प्रभावित होंगे. कॉल ड्रॉप के रिकॉर्ड मिलने का समय समाप्त हो जाने से कंपनी से इस संबंध में जानकारी नहीं मिल पायेगी. ये भी पढ़ें: कौन हैं डॉ पार्वती तिर्की? हिन्दी कविता संग्रह ‘फिर उगना’ के लिए मिलेगा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार अमन साव मुठभेड़ की सीबीआई जांच की मांग अमन साव को रायपुर (छत्तीसगढ़) से लेकर जिस रास्ते से पुलिस झारखंड ला रही थी, वह रायपुर से आने का रास्ता नहीं है. मामले में जवाब दायर करने के लिए प्रशासन को बहुत समय मिल गया है. अब उसे अधिक समय नहीं देना चाहिए. वहीं राज्य प्रशासन की ओर से तीन सप्ताह का समय देने का आग्रह किया गया. अमन साव की मां ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था. उस पत्र पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई कर रही है. 11 मार्च को पलामू में पुलिस द्वारा अमन साव के कथित मुठभेड़ की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गयी है. ये भी पढ़ें: Hemant Soren Gift: IT में करियर की ऊंची उड़ान की राह हुई आसान, हेमंत सोरेन ने झारखंड के युवाओं को दी शानदार सौगात The post Jharkhand High Court: गैंगस्टर अमन साव मुठभेड़ में क्यों दर्ज नहीं की गयी ऑनलाइन FIR? हाईकोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Muzaffarpur Weather: मुजफ्फरपुर में मानसून ने दी दस्तक, बादलों के बीच तापमान में गिरावट से राहत

Muzaffarpur Weather: शहरवासियों के लिए लंबे समय बाद बुधवार का दिन राहत भरा रहा, जब बहुप्रतीक्षित मानसून ने अपनी दस्तक दे दी. दिन भर आसमान में बादलों का डेरा रहा, जिससे सूरज की तपिश से काफी हद तक निजात मिली और तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गयी. शाम होते-होते शहर के अधिकांश हिस्सों में हल्की बूंदा-बांदी देखने को मिली, जिसने मौसम को और भी सुहावना बना दिया.  अगले 48 घंटे के दौरान अच्छी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ने पूरी तरह से प्रवेश कर लिया है. विभाग ने अगले 48 घंटों में उत्तर बिहार के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना जतायी है. जिससे किसानों और आम जनता को काफी उम्मीदें हैं. बुधवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा. वहीं, न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी हल्की ठंडक महसूस हुई. हवा की गति 18.9 किलोमीटर प्रति घंटा रही और हवा की दिशा पुरवा रही, जो मॉनसून के आगमन का एक और संकेत है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जलस्तर में होगा सुधार  विशेषज्ञों के अनुसार मॉनसून के आगमन से न केवल गर्मी से राहत मिली है, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी यह एक अच्छे संकेत है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी, जिससे जलस्तर में सुधार होगा और फसलों को भी फायदा मिलेगा. इसे भी पढ़ें: बिहार को मिलेगी नई चमचमाती वंदे हिंदुस्तान ट्रेन, इन दो शहरों के बीच सफर होगा आसान The post Muzaffarpur Weather: मुजफ्फरपुर में मानसून ने दी दस्तक, बादलों के बीच तापमान में गिरावट से राहत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar: मानसून के दौरान सेकेंड्री लोडिंग पॉइंट्स से होगी बालू की आपूर्ति

Bihar Monsoon News: मानसून अवधि (15 जून से 15 अक्टूबर) के दौरान राज्य के सभी घाटों पर बालू खनन पूरी तरह बंद रहेगा. इस दौरान बालू की आपूर्ति केवल सेकेंड्री लोडिंग पॉइंट्स और के-स्टॉकिस्ट लाइसेंस के माध्यम से होगी, ताकि आम जनता और कार्य विभागों को बालू निर्बाध रूप से उपलब्ध हो. असंचालित घाटों सहित सेकेंड्री लोडिंग पॉइंट्स की होगी वीडियोग्राफी खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों को संचालित और असंचालित घाटों सहित सेकेंड्री लोडिंग पॉइंट्स की ड्रोन वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है. यह कदम नदियों में बालू के पुनर्भरण का सटीक आकलन करने में मदद करेगा, जिससे भविष्य में घाटों की नीलामी और बंदोबस्ती को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा. मंत्रिपरिषद से प्रस्ताव स्वीकृत  विभाग ने केंद्रीय एजेंसी सीएमपीडीआई से बालू पुनर्भरण अध्ययन के लिए मंत्रिपरिषद से प्रस्ताव स्वीकृत कराया है. यह अध्ययन वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से बालू के पुनर्भरण का आकलन करेगा, जिससे खनन प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सकेगा.  जिलाधिकारियों को दिया निर्देश  अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए कठोर कार्रवाई करते हुए, विभाग ने छापेमारी में जब्त बालू को शेड्यूल रेट पर कार्य विभागों को उपलब्ध कराने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया है. साथ ही, 19 जून 2025 को पटना में सभी जिला खनन पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें वैध खनन को सुगम बनाने और जनता को असुविधा से बचाने पर चर्चा होगी. इसे भी पढ़ें: खान सर के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज, आप सांसद संजय सिंह से बंद कमरे में की मुलाकात पर्यावरण संरक्षण को दी जाएगी प्राथमिकता खान एवं भूतत्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों के लिए बालू की कमी होने पर उपभोक्ता अपने जिले के जिला खनन पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. इनके संपर्क नंबर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. कार्य विभागों को बालू की कमी से बचाने के लिए खनन विभाग घाटों का बंदोबस्त करने को तैयार है और इस संबंध में सभी कार्य विभागों को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है. विभाग का लक्ष्य है कि राज्य में विकास कार्य बिना रुकावट जारी रहें और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए. The post Bihar: मानसून के दौरान सेकेंड्री लोडिंग पॉइंट्स से होगी बालू की आपूर्ति appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Politics: प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर कसा तंज, बोले- बच्चों की चिंता क्या होती है, ये कोई लालू जी से सीखे

Bihar Politics: जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बुधवार को ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर और मांझा प्रखंड में पहुंचे थे, जहां पर प्रशांत किशोर ने बिहार बदलाव सभा को संबोधित किया. प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं पिछले तीन साल से बिहार के गांव-गांव घूम रहा हूं, लेकिन कई बच्चों के शरीर पर सूती कपड़ा या पैरों में चप्पल नहीं है. इसीलिए आपको अपने बच्चों की चिंता करनी है, कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा. प्रशांत किशोर ने दो हजार रुपये मासिक पेंशन देने का किया ऐलान प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों को लालू जी से सीखना चाहिए कि बच्चों की चिंता क्या होती है. उन्होंने कहा कि लालू जी के बेटे ने 9वीं पास भी नहीं किया है, फिर भी वह चाहते हैं कि उनका बेटा राजा बने और दूसरी तरफ बिहार के लोग, जिनके शिशु मैट्रिक, बीए, एमए कर चुके हैं, फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है. प्रशांत किशोर ने गोपालगंज की जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि जनसुराज दिसंबर 2025 से 60 साल से ऊपर के हर पुरुष और स्त्री को 2000 रुपये मासिक पेंशन देगा. इस साल छठ के बाद बिहार के युवाओं को 10-12 हजार रुपये की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा. नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें बिहार के प्रशासनी विद्यालयों में जब तक सुधार नहीं हो जायेगा, तब तक आप अपने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाएं और उनकी फीस प्रशासन भरेगी ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके. अगली बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें. बिहार में व्यवस्था परिवर्तन कर जनता का राज स्थापित करने के लिए नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें. प्रशांत किशोर ने भाजपा के आरोपों पर किया पलटवार पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल द्वारा जन सुराज और प्रशांत किशोर पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि इनके आकाओं और नेताओं को हमने ही सोशल मीडिया सिखाया है, इन्हें सोशल मीडिया का कोई ज्ञान नहीं है. ये जो आरोप लगा रहे हैं वो इनकी अपनी मूर्खता को दर्शाता है, क्योंकि जिस फेसबुक ग्रुप की बात ये कर रहे हैं उसे भाजपा के दो लोग 2016 से चला रहे हैं और ग्रुप में कोई भी पोस्ट कर सकता है. बिहार और दिल्ली में इनकी प्रशासन है, इसलिए जांच करानी है तो करवा लीजिए. उन्होंने दिलीप जायसवाल को चुनौती दी कि अगर उनके आरोप सही साबित हुए तो मैं नेतृत्व छोड़ दूंगा. लेकिन अगर दिलीप जायसवाल के आरोप गलत साबित हुए तो उन्हें बिहार के युवाओं से माफी मांगनी पड़ेगी. Also Read: गोपालगंज पुलिस ने जिसे पकड़ा, उसे बेरहमी से पीटा, यूपी के मजदूर की मौत, कई स्त्रीएं और शिशु जख्मी The post Bihar Politics: प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर कसा तंज, बोले- बच्चों की चिंता क्या होती है, ये कोई लालू जी से सीखे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इजराइल-ईरान की बमबारी से बमक गई चांदी, तोड़ दिया 2012 का रिकॉर्ड

Silver Hits Record: इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया भर के बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है. इसी भू-नेतृत्वक अस्थिरता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है, जिसका असर हिंदुस्तानीय सर्राफा बाजार में साफ देखा जा रहा है. दोनों देशों की इस जंग के बीच दिल्ली के सर्राफा बाजार में सफेद धातु चांदी ने रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी से एक नया इतिहास रच दिया है. बुधवार को चांदी की कीमत 1,000 रुपये बढ़कर 1,08,200 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. मंगलवार को यह 1,07,200 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी. सोना भी 1 लाख के पार चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज़ी दर्ज की गई. 99.9% शुद्धता वाला सोना 540 रुपये की वृद्धि के साथ 1,00,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. यह सोने के लिए भी एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर है. Silver Hits Record: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा असर मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष (कमोडिंटी) राहुल कलंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत फरवरी 2012 के बाद पहली बार 37 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंची है. रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू कीमतों को सहारा दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोर हालांकि, वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 0.23% गिरकर 3,380.97 डॉलर प्रति औंस रहा, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों ने सोने और चांदी जैसे सेफ हेवन एसेट्स में रुचि बनाए रखी. कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बावजूद पश्चिम एशिया के हालात ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई है. अमेरिका-ईरान टकराव से और बढ़ेगी अस्थिरता? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है. इससे अमेरिका की संभावित प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी की आशंका बनी हुई है. एफओएमसी बैठक पर नजर आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के एवीपी (कमोडिटी एंड करेंसी) मनीष शर्मा के मुताबिक, बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर टिकी हुई हैं. निवेशक आगे की रणनीति तय करने के लिए इस बैठक से संकेतों का इंतजार कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: एयर इंडिया हादसे में पॉलिसी होल्डर्स के साथ नॉमिनी की भी मौत, किसे मुआवजा दें बीमा कंपनियां Silver Hits Record: जंग और डॉलर से चांदी हुई मजबूत भू-नेतृत्वक संकट और डॉलर की चाल ने मिलकर चांदी को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. बाजार में फिलहाल सुरक्षित निवेश की मांग बनी रहेगी, जिससे चांदी और सोने में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इसे भी पढ़ें: मुकेश अंबानी के दोनों बेटे बने हिंदुस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति, जानें कितनी है संपत्ति The post इजराइल-ईरान की बमबारी से बमक गई चांदी, तोड़ दिया 2012 का रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रघुवर दास ने पेसा नियमावली और सरना धर्म कोड पर हेमंत सोरेन को क्या लिखा?

Raghubar Das To Hemant Soren: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि पेसा नियमावली को जल्द से जल्द अधिसूचित कर लागू किया जाये. रघुवर दास ने सरना धर्म कोड पर भी कुछ बातें हेमंत सोरेन लिखी चिट्ठी में कहीं हैं. ‘देश के 10 अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों में झारखंड भी’ बुधवार 18 जून 2025 को जारी पत्र में रघुवर दास ने लिखा है कि वर्ष 1996 में अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन की अवधारणा को साकार करने के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम अर्थात् पेसा कानून, संसद से पारित हुआ था. देश के 10 अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों की सूची में झारखंड भी शामिल है, लेकिन आज तक यहां पेसा कानून लागू नहीं हो पाया है. 2018 में पेसा नियमावली के प्रारूप पर शुरू हुआ था काम – रघुवर दास रघुवर दास ने लिखा है कि झारखंड में वर्ष 2014-19 तक भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की प्रशासन थी. वर्ष 2018 में उन्होंने (रघुवर दास ने) मुख्यमंत्री के रूप में पेसा नियमावली के प्रारूप के निर्माण की दिशा में कदम उठाया था. इस संदर्भ में 14 विभागों से मंतव्य मांगे गये थे. प्रारूप पर व्यापक विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान चुनाव हुए और वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में आपके (हेमंत सोरेन के) नेतृत्व में प्रशासन का गठन हुआ. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महाधिवक्ता ने भी पेसा नियमावली को दे दी है हरी झंडी पूर्व सीएम ने लिखा है कि जुलाई 2023 में आपकी प्रशासन ने इस दिशा में पहल करते हुए पेसा नियमावली का प्रारूप प्रकाशित कर आम जन से आपत्ति, सुझाव एवं मंतव्य आमंत्रित किये. अक्टूबर 2023 में ट्राइबल एडवाजरी कमेटी (टीएसी) की बैठक हुई, जिसमें प्राप्त नियमसंगत सुझाव एवं आपत्तियों को स्वीकार करते हुए नियमावली प्रारूप में संशोधन किया गया. मार्च 2024 में विधि विभाग एवं महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि नियमावली का प्रारूप सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के न्यायिक निर्देशों के अनुरूप है. प्रकृति पूजक है सरना समाज – रघुवर दास रघुवर दास ने लिखा है कि 5वीं अनुसूची के अंतर्गत पेसा कानून जनजातीय समाज की अस्मिता एवं स्वशासन की आत्मा है. सरना (जनजातीय) समाज प्रकृति पूजक है और उसकी आस्था जंगल, जमीन, नदी और पहाड़ में है. पूर्वों ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवेश को संरक्षित किया है, सरना (जनजातीय) समाज ने आज भी उसे उसी रूप में संजोकर रखा है. पेसा कानून लागू होने से सरना (जनजातीय) समाज अपने क्षेत्र की परंपरा, रीति रिवाज, उपासना पद्धति और धार्मिक विश्वासों का संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण कर सकता है. ‘ग्रामसभा के दस्तावेज को मान्यता दे सकती है राज्य प्रशासन’ उन्होंने लिखा कि ग्रामसभा के द्वारा तैयार दस्तावेज को राज्य प्रशासन मान्यता दे सकती है. उसे कानूनी दस्तावेज के रूप में भी मान्यता दी जा सकती है. हिंदुस्तानीय कानून यह स्वीकार करता है कि परंपरा, रिवाज और उपासना पद्धति सिर्फ सांस्कृतिक विरासत ही नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार है. यह कानूनी अधिकार सरना समाज को स्थानीय स्वीकृति से लेकर राज्य स्तरीय मान्यता प्रदान कर सकती है. राज्य में कई जनजातीय समूह निवास करते हैं, जिसकी परंपरा और विरासत काफी प्राचीन है. इसे भी पढ़ें PHOTOS: मानसून ने पूरे झारखंड को किया कवर, रांची में बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, बेड़ो में डायवर्सन बहा लातेहार पुलिस को मिली बड़ी सफलता, जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर ने किया सरेंडर हजारीबाग के इस गांव में एक साथ आ धमके 15 जंगली हाथी, फिर क्या-क्या हुआ, पढ़ें Kal Ka Mausam: मानसून की दस्तक के साथ शुरू हुआ बारिश का दौर, 19 जून को रांची समेत 6 जिलों में भयंकर बारिश का रेड अलर्ट The post रघुवर दास ने पेसा नियमावली और सरना धर्म कोड पर हेमंत सोरेन को क्या लिखा? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुजफ्फरपुर: लोको पायलट की पत्नी गयी थी मायके, बंद घर से छह लाख की ज्वेलरी हो गयी चोरी

मुजफ्फरपुर: नगर थाना क्षेत्र के दीवान रोड कमला प्रसाद लेन निवासी लोको पायलट जीवछ कुमार के बंद घर से चोरों ने छह लाख की संपत्ति चोरी कर ली है. घटना के समय उनकी पत्नी विनिता कुमारी घर को बंद करके छपरा मायके गयी थी. चोरों ने घर के मेन गेट से लेकर फर्स्ट फ्लोर तक चार ताला काट कर वारदात को अंजाम दिया है. घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थानेदार शरत कुमार व दरोगा मोहन कुमार मौके पर पहुंचे. चोरों का सुराग लगाने को लेकर मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरा को पुलिस खंगाल रही है. सास ने दी चोरी की जानकारी  पुलिस को दिये जानकारी में विनिता कुमारी ने बताया कि उसका पति जीवछ कुमार लोको पायलट है. वह नौकरी पर है. तीन दिन पहले अपने घर में ताला लगाकर बच्चों के साथ छपरा मायके गए थे. उनकी सास घर के बगल के मकान में रहती है. वह बुधवार की सुबह जब फ्लैट देखने आयी तो देखी कि मेन गेट समेत फर्स्ट फ्लोर के फ्लैट के सभी कमरों का ताला टूटा हुआ था. इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी विनिता को दी. जिसके बाद विनिता घर पहुंची तो देखा कि कमरे में सारा सामान बिखरा पड़ा है. चोर गोदरेज व अलमारी को तोड़कर उसमें रखा सोने व चांदी का छह लाख की ज्वेलरी व पांच हजार नकदी चोरी कर लिया है. नगर थानेदार शरत कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करके आगे की जांच की जा रही है. पुलिस हिस्ट्रीशीटर चोरों की कुंडली खंगाल रही है. इसे भी पढ़ें: Bihar: एयरपोर्ट की तरह बन रहा बिहार का ये रेलवे स्टेशन, लगेंगे तीन एस्केलेटर  The post मुजफ्फरपुर: लोको पायलट की पत्नी गयी थी मायके, बंद घर से छह लाख की ज्वेलरी हो गयी चोरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कौन हैं डॉ पार्वती तिर्की? हिन्दी कविता संग्रह ‘फिर उगना’ के लिए मिलेगा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार

Sahitya Akademi Yuva Puraskar 2025: रांची-झारखंड के गुमला जिले के कुडुख आदिवासी समुदाय से आनेवाली कवयित्री डॉ पार्वती तिर्की को उनके हिन्दी कविता संग्रह ‘फिर उगना’ के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गयी है. डॉ पार्वती तिर्की ने कहा कि उन्होंने कविताओं के माध्यम से संवाद की कोशिश की है. उन्हें खुशी है कि इस संवाद का सम्मान हुआ है. संवाद के जरिए विविध जनसंस्कृतियों के बीच तालमेल और विश्वास का रिश्ता बनता है. इसी संघर्ष के लिए लेखन है. इसका सम्मान हुआ है. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है. राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने इस उपलब्धि पर कहा कि युवा प्रतिभा का सम्मान गर्व की बात है. इनकी पहली कृति का प्रकाशन उन्होंने ही किया है. पार्वती तिर्की ने बीएचयू से की है पीएचडी पार्वती तिर्की का जन्म 16 जनवरी 1994 को झारखंड के गुमला जिले में हुआ. उनकी आरंभिक शिक्षा गुमला के जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई. इसके बाद उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी (यूपी) से हिन्दी साहित्य में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और उसके बाद वहीं के हिन्दी विभाग से ‘कुडुख आदिवासी गीत : जीवन राग और जीवन संघर्ष’ विषय पर पीएचडी की डिग्री हासिल की. वर्तमान में वह रांची के राम लखन सिंह यादव कॉलेज (रांची विश्वविद्यालय) के हिन्दी विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं. ये भी पढ़ें: ‘फिर उगना’ के लिए झारखंड की आदिवासी बिटिया डॉ पार्वती तिर्की को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार पहली काव्य-कृति है ‘फिर उगना’ ‘फिर उगना’ पार्वती तिर्की की पहली काव्य-कृति है. यह वर्ष 2023 में राधाकृष्ण प्रकाशन से प्रकाशित हुई थी. इस संग्रह की कविताएं सरल, सच्ची और संवेदनशील भाषा में लिखी गयी हैं. पाठकों को सीधे संवाद की तरह महसूस होती हैं. जीवन की जटिलताओं को काफी सहज ढंग से कहने में सक्षम हैं. इन कविताओं में धरती, पेड़, चिड़ियां, चांद-सितारे और जंगल सिर्फ प्रतीक नहीं हैं, वे कविता के भीतर एक जीवंत दुनिया की तरह मौजूद हैं. पार्वती तिर्की अपनी कविताओं में बिना किसी कृत्रिम सजावट के आदिवासी जीवन के अनुभवों को कविता का हिस्सा बनाती हैं. वे आधुनिक सभ्यता के दबाव और आदिवासी संस्कृति की जिजीविषा के बीच चल रहे तनाव को भी गहराई से रेखांकित करती हैं. पार्वती की विशेष अभिरुचि कविताओं और लोकगीतों में है. वे कहानियां भी लिखती हैं. उनकी रचनाएं हिन्दी की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और वेब-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. युवा प्रतिभा का सम्मान गर्व की बात-अशोक महेश्वरी राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने इस उपलब्धि पर कहा कि पार्वती तिर्की का लेखन यह साबित करता है कि परंपरा और आधुनिकता एक साथ कविता में जी सकती हैं. उनकी कविताएं बताती हैं कि आज हिन्दी कविता में नया क्या हो रहा है और कहां से हो रहा है? उनको साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जाना इस बात की पुष्टि करता है कि कविता का भविष्य सिर्फ शहरों या स्थापित नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वहां भी जन्म ले रही है जहां भाषा, प्रकृति और परंपरा का रिश्ता अब भी जीवित है. ऐसी युवा प्रतिभा की पहली कृति का प्रकाशन उन्होंने ही किया है. ये भी पढ़ें: रांचीवाले हो जाएं सावधान! भारी से बहुत भारी बारिश का है रेड अलर्ट, DC ने जारी की गाइडलाइंस नयी पीढ़ी के लेखकों को प्रेरित करेगा यह सम्मान-अशोक महेश्वरी राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने कहा कि पार्वती तिर्की वर्ष 2024 में राजकमल प्रकाशन के सहयात्रा उत्सव के अंतर्गत आयोजित होनेवाले ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व में वक्ता भी रह चुकी हैं. ऐसे स्वर को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार जैसा प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलना सुखद है. इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर वे उन्हें राजकमल प्रकाशन समूह की ओर से हार्दिक बधाई देते हैं. आशा करते हैं कि यह सम्मान नयी पीढ़ी के लेखकों को प्रेरित करेगा और आने वाले समय में उनके जैसे नए स्वर साहित्य में और अधिक स्थान पाएंगे. पार्वती की कविताओं में प्रकृति और आदिवासी जीवन-दृष्टि हिन्दी कविता की युवतम पीढ़ी में पार्वती तिर्की का स्वर अलग से पहचाना जा सकता है. उनकी कविताओं में आदिवासी जीवन-दृष्टि, प्रकृति और सांस्कृतिक स्मृतियों का वह रूप सामने आता है, जो अब तक मुख्यधारा के साहित्य में बहुत कम दिखाई देता रहा है. यह न केवल उनके रचनात्मक योगदान का सम्मान है, बल्कि हिन्दी कविता के निरन्तर समृद्ध होते हुए भूगोल और अनुभव संसार के विस्तार की स्वीकृति भी है. ये भी पढ़ें: Ranchi School Closed: 19 जून को बंद रहेंगे रांची के सभी स्कूल, भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर डीसी ने जारी किया आदेश The post कौन हैं डॉ पार्वती तिर्की? हिन्दी कविता संग्रह ‘फिर उगना’ के लिए मिलेगा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top