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June 21, 2025

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Jharkhand Liquor Scam: सिद्धार्थ सिंघानिया को 23 जून तक जेल, विजन और मार्शन कंपनी के 7 अधिकारी भी दोषी

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड में हुए 38 करोड़ से अधिक के शराब घोटाला मामले में एसीबी की जांच लगातार जारी है. इस कड़ी में मामले के किंगपिन माने जाने वाले सिद्धार्थ सिंघानिया को शुक्रवार को एसीबी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसे 23 जून तक के लिए जेल भेज दिया. 23 जून को होगी सभी आरोपियों की पेशी बताया जा रहा है कि अन्य सभी आरोपियों की पेशी भी 23 जून को होनी है, इसलिए सिद्धार्थ सिंघानिया को भी 23 जून तक के लिए ही न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. सिद्धार्थ सिंघानिया को शुक्रवार दोपहर करीब 2:58 बजे एसीबी कोर्ट लाया गया. इसके बाद शाम लगभग 4:55 बजे सिद्धार्थ को कोर्ट से निकाल कर होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विजन और मार्शन कंपनी के 7 अधिकारी दोषी इधर, एसीबी ने झारखंड शराब घोटाला केस में जांच के दौरान विजन और मार्शन कंपनी के सात अधिकारियों को भी दोषी पाया है. ऐसे अधिकारी जिन्हें जांच में दोषी पाया गया है, उनमें विजन हॉस्पिलिटी सर्विस एंड कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड के विपिन जाधव भाई परमार, महेश शेगड़े, परेश अभिसिंह ठाकुर, विक्रमसिंह अभिसिंह ठाकुर और मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के जगन तुकाराम देशाई, कमल जगन देसाई और शीतल जगन देसाई शामिल हैं. इसे भी पढ़ें Jharkhand Heavy Rain: बिहार की ओर बढ़ रहे मानसून के बादल, झारखंड के 9 जिलों में आज भारी बारिश, वज्रपात की चेतावनी कैसे हुआ खुलासा बता दें कि केस दर्ज करने के दौरान एसीबी ने उक्त दोनों कंपनी के अज्ञात निदेशक सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया था. इसी दर्ज केस के आधार पर उक्त लोगों की पहचान हुई थी. एसीबी को जांच के दौरान इस बात के सबूत मिले थे कि विजन कंपनी ने शराब दुकान में मैनपावर सप्लाई करने का काम लेने के लिए 5,35,35,241 रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा की थी. जबकि मार्शन कंपनी ने 5,02,07,576 रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा की थी. एसीबी की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि उक्त दोनों कंपनी ने साल 2023 से ही फर्जी बैंक गारंटी देकर विभाग के पदाधिकारियों के सहयोग से शराब की पूर्व राशि को विभाग में जमा नहीं किया. इसे भी पढ़ें  देवघर एम्स में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरू, गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और सांसद निशिकांत दुबे ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, देखिये PHOTOS खुशसमाचारी: सदर अस्पताल में मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत, कम कीमत में सीटी स्कैन और MRI जांच The post Jharkhand Liquor Scam: सिद्धार्थ सिंघानिया को 23 जून तक जेल, विजन और मार्शन कंपनी के 7 अधिकारी भी दोषी appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Weather : सावधान! दिल्ली में आंधी-तूफान मचाएगा तांडव, आया अलर्ट

Delhi Weather : दिल्ली में शनिवार रात को आंधी तूफान आने की आशंका है. यहां का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से यह जानकारी दी गई है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत तापमान से एक डिग्री कम है. आईएमडी ने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 77 प्रतिशत दर्ज की गई. दक्षिण पश्चिम मानसून लद्दाख और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच चुका है. अब केवल जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में इसकी औपचारिक दस्तक बाकी है. हालांकि, इन क्षेत्रों सहित अन्य राज्यों में भी झमाझम बारिश हो रही है, जिससे मौसम सुहावना और ठंडा हो गया है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य हिंदुस्तान में 22 जून से तेज बारिश की संभावना जताई है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 82 रहा दिल्ली में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 82 रहा जो संतोषजनक श्रेणी में आता है. सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है. सितंबर के बाद दिल्ली में पहली बार हवा सबसे अधिक स्वच्छ रही दिल्ली में शुक्रवार को पिछले साल सितंबर के बाद से सबसे अधिक स्वच्छ हवा रही तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार चौथे दिन ‘संतोषजनक’ श्रेणी में 75 रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 75 रहा जो संतोषजनक श्रेणी में आता है. यह 28 सितंबर, 2024 के बाद से सबसे साफ हवा है। पिछले साल 28 सितंबर को एक्यूआई 67 था. यहां 19 जून, 18 जून और 17 जून को एक्यूआई क्रमशः 89, 80 और 96 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ की श्रेणी में है. The post Delhi Weather : सावधान! दिल्ली में आंधी-तूफान मचाएगा तांडव, आया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Cluster Bomb: परमाणु बम से भी खतरनाक? क्या है क्लस्टर बम की ताकत और तबाही

Cluster Bomb: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान खतरनाक हथियारों की ओर खींचा है. इस बार आरोपों की जद में आया है क्लस्टर बम. इजरायल ने दावा किया है कि 19 जून 2025 को ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों में से एक में क्लस्टर बम वाला वॉरहेड था. अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन होगा. ऐसे में जानें क्या है क्लस्टर बम और ये कितना खतरनाक होता है. क्या होता है क्लस्टर बम? क्लस्टर बम एक ऐसा विस्फोटक हथियार है जिसमें दर्जनों से लेकर सैकड़ों तक छोटे बम होते हैं. इसे जब दागा जाता है तो ये हवा में फैलकर एक बड़े इलाके को निशाना बनाते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन की सेना की टुकड़ियों या वाहनों को एकसाथ नष्ट करना होता है.इसके विस्फोट से तबाही तो सीमित क्षेत्र में होती है, लेकिन छोटे-छोटे बम जमीन पर बिखर जाते हैं और कई बार तुरंत न फटकर बाद में विस्फोट करते हैं, जिससे आम नागरिक भी बड़ी संख्या में प्रभावित होते हैं. परमाणु बम से कितनी है तुलना? परमाणु बम एक पूरे शहर को तबाह कर सकता है, जबकि क्लस्टर बम 1-2 किमी क्षेत्र में सैकड़ों विस्फोट कर सकता है. हालांकि तबाही की तीव्रता में क्लस्टर बम पीछे हैं, लेकिन प्रभाव के दायरे में यह खतरनाक साबित होते हैं, खासकर जब वे बाद में फटते हैं. क्यों लगा प्रतिबंध? साल 2008 में डबलिन कन्वेंशन के तहत क्लस्टर बमों के उत्पादन, उपयोग और बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाया गया. अब तक 108 देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन हिंदुस्तान, अमेरिका, चीन, रूस, पाकिस्तान और इजरायल जैसे देशों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. रेड क्रॉस के अनुसार, करीब 75 देशों के पास अब भी किसी न किसी रूप में क्लस्टर बम मौजूद हैं. Also Read: Air Crash Analysis: कौन-से देश हैं सबसे ज्यादा विमान दुर्घटनाओं के शिकार? जानिए रिपोर्ट में हिंदुस्तान की स्थिति Also Read: World Best Airlines: ये हैं दुनिया की 10 सबसे भरोसेमंद एयरलाइंस, जानें हिंदुस्तान की पोजिशन Also Read: Operation Sindhu: ईरान से सुरक्षित लौट रहे हिंदुस्तानीय छात्र, जानें कौन उठा रहा इसका पूरा खर्च The post Cluster Bomb: परमाणु बम से भी खतरनाक? क्या है क्लस्टर बम की ताकत और तबाही appeared first on Naya Vichar.

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Yogini Ekadashi 2025 व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज, जानें पूरी सूची और नियम

Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी हर साल आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है. इस वर्ष यह व्रत आज 21 जून 2025 को ये त्योहार मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में इसे अत्यंत पवित्र और फलदायी एकादशियों में से एक माना जाता है. योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से पिछले जन्मों के पाप नष्ट होते हैं. सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. व्रत तभी फलदायी होता है जब इसे विधिपूर्वक, सात्विकता और नियमों के साथ किया जाए. योगिनी एकादशी पर क्या खाएं? (सात्विक व्रत आहार) एकादशी पर व्रती को केवल फलाहार और कुछ विशेष व्रत-समर्पित खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए: Ashadha Amavasya 2025 पर नीम और पीपल लगाना क्यों है जरूरी? जानें धार्मिक कारण फल केला, सेब, अनार, अंगूर, पपीता, संतरा शकरकंद, आलू, अरबी डेयरी उत्पाद दूध, दही, मट्ठा, पनीर, मावा व्रत अनाज / आटा कुट्टू का आटा, राजगिरा आटा, सिंघाड़ा आटा, साबूदाना सूखे मेवे बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट, पिस्ता, मखाना इनसे बनी पूड़ी, पराठा, खिचड़ी या हलवा जैसे व्रत व्यंजन स्वीकार्य हैं. वर्जित वस्तुएं चावल: मान्यता है कि इस दिन चावल खाने से अगले जन्म में कीट-पतंग बनने का भय रहता है. दालें और अनाज: गेहूं, मक्का, जौ, बाजरा, मूंग, चना, उड़द इत्यादि वर्जित हैं. प्याज और लहसुन: ये तामसिक भोजन में आते हैं, व्रतधारी और अन्य लोगों को भी इस दिन इनसे परहेज करना चाहिए. एकादशी व्रत पारण (व्रत तोड़ने) की सही विधि व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है, लेकिन ‘हरि वासर’ के बाद ही. पारण से पहले भगवान विष्णु को तुलसी पत्र सहित जल या फल अर्पित करें. फिर सात्विक भोजन ग्रहण करें. अन्य जरूरी धार्मिक नियम तुलसी पत्र एक दिन पहले (दशमी) ही तोड़ें. एकादशी को दान-दक्षिणा करना अत्यंत पुण्यदायी होता है—भोजन, वस्त्र, जरूरत की चीजें दान करें. एक दिन पहले से प्याज-लहसुन और नकारात्मक विचारों का त्याग करें. योगिनी एकादशी: सिर्फ उपवास नहीं, एक आध्यात्मिक साधना यह व्रत सिर्फ खान-पान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा की शुद्धि और जागरूकता का पर्व है. जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक योगिनी एकादशी का व्रत करता है, उसे धार्मिक लाभ के साथ-साथ मानसिक ऊर्जा और शांति भी प्राप्त होती है. हनुमान जी का नाम क्यों है संकट में सबसे बड़ा सहारा?  ज्योतिषीय सलाह और व्रत-त्योहारों की जानकारी के लिए संपर्क करें:ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594 | 9545290847 The post Yogini Ekadashi 2025 व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज, जानें पूरी सूची और नियम appeared first on Naya Vichar.

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‘जब भी मैं शतक…’, इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरी के बाद बोले यशस्वी, दिल के करीब वाली इस इनिंग को किया याद

IND vs ENG 1st Test Yashasvi Jaiswal Statement after Century: हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत शुक्रवार से हो गई. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच लीड्स में स्पोर्ट्सा जा रहा है, जिसमें पहले दिन हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों ने शानदार स्पोर्ट्स दिखाया. टीम इंडिया ने टॉस हारकर पहले बैटिंग की, जिसमें ओपनर यशस्वी जायसवाल ने लीड्स टेस्ट के पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 159 गेंदों में 101 रनों की पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें 16 चौके और एक छक्का शामिल था. इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक लगाने के बाद हिंदुस्तान के बाएं हाथ के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने अपने इस खास पारी को लेकर भावनाएं साझा कीं.  उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में कई खास पल आए हैं, लेकिन “पहला, हमेशा पहला होता है.” पहले दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “जब भी मैं शतक बनाता हूं, मुझे बहुत आनंद आता है. लेकिन कुछ पल खास होते हैं और पहला शतक हमेशा खास होता है.” इस शतक के साथ यशस्वी जायसवाल उन हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इंग्लैंड में अपने पहले टेस्ट की पहली ही पारी में शतक जड़ा है. इस सूची में पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान सौरव गांगुली (लॉर्ड्स, 1996 में 131 रन), विजय मांजरेकर (लीड्स, 1952 में 133 रन), संदीप पाटिल (मैनचेस्टर, 1982 में नाबाद 129 रन) और मुरली विजय (नॉटिंघम, 2014 में 146 रन) जैसे दिग्गज शामिल हैं. Yashasvi jaiswal celebrates after scoring a century at headingley in leeds. जायसवाल का पांचवां शतक और सभी गैर एशियाई देशों के खिलाफ इंग्लैंड के खिलाफ कम से कम पांच टेस्ट स्पोर्ट्स चुके और 500 से अधिक रन बना चुके बल्लेबाजों में जायसवाल का औसत सबसे ज्यादा है. उन्होंने अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 6 टेस्ट में 10 पारियों में 813 रन बनाए हैं, इस दौरान उनका औसत 90.33 का रहा है. इनमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. इसके साथ ही यशस्वी जायसवाल हेडिंग्ले में टेस्ट शतक लगाने वाले सातवें हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बन गए हैं. यह उनके टेस्ट करियर का पांचवां शतक है और खास बात यह है कि उनके पांचों शतक एशियाई टीमों के खिलाफ नहीं आए हैं. उल्लेखनीय है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज और अब इंग्लैंड में अपने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में ही शतक जड़ा है. उनके तीन शतक इंग्लैंड के खिलाफ आए हैं, जबकि एक-एक ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के खिलाफ. पहले दिन हिंदुस्तान ने कसा शिकंजा जायसवाल को इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने पहले दिन चाय के बाद 101 रन पर आउट किया. उनकी इस पारी में 16 चौके और एक छक्का शामिल था. जायसवाल ने यह कारनामा शुक्रवार को हेडिंग्ले, लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट के पहले दिन अंजाम दिया. यह मुकाबला 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र की भी शुरुआत है. पहले दिन का स्पोर्ट्स समाप्त होने तक हिंदुस्तान ने जायसवाल के अलावा कप्तान शुभमन गिल के शतक और ऋषभ पंत की फिफ्टी की बदौलत 3 विकेट के नुकसान पर 359 रन बनाए.  ऋषभ पंत और दबाव जैसे दुश्मन, बेन स्टोक्स भी बेखौफ अंदाज पर हैरान, बस हंस ही सके, देखें वीडियो ईशान किशन रवाना होंगे इंग्लैंड, टीम से जुड़ते ही इन दो मैचों में लेंगे हिस्सा कप्तान शुभमन गिल पर लग सकता है जुर्माना, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में कर बैठे ये गलती The post ‘जब भी मैं शतक…’, इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरी के बाद बोले यशस्वी, दिल के करीब वाली इस इनिंग को किया याद appeared first on Naya Vichar.

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Bihar National Highways: बिहार को केंद्र से मिला मेगा गिफ्ट, 33 हजार 464 करोड़ रुपये से इन सब का होगा निर्माण

Bihar National Highways: बिहार के लिए साल 2025 चुनावी वर्ष है. ऐसे में बिहारवासियों को राज्य के साथ-साथ केंद्र प्रशासन की ओर से भी कई सौगातें दी जा रही है. इस बीच कहा जाए तो, केंद्र प्रशासन की ओर से बिहार को मेगा गिफ्ट मिल गया है. दरअसल, वित्तीय वर्ष 2025-26 में एनएच निर्माण के लिए 33 हजार 464 करोड़ रुपये की सौगात मिली है. इस बड़ी राशि से बिहार में 52 परियोजनाओं के तहत 875 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा, जिसमें 380 किमी एनएच को दो लेन से चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा और गंडक नदी पर दो पुल भी बनेंगे. जानकारी के मुताबिक, यह राशि देश के सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित बजट का लगभग एक तिहाई है. पहली बार एक बार में मिली बड़ी राशि बता दें कि, प्रशासन के इस बड़े तोहफे से सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यह राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. केंद्र की ओर से एनएच निर्माण के लिए एक ही बार में 33 हजार 464 करोड़ की राशि सौंप दी है. इसे लेकर मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि, ऐसा पहली बार है जब प्रशासन ने एक बार में इतनी बड़ी राशि सौंपी है. ऐसे में सभी परियोजनाएं समय पर पूरा हो, इसका हर संभव प्रयास बिहार प्रशासन की ओर से की जाएगी. साथ ही बताया कि, डबल इंजन की प्रशासन के कारण बिहार तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है. वहीं, जिन सड़कों को मंजूरी मिली है, वे सभी इस प्रकार हैं… सिंघेश्वर बाईपास में 200 करोड़, सीतामढ़ी से चिरौत तक दो लेन सड़क बनाने में 500 करोड़ खर्च होंगे. 380 किमी एनएच को दो लेन से चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा, गंडक नदी पर दो पुल भी बनेंगे. बेतिया से बगहा के बीच चार लेन सड़क का निर्माण होगा, 69 किमी लंबी इस परियोजना पर 4300 करोड़ खर्च होंगे. रामजानकी मार्ग मशरख-चकिया-भिठ्ठा मोड़ तक 146 किमी चार लेन सड़क भी शामिल है, इसके लिए 73 सौ करोड़ मंजूर किया गया है. अरवल बाईपास पर 574 करोड़, दाउदनगर बाईपास पर 931 करोड़, औरंगाबाद बाईपास पर 865 करोड़, समस्तीपुर बाईपास पर 320 करोड़ खर्च होंगे. वहीं समस्तीपुर से दरभंगा तक दो लेन सड़क बनाने में 220 करोड़ खर्च होंगे. अरवल से बिहारशरीफ तक चार लेन सड़क बनाने में 2300 करोड़ खर्च होंगे. डुमरांव बाईपास पर 150 करोड़, वाल्मीकिनगर व्याघ्र परियोजना के नये एलाईनमेंट से 15 किमी बाईपास बनेगा, इसे बनाने में 3000 करोड़ खर्च होंगे. गंडक नदी पर एनएच 727एए के तहत बेतिया के सेवराही में चार लेन पुल बनेगा, 11 किलोमीटर लंबे इस पुल को बनाने में 1800 करोड़ खर्च होंगे. जहानाबाद में एनएच 83 पर आरओबी बनाने में 100 करोड़ खर्च होंगे, एनएच 102 पर आरओबी बनाने में 150 करोड़ लगेंगे. हथुआ और फुलवरिया के बीच आरओबी बनाने में 95 करोड़ खर्च होंगे. Also Read: बिहार में अब तालाब-पोखर वाले कमाएं लाखों रुपए, बैंक्वेट हॉल से बोटिंग तक… प्रशासन करेगी पूरी व्यवस्था The post Bihar National Highways: बिहार को केंद्र से मिला मेगा गिफ्ट, 33 हजार 464 करोड़ रुपये से इन सब का होगा निर्माण appeared first on Naya Vichar.

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Hanuman Name Jaap: हनुमान जी का नाम क्यों है संकट में सबसे बड़ा सहारा?

हनुमान जी केवल शक्ति और पराक्रम के देवता ही नहीं, बल्कि भय, असमंजस और मनोवैज्ञानिक तनाव के समय एक सच्चा संबल हैं. कहते हैं—”संकट के समय हनुमान”, क्योंकि उनका स्मरण ही एक अदृश्य रक्षा कवच बनाता है. हनुमान जी के नाम के जाप से न केवल आत्मबल बढ़ता है, बल्कि मानसिक स्पष्टता और साहस भी प्राप्त होता है. हनुमान जी का नाम लेने के चमत्कारी लाभ संकटमोचन हनुमान जी को सभी संकटों का निवारक माना गया है. जीवन में जब कोई आपदा या विपत्ति आती है, उनका नाम हर राह आसान कर सकता है. Ashadha Amavasya 2025 पर नीम और पीपल लगाना क्यों है जरूरी? जानें धार्मिक कारण चिरंजीवी देवता हनुमान जी अमर हैं. मान्यता है कि आज भी वे भक्तों की पुकार पर सहायता के लिए तत्पर रहते हैं. हर परिस्थिति में सहायक रामायण से लेकर आज तक, हर युग में उन्होंने धर्म, सेवा और समर्पण की मिसाल कायम की है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी असरदार जाप से ब्रेन वेव्स संतुलित होती हैं मन शांत होता है, तनाव और घबराहट कम होती है नियमित जाप से नींद बेहतर, आत्म-नियंत्रण और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है कौन से मंत्र करें जाप में? जय बजरंग बली – छोटा, सरल और प्रभावशाली ॐ हनुमते नमः – आंतरिक बल और सुरक्षा के लिए हनुमान गायत्री मंत्र “अंजनेयाय विद्महे, वायुपुत्राय धीमहि, तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्” कैसे बनाएं जाप को अपनी आदत? घर या ऑफिस में हनुमान जी की तस्वीर रखें सुबह सूर्योदय या रात को सोने से पहले जाप करें मोबाइल में हनुमान चालीसा की ऑडियो क्लिप रखें और यात्रा के दौरान सुनें मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से हनुमान मंदिर जाएं संकट, असफलता या अकेलापन—हर स्थिति में हनुमान जी हैं साथ हनुमान जी का नाम सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि एक मानसिक और आत्मिक शक्ति का स्त्रोत है. यह साधना संकट में मानसिक संबल और आत्मविश्वास देती है, जिससे आप हर परिस्थिति में खुद को मजबूत महसूस करते हैं. ज्योतिषीय सलाह और समाधान के लिए संपर्क करें:ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594 | 9545290847 The post Hanuman Name Jaap: हनुमान जी का नाम क्यों है संकट में सबसे बड़ा सहारा? appeared first on Naya Vichar.

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Ashadha Amavasya 2025 पर नीम और पीपल लगाना क्यों है जरूरी? जानें धार्मिक कारण

Ashadha Amavasya 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है. इस वर्ष आषाढ़ अमावस्या 25 जून 2025, बुधवार को पड़ रही है. यह दिन सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि पितरों की आत्मा की शांति, ग्रह दोषों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का अद्भुत अवसर है. क्यों महत्वपूर्ण है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण, दान-पुण्य और श्राद्ध कर्म करते हैं. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन विशेष पौधारोपण करने से ग्रहदोष शांत होते हैं और पितृ कृपा प्राप्त होती है. खासकर नीम और पीपल जैसे पवित्र पौधे लगाने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है. आषाढ़ अमावस्या 2025 पर क्यों लगाएं ये विशेष पौधे? नीम का पौधा: राहु-शनि को शांत करने वाला औषधीय वृक्ष नीम को ज्योतिष और वास्तु दोनों में ऊर्जावान और शुभ माना गया है. जिन लोगों की कुंडली में राहु या शनि का प्रभाव प्रबल हो, उनके लिए यह पौधा विशेष लाभकारी है. नीम का पौधा घर के दक्षिण या उत्तर-पश्चिम कोने में लगाएं. गंगाजल में नीम की कुछ पत्तियां मिलाकर स्नान करने से केतु ग्रह का प्रभाव भी शांत होता है. पीपल का पौधा: पितृ दोष से मुक्ति दिलाने वाला देव वृक्ष पीपल को देव वृक्ष कहा जाता है और यह पितृ दोष निवारण में अत्यंत प्रभावशाली है. अगर जीवन में मानसिक अशांति, संतान बाधा या आर्थिक अस्थिरता हो, तो यह पौधा अवश्य लगाएं. आषाढ़ अमावस्या के दिन मंदिर या पवित्र स्थान पर पीपल लगाना विशेष फलदायी माना जाता है. पीपल के नीचे ध्यान करने से आत्मिक शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. तर्पण और सात पीढ़ियों तक लाभ शास्त्रों में कहा गया है कि आषाढ़ अमावस्या पर तर्पण, दान और पौधारोपण से पितृ प्रसन्न होते हैं. उनके आशीर्वाद से घर में सात पीढ़ियों तक सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. 25 जून 2025: नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करें इस आषाढ़ अमावस्या पर केवल पूजा-पाठ ही नहीं, नीम और पीपल जैसे ऊर्जावान पौधों को रोपित कर आप अपने जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. छोटी-छोटी आस्थापूर्ण कोशिशें भी बड़े चमत्कार कर सकती हैं. ज्योतिषीय परामर्श हेतु संपर्क करें:ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594 | 9545290847 The post Ashadha Amavasya 2025 पर नीम और पीपल लगाना क्यों है जरूरी? जानें धार्मिक कारण appeared first on Naya Vichar.

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कौन सा गाना सुन छलके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आंसू? पोछती रहीं आंखें

Draupadi Murmu Emotional Video : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने जन्मदिन पर उत्तराखंड के देहरादून में दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचीं. यहां का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, बच्चों द्वारा गाया गया गीत सुनकर वह भावुक हो गईं और आंसू पोछते नजर आईं. राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति इस बात से आंकी जा सकती है कि वहां दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार होता है. देखें वायरल वीडियो आप भी. #BreakingNews: কেঁদে ফেললেন দেশের রাষ্ট্রপতি দ্রৌপদী মুর্মু, নিজের জন্মদিনের দিনটি দেরাদুনের বিশেষ চাহিদা সম্পন্ন ছাত্রছাত্রীদের সঙ্গে কাটালেন তিনি।#DraupadiMurmu #PresidentOfIndia #Birthday #EkhonKolkata pic.twitter.com/eBSZutgTgh — EkhonKolkata (@EkhonKolkata) June 20, 2025 आंखें भर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईवीएच) देहरादून में दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचीं थी. जब बच्चों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए भावुक गीत “तुम जियो हजारों साल…” गाया, तो राष्ट्रपति अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं. उनकी आंखें भर आईं. उन्होंने दो-तीन बार चश्मा उतारकर आंसू पोंछे. बच्चों की सादगी और स्नेह ने सभी को भावुक कर दिया. इस भावपूर्ण क्षण में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मंच पर उपस्थित थे. पूरा माहौल मानवीय संवेदना से भर गया. The post कौन सा गाना सुन छलके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आंसू? पोछती रहीं आंखें appeared first on Naya Vichar.

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Gita Updesh: भगवद गीता के 5 गुप्त उपदेश जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं

Gita Updesh: भगवद गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं है. यह जीवन जीने की अद्भुत कला भी सिखाती है. इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए, वे आज के समय में भी हर व्यक्ति के लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं. गीता के उपदेश हमें हर परिस्थिति में धैर्य, साहस और सही दिशा में कर्म करने की प्रेरणा देते हैं. यदि हम इन गुप्त उपदेशों को अपने जीवन में अपनाएं, तो जीवन में आने वाली हर कठिनाई आसान हो सकती है. आइए जानते हैं ऐसे पांच गुप्त उपदेश जो आपकी सोच और पूरी जिंदगी को सकारात्मक रूप से बदल सकते हैं. Gita Updesh: केवल कर्म करो, फल की चिंता मत करो. भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि मनुष्य को केवल अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए. जो व्यक्ति कर्म करते समय उसके फल की चिंता करता है, उसका मन भटक जाता है. जब हम पूरी ईमानदारी और समर्पण से अपना कार्य करते हैं, तो परिणाम अपने आप ही अच्छा होता है. इसलिए कर्म करते समय फल की चिंता को छोड़ देना ही सच्चा योग है. Gita Updesh: मन ही मित्र है और मन ही शत्रु है. भगवद गीता में श्रीकृष्ण ने बताया कि यदि मनुष्य अपने मन पर नियंत्रण रखता है तो वही उसका सबसे बड़ा मित्र बन जाता है. लेकिन यदि मन अनियंत्रित है, तो वही सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है. मन को नियंत्रित करने के लिए साधना, ध्यान और आत्मचिंतन आवश्यक है. जब मन शांत होता है, तभी सच्चा सुख मिलता है. Chanakya Niti: राजा भी डरते थे चाणक्य की इन चालों से, जानिए उनके रहस्यों का सच Gita Updesh: संसार में हर चीज परिवर्तनशील है. भगवान श्रीकृष्ण ने समझाया कि इस संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है. सुख-दुख, लाभ-हानि, जन्म-मृत्यु सभी परिवर्तनशील हैं. इस सत्य को समझने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में संतुलित रह सकता है. सुख में अहंकार नहीं करना चाहिए और दुख में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. यही सच्चा संतुलन है. Gita Updesh: मोह और आसक्ति ही दुख का कारण हैं. श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि जो व्यक्ति मोह, लोभ और आसक्ति से बंधा रहता है, वही सबसे अधिक दुखी होता है. जब हम किसी वस्तु, व्यक्ति या परिस्थिति के प्रति आसक्ति छोड़ देते हैं, तब ही सच्ची शांति प्राप्त होती है. हर कार्य को निष्काम भाव से करना ही सच्चा योग है. Gita Updesh: आत्मा न कभी जन्म लेती है और न मरती है. भगवद गीता में श्रीकृष्ण ने बताया कि आत्मा अजर, अमर और अविनाशी है. शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा सदा रहती है. इस गहरे सत्य को समझने के बाद मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है. इससे जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक और साहसी बन जाता है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: चाणक्य नीति के वो 7 रहस्य, जो आज भी करोड़ों को अमीर बना रहे हैं ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: चाणक्य नीति के ये 5 गुप्त मंत्र अपनाएं, लोग पूछेंगे- इतनी तरक्की कैसे? Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Gita Updesh: भगवद गीता के 5 गुप्त उपदेश जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं appeared first on Naya Vichar.

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