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June 21, 2025

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Ranchi News: रांची-मुरी मार्ग पर यात्रियों से भरी सवारी गाड़ी पलटी, एक दर्जन घायल

Passenger Van Overturned| अनगड़ा (रांची), जितेंद्र कुमार : झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार 22 जून 2025 को सड़क दुर्घटना में एक दर्जन लोग घायल हो गये. रांची-मुरी मार्ग पर चमघाटी में शनिवार सुबह यात्रियों से खचाखच भरी एक सवारी गाड़ी पलटकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. इसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. अजयगढ़ सिल्ली से रांची जा रहा सवारी वाहन चमघाटी में अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरा. घटना के बाद ग्रामीणों ने घायलों को वाहनों से सीएचसी भेजा. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें इस दुर्घटना में गोड़ाडीह की शिवानी देवी (30), रीता देवी (40), अनिल महतो (45), लालचंद महतो (40), मलिका देवी (26), सुलोचना देवी (40), रोशना देवी (46), त्रिलोचन महतो (30), रीता देवी (40), लोवाडीह की अंजू देवी (30), अजयगढ़ का गोराई मुंडा (45), रवींद्र मुंडा (28) और निर्मला देवी (44) घायल हो गयीं. अनगड़ा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए 5 लोगों को रिम्स रेफर कर दिया गया. इसे भी पढ़ें देवघर में बेटी की शादी के लिए विज्ञापन देना पड़ा महंगा, साइबर अपराधियों ने ठग लिये 33 हजार रुपये अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक मंच पर दिखे मंत्री इरफान अंसारी और भाजपा नेता सीपी सिंह, जानिये क्या कहा केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और सांसद निशिकांत दुबे ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, देखिये PHOTOS Jharkhand Liquor Scam: सिद्धार्थ सिंघानिया को 23 जून तक जेल, विजन और मार्शन कंपनी के 7 अधिकारी भी दोषी The post Ranchi News: रांची-मुरी मार्ग पर यात्रियों से भरी सवारी गाड़ी पलटी, एक दर्जन घायल appeared first on Naya Vichar.

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इस बारिश में न बरती सावधानी, तो बीमारियां लेंगी आगोश में! जानिए कैसे रखें अपना खास ख्याल

Monsoon Health Tips: बारिश का मौसम भले ही खुशनुमा और ठंडक भरा होता है, लेकिन यह अपने साथ कई प्रकार की मौसमी बीमारियां भी लेकर आता है. इस मौसम में वातावरण में नमी और गंदगी बढ़ जाने से सर्दी-खांसी, वायरल बुखार, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और पेट संबंधी समस्याएं तेजी से फैलती हैं. अगर आपने थोड़ी सी भी लापरवाही की, तो यह मौसम आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकता है. विशेष रूप से शिशु, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस समय ज्यादा संवेदनशील होते हैं. इसलिए ज़रूरत है सतर्क रहने की, ताकि मौसम का मजा खराब न हो. क्या खाएं और क्या बिल्कुल नहीं बरसात के मौसम में खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि यही मौसम फूड पॉयजनिंग और पेट से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है। घर का बना हुआ ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन करें. खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों का उपयोग करें, लेकिन उन्हें अच्छी तरह धोकर पकाएं. दही, छाछ, कटे फल और बासी भोजन से परहेज करें. बाहर के चाट-पकौड़ी, पानी पूरी, फ्रूट चाट जैसी चीजें खाने से बचें क्योंकि ये अक्सर खुले में रखे रहते हैं और इनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं. ज्यादा मसालेदार और तली-भुनी चीजें भी शरीर में एसिडिटी और गैस की समस्या बढ़ा सकती हैं. भीगने के बाद तुरंत करें ये काम अगर आप बारिश में भीग जाते हैं तो इसे हल्के में न लें. गीले कपड़ों में देर तक रहना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सबसे पहले अपने कपड़े बदलें और खुद को अच्छे से पोंछें. कोशिश करें कि गर्म पानी से स्नान करें ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो जाए. बालों को भी अच्छी तरह सुखाएं, वरना जुकाम और बुखार हो सकता है. गीले जूते-मोजे त्वचा पर फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत बदलें. बच्चों को तो खासतौर पर जल्दी से सूखे कपड़े पहनाएं, नहीं तो उन्हें वायरल बुखार या निमोनिया होने का खतरा हो सकता है. मच्छरों से बचाव है जरूरी बारिश में जहां पानी की निकासी ठीक नहीं होती, वहां गड्ढों और टंकी में जमा पानी मच्छरों के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बन जाता है. यही मच्छर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलाते हैं. इसलिए घर के आस-पास पानी जमा न होने दें. मच्छरदानी का प्रयोग करें और सोने से पहले मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे लगाएं. नीम के पत्तों का धुआं, लेमनग्रास ऑयल या कपूर जलाना भी एक घरेलू उपाय है. बच्चों को पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनाएं और बाहर स्पोर्ट्सने से पहले रिपेलेंट जरूर लगाएं. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान शिशु और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता इस मौसम में काफी कमजोर हो जाती है. ऐसे में उन्हें संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. बच्चों को बारिश में भीगने से रोकें, स्कूल से लौटने के बाद अगर वे भीग गए हों तो तुरंत उन्हें गरम कपड़े पहनाएं और गरम दूध पिलाएं. बुजुर्गों को भीगने से बचाएं और उनकी दवाइयों का नियमित सेवन कराते रहें. थोड़ी भी तबीयत बिगड़े तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें. अगर उनके शरीर में जरा भी कंपकंपी, कमजोरी या चक्कर जैसी स्थिति बने तो लापरवाही न करें. कब दिखाएं डॉक्टर को कई बार लोग हल्के बुखार या सर्दी-खांसी को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी बीमारी में बदल सकती है. अगर आपको लगातार तीन दिन से ज्यादा बुखार बना रहे, शरीर में तेज दर्द हो, भूख न लगे, उल्टी-दस्त हो रहे हों या त्वचा पर चकत्ते दिखें तो बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं. डेंगू या मलेरिया में प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकते हैं, जिससे हालत गंभीर हो सकती है. बच्चों को अगर खांसी या बुखार हो तो घरेलू नुस्खों पर ही भरोसा न करें, तुरंत विशेषज्ञ की राय लें. साफ पानी पीना है पहली प्राथमिकता इस मौसम में दूषित पानी पीने से डायरिया, हैजा, टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. घर में पीने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें. अगर आप बाहर हैं, तो सर्टिफाइड ब्रांड की सील पैक बोतल ही लें और स्थानीय दुकानों से खुले में रखा पानी बिल्कुल न पिएं. घर की टंकी और फिल्टर को समय-समय पर साफ करें ताकि बैक्टीरिया या फंगस न पनपे. कोशिश करें कि घर में RO या UV सिस्टम हो और बच्चों को विशेष रूप से उबला पानी ही दें. घर में भी रखें ये सावधानियां बरसात में सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी विशेष सावधानी जरूरी है. घर में सीलन न बनने दें, क्योंकि इससे फंगल इंफेक्शन और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. दीवारों पर पपड़ी उतरना, फर्श पर फिसलन होना, खिड़कियों के पास पानी जमा होना ये सभी चीजें आपको बीमार कर सकती हैं. बाथरूम और रसोईघर को रोज साफ करें और वहां सुखापन बनाए रखें. नम कपड़े, गीले तौलिए और गंदे जूते अंदर न रखें. अगर घर में पालतू जानवर हैं तो उनकी सफाई का भी खास ख्याल रखें. बरसात का मौसम खुशियां और ताजगी तो लाता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इसे बीमारी का मौसम बना देती है. साफ पानी पिएं, पौष्टिक खाना खाएं, मच्छरों से बचें, भीगने के बाद तुरंत खुद को सुखाएं और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखें. बारिश का मजा लेने के लिए जरूरी है पहले खुद को सुरक्षित रखना. The post इस बारिश में न बरती सावधानी, तो बीमारियां लेंगी आगोश में! जानिए कैसे रखें अपना खास ख्याल appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Govt: यमुना की सफाई के लिए तैयार कार्य योजना जल्द होगी लागू

Delhi Govt: दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर भाजपा प्रशासन हर स्तर पर प्रयास कर रही है. विधानसभा चुनाव में यमुना की सफाई एक बड़ा मुद्दा था. दिल्ली में भाजपा की प्रशासन बनने के बाद यमुना सफाई को लेकर कार्ययोजना बनायी गयी है. शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें दिल्ली प्रशासन के जल मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहे. बैठक में जलापूर्ति, सीवरेज, यमुना नदी की सफाई,और दिल्ली जल बोर्ड के वित्तीय एक्शन प्लान को लेकर मंथन किया गया और यमुना की सफाई के लिए 45 सूत्री कार्य योजना को लागू करने को मंजूरी दी गयी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गयी है. इस योजना के तहत नालों के गंदे पानी को ट्रीट करने, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, नदी किनारे का सौंदर्यीकरण और जन-जागरूकता अभियान को बढ़ावा देना है. प्रशासन का मकसद यमुना को न केवल प्रदूषण-मुक्त करना है, बल्कि इसे हरी-भरी और स्वच्छ और अविरल बनाना है ताकि दिल्ली के लोगों को स्वच्छ पानी और प्रदूषण से मुक्ति मिल सके. उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुराने हो चुके जल व सीवर लाइनों को बदला जायेगा. बढ़ती आबादी और पानी की मांग को देखते हुए नये तरीके अपनाने होंगे. दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए गया है कि वे चरणबद्ध तरीके से पुरानी लाइनों को बदलने का काम करें.   ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाने पर दिया जा रहा है जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की अनधिकृत बस्तियों में दिसंबर 2027 तक जल और सीवर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है. दिल्ली जल बोर्ड 8000 करोड़ रुपये की लागत से 303 ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसके तहत बड़े नालियों का मरम्मत, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, नए पंप हाउस की स्थापना और बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है. सभी काम को तय समय में पूरा करने का निर्देश दिया है. रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र प्रशासन के हर घर नल से जल मिशन को दिल्ली में प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा ताकि हर दिल्लीवाले को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जा सके. बैठक की जानकारी देते हुए जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए टैंकर प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए टैंकरों की निगरानी की जा रही है. बकाया बिलों के लिए आसान भुगतान विकल्प और कमजोर वर्गों के लिए छूट की योजना पर भी काम किया जा रहा है.  The post Delhi Govt: यमुना की सफाई के लिए तैयार कार्य योजना जल्द होगी लागू appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: 2 साल के बच्चे के पेट में फंसा था दोनों अंडकोष, डॉक्टर ने सर्जरी कर दी नई जिंदगी

Bihar:  शेखपुरा (कामता) का रहने वाला एक 2 साल का बच्चा अनडिसेन्डेड अंडकोष (क्रिप्टोर्चिडिज्म) की समस्या से परेशान था. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दोनों अंडकोष पेट के अंदर होते हैं. शिशु के जन्म के बाद से ही माता-पिता अंडकोष के सही स्थान पर नहीं होने से परेशान थे. कई डॉक्टरों से दिखाने के बाद भी जब शिशु को आराम नहीं मिला तो परिजन शिशु को लेकर पटना स्थित सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल आए. जहां हॉस्पिटल के डायरेक्टर और वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार राजेश रंजन ने शिशु की जांच की. जिसमें पता चला कि शिशु का दाहिना अंडकोष आंत के अंदर फंसा हुआ था. जिसे फर्स्ट स्टेज में दूरबीन की मदद से डिसेक्ट कर नॉर्मल पोजिशन में लाया गया.  इसके बाद 6 महीने बाद दूसरी सर्जरी की गई, जिसमें बिना चीरा के दूसरे अंडकोष को भी सही स्थान (स्क्रोटम) पर लाया गया. सर्जरी के बाद बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है. डॉ. कुमार राजेश रंजन इन बिमारियों की वजह बन सकता है अनडिसेन्डेड अंडकोष ऑपरेशन के बारे में बताते हुए डॉ. कुमार राजेश रंजन ने बताया कि अनडिसेन्डेड अंडकोष का इलाज अगर सही समय से नहीं करवाया गया तो यह बांझपन, वृषण कैंसर और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है. उन्होंने बताया अन्डिसेंडेड अंडकोष का कारण आनुवंशिक और हार्मोनल हो सकता है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें किस स्थिती में होती है ऐसी समस्या?  यह स्थिति तब होती है जब मां के गर्भ में भ्रूण के विकास के दौरान एक या दोनों अंडकोष स्क्रोटम में उतरने में विफल हो जाते हैं. आम तौर पर वह पेट के भीतर विकसित होते हैं. कई बार यह जन्म से पहले या उसके तुरंत बाद धीरे-धीरे अंडकोश में उतर जाते हैं. लेकिन, जब अंडकोष पेट के अंदर ही रह जाते तो इसका तुरंत इलाज करवाना चाहिए.  इसे भी पढ़ें: Bihar Politics: विपक्ष के हर मुद्दे की हवा निकाल रहे सीएम नीतीश, चुनाव से पहले तेजस्वी और पीके की बढ़ा रहे मुश्किलें The post Bihar: 2 साल के शिशु के पेट में फंसा था दोनों अंडकोष, डॉक्टर ने सर्जरी कर दी नई जिंदगी appeared first on Naya Vichar.

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पीरियड्स के समय महिलाएं अक्सर करती हैं ये 5 गलतियां, जान लें वरना परेशानी हो जाएगी दोगुनी

Menstrual Health Tips : पीरियड्स का समय स्त्रीओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है. इस समय में जरा सी लापरवाही आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. लेकिन इस दौरान स्त्रीएं जाने अनजाने में कुछ ऐसी कॉमन गलतियां कर देती हैं, जिसकी वजह से उनकी परेशानी दोगुनी हो जाती है. आइए जानते हैं वो 5 कौन सी सामान्य गलतियां हैं जो महावारी के दरम्यान स्त्रीएं अक्सर करती हैं. लंबे समय तक एक ही सैनेटरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना पीरियड्स (Periods) के वक्त कई स्त्रीएं दिनभर एक ही पैड का इस्तेमाल करती रहती हैं, जो हाइजीन के लिहाज से खतरनाक है. यह आदत न केवल बदबू और चुभन की वजह बनती है, बल्कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) और स्किन रैशेज का कारण भी बन सकती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 4 से 6 घंटे में सैनेटरी बदल लेना चाहिए, चाहे ब्लीडिंग हल्की ही क्यों न हो. पीरियड्स के दौरान स्त्रीएं पीती हैं कम पानी पीरियड्स के दौरान शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लेकिन स्त्रीएं अक्सर दर्द और सुस्ती की वजह से पानी पीना कम कर देती हैं. पानी की कमी से ब्लोटिंग और कब्ज भी बढ़ सकता है. इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी और लिक्विड डाइट लेना बहुत जरूरी है. Also Read: Relationship Tips: क्या आप अपने रिश्ते को बचा पाएंगे? ये 5 सवाल खुद से जरूर पूछें बहुत ज्यादा या बहुत कम एक्सरसाइज करना पीरियड्स में कुछ स्त्रीएं पूरी तरह बेड रेस्ट पर रहती हैं, जबकि कुछ स्त्रीएं पेन को नजरअंदाज कर हैवी वर्कआउट करने लगती हैं. ये दोनों ही चीजें खतरनाक है. हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करना फायदेमंद होता है, लेकिन शरीर की क्षमता से ज्यादा मेहनत करने पर पेन और ब्लीडिंग बढ़ सकती है. जंक फूड का ज्यादा सेवन करना पीरियड्स के दौरान कई लोग क्रेविंग की वजह से चिप्स, चॉकलेट और तला-भुना खाने लगती हैं. लेकिन ऐसा करना फूड ब्लोटिंग, गैस और ऐंठन को बढ़ा देता है. बेहतर होगा कि आप बैलेंस्ड डाइट लें, जिसमें फल, सब्जियां और फाइबर रिच फूड शामिल हों. मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से स्त्रीओं में मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी होना सामान्य है. लेकिन कई स्त्रीएं इस मानसिक स्थिति को गंभीरता से नहीं लेती हैं और खुद को अकेला महसूस करने लगती हैं. परिवार और दोस्तों से बात करना या किसी एक्टिविटी में खुद को व्यस्त रखना इस समय उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है. Also Read: Vidur Niti: विदुर नीति के 5 ऐसे सूत्र,जिन्हें अपनाते ही बदल जाएगी आपकी किस्मत The post पीरियड्स के समय स्त्रीएं अक्सर करती हैं ये 5 गलतियां, जान लें वरना परेशानी हो जाएगी दोगुनी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Crime: फिर एक मासूम बेटी को हैवानों ने बनाया शिकार, होटल की चार दिवारी में दब कर रह गई नाबालिग की चीख

Bihar Crime: पश्चिम चंपारण जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ होटल में दुष्कर्म किया गया. हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. कंप्यूटर क्लास के बहाने निकली थी घर से घटना मैनाटांड थाना क्षेत्र के एक गांव की है. 19 जून को दोपहर करीब 1 बजे नाबालिग लड़की कंप्यूटर क्लास जाने की बात कहकर घर से निकली थी. वह अपने दो दोस्तों के साथ नरकटियागंज पहुंची जहां एक होटल में कमरा बुक किया गया. वहां लड़की के साथ कथित तौर पर गलत हरकत की गई. कुछ ही देर बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गई. इलाज के बाद नहीं बची मासूम की जान लड़की को पहले नरकटियागंज के गुप्ता हॉस्पिटल, फिर डॉ. रवि रंजन के पास और आखिर में जीएमसीएच में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस बीच एक युवक ने लड़की के परिजनों को फोन कर बताया कि, वह एक्सीडेंट का शिकार हुई है. लेकिन जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो असलियत सामने आ गई. परिजनों ने की कार्रवाई की मांग परिजनों ने मैनाटांड़ थाना में एफआईआर दर्ज कराते हुए साफ कहा कि, उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ है, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई. पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार युवकों में भोलू कुमार (चौरसिया गांव), रूपेश कुमार (अहिरौलिया) और सचिन कुमार (ठाकुर टोला) शामिल हैं. इनके पास से एक बाइक भी बरामद हुई है. होटल प्रबंधक की भूमिका भी संदेह के घेरे में एसपी डॉ. शौर्य सुमन के मुताबिक, होटल प्रबंधक से पूछताछ की जा रही है. यह जांच की जा रही है कि, क्या लड़की की नाबालिग होने की जानकारी होते हुए भी कमरा बुक किया गया. सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया गया है और उससे सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण की पुष्टि होगी. परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया मना इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार वालों ने साफ कहा कि, जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. शव को बर्फ पर आंगन में रखा गया था. पुलिस अधिकारियों के समझाने और गिरफ्तारी की सूचना देने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए. (सुमेधा श्री की रिपोर्ट) Also Read: Tej Pratap-Aishwarya Divorce: पटना सिविल कोर्ट ने तय की सुनवाई की नई तारीख, ऐश्वर्या ने मांगा था समय The post Bihar Crime: फिर एक मासूम बेटी को हैवानों ने बनाया शिकार, होटल की चार दिवारी में दब कर रह गई नाबालिग की चीख appeared first on Naya Vichar.

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IDY: योगाभ्यास से प्राप्त नियंत्रण और आंतरिक शक्ति का प्रतिबिंब है ऑपरेशन सिंदूर 

IDY: योग, अस्त-व्यस्त लोगों को एकाग्रता प्रदान करता है. योग एक कला, विज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता है, ऐसे में जो लोग अपने दैनिक जीवन में योग का अभ्यास करते हैं, वे अपने शरीर तथा विचारों पर नियंत्रण रख पाते हैं. योग हमें प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि सक्रिय बनाता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 जून, 2025 को जम्मू और कश्मीर में उधमपुर स्थित उत्तरी कमान में लगभग 2,500 सैनिकों के साथ विभिन्न आसन और श्वास प्राणायाम करके 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) मनाने में सशस्त्र बलों का नेतृत्व किया. उन्होंने  योग को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और इस बात का उल्लेख किया कि यह अभ्यास स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है. उन्होंने योग को आज की तीव्रगामी दुनिया में लोगों के सामने आने वाली कई समस्याओं जैसे तनाव, चिंता और अवसाद का सर्वमान्य समाधान बताया. आत्मनियंत्रण का शानदार उदाहरण है ऑपरेशन सिंदूर  राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्म नियंत्रण का एक शानदार उदाहरण बताते हुए कहा कि हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन के दौरान संयम, संतुलन और सटीकता का प्रदर्शन किया, जो योग के अभ्यास से प्राप्त उनकी आंतरिक शक्ति का प्रतिबिंब है. पहलगाम आतंकी हमले के जरिए हिंदुस्तान की सामाजिक व सांप्रदायिक एकता को निशाना बनाया गया था और ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश देता है कि उसे हिंदुस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के परिणाम भुगतने होंगे. ऑपरेशन सिंदूर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की एयर स्ट्राइक का नैसर्गिक परिणाम है. उसे इस तरह से अंजाम दिया गया था कि पाकिस्तान ने युद्ध विराम करने का अनुरोध किया और उसके बाद ही हमने ऑपरेशन को रोका था. उन्होंने दोहराया  कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और हिंदुस्तान आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है.  पाकिस्तान हमारे देश को अंदर से कमजोर करना चाहता है, लेकिन उसे यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि मेजर सोमनाथ शर्मा की तरह ब्रिगेडियर उस्मान ने भी देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी. सैनिक को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करता है योग  राजनाथ सिंह ने कहा, आज जब देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है, तो इस अभ्यास का सही अर्थ भी याद रखना चाहिए, जो समाज के हर वर्ग को हिंदुस्तान की संस्कृति और आत्मा से जोड़ता है. यदि एक भी वर्ग पीछे छूट जाता है तो एकता और सुरक्षा का पहिया टूट जाता है. इसलिए आज हमें सिर्फ शारीरिक स्तर पर ही नहीं बल्कि सामाजिक एवं वैचारिक स्तर पर भी योग करना चाहिए. रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों के जवानों के योग के प्रति झुकाव की सराहना की, जिसका सीधा असर उनके अनुशासन और एकाग्रता पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि योग एक सैनिक को शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार करता है और इसका लाभ युद्ध के मैदान में देखा जा सकता है. योग के माध्यम से हिंदुस्तान ने दुनिया को एक ऐसा साधन दिया है जो किसी भी सीमा, धर्म और संस्कृति से परे है. योग हर किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है. इस कार्यक्रम में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा भी उपस्थित रहें.  The post IDY: योगाभ्यास से प्राप्त नियंत्रण और आंतरिक शक्ति का प्रतिबिंब है ऑपरेशन सिंदूर  appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Weather: झारखंड के 4 जिलों में 3 घंटे में बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश, वज्रपात की चेतावनी

Jharkhand Weather Today: रांची-झारखंड के चार जिलों में तीन घंटे में मौसम का मिजाज बदलेगा. तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के आसार हैं. गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका है. येलो अलर्ट जारी किया गया है. झारखंड में 22 जून (रविवार), 24 जून (सोमवार) और 25 जून (मंगलवार) को फिर भारी बारिश से तबाही मच सकती है. गरज के साथ वज्रपात भी हो सकता है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. इन जिलों के लिए जारी की गयी है चेतावनी मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि झारखंड के बोकारो, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह जिले के कुछ भागों में अगले एक से तीन घंटे के अंदर बारिश से मौसम सुहाना हो जाएगा. इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी. मेघ गर्जन भी होगा. मौसम विभाग ने वज्रपात की चेतावनी जारी की है. ये भी पढ़ें: एक्शन में झारखंड की पलामू पुलिस, 10 लाख की अवैध विदेशी शराब जब्त, शराब तस्कर अरेस्ट मानसून की धमाकेदार एंट्री से मची तबाही 17 जून को झारखंड में मानसून की एंट्री के साथ ही भारी बारिश से तबाही मच गयी थी. भारी से बहुत भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था. नदिया उफान पर थीं. सड़कें जलमग्न हो गयी थीं. इस दौरान वज्रपात का भी कहर बरपा. राज्य में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गयी. 20 जून की दोपहर से लोगों ने राहत की सांस ली. आज राजधानी रांची में मौसम में बदलाव से तापमान में वृद्धि हुई. इससे लोगों को गर्मी महसूस हो रही है. ये भी पढ़ें: नहीं रहे देवघर के सब रजिस्ट्रार मनोज कुमार, हार्ट अटैक से मौत ये भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक मंच पर दिखे मंत्री इरफान अंसारी और भाजपा नेता सीपी सिंह, जानिये क्या कहा ये भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर छऊ गुरु तपन पटनायक ने दी अनूठी प्रस्तुति, नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की योगिक मुद्राएं The post Jharkhand Weather: झारखंड के 4 जिलों में 3 घंटे में बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश, वज्रपात की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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टैक्स का टोटका: ITR फाइल करने से पहले जानिए AIS और फॉर्म 26AS का फर्क

Tax Ka Totaka: वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार अंतिम तारीख 31 जुलाई की बजाय 15 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है. ITR फाइल करते समय एक जरूरी दस्तावेज वार्षिक सूचना विवरण (AIS) है, जिसे कुछ साल पहले आयकर विभाग ने पेश किया था. इसका उद्देश्य पारदर्शिता और आसान कर अनुपालन को बढ़ावा देना है. AIS क्या है और यह कैसे काम करता है? AIS एक डिजिटल रिपोर्ट है, जो आपके पूरे वर्ष के वित्तीय लेन-देन को ट्रैक करती है और यह सुनिश्चित करती है कि आपने सही आय घोषित की है. यह आपको किसी भी विसंगति को पहचानने और सुधारने का मौका देती है. AIS में करदाता के कई वित्तीय लेन-देन शामिल होते हैं. बैंक से प्राप्त ब्याज डिविडेंड (लाभांश) की आय म्यूचुअल फंड और शेयरों में ट्रेडिंग विदेशी लेन-देन क्रेडिट कार्ड खर्च, रियल एस्टेट लेनदेन आदि AIS में यह डेटा भले ही TDS (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स) या TCS (टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स) न हो, तब भी रिकॉर्ड होता है. इससे यह रिपोर्ट आपकी कुल आय की व्यापक तस्वीर पेश करती है. करदाता पोर्टल पर जाकर AIS रिपोर्ट को देख सकते हैं और उस पर प्रतिक्रिया (फीडबैक) भी दे सकते हैं. अगर कोई गलती है, तो आप उसका डिजिटल जवाब दे सकते हैं, जिसे विभाग विचार कर संशोधित करता है. AIS देखने की प्रक्रिया AIS को देखने के लिए आप https://www.incometax.gov.in पर लॉग इन करें. ‘सर्विस’ सेक्शन में जाएं और ‘वार्षिक सूचना विवरण (AIS)’ पर क्लिक करें. अपनी पसंद के वित्तीय वर्ष का चयन करें. PDF या JSON फॉर्मेट में रिपोर्ट डाउनलोड करें. फॉर्म 26AS क्या है? फॉर्म 26AS एक पुराना लेकिन बेहद जरूरी दस्तावेज है. यह उन टैक्सों की जानकारी देता है, जो आपकी आय पर पहले ही कट चुके हैं या आपने खुद अदा किए हैं. वेतन या अन्य स्रोत से कटा हुआ TDS TCS (टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स) एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स रिफंड की स्थिति इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि आपके खाते में टैक्स का सटीक क्रेडिट दिखाई दे रहा है या नहीं. इसे भी पढ़ें: हिंदुस्तान की नमकबंदी से तिलमिलाया पाकिस्तान, अब दुनिया में तलाश रहा नए खरीदार AIS और फॉर्म 26AS में क्या फर्क है? AIS और फॉर्म 26AS के बीच मुख्य अंतर यह है कि AIS में करदाता के सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन जैसे ब्याज, लाभांश, शेयर और विदेशी लेन-देन की जानकारी होती है, जबकि फॉर्म 26AS केवल TDS, TCS और टैक्स पेमेंट्स से संबंधित विवरण प्रदान करता है. AIS का डेटा स्रोत बैंक, म्यूचुअल फंड और स्टॉक एक्सचेंज जैसे संस्थान होते हैं, जबकि फॉर्म 26AS का डेटा मुख्य रूप से नियोक्ता, बैंक और टैक्स विभाग से आता है. AIS में करदाता को रिपोर्ट की गई जानकारी पर प्रतिक्रिया देने की सुविधा होती है, जबकि फॉर्म 26AS में यह सुविधा नहीं मिलती. इसे भी पढ़ें: LIC Kanyadan Policy: चाय-पान के दाम में 27 लाख रुपये की बंपर बचत, बेटी के ब्याह की चिंता खत्म The post टैक्स का टोटका: ITR फाइल करने से पहले जानिए AIS और फॉर्म 26AS का फर्क appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: विपक्ष के हर मुद्दे की हवा निकाल रहे सीएम नीतीश, चुनाव से पहले तेजस्वी और पीके की बढ़ा रहे मुश्किलें

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष खासकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जन सुराज के संयोजक जिन मुद्दों को आधार बनाकर बिहार प्रशासन को घेरने की कोशिश कर रहे थे. सीएम उनके हर मुद्दे की लगातार हवा निकाल रहे हैं. चाहे बिहार की प्रशासनी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू करने की बात हो या सामाजिक पेंशन की राशि में बढ़ोत्तरी का मुद्दा. सीएम ने तीन दिन के भीतर ही इन दोनों मुद्दों को खत्म कर दिया है. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा स्त्रीओं को अब हर महीने 400 रु॰ की जगह 1100 रु॰ पेंशन मिलेगी। सभी लाभार्थियों को जुलाई महीने से पेंशन बढ़ी हुई दर पर मिलेगी। सभी लाभार्थियों के खाते में यह राशि महीने की 10… — Nitish Kumar (@NitishKumar) June 21, 2025 सामाजिक पेंशन में ढाई गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी का ऐलान शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लोगों की बताया कि अब बिहार में  सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ा दी गई है. बुजुर्ग, दिव्यांगजन और विधवा स्त्रीओं को जो अब तक 400 रुपये पेंशन मिल रही थी, उसे बढ़ाकर 1100 रुपये प्रति महीना कर दिया गया है. इससे दो दिन पहले ही प्रशासन ने बिहार में होने वाली प्रशासनी स्कूलों में नॉन टीचिंग स्टाफ के पदों पर बहाली में डोमिसाइल नीति लागू करने की घोषणा की थी.  जुलाई 2025 से ही मिलेगी बढ़ी हुई राशि मुख्यमंत्री ने एक्स पर बताया कि बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की जो राशि बढ़ाई गई है. उसका लाभ जुलाई 2025 से ही लोगों को मिलने लगेगा.  यानी कि चुनाव से पहले ही करीब 1.09 करोड़ लाभार्थियों के खाते में बढ़ी हुई पेंशन आने लगेगी. बता दें कि पिछले दिनों तेजस्वी यादव ने ऐलान किया था कि बिहार में महागठबंधन की प्रशासन बनने पर बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि 1500 रुपये की जाएगी. वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज भी बुजुर्गों को हर महीने 2000 रुपये पेंशन देने का वादा कर चुकी है. ऐसे में सीएम नीतीश के नेतृत्व वाली एनडीए प्रशासन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में ढाई गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी के बाद तेजस्वी और पीके के वादों पर पानी फिर सकता है.   नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती में लागू किया डोमिसाइल   समाजिक पेंशन में बढोत्तीर के दो दिन पहले ही राज्य प्रशासन ने प्रशासनी स्कूलों में नॉन टीचिंग स्टाफ के पदों पर होने वाली भर्ती में डोमिसाइल नीति लागू करने की घोषणा की थी. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बताया था कि लाइब्रेरियन, स्कूल क्लर्क और विद्यालय परिचारी के लगभग 15 हजार पदों पर होने वाली भर्ती में डोमिसाइल लागू किया गया है. यानी कि इन नौकरियों के लिए दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सकेंगे. इस भर्ती में सिर्फ बिहार के युवाओं को ही मौका मिलेगा.   बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें तेजस्वी डोमिसाइल को बना रहे थे मुद्दा  बता दें कि राजद नेता तेजस्वी यादव चुनाव से पहले ही बिहार में डोमिसाइल लागू करने का वादा कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि अगर चुनाव के बाद महागठबंधन की प्रशासन बनती है तो वह  बिहार की प्रशासनी नौकरियों में 100 फीसदी डोमिसाइल नीति लागू करेंगे. जिससे बिहार की प्रशासनी नौकरियों में सिर्फ बिहार के युवाओं को मौका मिलेगा.  इसे भी पढ़ें: Bihar: बिहार चुनाव जीतने के लिए पीएम मोदी बहा रहे पसीना, एयरपोर्ट से लेकर वंदे हिंदुस्तान तक की दी सौगात The post Bihar Politics: विपक्ष के हर मुद्दे की हवा निकाल रहे सीएम नीतीश, चुनाव से पहले तेजस्वी और पीके की बढ़ा रहे मुश्किलें appeared first on Naya Vichar.

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